- 1 जुलाई से लागू होगी ‘विकसित भारत-जी राम जी‘ योजना, ग्रामीण इलाकों में मचेगा रोजगार का उत्साह
- अमृत 2.0 के तहत बिहारशरीफ, हाजीपुर, बेगूसराय और सहरसा में जलापूर्ति और सीवरेज नेटवर्क के लिए अरबों रुपये मंजूर
- पेंशनभोगियों को बड़ी राहत: तीन महीने के एडवांस भुगतान के लिए 3662 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत
विशेष संवाददाता, पटना। बिहार प्रशासनिक गलियारे से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की हाई-प्रोफाइल बैठक में सुशासन और विकास की रफ्तार को दोगुना करने वाले कुल 25 महत्वपूर्ण एजेंडों पर अंतिम मुहर लगा दी गई है। इस महा-बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की गारंटी देने से लेकर शहरों में अरबों रुपये की जलापूर्ति योजनाओं को हरी झंडी दिखाई गई है। बैठक के समापन के बाद मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडियाकर्मियों को इन ऐतिहासिक निर्णयों की विस्तृत और बिंदुवार जानकारी साझा की।

रोजगार का महा-मिशन: 1 जुलाई से लागू होगी ‘जी-राम जी‘ योजना
सम्राट सरकार ने ग्रामीण युवाओं और श्रमिकों को बड़ा तोहफा देते हुए ‘विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण)’ यानी ‘विकसित भारत-जी राम जी’ योजना, बिहार 2026 को पूरी तरह से स्वीकृत कर दिया है। सरकार ने इस क्रांतिकारी योजना को धरातल पर उतारने के लिए 1 जुलाई 2026 की समय-सीमा निर्धारित की है। इस योजना के लागू होने से ग्रामीण इलाकों में बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और आजीविका के साधनों को मजबूती मिलेगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में एक अभूतपूर्व उछाल आने की उम्मीद है।
अमृत 2.0 का एक्शन प्लान: चार बड़े शहरों में जलापूर्ति और सीवरेज के लिए अरबों स्वीकृत
शहरी विकास और बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत केंद्र प्रायोजित ‘अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन’ (अमृत 2.0) के तहत भारी भरकम बजट पास किया गया है। इसके तहत बिहारशरीफ आईएंडडी और एसटीपी निर्माण परियोजना हेतु लागत राशि 101,63,33,464 रुपये (एक सौ एक करोड़ तिरेसठ लाख तैंतीस हजार चार सी चौंसठ रुपये) की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।

इसी तरह हाजीपुर जलापूर्ति परियोजना के लिए 131,88,40,241 रुपये, बेगूसराय सीवरेज नेटवर्क एवं एसटीपी निर्माण परियोजना के लिए सबसे बड़ी राशि 375,86,61,872 रुपये और सहरसा जलापूर्ति परियोजना के लिए 127,45,52,059 रुपये की भारी-भरकम राशि को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं से चारों बड़े शहरों में पेयजल और जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान होगा।
गन्ना किसानों के बकाये का भुगतान और जल संसाधन के बड़े प्रोजेक्ट्स
गन्ना उद्योग विभाग के तहत गोपालगंज के सासामूसा में स्थित मेसर्स सासामूसा शुगर वर्क्स प्राइवेट लिमिटेड के पुनः परिचालन और गन्ना किसानों के पूर्ववर्ती पेराई सत्रों के बकाये ईख मूल्य मूलधन के भुगतान के लिए कुल 42,99,09,095 रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिससे हजारों किसानों को बड़ी राहत मिली है।
जल संसाधन विभाग के अंतर्गत डकरानाला पम्प नहर योजना के अवशेष कार्यों (असैनिक, यांत्रिक, विद्युत एवं स्काडा सिस्टम सहित) को पूरा करने के लिए प्रथम पुनरीक्षित प्राक्कलित राशि 251.55 करोड़ रुपये की प्रशासनिक एवं व्यय स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा बाढ़ प्रबंधन एवं सीमावर्ती क्षेत्र कार्यक्रम के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में विभिन्न बजट उपबंधों के माध्यम से करोड़ों रुपये की राशि को निकासी और व्यय के लिए हरी झंडी दिखाई गई है, जिसमें नदी प्रबंधन गतिविधियों के लिए 120 करोड़ रुपये का प्रावधान भी शामिल है।

परिवहन नीति में बदलाव और अन्य विभागों के महत्वपूर्ण निर्णय
परिवहन विभाग के अंतर्गत भारत सरकार के निर्देशों के आलोक में 15 वर्ष से पुरानी सरकारी और गैर-सरकारी वाहनों के स्क्रैपिंग से जुड़ी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के नियमों में आवश्यक संशोधनों को मंजूरी दी गई है। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंध विभाग के तहत समस्तीपुर के तत्कालीन जिला अवर निबंधक मणिरंजन को सेवा से बर्खास्त करने के कड़े दंडात्मक फैसले पर मुहर लगाई गई है, जो सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाता है। साथ ही बिहार स्टाम्प नियमावली 2026 के प्रावधानों के तहत सेवा प्रदाताओं के लिए अधिकतम क्रेडिट सीमा 10,00,000 रुपये निर्धारित करने की स्वीकृति दी गई है।
लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के तहत ‘जल जीवन मिशन 2.0’ के अंतर्गत केंद्र और राज्य सरकार के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर की सैद्धांतिक सहमति बनी है। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के तहत आईआईटी पटना रिसर्च पार्क के निर्माण कार्य और आईआईटी पटना फेज-2 के तहत कंस्ट्रक्शन ऑफ हॉस्टल का कार्य भवन निर्माण विभाग द्वारा कराए जाने की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।

पेंशनभोगियों के लिए अरबों का एडवांस और सामाजिक सुरक्षा को बल
समाज कल्याण विभाग (सामाजिक सुरक्षा निदेशालय) के तहत राज्य में संचालित सभी छह प्रकार की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं (जैसे इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन, इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन, इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय नि:शक्तता पेंशन, लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन, बिहार नि:शक्तता पेंशन एवं मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन) के लाभार्थियों को माह मई, जून एवं जुलाई 2026 के पेंशन भुगतान हेतु आकस्मिकता निधि से 366209.97 लाख रुपये (तीन हजार छह सौ दो करोड़ निन्यानवे लाख सत्तानवे हजार रुपये) की भारी-भरकम अग्रिम राशि की स्वीकृति दी गई है, जिससे राज्य के लाखों बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सकेगी।


