बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने शिक्षक नियुक्ति का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए एक बहुत बड़ी खबर सामने लाई है। चतुर्थ चरण के विद्यालय अध्यापक भर्ती परीक्षा (TRE-4.0) के अंतर्गत शिक्षा विभाग, बिहार के कुल 33,320 रिक्त पदों पर होने वाली नियुक्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन की तिथियों में बड़ा विस्तार किया गया है। आयोग की ओर से जारी अधिसूचना के बाद अब अभ्यर्थियों को आवेदन करने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है।
बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा जारी आवश्यक सूचना का आधिकारिक पत्र।
आवेदन और भुगतान की नई तारीखें
शुल्क भुगतान की अंतिम तिथि: 2 नवंबर 2026
ऑनलाइन आवेदन भरने की अंतिम तिथि: 3 नवंबर 2026
अदालत के आदेश के बाद हुआ संशोधन
यह पूरा बदलाव न्यायिक प्रक्रिया के तहत किया गया है। विज्ञापन संख्या-15/2026 की कंडिका-3 के नोट-(i) के आलोक में, सर्वोच्च न्यायालय में एसएलपी (सिविल) डायरी संख्या 28464/2025 (रमन कुमार मंडल एवं अन्य बनाम बिहार राज्य एवं अन्य) के मामले में 1 अगस्त 2025 को पारित आदेश के अनुपालन में ऑनलाइन आवेदन की तिथियों को बढ़ाया गया है।
वादियों को निर्देश
इसके अलावा, उपर्युक्त वाद से जुड़े सभी वादियों को सख्त निर्देश दिया गया है कि वे अपना नाम, पिता का नाम, माता का नाम, जन्म तिथि से संबंधित साक्ष्य, आधार संख्या और मोबाइल नंबर के साथ निर्धारित समय यानी 29 अक्टूबर 2026 तक आयोग कार्यालय में सभी दस्तावेज अनिवार्य रूप से समर्पित करें।
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अब आत्मनिर्भर बनेंगी एमडीडीएम कॉलेज की बेटियां: नांदी फाउंडेशन और महिंद्रा प्राइड क्लासरूम का धमाकेदार आगाज, 50 छात्राओं ने भरी हुनर की उड़ान!
मुजफ्फरपुर: सोमवार को मुजफ्फरपुर के प्रतिष्ठित महंत दर्शन दास महिला महाविद्यालय (एमडीडीएम कॉलेज) में महिलाओं के भविष्य को एक नई दिशा देने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। नांदी फाउंडेशन के ‘महिंद्रा प्राइड क्लासरूम’ कार्यक्रम के अंतर्गत 26 अक्टूबर से 2 नवंबर 2026 तक आयोजित होने वाले एक सप्ताह के रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज भव्य और धमाकेदार शुभारंभ हुआ। इस मेगा ट्रेनिंग प्रोग्राम में महाविद्यालय की लगभग 50 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक पंजीकरण कराया है।
मुजफ्फरपुर के एमडीडीएम कॉलेज में नांदी फाउंडेशन के ‘महिंद्रा प्राइड क्लासरूम’ के तहत आयोजित रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ करते अतिथिगण व प्राध्यापक,
विज्ञान से लेकर कला संकाय तक की छात्राओं में भारी उत्साह
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें केवल एक संकाय नहीं, बल्कि विभिन्न विषयों की छात्राएं बड़े पैमाने पर शामिल हो रही हैं। गणित, वाणिज्य, वनस्पति विज्ञान, प्राणी विज्ञान, राजनीति विज्ञान और अंग्रेजी सहित विभिन्न विभागों की छात्राओं ने इसमें भाग लेने के लिए अपना पंजीकरण कराया है। यह इस बात का प्रमाण है कि आज की बेटियां पारंपरिक उच्च शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक तकनीकी और व्यावसायिक दक्षता हासिल करने के लिए पूरी तरह गंभीर और तत्पर हैं।
शिक्षा के साथ व्यावहारिक दक्षता का होना अनिवार्य: प्राचार्या
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अलका जायसवाल ने बेहद महत्वपूर्ण और व्यावहारिक बात रखी। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक दौर में केवल किताबी या शैक्षणिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यावहारिक कौशल और व्यावसायिक दक्षता भी उतनी ही अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने पूरा विश्वास जताया कि यह एक सप्ताह का यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम छात्राओं को रोजगार के बेहतरीन अवसरों का लाभ उठाने और अपने भविष्य को और अधिक मजबूत तथा सुरक्षित बनाने में पूरी तरह सहायक सिद्ध होगा।
उद्योग जगत की जरूरतों को पूरा करेगा यह प्रशिक्षण: संयोजक
कार्यक्रम की संयोजक डॉ. माला ने इस ट्रेनिंग के मुख्य उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह कार्यक्रम छात्राओं के शैक्षणिक ज्ञान और उद्योग जगत (इंडस्ट्री) की आधुनिक आवश्यकताओं के बीच की दूरी को पाटने की दिशा में एक मील का पत्थर है। इसके माध्यम से छात्राओं को जीवनोपयोगी कौशल, व्यावसायिक दक्षता और रोजगार से जुड़ी जरूरी योग्यताओं की सटीक जानकारी मिलेगी। इससे उन्हें भविष्य में नौकरी और रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे तथा वे सही मायनों में आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
दीप प्रज्वलन और शानदार आगाज
कार्यक्रम की शुरुआत महिंद्रा प्राइड क्लासरूम की समन्वयक एवं रिसोर्स पर्सन स्पर्धा श्रीवास्तव के नेतृत्व में प्रशिक्षण सत्र के आधिकारिक शुभारंभ के साथ हुई। इस दौरान पूरा सभागार छात्राओं की ऊर्जा और उत्साह से सराबोर नजर आया।
मुजफ्फरपुर के एमडीडीएम कॉलेज में नांदी फाउंडेशन के ‘महिंद्रा प्राइड क्लासरूम’ के तहत आयोजित रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल अतिथिगण व प्राध्यापक, और साथ में मौजूद प्रशिक्षण ले रही छात्राएं।
ये रहे मौजूद
इस गरिमामयी और महत्वपूर्ण आयोजन में कॉलेज के कई जाने-माने शिक्षक और अधिकारी उपस्थित रहे। प्रतिभागी छात्राओं के अलावा कार्यक्रम में मीडिया प्रभारी एवं हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश रंजन, अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ. सगुफ्ता नाज, राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. आभा कुमारी, दर्शन शास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. नेहा रानी, डॉ. रिंकु कुमारी, डॉ. देवाश्रुति घोष, डॉ. आशा सिंह यादव, डॉ. रामदुलार सहनी, और डॉ. शमसीर अली सहित कई अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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बिहार लोक सेवा आयोग ने पंचायती राज विभाग के अंतर्गत अंकेक्षक (बिहार पंचायत अंकेक्षण सेवा) के पदों के लिए मुख्य लिखित प्रतियोगिता परीक्षा की आवश्यक सूचना जारी कर दी है। विज्ञापन संख्या 09/2026 के तहत होने वाली इस परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 29 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। योग्य उम्मीदवार 16 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा पंचायती राज विभाग में अंकेक्षक मुख्य लिखित प्रतियोगिता परीक्षा के संबंध में जारी आधिकारिक सूचना।
परीक्षा से जुड़ी मुख्य जानकारी:
सफल उम्मीदवार: प्रारंभिक परीक्षा में सफल कुल 1248 उम्मीदवार इस मुख्य लिखित परीक्षा में शामिल होने के लिए पात्र हैं।
शैक्षणिक योग्यता: इस परीक्षा के लिए आवेदन करने हेतु उम्मीदवार के पास मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से वाणिज्य, अर्थशास्त्र, सांख्यिकी अथवा गणित में से किसी एक विषय में स्नातक (आनर्स डिग्री धारक सहित पास कोर्स) की डिग्री होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त, एमबीए (वित्त), सीए, आईसीडब्लूए और सीएस डिग्रीधारी भी इस पद के लिए पात्र हैं।
परीक्षा का स्वरूप: मुख्य परीक्षा विषयनिष्ठ होगी, जिसमें अनिवार्य विषयों के रूप में सामान्य हिन्दी (100 अंक) और सामान्य अध्ययन के दो पत्र (प्रत्येक 300 अंक) शामिल हैं। इसके अलावा, वाणिज्य, अर्थशास्त्र, गणित और सांख्यिकी में से किसी एक वैकल्पिक विषय (300 अंक) का चयन करना होगा।
न्यूनतम अर्हता अंक: सामान्य वर्ग के लिए 40 प्रतिशत, पिछड़ा वर्ग के लिए 36.5 प्रतिशत, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए 34 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिलाओं और दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए 32 प्रतिशत न्यूनतम अंक लाना अनिवार्य है।
आवेदन शुल्क: सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशों के अनुसार, इस मुख्य परीक्षा के लिए कोई परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा।
अभ्यर्थी परीक्षा से संबंधित विस्तृत जानकारी, पाठ्यक्रम और अन्य दिशा-निर्देशों के लिए आयोग की आधिकारिक वेबसाइट https://bpsc.bihar.gov.in पर जा सकते हैं।
सतर्कता जागरूकता सप्ताह का आगाज; अपर सचिव रामाशंकर ने दिलाई ईमानदारी की शपथ, दो टूक कहा—रिश्वत लेना और देना दोनों महापाप!
पटना: बिहार की प्रशासनिक धुरी राजधानी पटना से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बहुत बड़ी और कड़क हुंकार भरी गई है। राज्य के महकमों में बैठे भ्रष्ट तत्वों और घूसखोरों की नींद उड़ाने के लिए निगरानी विभाग पूरी तरह मुस्तैद हो चुका है। अवसर था सतर्कता जागरूकता सप्ताह (26 अक्टूबर से 01 नवंबर 2026) के भव्य और धमाकेदार आगाज का, जिसकी शुरुआत के साथ ही सरकारी तंत्र में हड़कंप मच गया है।
सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को निगरानी विभाग, बिहार, पटना के मुख्य कार्यालय परिसर में एक उच्चस्तरीय और संकल्पित कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान विभाग के अपर सचिव रामाशंकर ने मोर्चा संभालते हुए कार्यालय के सभी पदाधिकारियों और कर्मियों को सत्यनिष्ठा, अटूट ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की शपथ दिलाई।
पटना स्थित निगरानी विभाग के कार्यालय परिसर में सतर्कता जागरूकता सप्ताह के शुभारंभ पर सत्यनिष्ठा और ईमानदारी की शपथ लेते अपर सचिव रामाशंकर, संयुक्त सचिव (विधि) जावेद आलम, उप सचिव अतकस बाड़ा, विशेष कार्य पदाधिकारी डेजी ईरानी एवं अन्य पदाधिकारी व कर्मी.
दो टूक संदेश: “रिश्वत लेना और देना दोनों महापाप”
कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक गलियारों में यह संदेश बिल्कुल साफ कर दिया गया कि सरकारी व्यवस्था में अब भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है। अपर सचिव रामाशंकर ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया कि रिश्वत लेना और इसे किसी भी रूप में बढ़ावा देना—दोनों ही गंभीर और नाकाबिले (अक्षम्य) अपराध हैं। भ्रष्टाचार के विरुद्ध सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत यह संकल्प लिया गया कि जनसेवा में पारदर्शिता, उच्च नैतिक मूल्य और पूर्ण सत्यनिष्ठा ही विभाग का मुख्य आधार होगी।
इन दिग्गजों की मौजूदगी ने बढ़ाई गंभीरता
भ्रष्टाचार के खिलाफ इस महाअभियान और शपथ ग्रहण समारोह में निगरानी विभाग के कई प्रमुख और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनकी उपस्थिति ने इस आयोजन को और अधिक धारदार बना दिया:
संयुक्त सचिव (विधि) जावेद आलम
उप सचिव अतकस बाड़ा
विशेष कार्य पदाधिकारी डेजी ईरानी इन तमाम वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ विभाग के अन्य दर्जनों कर्मी भी इस ऐतिहासिक संकल्प का हिस्सा बने और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था के निर्माण की प्रतिज्ञा ली।
घूसखोरों के लिए सीधी चेतावनी और कड़ा संदेश
इस आयोजन के जरिए यह साफ संदेश दिया गया है कि आने वाले दिनों में निगरानी विभाग भ्रष्टाचार के मामलों पर और अधिक आक्रामक रुख अपनाने वाला है। खाकी से लेकर खादी तक और निचले स्तर के कर्मियों से लेकर बड़े ओहदेदारों तक, सभी पर पैनी नजर रखी जाएगी। यदि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी घूसखोरी में लिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानून का डंडा पूरी सख्ती से चलेगा।
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पटना: बिहार की शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने और जमीनी वास्तविकताओं को समझने के उद्देश्य से आयोजित ‘शिक्षा संकल्प यात्रा‘ का समापन हो गया है। पटना के गर्दनीबाग स्थित बापू टावर में ‘शिक्षा संकल्प सम्मेलन सह सम्मान समारोह’ का आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
पटना के बापू टावर में आयोजित ‘शिक्षा संकल्प सम्मेलन’ के दौरान स्मारिका ‘सुमेधा’ का लोकार्पण करते हुए बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, यात्रा के नायक निमेष शुक्ला एवं अन्य गणमान्य अतिथि।
201 दिनों की यात्रा और जमीनी अनुभव
राज्य के सभी 38 जिलों में लगातार 201 दिनों तक चली इस यात्रा के दौरान यात्रा के नायक निमेष शुक्ला ने छात्र-छात्राओं की प्रतिभा, उनकी शैक्षणिक आवश्यकताओं और शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों को करीब से समझा है। शिक्षा मंत्री ने उनके इन प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के जमीनी अनुभवों से शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
शिक्षा मंत्री की मुख्य बातें :
नवाचार और शोध पर जोर: मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में वास्तविक सुधार के लिए जमीनी अनुभव, शोध और नवाचार का समन्वय जरूरी है।
छात्र-केंद्रित व्यवस्था: यात्रा के दौरान सामने आई जरूरतों और चुनौतियों के आधार पर शिक्षा व्यवस्था को अधिक गुणवत्तापूर्ण और छात्र-केंद्रित बनाया जाएगा।
संकल्प: सरकार का उद्देश्य है कि बिहार का प्रत्येक बच्चा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करे और विकसित बिहार के निर्माण में अपना योगदान दे।
स्मारिका ‘सुमेधा‘ का लोकार्पण और सम्मान
समारोह के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाले मार्गदर्शकों, शिक्षाविदों और विशिष्ट विभूतियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर स्मारिका ‘सुमेधा’ का भी लोकार्पण किया गया।
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पटना: कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वर्गीय पिता पर की गई टिप्पणी को लेकर बिहार की राजनीति में उबाल आ गया है। इस बयान के बाद राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कांग्रेस नेतृत्व पर चौतरफा हमला बोला है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ शब्दों में कहा कि देश के प्रधानमंत्री के परिवार के खिलाफ इस तरह की घटिया और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह घटना दर्शाती है कि कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री और उनके परिवार के प्रति कितनी दुर्भावना रखते हैं।
सम्राट चौधरी ने मांग की कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी को देश के प्रधानमंत्री के पिता के खिलाफ अपशब्दों के प्रयोग के लिए देश की जनता से तुरंत और बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने इस कृत्य को गंभीर बताते हुए कहा कि किसी के परिवार और विशेष रूप से दिवंगत पिता को राजनीति में घसीटना एक तरह का अपराध है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उनके नेता राजनीतिक मर्यादाओं को भूल चुके हैं और दुर्भावना से ग्रसित होकर ऐसी ओछी राजनीति पर उतर आए हैं।
पटना में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के पूज्य पिताजी के प्रति की गई अमर्यादित टिप्पणी स्वीकार्य नहीं।
समस्तीपुर : समस्तीपुर जिला पुलिस ने एक बार फिर अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। समस्तीपुर पुलिस, विशेष कार्य बल (STF) और जिला खुफिया इकाई (DIU) द्वारा चलाए गए एक संयुक्त और ताबड़तोड़ अभियान के तहत एक खतरनाक आपराधिक गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर मुफस्सिल थाना क्षेत्र के अंतर्गत जेल के पीछे वाले इलाके में छापेमारी कर 5 कुख्यात एवं पेशेवर अपराधियों को धर दबोचा है।इस सनसनीखेज कार्रवाई की जानकारी देते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) सदर-1 सतीश सुमन ने प्रेसवार्ता में बताया कि ये अपराधी किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे, जिसे पुलिस ने समय रहते विफल कर दिया।
समस्तीपुर में प्रेसवार्ता के दौरान मामले की जानकारी देते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर-1 सतीश सुमन और अन्य पुलिस अधिकारी।
भारी मात्रा में हथियार और नगदी बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार अपराधियों के पास से भारी मात्रा में अवैध हथियार और अन्य सामान बरामद किए हैं, जो उनके खौफनाक इरादों की गवाही दे रहे हैं:
2 देसी पिस्तौल
20 जिंदा कारतूस
4 मोबाइल फोन
32,000 रुपये नकद
गिरफ्तार 5 कुख्यात अपराधियों का काला चिट्ठा और आपराधिक इतिहास
पुलिस द्वारा पकड़े गए सभी पांचों अपराधी बेहद शातिर और पेशेवर हैं, जिनपर कई गंभीर मामले दर्ज हैं:
दीपक कुमार उर्फ डॉक्टर (पिता: विलियम कुमार, थाना: हसनपुर, जिला: समस्तीपुर): इनका एक बेहद लंबा-चौड़ा और खतरनाक आपराधिक इतिहास रहा है। इन पर हत्या के 3 मुकदमे, फिरौती के लिए अपहरण (किडनैपिंग फॉर रैनसम), लूट, आर्म्स एक्ट और नक्सली कांड दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, वैशाली जिले के पातेपुर थाने में वर्ष 2018 का एक नक्सली मामला भी इनसे जुड़ा है, जिसमें हत्या और फिरौती जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं।
चंदन कुमार उर्फ दीपक (पिता: रामदयाल सिंह, थाना: दलसिंहसराय, जिला: समस्तीपुर): इनके खिलाफ लूट के 7 मामले, चोरी की संपत्ति का अवैध व्यापार, आर्म्स एक्ट और रंगदारी के कई मुकदमे दर्ज हैं।
मोहम्मद रहमतुल्लाह उर्फ साहेब (पिता: मोहम्मद इशाक, थाना: मुफस्सिल, जिला: समस्तीपुर): यह चोरी की संपत्ति का अवैध कारोबार करने और आर्म्स एक्ट के मामलों में संलिप्त पाया गया है।
मोहम्मद तालिब (पिता: मोहम्मद कलीम, थाना: महुआ, जिला: वैशाली): इस पर पड़ोसी जिले वैशाली में एनडीपीएस (NDPS) यानी मादक पदार्थों की तस्करी का मामला दर्ज है।
राहुल कुमार (पिता: चंद्रप्रकाश पाल, थाना: मुफस्सिल, जिला: समस्तीपुर): इसके विरुद्ध पॉक्सो एक्ट के तहत गंभीर कांड दर्ज है।
कई जिलों में थी बड़ी डकैती और वारदातों की साजिश
प्राथमिक पूछताछ में खुलासा हुआ है कि ये सभी अपराधी मिलकर कई जिलों में भीषण वारदातों को अंजाम देने की योजना बना रहे थे:
वैशाली में पोस्ट ऑफिस लूट: इन अपराधियों द्वारा वैशाली जिले में एक पोस्ट ऑफिस को लूटने का असफल प्रयास किया गया था।
महुआ में डकैती की योजना: वैशाली के महुआ इलाके में एक बड़ी डकैती की साजिश रची जा रही थी।
ताजपुर में बड़ी प्लानिंग: समस्तीपुर जिले के ताजपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक घर को निशाना बनाकर वहां डकैती डालने की इनकी सक्रिय योजना थी।
4 अन्य अपराधी फरार, पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी जारी
इस छापेमारी के दौरान मुख्य सरगनाओं में से 4 अन्य अपराधी पुलिस को चकमा देकर मौके से फरार होने में सफल रहे। पुलिस ने उन सभी फरार अपराधियों की पहचान सुनिश्चित कर ली है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि इस गिरोह में कोई अन्य इनामी अपराधी या पड़ोसी जिलों का वांटेड शामिल है या नहीं।
इस सफल अभियान में इनकी रही अहम भूमिका
यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक महोदय के कुशल नेतृत्व में मुफस्सिल थानाध्यक्ष (इस्पेक्टर अजीत प्रसाद सिंह) और उनकी टीम के द्वारा की गई। इस संयुक्त अभियान में डीआईयू टीम, एसटीएफ और स्थानीय पुलिस बल के अधिकारियों व जवानों ने अपनी बहाูदुरी का परिचय दिया।
विशेष रूप से सब-इंस्पेक्टर कुंदन बास्की, अमित कुमार, दीपशिखा सिन्हा, राहुल कुमार, संदीप कुमार, प्रोबेशनरी सब-इंस्पेक्टर सौरभ कुमार सुमन, तथा सिपाही रोशन कुमार, सिपाही दिवास कुमार और सिपाही मोहम्मद मुस्तार की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही है। पुलिस ने सभी गिरफ्तार अपराधियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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दिल्ली(पीआईबी ) : राजधानी दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) की ज़हरीली हवा से जूझ रहे लोगों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। अब यह पता लगाना चुटकियों का खेल होगा कि सांसों में घुलने वाला ज़हर आखिर आ कहाँ से रहा है। केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जितेन्द्र सिंह ने दिल्ली-एनसीआर के लिए दुनिया की अपनी तरह की पहली अत्याधुनिक ‘एयर पॉल्यूशन एनालिसिस‘ सुविधा का औपचारिक उद्घाटन कर दिया है। इस क्रांतिकारी सुविधा का नाम ‘एकीकृत वायुमंडलीय रसायन विज्ञान और एरोसोल विषाक्तता विश्लेषण प्रयोगशाला‘ (एएटीएएल) रखा गया है, जो वास्तविक समय (रियल-टाइम) में प्रदूषण के असली गुनाहगारों और उनके ठिकानों की पोल खोलकर रख देगी।
केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह दिल्ली एनसीआर के लिए दुनिया की अपनी तरह की पहली ‘एयर पॉल्यूशन एनालिसिस’ सुविधा—एकीकृत वायुमंडलीय रसायन विज्ञान और एरोसोल विषाक्तता विश्लेषण प्रयोगशाला (एएटीएएल) का उद्घाटन करते हुए। इस अवसर पर उनके साथ पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव टी. श्रीनिवास कुमार, आईआईटीएम के निदेशक ए. सूर्यचंद्र राव और आईएमडी के महानिदेशक महापात्रा भी उपस्थित रहे।
सिर्फ हवा का स्तर नहीं, बल्कि प्रदूषण की कुंडली बांचेगी नई तकनीक
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री जितेन्द्र सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अभी तक चर्चा सिर्फ इस बात पर सिमटी रहती थी कि वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) का स्तर 100 है या 200। लेकिन यह नई प्रयोगशाला इस पारंपरिक दायरे से कहीं आगे निकलकर यह बताएगी कि हवा में मौजूद प्रदूषण की बनावट कैसी है, उसमें कौन-कौन से जहरीले तत्व मिले हैं, किस स्रोत का कितना योगदान है और मानव स्वास्थ्य पर इसका कितना खतरनाक असर पड़ सकता है।
इस प्रयोगशाला के जरिए यह साफ तौर पर पता लगाया जा सकेगा कि किसी खास समय में प्रदूषण के लिए वाहन कितना धुआं छोड़ रहे हैं, औद्योगिक गतिविधियां कितनी जिम्मेदार हैं, पराली या बायोमास जलाना कितना भारी पड़ रहा है तथा निर्माण कार्य और सड़क की धूल कितना जहर फैला रही है।
प्रशिक्षण और लाइव आंकड़ों का बड़ा खुलासा
उद्घाटन के दौरान पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में लाइव स्क्रीन का हवाला देते हुए यह बताया गया कि किस तरह यह प्रणाली काम करती है। एक बानगी के तौर पर उस सटीक क्षण में जब कुल प्रदूषण का स्तर लगभग 180 दर्ज किया गया था, तब इस तकनीक ने साफ कर दिया कि अकेले परिवहन क्षेत्र का योगदान उस समय लगभग 25 प्रतिशत था। इस तरह की सटीक और पल-पल की जानकारी मिलने से प्रशासन हवा में तीर चलाने के बजाय सीधे और सटीक ठिकानों पर प्रभावी कार्रवाई कर सकेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मिशन मौसम‘ का बड़ा विजन
यह अत्याधुनिक प्रयोगशाला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा घोषित महत्वाकांक्षी ‘मिशन मौसम‘ के तहत स्थापित की गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य वायुमंडलीय प्रदूषण की वैज्ञानिक समझ को बेहद मजबूत करना और ठोस साक्ष्यों के आधार पर नीतिगत फैसले लेना है। यह प्रोजेक्ट भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) की दिल्ली शाखा में शुरू किया गया है।
इस हाई-टेक लैब के उद्घाटन समारोह में पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव टी. श्रीनिवास कुमार, आईआईटीएम के निदेशक ए. सूर्यचंद्र राव और भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक महापात्रा विशेष रूप से मौजूद रहे। इसके अलावा परियोजना के प्रमुख लोगों और विशेषज्ञों ने बताया कि यह सुविधा वायु गुणवत्ता चेतावनी और उत्सर्जन प्रणाली (एयरवाइज) के साथ पूरी तरह एकीकृत है। यह प्रणाली अगले 72 घंटों से लेकर अगले चार दिनों तक का अति-सटीक पूर्वानुमान (400 मीटर के सूक्ष्म स्थानिक रिज़ॉल्यूशन पर) प्रदान करेगी, जिससे प्रशासन को पहले से कमर कसने का मौका मिलेगा।
सरकार के सभी विभागों का समन्वित प्रयास
मंत्री जितेन्द्र सिंह ने जोर देकर कहा कि वायु प्रदूषण जैसी विकराल समस्या से निपटने के लिए किसी एक विभाग के बूते काम नहीं चल सकता। इसके लिए प्रधानमंत्री के ‘संपूर्ण सरकार’ के दृष्टिकोण के तहत पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम), प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को एक साथ मिलकर कंधे से कंधा मिलाकर काम करना होगा।
इस नई प्रयोगशाला के आने से अब वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) और अन्य कार्यकारी एजेंसियों को ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के तहत सख्त कदम उठाने और लक्षित रणनीतियां बनाने में अभूतपूर्व मदद मिलेगी। आने वाले समय में यह तकनीक दिल्ली-एनसीआर के करोड़ों नागरिकों को साफ हवा दिलाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।
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सकरा (मुजफ्फरपुर): बरियारपुर थाना अंतर्गत सुंदरपुर इलाके में चल रहे अवैध काले कारोबार का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। प्रशासन ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर अवैध खाद निर्माण और भंडारण करने वाली एक मिनी फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। इस बड़ी कार्रवाई के दौरान मौके से भारी मात्रा में नकली खाद, वाहन और निर्माण से जुड़ी सामग्रियां जब्त की गई हैं, साथ ही दो लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।
बरियारपुर थाना क्षेत्र में अवैध खाद मिनी फैक्ट्री के खुलासे के बाद मामले की जानकारी देते पुलिस पदाधिकारी एवं बरामद सामग्री के साथ गिरफ्तार अभियुक्त।
विशेष टीम ने की छापेमारी
इस संबंध में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पूर्वी-02, मनोज कुमार सिंह ने प्रेस एवं मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि बरियारपुर थाना क्षेत्र के सुंदरपुर में अवैध रूप से खाद के निर्माण, बिक्री, भंडारण और परिवहन किए जाने की सूचना मिली थी। इस सूचना के सत्यापन और त्वरित कार्रवाई के लिए वरीय अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इस विशेष टीम में बरियारपुर के (सकरा) अंचल अधिकारी, जिला सूचना इकाई और कृषि विभाग के पदाधिकारी शामिल थे।
बरामदगी और गिरफ्तारियां
सत्यापन के दौरान जब टीम ने चिन्हित स्थल पर छापा मारा, तो वहां अवैध कारोबार का भंडाफोड़ हुआ। मौके से निम्नलिखित सामग्रियां और वाहन बरामद किए गए:
208 बोरे अवैध खाद
02 पिकअप वाहन
खाद निर्माण में प्रयुक्त अन्य सामग्रियां जैसे – 03 बाल्टी, 02 मग, 02 कुदाल, 10 पीस धागा, 621 खाली बोरे, 14 पैकेट रंग तथा अन्य उपकरण।
इस मामले में पुलिस ने मौके से संलिप्त दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान अंजन कुमार और गीता देवी के रूप में हुई है।
ब्लैक मार्केटिंग और नेटवर्क की जांच जारी
पत्रकारों द्वारा यह पूछे जाने पर कि क्या यह माल दुकानदारों तक भी सप्लाई किया गया है, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पूर्वी-02, मनोज कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस इस बिंदु पर भी गहराई से छानबीन कर रही है। उन दुकानदारों का भी पता लगाया जा रहा है जो इस ब्लैक मार्केटिंग में शामिल हैं, और संलिप्त पाए जाने वाले अन्य लोगों पर भी कड़ी विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से सकरा और बरियारपुर थाना क्षेत्र में नकली खाद मिलने की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। इन क्षेत्रों में अवैध खाद और दवा दुकानों की बड़ी संख्या होने के बावजूद पहले प्रशासनिक कार्रवाई सुस्त नजर आ रही थी, लेकिन इस बड़ी कार्रवाई से खाद माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
सकरा और बरियारपुर में नकली खाद व अवैध दवा दुकानों का जाल: प्रशासन की सुस्ती पर खड़े हो रहे बड़े सवाल
सकरा एवं बरियारपुर थाना क्षेत्र में लंबे समय से नकली खाद और अमानक उर्वरकों के धड़ल्ले से बाजार में खपाए जाने की बात लगातार सामने आ रही थी। स्थिति यह है कि इन दोनों ही थाना क्षेत्रों में अवैध खाद और बिना लाइसेंस वाली दवा तथा उर्वरक दुकानों की एक बहुत बड़ी संख्या संचालित हो रही है, इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक और विभागीय कार्रवाई की रफ्तार बेहद सुस्त बनी हुई है। किसानों के खेतों की उर्वरा शक्ति को बर्बाद करने वाले और उनकी गाढ़ी कमाई लूटने वाले इन खाद माफियाओं पर समय रहते नकेल न कसा जाना प्रशासनिक कार्यशैली पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है। हालांकि सुंदरपुर में हाल ही में हुई मिनी फैक्ट्री की छापेमारी और खुलासे के बाद अब यह उम्मीद जगी है कि पुलिस और कृषि विभाग की संयुक्त टीमें इस पूरे नेक्सस को खंगालते हुए अन्य अवैध दुकानों और कालाबाजारियों तक भी अपने हाथ पहुंचाएंगी, ताकि अन्नदाताओं के साथ हो रहे इस बड़े छलावे को रोका जा सके।
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आत्मनिर्भर भारत की उड़ान: विदेशों में धूम मचा रहे स्वदेशी उत्पाद, प्रधानमंत्री ने की पारंपरिक हुनर की सराहना
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 139वीं कड़ी के दौरान देशवासियों को संबोधित करते हुए वोकल फॉर लोकल, देश के विभिन्न हिस्सों में हो रहे पारंपरिक विकास, स्वास्थ्य तकनीक, वैज्ञानिक अनुसंधान और महान व्यक्तित्वों के योगदान पर विस्तृत चर्चा की। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के स्थानीय उत्पाद और स्वदेशी भावना अब वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहे हैं।
वैश्विक बाजारों में छा रहा भारत का मखाना और अरहर दाल
‘मन की बात’ कार्यक्रम के दौरान राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री
त्योहारी सीजन में लोगों द्वारा स्वदेशी उत्पादों को अत्यधिक महत्व दिए जाने की बात कहते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि ‘वोकल फॉर लोकल‘ की भावना हमारे उत्पादों को दुनिया के बाजारों तक पहुंचा रही है। बिहार के पूर्णिया का मखाना अब ग्रीस पहुंच रहा है, जबकि कर्नाटक के कलबुर्गी की अरहर दाल मालदीव जा रही है, जिससे भारतीय किसानों के लिए वैश्विक स्तर पर नए बाजार खुल रहे हैं। इसके साथ ही, महाराष्ट्र के आदिवासी समुदायों द्वारा ‘शबरी नेचुरल्स’ के माध्यम से शहद, महुआ, चिरौंजी और बांस से बने उत्पाद बाजार में लाए जा रहे हैं। इन उत्पादों की आदिवासी कला से सुसज्जित पैकेजिंग को जापान का प्रतिष्ठित ‘गुड डिजाइन अवार्ड’ प्राप्त हुआ है। इसके अलावा, कर्नाटक का बांस स्टार्ट-अप और खादी ग्रामोद्योग के उत्पादों की बढ़ती बिक्री (गांधी जयंती पर एक दिन में अट्ठाईस करोड़ रुपए से अधिक) यह दर्शाती है कि पारंपरिक हुनर को नया बल मिल रहा है।
पंजाब में पारंपरिक कृषि और बुनकरी का नया दौर
पारंपरिक हुनर के संवर्धन का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने पंजाब के ‘खेती विरासत मिशन‘ और ‘नव-त्रिन्जन‘ अभियान का विशेष उल्लेख किया। इस पहल के तहत मालवा क्षेत्र में बिना रसायन के जैविक कपास उगाई जा रही है, जिसमें प्राकृतिक रंगों वाली कपास भी शामिल है। यहाँ संचालित वीविंग स्कूल में प्रशिक्षण प्राप्त कर रमनदीप कौर मजदूर से कुशल बुनकर बनी हैं, रेखा रानी द्वारा बुनी गई शॉल देश की राष्ट्रपति को भेंट की गई है, तथा सुनेहा देवी और रजनी कौर जैसी महिलाओं ने ऑर्गेनिक कॉटन से कपड़े तैयार कर आत्मनिर्भरता हासिल की है।
जल संरक्षण और नदियी पुनर्जीवन
प्रकृति के प्रति सम्मान और संरक्षण की परंपरा का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल का जिक्र किया, जहां स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों के सामूहिक प्रयासों से ‘हेवल‘ नदी और दर्जनों सूखते प्राकृतिक जल-स्रोतों को नया जीवनदान मिला है। वर्षा जल संचयन और बड़े पैमाने पर पौधारोपण से क्षेत्र में यह सकारात्मक बदलाव आया है।
स्वास्थ्य और तकनीक का संगम: ई-संजीवनी योजना
प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक के बेहतर उपयोग पर प्रकाश डालते हुए बताया कि ‘ई-संजीवनी योजना‘ के तहत अब तक लगभग 50 करोड़ टेली-कौंसिलेशन पूरे हो चुके हैं। अंडमान-निकोबार के बाराटाँग द्वीप में जारवा जनजाति के बच्चे, लक्षद्वीप के कल्पेनी के कुन्ही कोया, लद्दाख की कुंजांग डोलमा, और नागालैंड के मुशेम जैसे दूरदराज के मरीजों को इस सेवा से विशेषज्ञ डॉक्टरों की त्वरित सलाह और राहत मिली है। देश भर में लगभग 1 लाख 90 हजार आयुष्मान आरोग्य मंदिर गाँवों में नियमित स्वास्थ्य जांच की सुविधा दे रहे हैं।
विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में नए आयाम
चेन्नई यात्रा और आईआईटी मद्रास के अपने अनुभवों को साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के युवा डीप-टेक और वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य कर रहे हैं। आईआईटी मद्रास में ‘सुधा गोपाल कृष्णन ब्रेन सेंटर‘ का लोकार्पण किया गया है, जो परम शक्ति सुपर कंप्यूटर की मदद से 100 मानव मस्तिष्क की 3डी मैपिंग का दुनिया का पहला अनूठा मिशन चला रहा है। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम की शिवानी के सड़क दुर्घटना के बाद उनके परिवार द्वारा अंगदान का सराहनीय निर्णय लिया गया, जिससे न केवल कई जीवन बचे बल्कि चिकित्सा अनुसंधान को भी बल मिला। इसके अलावा, स्वर्ण शुद्धता की जांच, बैंक धोखाधड़ी रिकवरी, सर्वाइकल कैंसर की एआई स्क्रीनिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए तीव्र चार्जिंग बैटरी जैसे क्षेत्रों में युवा स्टार्टअप नए समाधान विकसित कर रहे हैं।
महान वैज्ञानिकों और विभूतियों को नमन
कार्यक्रम में 31 अक्टूबर को आने वाली नरिंदर सिंह कपानी की 100वीं जन्मजयंती का स्मरण किया गया, जिन्हें फाइबर ऑप्टिक्स के जनक के रूप में जाना जाता है। साथ ही, सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर आयोजित होने वाली ‘रन फॉर यूनिटी‘ (एकता दौड़) में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया गया।
मिलेट्स और सांस्कृतिक धरोहर
अंतरराष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष के प्रभाव का उल्लेख करते हुए मेघालय के खांडुली गाँव की दो सहेलियों और सादोलपाड़ा के चेकजिंग संगमा तथा नागालैंड के केज़ोमा गाँव के लोगों द्वारा मिलेट्स (श्रीअन्न) की खेती, कुकीज़, केक और बेबी फूड जैसे उत्पादों के जरिए पारंपरिक फसलों को पुनर्जीवित करने की सराहना की गई। इसके अलावा, महर्षि वाल्मीकि जयंती, आगामी दीवाली और छठ महापर्व के साथ-साथ 4 नवंबर को भाई परमानंद की 150वीं जयंती और उनके स्वतंत्रता संग्राम में योगदान का भी स्मरण किया गया।प्रधानमंत्री ने सभी देशवासियों को आगामी त्योहारों की शुभकामनाएं देते हुए स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने और ‘वोकल फॉर लोकल’ को मजबूत करने का संदेश दिया।
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