Sunday, June 7, 2026

सड़क गायब… गड्ढे हजार! ताजपुर में जनता का सब्र टूटा, मजिस्ट्रेट को पैदल घूमकर देखना पड़ा ‘नरक’

योगियामठ रोड की बदहाली और नाले की मांग को लेकर ग्रामीणों का चक्का जाम; भाकपा माले के अल्टीमेटम के बाद बैकफुट पर आया प्रशासन, जल्द काम शुरू न होने पर दी उग्र आंदोलन की बड़ी चेतावनी।

ताजपुर (समस्तीपुर), 1 जून 2026: नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत योगियामठ सड़क की जर्जर स्थिति और जल निकासी की घोर अव्यवस्था के खिलाफ आखिरकार सोमवार को ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया। सालों से नारकीय जीवन जी रहे स्थानीय नागरिकों का गुस्सा इस कदर फूटा कि उन्होंने मुख्य मार्ग पर ही दरी बिछाकर जोरदार धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस स्वतःस्फूर्त आंदोलन में बड़ी संख्या में भाकपा माले कार्यकर्ता भी शामिल हुए, जिससे पूरा प्रशासनिक अमला सकते में आ गया।

अधिकार के लिए हल्लाबोल: योगियामठ सड़क व नाला निर्माण को लेकर बैनर तले आक्रोश जताते उग्र ग्रामीण और मौके पर पहुँचे मजिस्ट्रेट को अल्टीमेटम का स्मार-पत्र सौंपते माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह व अन्य जनप्रतिनिधि।

धरना स्थल पर जुटे प्रदर्शनकारियों ने नगर परिषद और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। आंदोलनकारियों का कहना था कि यह महत्वपूर्ण सड़क वर्षों से पूरी तरह बदहाल है। स्थिति इतनी वीभत्स हो चुकी है कि हल्की सी बारिश में भी पूरी सड़क घुटने भर गंदे और बदबूदार पानी में डूब जाती है। सड़क पर बड़े-बड़े और गहरे जानलेवा गड्ढे बन चुके हैं, जो पानी जमा होने के कारण दिखाई नहीं देते। इसके चलते राहगीरों, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालक रोजाना इन गड्ढों में गिरकर चोटिल हो रहे हैं।

ग्रामीणों ने रोष जताते हुए कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों से लेकर प्रखंड एवं नगर परिषद प्रशासन तक को कई बार इस गंभीर समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन हर बार सिर्फ खोखले आश्वासन ही मिले। नाला निर्माण न होने की वजह से घरों का गंदा पानी हर वक्त सड़क की छाती पर जमा रहता है, जिससे पूरे इलाके में महामारी फैलने का खतरा भंडरा रहा है।

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने धरने को संबोधित करते हुए प्रशासन को खुलेआम चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि जनता अपनी मूलभूत सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करने को विवश है, जो लोकतंत्र के नाम पर कलंक है। उन्होंने जोश भरते हुए कहा, “यदि नगर परिषद प्रशासन ने शीघ्र आरसीसी सड़क और नाला निर्माण की दिशा में ठोस एवं धरातलीय कार्रवाई शुरू नहीं की, तो इस जन-आंदोलन को और अधिक उग्र एवं व्यापक करते हुए पूरे अनुमंडल का चक्का जाम किया जाएगा।”

ग्राउंड जीरो पर एक्शन: मजिस्ट्रेट को देखना पड़ा ‘नरक’  

जनता के उग्र तेवर और सड़क जाम की सूचना मिलते ही प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) ने आनन-फानन में बतौर मजिस्ट्रेट प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को पुलिस बल के साथ मौके पर भेजा। आंदोलनकारियों के भारी दबाव में मजिस्ट्रेट को खुद उस जर्जर, कीचड़युक्त और पानी से लबालब सड़क पर पैदल घूमकर ‘नरक’ जैसी स्थिति को देखना पड़ा। जमीनी हकीकत देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। इसके बाद ग्रामीणों ने उन्हें आरसीसी सड़क और नाले के अविलंब निर्माण की मांग का स्मार-पत्र सौंपा। मजिस्ट्रेट द्वारा जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने के ठोस लिखित आश्वासन के बाद ही धरना शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हुआ।

सुशासन के दावों की खुली पोल: योगियामठ मार्ग पर घुटने भर बदबूदार और दूषित पानी के बीच से जान हथेली पर रखकर गुजरते दोपहिया वाहन चालक। हल्की सी बारिश के बाद पूरी सड़क ने लिया दरिया का रूप।

आंदोलन में ये रहे मौजूद: इस प्रदर्शन में मुख्य रूप से विष्णुदेव राय, विक्रम कुमार, शंकर महतो, राजदेव प्रसाद सिंह, विजय साह, जयप्रकाश कुमार, नगर पार्षद मुकेश मेहता, पार्षद दुर्गा प्रसाद साह, मोहन कुमार, अमरजीत कुमार, गौतम कुमार, जगदेव कुमार, शुभम कुमार, प्रदीप कुमार समेत बहुत बड़ी संख्या में स्थानीय वार्ड वासी, युवा और महिलाएं उपस्थित थीं।

आंदोलनकारियों का मुख्य अल्टीमेटम :

  • योगियामठ मुख्य मार्ग का अविलंब पक्का कंक्रीट (RCC) पुनर्निर्माण किया जाए।
  • पानी की मुकम्मल और स्थायी निकासी के लिए सड़क के दोनों तरफ गहरे कंक्रीट नाले का निर्माण हो।
  • सालों से जनता को नरक में धकेलने वाले लापरवाह अफसरों की जवाबदेही तय हो।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,

||  https://newsbharattv.in  ||

NEET के बाद अब CBSE में भी सेंध? राहुल गांधी का सीधे PM मोदी पर वार— ‘व्हाट्सएप पर बिक रहे पेपर, दागी कंपनी को दिया करोड़ों का ठेका!’

17 साल के छात्र सार्थक सिद्धांत ने खोला सीबीएसई की धांधली का चिट्ठा, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तेज, स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तीखा पलटवार: “राहुल गांधी हताश, हार के कारण पहुंचे अलग मानसिक अवस्था में”

 विशेष संवाददाता। देश की शिक्षा व्यवस्था और करोड़ों छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ को लेकर विपक्ष ने सरकार के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को कटघरे में खड़ा करते हुए NEET और CBSE परीक्षाओं में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार और धांधली के गंभीर आरोप लगाए हैं। राहुल गांधी ने साफ शब्दों में कहा, भारत का युवा अब नरेंद्र मोदी पर भरोसा नहीं करता। पेपर व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर खुलेआम बिक रहे हैं, और पूरी व्यवस्था सड़ चुकी है।”

“भविष्य की फिक्र, तंत्र से टक्कर!” — नई दिल्ली में NEET और CBSE परीक्षा में हुई धांधली के खिलाफ न्याय की गुहार लेकर पहुंचे पीड़ित छात्रों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनते कांग्रेस नेता राहुल गांधी। राहुल ने कहा कि भ्रष्ट तंत्र के हाथों देश की एक भी पीढ़ी का भविष्य बर्बाद नहीं होने देंगे।

माफिया कैसे काम करते हैं, बच्चों को सब पता है

NEET के पीड़ित छात्रों से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि देश के बच्चों को यह अच्छी तरह पता है कि पेपर किस कीमत पर बिक रहे हैं और इसके पीछे कौन सा माफिया काम कर रहा है। राहुल ने सवाल उठाया कि जो बात देश के मासूम बच्चों को पता है, वो सरकार और जांच एजेंसियों को क्यों नहीं पता?” उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज कितनी शर्मनाक स्थिति है कि जिस सेना का काम देश की सीमाओं की रक्षा करना है, उसे मोदी सरकार के भ्रष्टाचार से बच्चों के पेपर बचाने के लिए तैनात किया जा रहा है।

17 साल के जेन जेडछात्र ने उड़ाए सरकार के होश!

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा धमाका 17 वर्षीय छात्र सार्थक सिद्धांत के खुलासे से हुआ है। सार्थक ने सीबीएसई (CBSE) के ही आधिकारिक दस्तावेजों का हवाला देते हुए अपने ब्लॉग में यह उजागर किया है कि कैसे सीबीएसई ने अपनी चयन प्रक्रिया में हेरफेर किया।

आरोप है कि टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) जैसी प्रतिष्ठित कंपनी को दरकिनार करके कोएम्पीटी‘ (Coempti) नाम की कंपनी को ‘सीबीएसई ओएसएम अनुबंध’ सौंप दिया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि यह कंपनी पहले ग्लोबअरेना के नाम से काम कर रही थी और पहले से ही भारी विवादों और जांच के घेरे में फंसी हुई थी।

राहुल गांधी NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के पीड़ित छात्रों व उनके अभिभावकों के साथ गंभीर चर्चा करते हुए।

शिक्षा मंत्री से राहुल के 5 तीखे सवाल:

राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि आप मुझ पर चाहे जितने हमले कर लें, लेकिन आप अपने अपराधों से मुक्त नहीं हो सकते। उन्होंने सरकार से पांच सीधे सवाल पूछे हैं:

  1. विवादों में घिरी कंपनी ‘कोएम्पीटी’ को किसके आदेश पर अनुबंध सौंपा गया?
  2. कंपनी को ठेका देने से पहले उसकी ‘बैकग्राउंड जांच’ (Background Check) क्यों नहीं की गई?
  3. कोएम्पीटी के प्रबंधन और मोदी सरकार के बीच क्या गुप्त संबंध हैं?
  4. जब 18.5 लाख बच्चों का भविष्य बर्बाद हो रहा है, तो पीएम मोदी चुप क्यों हैं? वे किसे बचा रहे हैं?
  5. अगर पीएम को देश के छात्रों की फिक्र होती, तो शिक्षा मंत्री को बहुत पहले बर्खास्त क्यों नहीं किया गया?

टुकड़ों में सुधार से अब काम नहीं चलेगा। छात्रों, शिक्षकों और एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर पूरी परीक्षा व्यवस्था को नए सिरे से बनाना होगा। हम और बच्चे नहीं खो सकते।”राहुल गांधी

स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग

राहुल गांधी ने सार्थक सिद्धांत की तारीफ करते हुए कहा कि भारत की ‘जेन जेड’ (आज की युवा पीढ़ी) बेहद प्रतिभाशाली और निडर है। इस महाघोटाले की पूरी परिधि और गहराई को सामने लाने के लिए अब केवल और केवल एक स्वतंत्र न्यायिक जांच ही एकमात्र रास्ता बची है। विपक्ष ने चेतावनी दी है कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलता, यह लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक जारी रहेगी।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तीखा पलटवार: “राहुल गांधी हताश, हार के कारण पहुंचे अलग मानसिक अवस्था में”

विपक्ष के तीखे हमलों और आरोपों पर कड़ा रुख अपनाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राहुल गांधी पर सीधा पलटवार किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीबीएसई (CBSE) ने इस मामले पर पहले ही अपनी स्थिति साफ कर दी है और पूरी प्रक्रिया भारत सरकार की खरीद नीति के पूर्णतः अनुरूप है। राहुल गांधी पर व्यक्तिगत हमला बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, “लगातार चुनावी हार के कारण राहुल गांधी भारी हताशा में हैं और वे किसी अलग ही मानसिक अवस्था में पहुंच चुके प्रतीत होते हैं। उन्होंने हमेशा देश की वैज्ञानिक प्रगति, डिजिटल इंडिया और ईवीएम का विरोध किया है।” हालांकि, परीक्षा व्यवस्था को लेकर उन्होंने संवेदनशील रुख अपनाते हुए कहा, “मैं सरकार की ओर से किसी भी असुविधा के लिए स्वयं जिम्मेदारी लेता हूँ, लेकिन यह समय राजनीति करने का नहीं है। हमें ऐसा कुछ भी नहीं करना चाहिए जिससे छात्रों का मानसिक तनाव और बढ़े, राजनीति बाद में भी की जा सकती है।” मंत्री ने देश को भरोसा दिलाया कि यदि इस मामले में कोई भी अनियमितता पाई जाती है, तो किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,

||  https://newsbharattv.in  ||

DTO कार्यालय का घूसखोर बाबू और दलाल ₹6,000 की रिश्वत के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार, निगरानी ब्यूरो का बड़ा एक्शन!

विशेष संवाददाता, पटना/बेगूसराय 29 मई, 2026

बिहार में सम्राट सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो  ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार को निगरानी विभाग की एक विशेष धावादल ने बेगूसराय जिला परिवहन कार्यालय (DTO) में छापेमारी कर एक शातिर घूसखोरी के रैकेट का भंडाफोड़ किया है। ब्यूरो ने मौके से कार्यालय के लिपिक (क्लर्क) संजय कुमार और उसके लिए काम करने वाले बिचौलिए (दलाल) शिवानंद झा को ₹6,000 की नकद रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया।

शिकंजे में भ्रष्टाचारी: बेगूसराय जिला परिवहन कार्यालय में वाहन ट्रांसफर के नाम पर रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार लिपिक संजय कुमार (दाएं, लाल घेरे में) और बिचौलिया शिवानंद झा (बाएं,लाल घेरे में) पटना से आई निगरानी ब्यूरो की पुलिस टीम की गिरफ्त में।

वाहन ट्रांसफर के नाम पर मांगी जा रही थी घूस

मिली जानकारी के अनुसार, बेगूसराय के चेरिया बरियारपुर थाना क्षेत्र के सकरौली ग्राम निवासी परिवादी सत्यम कुमार (पिता- राम पुनीत महतो) ने पटना स्थित निगरानी ब्यूरो के मुख्यालय में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। सत्यम कुमार ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि उनके वाहन का ट्रांसफर  करने के एवज में जिला परिवहन कार्यालय के लिपिक संजय कुमार द्वारा मोटी घूस की मांग की जा रही है और बिना पैसे दिए काम अटकाया जा रहा है।

जाल बिछाकर निगरानी ने दबोचा

शिकायत मिलने के बाद निगरानी ब्यूरो ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गुप्त रूप से सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान आरोपी क्लर्क द्वारा रिश्वत मांगे जाने का पुख्ता प्रमाण पाया गया। आरोप सही पाए जाने पर तुरंत एक्शन लेते हुए निगरानी थाना कांड सं०-063/26 (दिनांक 27.05.2026) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।

अनुसंधानकर्ता सह पुलिस उपाधीक्षक (DSP) रंजीत कुमार निराला के नेतृत्व में एक विशेष धावादल का गठन किया गया। शुक्रवार को जैसे ही परिवादी ने केमिकल लगे हुए ₹6,000 के नोट बिचौलिए (दलाल) शिवानंद झा को सौंपे, पहले से घात लगाए बैठी निगरानी की टीम ने उसे व्यवहार न्यायालय, बेगूसराय के दक्षिणी गेट के सामने स्थित रोड से दबोच लिया। वहीं, मुख्य आरोपी लिपिक संजय कुमार को जिला परिवहन कार्यालय में स्थित उसके केबिन (कार्यालय कक्ष) से रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।

आंकड़ों की जुबानी: 2026 में भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार

निगरानी ब्यूरो द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, भ्रष्टाचारियों के खिलाफ यह कार्रवाई थमने का नाम नहीं ले रही है।

  • वर्ष 2026 की कार्रवाई: इस साल अब तक भ्रष्टाचार के खिलाफ कुल 63वीं प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है।
  • ट्रैप केस: रंगे हाथ पकड़ने का यह इस साल का 58वां कांड है, जिसके तहत अब तक कुल 57 अभियुक्तों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
  • कुल बरामदगी: इस साल अब तक घूसखोरों के पास से कुल ₹24,09,300 (चौबीस लाख नौ हजार तीन सौ रुपये) की रिश्वत राशि बरामद की जा चुकी है। (बता दें कि पिछले वर्ष 2025 में कुल 101 ट्रैप कांड दर्ज किए गए थे, जिसमें 37,80,300 बरामद हुए थे।)

अब कोर्ट में होगी पेशी

गिरफ्तारी के बाद दोनों अभियुक्तों से बेगूसराय में गहन पूछताछ की गई है। निगरानी के अधिकारियों के मुताबिक, कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद दोनों आरोपियों को भागलपुर स्थित माननीय विशेष न्यायालय (निगरानी) में पेश किया जाएगा। इस मामले में आगे की कड़ाई से तफ्तीश की जा रही है ताकि कार्यालय में चल रहे अन्य संभावित बिचौलियों के नेटवर्क को भी नेस्तनाबूद किया जा सके।

 ब्यूरो की अपील: घूस मांगे तो तुरंत यहां करें शिकायत!

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी लोक सेवक (अधिकारी या कर्मचारी) किसी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो डरे नहीं, बल्कि तुरंत नीचे दिए गए नंबरों पर शिकायत दर्ज कराएं:

  • लैंडलाइन नंबर: 0612-2215030, 0612-2215032, 0612-2215033, 0612-2215036, 0612-2215037, 0612-2999752
  • 24 घंटे हेल्पलाइन: 0612-2215344
  • मोबाइल नंबर: 7765953261
  • व्हाट्सएप नंबर: 9473494167
  • ई-मेल: spvig-bih@nic.in
  • पता: निगरानी अन्वेषण ब्यूरो बिहार, 6 सर्कुलर रोड, पटना।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,

||  https://newsbharattv.in  ||

‘कर्पूरीग्राम-ताजपुर भाया पातेपुर-महुआ-भगवानपुर’ नई रेल लाइन निर्माण की जोर पकड़ने लगी मांग, भारी बारिश में DRM दफ्तर पर गरजे आंदोलनकारी!

मुक्तापुर गुमटी ओवरब्रिज और नई रेल लाइन परियोजना को लेकर रेल विकास मंचका महा-उपवास; रेलवे प्रशासन को सौंपे गए 10 सूत्री मांग पत्र में इस रूट को अविलंब शुरू करने की दी गई चेतावनी।

समस्तीपुर, 29 मई 2026 क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण मानी जाने वाली कर्पूरीग्राम-ताजपुर-पातेपुर-महुआ-भगवानपुर नई रेल लाइन के निर्माण कार्य को तुरंत शुरू करने की मांग को लेकर शुक्रवार को समस्तीपुर में बड़ा जन-आंदोलन खड़ा हो गया। ‘समस्तीपुर रेल विस्तार विकास मंच’ के बैनर तले डीआरएम (DRM) कार्यालय के समक्ष आयोजित एक दिवसीय उपवास आंदोलन में इस नई रेल लाइन की स्वीकृति और मुक्तापुर रेल गुमटी पर ओवरब्रिज निर्माण की मांग सबसे प्रमुखता से छाई रही। सुबह से हो रही मूसलाधार बारिश और खराब मौसम के बावजूद बड़ी संख्या में सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक छाता तानकर,  भीगते हुए धरने पर डटे रहे।

समस्तीपुर रेल विस्तार विकास मंच के बैनर तले मूसलाधार बारिश के बीच डीआरएम कार्यालय के सामने हाथों में बैनर-लाउडस्पीकर लेकर हुंकार भरते सामाजिक व राजनीतिक कार्यकर्ता।

जनता के हक के लिए बारिश में भी डटे रहे आंदोलनकारी

इस महा-उपवास की अध्यक्षता वरिष्ठ नेता शंकर प्रसाद साह ने की तथा संचालन जीबछ पासवान द्वारा किया गया। आंदोलन के दौरान आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मंच के संयोजक शत्रुघ्न राय ‘पंजी’ ने रेलवे प्रशासन पर सीधा हमला बोला। उन्होंने बेहद कड़े लहजे में पूछा, “आखिर शिलान्यास हो जाने के बावजूद मुक्तापुर रेल गुमटी पर ओवरब्रिज का निर्माण कार्य अब तक शुरू क्यों नहीं हुआ? क्या रेलवे सिर्फ कागजी घोषणाओं तक सीमित है?”

भाकपा माले के स्‍थानीय  नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने मुख्य मांग पर जोर देते हुए कहा कि कर्पूरीग्राम-ताजपुर-पातेपुर-महुआ-भगवानपुर नई रेल लाइन इस पूरे इलाके की लाइफलाइन है, जिसे ठंडे बस्ते में डालकर रेलवे प्रशासन लाखों की आबादी के साथ अन्याय कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन बुनियादी मांगों पर जल्द ही कोई ठोस और सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में चक्का जाम और उग्र आंदोलन की जिम्मेदारी पूरी तरह प्रशासन की होगी।

उपवास आंदोलन की समाप्ति पर समस्तीपुर के डीआरएम ज्योति प्रकाश मिश्रा को अपनी मांगों का 10 सूत्री स्मार पत्र सौंपते मंच के संयोजक शत्रुघ्न राय पंजी, सुरेंद्र प्रसाद सिंह व अन्य सदस्य।

10 सूत्री मांगों का स्मार पत्र सौंपकर अल्टीमेटम

आंदोलन के अंत में एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने डीआरएम ज्योति प्रकाश मिश्रा को 10 सूत्री स्मार पत्र (ज्ञापन) सौंपा। सौंपे गए स्मार पत्र में प्रमुख रूप से ये मांगें शामिल हैं:

  1. कर्पूरीग्राम-ताजपुर-पातेपुर-महुआ-भगवानपुर नई रेल लाइन का निर्माण अविलंब शुरू करना।
  2. शिलान्यासित मुक्तापुर रेल गुमटी ओवरब्रिज का काम तुरंत चालू करना।
  3. अटेरन चौक रेल गुमटी पर नए ओवरब्रिज निर्माण को तत्काल मंजूरी देना।
  4. केबल स्थान से कर्पूरीग्राम, दलसिंहसराय से पटोरी, और मुक्तापुर से थानेश्वरस्थान तक नई रेल लाइन योजनाओं को हरी झंडी देना।
  5. समस्तीपुर रेल कारखाना में पूर्णरूपेण पीओपी (POP) कार्य संपन्न कराना।
  6. समस्तीपुर जंक्शन पर नए वाशिंग पिट का निर्माण और लंबी दूरी की नई ट्रेनों का परिचालन।

सर्वदलीय समर्थन से गूंजा परिसर

इस उपवास आंदोलन को विभिन्न राजनीतिक दलों का भारी समर्थन मिला। आंदोलन में मुख्य रूप से भाकपा माले के उपेंद्र राय, विश्वनाथ गुप्ता, पूर्व पार्षद अर्जुन कुमार राय, रामलाल राय; राजद के नेता राकेश ठाकुर, राम विनोद पासवान, जगलाल राय, शाहिद हुसैन; माकपा के सत्यनारायण सिंह; कांग्रेस के डोमन राय, विश्वनाथ सिंह हजारी, परमानंद मिश्र; सामाजिक कार्यकर्ता संतोष कुमार, अशोक कुमार राय; और भाजपा के राकेश कुमार राज, रामगुलेब राय, राजेंद्र राय, शंभू राय, एवं कृष्ण कुमार शामिल हुए।

 आखिर इस क्षेत्र के लिए क्‍या वरदान होगा यह रेल मार्ग?

कर्पूरीग्राम-ताजपुर-पातेपुर-महुआ-भगवानपुर रेल मार्ग केवल पटरियों का बिछना भर नहीं है, बल्कि यह इस ग्रामीण और अर्ध-शहरी बेल्ट के लिए आर्थिक समृद्धि का कॉरिडोर साबित हो सकता है। इस रेल मार्ग की जरूरत को इन मुख्य बिंदुओं से समझा जा सकता है:

  • मंडी और व्यापार को सीधा जुड़ाव: ताजपुर और महुआ के इलाके बड़े पैमाने पर सब्जी, फल और कृषि उत्पादों के उत्पादन के लिए जाने जाते हैं। रेल कनेक्टिविटी न होने के कारण किसानों को अपनी फसल कौड़ियों के भाव स्थानीय स्तर पर बेचनी पड़ती है। इस रेल लाइन के बनने से किसान अपने उत्पादों को सीधे बड़े बाजारों और अन्य राज्यों तक आसानी से और कम लागत में भेज सकेंगे।
  • सड़क मार्ग पर दबाव होगा कम: वर्तमान में समस्तीपुर से वैशाली (भगवानपुर) और मुजफ्फरपुर-पटना की ओर जाने वाली सड़कों पर गाड़ियों का भारी दबाव रहता है, जिससे हर दिन घंटों लंबा जाम लगता है। इस रेल मार्ग के चालू होने से न सिर्फ यात्रा का समय आधा हो जाएगा, बल्कि सड़कों पर से लोड भी काफी कम होगा।
  • रोजगार और नए उद्योगों का सृजन: यह रेल खंड उत्तर बिहार के कई महत्वपूर्ण जिलों की सीमाओं को जोड़ता है। रेल संपर्क स्थापित होने से ताजपुर और महुआ जैसे तेजी से विकसित हो रहे कस्बों में छोटे और मध्यम दर्जे के उद्योगों (MSMEs) और कोल्ड स्टोरेज चेन के निर्माण का रास्ता साफ होगा, जिससे स्थानीय स्तर पर हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा।

यह मांग पिछले लगभग दो दशकों (करीब 20 साल) से लगातार उठ रही है, जब रेल मंत्रालय ने इस पिछड़े इलाके को मुख्य रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए शुरुआती सर्वे की बात कही थी, लेकिन बजट की कमी और प्रशासनिक उदासीनता के कारण यह योजना फाइलों में ही दबी रह गई। दूरी के मामले में, वर्तमान में समस्तीपुर से महुआ, हाजीपुर या वैशाली क्षेत्र जाने के लिए मुजफ्फरपुर होकर एक लंबा चक्कर (यू-शेप) लगाना पड़ता है, जिससे समय और पैसे दोनों की भारी बर्बादी होती है। अगर यह नया रेल मार्ग बनता है, तो समस्तीपुर से कर्पूरीग्राम, ताजपुर और महुआ होते हुए भगवानपुर (जो कि हाजीपुर-मुजफ्फरपुर रेल खंड पर स्थित है) की दूरी सीधे तौर पर लगभग 35 से 40 किलोमीटर कम हो जाएगी, जिससे समस्तीपुर से हाजीपुर और राजधानी पटना आने-जाने वाले यात्रियों का सफर न सिर्फ बेहद सीधा हो जाएगा, बल्कि सफर का समय भी करीब डेढ़ से दो घंटे घट जाएगा।

यही कारण है कि इस रेल मार्ग को लेकर आम जनता से लेकर  राजनीतिक दल के नेता अब आर-पार की लड़ाई के मूड में आ गए हैं।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,

||  https://newsbharattv.in  ||

बिहार भाजपा में बड़ा सांगठनिक फेरबदल: सोशल इंजीनियरिंग का ‘मास्टरस्ट्रोक’, देखें किसे मिला कौन सा पद!

पटना। बिहार की सियासत में आगामी चुनावी और सांगठनिक चुनौतियों को भांपते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी नई प्रदेश टीम का एलान कर दिया है। पत्रांक संख्या 630/26 के तहत जारी इस आधिकारिक सूची में पार्टी ने क्षेत्रीय संतुलन और सामाजिक समीकरणों को साधने के लिए एक बड़ा ‘मास्टरस्ट्रोक’ खेला है। प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन के दिशा-निर्देशों पर तैयार की गई इस नई टीम में कुल अड़तीस बड़े पदाधिकारियों और सात मोर्चा अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है।

इस संगठनात्मक पुनर्गठन पर अपनी मुहर लगाते हुए राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया पर नई टीम को शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संदेश में कहा, भारतीय जनता पार्टी, बिहार प्रदेश के नवमनोनीत सभी प्रदेश पदाधिकारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ। आप सभी के सफल एवं गौरवपूर्ण कार्यकाल हेतु अनंत शुभकामनाएँ।”

संजय सरावगी द्वारा हस्ताक्षरित इस सूची के सामने आने के बाद यह साफ हो गया है कि भाजपा ने इस बार जातिगत और क्षेत्रीय समीकरणों को बेहद बारीकी से सुलझाने का प्रयास किया है, ताकि विपक्ष के सामाजिक गठजोड़ को मात दी जा सके।

संगठनात्मक सूची: किसे मिली कौन सी जिम्मेदारी?

पार्टी द्वारा जारी सांगठनिक सूची को सुगमता के लिए नीचे तीन अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित किया गया है। इसमें सभी नाम हूबहू पत्र के अनुसार बिना किसी आदरसूचक शब्द के दिए गए हैं:

1. प्रदेश उपाध्यक्ष और प्रदेश महामंत्री सूची

क्र. सं.नामपद / दायित्व
1.हरिभूषण ठाकुर बचौल (पूर्व विधायक)प्रदेश उपाध्यक्ष
2.राकेश कुमारप्रदेश उपाध्यक्ष
3.संतोष पाठकप्रदेश उपाध्यक्ष
4.मनोज कुमार सिंहप्रदेश उपाध्यक्ष
5.अनामिका पासवानप्रदेश उपाध्यक्ष
6.शोभा सिंहप्रदेश उपाध्यक्ष
7.पवन जायसवाल (पूर्व विधायक)प्रदेश उपाध्यक्ष
8.प्रणव कुमार यादव (पूर्व विधायक)प्रदेश उपाध्यक्ष
9.संतोष रंजन रायप्रदेश उपाध्यक्ष
10.नंद प्रसाद चौहानप्रदेश उपाध्यक्ष
11.अनिल ठाकुरप्रदेश उपाध्यक्ष
12.मुकेश शर्मा (औरंगाबाद)प्रदेश उपाध्यक्ष
13.शीला कुशवाहाप्रदेश उपाध्यक्ष
14.बलराम मंडलप्रदेश उपाध्यक्ष
15.सरोज रंजन पटेलप्रदेश महामंत्री
16.धनराज शर्माप्रदेश महामंत्री
17.प्रीति शेखरप्रदेश महामंत्री
18.नितिन अभिषेकप्रदेश महामंत्री
19.राजेश झा उर्फ राजू झाप्रदेश महामंत्री

2. प्रदेश मंत्री, कोषाध्यक्ष एवं कार्यालय पदाधिकारी

क्र. सं.नामपद / दायित्व
20.सुषमा साहूप्रदेश मंत्री
21.जन्मेजय कुमार सिंहप्रदेश मंत्री
22.रागिनी रानीप्रदेश मंत्री
23.कुमार राघवेंद्रप्रदेश मंत्री
24.प्रभाकर मिश्राप्रदेश मंत्री
25.अंजनी निषादप्रदेश मंत्री
26.मनोज चौधरीप्रदेश मंत्री
27.मुकेश सिंह कुशवाहाप्रदेश मंत्री
28.सीमा झाप्रदेश मंत्री
29.सरला रजकप्रदेश मंत्री
30.सुनील रामप्रदेश मंत्री
31.संजय कुमार-मुन्नाप्रदेश मंत्री
32.मुकेश शर्मा (मुजफ्फरपुर)प्रदेश मंत्री
33.दिवाकर सिंहप्रदेश मंत्री
34.त्रिविक्रम नारायण सिंह (विधायक)प्रदेश कोषाध्यक्ष
35.राजेश सिन्हासह कोषाध्यक्ष
36.अंकुर गुप्तासह कोषाध्यक्ष
37.अक्षय कुमारप्रदेश मुख्यालय प्रभारी
38.विनय केरीकार्यालय मंत्री

3. विभिन्न मोर्चों के अध्यक्षों की सूची

संगठन के सातों प्रमुख पंखों (मोर्चों) को भी नए अध्यक्ष मिल गए हैं, जिनकी सूची इस प्रकार है:

क्र. सं.नाममोर्चा का नाम (अध्यक्ष)
1.जितेन्द्र सिंहयुवा मोर्चा
2.निशा सिंह (विधायक)महिला मोर्चा
3.राम सुमिरन सिंहकिसान मोर्चा
4.प्रमोद चंद्रवंशीओबीसी मोर्चा
5.सुजीत पासवान (विधायक)अनुसूचित जाति मोर्चा
6.निरंजन पजियार थारूअनुसूचित जनजाति मोर्चा
7.मो० महबुल हकअल्पसंख्यक मोर्चा

सोशल इंजीनियरिंग और भाजपा का मास्टरस्ट्रोक

भाजपा की इस नई टीम का यदि बारीकी से विश्लेषण किया जाए, तो इसमें पार्टी की भविष्य की रणनीति साफ दिखाई देती है। यह फेरबदल महज पदों का बंटवारा नहीं है, बल्कि बिहार के जटिल सामाजिक ताने-बाने को साधने की एक सोची-समझी कोशिश है।

अगड़ी और पिछड़ी जातियों का सटीक संतुलन

बिहार की राजनीति हमेशा से जातीय ध्रुवीकरण के इर्द-गिर्द घूमती रही है। इस सूची में पार्टी ने अपने मुख्य आधार वोट बैंक यानी सवर्ण (अगड़ी) जातियों को भी पूरा सम्मान दिया है और साथ ही अत्यंत पिछड़ी (ईबीसी) और अन्य पिछड़ी जातियों (ओबीसी) को बहुत बड़ा प्रतिनिधित्व दिया है।

  • उपाध्यक्ष की सूची में हरिभूषण ठाकुर बचौल, संतोष पाठक, पवन जायसवाल जैसे स्थापित चेहरों को रखकर सवर्ण और वैश्य समाज को मजबूत संदेश दिया गया है।
  • वहीं दूसरी ओर, शीला कुशवाहा और मुकेश सिंह कुशवाहा जैसे नामों को शामिल कर लव-कुश समीकरण में सेंधमारी की कोशिश तेज की गई है।
  • प्रमोद चंद्रवंशी को ओबीसी मोर्चा का अध्यक्ष बनाना यह दर्शाता है कि पार्टी अति पिछड़ा वर्ग को अपने पाले में बनाए रखने के लिए कितनी गंभीर है।

दलित और आदिवासी समाज को मुख्यधारा में जगह

इस सांगठनिक फेरबदल में अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग को न केवल संख्या बल दिया गया है, बल्कि उन्हें फ्रंटलाइन पर रखा गया है। अनामिका पासवान को सीधे प्रदेश उपाध्यक्ष जैसे कद्दावर पद पर बिठाया गया है, जबकि सरला रजक और सुनील राम को प्रदेश मंत्री बनाकर दलित चेहरों को आगे बढ़ाया गया है। इसके अलावा विधायक सुजीत पासवान को अनुसूचित जाति मोर्चा और निरंजन पजियार थारू को अनुसूचित जनजाति मोर्चा का जिम्मा देकर सुदूर इलाकों के कार्यकर्ताओं को साधने की कवायद की गई है।

महिला शक्ति पर विशेष भरोसा

इस सूची में महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय है। पार्टी ने केवल महिला मोर्चा तक खुद को सीमित नहीं रखा है, बल्कि मुख्य संगठन में महिलाओं को महत्वपूर्ण सांगठनिक ताकत दी है। अनामिका पासवान और शोभा सिंह को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है, तो प्रीति शेखर को प्रदेश महामंत्री जैसी बड़ी संगठनात्मक भूमिका मिली है। वहीं सुषमा साहू, रागिनी रानी, सीमा झा और सरला रजक को प्रदेश मंत्री बनाकर आधी आबादी के बीच अपनी पैठ मजबूत करने का एक बड़ा दांव खेला गया है।

अनुभव और युवा ऊर्जा का मेल

पार्टी ने अपने पुराने और आक्रामक नेताओं जैसे हरिभूषण ठाकुर बचौल को संगठन में ऊंचा ओहदा देकर यह साफ कर दिया है कि वह अपनी मूल विचारधारा और आक्रामक रुख से समझौता नहीं करेगी। वहीं दूसरी ओर, युवा मोर्चा की कमान जितेन्द्र सिंह को देकर नए मतदाताओं और युवाओं को पार्टी से जोड़ने का जिम्मा सौंपा गया है।

क्षेत्रीय संतुलन का खास ध्यान

इस सूची में पटना के अलावा उत्तर बिहार, दक्षिण बिहार, सीमांचल और मिथिलांचल का विशेष ध्यान रखा गया है। औरंगाबाद के मुकेश शर्मा और मुजफ्फरपुर के मुकेश शर्मा दोनों को सूची में जगह देकर भौगोलिक संतुलन बनाने का प्रयास किया गया है। धनराज शर्मा और राजेश झा जैसे जमीन से जुड़े नेताओं को महामंत्री बनाकर संगठन के कामकाज को गति देने की योजना है।

कुल मिलाकर, बिहार भाजपा की यह नई टीम मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व और नितिन नवीन के सांगठनिक कौशल का एक मिलाजुला नतीजा दिखती है। इस ‘मास्टरस्ट्रोक’ के जरिए भाजपा ने न केवल अपने कैडर को रिचार्ज किया है, बल्कि विपक्ष के सामने एक ऐसी सोशल इंजीनियरिंग पेश की है जिसका मुकाबला करना आसान नहीं होगा। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह नई सांगठनिक फौज जमीन पर कितनी कामयाब साबित होती है।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,

||  https://newsbharattv.in  ||

कर्पूरीग्राम-ताजपुर-महुआ नई रेल लाइन को लेकर आर-पार की जंग का ऐलान! कल समस्तीपुर DRM दफ्तर पर महा-उपवास,

रेल विस्तार मंच ने जनसंपर्क अभियान चलाकर फूंका बिगुल; अटेरन और मुक्तापुर रेल गुमटी पर ओवरब्रिज निर्माण कार्य तुरंत शुरू करने की भी उठी पुरजोर मांग।

समस्तीपुर, 28 मई 2026 समस्तीपुर-वैशाली क्षेत्र की लाइफलाइन मानी जाने वाली वर्षों से लंबित कर्पूरीग्राम-ताजपुर-पातेपुर-महुआ-भगवानपुरनई रेल लाइन योजना को शुरू कराने के लिए ‘समस्तीपुर रेल विकास एवं विस्तार मंच’ ने अब आर-पार की जंग का खुला ऐलान कर दिया है। रेल प्रशासन की लगातार जारी उपेक्षा से आक्रोशित मंच के नेताओं और स्थानीय जनता ने इस ऐतिहासिक मांग को लेकर शुक्रवार (29 मई) को समस्तीपुर डीआरएम (DRM) कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय विशाल ‘उपवास आंदोलन’ करने की पूरी तैयारी कर ली है।

समस्तीपुर’रेल विकास एवं विस्तार मंच’ के द्वारा की गई अपील

सड़कों पर फूटा गुस्सा, हुआ सघन जनसंपर्क: इस महा-आंदोलन की सफलता को लेकर गुरुवार को पूरे शहर में भारी सुगबुगाहट और आक्रोश देखा गया। मंच के बैनर तले माधुरी चौक से लेकर अटेरन चौक गुमटी तक एक सघन और आक्रामक जनसंपर्क अभियान चलाया गया। इस दौरान आयोजित कई नुक्कड़ सभाओं में वक्ताओं ने केवल एक ही सुर में कहा कि कर्पूरीग्राम-ताजपुर-महुआ रेल लाइन इस इलाके के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए बेहद जरूरी है, लेकिन रेल मंत्रालय इस पर कुंडली मारकर बैठा है। अब जनता चुप नहीं बैठेगी और इस मांग को मनवाकर ही दम लेगी।

“आर-पार की लड़ाई:” कर्पूरीग्राम-ताजपुर-महुआ नई रेल लाइन योजना को तुरंत शुरू करने की मुख्य मांग को लेकर गुरुवार को समस्तीपुर की सड़कों पर आक्रामक जनसंपर्क अभियान चलाते ‘रेल विकास एवं विस्तार मंच’ के कार्यकर्ता। हाथों में आंदोलन का लाल बैनर थामे ये लोग शुक्रवार को डीआरएम कार्यालय के सामने होने वाले ऐतिहासिक ‘महा-उपवास’ के लिए आम जनता को एकजुट कर रहे हैं।

 आंदोलन की प्रमुख मांगें जिनपर छिड़ी है जंग:

  1. कर्पूरीग्राम-ताजपुर-पातेपुर-महुआ-भगवानपुर नई रेल लाइन योजना को तत्काल बजट आवंटित कर काम शुरू किया जाए।
  2. अटेरन चौक रेल गुमटी पर भीषण जाम से मुक्ति के लिए अविलंब ओवरब्रिज (ROB) का निर्माण हो।
  3. मुक्तापुर रेल गुमटी पर अधर में लटके ओवरब्रिज निर्माण कार्य को बिना देरी दोबारा शुरू किया जाए।
  4. समस्तीपुर रेल मंडल में यात्री सुविधाओं में विस्तार और स्थानीय ट्रेनों के ठहराव को सुनिश्चित किया जाए।

प्रशासन की बेरुखी के खिलाफ कल ठनना तय: नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कड़े लहजे में कहा कि जनहित और यात्री सुविधाओं के इस सबसे बड़े सवाल को लेकर लगातार शांतिपूर्ण आंदोलन चलाए जा रहे हैं, लेकिन रेल प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। कई महत्वपूर्ण आश्वासनों के बाद भी जमीन पर कोई सकारात्मक पहल नहीं दिखी। यही वजह है कि शुक्रवार को सुबह 11 बजे से सीधे डीआरएम दफ्तर के सामने जनता उपवास पर बैठकर अपना विरोध दर्ज कराकर आर-पार की लड़ाई लड़ेगी। इस ऐतिहासिक आंदोलन में हजारों की संख्या में ग्रामीणों और शहरी क्षेत्र के लोगों के जुटने की संभावना है।

जनसंपर्क अभियान के दौरान कार्यकर्ताओं ने दुकान-दुकान और घर-घर जाकर लोगों से इस उपवास आंदोलन को ऐतिहासिक बनाने की अपील की। सड़कों पर उतरे कार्यकर्ताओं के हाथों में मांगों की लाल तख्तियां और बैनर थे, जिसे देखकर आम जनता का भी भरपूर समर्थन मिला।

रणनीति बनाने और अभियान का नेतृत्व करने वाले मुख्य चेहरे: इस निर्णायक जनसंपर्क अभियान में मुख्य रूप से शत्रुघ्न राय पंजी, सुरेंद्र प्रसाद सिंह, शंकर प्रसाद साह, सत्यनारायण सिंह, राम विनोद पासवान, परमानंद मिश्र, विश्वनाथ सिंह हजारी, अशोक राय, सुशील कुमार राय, राकेश ठाकुर, मनोज कुमार राय, संतोष कुमार निराला, उपेंद्र राय, डोमन राय समेत मंच से जुड़े सभी वरिष्ठ पदाधिकारी और स्थानीय लोग पूरी ताकत के साथ मौजूद रहे।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,

||  https://newsbharattv.in  ||

“कैबिनेट का महा-ब्लॉकबस्टर फैसला: बिहार की सड़कों पर बरसेगा ₹2,675 करोड़, सरकारी कर्मचारियों को कैशलेस इलाज का बड़ा तोहफा!”

 सड़कों का कायाकल्प, स्वास्थ्य विभाग में बंपर बहालियां, जजों को नई गाड़ियां और सरकारी कर्मियों को कैशलेस इलाज का तोहफा; जानिए सचिवालय की बैठक के वो बड़े फैसले जो बदल देंगे बिहार की सूरत!

विशेष संवाददाता, पटना। बिहार की राजनीति और विकास की रफ्तार को लेकर आज सचिवालय से एक बेहद बड़ी  खबर सामने आ रही है। आज दिनांक 27 मई, 2026 (बुधवार) को माननीय  मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की महा-बैठक में कुल 27 महत्वपूर्ण एजेंडों पर अंतिम मुहर लगा दी गई है। इस हाई-प्रोफाइल बैठक में राज्य के बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सुविधाओं, कानून व्यवस्था और युवाओं के रोजगार को मजबूत करने के लिए अरबों रुपये के बजट को हरी झंडी दे दी गई। बैठक के तुरंत बाद मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इन सभी ऐतिहासिक फैसलों की विस्तृत और प्रामाणिक जानकारी मीडिया के साथ साझा की।

🚗 1. सड़कों का महा-कायाकल्प: 2,675 करोड़ से चमकेंगी बिहार की सड़कें!

कैबिनेट बैठक में सबसे बड़ा धमाका पथ निर्माण विभाग में हुआ है। बिहार स्टेट हाईवे प्रोजेक्ट (BSHP-IV) के तहत तीन बड़े नेशनल और स्टेट हाईवे प्रोजेक्ट्स के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण के लिए कुल ₹2,67,556.50 लाख (लगभग 2,675 करोड़ रुपये) की भारी-भरकम प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है:

  • विशनपुर-अतरबेल (NH-57) से जाले-घोधरचट्टी (SH-52): 47.875 किमी लंबाई के लिए ₹990.03 करोड़ मंजूर।
  • गनपतगंज-परवाहा पथ (SH-92): 47.432 किमी लंबाई के लिए कुल ₹703.95 करोड़ की स्वीकृति।
  • ब्रह्मपुर-कोरनसराय-इटाढ़ी-बक्सर एवं उजियारपुर-समदा पथ: 80.728 किमी लंबाई के चौड़ीकरण के लिए ₹982.58 करोड़ स्वीकृत।

🏥 2. PMCH में बनेगा स्पाइन सब-स्पेशियलिटी यूनिट‘, 39 नए पदों का सृजन

बिहार की चिकित्सा व्यवस्था को अपग्रेड करते हुए पटना चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (PMCH) के हड्डी रोग विभाग के अधीन पूरी तरह से स्वतंत्र रूप से स्पाइन सब-स्पेशियलिटी यूनिट स्थापित करने की मंजूरी दी गई है। इसके लिए कुल 39 नए पदों का सृजन किया गया है, जिससे अब रीढ़ की हड्डी के मरीजों को दिल्ली-मुंबई नहीं भागना पड़ेगा।

💳 3. सरकारी कर्मचारियों और पेंशनधारियों को कैशलेस इलाजका महा-तोहफा!

सरकार ने एक और लोक-कल्याणकारी निर्णय लेते हुए बिहार विधान मंडल के वर्तमान एवं पूर्व सदस्यों, अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों, राज्य सरकार के नियमित कर्मचारियों एवं पेंशनधारियों को ‘बिहार सरकार स्वास्थ्य योजना’ के तहत इन-पेशेंट (अस्पताल में भर्ती होने पर) इलाज के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान करने की नीति पर मुहर लगा दी है।

⚖️ 4. जजों के लिए 3.70 करोड़ से खरीदी जाएंगी 10 नई हाइब्रिड गाड़ियां

न्याय प्रक्रिया को तेज करने और माननीय जजों की सुरक्षा व सुविधा के लिए विधि विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। पटना उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीशों के लिए 10 नए आधुनिक E.V./Hybrid वाहनों की खरीद हेतु बिहार राज्य आकस्मिकता निधि से 3 करोड़ 70 लाख रुपये के अग्रिम की स्वीकृति दी गई है।

👮 5. पटना ट्रैफिक DSP अनिल कुमार रिटायरमेंट के बाद फिर संभालेंगे कुर्सी!

गृह विभाग (आरक्षी शाखा) से बड़ी खबर है कि पटना के तेजतर्रार वरीय पुलिस उपाधीक्षक (यातायात) श्री अनिल कुमार, जो 31 मई 2026 को सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं, उनकी बेहतरीन कार्यशैली को देखते हुए सरकार ने सेवानिवृत्ति के ठीक बाद संविदा के आधार पर उन्हें पुनर्नियुक्त करने का बड़ा फैसला लिया है।

⚖️ 6. नशे के सौदागरों पर टूटेगा कहर: जिलों में खुलेंगे ‘Exclusive Special Courts’

राज्य में नशीले पदार्थों की तस्करी और बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने के लिए पूर्णियाँ, भागलपुर एवं गया न्यायमंडल में NDPS Act के तहत मुकदमों के त्वरित ट्रायल के लिए जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश स्तर के कुल 03 अनन्य विशेष न्यायालयों (Exclusive Special Courts) के गठन और जजों के पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। साथ ही शराबबंदी कानून को कड़ाई से लागू करने के लिए मधुबनी और दरभंगा (बेनीपुर) में 02 नए न्यायालयों की स्थापना को भी स्वीकृति मिली है।

🏛️ 7. बेगूसराय में बनेगी नई उप-कारा (Sub-Jail)

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा बेगूसराय के खोदावंदपुर अंचल में उप-कारा (जेल) के निर्माण हेतु गृह विभाग को 21 एकड़ गैरमजरूआ खास जमीन मुफ्त में हस्तांतरित करने की ऐतिहासिक स्वीकृति दी गई है।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,

||  https://newsbharattv.in  ||

जुए के महाअड्डे पर पुलिस का धावा: ताश के पत्तों पर सज रही थी किस्मत, 14 जुआरी दबोचे, लाखों का कैश बरामद!

मिठनपुरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: गुप्त सूचना पर जुए और सट्टे के संगठित गिरोह का भंडाफोड़, चंपारण से भी जुड़े थे तार

मुजफ्फरपुर। जिला पुलिस ने संगठित अपराध और अवैध धंधों के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। मिठनपुरा थाना क्षेत्र में बड़े पैमाने पर चल रहे एक हाई-प्रोफाइल जुआ और सट्टा गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने मौके से कुल 14 अभियुक्तों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। अपराधियों के पास से भारी मात्रा में नकदी, मोबाइल फोन और जुआ खेलने की सामग्री बरामद की गई है। इस कार्रवाई से इलाके के सटोरियों और अपराधियों में हड़कंप मच गया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने की प्रेस वार्ता

मामले की जानकारी देते हुए मुजफ्फरपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) कान्तेश कुमार मिश्र ने प्रेस वार्ता में बताया कि पुलिस को एक गुप्त और पुख्ता सूचना मिली थी कि मिठनपुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक संगठित गिरोह द्वारा अवैध रूप से जुआ और सट्टा संचालित किया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बताए गए ठिकाने पर छापेमारी की। पुलिस को देखते ही वहां भगदड़ मच गई, लेकिन मुस्तैद जवानों ने घेराबंदी कर मौके से 14 आरोपियों को धर दबोचा।

लाखों का कैश और चंपारण कनेक्शन

SSP ने बताया कि गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों के पास से 3,25,200 रुपये नगद, 14 स्मार्टफोन और ताश के पत्तों के 12 बंडल बरामद किए गए हैं। पकड़े गए आरोपियों में से अधिकांश मुजफ्फरपुर जिले के ही रहने वाले हैं, जबकि 4 अभियुक्त पूर्वी चंपारण के निवासी हैं, जिससे यह साफ होता है कि इस गिरोह के तार दूसरे जिलों से भी जुड़े हुए थे। पुलिस अब इस धंधे के मुख्य मास्टरमाइंड (संचालक) की तलाश में जुटी है।

मुजफ्फरपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक कान्तेश कुमार मिश्र प्रेस वार्ता के दौरान मामले का खुलासा करते हुए। (ऊपर दाएं) पुलिस द्वारा जब्त किए गए ₹3,25,200 नगद, 14 मोबाइल फोन और ताश के पत्तों के बंडल। (नीचे दाएं) मिठनपुरा पुलिस की गिरफ्त में चेहरे पर नकाब डाले खड़े जुआ और सट्टा गिरोह के सभी 14 आरोपी।

गिरफ्तार अभियुक्तों की सूची:

  1. मोहम्मद लाल
  2. मोहम्मद मंजू
  3. सोनू कुमार
  4. दिलशाद अहमद
  5. शंभू शरण
  6. मिथलेश कुमार
  7. विक्की कुमार
  8. सावन कुमार
  9. सुखारी कुमार
  10. चंदन
  11. आकाश
  12. मदन झा
  13. सरफराज अंसारी
  14. आमीन हुसैन

सूचना देने वाले को मिलेगा इनाम, पहचान रहेगी गुप्त

एसएसपी कान्तेश कुमार मिश्र ने सटीक जानकारी देने वाले जागरूक नागरिक का विशेष धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि सूचक के अनुरोध पर उसकी पहचान पूरी तरह गुप्त रखी गई है। साथ ही, पुलिस के पास ऐसे सजग नागरिकों को पुरस्कृत करने का प्रावधान है, इसलिए उन्हें उचित इनाम भी दिया जाएगा।

SSP की जनता से अपील: सोशल मीडिया पर करें वन-टू-वन मैसेज

पुलिस कप्तान ने आम जनता से अपील करते हुए कहा, “अगर आपके पास स्मैक, ड्रग्स, अवैध शराब या जुआ-सट्टा जैसे किसी भी संगठित अपराध की जानकारी है, तो तुरंत हमारे नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) या 112 पर कॉल करें। इसके अलावा आप मुजफ्फरपुर पुलिस के ऑफिशियल फेसबुक, ट्विटर (X) या इंस्टाग्राम हैंडल पर जाकर डायरेक्ट मैसेज भी कर सकते हैं। आपकी पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।”

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,

||  https://newsbharattv.in ||

सम्राट का महा-ऐलान: बिहार में अब 24 घंटे दौड़ेगा विकास! पानी की किल्लत खत्म, लापरवाही पर ‘एआई’ (AI) रखेगा पैनी नजर

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ‘संकल्प’ बैठक में बड़े फैसले: नल का जल आपूर्ति का समय 2 घंटे बढ़ा, बिना वजह मरीजों को रेफर करने पर 15 अगस्त से पूर्ण प्रतिबंध, जिलाधिकारियों को सीधी कमान!

पटना। बिहार के विकास और आमजन की बुनियादी सुविधाओं को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज एक बेहद कड़ा और ऐतिहासिक रुख अपनाया है। लोक सेवक आवास, 1 अणे मार्ग स्थित ‘संकल्प’ सभागार में आयोजित चार प्रमुख विभागों—लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण (PHED), पथ निर्माण, उच्च शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग की मैराथन समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कई धमाकेदार निर्णय लिए। उन्होंने सीधे तौर पर अधिकारियों को चेतावनी दी है कि जनता की समस्याओं में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

फोटो : मुख्यमंत्री आवास ‘1 अणे मार्ग’ स्थित ‘संकल्प’ सभागार में आयोजित उच्च स्तरीय महासमीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी। बैठक में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, पथ निर्माण, उच्च शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी महत्वपूर्ण फाइलों और डिजिटल स्क्रीन पर प्रोजेक्टेड डेटा के साथ बड़े नीतिगत निर्णयों पर गहन मंथन करते हुए।

हर घर शुद्ध पानी: सुबह-शाम 1-1 घंटा ज्यादा खुलेगी टोंटी

आम जनता को भीषण गर्मी और पानी की जरूरतों से राहत देने के लिए मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए ‘हर घर नल का जल योजना’ के तहत पानी आपूर्ति की समय-सीमा को सुबह और शाम एक-एक घंटा और बढ़ाने का आदेश दिया है। अब राज्य में पेयजल की उपलब्धता निरंतर और निर्बाध बनी रहेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि पेयजल से जुड़ी किसी भी शिकायत का त्वरित समाधान होना चाहिए और इस पूरी व्यवस्था को पारदर्शी व सुदृढ़ बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का उपयोग किया जाए, ताकि शिकायतें सीधे मॉनिटर हो सकें। इसके अलावा, उन्होंने आगामी 30 जून से पहले राज्य के सभी चिन्हित व आवश्यक स्थानों पर युद्ध स्तर पर नए चापाकल लगाने का सख्त निर्देश जारी किया है।

महासमीक्षा बैठक के 8 सबसे बड़े और धमाकेदार निर्णय:

  1. पानी की महा-सप्लाई: हर घर तक निर्बाध शुद्ध पेयजल आपूर्ति, सुबह और शाम 1-1 घंटे अतिरिक्त समय बढ़ाया गया ताकि उपलब्धता निरंतर बनी रहे।
  2. शिकायतों पर AI का पहरा: पेयजल संबंधी जन-शिकायतों के त्वरित निवारण हेतु आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित आधुनिक ट्रैकिंग सिस्टम।
  3. चापाकल मिशन: भीषण गर्मी को देखते हुए 30 जून से पहले सभी आवश्यक जगहों पर नए चापाकल लगाने का कड़ा अल्टीमेटम।
  4. फोर-लेन से जुड़ेंगे जिला मुख्यालय: बिहार के सभी जिला मुख्यालयों को शानदार फोर-लेन सड़कों से जोड़ने की प्रक्रिया में अभूतपूर्व तेजी।
  5. कनेक्टिविटी पर महा-फोकस: एक्सप्रेस-वे, नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे के काम जल्द पूरे होंगे। पर्यटन, कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों को मिलेगी वर्ल्ड-क्लास कनेक्टिविटी।
  6. शिक्षा क्रांति: 1 जुलाई से राज्य के उन सभी 211 प्रखंडों में डिग्री की पढ़ाई शुरू होगी जहाँ अब तक कोई डिग्री कॉलेज नहीं था।
  7. जमीन दान करने वालों को सम्मान: डिग्री कॉलेज के लिए जमीन देने वाले दानी या उनके द्वारा अनुशंसित व्यक्ति के नाम पर ही कॉलेज का नामकरण होगा।
  8. अनावश्यक रेफरलपर पूर्ण सर्जिकल स्ट्राइक: 15 अगस्त तक सभी जिला और अनुमंडलीय अस्पतालों में बिना वजह मरीजों को रेफर करने पर रोक की पुख्ता व्यवस्था।

सड़कों का जाल: सभी जिला मुख्यालय होंगे फोर-लेन, पुलों की होगी नियमित जांच

सड़क और बुनियादी ढांचे की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य के सभी जिला मुख्यालयों को फोर-लेन कनेक्टिविटी से जोड़ा जाएगा। बिहार में चल रहे तमाम एक्सप्रेस-वे, राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) और स्टेट हाईवे (SH) के निर्माण कार्यों में गति और गुणवत्ता दोनों से कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने निर्देश दिया कि बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों, सांस्कृतिक विरासतों, औद्योगिक कॉरिडोरों और विशेष कृषि उत्पादन क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से बेहतरीन तरीके से जोड़ा जाए। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी पुलों की गुणवत्ता और मजबूती की नियमित व अनिवार्य जांच सुनिश्चित करने का आदेश दिया है।

उच्च शिक्षा में बड़ा बदलाव: विक्रमशिला विश्वविद्यालय के लिए जल्द मिलेगी जमीन

शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाई देने के लिए मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि आगामी 1 जुलाई से राज्य के डिग्री कॉलेज रहित सभी 211 प्रखण्डों में हर हाल में डिग्री स्तर की पढ़ाई शुरू करा दी जाए। साथ ही, ऐतिहासिक विक्रमशिला विश्वविद्यालय को उसके प्राचीन गौरव के साथ पुनर्स्थापित करने के लिए भारत सरकार को शीघ्र भूमि हैंडओवर की जाएगी और इसके लिए केंद्र को तुरंत पत्र भेजा जा रहा है। राज्य के सभी रिसर्च सेंटरों को भी अब स्पेशलाइज्ड और सिस्टेमेटिक बनाया जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग पर कड़ा एक्शन: अस्पतालों की लापरवाही पर DM रखेंगे नजर

स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार अब PPP (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल के तहत राज्य में नए ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड मेडिकल कॉलेज विकसित करने जा रही है। सबसे बड़ा निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला व अनुमंडलीय अस्पतालों से मरीजों को बिना ठोस वजह के सीधे बड़े अस्पतालों में रेफर (अनावश्यक रेफरल) करने की आदत पर तत्काल रोक लगाई जाए। आगामी 15 अगस्त तक यह पूरी तरह सुनिश्चित हो जाना चाहिए कि स्थानीय स्तर पर ही मरीजों को बेहतर इलाज मिले। इस पूरी व्यवस्था की पल-पल की जिम्मेदारी सभी जिलों के जिलाधिकारियों (DM) को सौंपी गई है, जो इसकी खुद मॉनिटरिंग करेंगे।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,

||  https://newsbharattv.in  ||

PK का ‘सम्राट’ पर सीधा प्रहार: “गरीबों के घर उजाड़ना आसान है चौधरी जी… हिम्मत है तो उस होटल पर बुलडोजर चलाकर दिखाओ!”

पटना के बीचों-बीच पिता के सामने बेटी के अपहरण के प्रयास पर भड़के प्रशांत किशोर; बोलेजंगलराज का डर दिखाकर वोट लेने वालों के मुंह पर यह करारा तमाचा है!

पटना। मुख्य संवाददाता

बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर (PK) ने सूबे के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और एनडीए सरकार पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। पटना के पॉश इलाके में एक होटल के कमरे से पिता के सामने उनकी बेटी को अगवा करने की कोशिश की सनसनीखेज घटना पर प्रशांत किशोर का गुस्सा फूट पड़ा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर ट्वीट कर सरकार की नीयत और ‘लॉ एंड ऑर्डर’ के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं।

गरीबों पर बुलडोजर चलाना आसान, रसूखदारों के आगे घुटने क्यों?”

प्रशांत किशोर ने सीधे उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को निशाने पर लेते हुए कहा कि गरीबों के आशियाने पर बुलडोजर चलाना बहुत आसान काम है। उन्होंने खुली चुनौती देते हुए कहा, सम्राट चौधरी को बताना चाहिए कि जिन गरीबों के घर पर उन्होंने बुलडोजर चलवाए हैं, तो भैया आज उस होटल पर बुलडोजर क्यों नहीं चल रहा है? अगर वाकई हिम्मत है, तो उस होटल पर बुलडोजर चलाकर दिखाइए, तब जनता को समझ में आएगा कि बिहार में कितना लॉ एंड ऑर्डर बचा है।”

ये उसी पुराने जंगलराजकी आहट है!

सरकार की नीतियों पर हमला जारी रखते हुए PK ने कहा कि यह घटना उन लोगों के मुंह पर एक करारा तमाचा है जो खुद ‘जंगलराज’ का डर दिखाकर जनता से वोट बटोरते रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज बिहार में फिर से उसी पुराने जंगलराज की आहट साफ सुनाई दे रही है, जब लोग सुनते थे कि दिनदहाड़े इस तरह के खौफनाक कुकृत्य होते थे।

पटना के बीचों-बीच, रात के वक्त एक होटल के कमरे से किसी की बेटी को खींचने की कोशिश की जाती है, और सरकार सोई हुई है। यह बेहद शर्मनाक और खौफनाक स्थिति है।” > प्रशांत किशोर, संस्थापक (जन सुराज)

इस बयान के बाद बिहार की सियासत में भूचाल आना तय माना जा रहा है। अब देखना यह है कि प्रशांत किशोर की इस ‘बुलडोजर चुनौती’ पर सत्ताधारी दल और सम्राट चौधरी की तरफ से क्या पलटवार आता है।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,

||  https://newsbharattv.in  ||