Tuesday, October 27, 2026

ताजपुर में स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी पहल: कोठिया पंचायत सरकार भवन में लगेगा निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, डॉक्टर सम्राट अशोक करेंगे मरीजों की जांच

मुखिया धर्मेन्द्र कुमार की पहल पर आयोजित हो रहा है शिविर, जरूरतमंदों को मिलेगी मुफ्त दवा और चिकित्सीय सलाह

ताजपुर: समस्तीपुर जिला अंतर्गत ताजपुर प्रखंड के ग्राम पंचायत राज कोठिया में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक बहुत ही राहत भरी और बड़ी खबर सामने आ रही है। पंचायत के मुखिया धर्मेन्द्र कुमार की विशेष पहल पर ग्राम पंचायत राज कोठिया सरकार भवन के प्रांगण में एक विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य एवं जांच शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर बुधवार, यानी 28 अक्टूबर 2026 को प्रातः 9:00 बजे से शुरू होगा।

समस्तीपुर जिले के ताजपुर प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत राज कोठिया के सरकार भवन में निःशुल्क स्वास्थ्य एवं जांच शिविर की जानकारी देते हुए मुखिया धर्मेन्द्र कुमार।

जनहित में उठाया गया सराहनीय कदम :  ग्राम पंचायत राज कोठिया के मुखिया धर्मेन्द्र कुमार ने समस्त पंचायत वासियों को हृदय से प्रणाम करते हुए इस स्वास्थ्य शिविर में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का अनुरोध किया है।

 बिहार  के जाने-माने एमबीबीएस डा. सम्राट अशोक (डाईपीएमसीएच) – पुणे, जनरल फिजिशियन एवं सर्जन,  द्वारा इस शिविर का सफल संचालन किया जाएगा। डा. सम्राट अशोक  जय प्रभा मेदांता सुपर स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल, पटना में मेडिकल ऑफिसर हैं, तथा महाराष्ट्र के सरकारी अस्पताल (प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग) में पूर्व वरिष्ठ पदाधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

शिविर में मिलने वाली मुख्य और विशेष सुविधाएं:

  • निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण: शिविर में आने वाले सभी मरीजों के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं, दिनचर्या और शारीरिक प्रतिक्रियाओं की बारीकी से जांच की जाएगी।
  • मुफ्त दवा वितरण: डॉक्टर साहब के द्वारा जरूरतमंद मरीजों के बीच निःशुल्क दवाओं का भी विशेष प्रावधान रखा गया है।
  • विभिन्‍न रोगों का चिकित्सीय परामर्श: सम्राट अशोक द्वारा पेट एवं लिवर रोग, स्त्री रोग, हृदय रोग, एक्सीडेंटल केयर, शिशु रोग, खांसी, जुकाम, बुखार, चर्म रोग, शुगर, ब्लड प्रेशर तथा फेफड़ों से संबंधित समस्त प्रकार की गंभीर बीमारियों के लिए मुफ्त परामर्श दिया जाएगा।

पंचायत वासियों से विशेष अपील  : मुखिया धर्मेन्द्र कुमार ने पंचायत के सभी नागरिकों, बुजुर्गों, युवाओं और माताओं-बहनों से अपील की है कि वे 28 अक्टूबर 2026 के दिन निर्धारित समय पर पंचायत सरकार भवन के प्रांगण में जरूर पहुंचें। और इस  आयोजित शिविर का अधिक से अधिक लाभ उठाएं, अपने स्वास्थ्य की जांच कराएं तथा डॉक्टर साहब से मुफ्त दवा एवं परामर्श प्राप्त कर स्वस्थ जीवन की ओर कदम बढ़ाएं।

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युवाओं की बर्बादी बर्दाश्त नहीं! सूखे नशे के खिलाफ बिहार सरकार का कड़ा प्रहार, ताबड़तोड़ एक्शन शुरू

चरस-हेरोइन और अफीम जब्ती के डरावने आंकड़ों पर सरकार गंभीर; जीविका दीदियों और ब्रह्माकुमारी संस्थान के साथ मिलकर राज्यभर में चलेगा आर-पार का अभियान.

पटना: बिहार में युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने और समाज को भीतर से खोखला कर रहे नशाखोरी की  प्रवृत्ति के खिलाफ राज्य सरकार ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। राजधानी पटना के अधिवेशन भवन में मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग की ओर से आयोजित एक उच्चस्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दीप प्रज्वलित कर व्यापक ‘नशामुक्त बिहार अभियान‘ का आक्रामक आगाज किया। यह राज्यव्यापी अभियान 27 अक्टूबर से 26 नवंबर 2026 तक पूरे प्रदेश में चलाया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विशेष व्हाट्सऐप चैटबोट और हेल्पलाइन नंबर की शुरुआत करने के साथ-साथ जागरूकता रथों को हरी झंडी दिखाकर विभिन्न जिलों के लिए रवाना किया।

(जागरूकता रथ को रवाना करते हुए): पटना के अधिवेशन भवन परिसर में ‘नशामुक्त बिहार अभियान’ के तहत जन-जागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं अन्य गणमान्य अधिकारी।

नशे के आंकड़ों पर चिंता: तस्करों के नेटवर्क पर कसेगा शिकंजा

इस अभियान की रूपरेखा और गंभीरता को स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जनहित को सर्वोपरि रखते हुए राज्य में पूर्ण शराबबंदी का ऐतिहासिक निर्णय लिया था। उस समय सीमित बजट के बावजूद राजस्व की चिंता नहीं की गई थी। अब उसी तर्ज पर शराबबंदी को और अधिक प्रभावी बनाने के साथ-साथ राज्य में पैर पसार रहे ‘सूखे नशे’ (ड्रग्स) के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की बेहद

सरकार द्वारा जारी किए गए आंकड़े बेहद चौंकाने वाले हैं, जिन्होंने प्रशासन को झकझोर कर रख दिया है:

  • वर्ष 2024 में जहां बिहार में 282 किलोग्राम चरस जब्त की गई थी, वहीं वर्ष 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 400 किलोग्राम पर पहुंच गया।
  • इसी तरह, वर्ष 2024 में 42 किलोग्राम हेरोइन की जब्ती हुई थी, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 65 किलोग्राम हो गई।
  • वर्ष 2025 में अफीम की जब्ती भी 77 किलोग्राम दर्ज की गई।

इन डरावने आंकड़ों का विश्लेषण करते हुए मुख्यमंत्री ने पुलिस और उत्पाद विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार में लिप्त अपराधियों के नेटवर्क को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया जाए। इसके लिए आधुनिक तकनीक का भरपूर इस्तेमाल करने को कहा गया है। वर्तमान में अवैध कारोबार के खिलाफ 20 गुना से अधिक यानी करीब 1700 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनके त्वरित और प्रभावी निपटारे के लिए कई जिलों में विशेष न्यायालयों (स्पेशल कोर्ट) की व्यवस्था की गई है।

युवाओं की बर्बादी रोकने के लिए जनभागीदारी पर जोर

विश्लेषकों का मानना है कि नशे की गिरफ्त में आने वाली युवा पीढ़ी राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए सबसे बड़ा खतरा है। इसे ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि प्रतिभाशाली विद्यार्थी नशे की लत के कारण अपना भविष्य बर्बाद कर रहे हैं, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा वर्ष 2029 तक देश को नशामुक्त बनाने के लक्ष्य को पूरा करने में बिहार अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। इस महाअभियान को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाने के लिए बड़े पैमाने पर सामाजिक सहभागिता तय की गई है:

  • जीविका की लगभग एक करोड़ इक्यासी लाख दीदियों की फौज इस अभियान में जुटी है।
  • छात्र-छात्राओं, युवाओं और ब्रह्माकुमारी संस्थान से जुड़ी बहनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
  • शहरी क्षेत्रों में जहां व्यापक प्रचार-प्रसार होगा, वहीं ग्रामीण इलाकों में नुक्कड़ नाटक, चौपाल और पंचायत स्तर पर जागरूकता शिविर लगाए जाएंगे।
(संकल्प लेते अधिकारी एवं नागरिक): कार्यक्रम के दौरान राज्य को नशामुक्त बनाने और कभी नशा न करने की सामूहिक शपथ लेते मुख्यमंत्री, मंत्रीगण, प्रशासनिक अधिकारी और उपस्थित प्रतिभागी।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े तमाम जिलों के अधिकारियों और आम नागरिकों को नशीले पदार्थों का सेवन न करने, दूसरों को जागरूक करने तथा अवैध कारोबार को रोकने की सामूहिक शपथ दिलाई।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन मंत्री मदन सहनी, उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर और विभाग के सचिव सह मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह ने भी अपने विचार रखे। इस दौरान मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा, अपर पुलिस महानिदेशक रत्न संजय, सूचना एवं जन-संपर्क विभाग के सचिव नवीन कुमार, जीविका के मुख्य कार्यपालक अधिकारी हिमांशु शर्मा, उत्पाद आयुक्त दिव्या शक्ति, निबंधन महानिरीक्षक कृष्ण चंद्र गुप्ता, ब्रह्माकुमारी संस्थान की राजयोगिनी संगीता देवी, जिलाधिकारी कुंदन कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के० शर्मा सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

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गयाजी से बैंकॉक का सफर हुआ अब बेहद आसान! मुख्यमंत्री ने उड़ाई इंडिगो की पहली नॉन-स्टॉप उड़ान, पर्यटन और व्यापार को लगेंगे पंख

पटना, 26 अक्टूबर 2026 : बिहार के उड्डयन इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गयाजी से बैंकॉक के लिए इंडिगो एयरलाइंस की पहली नॉन-स्टॉप अंतर्राष्ट्रीय उड़ान सेवा (6E 1083) को हरी झंडी दिखाकर भव्य शुभारंभ किया। इस बहुप्रतीक्षित सेवा के शुरू होने से बिहार की वैश्विक कनेक्टिविटी को एक नई रफ्तार मिली है, जिससे देश-विदेश के पर्यटकों और बौद्ध श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।

धार्मिक और सांस्कृतिक संबंधों को मिलेगी नई गति

इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने यात्रा करने वाले सभी यात्रियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि भगवान बुद्ध की ज्ञान और करुणा की भूमि बिहार तथा थाईलैंड के बीच इस सीधी उड़ान के शुरू होने से धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन संबंधों को अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी। गयाजी दुनिया भर के बौद्ध श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र है, और अब सीधी विमान सेवा मिलने से विदेशी पर्यटकों का आवागमन काफी सुगम हो जाएगा।

स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को मिलेगा भारी बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बेहतर हवाई संपर्कता से न केवल बोधगया बल्कि पूरे मगध क्षेत्र की पर्यटन संभावनाओं का विस्तार होगा। इससे होटल उद्योग, परिवहन, स्थानीय हस्तशिल्प और पर्यटन से जुड़े अन्य व्यवसायों को बड़ा आर्थिक लाभ पहुंचेगा, जिससे राज्य में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। बिहार के स्थानीय उत्पादों को अब वैश्विक बाजार में एक नई पहचान मिलेगी।

सप्ताह में दो दिन मिलेगी विमान सेवा

इंडिगो एयरलाइंस की यह नॉन-स्टॉप उड़ान गयाजी और बैंकॉक के बीच सप्ताह में दो दिन नियमित रूप से संचालित की जाएगी। सरकार पटना, दरभंगा, गयाजी और पूर्णिया एयरपोर्ट के माध्यम से एयर कनेक्टिविटी का लगातार विस्तार कर रही है। आने वाले दिनों में नए अंतर्राष्ट्रीय मार्गों पर हवाई संपर्कता बढ़ाने की नीति पर तेजी से काम चल रहा है।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख महानुभाव

इस उच्चस्तरीय कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे:

  • इंडिगो एयरलाइंस के स्पेशल डायरेक्टर आर.के. सिंह ने मुख्यमंत्री को हरित पौधा भेंट कर उनका स्वागत किया तथा गयाजी-बैंकॉक मार्ग की प्रथम नॉन-स्टॉप उड़ान का सांकेतिक बोर्डिंग पास सौंपा।
  • उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी
  • उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव
  • मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत
  • मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह
  • मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह
  • सिविल विमानन विभाग के सचिव नीलेश रामचन्द्र देवरे
  • इसके अलावा गयाजी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्थानीय विधायकगण, जनप्रतिनिधिगण, जिलाधिकारी, अन्य वरीय अधिकारीगण और इंडिगो एयरलाइंस के अधिकारी जुड़े रहे।

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ट्रेन यात्रियों के लिए बड़ी खबर: महज 45 पैसे में दस लाख तक का सुरक्षा बीमा ,

अब कैश से नहीं मिलेगा बीमा, सिर्फ डिजिटल पेमेंट से होगा भुगतान, जानिए नियम और फायदे

पूर्व मध्य रेल, समस्तीपुर मंडल के अंतर्गत रेल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर एक नया और अहम बदलाव लागू किया गया है। 27 अक्टूबर 2026 से वैकल्पिक यात्रा बीमा (ऑप्शनल ट्रैवल इंश्योरेंस) का प्रीमियम भुगतान केवल डिजिटल माध्यम से ही स्वीकार किया जाएगा, नकद भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया है।

महज 45 पैसे में दस लाख तक का सुरक्षा कवच

रेलवे काउंटर (पीआरएस काउंटर) से टिकट लेने वाले यात्रियों के लिए यह सुविधा बेहद किफायती और फायदेमंद है। मात्र 0.45 रुपये (45 पैसे) प्रति यात्री (सभी कर सहित) के मामूली शुल्क में 10 लाख रुपये तक का भारी-भरकम बीमा कवर मिल रहा है। यह कवर सभी श्रेणियों के लिए एक समान है।

क्या-क्या मिलेगा लाभ

  • मृत्यु या स्थायी पूर्ण दिव्यांगता पर: 10,00,000 रुपये
  • स्थायी आंशिक दिव्यांगता पर: 7,50,000 रुपये तक
  • चोट लगने पर अस्पताल का खर्च: 2,00,000 रुपये तक
  • पार्थिव शरीर परिवहन: 10,000 रुपये

कैसे उठाएं योजना का लाभ

टिकट बुकिंग के दौरान यात्रियों को निम्नलिखित चार चरणों का पालन करना होगा:

पहला चरण: आरक्षण फॉर्म में बीमा के सामने बने बॉक्स में सही का निशान (टिक) लगाएं।

दूसरा चरण: अपना मोबाइल नंबर बिल्कुल साफ अक्षरों में लिखें, क्योंकि पॉलिसी का विवरण इसी नंबर पर आएगा।

तीसरा चरण: किराए के साथ बीमा प्रीमियम का भुगतान केवल डिजिटल माध्यम से करें, नकद पैसे स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

चौथा चरण: मोबाइल पर एसएमएस के जरिए पॉलिसी की जानकारी प्राप्त करें और दिए गए लिंक के माध्यम से नॉमिनी की जानकारी अवश्य भरें।

किन यात्रियों को मिलेगा फायदा

  • यह सुविधा केवल भारतीय नागरिकों के लिए उपलब्ध है।
  • एक पीएनआर (PNR) के तहत यात्रा करने वाले सभी यात्रियों का बीमा एक साथ होगा।
  • यह नियम कन्फर्म, आरएसी (RAC) और आंशिक कन्फर्म टिकटों पर लागू होता है।
  • पांच से ग्यारह वर्ष तक के बच्चे कवर होंगे, जबकि पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चे (बिना बर्थ या सीट वाले) इस दायरे में नहीं आएंगे।
  • पटरी पार करते समय, नशे की हालत में या आत्म-हानि की स्थिति में बीमा का लाभ नहीं मिलेगा।

बीमा कंपनियों के संपर्क नंबर और दावा प्रक्रिया

किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में सीधा दावा बीमा कंपनी से घटना के चार महीने के भीतर करना होगा। यदि कोई नामित व्यक्ति (नॉमिनी) नहीं है, तो दावा कानूनी वारिसों को ट्रांसफर कर दिया जाएगा। यात्री सहायता के लिए निम्नलिखित बीमा कंपनियों से संपर्क कर सकते हैं:

  • लिबर्टी जनरल (Liberty General): 1800-266-5844
  • रॉयल सुंदरम (Royal Sundaram): 1800-568-9999
  • यूनाइटेड इंडिया (United India): 1800-425-33333
पूर्व मध्य रेल, समस्तीपुर मंडल द्वारा जारी वैकल्पिक यात्रा बीमा से जुड़ी जरूरी बातें और दिशा-निर्देश दर्शाती आधिकारिक सूचना।

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बीपीएससी टीआरई-4.0 के 33,320 पदों के लिए आवेदन की तारीख बढ़ी, वादियों के लिए भी कड़ा आदेश जारी!

बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने शिक्षक नियुक्ति का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए एक बहुत बड़ी खबर सामने लाई है। चतुर्थ चरण के विद्यालय अध्यापक भर्ती परीक्षा (TRE-4.0) के अंतर्गत शिक्षा विभाग, बिहार के कुल 33,320 रिक्त पदों पर होने वाली नियुक्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन की तिथियों में बड़ा विस्तार किया गया है। आयोग की ओर से जारी अधिसूचना के बाद अब अभ्यर्थियों को आवेदन करने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है।

बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा जारी आवश्यक सूचना का आधिकारिक पत्र।                           

आवेदन और भुगतान की नई तारीखें

  • शुल्क भुगतान की अंतिम तिथि: 2 नवंबर 2026
  • ऑनलाइन आवेदन भरने की अंतिम तिथि: 3 नवंबर 2026

अदालत के आदेश के बाद हुआ संशोधन

यह पूरा बदलाव न्यायिक प्रक्रिया के तहत किया गया है। विज्ञापन संख्या-15/2026 की कंडिका-3 के नोट-(i) के आलोक में, सर्वोच्च न्यायालय में एसएलपी (सिविल) डायरी संख्या 28464/2025 (रमन कुमार मंडल एवं अन्य बनाम बिहार राज्य एवं अन्य) के मामले में 1 अगस्त 2025 को पारित आदेश के अनुपालन में ऑनलाइन आवेदन की तिथियों को बढ़ाया गया है।

वादियों को निर्देश

इसके अलावा, उपर्युक्त वाद से जुड़े सभी वादियों को सख्त निर्देश दिया गया है कि वे अपना नाम, पिता का नाम, माता का नाम, जन्म तिथि से संबंधित साक्ष्य, आधार संख्या और मोबाइल नंबर के साथ निर्धारित समय यानी 29 अक्टूबर 2026 तक आयोग कार्यालय में सभी दस्तावेज अनिवार्य रूप से समर्पित करें।

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बेटियों के लिए एमडीडीएम कॉलेज में रोजगारपरक प्रशिक्षण, एक हफ्ते का मेगा स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू!

अब आत्मनिर्भर बनेंगी एमडीडीएम कॉलेज की बेटियां: नांदी फाउंडेशन और महिंद्रा प्राइड क्लासरूम का धमाकेदार आगाज, 50 छात्राओं ने भरी हुनर की उड़ान!

मुजफ्फरपुर: सोमवार को मुजफ्फरपुर के प्रतिष्ठित महंत दर्शन दास महिला महाविद्यालय (एमडीडीएम कॉलेज) में महिलाओं के भविष्य को एक नई दिशा देने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। नांदी फाउंडेशन के ‘महिंद्रा प्राइड क्लासरूम’ कार्यक्रम के अंतर्गत 26 अक्टूबर से 2 नवंबर 2026 तक आयोजित होने वाले एक सप्ताह के रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज भव्य और धमाकेदार शुभारंभ हुआ। इस मेगा ट्रेनिंग प्रोग्राम में महाविद्यालय की लगभग 50 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक पंजीकरण कराया है।

मुजफ्फरपुर के एमडीडीएम कॉलेज में नांदी फाउंडेशन के ‘महिंद्रा प्राइड क्लासरूम’ के तहत आयोजित रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ करते अतिथिगण व प्राध्यापक,

विज्ञान से लेकर कला संकाय तक की छात्राओं में भारी उत्साह

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें केवल एक संकाय नहीं, बल्कि विभिन्न विषयों की छात्राएं बड़े पैमाने पर शामिल हो रही हैं। गणित, वाणिज्य, वनस्पति विज्ञान, प्राणी विज्ञान, राजनीति विज्ञान और अंग्रेजी सहित विभिन्न विभागों की छात्राओं ने इसमें भाग लेने के लिए अपना पंजीकरण कराया है। यह इस बात का प्रमाण है कि आज की बेटियां पारंपरिक उच्च शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक तकनीकी और व्यावसायिक दक्षता हासिल करने के लिए पूरी तरह गंभीर और तत्पर हैं।

शिक्षा के साथ व्यावहारिक दक्षता का होना अनिवार्य: प्राचार्या

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अलका जायसवाल ने बेहद महत्वपूर्ण और व्यावहारिक बात रखी। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक दौर में केवल किताबी या शैक्षणिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यावहारिक कौशल और व्यावसायिक दक्षता भी उतनी ही अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने पूरा विश्वास जताया कि यह एक सप्ताह का यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम छात्राओं को रोजगार के बेहतरीन अवसरों का लाभ उठाने और अपने भविष्य को और अधिक मजबूत तथा सुरक्षित बनाने में पूरी तरह सहायक सिद्ध होगा।

उद्योग जगत की जरूरतों को पूरा करेगा यह प्रशिक्षण: संयोजक

कार्यक्रम की संयोजक डॉ. माला ने इस ट्रेनिंग के मुख्य उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह कार्यक्रम छात्राओं के शैक्षणिक ज्ञान और उद्योग जगत (इंडस्ट्री) की आधुनिक आवश्यकताओं के बीच की दूरी को पाटने की दिशा में एक मील का पत्थर है। इसके माध्यम से छात्राओं को जीवनोपयोगी कौशल, व्यावसायिक दक्षता और रोजगार से जुड़ी जरूरी योग्यताओं की सटीक जानकारी मिलेगी। इससे उन्हें भविष्य में नौकरी और रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे तथा वे सही मायनों में आत्मनिर्भर बन सकेंगी।

दीप प्रज्वलन और शानदार आगाज

कार्यक्रम की शुरुआत महिंद्रा प्राइड क्लासरूम की समन्वयक एवं रिसोर्स पर्सन स्पर्धा श्रीवास्तव के नेतृत्व में प्रशिक्षण सत्र के आधिकारिक शुभारंभ के साथ हुई। इस दौरान पूरा सभागार छात्राओं की ऊर्जा और उत्साह से सराबोर नजर आया।

मुजफ्फरपुर के एमडीडीएम कॉलेज में नांदी फाउंडेशन के ‘महिंद्रा प्राइड क्लासरूम’ के तहत आयोजित रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल अतिथिगण व प्राध्यापक, और साथ में मौजूद प्रशिक्षण ले रही छात्राएं।

ये रहे मौजूद

इस गरिमामयी और महत्वपूर्ण आयोजन में कॉलेज के कई जाने-माने शिक्षक और अधिकारी उपस्थित रहे। प्रतिभागी छात्राओं के अलावा कार्यक्रम में मीडिया प्रभारी एवं हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश रंजन, अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ. सगुफ्ता नाज, राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. आभा कुमारी, दर्शन शास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. नेहा रानी, डॉ. रिंकु कुमारी, डॉ. देवाश्रुति घोष, डॉ. आशा सिंह यादव, डॉ. रामदुलार सहनी, और डॉ. शमसीर अली सहित कई अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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बीपीएससी ने पंचायती राज अंकेक्षक मुख्य परीक्षा के लिए जारी की तिथियां, 29 अक्टूबर से करें आवेदन

बिहार लोक सेवा आयोग ने पंचायती राज विभाग के अंतर्गत अंकेक्षक (बिहार पंचायत अंकेक्षण सेवा) के पदों के लिए मुख्य लिखित प्रतियोगिता परीक्षा की आवश्यक सूचना जारी कर दी है। विज्ञापन संख्या 09/2026 के तहत होने वाली इस परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 29 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। योग्य उम्मीदवार 16 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा पंचायती राज विभाग में अंकेक्षक मुख्य लिखित प्रतियोगिता परीक्षा के संबंध में जारी आधिकारिक सूचना।

परीक्षा से जुड़ी मुख्य जानकारी:

  • सफल उम्मीदवार: प्रारंभिक परीक्षा में सफल कुल 1248 उम्मीदवार इस मुख्य लिखित परीक्षा में शामिल होने के लिए पात्र हैं।
  • शैक्षणिक योग्यता: इस परीक्षा के लिए आवेदन करने हेतु उम्मीदवार के पास मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से वाणिज्य, अर्थशास्त्र, सांख्यिकी अथवा गणित में से किसी एक विषय में स्नातक (आनर्स डिग्री धारक सहित पास कोर्स) की डिग्री होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त, एमबीए (वित्त), सीए, आईसीडब्लूए और सीएस डिग्रीधारी भी इस पद के लिए पात्र हैं।
  • परीक्षा का स्वरूप: मुख्य परीक्षा विषयनिष्ठ होगी, जिसमें अनिवार्य विषयों के रूप में सामान्य हिन्दी (100 अंक) और सामान्य अध्ययन के दो पत्र (प्रत्येक 300 अंक) शामिल हैं। इसके अलावा, वाणिज्य, अर्थशास्त्र, गणित और सांख्यिकी में से किसी एक वैकल्पिक विषय (300 अंक) का चयन करना होगा।
  • न्यूनतम अर्हता अंक: सामान्य वर्ग के लिए 40 प्रतिशत, पिछड़ा वर्ग के लिए 36.5 प्रतिशत, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए 34 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिलाओं और दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए 32 प्रतिशत न्यूनतम अंक लाना अनिवार्य है।

आवेदन शुल्क: सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशों के अनुसार, इस मुख्य परीक्षा के लिए कोई परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा।

अभ्यर्थी परीक्षा से संबंधित विस्तृत जानकारी, पाठ्यक्रम और अन्य दिशा-निर्देशों के लिए आयोग की आधिकारिक वेबसाइट https://bpsc.bihar.gov.in पर जा सकते हैं।

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खाकी और खादी में हड़कंप! घूसखोरों की अब खैर नहीं, निगरानी विभाग ने ली भ्रष्टाचार मिटाने की कसम!

सतर्कता जागरूकता सप्ताह का आगाज; अपर सचिव रामाशंकर ने दिलाई ईमानदारी की शपथ, दो टूक कहा—रिश्वत लेना और देना दोनों महापाप!

पटना: बिहार की प्रशासनिक धुरी राजधानी पटना से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बहुत बड़ी और कड़क हुंकार भरी गई है। राज्य के महकमों में बैठे भ्रष्ट तत्वों और घूसखोरों की नींद उड़ाने के लिए निगरानी विभाग पूरी तरह मुस्तैद हो चुका है। अवसर था सतर्कता जागरूकता सप्ताह (26 अक्टूबर से 01 नवंबर 2026) के भव्य और धमाकेदार आगाज का, जिसकी शुरुआत के साथ ही सरकारी तंत्र में हड़कंप मच गया है।

सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को निगरानी विभाग, बिहार, पटना के मुख्य कार्यालय परिसर में एक उच्चस्तरीय और संकल्पित कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान विभाग के अपर सचिव रामाशंकर ने मोर्चा संभालते हुए कार्यालय के सभी पदाधिकारियों और कर्मियों को सत्यनिष्ठा, अटूट ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की शपथ दिलाई।

पटना स्थित निगरानी विभाग के कार्यालय परिसर में सतर्कता जागरूकता सप्ताह के शुभारंभ पर सत्यनिष्ठा और ईमानदारी की शपथ लेते अपर सचिव रामाशंकर, संयुक्त सचिव (विधि) जावेद आलम, उप सचिव अतकस बाड़ा, विशेष कार्य पदाधिकारी डेजी ईरानी एवं अन्य पदाधिकारी व कर्मी.

दो टूक संदेश: “रिश्वत लेना और देना दोनों महापाप”

कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक गलियारों में यह संदेश बिल्कुल साफ कर दिया गया कि सरकारी व्यवस्था में अब भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है। अपर सचिव रामाशंकर ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया कि रिश्वत लेना और इसे किसी भी रूप में बढ़ावा देना—दोनों ही गंभीर और नाकाबिले (अक्षम्य) अपराध हैं। भ्रष्टाचार के विरुद्ध सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत यह संकल्प लिया गया कि जनसेवा में पारदर्शिता, उच्च नैतिक मूल्य और पूर्ण सत्यनिष्ठा ही विभाग का मुख्य आधार होगी।

इन दिग्गजों की मौजूदगी ने बढ़ाई गंभीरता

भ्रष्टाचार के खिलाफ इस महाअभियान और शपथ ग्रहण समारोह में निगरानी विभाग के कई प्रमुख और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनकी उपस्थिति ने इस आयोजन को और अधिक धारदार बना दिया:

  • संयुक्त सचिव (विधि) जावेद आलम
  • उप सचिव अतकस बाड़ा
  • विशेष कार्य पदाधिकारी डेजी ईरानी इन तमाम वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ विभाग के अन्य दर्जनों कर्मी भी इस ऐतिहासिक संकल्प का हिस्सा बने और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था के निर्माण की प्रतिज्ञा ली।

घूसखोरों के लिए सीधी चेतावनी और कड़ा संदेश

इस आयोजन के जरिए यह साफ संदेश दिया गया है कि आने वाले दिनों में निगरानी विभाग भ्रष्टाचार के मामलों पर और अधिक आक्रामक रुख अपनाने वाला है। खाकी से लेकर खादी तक और निचले स्तर के कर्मियों से लेकर बड़े ओहदेदारों तक, सभी पर पैनी नजर रखी जाएगी। यदि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी घूसखोरी में लिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानून का डंडा पूरी सख्ती से चलेगा।

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बिहार के सभी 38 जिलों में 201 दिनों की ‘शिक्षा संकल्प यात्रा’ संपन्न, शिक्षा मंत्री ने दी बधाई

पटना: बिहार की शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने और जमीनी वास्तविकताओं को समझने के उद्देश्य से आयोजित ‘शिक्षा संकल्प यात्रा‘ का समापन हो गया है। पटना के गर्दनीबाग स्थित बापू टावर में ‘शिक्षा संकल्प सम्मेलन सह सम्मान समारोह’ का आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

पटना के बापू टावर में आयोजित ‘शिक्षा संकल्प सम्मेलन’ के दौरान स्मारिका ‘सुमेधा’ का लोकार्पण करते हुए बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, यात्रा के नायक निमेष शुक्ला एवं अन्य गणमान्य अतिथि।

201 दिनों की यात्रा और जमीनी अनुभव

राज्य के सभी 38 जिलों में लगातार 201 दिनों तक चली इस यात्रा के दौरान यात्रा के नायक निमेष शुक्ला ने छात्र-छात्राओं की प्रतिभा, उनकी शैक्षणिक आवश्यकताओं और शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों को करीब से समझा है। शिक्षा मंत्री ने उनके इन प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के जमीनी अनुभवों से शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

शिक्षा मंत्री की  मुख्य बातें :

  • नवाचार और शोध पर जोर: मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में वास्तविक सुधार के लिए जमीनी अनुभव, शोध और नवाचार का समन्वय जरूरी है।
  • छात्र-केंद्रित व्यवस्था: यात्रा के दौरान सामने आई जरूरतों और चुनौतियों के आधार पर शिक्षा व्यवस्था को अधिक गुणवत्तापूर्ण और छात्र-केंद्रित बनाया जाएगा।
  • संकल्प: सरकार का उद्देश्य है कि बिहार का प्रत्येक बच्चा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करे और विकसित बिहार के निर्माण में अपना योगदान दे।

स्मारिका ‘सुमेधा‘ का लोकार्पण और सम्मान

समारोह के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाले मार्गदर्शकों, शिक्षाविदों और विशिष्ट विभूतियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर स्मारिका ‘सुमेधा’ का भी लोकार्पण किया गया।

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कांग्रेस अध्यक्ष के बयान से गरमाई राजनीति, सम्राट चौधरी का बड़ा हमला: प्रधानमंत्री के पिता पर अपमानजनक टिप्पणी बर्दाश्त नहीं, तुरंत माफी मांगें राहुल और खड़गे

पटना: कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वर्गीय पिता पर की गई टिप्पणी को लेकर बिहार की राजनीति में उबाल आ गया है। इस बयान के बाद राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कांग्रेस नेतृत्व पर चौतरफा हमला बोला है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ शब्दों में कहा कि देश के प्रधानमंत्री के परिवार के खिलाफ इस तरह की घटिया और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह घटना दर्शाती है कि कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री और उनके परिवार के प्रति कितनी दुर्भावना रखते हैं।

सम्राट चौधरी ने मांग की कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी को देश के प्रधानमंत्री के पिता के खिलाफ अपशब्दों के प्रयोग के लिए देश की जनता से तुरंत और बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने इस कृत्य को गंभीर बताते हुए कहा कि किसी के परिवार और विशेष रूप से दिवंगत पिता को राजनीति में घसीटना एक तरह का अपराध है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उनके नेता राजनीतिक मर्यादाओं को भूल चुके हैं और दुर्भावना से ग्रसित होकर ऐसी ओछी राजनीति पर उतर आए हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी।

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