Tuesday, July 28, 2026

बिहार के शिक्षकों के लिए सबसे बड़ी खबर: प्रोबेशन पीरियड वाले टीआरई-3 शिक्षकों के तबादले पर लगा बैन हटा, अब ऑनलाईन कर सकेंगे आवेदन

पटना। बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने राज्य के लाखों शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों और प्रधान शिक्षकों को बड़ी राहत देते हुए तबादले की नीति में ऐतिहासिक बदलाव किया है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के कड़े और स्पष्ट निर्देशों के बाद विभाग ने टीआरई-3 के परिवीक्षा अवधि (प्रोबेशन पीरियड) में कार्यरत शिक्षकों के स्थानांतरण पर लगी रोक को हटा दिया है। इस फैसले से अब परिवीक्षा अवधि में कार्य कर रहे शिक्षक, प्रधानाध्यापक और प्रधान शिक्षक भी तबादले के लिए विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।

पटना में शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी विभागीय अधिकारियों के साथ प्रोबेशन पीरियड में कार्यरत शिक्षकों एवं टीआरई-3 तबादला नीति से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करते हुए।

21 जुलाई के आदेश में संशोधन, नियम-11 का हुआ प्रयोग

उल्लेखनीय है कि शिक्षा विभाग द्वारा 21 जुलाई 2026 को जारी विस्तृत दिशा-निर्देशों में परिवीक्षा अवधि (प्रोबेशन पीरियड) में कार्यरत शिक्षकों को स्थानांतरण प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया था। इस फैसले से टीआरई-3 के हजारों शिक्षकों के बीच गहरी मायूसी और असमंजस की स्थिति बन गई थी।

शिक्षकों से प्राप्त सुझावों और व्यावहारिक कठिनाइयों को देखते हुए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने इस पर तत्काल संज्ञान लिया। इसके बाद बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली, 2026 के नियम-11 के तहत प्राप्त शक्तियों का उपयोग करते हुए पहली स्थानांतरण प्रक्रिया के लिए इस कड़े प्रावधान में ढील दी गई है।

सामान्य शिक्षकों की तरह मिलेगा समायोजन और पारस्पारिक तबादले का मौका

विभाग द्वारा जारी ताजा अधिसूचना के अनुसार, टीआरई-3 के शिक्षक अब सामान्य शिक्षकों की तरह ही:

  1. समायोजन (समानुपातीकरण/रैशनलाइजेशन)
  2. पारस्परिक स्थानांतरण (म्यूचुअल ट्रांसफर)

के लिए ऑनलाइन आवेदन करने हेतु पूरी तरह पात्र होंगे। स्थानांतरण की यह पूरी प्रक्रिया शिक्षा विभाग के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से बेहद पारदर्शी तरीके से संचालित की जाएगी। संशोधन के अतिरिक्त अधिसूचना के अन्य सभी नियम एवं शर्तें पूर्ववत लागू रहेंगी।

शिक्षक हित में राज्य सरकार संवेदनशील: शिक्षा मंत्री

इस महत्वपूर्ण निर्णय पर विचार रखते हुए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि बिहार सरकार शिक्षकों के हितों और उनकी व्यावहारिक समस्याओं को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है। शिक्षकों द्वारा मिली प्रतिक्रियाओं और व्यावहारिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ही यह ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। उन्होंने दोहराया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य स्थानांतरण प्रक्रिया को अधिक न्यायसंगत, पारदर्शी और शिक्षक-हितैषी बनाना है।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,

 ||  https://newsbharattv.in  ||

एमडीडीएम कॉलेज में गूंजा चुनावी हुंकार: छात्राएं बनेंगी देश की तकदीर, अधिकारियों संग छात्राओं का बड़ा ऐलान!

मुजफ्फरपुर, 28/07/2026: महंत दर्शन दास महिला महाविद्यालय (एमडीडीएम कॉलेज), मुजफ्फरपुर के परिसर में आज निर्वाचन साक्षरता क्लब के तत्वावधान में एक विशाल एवं प्रभावकारी निर्वाचक साक्षरता व जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष आयोजन में प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों और छात्राओं ने एक स्वर में लोकतंत्र को मजबूत करने और शत-प्रतिशत मतदान का संकल्प लिया।

मतदाता ही राष्ट्र का सच्चा निर्माता: जिला जन संपर्क अधिकारी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद मुजफ्फरपुर के जिला सूचना एवं जन संपर्क अधिकारी लोकेश कुमार झा ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ किया। छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मतदाता ही राष्ट्र का सच्चा निर्माता होता है। यदि मतदाता सही और योग्य नेता का चुनाव करेगा, तो देश का सर्वांगीण और सही विकास सुनिश्चित होगा।

एमडीडीएम कॉलेज, मुजफ्फरपुर में आयोजित निर्वाचन साक्षरता एवं मतदाता जागरूकता कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों एवं शिक्षिकाओं के साथ छात्राएं।

जागरूकता ही लोकतंत्र की आधारशिला उपनिर्वाचन अधिकारी सत्यप्रिय कुमार ने कहा कि मतदाताओं की जागरूकता ही किसी भी समृद्ध राष्ट्र की आधारशिला तय करती है। आम जनता और युवाओं को मतदान के प्रति जागरूक करना हम सभी का परम कर्तव्य है। वहीं, अवर निर्वाचन अधिकारी (पूर्वी मुजफ्फरपुर) ने मतदाताओं के परिचय और उनके संवैधानिक कर्तव्यों पर प्रकाश डालते हुए ‘स्वयं मतदाता बनें और दूसरों को भी बनाएं’ का प्रेरक संदेश दिया।

रोमांचक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में छात्राओं ने दिखाया दम : अवर निर्वाचन अधिकारी (पश्चिमी मुजफ्फरपुर) ने कार्यक्रम के दौरान एक ज्ञानवर्धक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आगाज किया। इस प्रतियोगिता में महाविद्यालय की छात्राओं और शिक्षकों ने भारी उत्साह के साथ हिस्सा लिया। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं में दिव्यलता, निकिता, अक्षिता, अंशु, निशि, निधि, मुस्कान और अरिजीता प्रमुख रहीं।

पोस्टर प्रदर्शनी और मतदाता का महत्वनाटक ने मोहा मन : राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की छात्राओं द्वारा लोकतंत्र और मतदान पर आधारित एक से बढ़कर एक आकर्षक पोस्टर प्रस्तुत किए गए। पोस्टर निर्माण में खुशी साक्षी राज, नीतू कुमारी, नम्रता और आलीशा समसी की भूमिका उल्लेखनीय रही।

इसके साथ ही एनसीसी की छात्राओं ने “मतदाता का महत्त्व” विषय पर एक जीवंत और प्रभावकारी नाटक का मंचन किया, जिसने सभागार में मौजूद सभी लोगों को भावविभोर कर दिया। इस नाटक में हिस्सा लेने वाली प्रमुख छात्राओं में आकांक्षा, अनामिका, मृणाल, प्रिया, निकिता, निधि, लक्ष्मी, सलोनी, गुंजा, संगीता, दीप ज्योति, जिया, सोनम, रितु, सौम्या, कनकलता, परिधि, निकिता सिंह, प्रिया, अरिजीता, नेहा, श्रेया और अंजलि शामिल थीं।

एमडीडीएम कॉलेज, मुजफ्फरपुर में आयोजित निर्वाचन साक्षरता एवं मतदाता जागरूकता कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों एवं शिक्षिकाओं के साथ विक्ट्री साइन (जीत का निशान) बनाकर उत्साह दर्शातीं छात्राएं।

निर्वाचन साक्षरता क्लब की कार्यकारिणी गठित : महाविद्यालय में निर्वाचन साक्षरता क्लब, एमडीडीएम कॉलेज की गणित विभागाध्यक्ष डॉक्टर माला को नोडल अधिकारी बनाया गया। इसके अलावा क्लब की नई कार्यकारिणी समिति में डॉक्टर रिंकु कुमारी और डॉक्टर प्रियम फ्रांसिस को शामिल किया गया।

भव्य स्वागत एवं धन्यवाद ज्ञापन : कार्यक्रम की शुरुआत में आगत अतिथियों का स्वागत पारंपरिक रूप से पुष्पगुच्छ, शॉल और हरित पौधा प्रदान कर किया गया। संगीत विभाग की छात्राओं ने सुमधुर स्वागत गान प्रस्तुत किया। पूरे कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉक्टर कुमारी सरोज ने की, जबकि मंच का कुशल संचालन डॉक्टर रिंकु कुमारी द्वारा किया गया। अंत में डॉक्टर माला ने सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं छात्राओं का धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के अनेक शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,

 ||  https://newsbharattv.in  ||

अफसरों को अल्टीमेटम — ‘काम में ढिलाई बर्दाश्त नहीं!’: 100 करोड़ की महापरियोजनाओं पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का कड़ा चाबुक,

सड़क, सिंचाई और स्वास्थ्य क्षेत्र की बड़ी योजनाओं में तेजी लाने के सख्त निर्देश; 2,000 करोड़ का सीएसआर फंड जुटाने का विशाल लक्ष्य निर्धारित

पटना, 28 जुलाई 2026 : बिहार के विकास की रफ्तार को दोगुनी ताकत देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में चल रही महापरियोजनाओं की कमान खुद संभाल ली है। लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने ‘बिहार गति’ के तहत चिन्हित 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत की विकास परियोजनाओं तथा केंद्र प्रायोजित योजनाओं की प्रगति की बिंदुवार विस्तृत समीक्षा की।

बैठक में कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता किए बिना सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा, बिहार ने विकास की जो रफ्तार पकड़ी है, अब उसे और आगे बढ़ाना है। काम में आने वाली हर बाधा का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।”

पटना स्थित लोक सेवक आवास के संकल्प सभागार में ‘बिहार गति’ के तहत 100 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत एवं अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी।

1. सिंचाई व जल प्रबंधन: मानसून खत्म होते ही युद्ध स्तर पर शुरू होगा काम

जल संसाधन विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य की महत्वाकांक्षी सिंचाई परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने का रोडमैप तय किया:

  • कोसी-मेची इंटर स्टेट लिंक परियोजना: मानसून समाप्त होते ही इसके निर्माण कार्य में पूरी ताकत के साथ तेजी लाने का निर्देश दिया गया। सभी संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ अड़चनों को दूर करने को कहा गया।
  • नॉर्थ कोयल जलाशय परियोजना: इसके कार्यों में तेजी लाकर राज्य की सिंचाई क्षमता बढ़ाने और किसानों तक जल्द से जल्द पानी पहुँचाने पर विशेष बल दिया गया।
  • मंडाई वीयर परियोजना: इसकी नियमित निगरानी करते हुए तय समयसीमा में पूरा करने का निर्देश दिया गया ताकि जल प्रबंधन ढाँचा और मजबूत हो सके।

2. सड़क बुनियादी ढाँचा: 6-लेन और 4-लेन कॉरिडोर से बदलेगी राज्य की तस्वीर

पथ निर्माण विभाग की समीक्षा करते हुए सम्राट चौधरी ने राज्य के विशाल रोड नेटवर्क प्रोजेक्ट्स को गति देने का निर्देश दिया:

  • वाराणसी-रांची-कोलकाता 6 लेन कॉरिडोर
  • आमस-दरभंगा 4 लेन परियोजना
  • कन्हौली-शेरपुर (एनएच-131जी) 6 लेन परियोजना

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि भूमि अधिग्रहण, वन विभाग की स्वीकृति तथा अन्य प्रशासनिक अड़चनों का तत्काल निपटारा किया जाए। इन सड़कों के बनने से राज्य में आवागमन सुगम होगा और औद्योगिक व आर्थिक गतिविधियों को भारी बढ़ावा मिलेगा।

3. स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा फैसला: 14 अगस्त तक टीबी मुक्त बिहारका महाअभियान

स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ को और अधिक प्रभावी बनाने का निर्देश दिया:

  • 2 जुलाई 2026 से 14 अगस्त 2026 तक चलाए जा रहे विशेष टीबी मुक्त बिहार अभियान को जनभागीदारी के साथ सफल बनाने का आह्वान किया।
  • राज्य के सभी बंद पड़े टीबी केंद्रों को तुरंत पूर्णतः कार्यशील बनाने का आदेश दिया गया।
  • हर प्रखंड, पंचायत और गाँव तक मोबाइल स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से संभावित मरीजों की पहचान की जाएगी।
  • मरीजों को समय पर इलाज, मुफ्त दवाएं और पोषण सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

4. 2,000 करोड़ रुपये का विशाल सीएसआर फंड जुटाने का लक्ष्य

राज्य के समग्र विकास के लिए कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के जरिए 2,000 करोड़ रुपये का फंड जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने उद्योगों और कॉर्पोरेट संस्थाओं के साथ बेहतर समन्वय बनाकर प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। इस फंड का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, खेल, महिला सशक्तिकरण और जनकल्याणकारी योजनाओं में किया जाएगा।

बैठक में मौजूद प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी:

इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य प्रशासन के शीर्ष अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर, कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल, पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार, स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जयकुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव चंद्रशेखर सिंह, खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अवनीश कुमार सिंह तथा राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडेय सहित अन्य सभी संबंधित विभागों के वरीय अधिकारी मौजूद रहे।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,

 ||  https://newsbharattv.in  ||

लूट की नियत से घूम रहा कुख्यात अपराधी देसी कट्टा और जिंदा कारतूस के साथ दबोचा गया, महिला से चैन-पर्स छिनतई का भी खुलासा

बरियारपुर/मुजफ्फरपुर: बरियारपुर थाना पुलिस की मुस्तैदी और सक्रिय गश्ती के चलते क्षेत्र में एक बड़ी आपराधिक वारदात टल गई। मंगलवार सुबह पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए देसी कट्टा और जिंदा कारतूस के साथ एक शातिर अपराधी को रंगे हाथों धर दबोचा। पकड़ा गया अभियुक्त पूर्व में भी कई संगीन आपराधिक मामलों में संलिप्त रहा है।

सुबह-सुबह लूट की ताक में था अपराधी

मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (पूर्वी-02, मुजफ्फरपुर) मनोज कुमार सिंह ने बताया कि 28 जुलाई 2026 की सुबह लगभग 6:00 बजे बरियारपुर थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि एक व्यक्ति काले रंग की टी-शर्ट और सफेद-नीले रंग की जींस पहने हुए संदिग्ध अवस्था में घूम रहा है और किसी बड़ी घटना या लूटपाट की फिराक में है।

तस्वीर: बरियारपुर थाना पुलिस हिरासत में पकड़ा गया हथियारबंद अपराधी अभिषेक कुमार (पीछे मुंह ढके हुए) और घटना की जानकारी देते अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (पूर्वी-02) मनोज कुमार सिंह एवं पुलिस टीम (पीएसआई नीलमणि कुमार व अन्य)।

सूचना मिलते ही बरियारपुर थाना की गश्ती टीम, जिसका नेतृत्व पीएसआई नीलमणि कुमार कर रहे थे, सशस्त्र बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस बल को देखते ही संदिग्ध व्यक्ति भागने का प्रयास करने लगा, लेकिन पुलिस की सतर्कता से उसे खदेड़कर धर दबोचा गया।

तलाशी में मिला अवैध हथियार

पकड़े गए व्यक्ति से जब पूछताछ की गई तो उसने अपना नाम अभिषेक कुमार, पिता लक्ष्मी सिंह, निवासी ग्राम कोठिया, थाना बंगरा, जिला समस्तीपुर बताया। जब पुलिस टीम ने उसकी विधिवत तलाशी ली तो उसके पास से एक देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। हथियार और कारतूस के संबंध में जब उससे वैध कागजात मांगे गए तो वह कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत करने में असमर्थ रहा। इसके बाद पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया और आगे की कानूनी व न्यायिक हिरासत की कार्रवाई शुरू कर दी।

महिला से चैन व पर्स छिनतई मामले में किया अपना अपराध स्वीकार

पुलिस जांच और पूछताछ में पकड़े गए बदमाश अभिषेक कुमार ने बड़ा खुलासा किया है। इसी माह की 2 तारीख (2 जुलाई) को बरियारपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मुर्गी फार्म के पास एक महिला से पिस्तौल के बल पर सोने की चैन और पर्स लूट लिया गया था। इस छिनतई की घटना में तीन अपराधी शामिल थे, जिसमें अभिषेक कुमार भी एक था। उसने इस घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार (कन्फेस) कर ली है।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि उस कांड में शामिल एक अन्य अभियुक्त पहले से ही न्यायिक हिरासत में जेल में बंद है, जबकि तीसरे फरार आरोपी की तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है। महिला के लूटे गए सामान के संबंध में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने बताया कि सामान अभी बरामद नहीं हुआ है। अपराधियों ने सामान कहीं खपा दिया है या संभवतः तीसरे फरार आरोपी के पास है। पुलिस तीसरे आरोपी को गिरफ्तार कर लूटे गए सामान की बरामदगी का प्रयास कर रही है।

दर्ज हैं कई आपराधिक मामले

गिरफ्तार अभियुक्त अभिषेक कुमार का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। उस पर पूर्व से 5 विभिन्न आपराधिक कांड दर्ज हैं। इनमें से समस्तीपुर जिले के विभिन्न थानों में 4 मामले दर्ज हैं, जबकि सकरा-मुरौल थाना क्षेत्र में भी 1 मामला दर्ज है। पुलिस इन सभी मामलों में आरोपी के खिलाफ कड़ा कानूनी शिकंजा कस रही है।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,

||  https://newsbharattv.in  ||

संविधान और अधिकारों की रक्षा के लिए संकल्पित भाकपा माले: चारु मजुमदार को दी भावभीनी श्रद्धांजलि, 10 अगस्त को नगर परिषद घेराव का ऐलान

ताजपुर/समस्तीपुर | 28 जुलाई 2026| भाकपा माले ताजपुर प्रखंड कमिटी के बैनर तले मंगलवार को पार्टी के संस्थापक महासचिव कॉमरेड चारु मजुमदार की 54वीं शहादत बरसी रहीमाबाद के बहादुरनगर में पूरी क्रांतिकारी ऊर्जा और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस शहादत दिवस पर माले कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर वर्तमान व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार और लूट के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का बड़ा ऐलान कर दिया है।

कार्यक्रम की शुरुआत कॉमरेड चारु मजुमदार की तस्वीर पर माल्यार्पण कर की गई। इसके उपरांत वहां मौजूद सभी लोगों ने 2 मिनट का मौन रखकर अपने नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चारु मजुमदार के ऐतिहासिक व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से चर्चा की। उनके संघर्षपूर्ण जीवन, त्याग और विचारों को याद करते हुए पार्टी की केंद्रीय कमिटी द्वारा जारी किए गए आह्वान पत्र का सामूहिक पाठ भी किया गया।

ताजपुर के रहीमाबाद स्थित बहादुरनगर में भाकपा माले के संस्थापक महासचिव कॉमरेड चारु मजुमदार की 54वीं शहादत बरसी के अवसर पर लाल बैनर और तस्वीर के साथ श्रद्धांजलि देते हुए पार्टी के नेता एवं कार्यकर्ता।

सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने पार्टी और जनसंगठनों को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत बनाने का दृढ़ संकल्प लिया। नेताओं ने वर्तमान परिदृश्य पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि आज देश के संविधान और आम जनता के मौलिक अधिकारों पर लगातार खतरे मंडरा रहे हैं। इसके साथ ही, विकास कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं में मची भयंकर लूट और भ्रष्टाचार के खिलाफ जनआंदोलनों को और भी तेज धार देने की सख्त आवश्यकता पर बल दिया गया।

इस मौके पर सर्वसम्मति से एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया गया। इस प्रस्ताव के माध्यम से आगामी 10 अगस्त को ताजपुर नगर परिषद कार्यालय के प्रस्तावित घेराव को ऐतिहासिक बनाने का कड़ा निर्णय लिया गया है। माले नेताओं ने ताजपुरवासियों से अपील की है कि वे बड़ी से बड़ी संख्या में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर इस घेराव को सफल बनाएं और भ्रष्ट तंत्र को करारा जवाब दें।

इस पूरे कार्यक्रम की अध्यक्षता भाकपा माले के प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने की। मौके पर प्रखंड कमिटी सदस्य आसिफ होदा, ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, प्रभात रंजन गुप्ता, मो. एजाज, संजीव राय, नीलम देवी, रधिया देवी, अनीता देवी, जीरबा देवी, सुनीता देवी, धर्मेंद्र पासवान, मो. कादीर, रुखशाना खातून, रेहाना खातून और सुखिया खातून समेत भारी संख्या में महिला एवं पुरुष कार्यकर्ता पूरे उत्साह के साथ उपस्थित थे।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,

||  https://newsbharattv.in  ||

सकरा में 1 करोड़ 7 लाख का बड़ा दांव: कचरे से सोना बनाएगी नगर पंचायत, टेंडर जारी होते ही मचा बवाल!

सकरा में स्वच्छता का नया युग, सकरा में 10 टीपीडी क्षमता का एमआरएफ प्लांट जल्द : उप मुख्य पार्षद (उपाध्यक्ष) ने उठाए गंभीर सवाल, जानें पूरी डिटेल

सकरा (मुजफ्फरपुर)। नगर पंचायत सकरा में स्वच्छता और कचरा प्रबंधन को लेकर एक ऐतिहासिक एवं बड़ा कदम उठाया गया है। नगर पंचायत क्षेत्र को गंदगी से मुक्ति दिलाने और कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करने के लिए एक करोड़ सात लाख बहत्तर हजार नौ सौ सड़सठ (1,07,79,967) रुपये की भारी-भरकम लागत से मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) प्लांट के निर्माण की तैयारी पूरी कर ली गई है। इस बाबत कार्यपालक पदाधिकारी नगर पंचायत सकरा द्वारा आधिकारिक निविदा सूचना (एनआईटी संख्या 03/2026-27) जारी कर दी गई है।

सांकेतिक (प्रतीकात्‍मक) तस्‍वीर

10 टन प्रतिदिन कचरे का होगा प्रसंस्करण

जारी निविदा के अनुसार, इस ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना के तहत रोजाना 5 टीपीडी (टन प्रति दिन) सूखा कचरा और 5 टीपीडी गीला कचरा यानी कुल 10 टीपीडी कचरे के प्रसंस्करण और पुनर्चक्रण की व्यवस्था की जाएगी। इस आधुनिक प्लांट के निर्माण से नगर पंचायत सकरा क्षेत्र के निवासियों को सड़ांध, नालियों के जाम और सड़कों पर बिखरे कचरे से हमेशा-हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।

लागत और सुरक्षा राशि का पूरा ब्योरा

  • अनुमानित परियोजना लागत: 1,07,79,967.00 रुपये
  • इएमडी / बिड सिक्योरिटी (2 प्रतिशत): 2,15,599.00 रुपये
  • परफॉर्मेंस सिक्योरिटी (5 प्रतिशत): 5,38,998.00 रुपये
  • बिड डॉक्यूमेंट शुल्क: 10,000.00 रुपये
  • बिड की वैधता अवधि: 180 दिन

निविदा प्रक्रिया और महत्वपूर्ण तिथियां

सकरा नगर पंचायत प्रशासन द्वारा जारी समय-सारणी के अनुसार, इच्छुक और प्रतिष्ठित एजेंसियां ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल (www.eproc2.bihar.gov.in) के माध्यम से ऑनलाइन भाग ले सकती हैं:

  1. प्री-बिड मीटिंग (पूर्व-बोली बैठक): 05.08.2026 को दोपहर 14:00 बजे से 17:00 बजे तक नगर पंचायत सकरा के सभागार में आयोजित होगी।
  2. ऑनलाइन बिड जमा करने की शुरुआत: 08.08.2026 को सुबह 11:00 बजे से।
  3. ऑनलाइन बिड जमा करने की अंतिम तिथि: 20.08.2026 को शाम 16:00 बजे तक।
  4. तकनीकी बिड खोलने की तिथि: 24.08.2026 को दोपहर 15:00 बजे के बाद।

ईपीसी मोड पर होगा निर्माण

यह पूरा कार्य इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) मोड के आधार पर दो-बिड प्रणाली (तकनीकी और वित्तीय) के तहत पूरा कराया जाएगा। बिड दस्तावेज शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम जैसे इंटरनेट बैंकिंग, क्रेडिट/डेबिट कार्ड, एनईएफटी या आरटीजीएस के जरिए अनिवार्य किया गया है।

कार्यपालक पदाधिकारी नगर पंचायत सकरा ने निविदा में स्पष्ट किया है कि प्रशासनिक कारणों से इस आरएफपी को किसी भी समय स्थगित, संशोधित या रद्द किया जा सकता है और इसके लिए किसी भी दावे पर विचार नहीं किया जाएगा। विभागीय पीआर नंबर 008506 (बीएंडसी) 2026-27 के तहत जारी यह टेंडर क्षेत्र के विकास और स्वच्छता अभियान में एक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है।

सियासी घमासान: उप मुख्य पार्षद (उपाध्यक्ष) ने उठाए गंभीर सवाल

टेंडर प्रकाशित होते ही योजना की जगह के चयन को लेकर नगर पंचायत के भीतर अंतरकलह खुलकर सामने आ गई है। इस संबंध में जब नगर पंचायत सकरा के उप मुख्य पार्षद (उपाध्यक्ष) रणवीर कुमार सिंह उर्फ डब्बू सिंह से बातचीत की गई, तो उन्होंने प्रशासनिक तालमेल पर ही कई सवाल खड़े किए।

उपाध्यक्ष रणवीर कुमार सिंह उर्फ डब्बू सिंह का रुख:

  • बिना समन्वय के लिया निर्णय: उपाध्यक्ष ने कहा कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट पूरी तरह सरकार के गाइडलाइन के तहत आया है, लेकिन इसके कार्यान्वयन में पार्षदों और जनप्रतिनिधियों को नजरअंदाज किया गया है।
  • नगर पंचायत के बाहर जमीन क्यों?: उन्होंने आरोप लगाया कि जब नगर पंचायत सकरा में पर्याप्त  जमीन उपलब्ध है, तो फिर प्लांट के लिए जमीन बाहर बाजी क्षेत्र में क्यों चुनी गई?
  • जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा: उन्होंने दावा किया कि जगह चिन्हित करने के दौरान न तो उनसे कोई सलाह ली गई और न ही 50 प्रतिशत से अधिक वार्ड पार्षदों को विश्वास में लिया गया।
  • धरातल पर क्रियान्वयन की चुनौती: पूर्व में सकरा हाई स्कूल के पास लोहिया स्‍वच्‍छता योजना के तहत बने कचरा शेड और अन्य व्यवस्थाओं का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि योजनाएं कागज पर तो बन जाती हैं, लेकिन धरातल पर उनका सही संचालन नहीं हो पाता। सबहा चौक पर कचरे के ढेर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सिस्टम की लापरवाही के कारण ही आम जनता को गंदगी का सामना करना पड़ता है।

सकरा नगर पंचायत का यह 1.07 करोड़ का प्रोजेक्ट जहां स्वच्छता के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है, वहीं जनप्रतिनिधियों की अनदेखी और स्थान चयन के विवाद ने इसके शुरुआती चरण पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि 24 अगस्त को तकनीकी बिड खुलने के बाद काम कितनी तेजी से धरातल पर उतर पाता है।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,

 ||  https://newsbharattv.in  ||

पीएम मोदी के ‘मन की बात’ में छाया सीतामढ़ी: कचरे से बन रही रंग-बिरंगी मजबूत बेंच, पूरे देश के लिए बनी मिसाल!

सीतामढ़ी (विशेष संवाददाता): बिहार के सीतामढ़ी जिले की एक अनूठी और पर्यावरण-अनुकूल पहल की गूंज अब पूरे देश में सुनाई दे रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने प्रसिद्ध रेडियो कार्यक्रम मन की बात में सीतामढ़ी जिले के बाजपट्टी में संचालित वेस्ट टू वेल्थ (कचरे से कंचन) मॉडल की जमकर सराहना की है। प्रधानमंत्री ने इस पहल को पूरे देश के लिए एक प्रेरणादायक और अनुकरणीय मॉडल बताया।

प्लास्टिक कचरे के पुनर्चक्रण से तैयार की गई बेहद आकर्षक और मजबूत रंग-बिरंगी इको-फ्रेंडली बेंच, जिन्हें सरकारी स्कूलों व पार्कों में लगाया जा रहा है।

40 किलोग्राम सिंगल-यूज प्लास्टिक से बन रही एक मजबूत बेंच

सीतामढ़ी में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) और लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत प्लास्टिक कचरे के पुनर्चक्रण (रिसाइक्लिंग) का काम बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। बाजपट्टी स्थित प्लास्टिक अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई में रिसाइकल किए गए प्लास्टिक से आकर्षक, बेहद मजबूत और पर्यावरण-अनुकूल बेंच तैयार किए जा रहे हैं।

इस प्रक्रिया की सबसे खास बात यह है कि मात्र 1 बेंच को तैयार करने में लगभग 40 किलोग्राम सिंगल-यूज प्लास्टिक कचरे का उपयोग किया जाता है। इससे जहां एक तरफ पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले प्लास्टिक कचरे का सही तरीके से निपटारा हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ टिकाऊ और लंबे समय तक चलने वाला फर्नीचर भी तैयार हो रहा है।

सीतामढ़ी के बाजपट्टी स्थित ‘प्लास्टिक अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई’ भवन के बाहर जमा किया गया प्लास्टिक कचरा और रिसाइकल कर तैयार की गई बेंच।

स्कूलों, पार्कों और सार्वजनिक स्थलों की बदल रही तस्वीर

प्लास्टिक कचरे से निर्मित इन मजबूत और रंग-बिरंगी बेंचों को जिले के विभिन्न सरकारी स्कूलों, सार्वजनिक पार्कों और अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर लगाया जा रहा है। स्कूलों में बच्चों के बैठने के लिए ये बेंच न केवल उपयोगी साबित हो रहे हैं, बल्कि अपनी आकर्षक बनावट और रंगों के कारण परिसरों की सुंदरता भी बढ़ा रहे हैं।

रोजगार और आय के खुल रहे नए द्वार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि रिड्यूस, रियूज और रिसाइकिल” (कम उपयोग, पुन: उपयोग और पुनर्चक्रण) अब केवल एक नारा नहीं रह गया है, बल्कि यह एक सशक्त जनआंदोलन का रूप ले चुका है। सीतामढ़ी की यह पहल न केवल कचरा प्रबंधन का एक सफल उदाहरण है, बल्कि इसने स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय के नए साधन भी सृजित किए हैं। इस प्रसंस्करण इकाई के माध्यम से कई स्थानीय लोगों और श्रमिकों को सीधे तौर पर रोजगार मिल रहा है।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,

 ||  https://newsbharattv.in  ||

ग्लासगो में भारतीय एथलीटों का गर्जना: मीराबाई चानू की हैट्रिक और ऋषिकांत का नया रिकॉर्ड, भारत ने जीते पदक

विशेष खेल संवाददाता: ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारतीय भारोत्तोलकों (वेटलिफ्टरों) का शानदार प्रदर्शन जारी है। भारत के खिलाड़ियों ने अपनी ताकत और कौशल का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए देश की झोली में कई पदक डाल दिए हैं। स्टार भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने स्वर्णिम इतिहास रचते हुए भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाया, वहीं ऋषिकांत सिंह चनंबम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। इसके साथ ही पैरा पावरलिफ्टिंग में नालंदा के झंडू कुमार ने भी कांस्य पदक जीतकर परचम लहराया है।

ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026 में महिलाओं की 48 किलो वेटलिफ्टिंग स्पर्धा के दौरान स्वर्ण पदक के लिए वजन उठातीं स्टार भारतीय भारोत्तोलक मीराबाई चानू।

मीराबाई चानू का ऐतिहासिक कारनामा: स्वर्ण पदकों की लगाई हैट्रिक

महिलाओं की 48 किलोग्राम भारवर्ग स्पर्धा में मीराबाई चानू ने अपने असाधारण प्रदर्शन से इतिहास रच दिया। उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में लगातार तीसरा स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया है। वह राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदकों की हैट्रिक बनाने वाली भारत की पहली भारोत्तोलक बन गई हैं। उनके इस अटूट समर्पण और निष्ठा ने एक बार फिर पूरे देश को गौरवान्वित किया है।

ऋषिकांत सिंह चनंबम का रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन, जीता सिल्वर

पुरुषों की 60 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में भारत के ऋषिकांत सिंह चनंबम ने अद्भुत क्षमता दिखाते हुए रजत पदक (सिल्वर मेडल) अपने नाम किया। ऋषिकांत सिंह ने कुल 264 किलोग्राम वजन उठाकर यह सफलता हासिल की। उन्होंने स्नैच दौर में 121 किलोग्राम वजन उठाकर नया राष्ट्रमंडल खेल रिकॉर्ड भी अपने नाम दर्ज कराया।

इस स्पर्धा में मलेशिया के मोहम्मद अनिक ने कुल 273 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता, जबकि केन्या के जोशुआ अमूंगा मबोया ने 260 किलोग्राम वजन उठाकर कांस्य पदक हासिल किया।

पुरुषों की 60 किलोग्राम स्पर्धा में स्नैच में नया राष्ट्रमंडल रिकॉर्ड बनाते हुए रजत पदक जीतने के बाद जश्न मनाते ऋषिकांत सिंह चनंबम।

पैरा पावरलिफ्टिंग में नालंदा के झंडू कुमार का जलवा

राष्ट्रमंडल खेल 2026 में बिहार के नालंदा निवासी झंडू कुमार ने भी पैरा पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में अपना लोहा मनवाया। उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक (ब्रॉन्ज मेडल) हासिल किया और देश के साथ-साथ अपने राज्य का नाम भी रोशन किया।

पदक तालिका में भारत की स्थिति

इन शानदार सफलताओं के साथ राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारतीय एथलीटों का दबदबा कायम है। खबर लिखे जाने तक भारत 1 स्वर्ण, 1 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज पदक के साथ तालिका में 10वें स्थान पर मौजूद है।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,

 ||  https://newsbharattv.in  ||

बिहार में 2600 मेगावाट की महा-परियोजना से बदलेगी तस्वीर: सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान, रोहतास-दुर्गावती में ईको-टूरिज्म !

विश्व के सबसे ऊंचे केसरिया स्तूप का होगा कायाकल्प, पीपीपी मॉडल पर विकसित होंगी पर्यटन परियोजनाएं

पटना। बिहार को हरित ऊर्जा, पर्यटन और निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में बिहार राज्य वन्यप्राणी पर्षद की 15वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 2600 मेगावाट क्षमता वाली महत्वाकांक्षी दुर्गावती पंप भंडारण परियोजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

राज्य में प्रकृति आधारित पर्यटन (ईको टूरिज्म), पर्यावरणीय संतुलन और वन्यजीव संरक्षण को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से बुलाई गई इस समीक्षा बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार प्राकृतिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों से समृद्ध राज्य है और इन धरोहरों का संरक्षण करते हुए उन्हें पर्यटन की दृष्टि से विकसित करना सरकार की प्राथमिकता है।

पटना स्थित लोक सेवक आवास के ‘संकल्प’ सभागार में बिहार राज्य वन्यप्राणी पर्षद की 15वीं उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी। बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर, मंत्री डॉ रामचंद्र प्रसाद एवं अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।

पीपीपी मॉडल पर विकसित होंगी पर्यटन परियोजनाएं

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि पर्यटन से संबंधित परियोजनाओं के संचालन एवं रखरखाव के लिए पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर कार्ययोजना तैयार की जाए। पर्यटन स्थलों पर व्यावसायिक गतिविधियों, आधुनिक सुविधाओं, होटल-रेस्टोरेंट, कैफेटेरिया, ट्रैकिंग एवं एडवेंचर टूरिज्म को सुव्यवस्थित ढंग से बढ़ावा दिया जाए। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और निजी निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा।

केसरिया स्तूप का एएसआई और पर्यावरण विभाग मिलकर करेंगे कायाकल्प

बैठक में विश्व के सबसे ऊंचे एवं महत्वपूर्ण बौद्ध स्तूपों में शामिल केसरिया स्तूप के संरक्षण एवं समग्र विकास पर विशेष चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर केसरिया स्तूप के संरक्षण, विकास और पर्यटन की दृष्टि से समग्र संवर्द्धन के लिए संयुक्त रूप से कार्य करें।

रोहतास और दुर्गावती क्षेत्र में ईको-टूरिज्म का विस्तार

ग्रीन एनर्जी और ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए रोहतास एवं दुर्गावती क्षेत्र में व्यापक विकास कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। बांधों के आसपास के क्षेत्रों का विकास करते हुए होटल, रेस्टोरेंट, पहाड़ी क्षेत्रों में ट्रैकिंग, भ्रमण और साहसिक गतिविधियों के साथ-साथ पर्यटकों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे।

बैठक में उपस्थित प्रमुख लोग एवं अधिकारी:

बैठक में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर ने पर्षद के विभिन्न प्रस्तावों की विस्तृत जानकारी दी।

इस अवसर पर:

  • मंत्री: पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ रामचंद्र प्रसाद
  • विधायक: शालिनी मिश्रा, वीरेन्द्र सिंह, बाबू लाल शौर्य
  • वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी: मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के सचिव संदीप कुमार आर पुडुकलकट्टी, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह
  • विभागीय प्रमुख: प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरविंदर सिंह, निदेशक मत्स्य पालन तुषार सिंगला, निदेशक पशुपालन उज्ज्वल कुमार सिंह, बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक नंदकिशोर एवं अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वन्यप्राणी पर्षद के अन्य सदस्य भी जुड़े।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  न्‍यूज भारत टीवी के लिंक पर क्लिक करें ,

 ||  https://newsbharattv.in  ||

कारगिल विजय दिवस पर देशभक्ति का जज़्बा: शहीद सहायक कमांडेंट किशोर कुणाल की पुण्यतिथि पर एसएसबी ने अर्पित की भावभीनी श्रद्धांजलि

पटना, 26 जुलाई। कारगिल विजय दिवस के पावन अवसर पर रविवार को पटना स्थित किशोर कुणाल मेमोरियल पार्क में एक विशेष एवं भव्य श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), सीमांत मुख्यालय पटना एवं 40वीं वाहिनी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया, जहाँ देश की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीद सहायक कमांडेंट किशोर कुणाल की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया गया।

 किशोर कुणाल मेमोरियल पार्क में शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर नमन करते एसएसबी सीमांत मुख्यालय पटना के महानिरीक्षक निशीत कुमार उज्ज्वल एवं सलामी देते जवान।

कार्यक्रम की शुरुआत में एसएसबी के अधिकारियों और जवानों ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर और सलामी देकर अमर शहीद को नमन किया। इस अवसर पर भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी एवं सीमांत मुख्यालय पटना के महानिरीक्षक निशीत कुमार उज्ज्वल ने शहीद किशोर कुणाल के राष्ट्र एवं बल के प्रति अदम्य समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा और सर्वोच्च बलिदान को याद किया।

महानिरीक्षक ने शहीद के माता-पिता से की मुलाकात, किया पौधारोपण

श्रद्धांजलि सभा के दौरान महानिरीक्षक निशीत कुमार उज्ज्वल ने शहीद किशोर कुणाल के माता-पिता एवं परिजनों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। उन्होंने शहीद के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उनके सुखद एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान पार्क परिसर में स्मृति स्वरूप महानिरीक्षक निशीत कुमार उज्ज्वल और शहीद के माता-पिता द्वारा संयुक्त रूप से पौधारोपण भी किया गया, ताकि शहीद की स्मृति सदैव हरी-भरी बनी रहे।

शहीद सहायक कमांडेंट किशोर कुणाल की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में भाग लेतीं उनकी पूज्य माताजी, साथ में सुरक्षाकर्मी।

कारगिल के अमर वीरों को शत-शत नमन

सशस्त्र सीमा बल, सीमांत मुख्यालय पटना की ओर से मातृभूमि की रक्षा हेतु कारगिल युद्ध में अपने प्राण न्योछावर करने वाले सभी वीर सैनिकों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई। अधिकारियों ने कहा कि कारगिल के अमर वीरों का साहस, पराक्रम और अटूट त्याग राष्ट्र की अमूल्य धरोहर है। उनका यह सर्वोच्च बलिदान आने वाली हर पीढ़ी को राष्ट्र सेवा और देशभक्ति के मार्ग पर चलने के लिए निरंतर प्रेरित करता रहेगा।

 मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का संदेश

कारगिल विजय दिवस के अवसर पर बिहार के  मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर संदेश जारी कर वीरों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि कारगिल विजय दिवस केवल एक विजय का पर्व नहीं, बल्कि उन वीर सपूतों के अदम्य साहस, सर्वोच्च बलिदान और अटूट राष्ट्रभक्ति का अमर स्मरण है, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उन्होंने कारगिल के सभी अमर शहीदों को नमन करते हुए भारतीय सेना के शौर्य की सराहना की।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,

||  https://newsbharattv.in  ||