Saturday, October 31, 2026

जाम के झंझट से कब मिलेगी मुक्ति? मुक्तापुर ओवरब्रिज के निर्माण को गति देने सड़क पर उतरा मंच!

गुणवत्तापूर्ण निर्माण और एप्रोच सड़क को वाहन योग्य (मोटरेबल) बनाने की उठी जोरदार मांग; डीएम और डीआरएम को सौंपा जाएगा ज्ञापन।

समस्तीपुर: बिहार के समस्तीपुर शहर के बहुप्रतीक्षित मुक्तापुर रेल ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण कार्य इन दिनों सुस्त रफ्तार और प्रशासनिक लालफीताशाही के दलदल में फंसा नजर आ रहा है। जाम के नासूर बन चुके इस मार्ग पर जनता की रोज-रोज की परेशानियों को संज्ञान में लेते हुए आखिरकार रविवार को समस्तीपुर रेल विस्तार एवं विकास मंच की टीम सड़क पर उतर आई। मंच के पदाधिकारियों और सदस्यों ने मुक्तापुर रेल गुमटी पहुंचकर निर्माणाधीन आरओबी स्थल का औचक निरीक्षण किया और चल रहे कार्यों की जमीनी हकीकत का बारीकी से विश्लेषण किया।

समस्तीपुर: मुक्तापुर रेल गुमटी पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज का निरीक्षण करते समस्तीपुर रेल विस्तार एवं विकास मंच के पदाधिकारी एवं सदस्य।

जमीनी हकीकत: क्या है रुकावटों का सच?

निरीक्षण के दौरान मंच की टीम ने केवल कागजी दावों को परखने के बजाय सीधे मैदान पर जाकर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान स्थानीय दुकानदारों, आम नागरिकों, रोजाना सफर करने वाले वाहन चालकों और मौके पर मौजूद निर्माण कंपनी के प्रबंधक से लंबी बातचीत की गई। चर्चा में यह बात खुलकर सामने आई कि निर्माण कार्य की गति इतनी धीमी क्यों है।

विश्लेषण करने पर मुख्य रूप से तीन विभागों के बीच आपसी तालमेल की कमी और प्रशासनिक अड़चनें बड़ी बाधा के रूप में उभरीं:

  1. बिजली विभाग: निर्माण स्थल के दायरे में आ रहे बिजली के पोलों को समय पर हटाकर किनारे शिफ्ट नहीं किया गया है।
  2. वन विभाग: मार्ग की बाधा बन रहे पेड़-पौधों के स्थानांतरण और आवश्यक औपचारिकताओं में देरी हो रही है।
  3. रेल विभाग: गुमटी के पास वैकल्पिक आवागमन के लिए सुचारू डायवर्सन मार्ग उपलब्ध कराने की प्रक्रिया अधूरी है।

इन तमाम बाधाओं के कारण निर्माण एजेंसी चाहकर भी अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रही है, जिससे जनता का गुस्सा सातवें आसमान पर है।

मंच की दो टूक: समन्वय बिठाकर तय सीमा में हो काम

समस्तीपुर रेल विस्तार एवं विकास मंच के प्रतिनिधियों ने कड़े शब्दों में कहा कि विभागों की आपसी सुस्ती और लालफीताशाही की कीमत समस्तीपुर की जनता नहीं चुकाएगी। मंच ने संबंधित सभी विभागों (रेल, विद्युत और वन विभाग) के बीच तत्काल उच्चस्तरीय समन्वय स्थापित करने की मांग की। प्रतिनिधियों ने जोर देकर कहा कि यदि प्रशासनिक स्तर पर तेजी नहीं लाई गई, तो यह महत्वाकांक्षी परियोजना समय पर पूरी नहीं हो पाएगी, जिससे लागत और जनसमस्याएं दोनों बढ़ेंगी।

जनता की तीन प्रमुख मांगें

निरीक्षण के बाद मंच ने निर्माण कार्य को लेकर तीन सूत्रीय प्राथमिक मांगें रखी हैं, जिनपर कोई समझौता नहीं किया जा सकता:

  • गुणवत्ता से समझौता नहीं: ओवरब्रिज का निर्माण तकनीकी मानकों के अनुरूप पूरी तरह गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की दुर्घटना या संरचनात्मक कमजोरी न आए।
  • समुचित एप्रोच सड़क: पुल के दोनों सिरों पर मानकों के अनुसार चौड़ी और सुदृढ़ एप्रोच सड़क का निर्माण सुनिश्चित किया जाए।
  • सड़क को मोटरेबल बनाना: निर्माण कार्य के दौरान उड़ने वाली धूल, कीचड़ और गड्ढों से बेहाल हो चुकी सड़क को तत्काल ‘मोटरेबल’ (वाहन योग्य) बनाया जाए ताकि राहगीरों और वाहन चालकों को रोजाना के त्रासद जाम और हादसों से राहत मिल सके।

अब उच्चाधिकारियों के दरबार में उठेगी आवाज

मुक्तापुर रेल गुमटी पर वर्षों से सुलग रही इस समस्या के समाधान के लिए मंच ने अब आर-पार की रणनीति बनाई है। निरीक्षण दल ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि इन तमाम समस्याओं, जमीनी बाधाओं और जनता की मांगों का एक विस्तृत ज्ञापन तैयार किया जाएगा। इस ज्ञापन को जल्द ही जिला कलेक्टर (DM), रेल मंडल प्रबंधक (DRM) और अन्य संबंधित उच्चाधिकारियों को सौंपा जाएगा, ताकि प्रशासनिक दबाव बनाकर निर्माण कार्य को तीव्र गति से पटरी पर लाया जा सके।

निरीक्षण दल में ये रहे शामिल

इस महत्वपूर्ण जन-निरीक्षण अभियान के दौरान समस्तीपुर रेल विस्तार एवं विकास मंच के कई प्रमुख और सक्रिय सदस्य मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से सुरेंद्र प्रसाद सिंह, राकेश कुमार ठाकुर, शंकर प्रसाद साह, राम विनोद पासवान, विश्वनाथ सिंह हजारी, शत्रुघ्न राय पंजी, मनोज कुमार, अशोक कुमार, मो. असगर अंसारी, और मिथिलेश कुमार राय शामिल रहे।

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छात्राओं को हर महीने मिलेंगे 10 हजार रुपये और बिहार में महिलाओं के लिए खुलेगा अलग विश्वविद्यालय! एक करोड़ महिलाओं को सीधे रोजगार

पटना : बिहार की आधी आबादी के लिए आज का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ है। सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र स्थित बापू सभागार में बिहार राज्य महिला आयोग के 25वें स्थापना दिवस समारोह का भव्य शुभारंभ किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने महिलाओं के विकास, शिक्षा और सुरक्षा को लेकर कई ऐसी बड़ी घोषणाएं कीं, जिन्होंने राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में हलचल मचा दी है। समारोह में मुख्यमंत्री ने विशेष डाक टिकट जारी करने के साथ ही आयोग की रजत जयंती स्मारिका का भी विमोचन किया।

पटना के बापू सभागार में बिहार राज्य महिला आयोग के 25वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान स्मारिका का विमोचन करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, आयोग की अध्यक्ष अप्सरा एवं अन्य गणमान्य लोग।

एक करोड़ महिलाओं को रोजगार का मेगा प्लान

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पटना के बापू सभागार में बिहार राज्य महिला आयोग के 25वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान स्मारिका का विमोचन करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, आयोग की अध्यक्ष अप्सरा एवं अन्य गणमान्य लोग।ने ऐलान किया कि सरकार का मुख्य लक्ष्य राज्य की एक करोड़ महिलाओं को सीधे रोजगार से जोड़ना है। जीविका के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना और अन्य विभिन्न योजनाओं के जरिए महिलाओं को सिलाई, मुर्गी पालन, बकरी पालन जैसे व्यवसायों से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। इसके अलावा, पोशाक योजना के तहत मिलने वाली राशि की बजाय अब जीविका दीदियों द्वारा तैयार किए गए पोशाक उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।

पीएचडी करने वाली छात्राओं को हर महीने मिलेंगे 10 हजार रुपये

उच्च शिक्षा और शोध को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बालिका पीएचडी फेलोशिप की शुरुआत की है। इसके तहत हर साल एक हजार छात्राओं को 10 हजार रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इतना ही नहीं, महिलाओं की उच्च शिक्षा को और व्यापक बनाने के लिए बिहार में महिलाओं के लिए एक समर्पित विश्वविद्यालय स्थापित करने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है।

सुरक्षा में नंबर वन बिहार: लागू हुई पुलिस दीदी की व्यवस्था

महिला सुरक्षा के मोर्चे पर बड़ा दावा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के आसपास छात्राओं की सुरक्षा के लिए महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है और इसके लिए ‘पुलिस दीदी’ की व्यवस्था लागू करने वाला बिहार देश का पहला राज्य बन गया है। पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण मिलने से महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को भी नई मजबूती मिली है।

इस शानदार कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा ने भी संबोधित किया। इस दौरान राज्य सरकार के कई मंत्री, वरीय अधिकारी, डाक विभाग के पदाधिकारी और भारी संख्या में महिलाएं व आम नागरिक उपस्थित रहे।

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गोदाम में गार्ड की निर्मम हत्या कर 338 बोरी खाद लूटने वाले 2 कुख्यात गिरफ्तार, ट्रक और माल बरामद!

मुजफ्फरपुर: जिले के बेला थाना क्षेत्र में डकैती के दौरान सुरक्षा गार्ड की सनसनीखेज हत्या के मामले का पुलिस ने आखिरकार सफल उद्भेदन कर दिया है। इस जघन्य हत्याकांड और लूटपाट की घटना को अंजाम देने वाले दो कुख्यात अभियुक्तों को पुलिस ने धर दबोचा है। गिरफ्तार अपराधियों का पहले से भी आपराधिक इतिहास रहा है।

इस बहुचर्चित कांड का खुलासा करते हुए मुजफ्फरपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक कान्तेश कुमार मिश्र ने प्रेस वार्ता के दौरान पूरे मामले का पर्दाफाश किया।

बेला थाना क्षेत्र में डकैती और गार्ड हत्याकांड मामले में गिरफ्तार दोनों कुख्यात अभियुक्तों के साथ मुजफ्फरपुर पुलिस।

क्या है पूरा मामला?

घटना दिनांक 10.09.2026 की है। बेला थाना क्षेत्र के फेज-01 स्थित एक निजी कंपनी के खाद्य एवं सीमेंट गोदाम में तैनात सुरक्षा गार्ड की अज्ञात अपराधियों द्वारा बेरहमी से हत्या कर दिए जाने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। शव को कब्जे में लेकर अंत्यपरीक्षण हेतु अस्पताल भेजा गया और घटनास्थल से एफएसओएल की टीम द्वारा साक्ष्य संकलन किया गया।

मृतक की पत्नी के लिखित आवेदन के आधार पर बेला थाना कांड संख्या-63/26 दर्ज की गई थी। कांड की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देशन, पुलिस अधीक्षक नगर के अनुश्रवण एवं अपर पुलिस अधीक्षक नगर-01 के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। टीम में प्रभारी जिला आसूचना इकाई और बेला थानाध्यक्ष को भी शामिल किया गया था।

सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों से खुला राज

गठित टीम ने घटनास्थल के आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी फुटेज का निरंतर अवलोकन किया और मानवीय एवं तकनीकी आसूचना संकलन के आधार पर लगातार छापेमारी शुरू की। अनुसंधान के क्रम में यह बात सामने आई कि डकैती के दौरान जब सुरक्षा गार्ड ने विरोध किया, तो अपराधियों ने उसके साथ मारपीट कर उसकी हत्या कर दी और गोदाम से भारी मात्रा में खाद की डकैती कर ली।

ताबड़तोड़ छापेमारी में धराए अपराधी

इसी कड़ी में दिनांक 18.09.2026 को मिली गुप्त सूचना के आधार पर डकैती और हत्याकांड की घटना में संलिप्त अभियुक्त सह ट्रक चालक अर्जुन कुमार, थाना-फकुली, जिला-मुजफ्फरपुर को गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त ट्रक को फकुली थाना क्षेत्र से बरामद किया गया और ट्रक से खाद के गिरे हुए अवशेष को साक्ष्य के रूप में संकलित किया गया।

अर्जुन कुमार से पूछताछ और उसकी निशानदेही पर घटना में संलिप्त सहयोगी अभियुक्त एवं मुख्य षड्यंत्रकर्ता के करीबी दीपक कुमार, थाना-कुढ़नी, जिला-मुजफ्फरपुर को अहियापुर थाना क्षेत्र के बैरिया बस स्टैंड के पास से गिरफ्तार किया गया।

पुलिस द्वारा बरामद डकैती में प्रयुक्त ट्रक और पूर्वी चंपारण से जब्त की गई 338 बोरी खाद।

भारी मात्रा में खाद और ट्रक जब्त

गिरफ्तार दोनों अभियुक्तों की निशानदेही पर लूटी गई 338 बोरी खाद को पूर्वी चंपारण जिले के राजपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत लहलादपुर स्थित एक ईंट-भट्ठे के कार्यालय से दंडाधिकारी की उपस्थिति में विधिवत जब्त किया गया।

गिरफ्तारी:-

  1. अर्जुन कुमार, थाना-फकुली, जिला-मुजफ्फरपुर।
  2. दीपक कुमार, थाना-कुढ़नी, जिला-मुजफ्फरपुर।

बरामदगी:-

  1. खाद की बोरी – 338
  2. डकैती की घटना में प्रयुक्त ट्रक – 01
  3. डीबीआर – 01

अपराधियों का काला इतिहास

पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्तों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। गिरफ्तार अभियुक्त दीपक कुमार का आपराधिक इतिहास भी रहा है:

  1. सदर थाना कांड संख्या-891/23, डकैती कांड।
  2. सदर थाना कांड संख्या-954/23, डकैती की योजना एवं शस्त्र अधिनियम।

घटना में शामिल अन्य फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छापेमारी लगातार जारी है और इस मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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सहरसा सदर अस्पताल में बवाल: पत्रकार से मारपीट और सीसीटीवी फुटेज मिटाने के आरोप में प्रभारी अधीक्षक और चिकित्सा पदाधिकारी पर गिरी गाज, स्वास्थ्य विभाग ने पटना मुख्यालय किया तलब!

डीएम की सख्त जांच रिपोर्ट के बाद स्वास्थ्य विभाग ने की बड़ी कार्रवाई,एक सप्ताह के भीतर दोनों आरोपित डॉक्टरों से मांगा गया स्पष्टीकरण.

सहरसा के सदर अस्पताल में पत्रकारों के साथ अभद्र व्यवहार, मारपीट और डिजिटल साक्ष्य मिटाने के कुत्सित प्रयास का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस गंभीर प्रकरण में स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित और कड़ी कार्रवाई करते हुए सदर अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक सुशील कुमार आजाद और चिकित्सा पदाधिकारी रोशन लाल को उनके पद से हटा दिया है। दोनों आरोपी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से पटना स्थित स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय में योगदान देने का सख्त निर्देश जारी किया गया है। इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई के बाद से पूरे प्रशासनिक और स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है।

सहरसा सदर अस्पताल का मुख्य द्वार, जहां मिड-डे मील से बीमार बच्चों की रिपोर्टिंग के दौरान डिजिटल न्यूज के पत्रकार के साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट की घटना घटी थी।

मिड-डे मील से बीमार बच्चों की रिपोर्टिंग बनी विवाद की वजह

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला 12 सितंबर का है। मिड-डे मील (मध्याह्न भोजन) खाने के बाद अचानक बीमार हुए बच्चों के इलाज और उनकी स्थिति की जमीनी हकीकत जानने के लिए एक डिजिटल न्यूज के पत्रकार सदर अस्पताल पहुंचे थे। अस्पताल परिसर में जब पत्रकार अपनी पेशेवर जिम्मेदारी निभाते हुए रिपोर्टिंग कर रहे थे, तभी वहां मौजूद चिकित्सा अधिकारियों और कर्मियों ने कथित तौर पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, मारपीट की और उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। इस शर्मनाक घटना का वीडियो भी सामने आया था, जिसके बाद यह मामला सोशल मीडिया से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक सुर्खियों में छा गया।

सबूत मिटाने के लिए सीसीटीवी फुटेज से छेड़छाड़ का सनसनीखेज आरोप

मामला सिर्फ यहीं नहीं थमा, बल्कि अस्पताल प्रशासन पर अपने काले कारनामों को छिपाने के लिए डिजिटल सबूतों से खिलवाड़ करने का भी गंभीर आरोप लगा है। आरोप है कि घटना के बाद अस्पताल परिसर में पहले से स्थापित सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग से छेड़छाड़ की गई और मारपीट के फुटेज को डिलीट (मिटा) कर दिया गया। हालांकि, प्रशासनिक स्तर पर हुई शुरुआती जांच में यह पोल खुल गई।

जिलाधिकारी की जांच रिपोर्ट पर हुई बड़ी कार्रवाई

घटना के तूल पकड़ने के बाद सहरसा के जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विस्तृत जांच रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को भेजी थी। इस जांच रिपोर्ट में पत्रकार के साथ अभद्र व्यवहार, मारपीट करने और साक्ष्य छिपाने की नीयत से सीसीटीवी फुटेज मिटाने के सभी आरोपों का स्पष्ट उल्लेख किया गया था। जिलाधिकारी की इस रिपोर्ट के आधार पर सक्षम प्राधिकार की मंजूरी के बाद स्वास्थ्य विभाग के अवर सचिव उपेन्द्र राम ने 18 सितंबर 2026 को आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी।

एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण तलब

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, सुशील कुमार आजाद (कोटि क्रमांक-G643/2025) और रोशन लाल (कोटि क्रमांक-G4780/2025) को निर्देशित किया गया है कि वे बिना किसी विलंब के अपने वर्तमान प्रभार से मुक्त होकर स्वास्थ्य विभाग, बिहार (मुख्यालय), पटना में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं। इसके साथ ही, दोनों चिकित्सकों से इस कृत्य के लिए एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।

सदर अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन की जिम्मेदारी संभालने वाले जिम्मेदारों द्वारा इस तरह की तानाशाही और आपराधिक प्रवृत्ति की हरकत ने स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। बहरहाल, विभागीय मुख्यालय तलब किए जाने के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इन दोनों दागी अधिकारियों पर आगे क्या और कितनी कड़ी विभागीय कार्रवाई करती है।

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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ का किया शुभारंभ, ‘कायाकल्प’ पोर्टल का लोकार्पण,  अधिकारियों को दी सख्त चेतावनी!

पटना | बिहार की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में एक बार फिर से भारी हलचल मच गई है। सूबे के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़े अभियान—‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान‘—का धमाकेदार तरीके से शुभारंभ कर दिया है। इस मेगा इवेंट के दौरान मुख्यमंत्री ने हाई-टेक ‘कायाकल्प‘ पोर्टल का भी लोकार्पण किया, जिससे अब सीधे तौर पर लापरवाह अधिकारियों पर नकेल कसेगी और विकास कार्यों की निगरानी रॉकेट की रफ्तार से होगी।

पटना में लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं अन्य गणमान्य अधिकारी।

दिवाली से पहले सभी काम हर हाल में पूरे हों: मुख्यमंत्री की दो-टूक चेतावनी

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने चिर-परिचित आक्रामक और सख्त अंदाज में ऐलान किया है कि पंचायत स्तर पर सार्वजनिक सुविधाओं और परिसंपत्तियों को बेहतर तथा स्वच्छ बनाने का यह अभियान ऐतिहासिक होगा। उन्होंने दो टूक शब्दों में निर्देश दिया कि दीपावली से पहले हर हाल में सभी आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर को दुरुस्त कर लिया जाए।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस अभियान के दो मुख्य आधार हैं:

  1. पहला अवयव: जो परिसंपत्तियां पहले से मौजूद हैं, उनका उन्नयन, सुदृढ़ीकरण और मरम्मतीकरण कार्य, जिसे हर हाल में 30 नवंबर तक पूरा करना अनिवार्य है।
  2. दूसरा अवयव: नई आधारभूत संरचनाओं और परिसंपत्तियों का निर्माण, जिसे आगामी 31 मार्च 2027 तक मुकम्मल किया जाएगा।

‘कायाकल्प‘ पोर्टल और मोबाइल ऐप से होगी चप्पे-चप्पे की निगरानी

प्रशासनिक कसावट लाते हुए सरकार ने ‘कायाकल्प’ पोर्टल और मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव एच०आर० श्रीनिवास ने प्रस्तुतीकरण के जरिए इस पोर्टल की खूबियां गिनाईं। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ग्रामीण विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, समाज कल्याण विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, पंचायती राज विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग, शिक्षा विभाग, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग से जुड़ी तमाम योजनाओं की पल-पल की रिपोर्ट ऑनलाइन दर्ज रहेगी। योजनाओं की प्रगति और कार्य पूर्णता की जानकारी अब एक क्लिक पर मिलेगी।

इन बड़े कार्यों को समय-सीमा के भीतर निपटाने का आदेश

मुख्यमंत्री ने पंचायत स्तर पर चल रहे छोटे-छोटे मगर बेहद अहम विकास कार्यों को तय समय-सीमा यानी 30 नवंबर तक पूरी तरह धरातल पर उतारने का निर्देश दिया है:

  • विद्यालयों की शानदार रंगाई-पुताई।
  • आंगनबाड़ी केंद्रों, सामुदायिक भवनों, स्वास्थ्य केंद्रों और छात्रावासों (जैसे अंबेडकर छात्रावास और कर्पूरी ठाकुर छात्रावास) के लंबित और अधूरे पड़े कार्यों को तुरंत पूरा करना।

कार्यक्रम में इन दिग्गजों की रही मौजूदगी

इस उच्च-स्तरीय कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री का स्वागत ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव एच०आर० श्रीनिवास ने हरित पौधा भेंट कर किया। इस महाआयोजन में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, स्वास्थ्य मंत्री निशांत, नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखेन्द्र कुमार रौशन, समाज कल्याण मंत्री श्वेता गुप्ता, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री संजय कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, के० सेंथिल कुमार, लोकेश कुमार सिंह, विनोद सिंह गुंजियाल, कुमार रवि, संजय कुमार सिंह, मनोज कुमार, बी० कार्तिकेय धनजी, अनिमेष परासर, हिमांशु शर्मा, राजीव रौशन सहित कई वरीय अधिकारी शारीरिक रूप से उपस्थित रहे, जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी जिलों के जिलाधिकारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी जुड़े रहे।

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बिहार के ईंट भट्ठा संचालकों की बल्ले-बल्ले! सरकार ने माफ किया 85 करोड़ का भारी-भरकम ब्याज, बकाया चुकाने के लिए मिला 3 महीने का अल्टीमेटम

पटना: बिहार के ईंट भट्ठा संचालकों के लिए सरकार की ओर से एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य के खान एवं भूतत्व विभाग के मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने ईंट भट्ठा संचालकों को बड़ी राहत देते हुए 85 करोड़ रुपए का ब्याज पूरी तरह से माफ करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। सरकार के इस बड़े कदम से हजारों ईंट निर्माता संचालकों ने राहत की सांस ली है।

पटना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए खान एवं भूतत्व विभाग के मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी।

6,000 ईंट निर्माताओं को मिलेगा सीधा फायदा

मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि बिहार में लगभग 6,000 ईंट निर्माता सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं और इसके जरिए राज्य के हजारों युवाओं तथा कामगारों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिल रहा है। लंबे समय से इन संचालकों को बकाया राशि एकमुश्त जमा करनी थी, लेकिन आर्थिक तंगी और विभिन्न कारणों से वे लगातार भुगतान करने में अपनी असमर्थता जता रहे थे। संचालकों की इस गंभीर समस्या को देखते हुए सरकार ने उनके पक्ष में यह बड़ा निर्णय लिया है।

203 करोड़ की मूल राशि जमा करने का मिला 3 महीने का समय

खान एवं भूतत्व विभाग के मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने बताया कि सरकार ने ईंट भट्ठा संचालकों को बकाया चुकाने के लिए अब से 3 महीने की सख्त अवधि यानी अल्टीमेटम दिया है। इस तय सीमा के भीतर सभी संचालकों को कुल 203 करोड़ रुपए की मूल राशि सरकार के पास जमा करनी होगी।

सरकार ने माफ किया 85 करोड़ रुपए का ब्याज

सरकार की इस विशेष छूट योजना के तहत ईंट भट्ठा संचालकों पर बकाया कुल 85 करोड़ रुपए का भारी-भरकम ब्याज विभाग द्वारा पूरी तरह माफ कर दिया गया है। मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी और निर्देश देते हुए कहा है कि यह एक निश्चित समय सीमा है जिसके अंदर सभी संचालकों को मूल राशि जमा कर देनी चाहिए। यदि कोई भी संचालक इस निर्धारित 3 महीने की अवधि के भीतर अपनी बकाया राशि जमा करने में विफल रहता है, तो उसे कोई छूट नहीं मिलेगी और पुराने हिसाब के अनुसार ही फिर से पूरे ब्याज के साथ पूरी राशि का भुगतान करना होगा।

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मुर्दा खुद थाने पहुंचा, पुलिस के उड़े होश! प्रेम प्रसंग बचाने के लिए रची थी अपनी ही मौत की खौफनाक साजिश

जिस युवक की तलाश में खाकी बिछा रही थी जाल, वही निकला मास्टरमाइंड; खून से सने सिर का वीडियो भेजकर दिया था चकमा

मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक बेहद ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसे सुनकर आपके पैरों तले जमीन खिसक जाएगी। जिस युवक को पुलिस और परिजन पिछले कई सालों  से मरा हुआ समझ रहे थे और जिसके लिए हत्या का मुकदमा चल रहा था, वह जिंदा और सकुशल बरामद हो गया है। इस सनसनीखेज खुलासे ने पुलिस के भी होश उड़ा दिए हैं।

मुजफ्फरपुर के सरैया अनुमंडल कार्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान मामले का खुलासा करतीं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अभिजीत कौर, साथ में मौजूद पुलिस बल और वहीं  खड़ा  तथाकथित ‘मृतक’ युवक सोनू कुमार, जिसने अपनी ही मौत की झूठी साजिश रची थी।

सरैया अनुमंडल में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अभिजीत कौर ने इस पूरे मामले से पर्दा उठाया। उन्होंने बताया कि यह पूरा हाई-प्रोफाइल मामला प्रेम प्रसंग को छुपाने और बचाने के लिए रची गई एक खतरनाक साजिश का नतीजा था।

क्या था पूरा मामला और कैसे हुई शुरुआत? घटना की शुरुआत 9 नवंबर 2022 को हुई थी, जब गोपालगंज जिले के थावे थाने में धीरज प्रसाद श्रीवास्तव ने एक लिखित आवेदन दर्ज कराया था। आवेदक ने पुलिस को बताया था कि उनके छोटे भाई सोनू कुमार, दुकान का कुछ सामान खरीदने और साथ में 50,000 रुपये लेकर पटना के लिए निकले थे, जिसके बाद वह अचानक लापता हो गए।

परिजनों की चिंता तब और बढ़ गई जब उसी दिन शाम करीब 5:00 बजे सोनू कुमार के ही मोबाइल फोन से व्हाट्सएप पर एक वॉइस रिकॉर्डिंग और खून से लथपथ सिर की एक तस्वीर आई। उस ऑडियो मैसेज में यह रोते हुए और घबराते हुए बताया गया था कि कुछ लोग पैसे छीनने के लिए उनके साथ मारपीट कर रहे हैं और मुजफ्फरपुर के देवरिया थाना क्षेत्र में उनकी हत्या की जा रही है।

इस सनसनीखेज ऑडियो और फोटो को देखकर परिवार वालों के पैरों तले जमीन खिसक गई। इसके बाद गोपालगंज के थावे थाने में हत्या की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। चूंकि घटना मुजफ्फरपुर के देवरिया थाना क्षेत्र की बताई गई थी, इसलिए जीरो एफआईआर के तहत इस कांड को देवरिया थाना को ट्रांसफर कर दिया गया, जहां देवरिया थाना कांड संख्या 25/23 दर्ज की गई।

एसआईटी का गठन और पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक, मुजफ्फरपुर के निर्देशन और ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के अनुश्रवण तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सरैया के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया। इस विशेष टीम में देवरिया थाना अध्यक्ष को भी शामिल किया गया।

पुलिस टीम ने इस ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने के लिए दिन-रात एक कर दिया। लगातार संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की गई और तकनीकी तथा मानवीय साक्ष्यों के आधार पर अनुसंधान को आगे बढ़ाया गया।

अनुसंधान में खुला हैरान करने वाला राज पुलिस की तफ्तीश जैसे-जैसे आगे बढ़ी, कड़ियां जुड़ती चली गईं। अनुसंधान के क्रम में पुलिस को यह जानकारी मिली कि थावे थाना क्षेत्र में ही सोनू कुमार पर पहले से ही प्रेम प्रसंग को लेकर अपहरण का एक और केस दर्ज था। हालांकि उस समय वह नामजद अभियुक्त नहीं बल्कि मुख्य संदिग्ध थे।

जब पुलिस ने इन सभी बिंदुओं को आपस में जोड़ा, तो दूध का दूध और पानी का पानी हो गया। पुलिस को पता चला कि सोनू कुमार की किसी ने हत्या नहीं की थी, बल्कि उसने खुद अपनी ही मौत की एक झूठी और फिल्मी साजिश रची थी। उसने खुद ही अपने खून से सने सिर की फोटो एडिट की, खुद ही ऑडियो रिकॉर्ड किया और अपने ही व्हाट्सएप से भाई को भेजकर सबको यह यकीन दिला दिया कि उसकी हत्या हो चुकी है।

जांच में यह भी सामने आया कि जिस युवती के साथ उसका प्रेम प्रसंग चल रहा था, उसे वह घटना के दिन यानी 6 नवंबर 2022 को ही लेकर दूसरे राज्य फरार हो गया था। इस संबंध में युवती की मां के आवेदन पर थावे थाना कांड संख्या 324/22 दिनांक 6 दिसंबर 2022 को पहले ही दर्ज कराया गया था।

पुलिस के बढ़ते दबाव के बाद थाने पहुंचा तथाकथित ‘मृतक‘ पुलिस की लगातार दबिश, तकनीकी सर्विलांस और ताबड़तोड़ छापामारी के कारण तथाकथित मृतक सोनू कुमार चारों तरफ से घिर चुका था। पुलिस के बढ़ते शिकंजे और दबाव के आगे आखिरकार उसे झुकना पड़ा। आज दिनांक 17 सितंबर 2026 को वह खुद थाने पर आ धमका और पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।

थाने में आकर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और पुलिस को बताया कि घर वाले इस प्रेम प्रसंग के खिलाफ थे और रिश्ता मानने को तैयार नहीं थे। अपने इसी अवैध संबंध और प्रेम को दुनिया की नजरों से बचाने और हमेशा के लिए अमर करने के लिए उसने अपनी ही मौत का यह स्वांग रचा था।

फिलहाल, पुलिस ने तथाकथित मृतक सोनू कुमार को सकुशल बरामद कर लिया है और इस फर्जी हत्या के सनसनीखेज ड्रामे का खुलासा करने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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मुजफ्फरपुर जंक्शन पर महाप्रबंधक की ताबड़तोड़ छापेमारी: अमृत भारत योजना के विकास कार्यों में लापरवाही पर भड़के अधिकारी, दिए कड़े निर्देश!

मुजफ्फरपुर: पूर्व मध्य रेल (ECR) हाजीपुर के महाप्रबंधक डिम्पी गर्ग ने आज मुजफ्फरपुर जंक्शन का औचक और गहन निरीक्षण किया। इस दौरान रेलवे अधिकारियों में हड़कंप मच गया। महाप्रबंधक ने स्टेशन के एक-एक कोने का बारीकी से जायजा लिया और यात्री सुविधाओं की जमीनी हकीकत को परखा।

मुजफ्फरपुर जंक्शन के सर्कुलेटिंग एरिया में सुरक्षा व्यवस्था और यात्री सुविधाओं का जायजा लेते महाप्रबंधक डिम्पी गर्ग व अन्य अधिकारी।

निरीक्षण के क्रम में महाप्रबंधक डिम्पी गर्ग ने प्लेटफॉर्म, फुट ओवर ब्रिज (FOB), और सर्कुलेटिंग एरिया का सघन मुआयना किया। उन्होंने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहे पुनर्विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और निर्माण कार्यों में तेजी लाने तथा गुणवत्ता से कोई समझौता न करने की कड़ी हिदायत दी।

इस उच्चस्तरीय निरीक्षण के दौरान मंडल रेल प्रबंधक (DRM), समस्तीपुर ज्योति प्रकाश मिश्रा समेत कई अन्य वरीय रेलवे अधिकारी भी उनके साथ मौजूद रहे। महाप्रबंधक ने स्पष्ट शब्दों में अधिकारियों को निर्देश दिया कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अमृत भारत स्टेशन योजना के मास्टर प्लान का नक्शा देखकर विकास कार्यों की समीक्षा करते महाप्रबंधक डिम्पी गर्ग, मंडल रेल प्रबंधक ज्योति प्रकाश मिश्रा एवं अन्य।
मुजफ्फरपुर स्टेशन के फुट ओवर ब्रिज (FOB) और प्लेटफॉर्म का निरीक्षण करते हुए पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक डिम्पी गर्ग, साथ में मंडल रेल प्रबंधक ज्योति प्रकाश मिश्रा एवं अन्य अधिकारी।

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मुजफ्फरपुर में स्वच्छता का महाअभियान शुरू: गंदे स्थलों की अब खैर नहीं, 2 अक्टूबर तक शहर से गांव तक मचेगी स्वच्छता की धूम!

मुजफ्फरपुर: जिले में स्वच्छता को एक नया और आक्रामक रूप देने के लिए आखिरकार वह घड़ी आ गई है, जिसका इंतजार था। “स्वच्छता में सहभागी, स्वच्छ भारत–विकसित भारत” के दृढ़ संकल्प के साथ मुजफ्फरपुर में बहुप्रतीक्षित “स्वच्छता ही सेवा (एसएचएस)-2026” अभियान का आगाज हो चुका है। यह विशेष महाअभियान आज यानी 17 सितंबर 2026 से शुरू होकर आगामी 02 अक्टूबर 2026 तक पूरे जोश के साथ चलाया जाएगा।

मुजफ्फरपुर के जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डी.आर.डी.ए.) कार्यालय में “स्वच्छता ही सेवा-2026” अभियान के शुभारंभ के अवसर पर  जिला पदाधिकारी कुमार गौरव, उप विकास आयुक्त निशांत सिहारा एवं अन्य अधिकारी।

डी.आर.डी.ए. कार्यालय में दीप प्रज्वलित कर हुआ शंखनाद

इस भव्य अभियान का औपचारिक शुभारंभ मुजफ्फरपुर के जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डी.आर.डी.ए.) कार्यालय परिसर में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पदाधिकारी कुमार गौरव एवं उप विकास आयुक्त निशांत सिहारा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। दीप प्रज्वलन के साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों और वहां मौजूद लोगों ने जिले की तस्वीर बदलने का हुंकार भरा।

पांच प्रमुख पिलर पर टिकेगा पूरा महाअभियान

प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा अभियान स्वच्छता के पांच प्रमुख पिलर पर आधारित होगा, जिसके तहत व्यापक स्तर पर विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाएंगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सिर्फ खानापूर्ति करना नहीं, बल्कि धरातल पर बदलाव लाना है।

जन-आंदोलन का रूप लेगा अभियान, गांव से शहर तक मचेगी हलचल

यह अभियान सिर्फ सरकारी दफ्तरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे एक जन-आंदोलन का रूप दिया जाएगा। 17 सितंबर 2026 से 02 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले इस पखवाड़े में जिले के तमाम ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में युद्ध स्तर पर कार्य होंगे। इसके तहत सार्वजनिक स्थलों को पूरी तरह स्वच्छ एवं सुंदर बनाया जाएगा, ताकि आम नागरिकों को सीधे तौर पर स्वच्छता गतिविधियों से जोड़ा जा सके। प्रशासन की इस कड़ी पहल से अब लापरवाहों में हड़कंप मच गया है और यह देखना दिलचस्प होगा कि यह महाअभियान मुजफ्फरपुर की सूरत कितनी तेजी से बदलता है।

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मुजफ्फरपुर में कंटेनर से 5220 लीटर अवैध विदेशी शराब और हजारों कोल्ड ड्रिंक केन बरामद, तस्कर फरार!

मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। कच्ची पक्की ओपी थानांतर्गत पुलिस टीम ने मद्य निषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो की मदद से भारी मात्रा में अवैध विदेशी शराब और कोल्ड ड्रिंक केन से लदा एक कंटेनर वाहन जब्त किया है। बरामद की गई शराब की कुल मात्रा 5220.72 लीटर है, जबकि 180 मिलीलीटर के 36720 पीस कोल्ड ड्रिंक केन भी जब्त किए गए हैं।

कच्ची पक्की ओपी क्षेत्र में बरामद शराब की पेटियों के साथ मुस्तैद पुलिसकर्मी।

इस संबंध में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान नगर पुलिस अधीक्षक मो0 मोहिबुल्लाह अंसारी ने मीडिया को विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरपुर के आदेशानुसार जिला अंतर्गत विभिन्न थाना क्षेत्रों में लगातार छापेमारी और सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 17 सितंबर 2026 को गुप्त सूचना के आधार पर कच्ची पक्की ओपी अंतर्गत रामदयालु स्थित मलंग स्थान के पास यह कार्रवाई की गई।

पुलिस को देख भागा ड्राइवर, चालक और मालिक की तलाश तेज

छापेमारी के दौरान तस्कर पुलिस को चकमा देने में कामयाब रहे। गाड़ी को मौके पर ही खड़ा कर ड्राइवर फरार होने में सफल रहा। इस बारे में मो0 मोहिबुल्लाह अंसारी ने स्पष्ट किया कि अभी एक भी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है, लेकिन गाड़ी के चालक और मालिक के बारे में पूरी जानकारी जुटा ली गई है। उनकी गिरफ्तारी बहुत जल्द सुनिश्चित की जाएगी।

नशे के कारोबारियों को पुलिस अधीक्षक की कड़ी चेतावनी

नगर पुलिस अधीक्षक ने नशे का अवैध कारोबार करने वालों को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग भी अवैध शराब और मादक पदार्थ जैसे गांजा, स्मैक और हेरोइन के क्रय-विक्रय में संलिप्त हैं, वे पूरी तरह सचेत हो जाएं। पुलिस उन्हें लगातार ढूंढ रही है। सादे लिबास (सिविल) में भी पुलिसकर्मी हर चौक-चौराहे पर तैनात हैं। तस्करों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और मुजफ्फरपुर में किसी भी प्रकार का नशे का अवैध व्यापार नहीं होने दिया जाएगा।

बरामदगी का विवरण:

  1. अवैध विदेशी शराब: 5220.72 लीटर
  2. कोल्ड ड्रिंक केन (180 मिलीलीटर): 36720 पीस
  3. परिवहन में प्रयुक्त कंटेनर वाहन: 01
रामदयालु स्थित मलंग स्थान के पास से जब्त किया गया विशाल कंटेनर वाहन और जांच में जुटी पुलिस टीम।

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