Sunday, June 7, 2026

बिहार विधान परिषद चुनाव 2026: भाजपा और जदयू ने उतारे धुरंधर, कइयों के कटे पत्ते, देखें उम्मीदवारों की पूरी लिस्ट!

नीतीश कुमार के सिपहसालारों और भाजपा के दिग्गजों के नामों पर लगी मुहर, सूची जारी होते ही राजनीतिक गलियारों में मची खलबली!

पटना/नई दिल्ली। बिहार की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। बिहार विधान परिषद की द्विवार्षिक चुनाव और उपचुनाव 2026 के लिए सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के दोनों प्रमुख घटक दलों— भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल (यूनाइटेड) ने अपने-अपने उम्मीदवारों के नामों का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। सूची जारी होते ही राज्य में सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है।

भाजपा ने जारी की लिस्ट, केंद्रीय नेतृत्व की मुहर

भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने दिल्ली स्थित मुख्यालय (6ए, दीनदयाल उपाध्याय मार्ग) से आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बिहार विधान परिषद द्विवार्षिक चुनाव 2026 के लिए अपने 4 उम्मीदवारों की सूची को हरी झंडी दे दी है। बीजेपी की लिस्ट में सामाजिक समीकरणों को साधते हुए अनुभवी चेहरों पर दांव लगाया गया है।

भाजपा के उम्मीदवार:

  1. पवन सिंह
  2. डॉ. संजय मयूख
  3. अनिल कुमार ठाकुर
  4. शीला पंडित

भाजपा बिहार के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने सभी प्रत्याशियों को बधाई देते हुए कहा, केंद्रीय नेतृत्व द्वारा घोषित सभी प्रत्याशियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ। आप सभी के उज्ज्वल भविष्य और चुनावी सफलता के लिए मेरी मंगलकामनाएं।”

नीतीश कुमार की जदयू ने बिछाई चुनावी बिसात

दूसरी तरफ,पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई वाली जनता दल (यूनाइटेड) ने भी वीरचन्द पटेल पथ, पटना स्थित अपने प्रदेश कार्यालय से प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी है। जदयू की ओर से 3 सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव और 1 सीट पर उपचुनाव के लिए प्रत्याशी मैदान में उतारे गए हैं।

चित्र में ऊपर मुख्य केंद्र में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और जदयू के सर्वमान्य नेता श्नीतीश कुमार नजर आ रहे हैं। वहीं नीचे के घेरे में पार्टी के समर्पित शीर्ष चेहरे और घोषित उम्मीदवार हैं, जो संगठन के भरोसे और जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए ‘तीर’ के निशान के साथ चुनावी मैदान में उतर चुके हैं।

जदयू के उम्मीदवार (द्विवार्षिक चुनाव):

  1. निशान्त (जिला – पटना)
  2. भारती मेहता (जिला – मधुबनी)
  3. शिवरानी देवी प्रजापति (जिला – पश्चिम चम्पारण)

जदयू के उम्मीदवार (उपचुनाव):

 4. ललन प्रसाद (जिला – शेखपुरा)

पार्टी आलाकमान ने जताया पूर्ण भरोसा

उम्मीदवारों की घोषणा के बाद जदयू खेमे में भारी उत्साह है। पार्टी ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा, माननीय नीतीश कुमार जी के मार्गदर्शन एवं बिहार के समग्र विकास के प्रति जनता दल (यू) की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ सभी प्रत्याशियों को हार्दिक बधाई। हमें पूर्ण विश्वास है कि आप सभी जनता की आकांक्षाओं और संगठन द्वारा व्यक्त किए गए विश्वास पर खरे उतरते हुए जनसेवा तथा विकास के संकल्प को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।”

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शिक्षा तंत्र में ‘कोचिंग माफिया’ का ‘डेथ वारंट’! प्रशांत किशोर का सबसे बड़ा विस्फोट— जब तक कोचिंग हावी रहेंगी, तब तक लीक होते रहेंगे पेपर!

पटना/ब्यूरो रिपोर्ट: देश में लगातार हो रहे पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में मचे घमासान के बीच जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर (पीके) ने एक ऐसा सनसनीखेज बयान दिया है, जिसने देश के शिक्षा जगत और सियासी गलियारों में भूकंप ला दिया है। प्रशांत किशोर ने सीधे तौर पर दावा किया है कि पेपर लीक कोई व्यक्तिगत गड़बड़ी नहीं, बल्कि एक गहरा संस्थागत भ्रष्टाचार है, जिसकी असली जड़ें तेजी से फल-फूल रहे कोचिंग संस्थानों के साम्राज्य में धंसी हुई हैं।

कड़वा सच बोलते पीके: ‘जन सुराज’ के अभियान के दौरान मीडिया से मुखातिब होकर देश के शिक्षा तंत्र पर तीखा हमला बोलते प्रशांत किशोर।

चाहे कोई भी दावा कर ले, आगे भी लीक होंगे पेपर!”

मीडिया से खुलकर बात करते हुए प्रशांत किशोर ने सरकार के तमाम दावों की धज्जियां उड़ा दीं। उन्होंने दो टूक कहा, दो वर्ष पहले भी देश के स्तर पर नीट (NEET) का पेपर लीक हुआ था, इस बार भी हुआ है और लिखकर रख लीजिएआगे भी होगा! देश में शायद ही कोई ऐसी परीक्षा बची है, जिसका पेपर लीक न हो रहा हो।” पीके ने इस गंभीर बीमारी की असली वजह का पर्दाफाश करते हुए कहा कि पिछले 10 से 15 सालों में देश के भीतर कोचिंग संस्थाओं का दबदबा इस कदर बढ़ चुका है कि वे अब ‘माफिया’ की तरह काम कर रही हैं।

कोचिंग संस्थाएं किसी भी हद तक जाने को तैयार

प्रशांत किशोर ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कोचिंग संस्थान बच्चों को अपने यहाँ आकर्षित करने और अपनी ब्रांडिंग चमकाने के लिए कुछ भी कीमत” देने को तैयार हैं। यही अंधाधुंध पैसा और लालच पेपर लीक के इस काले कारोबार को ऑक्सीजन दे रहा है।

सिस्टम पर खड़े हुए बड़े सवाल

प्रशांत किशोर के इस सीधे हमले ने अब एक नई बहस छेड़ दी है। क्या वाकई करोड़ों-अरबों का टर्नओवर रखने वाले ये कोचिंग संस्थान देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं? पीके के इस ‘विस्फोट’ के बाद अब गेंद सरकार के पाले में है कि वह इन कोचिंग संस्थाओं के बढ़ते शिकंजे पर लगाम लगाने के लिए क्या कदम उठाती है।

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बुलडोजर राज और बेलगाम महंगाई पर भाकपा माले का आर-पार! गांव-गांव सुलग रही जन-आंदोलन की चिंगारी

ताजपुर में प्रखंड कमिटी की रणनीतिक बैठक में बनी सरकार को घेरने की अचूक रणनीति; बिजली, सड़क, अपराध और बेरोजगारी पर सीधे टकराने का महासंकल्प।

ताजपुर/समस्तीपुर, 4 जून 2026 बिहार में गरीब-गुरबों की आवाज बुलंद करने वाली पार्टी भाकपा माले ने अब सरकार की दमनकारी और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ सीधे युद्ध का बिगुल फूंक दिया है। ताजपुर प्रखंड कमिटी की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और गर्मा गरम बैठक में क्षेत्र की बदहाल स्थिति को लेकर सरकार पर तीखे हमले किए गए। बैठक में मुख्य रूप से आसमान छूती महंगाई, भयावह बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था के पूरी तरह ध्वस्त होने तथा गरीबों के आशियाने पर चल रहे बुलडोजर राज के खिलाफ एक व्यापक और उग्र जन-आंदोलन खड़ा करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है।

ताजपुर प्रखंड कमिटी की अहम बैठक में लाल बैनर के नीचे हुंकार भरते प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह, मुख्य पर्यवेक्षक सह जिला सचिव प्रो० उमेश कुमार एवं पार्टी के अन्य जांबाज नेता व कार्यकर्ता। जन-मुद्दों पर आर-पार की लड़ाई का संकल्प लेते हुए।

गरीबों पर बुलडोजर चलाना बर्दाश्त नहीं करेगी माले”

बतौर पर्यवेक्षक बैठक को संबोधित करते हुए भाकपा माले के जिला सचिव प्रो० उमेश कुमार ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि वर्तमान सरकार पूरी तरह से संवेदनहीन हो चुकी है। वह आम जनता और किसानों-मजदूरों के बुनियादी हकों को नजरअंदाज कर सीधे तौर पर दमनकारी नीतियों को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा, गरीबों, मजदूरों, किसानों और समाज के सबसे कमजोर तबकों की बुनियादी समस्याओं का न्यायसंगत समाधान खोजने के बजाय, सरकार अपनी ताकत के नशे में चूर होकर बुलडोजर की हिंसक राजनीति कर रही है। भाकपा माले इस तानाशाही को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।”

अफसरशाही के खिलाफ घेराव और गांव-गांव महासंपर्क

बैठक की अध्यक्षता कर रहे प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने आगामी रणनीति का खुलासा करते हुए कहा कि पार्टी चुप नहीं बैठेगी। जन-मुद्दों को लेकर अब सीधे ‘गांव-गांव जनसंपर्क अभियान’ चलाया जाएगा। आम जनता को टोलों और गांवों में बड़े पैमाने पर संगठित कर चरणबद्ध और आर-पार का आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस रणनीति के तहत बिजली की किल्लत, टूटी सड़कें, पानी की समस्या, राशन की कालाबाजारी, पीएम आवास योजना में भ्रष्टाचार, मनरेगा में काम न मिलना और किसानों की बदहाली को लेकर सीधे संबंधित अधिकारियों के दफ्तरों का घेराव कर मांगपत्र सौंपा जाएगा।

बढ़ते अपराध, बलात्कार और हत्या पर फूटा गुस्सा

बैठक में सूबे में लगातार बढ़ती बलात्कार, हत्या और भीषण अपराध की घटनाओं की कड़े शब्दों में निंदा की गई और अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण बंद करने की मांग की गई। संगठन को और अधिक धारदार बनाने के लिए जून महीने में महिला संगठन ऐपवा, युवा संगठन आरवाईए, छात्र संगठन आइसा, किसान महासभा और खेग्रामस की विस्तारित बैठकें और कन्वेंशन आयोजित कर युवाओं और महिलाओं को इस महासंग्राम से जोड़ने का महा-संकल्प लिया गया।

इन दिग्गजों ने भरी हुंकार

इस महा-बैठक में संगठन को मजबूत बनाने और सदस्यता अभियान तेज करने का संकल्प लिया गया। बैठक में मुख्य रूप से आसिफ होदा, ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, प्रभात रंजन गुप्ता, मो० एजाज, संजीव कुमार राय, मुंशीलाल राय, नीलम देवी, रंजू कुमारी, मुकेश कुमार गुप्ता, शंकर महतो, ललन दास, राजदेव प्रसाद सिंह, जीतेंद्र सहनी समेत दर्जनों पार्टी नेताओं और जांबाज कार्यकर्ताओं ने जन-संघर्षों को अंतिम सांस तक तेज करने पर जोर दिया।

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हर तरफ मची खलबली, क्या आपने इसे देखा है? खोजने वाले को ₹5000 का नकद इनाम, घर पहुँचाने का खर्च अलग से देगा परिवार!

घाव के कारण बांया पैर फेंक कर चलता है और ‘मिंटू’ नाम सुनते ही पलट जाता है… क्या आपने सकरा (ढोली बाजार) के इस लापता युवक को कहीं देखा है?

सकरा (मुजफ्फरपुर): बिहार के मुजफ्फरपुर जिला अंतर्गत सकरा थाना क्षेत्र के ढोली बाजार से एक बेहद संवेदनशील और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ का रहने वाला 35 वर्षीय युवक वैभव कुमार उर्फ मिंटू कुमार बीते 22 अप्रैल 2026 से रहस्यमय परिस्थितियों में अचानक लापता हो गया है। युवक के इस तरह अचानक गायब हो जाने से पूरे इलाके में खलबली मच गई है। परिजनों ने रिश्तेदारों से लेकर हर संभावित जगह पर उसकी काफी खोजबीन की, लेकिन काफी दिन बीत जाने के बाद भी मिंटू का कहीं कोई सुराग नहीं मिल पाया है। ढोली बाजार स्थित उसके घर में चूल्हा जलना मुश्किल हो गया है और बूढ़े माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।

दिमागी रूप से है कमजोर, ‘मिंटू’ सुनते ही पलट जाता है चेहरा

पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, लापता वैभव उर्फ मिंटू दिमागी रूप से मंदबुद्धि (कमजोर) है। हालाँकि, उसकी एक सबसे बड़ी और विशेष पहचान यह है कि यदि कोई उसे उसके पुकारू नाम मिंटू” से आवाज देता है, तो वह तुरंत पलटकर देखने लगता है। अगर कोई उससे प्यार से पूछताछ करे, तो वह अपने पिता का नाम और गाँव का पता भी बता देता है।

पैर में है घाव, लंगड़ाकर(फेंक-फेंक कर)चलना है मुख्य पहचान

लापता मिंटू को पहचानने के लिए कुछ बेहद खास शारीरिक लक्षण हैं, जिन्हें देखकर आप उसे आसानी से पहचान सकते हैं:

  • शारीरिक बनावट और हुलिया: उसकी उम्र लगभग 35 वर्ष है, लेकिन देखने में वह 30 साल के आसपास का प्रतीत होता है। उसकी लम्बाई 5 फीट 4 इंच है और रंग हल्का सांवला है। चेहरे पर हल्की दाढ़ी-मूंछ है, जो इतने दिनों से लापता होने के कारण अब बढ़ी हुई हो सकती है।
  • चाल और घाव का निशान (सबसे बड़ी पहचान): मिंटू के बायें पैर में गहरा घाव है, जिसके कारण वह पैर फेंक-फेंक कर (लंगड़ाकर) चलता है। इसके साथ ही उसके बायें ठेहुना (घुटने) के ठीक नीचे भी घाव का एक बड़ा निशान मौजूद है।
  • आखिरी बार देखा गया पहनावा: जब वह घर से निकला था, तब उसने ऑरेंज कलर (नारंगी) का हाफ टी-शर्ट और ब्लू कलर (नीला) का पैजामा (लोअर) पहना हुआ था।

इन इलाकों और रास्तों में देखे जाने की है बड़ी आशंका

परिजनों को स्थानीय सूत्रों से जानकारी मिली है कि लापता होने के बाद इस युवक को भटकते हुए बंदरा  के मतलुपुर मंदिर, पूसा बाजार, ताजपुर, सकरा के सबहा चौक , दरधा बाजार एवं सकरा के बाजी के आसपास देखा गया है। आशंका जताई जा रही है कि वह दिमागी हालत ठीक न होने के कारण रास्ता भूल गया है और इसी रूट पर या इसके आसपास के किसी गाँव-कस्बे में भटक रहा है।

तस्वीर में दिख रहा यही वह मासूम युवक वैभव कुमार उर्फ मिंटू है, जो सकरा के ढोली बाजार से लापता है। इसके बायें पैर में घाव है और यह फेंक-फेंक कर चलता है। इसे ढूंढने में परिवार की मदद करें।

सूचना देने वाले को ₹5,000 नकद इनाम, घर पहुँचाने का भाड़ा-किराया अलग से!

लापता मिंटू के बेबस परिवार ने जनता और राहगीरों से हाथ जोड़कर भावुक अपील की है। परिवार ने ऐलान किया है कि जो भी व्यक्ति इस युवक को ढूंढने में मदद करेगा या इसके संबंध में कोई भी सटीक व सही सूचना देगा, उसे ₹5,000 (पाँच हजार रुपये) का नकद पुरस्कार तुरंत दिया जाएगा। इसके अलावा, जो भी सहृदय व्यक्ति मिंटू को सुरक्षित उसके घर तक पहुँचाएगा, उसे आने-जाने का पूरा भाड़ा, गाड़ी का किराया और अन्य सभी खर्चे परिवार की तरफ से अलग से (अतिरिक्त) दिए जाएंगे।

यदि कहीं दिखे, तो तुरंत इन नंबरों पर घुमाएं फोन:

अगर आपको अपनी दुकान, बाजार, सड़क, स्टेशन या किसी धार्मिक स्थल के पास इस हुलिए का कोई व्यक्ति दिखाई दे, तो कृपया इंसानियत के नाते तुरंत नीचे दिए गए पते और मोबाइल नंबरों पर संपर्क करें या नजदीकी पुलिस स्टेशन (सकरा थाना) को सूचित करें:

  • परिजनों का मोबाइल नंबर: 9934285446 / 9572182951
  • घर का पता: पिता – श्याम बाबू चौधरी, ग्राम – ढोली बाजार, पोस्ट – रैनी, थाना – सकरा, जिला – मुजफ्फरपुर, राज्य – बिहार, पिन – 843121।

(अपील: एक मंदबुद्धि युवक को उसके माता-पिता से मिलाने के लिए इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाएं।)

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बिहार पुलिस का आ गया ‘महाअस्‍त्र’: अब अपराधियों की खैर नहीं! DGP विनय कुमार का वो ‘गुप्त ब्रह्मास्त्र’, जिससे कांप उठेंगे सूबे के बदमाश!

  • थानेदार से लेकर DGP तक एक क्लिक पर जुड़े: बिहार पुलिस मुख्यालय में लॉन्च हुआ हाईटेक ‘PSM App’
  • दरोगा जी ने आज क्या किया? अब साहब सीधे पटना से रखेंगे लाइव नजर; कोई नहीं बना पाएगा बहाना!
  • अपराधियों का पूरा कच्चा चिट्ठा, मालखाना और गश्ती का नक्शा… अब सब कुछ होगा डिजिटल‘!

पटना, 03 जून 2026 बिहार में कानून व्यवस्था को लेकर अब तक का सबसे बड़ा और सबसे धमाकेदार डिजिटल सर्जिकल स्ट्राइक हुआ है! अब राज्य के अपराधियों, छर्रों और कामचोर पुलिसकर्मियों की खैर नहीं है। बिहार पुलिस के मुखिया यानी पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार ने आज बिहार पुलिस मुख्यालय के हाईटेक कॉन्फ्रेंस हॉल में एक ऐसे डिजिटल ‘ब्रह्मास्त्र’ का शुभारंभ किया है, जो पूरे महकमे की सूरत और सीरत बदल कर रख देगा। इस क्रांतिकारी एप्लीकेशन का नाम है— PSM (Police Station Management) Application

डिजिटल युग में बिहार पुलिस: बिहार पुलिस मुख्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में ‘PSM Application’ की लॉन्चिंग के अवसर पर बैठक की अध्यक्षता करते पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार एवं पुलिस के अन्य वरिष्ठ आला अधिकारी।

इस ऐप के आते ही बिहार पुलिस का पूरा सिस्टम अब ‘थ्री-जी’ और ‘फोर-जी’ की रफ्तार से भी तेज भागेगा। थानेदार साहब ने आज क्षेत्र में क्या किया, दरोगा जी की डायरी कितनी आगे बढ़ी, और गश्ती गाड़ी कहाँ घूम रही है— इन सब की पल-पल की रिपोर्ट अब सीधे पटना मुख्यालय में बैठे आला अधिकारियों की स्क्रीन पर फ्लैश होगी।

एक क्लिक पर जुड़ेगा पूरा महकमा, अपराधियों पर तीसरी आंखका पहरा!

इस ‘PSM App’ की सबसे बड़ी ताकत यह है कि इसके जरिए राज्य का सबसे जमीनी जांच अधिकारी (अनुसंधानक) और थानेदार, सीधे अंचल निरीक्षक, अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी (SDPO), पुलिस अधीक्षक (SP), DIG, IG और खुद DGP विनय कुमार से एक झटके में जुड़ जाएंगे। बीच के सारे रोड़े और फाइल लटकाने का खेल पूरी तरह खत्म हो जाएगा।

अपराध पर डिजिटल वार: कॉन्फ्रेंस हॉल की बड़ी स्क्रीन पर ‘Police Station Management’ (PSM) एप्लीकेशन के मुख्य फीचर्स (Workflow Digitized, E-patrol) को प्रदर्शित करता हुआ प्रेजेंटेशन, जिसके जरिए थानों की पूरी कार्यप्रणाली अब ऑनलाइन ट्रैक होगी।

दैनिक डायरी से लेकर मालखाने तक का हिसाब, अब झूठनहीं बोल पाएंगे थानेदार!

इस अत्याधुनिक एप्लीकेशन में पुलिस थानों के उन सभी गुप्त और महत्वपूर्ण कार्यों को शामिल किया गया है जिन्हें अब तक फाइलों में दबाकर रखा जाता था। अब हर दिन निम्नलिखित विवरणियों को लाइव अपडेट (प्रतिदिन अद्यतन) करना अनिवार्य होगा:

  1. डेली क्राईम रिपोर्ट: सूबे में कहां, क्या हुआ? पल-पल की खबर।
  2. अनुसंधान प्रगति: कांडों की जांच कहां तक पहुंची, इसकी लाइव ट्रैकिंग।
  3. ड्यूटी आवंटन और चेकिंग: किस सिपाही की ड्यूटी कहां लगी है और वह वहां मौजूद है या नहीं।
  4. वांछित अपराधियों की विवरणी: मोस्ट वांटेड बदमाशों का पूरा डेटाबेस हमेशा उंगलियों पर रहेगा।
  5. थाना गश्ती मानचित्र और अपराध मानचित्र: अपराध के हॉटस्पॉट और पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ियों का लाइव नक्शा।
  6. मालखाना विवरणी और ग्रामीण अपराध पंजी: थानों के अंदर बंद सामान और गांवों के अपराधियों का पूरा इतिहास।

अब साहबसीधे पटना से कसेंगे शिकंजा!

इस डिजिटल सिस्टम के लागू होने से पुलिस के वरीय पदाधिकारियों को थानों के कामकाज की मॉनिटरिंग (अनुश्रवण) करने में गजब की सुविधा होगी। अब कोई भी थानेदार या जांच अधिकारी केस की फाइल को अलमारी में बंद करके नहीं रख पाएगा। अगर काम में कोताही हुई, तो सीधे पटना से घंटी बजेगी। DGP विनय कुमार की इस ऐतिहासिक पहल से अपराधियों में हड़कंप मच गया है, वहीं आम जनता के लिए न्याय की उम्मीदें और ज्यादा मजबूत हो गई हैं।

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‘चप्पल पहनकर निकलना ही होगा…’ राबड़ी देवी के बयान पर मंत्री का करारा पलटवार; कोचिंग माफियाओं और मदरसों पर भी गिरेगी सरकार की गाज!

विशेष संवाददाता, पटना।

बिहार की सियासत में इस वक्त बयानों के तीखे तीर चल रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास को लेकर दिए गए बयान पर बिहार सरकार के मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बेहद तीखा और करारा पलटवार किया है। पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मंत्री ने न सिर्फ लालू परिवार पर निशाना साधा, बल्कि खान सर के कोचिंग संस्थान पर हुए हमले और सूबे के मदरसों को लेकर भी सरकार की भावी कड़क कार्रवाई का पूरा खाका सामने रख दिया। मंत्री के इस तेवर से साफ है कि सरकार कानून-व्यवस्था और नियमों के मामले में किसी भी तरह के समझौते के मूड में नहीं है।

पूरे खानदान को सरकारी घर नहीं दिया जा सकता”

दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने सरकारी आवास विवाद पर कहा था कि ‘2030 तक हमारा कार्यकाल है, जब यह खत्म होगा तो हम इसी चप्पल में यहाँ से निकल जाएंगे।’ इस पर पलटवार करते हुए मंत्री मिथिलेश तिवारी ने दो टूक कहा, हम राहुल गांधी के बयानों को सीरियस नहीं लेते। राबड़ी देवी जी को समझना होगा कि वह अब मुख्यमंत्री नहीं हैं, सूबे के मुख्यमंत्री माननीय सम्राट चौधरी जी हैं।”

मंत्री ने कड़े लहजे में कहा कि सम्राट चौधरी की सरकार ने जो फैसला लिया है, उसका पालन उन्हें करना ही पड़ेगा। कानून सबके लिए बराबर है और पूरे खानदान को सरकारी घर नहीं दिया जा सकता। उन्हें तय वक्त पर बंगला खाली करना ही होगा।

खान सर के हमलावरों को पातालसे खोजेगी सम्राट की पुलिस

पटना में खान सर के कोचिंग संस्थान पर हुए हमले को लेकर भी मंत्री मिथिलेश तिवारी का गुस्सा सातवें आसमान पर दिखा। उन्होंने उपद्रवियों को खुली चेतावनी देते हुए कहा, जिसने भी यह दुस्साहस किया है, वह किसी भी कीमत पर बचेगा नहीं। सम्राट चौधरी जी की पुलिस उसे पाताल से भी खोजकर निकालेगी और सलाखों के पीछे भेजेगी।”

मंत्री ने इस दौरान एक बड़ा नीतिगत एलान भी किया। उन्होंने बताया कि इस प्रकार की अराजकता को रोकने के लिए शिक्षा विभाग अगले 3 महीने के भीतर कोचिंग संस्थानों के नियमन के लिए एक नई और सख्त नीति तैयार कर रहा है। इसके बाद बिहार के सभी कोचिंग संस्थान एक कड़े नियम और कानून के दायरे में आ जाएंगे, जिससे कोचिंग माफियाओं पर पूरी तरह लगाम कसी जा सकेगी।

मदरसों और संस्कृत विद्यालयों की खुलेगी डिजिटल कुंडली

सूबे के मदरसों की जांच के लिए बनाई गई कमेटी के सवाल पर मंत्री ने सरकार की मंशा साफ कर दी। उन्होंने कहा कि जब सरकार किसी संस्थान को जनता के टैक्स का पैसा देती है, तो उसकी जांच का हक भी सरकार को है।

हम मदरसों को शिक्षकों के वेतन के साथ-साथ इंफ्रास्ट्रक्चर (भवन निर्माण) के लिए भी फंड देते हैं, जबकि संस्कृत विद्यालयों को सिर्फ वेतन के लिए अनुदान मिलता है। इसलिए सरकार ने दोनों की स्थिति का आकलन करने के लिए एक साझा अभियान शुरू किया है। किस संस्थान को क्या दिक्कत है और कहाँ गड़बड़ी है, इसकी पूरी जांच रिपोर्ट पूरी तरह से ऑनलाइन और डिजिटल रहेगी।”

बांकीपुर उपचुनाव: VIP सीट पर लड़ेगा भाजपा का सामान्य कार्यकर्ता

बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले आगामी उपचुनाव और वहां हो रहे आंदोलनों को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने सस्पेंस खत्म कर दिया। उन्होंने कहा कि यह सीट हमारे आदरणीय राष्ट्रीय अध्यक्ष की सीट है। यहाँ से भारतीय जनता पार्टी किसी बड़े वीआईपी को नहीं, बल्कि अपने एक सामान्य कार्यकर्ता को चुनावी मैदान में उतारेगी। वह कार्यकर्ता शीर्ष नेतृत्व का आशीर्वाद लेकर ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगा और सदन पहुंचेगा।

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सम्राट कैबिनेट का ‘एक्शन प्लान’: बिहार में खुलेंगे नौकरियों और विकास के नए द्वार, 13 बड़े फैसलों पर लगी मुहर!

बड़ा फैसला: मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष की आय सीमा बढ़ी, अब 4 लाख सालाना कमाने वालों को भी मिलेगा मुफ्त इलाज! युवाओं के लिए खुले रोजगार के रास्ते।

पटना, 3 जून 2026 बिहार की सियासत और शासन व्यवस्था से आज की सबसे बड़ी और सनसनीखेज खबर आ रही है! पटना में आज मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की हाई-प्रोफाइल बैठक में जनहित, रोजगार, स्वास्थ्य और उद्योग से जुड़े कुल 13 बड़े एजेंडों पर अंतिम मुहर लगा दी गई है।

बैठक खत्म होने के बाद मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने मीडियाकर्मियों को विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने इस बार सीधे जनता की जेब और सेहत को राहत देने वाले ऐतिहासिक फैसले लिए है

गरीबों को मुफ्त इलाज का बड़ा तोहफा: स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष से राज्य के मरीजों को इलाज के लिए अब ₹2,500,000 (दो लाख पचास हजार) की जगह ₹4,00,000 (चार लाख) तक की वार्षिक आय वाले परिवारों को भी इस योजना का सीधा लाभ मिलेगा। सरकार ने आय सीमा बढ़ाकर मध्यम वर्ग को बड़ी राहत दी है।

युवाओं को बंपर रोजगार और नई आईटीआई (ITI): युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के तहत औरंगाबाद के नबीनगर में नए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) की स्थापना को मंजूरी दी गई है। भारतीय रेल बिजली कंपनी लिमिटेड द्वारा निर्मित इस परिसर में 05 व्यवसायों में ट्रेनिंग शुरू होगी, जिसके लिए 38 नए पदों का सृजन किया गया है।

बिहार कौशल विकास मिशन में 19 नए पद: ‘सात निश्चय पार्ट-3’ (2025-30) के तहत बिहार कौशल विकास मिशन के त्वरित क्रियान्वयन के लिए विभिन्न कोटि के 19 अतिरिक्त पदों के सृजन और ₹224.37 लाख की वार्षिक व्यय को स्वीकृति दी गई है।

दरभंगा AIIMS के लिए बड़ा कदम: दरभंगा में बन रहे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के लिए चयनित भूखंड के पास की नदियों के उड़ाहीकरण (गाद निकालने) से प्राप्त मिट्टी से ही मिट्टी भराई और समतलीकरण कार्य करने के लिए जल संसाधन विभाग को अधिकृत किया गया है।

मधुबनी और बक्सर में लगेंगे बड़े उद्योग: उद्योग विभाग के तहत मेसर्स लीप एग्री लॉजिस्टिक (मधुबनी) प्राइवेट लिमिटेड और बक्सर के नवानगर में मेसर्स वरुण वेवरेजेज लिमिटेड को बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली के तहत वित्तीय प्रोत्साहन क्लीयरेंस की मंजूरी दी गई है, जिससे राज्य में हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे।

भोजपुर में बनेगा भव्य इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क‘: डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के तहत भोजपुर जिले के बाणासुर मत्स्य बीज प्रक्षेत्र में ₹31.20 करोड़ से अधिक की लागत से आधुनिक ‘इटीग्रेटेड एक्वा पार्क’ की स्थापना को मंजूरी मिली है, जिसमें केंद्र और राज्य दोनों की हिस्सेदारी होगी।

कैमूर में लगेगा बड़ा डेयरी प्लांट: कैमूर जिले के मोहनियाँ अंचल में 07 एकड़ अधिशेष भूमि को डेयरी एवं दुग्ध उत्पादन संयंत्र के निर्माण हेतु पशु संसाधन विभाग को निशुल्क ट्रांसफर करने की स्वीकृति दी गई है।

उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम का गठन: ऊर्जा विभाग के तहत उत्तर और दक्षिण बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के अंतर्गत द्वि-स्तरीय उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम के गठन के लिए मुख्य अभियंता और विद्युत अधीक्षण अभियंता के 02-02 पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है।

इस बैठक में इसके अलावा समाज कल्याण विभाग (बिहार बाल विकास सेवा नियमावली 2026) और सूचना प्रावैधिकी विभाग (बिहार सूचना प्रावैधिकी सेवा नियमावली 2026) के गठन को भी हरी झंडी दे दी गई।

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रैपिड रेल के द्वारा मुजफ्फरपुर से पटना मात्र 35 मिनट में, 22,000 एकड़ में बसेगा नया शहर ‘तिरहुत’, खुलेंगे 25 चीनी मिल और चमकेगा मुजफ्फरपुर एयरपोर्ट!

मोतीपुर (मुजफ्फरपुर)। मुजफ्फरपुर समेत पूरे उत्तर बिहार के विकास को एक नई ऊंचाई देने के लिए सरकार ने महायोजना तैयार कर ली है। मोतीपुर प्रखंड के उत्क्रमित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, गोसाईपुर में आयोजित भव्य ‘सहयोग शिविर’ के मंच से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुजफ्फरपुर और बिहार के भविष्य को बदलने वाला बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब मुजफ्फरपुर से पटना जाने में डेढ़ से दो घंटे का समय नहीं बल्कि रैपिड रेल के शुरू होने से मात्र 30 से 40 मिनट का समय लगेगा। इसके लिए डीपीआर का काम शुरू कर दिया गया है।

मुजफ्फरपुर के मोतीपुर स्थित गोसाईपुर में आयोजित ‘सहयोग शिविर’ के दौरान दीप प्रज्वलित कर विभिन्न विकास योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास करते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी। मंच पर भाजपा नेता दिलीप जायसवाल, सांसद वीणा देवी, मंत्री रंजीत निषाद, विधायक अरुण सिंह , पूर्व मंत्री अजीत कुमार,  एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

इतना ही नहीं, बाईपास के इलाके को समृद्ध बनाने के लिए लगभग 22,000 एकड़ जमीन में एक नया अत्याधुनिक शहर बसाने का काम शुरू किया गया है, जिसका नाम ‘तिरहुत’ होगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मुजफ्फरपुर जिला के लिए 288.16 करोड़ रुपये की लागत से कुल 109 विकास योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास कर जिले को बड़ी सौगात दी।

एयरपोर्ट का रास्ता साफ, जल्द होगा शिलान्यास

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुजफ्फरपुर वासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि मुजफ्फरपुर से हवाई जहाज उड़ाने की सारी प्रक्रियाएं और सिविल कार्य के टेंडर पूरे कर लिए गए हैं। रनवे के काम का टेंडर भी प्रक्रिया में है। उन्होंने घोषणा की कि अगले कुछ दिनों में वे भारत सरकार के मंत्री या देश के गृह मंत्री को साथ लेकर मुजफ्फरपुर आएंगे और एयरपोर्ट का शिलान्यास करेंगे।

मुजफ्फरपुर में विकास की नई इबारत: सहयोग शिविर के मुख्य मंच पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा कुल 288.16 करोड़ की लागत से 109 महत्वाकांक्षी योजनाओं के अनावरण के लिए लगाए गए शिलान्यास एवं उद्घाटन पट्ट।

2030 तक बिहार में शुरू होंगी 25 चीनी मिलें, चौथा मोतीपुर में

औद्योगिक क्रांति का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने तीन चीनी मिलों को फिर से खोलने की सहमति दे दी है। इसके बाद जब चौथी चीनी मिल खुलेगी तो वह मोतीपुर में ही खुलेगी क्योंकि मोतीपुर और मुजफ्फरपुर व्यापारियों के लिए एक बड़ा हॉटस्पॉट बन चुका है। सरकार ने लक्ष्य रखा है कि 2030 के चुनाव में जनता के बीच जाने से पहले पूरे बिहार में 25 चीनी मिलों का काम शुरू कर दिया जाएगा।

जनता को मिला सीधा लाभ: मोतीपुर के गोसाईपुर में आयोजित सहयोग शिविर के दौरान एक लाभार्थी को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत सहायता राशि का चेक प्रदान करते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, साथ में प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि।

काम में कोताही पर 30वें दिन सीधे सस्पेंड होंगे अधिकारी

सहयोग शिविर की सफलता पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि मुजफ्फरपुर जिले में अब तक 10 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 90 प्रतिशत से अधिक का निष्पादन जिला प्रशासन ने कर दिया है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि जनता के काम के लिए पूरे 30 दिन का टाइम फ्रेम तय है। यदि 10 दिन में कार्रवाई पूरी नहीं हुई तो 11वें दिन मुख्यमंत्री कार्यालय से पहला नोटिस जाएगा। 20 दिन पूरे होने पर 21वें दिन दूसरा नोटिस और 25 दिन पूरे होने पर 26वें दिन तीसरा नोटिस जाएगा। अगर 30 दिन के भीतर काम नहीं हुआ तो 31वें दिन संबंधित अधिकारी या कर्मचारी को सीधे निलंबित (सस्पेंड) कर दिया जाएगा। बिहार अब किसी राजतंत्र से नहीं, बल्कि संविधान और कड़े सुशासन से चलेगा।

गुंडागर्दी करने वालों की जगह सिर्फ मुजफ्फरपुर जेल में

विपक्ष और अपराधियों पर सीधा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोगों को आजकल सिर्फ इस बात की चिंता है कि उनका घर कितना बड़ा या छोटा है। उन्होंने कहा, “जनता मालिक है, वह जिसे चाहेगी वही मुख्यमंत्री आवास में बैठेगा।” उन्होंने कानून-व्यवस्था पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि हरा रंग शांति और हरियाली का प्रतीक है, लेकिन इसकी आड़ में जो भी गुंडागर्दी या अपराध करेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस को चैलेंज करने वाले अपराधियों को हमारी पुलिस 48 घंटे के भीतर करारा जवाब देगी और ऐसे तत्वों के लिए एकमात्र स्थान सिर्फ और सिर्फ मुजफ्फरपुर का जेल है।

हर ब्लॉक में बनेंगे वर्ल्ड क्लास मॉडल स्कूल

शिक्षा व्यवस्था में आमूलचूल बदलाव का दावा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एनडीए सरकार ने 5,28,000 लोगों को शिक्षक बनाया है। महिलाओं को उनके गृह पंचायत और पुरुषों को बगल के प्रखंड में पोस्टिंग दी गई है ताकि वे पूरी गुणवत्ता के साथ स्कूलों में पढ़ा सकें। राज्य के सभी 534 ब्लॉकों में मॉडल स्कूल बनाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, “जिस दिन सरकारी कर्मचारी, विधायक और सांसद अपने बच्चों के एडमिशन के लिए जिलाधिकारी से पैरवी करने लगेंगे, मैं समझूंगा कि बिहार की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह बदल गई।” इसके साथ ही उन्होंने अगले 20 वर्षों तक ‘पीएम सूर्य घर योजना’ के माध्यम से मुफ्त बिजली देने की बात भी दोहराई।

कार्यक्रम में मौजूद रहे प्रशासनिक एवं राजनीतिक दिग्गज

इस ऐतिहासिक सहयोग शिविर के अवसर पर मंच पर और स्टॉलों के निरीक्षण के दौरान भाजपा नेता दिलीप जायसवाल, बिहार सरकार की मंत्री रंजीत निषाद, सांसद वीणा देवी, विधायक अरुण सिंह, पूर्व मंत्री अजीत कुमार, पूर्व मंत्री राजू सिंह, विधायक अजय कुशवाहा, बेबी कुमारी, विधायक रंजन कुमार, पूर्व मंत्री बसावन भगत, विवेक कुमार, अनुपम कुमार, चुलबुल शाही, रामेश्वर प्रसाद कुशवाहा, मंजर आलम, बीस सूत्री के उपाध्यक्ष व सदस्य राजेश वर्मा, हरिमोहन चौधरी, रामनरेश मालाकार, प्रभात मालाकार, ललिता कुशवाहा, विवेक झा और रंजीत कुशवाहा मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

प्रशासनिक अमले से मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी विनय कुमार, सामान्य प्रशासन के अपर मुख्य सचिव बी राजेंदर, मुख्यमंत्री कार्यालय के सचिव संजय कुमार सिंह, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह और जल संसाधन विभाग के सचिव चंद्रशेखर सिंह समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी मुजफ्फरपुर ने मुख्यमंत्री और सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया, जिसके बाद बिहार राज्य गीत के सम्मान में सभी लोग खड़े हुए।

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भीषण गर्मी में कहीं झुलस न जाए आपकी मुस्कान! डॉ. मुकुल प्रकाश ने बताए दांतों को ‘कूल’ रखने के अचूक उपाय ।

मुजफ्फरपुर । जैसे-जैसे पारा चढ़ रहा है और उत्तर भारत सहित पूरा बिहार भीषण लू (हीटवेव) की चपेट में है, वैसे-वैसे लोगों की सेहत से जुड़ी चुनौतियाँ भी बढ़ती जा रही हैं। अमूमन गर्मियों के मौसम में लोग अपनी त्वचा (स्किन केयर), पेट की समस्याओं और सनस्ट्रोक (लू लगना) से बचाव को लेकर काफी सतर्क रहते हैं, लेकिन इस आपाधापी में शरीर का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा पूरी तरह उपेक्षित रह जाता है—वह हैं हमारे दांत और मसूड़े।

क्या आप जानते हैं कि चिलचिलाती धूप और झुलसाने वाली गर्मी के इस मौसम में आपकी ज़रा सी लापरवाही आपकी खूबसूरत मुस्कान छीन सकती है? जी हाँ, गर्मी का सीधा और बेहद नकारात्मक असर हमारे ओरल हेल्थ (मौखिक स्वास्थ्य) पर पड़ता है।

इसी गंभीर विषय को ध्यान में रखते हुए मुजफ्फरपुर के जूरन छपरा स्थित प्रकाश डेंटल क्लिनिकके वरिष्ठ दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. मुकुल प्रकाश (बी.डी.एस. लखनऊ, रजिस्ट्रेशन संख्या-9978/, एम.आई.डी.ए.) ने गर्मी में होने वाले दंत रोगों पर एक विशेष स्वास्थ्य अलर्ट और विस्तृत परामर्श लेख जारी किया है। डॉ. मुकुल प्रकाश के अनुभवों और चिकित्सकीय ज्ञान पर आधारित यह लेख इस भीषण गर्मी में आपके ओरल हेल्थ की रक्षा के लिए एक संपूर्ण मार्गदर्शिका (कम्प्लीट गाइड) साबित होगा।

गर्मी में होने वाले प्रमुख दंत रोग: क्या है खतरा?

डॉ. मुकुल प्रकाश के अनुसार, गर्मी के मौसम में हमारी जीवनशैली, दिनचर्या और विशेषकर खान-पान में अचानक कई बड़े बदलाव आते हैं। तापमान से राहत पाने के लिए हम जिन चीज़ों का चुनाव करते हैं, वे अनजाने में ही हमारे दांतों के लिए गंभीर बीमारियों का सबब बन जाती हैं। गर्मी के दिनों में मुख्यतः निम्नलिखित दंत समस्याएं तेजी से सिर उठाती हैं:

 दांतों में तीव्र झनझनाहट (सेंसिटिविटी)

गर्मियों में जैसे ही तापमान 40 डिग्री के पार जाता है, लोग राहत पाने के लिए फ्रिज का अत्यधिक ठंडा पानी, बर्फ के टुकड़े, चिल्ड कोल्ड ड्रिंक्स या आइसक्रीम का सेवन बहुत बढ़ा देते हैं। डॉ. मुकुल प्रकाश बताते हैं कि जब हमारे मुंह के भीतर का तापमान अचानक सामान्य से बेहद ठंडा हो जाता है, तो थर्मल शॉक (तापीय आघात) के कारण दांतों की सबसे ऊपरी सुरक्षात्मक परत, जिसे इनेमल कहा जाता है, उसमें सूक्ष्म दरारें आ सकती हैं या वह कमजोर होने लगती है। इनेमल के कमजोर होते ही दांतों के भीतर की संवेदनशील नसें (डेंटिन) सीधे ठंडे-गर्म के संपर्क में आ जाती हैं, जिससे कुछ भी खाते-पीते समय दांतों में तीखी और असहनीय झनझनाहट शुरू हो जाती है।

 दांतों में सड़न और कैविटी (टूथ डिके एंड कैविटीज)

गर्मियों के मौसम में शरीर को हाइड्रेट रखने या केवल स्वाद के लिए गन्ने का रस, डिब्बाबंद जूस, कार्बोनेटेड सोडा, मीठे शरबत, मैंगो शेक और विभिन्न प्रकार के कोल्ड ड्रिंक्स का सेवन हर घर में बढ़ जाता है। इन सभी पेय पदार्थों में ‘रिफाइंड शुगर’ और एसिड की मात्रा बहुत अधिक होती है। जब हम बार-बार इन मीठे पदार्थों का सेवन करते हैं, तो चीनी के बारीक अंश हमारे दांतों के कोनों और मसूड़ों के बीच फंस जाते हैं। मुंह में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया इस चीनी को पाकर तेजी से पनपते हैं और एक प्रकार का एसिड छोड़ते हैं। यह एसिड दांतों को अंदर ही अंदर खोखला करने लगता है, जिसके परिणामस्वरूप दांतों में सड़न (डिके) और दर्दनाक कैविटी बन जाती है।

मसूड़ों की गंभीर समस्या (गम डिजीज)

भीषण गर्मी और लू के कारण शरीर से पसीने के रूप में पानी का भारी नुकसान होता है। यदि इस अनुपात में पानी न पिया जाए, तो शरीर में डीहाइड्रेशन यानी पानी की कमी हो जाती है। शरीर में पानी की कमी का पहला असर हमारे मुंह पर पड़ता है—मुंह में ‘लार’ (सलाइवा) का निर्माण कम हो जाता है। लार हमारे मुंह का प्राकृतिक सुरक्षा कवच है, जो हानिकारक बैक्टीरिया को धोकर साफ करती रहती है। लार की कमी के कारण बैक्टीरिया मसूड़ों के आस-पास ‘प्लाक’ के रूप में जमा होने लगते हैं। इससे मसूड़ों में सूजन आना, ब्रश करते समय खून आना (जिंजिवाइटिस) और पायरिया जैसी गंभीर बीमारियां जन्म ले लेती हैं।

ड्राई माउथ और सांसों की दुर्गंध (ड्राई माउथ एंड बैड ब्रेथ)

जैसा कि डॉ. मुकुल प्रकाश ने स्पष्ट किया, पर्याप्त पानी न पीने से ‘ड्राई माउथ’ (मुंह सूखना) की समस्या हो जाती है। लार की अनुपस्थिति में मुंह का वातावरण अम्लीय (एसिडिक) हो जाता है, जो एनारोबिक बैक्टीरिया के पनपने के लिए सबसे अनुकूल स्थिति है। ये जीवाणु मुंह के अंदर सड़न पैदा करते हैं, जिससे सांसों से अत्यधिक दुर्गंध आने लगती है। इसके अलावा, मुंह सूखने के कारण ओरल इन्फेक्शन (मुंह के छाले या फंगल इन्फेक्शन) का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है।

सावधानी ही बचाव: डॉ. मुकुल प्रकाश का विशेष परामर्श

“बचाव उपचार से हमेशा बेहतर होता है”—इस सिद्धांत को रेखांकित करते हुए डॉ. मुकुल प्रकाश ने समाज के हर वर्ग (बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं) के लिए कस्टमाइज्ड हेल्थ टिप्स (विशेष स्वास्थ्य सुझाव) साझा किए हैं, ताकि हर कोई इस गर्मी में अपनी मुस्कान को सुरक्षित रख सके।

  बच्चों के लिए विशेष हिदायत

गर्मियों की छुट्टियां होते ही बच्चे दिनभर आइसक्रीम, लॉलीपॉप, चुस्की और कोल्ड ड्रिंक्स की मांग करते हैं। डॉ. प्रकाश के अनुसार, बच्चों के दूध के दांत वयस्कों के दांतों की तुलना में अधिक संवेदनशील और नरम होते हैं, इसलिए उनमें कैविटी बहुत तेजी से फैलती है।

  • अभिभावकों के लिए निर्देश: माता-पिता यह सख्त नियम बनाएं कि बच्चा जब भी कोई मीठी चीज, चॉकलेट या आइसक्रीम खाए, उसके तुरंत बाद वह सादे पानी से अच्छी तरह कुल्ला (रिंस) जरूर करे।
  • ब्रशिंग रूटीन: गर्मी के दिनों में भी सुबह और रात को सोने से पहले, दो बार ब्रश करने की आदत को टूटने न दें।

बुजुर्गों के लिए चिकित्सकीय सलाह

उम्र बढ़ने के साथ-साथ मसूड़े स्वाभाविक रूप से ढीले होने लगते हैं और दांतों की जड़ें (रूूट्स) दिखने लगती हैं, जो बेहद संवेदनशील होती हैं।

  • तापमान का संतुलन: बुजुर्गों को गर्मी से आने के तुरंत बाद अत्यधिक ठंडे या बर्फ के पानी के सेवन से पूरी तरह बचना चाहिए। उन्हें हमेशा सामान्य तापमान (नॉर्मल रूम टेम्परेचर) या मटके के पानी का सेवन करना चाहिए ताकि दांतों की नसें सुरक्षित रहें।
  • प्रोस्थेसिस केयर: जो बुजुर्ग नकली दांत (डेंचर/बत्तीसी) लगाते हैं, उन्हें गर्मी में मुंह सूखने की समस्या ज्यादा हो सकती है। वे डेंचर को साफ रखें और दिन में थोड़ी-थोड़ी देर पर पानी पीते रहें।

महिलाओं के लिए ओपिनियन और डाइट टिप्स

महिलाओं में अक्सर देखा गया है कि वे पूरे परिवार की सेहत का ख्याल रखती हैं, लेकिन अपने ओरल हेल्थ को नजरअंदाज कर देती हैं। गर्भावस्था, मासिक धर्म या मीनोपॉज के दौरान होने वाले हार्मोनल बदलावों के कारण महिलाओं के मसूड़े वैसे भी संवेदनशील होते हैं, जो गर्मी में डीहाइड्रेशन के कारण और खराब हो सकते हैं।

  • प्राथमिकता दें: महिलाएं अपने मौखिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता सूची में ऊपर रखें।
  • पोषक तत्व: अपने दैनिक आहार (डाइट) में पर्याप्त पानी के साथ-साथ मौसमी फल (जैसे तरबूज, खीरा), छाछ, दही और कैल्शियम व विटामिन-सी से युक्त संतुलित आहार शामिल करें, जो मसूड़ों और दांतों की हड्डियों को अंदर से मजबूती प्रदान करते हैं।

आधुनिक मशीनों से हर समस्या का सटीक समाधान

यदि सावधानी बरतने के बाद भी दांतों में कोई समस्या उत्पन्न हो गई है, तो डरने या नीम-हकीमों के चक्कर में पड़कर दांत खराब करने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है। मुजफ्फरपुर का प्रकाश डेंटल क्लिनिक आज दंत चिकित्सा के क्षेत्र में आधुनिकता और विश्वसनीयता का पर्याय बन चुका है।

डॉ. मुकुल प्रकाश ने बताया कि क्लिनिक में मरीजों की सुविधा और सटीक इलाज के लिए विश्वस्तरीय एवं अत्याधुनिक डिजिटल मशीनों का उपयोग किया जाता है। यहाँ उपलब्ध प्रमुख अत्याधुनिक सुविधाएं इस प्रकार हैं:

  • आर.सी.टी. (रूट कैनाल ट्रीटमेंट): पुराने समय में दांत सड़ने पर उसे उखाड़ दिया जाता था, लेकिन आज प्रकाश डेंटल क्लिनिक में अत्याधुनिक ‘रोटरी आर.सी.टी.’ तकनीक द्वारा गहरे से गहरे सड़े और संक्रमित हो चुके दांतों का दर्द रहित इलाज करके उन्हें पूरी तरह बचा लिया जाता है।
  • डिजिटल एक्स-रे एवं सुरक्षित दांत निकासी: यहाँ अत्यधिक कम रेडिएशन वाले डिजिटल एक्स-रे (आर.वी.जी.) की सुविधा है, जिससे सेकंडों में दांतों की आंतरिक समस्या का सटीक पता चल जाता है। इसके अलावा, यदि दांत निकालना अनिवार्य हो, तो पूरी तरह दर्द रहित और इन्फेक्शन-मुक्त माहौल में ओरल सर्जरी की जाती है।
  • टेढ़े-मेढ़े दांतों का आधुनिक इलाज (ऑर्थोडोंटिक्स): जिन बच्चों या युवाओं के दांत आगे-पीछे, टेढ़े-मेढ़े या बीच में गैप वाले हैं, उनके लिए फिक्स क्लिप (ब्रेसिज़) और इनविजिबल अलाइनर्स द्वारा दांतों को सही कतार में लाकर सुंदर और आकर्षक मुस्कान दी जाती है।
  • अत्याधुनिक दंत प्रत्यारोपण (डेंटल इंप्लांट्स एवं आर.पी.डी.): खोए हुए दांतों की जगह हुबहू असली जैसे दिखने और चबाने वाले फिक्स दांत (डेंटल इंप्लांट) लगाने की अत्याधुनिक व्यवस्था है। साथ ही रिमूवेबल पार्सल डेंचर (आर.पी.डी.) भी कुशलता से बनाए जाते हैं।
  • नई तकनीक से दांतों की सफाई (अल्ट्रासोनिक स्केलिंग): दांतों पर जमा जिद्दी पीलापन, टार्टर, पायरिया के कण और तंबाकू-गुटखे के दागों को आधुनिक ‘अल्ट्रासोनिक स्केलर’ मशीन द्वारा बिना दांतों को नुकसान पहुंचाए चमकाया जाता है।

डॉ. मुकुल प्रकाश का संदेश

“एक स्वस्थ और खूबसूरत मुस्कान ही आपके व्यक्तित्व का असली आईना होती है। दांत केवल भोजन चबाने के साधन नहीं हैं, बल्कि यह आपकी पूरी शारीरिक सेहत, पाचन क्रिया और आत्मविश्वास से जुड़े हैं। गर्मी के मौसम में दांतों की किसी भी छोटी समस्या—जैसे कि हल्की झनझनाहट या मसूड़ों से खून आना—को मामूली समझकर नज़रअंदाज़ करने की भूल कतई न करें। समय पर ली गई सही डॉक्टरी सलाह और सटीक उपचार ही आपको लंबे समय तक गंभीर दर्दों से बचा सकता है और आपके दांतों की उम्र बढ़ा सकता है।”

विशेष नोट और परामर्श अलर्ट

यदि आपको या आपके परिवार में किसी को भी दांतों में लगातार मीठा या तेज दर्द हो रहा हो, ठंडे-गर्म से अत्यधिक झनझनाहट महसूस हो रही हो, मसूड़ों से खून या मवाद आ रहा हो, या मुंह से बदबू आने की समस्या हो, तो बिना देर किए तुरंत प्रकाश डेंटल क्लिनिक, जूरन छपरा, मुजफ्फरपुर में डॉ. मुकुल प्रकाश से संपर्क कर उचित परामर्श लें।

संपर्क, स्थान एवं अपॉइंटमेंट विवरण

अपनी व्यस्त दिनचर्या में से समय निकालकर ओरल हेल्थ का रूटीन चेकअप कराने या किसी भी तकलीफ के समाधान हेतु आप नीचे दिए गए विवरण के माध्यम से क्लिनिक में अपनी सीट बुक कर सकते हैं:

  • मुख्य विशेषज्ञ: डॉ. मुकुल प्रकाश (दन्त रोग विशेषज्ञ)

बी.डी.एस. लखनऊ, रजिस्ट्रेशन संख्या-9978/ए, एम.आई.डी.ए.

  • क्लिनिक का मुख्य स्थान (जूरन छपरा):

प्रकाश डेंटल क्लिनिक, रोड नंबर एक एवं दो के बीच पहली गली, जूरन छपरा, मुजफ्फरपुर, बिहार।

  • आपातकालीन एवं सामान्य संपर्क नंबर:

📞 9430225994

📞 8294139994

मिलने का समय व सारणी:

शाखा / स्थानदिनउपलब्ध समय
मुख्य क्लिनिक (जूरन छपरा, मुजफ्फरपुर)सोमवार से शनिवारसुबह 10:00 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक
मुख्य क्लिनिक (जूरन छपरा, मुजफ्फरपुर)रविवार (विशेष सेवा)सुबह 10:00 बजे से संध्या 04:00 बजे तक
दूसरी शाखा (दरधा हाट के सामने, मुजफ्फरपुर-पूसा रोड)सोमवार से शनिवारदोपहर 02:00 बजे से शाम 04:00 बजे तक

इस भीषण गर्मी में लापरवाही छोड़कर जागरूक बनें, डॉ. मुकुल प्रकाश के इन अचूक मंत्रों को अपनी जीवनशैली में अपनाएं और अपनी मुस्कान की चमक को फीकी न पड़ने दें!

स्पष्टीकरण नोट: यह विस्तृत आलेख मुजफ्फरपुर के जूरन छपरा स्थित ‘प्रकाश डेंटल क्लिनिक’ के वरिष्ठ दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. मुकुल प्रकाश से विज्ञापन डेस्क के सौजन्य से की गई विशेष बातचीत और उनके चिकित्सकीय अनुभवों पर आधारित है। इसका उद्देश्य भीषण गर्मी के मौसम में आम लोगों को मौखिक स्वास्थ्य (ओरल हेल्थ) के प्रति जागरूक करना और दंत रोगों से बचाव के सटीक उपाय साझा करना है।

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अब आधी रात को कौन सुनेगा गरीबों की पुकार? बंदरा के ‘विशेश्वर जी’ अनंत यात्रा पर निकले

शोक में डूबा बंदरा: जनता और प्रशासन के बीच की मजबूत कड़ीटूटा, बूढ़ी गंडक मुक्तिधाम में कल थमेगा कारवां

बंदरा/मुजफ्फरपुर: शासन-प्रशासन और गरीब जनता के बीच एक सशक्त एवं मजबूत कड़ी के रूप में पहचान बनाने वाले, महेशपुर निवासी श्रद्धेय विशेश्वर सहनी अब हमारे बीच नहीं रहे। उनका निधन पटना स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में इलाज के दौरान हो गया। उनके निधन की खबर सुनते ही बंदरा प्रखंड सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त हो गई है। इस दुखद समाचार से हर आंख नम है और लोग यह सोचकर भावुक हैं कि अब उनके सुख-दुख में आधी रात को ढाल बनकर खड़े रहने वाला मसीहा चला गया है।

तस्वीर में: अपनी सादगी और निस्वार्थ समाजसेवा से जन-जन के दिलों में राज करने वाले बंदरा प्रखंड के सर्वप्रिय समाजसेवी दिवंगत श्रद्धेय विशेश्वर सहनी जी (फाइल फोटो)।

समाजसेवी श्याम किशोर सिंह (महेशपुर निवासी) ने दु:ख की इस घड़ी में क्‍या कुछ कहा :

“गरीब, असहाय एवं जरूरतमंद लोगों की एक पुकार पर सदैव उनकी सेवा में उपस्थित रहने वाले विशेश्वर सहनी जी एक सच्चे समाजसेवी थे। उनके निधन से बंदरा प्रखंड सहित पूरे क्षेत्र में शोक की ऐसी लहर व्याप्त है, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। उनका जाना पूरे समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है। ईश्वर दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में उच्च स्थान प्रदान करें तथा शोक-संतप्त परिवार को  इस अपार और असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें

निस्वार्थ सेवा के सच्चे प्रतीक थे विशेश्वर जी :  विशेश्वर सहनी महज एक नाम नहीं, बल्कि इस क्षेत्र के असहायों और जरूरतमंद लोगों के लिए एक अटूट भरोसा थे। गरीब, असहाय एवं जरूरतमंद लोगों की एक पुकार पर सदैव उनकी सेवा में उपस्थित रहने वाले विशेश्वर सहनी जी एक सच्चे समाजसेवी थे। समाज के प्रति उनका समर्पण ऐसा था कि उन्होंने कभी समय या अपनी सहूलियत नहीं देखी, बल्कि लोगों की मदद को ही अपने जीवन का एकमात्र ध्येय माना। उनके जाने से बंदरा प्रखंड ने अपना एक सच्चा सेवक खो दिया है, जिसकी भरपाई नामुमकिन है।

श्रद्धांजलि देने उमड़ा जनसैलाब, हर दल के नेताओं ने व्यक्त की संवेदना  विशेश्वर सहनी  के पार्थिव शरीर के महेशपुर पहुंचते ही उनके शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने और अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करने हेतु लोगों का तांता लग गया। उनकी अंतिम झलक पाने और श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए भाजपा मंडल अध्यक्ष अशोक सिंह, महामंत्री श्याम किशोर, राजद प्रखंड अध्यक्ष रविंद्र सहनी, शिक्षक ललन प्रसाद सिंह, संजय कुमार ठाकुर सहित सैकड़ों की संख्या में प्रबुद्ध नागरिक, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उनके आवास पर पहुंचे। सभी ने नम आंखों से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

कल बूढ़ी गंडक मुक्तिधाम में दी जाएगी अंतिम विदाई परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, श्रद्धेय विशेश्वर सहनी जी का अंतिम संस्कार कल महेशपुर स्थित बूढ़ी गंडक मुक्तिधाम में पूरे विधि-विधान के साथ किया जाएगा। इस अंतिम सफर में क्षेत्र के हजारों लोगों के जुटने की संभावना है, जहां नम आंखों से इस महान समाजसेवी के पार्थिव शरीर को पंचतत्व में विलीन किया जाएगा और उनके जीवन का यह लोक-कल्याणकारी कारवां हमेशा-हमेशा के लिए थम जाएगा।

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