योगियामठ रोड की बदहाली और नाले की मांग को लेकर ग्रामीणों का चक्का जाम; भाकपा माले के अल्टीमेटम के बाद बैकफुट पर आया प्रशासन, जल्द काम शुरू न होने पर दी उग्र आंदोलन की बड़ी चेतावनी।
ताजपुर (समस्तीपुर), 1 जून 2026: नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत योगियामठ सड़क की जर्जर स्थिति और जल निकासी की घोर अव्यवस्था के खिलाफ आखिरकार सोमवार को ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया। सालों से नारकीय जीवन जी रहे स्थानीय नागरिकों का गुस्सा इस कदर फूटा कि उन्होंने मुख्य मार्ग पर ही दरी बिछाकर जोरदार धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस स्वतःस्फूर्त आंदोलन में बड़ी संख्या में भाकपा माले कार्यकर्ता भी शामिल हुए, जिससे पूरा प्रशासनिक अमला सकते में आ गया।

धरना स्थल पर जुटे प्रदर्शनकारियों ने नगर परिषद और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। आंदोलनकारियों का कहना था कि यह महत्वपूर्ण सड़क वर्षों से पूरी तरह बदहाल है। स्थिति इतनी वीभत्स हो चुकी है कि हल्की सी बारिश में भी पूरी सड़क घुटने भर गंदे और बदबूदार पानी में डूब जाती है। सड़क पर बड़े-बड़े और गहरे जानलेवा गड्ढे बन चुके हैं, जो पानी जमा होने के कारण दिखाई नहीं देते। इसके चलते राहगीरों, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालक रोजाना इन गड्ढों में गिरकर चोटिल हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने रोष जताते हुए कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों से लेकर प्रखंड एवं नगर परिषद प्रशासन तक को कई बार इस गंभीर समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन हर बार सिर्फ खोखले आश्वासन ही मिले। नाला निर्माण न होने की वजह से घरों का गंदा पानी हर वक्त सड़क की छाती पर जमा रहता है, जिससे पूरे इलाके में महामारी फैलने का खतरा भंडरा रहा है।

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने धरने को संबोधित करते हुए प्रशासन को खुलेआम चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि जनता अपनी मूलभूत सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करने को विवश है, जो लोकतंत्र के नाम पर कलंक है। उन्होंने जोश भरते हुए कहा, “यदि नगर परिषद प्रशासन ने शीघ्र आरसीसी सड़क और नाला निर्माण की दिशा में ठोस एवं धरातलीय कार्रवाई शुरू नहीं की, तो इस जन-आंदोलन को और अधिक उग्र एवं व्यापक करते हुए पूरे अनुमंडल का चक्का जाम किया जाएगा।”
ग्राउंड जीरो पर एक्शन: मजिस्ट्रेट को देखना पड़ा ‘नरक’
जनता के उग्र तेवर और सड़क जाम की सूचना मिलते ही प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) ने आनन-फानन में बतौर मजिस्ट्रेट प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को पुलिस बल के साथ मौके पर भेजा। आंदोलनकारियों के भारी दबाव में मजिस्ट्रेट को खुद उस जर्जर, कीचड़युक्त और पानी से लबालब सड़क पर पैदल घूमकर ‘नरक’ जैसी स्थिति को देखना पड़ा। जमीनी हकीकत देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। इसके बाद ग्रामीणों ने उन्हें आरसीसी सड़क और नाले के अविलंब निर्माण की मांग का स्मार-पत्र सौंपा। मजिस्ट्रेट द्वारा जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने के ठोस लिखित आश्वासन के बाद ही धरना शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हुआ।

आंदोलन में ये रहे मौजूद: इस प्रदर्शन में मुख्य रूप से विष्णुदेव राय, विक्रम कुमार, शंकर महतो, राजदेव प्रसाद सिंह, विजय साह, जयप्रकाश कुमार, नगर पार्षद मुकेश मेहता, पार्षद दुर्गा प्रसाद साह, मोहन कुमार, अमरजीत कुमार, गौतम कुमार, जगदेव कुमार, शुभम कुमार, प्रदीप कुमार समेत बहुत बड़ी संख्या में स्थानीय वार्ड वासी, युवा और महिलाएं उपस्थित थीं।

आंदोलनकारियों का मुख्य अल्टीमेटम :
- योगियामठ मुख्य मार्ग का अविलंब पक्का कंक्रीट (RCC) पुनर्निर्माण किया जाए।
- पानी की मुकम्मल और स्थायी निकासी के लिए सड़क के दोनों तरफ गहरे कंक्रीट नाले का निर्माण हो।
- सालों से जनता को नरक में धकेलने वाले लापरवाह अफसरों की जवाबदेही तय हो।
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