Wednesday, October 28, 2026

बिहार के गया में बारह औद्योगिक इकाइयों के साथ चार हजार बानवे करोड़ रूपये के निवेश पर हुआ समझौता, नए रोजगार के अवसर होंगे सृजित

  • गया के बोधगया स्थित होटल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उद्योग विभाग और बारह औद्योगिक इकाइयों के बीच चार हजार बानवे करोड़ रूपये के निवेश प्रस्तावों से संबंधित समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए।
  • इस पहल से राज्य में ऊर्जा, टेक्सटाइल, ऑर्गेनिक उत्पाद, ऑटोमोबाइल, एल्युमिनियम और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा तथा रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
  • कार्यक्रम के दौरान बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड का शुभारंभ और बिहार बिजनेस कनेक्ट दो हजार सत्ताईस के कर्टेन रेजर का आयोजन किया गया।

विस्तृत खबर: बिहार के गया जिला स्थित बोधगया के वेलकम होटल बाय आई०टी०सी० में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सम्राट चौधरी की उपस्थिति में उद्योग विभाग और बारह औद्योगिक इकाइयों के बीच कुल चार हजार बानवे करोड़ रूपये के निवेश प्रस्तावों से संबंधित समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। इस पहल से राज्य में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार होगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड (BIMCGL) के शुभारंभ और बिहार बिजनेस कनेक्ट दो हजार सत्ताईस के कर्टेन रेजर के अवसर पर विभिन्न कंपनियों ने निवेश के लिए समझौते किए। आज चार हजार बानवे करोड़ रूपये के बारह निवेश प्रस्तावों पर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए:

  • मिंट लाइफ साइंसेज: एक हजार पांच सौ करोड़ रूपये।
  • ए०बी०आई०एस० (ABIS) ग्रुप: छह सौ करोड़ रूपये।
  • बायोहील एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड: पांच सौ दस करोड़ रूपये।
  • जियोफास्ट इंडस्ट्रीज (1) लिमिटेड: पांच सौ करोड़ रूपये।
  • कुमार ऑर्गेनिक्स: तीन सौ करोड़ रूपये।
  • जियाना इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड: दो सौ छह करोड़ रूपये।
  • नालंदा ऑटोमेक प्राइवेट लिमिटेड: एक सौ बीस करोड़ रूपये।
  • अमरनाथ टेक्सटाइल: एक सौ दस करोड़ रूपये।
  • मां भद्रकाली एल्युमिनियम एक्सट्रूजन प्राइवेट लिमिटेड: पचानवे करोड़ रूपये।
  • शिवा एग्रो नेचुरल प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड: इक्यावन करोड़ रूपये।
  • वास्तु विहार बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड: पचास करोड़ रूपये।
  • कनकलया ज्वेलरी: पचास करोड़ रूपये।

इन प्रस्तावों में ऊर्जा, टेक्सटाइल, ऑर्गेनिक उत्पाद, ऑटोमोबाइल, एल्युमिनियम, कृषि आधारित उत्पाद, बायोटेक्नोलॉजी और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ी इकाइयां शामिल हैं। इन क्षेत्रों में निवेश से बिहार में उत्पादन गतिविधियों का विस्तार करने, सहायक उद्योगों को बढ़ावा देने और रोजगार के अवसर सृजित करने में मदद मिलेगी। राज्य सरकार का उद्देश्य बिहार में निवेश के अनुकूल माहौल तैयार करना और उद्यमियों को प्रोत्साहित करना है।

राज्य सरकार की प्राथमिकता इन समझौता ज्ञापनों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलना है, ताकि निवेश प्रस्तावों का लाभ औद्योगिक उत्पादन और आर्थिक विकास के रूप में मिल सके। इसके लिए औद्योगिक विकास और निवेशकों के साथ समन्वय के लिए कार्य किया जा रहा है।

समारोह में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति:

इस अवसर पर केन्द्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, बिहार विधानसभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार, कृषि मंत्री सह गया जिला के प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिन्हा, उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह, लघु जल संसाधन मंत्री संतोष कुमार सुमन, अन्य जनप्रतिनिधिगण, जापान, थाईलैंड एवं लाओस के राजदूत, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा, उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार, सूचना एवं प्रावैधिकी विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग के सचिव नवीन कुमार, मगध प्रमंडल की आयुक्त सफीना ए०एन०, मगध प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव, गया के जिलाधिकारी शशांक शुभंकर, गया के वरीय पुलिस अधीक्षक आनंद कुमार सहित अन्य वरीय अधिकारी, उद्योगपति, निवेशक एवं उद्योग क्षेत्र से जुड़े गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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समस्तीपुर पुलिस की बड़ी कामयाबी: फोरलेन पर गनपॉइंट पर लेकर लूट करने वाले 5 लुटेरे अरेस्ट!

पुराने हत्यारों और लुटेरों का नया कारनामा, पुलिस की त्वरित कार्रवाई से सलाखों के पीछे पहुंचे आरोपी

समस्तीपुर / ताजपुर: समस्तीपुर जिले की ताजपुर थाना पुलिस ने फोरलेन पर हथियार के बल पर लूटपाट करने वाले एक अंतरप्रांतीय/शातिर आपराधिक गिरोह का महज 24 घंटे के भीतर सफल उद्भेदन कर दिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल 5 कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से वारदात में इस्तेमाल की गई चार पहिया कार और पीड़ित से लूटा गया एंड्रॉइड मोबाइल फोन बरामद कर लिया गया है।

समस्तीपुर जिला पुलिस द्वारा ताजपुर थाना अंतर्गत डकैती की घटना का 24 घंटा के अंदर सफल उद्भेदन कर घटना में प्रयुक्त कार एवं लूटी गई मोबाईल के साथ 05 अपराधकर्मी को किया गया गिरफ्तार। तस्‍वीर में जानकारी देते सतीश सुमन SDPO सदर 1 समस्‍तीपुर, एवं अन्‍य पुलिस अधिकारी ।   

मामले की पूरी जानकारी देते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) सदर-1 सतीश सुमन ने बताया कि ताजपुर थाना क्षेत्र में हुई इस डकैती की वारदात के बाद पुलिस ने वैज्ञानिक और तकनीकी अनुसंधान के जरिए त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे गिरोह को बेनकाब किया है।

तड़के सुबह फोरलेन पर दिया था वारदात को अंजाम

प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना ताजपुर थाना अंतर्गत हरपुर भिंडी गांव के पास फोरलेन की है। कर्पूरी ग्राम थाना क्षेत्र के आधारपुर निवासी सुकेश कुमार राय (पिता- रामजी भगत) सुबह करीब पौने छह बजे फोरलेन से गुजर रहे थे। इसी दौरान कार सवार 5 अज्ञात अपराधियों ने उन्हें घेर लिया और मारपीट का भय दिखाकर उनसे ₹20,000 नगद और उनका एंड्रॉइड मोबाइल लूट लिया।

पीड़ित के बयान के आधार पर ताजपुर थाने में कांड संख्या 244/2026 (दिनांक 23/10/2026) दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई।

SP के निर्देश पर बनी विशेष छापेमारी टीम (SIT)

मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) समस्तीपुर के निर्देश पर SDPO सदर-1 सतीश सुमन के नेतृत्व में एक विशेष अनुसंधान दल (SIT) का गठन किया गया। इस टीम ने तकनीकी सर्विलांस और गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर 24 घंटे के अंदर पांचों अपराधियों की पहचान कर उन्हें दबोच लिया।

गिरफ्तार अपराधियों की सूची:

  1. गुड्डू कुमार, पिता- मनोज सहनी (थाना- ताजपुर)
  2. मनीष राज, पिता- राजनारायण यादव (थाना- ताजपुर)
  3. सत्यम कुमार, पिता- श्यामबली सहनी (थाना- ताजपुर)
  4. प्रतीक कुमार, पिता- आस्तिक ठाकुर (थाना- ताजपुर)
  5. आशीष रंजन, पिता- प्रेम कुमार (थाना- हसनपुर)

गिरफ्तार अपराधियों का रहा है संगीन आपराधिक इतिहास

SDPO सतीश सुमन ने बताया कि पकड़े गए अपराधियों का पूर्व से गंभीर आपराधिक इतिहास रहा है:

  • 2 आरोपियों पर हत्या का मुकदमा अदालत में विचाराधीन  है।
  • 1 आरोपी के विरुद्ध फर्जीवाड़ा और लूट  का मामला दर्ज है।
  • 1 आरोपी पर उत्पाद अधिनियम (शराब कांड) के तहत केस दर्ज है।

पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जमानत (Bail) पर बाहर आकर दोबारा आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने वाले इन अपराधियों की जमानत रद्द  कराने के लिए कोर्ट में विधिवत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पूछताछ में खुले कई अन्य कांडों के राज

पुलिस टीम द्वारा इन अपराधियों से की गई कड़ाई से पूछताछ में जिले के अन्य संपत्ति मूलक अपराधों (लूट, चोरी व डकैती) के संबंध में भी कई अहम और महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। इससे अन्य लंबित मामलों के अनुसंधान और खुलासे में पुलिस को बड़ी मदद मिलेगी।

SIT टीम में शामिल पुलिस पदाधिकारी:

इस सफल और त्वरित कार्रवाई को अंजाम देने वाली विशेष छापेमारी टीम में मुख्य रूप से शामिल रहे:

  • इंस्पेक्टर मनीष कुमार (थानाध्यक्ष, ताजपुर)
  • सब इंस्पेक्टर राकेश कुमार (ताजपुर थाना)
  • प्रोवेशनरी सब इंस्पेक्टर कलानंद कुमार (ताजपुर थाना)
  • सब इंस्पेक्टर प्रिंस प्रशांत भारत (DIU समस्तीपुर)
  • सब इंस्पेक्टर वत्स राहुल राजहंस (DIU समस्तीपुर)
  • ताजपुर थाना का सशस्त्र पुलिस बल

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जमीनी विवाद में खूनी खेल: सगे भाई की गोली मारकर हत्या, हत्या में प्रयुक्त हथियार संग आरोपी भाई ने किया आत्मसमर्पण!

लालगंज / करताहां : मकान और जमीन के एक विवाद ने दो सगे भाइयों के रिश्ते को इस कदर कलंकित कर दिया कि एक भाई ने दूसरे की जान ले ली। वैशाली जिला के करताहां थाना क्षेत्र के धनुषी गांव में तड़के मकान और जमीन के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में सुरेश प्रसाद सिंह ने अपने ही सगे भाई सोमनाथ सिंह की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और पूरे गांव में कोहराम मच गया।

धनुषी गांव में हुए भ्रातृहत्या (भाई की हत्या) कांड के संबंध में जानकारी देते हुए लालगंज सदर 2 के अनुमंडल पुलिस अधिकारी गोपाल मंडल।

मौके से मिले 5 खोखे, शरीर पर दो गोलियों के निशान

घटना की सूचना मिलते ही करताहां थाना पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और लहूलुहान अवस्था में पड़े सोमनाथ सिंह के शव को अपने कब्जे में लिया। पुलिस द्वारा घटनास्थल की जांच के दौरान वहां से 5 कारतूस के खोखे बरामद किए गए हैं। वहीं मृतक सोमनाथ सिंह के शरीर पर दो गोलियों के जख्म के निशान स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने शव को पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

एसपी कार्यालय पहुंचकर आरोपी ने किया सरेंडर

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी सुरेश प्रसाद सिंह भागने के बजाय सीधे हाजीपुर स्थित सीनियर एसपी (वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक) कार्यालय पहुंचा और हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार के साथ आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर दिया। इसके बाद करताहां थाना पुलिस द्वारा उसे विधिवत गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

कई बार हुई थी पंचायत, लेकिन नहीं सुलझा था विवाद

मामले की जानकारी देते हुए लालगंज सदर 2 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) गोपाल मंडल ने बताया कि मृतक तीन भाई हैं, जिनमें से एक भाई अलग रहता है और उसका इस विवाद से कोई लेना-देना नहीं है। सुरेश प्रसाद सिंह और सोमनाथ सिंह के बीच काफी समय से मकान व जमीन को लेकर विवाद चला आ रहा था। दोनों पक्षों के बीच इस विवाद को सुलझाने के लिए पूर्व में कई बार स्थानीय स्तर पर पंचायत भी हुई थी, लेकिन विवाद पूरी तरह से नहीं सुलझ सका और अंततः यह दर्दनाक हत्याकांड में तब्दील हो गया। पुलिस फिलहाल मामले की हर पहलू से गहन जांच कर रही है।

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सड़क हादसों में घायल लोगों को बिना पैसे तुरंत मिलेगा डेढ़ लाख तक का कैशलेस इलाज, जिला प्रशासन ने लागू की पीएम राहत योजना!

मुजफ्फरपुर: सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों के जीवन की रक्षा के लिए केंद्र सरकार और जिला प्रशासन मुजफ्फरपुर की ओर से एक अत्यंत महत्वपूर्ण और जीवनरक्षक पहल की शुरुआत की गई है। अब सड़क हादसे में घायल मरीजों को पैसे के अभाव में इलाज के बिना तड़पना नहीं पड़ेगा और न ही अस्पताल में भर्ती कराने में देरी होगी। ‘पीएम राहत‘ (PM-RAHAT) योजना के तहत सड़क हादसे के पीड़ितों को अस्पताल में भर्ती होते ही 1.50 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज बिल्कुल मुफ्त और तत्काल उपलब्ध कराया जाएगा।

मुजफ्फरपुर कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में जिला अधिकारी की अध्यक्षता में ‘पीएम राहत योजना’ और सड़क सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर समीक्षा बैठक करते प्रशासनिक अधिकारी।

जिला अधिकारी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक

जिला परिवहन कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति और मुजफ्फरपुर समाharṇālay (कलेक्ट्रेट) में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान इस योजना के त्वरित और प्रभावी क्रियान्वयन के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। मुजफ्फरपुर के जिला अधिकारी की अध्यक्षता में अधिकारियों एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में निर्णय लिया गया कि दुर्घटना के शिकार लोगों को ‘गोल्डन आवर’ (दुर्घटना के ठीक बाद का बेहद कीमती पहला घंटा) के भीतर हर हाल में निकटतम अधिकृत अस्पताल पहुंचाकर तुरंत इलाज शुरू कराया जाए।

योजना की मुख्य बातें और सुविधाएं:

  • कैशलेस इलाज: पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ितों को 1.50 लाख रुपये तक का इलाज निशुल्क मिलेगा।
  • त्वरित उपचार: अस्पताल पहुंचते ही बिना पैसों का इंतजार किए तुरंत इलाज शुरू किया जाएगा।
  • अवधि: इलाज की अधिकतम समय सीमा दुर्घटना की तिथि से 7 दिनों तक की होगी।
  • व्यापक दायरा: यह योजना किसी एक विशेष सड़क तक सीमित नहीं है, बल्कि मोटर वाहन से हुई सभी पात्र सड़क दुर्घटनाओं पर लागू होती है।

हादसा होने पर आम नागरिक तुरंत करें ये काम:

  1. 112 पर तुरंत दें सूचना: सड़क हादसा होते ही आपातकालीन नंबर 112 पर कॉल करें ताकि निकटतम एम्बुलेंस और पुलिस सहायता तुरंत पहुंचे।
  2. समय बर्बाद न करें: घायल व्यक्ति को बिना किसी देरी के निकटतम निर्धारित/अधिकृत अस्पताल पहुंचाएं।
  3. पैसों की चिंता छोड़ें: इलाज शुरू कराने के लिए पहले पैसों की व्यवस्था करने में अपना कीमती समय बर्बाद न करें।
  4. अस्पताल और पुलिस प्रक्रिया: अस्पताल पहुंचते ही इलाज शुरू होगा, जिसके बाद ऑनलाइन प्रणाली से विवरण दर्ज कर पुलिस द्वारा आवश्यक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

‘गोल्डन आवर‘ है सबसे कीमती

सड़क दुर्घटना के बाद का शुरुआती समय (गोल्डन आवर) किसी भी घायल व्यक्ति की जान बचाने के लिए सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण होता है। समय पर चिकित्सा सुविधा मिलने से गंभीर रूप से घायल व्यक्ति के बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है। “पहले जीवन बचाएं, बाद में औपचारिकताएं पूरी करें” के मूल सिद्धांत के तहत जिला प्रशासन एवं जिला परिवहन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे घायलों की मदद करने में तनिक भी न झिझकें।

याद रखें—दुर्घटना के बाद कुछ मिनटों की देरी भी किसी की जान पर भारी पड़ सकती है!

मुजफ्फरपुर कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में जिला अधिकारी की अध्यक्षता में ‘पीएम राहत योजना’ और सड़क सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर जारी विज्ञप्ति

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जनता दल यूनाइटेड ने मोकामा से विधायक अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया

पटना: जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में मोकामा से विधायक अनंत कुमार सिंह को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने इस संबंध में आधिकारिक कार्यालय आदेश जारी किया है। पार्टी ने अनंत कुमार सिंह की प्राथमिक सदस्यता समाप्त करने के साथ ही विधानसभा अध्यक्ष से उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की भी अनुशंसा की है। इसके साथ ही, दल विरोधी आचरण के कारण उनकी पत्नी नीलम देवी की प्राथमिक सदस्यता भी 6 साल के लिए समाप्त कर दी गई है।

जनता दल यूनाइटेड द्वारा जारी किया गया वह आधिकारिक कार्यालय आदेश, जिसके तहत पार्टी विरोधी आचरण के कारण मोकामा विधायक अनंत कुमार सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया है।

कार्यालय आदेश में लगाए गए गंभीर आरोप

जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा द्वारा जारी आदेश पत्र के अनुसार, अनंत कुमार सिंह पर लगातार पार्टी के निर्देशों की अवहेलना करने, शीर्ष नेतृत्व के लिए अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने तथा विधान परिषद चुनाव में पार्टी के उम्मीदवार के विरुद्ध कार्य करने का आरोप है।

दूसरे दल के उम्मीदवार के प्रचार में शामिल होने पर हुई कार्रवाई

उल्लेखनीय है कि विधान परिषद चुनाव के दौरान पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से अनंत कुमार सिंह ने पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के खिलाफ जाकर जनसुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह के समर्थन में रोड शो और सभाएं की थीं। पार्टी नियमों के विपरीत दूसरे दल के उम्मीदवार के पक्ष में प्रचार करने के कारण यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।

सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई

जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) द्वारा मोकामा के विधायक अनंत कुमार सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी पर की गई यह सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है। पार्टी के भीतर अनुशासनहीनता और शीर्ष नेतृत्व के निर्देशों की लगातार अवहेलना को रोकने के लिए जेडीयू ने यह कड़ा कदम उठाया है। विधान परिषद चुनाव के दौरान पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के खिलाफ जाकर दूसरे दल के प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार करना और जनसुराज के उम्मीदवार के समर्थन में खुला मंच साझा करना पार्टी नियमों का सीधा उल्लंघन था। इस कार्रवाई से पार्टी ने यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि संगठन विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही, विधानसभा अध्यक्ष से सदस्यता समाप्त करने की अनुशंसा किए जाने से आने वाले दिनों में मोकामा क्षेत्र के राजनीतिक समीकरणों और क्षेत्रीय प्रभाव पर भी गहरा असर पड़ सकता है।

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बिहार क्रिकेट: महिला अंडर-15 खिलाड़ियों के दस्तावेज सत्यापन का आदेश, 78 खिलाड़ियों की सूची जारी

बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (बीसीसीआई) से जुड़ी एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। महिला अंडर-15 घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंट सत्र 2025-26 में शामिल 78 महिला खिलाड़ियों के अस्तित्व और दस्तावेजों पर अब बड़ा सवालिया निशान लग गया है। आयु सत्यापन और फर्जीवाड़े की आशंका के बीच बिहार क्रिकेट एसोसिएशन ने इन सभी 78 खिलाड़ियों के लिए अनिवार्य दस्तावेज सत्यापन (डॉक्यूमेंट वेरीफिकेशन) का फरमान जारी कर दिया है। इस कड़े कदम से महिला क्रिकेट जगत में खलबली मच गई है।

महिला अंडर-15 घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंट की 78 खिलाड़ियों के दस्तावेजों की जांच और चयन प्रक्रिया के लिए जारी नाम

क्या है पूरा मामला?

बिहार क्रिकेट एसोसिएशन की महिला चयन समिति की अध्यक्ष अंजुम चोपड़ा और सदस्यों (नमिता ओझा, मंजुल निर्मल कुमार, कल्पना दिवाकर) की संस्तुति के बाद यह निर्देश जारी किया गया है कि टूर्नामेंट में भाग लेने वाली सभी 78 खिलाड़ियों का दस्तावेज सत्यापन होना अनिवार्य है। इसके बाद जो खिलाड़ी योग्य पाई जाएंगी, उनका टीडब्ल्यू-3 (TW-3) मेडिकल टेस्ट यानी बोन एज असेसमेंट किया जाएगा।निर्धारित कार्यक्रम के तहत सभी 78 खिलाड़ियों को अपने माता-पिता के साथ पटना स्थित बीसीए कार्यालय में अपने मूल दस्तावेजों और रंगीन फोटो प्रतियों के साथ रिपोर्ट करने को कहा गया है।

खिलाड़ियों को लाने होंगे ये अहम दस्तावेज:

  1. डिजिटल जन्म प्रमाण पत्र: वैध और स्कैन करने योग्य क्यूआर कोड के साथ।
  2. शैक्षणिक अंक पत्र: शैक्षणिक वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के आधिकारिक अंक पत्र, जिसमें खिलाड़ी का नाम, कक्षा, जन्म तिथि और रोल नंबर स्पष्ट रूप से दर्ज हो।
  3. स्कूल बोनाफाइड प्रमाण पत्र: वर्तमान स्कूल द्वारा जारी प्रमाण पत्र जिसमें पूरा नाम, पिता का नाम, जन्म तिथि, कक्षा, सेक्शन, रोल नंबर और प्रिंसिपल के हस्ताक्षर वाला रजिस्ट्रेशन/एडमिशन नंबर हो। स्कूल बदलने की स्थिति में टीसी या एसएलसी (TC/SLC) देना होगा।
  4. पीवीसी आधार कार्ड: अद्यतन (अपडेटेड) फोटो के साथ मूल पीवीसी कार्ड।
सांकेतिक (प्रतीकात्‍मक) तस्‍वीर

दस्तावेजों की जांच के दायरे में शामिल 78 खिलाड़ियों के नाम (टीमें):

इस महा-जांच के दायरे में कुल 78 खिलाड़ियों की सूची आई है, जिनके नाम इस प्रकार हैं:

  • स्वीटी (बीसीए विमेंस यू-15 टीम डी)
  • सिद्धि कुमारी (बीसीए विमेंस यू-15 टीम सी)
  • श्रेया सुहानी (बीसीए विमेंस यू-15 टीम एफ)
  • रिमा कुमारी (बीसीए विमेंस यू-15 टीम सी)
  • साक्षी शर्मा (बीसीए विमेंस यू-15 टीम डी)
  • रीवा चौधरी (बीसीए विमेंस यू-15 टीम ए)
  • अरिका श्री (बीसीए विमेंस यू-15 टीम सी)
  • आराधया सिंह (बीसीए विमेंस यू-15 टीम डी)
  • अनन्या पांडेय (बीसीए विमेंस यू-15 टीम बी)
  • आरोही केशरी (बीसीए विमेंस यू-15 टीम बी)
  • तेजस्विनी (बीसीए विमेंस यू-15 टीम सी)
  • अंतिमा (बीसीए विमेंस यू-15 टीम ए)
  • मिथाली राज (बीसीए विमेंस यू-15 टीम एफ)
  • शिया कुमारी (बीसीए विमेंस यू-15 टीम ई)
  • सूर्यांशी राज (बीसीए विमेंस यू-15 टीम ई)
  • हानिया हुमैरा (बीसीए विमेंस यू-15 टीम एफ)
  • सोनम कुमारी (बीसीए विमेंस यू-15 टीम सी)
  • आराध्या कुमारी (बीसीए विमेंस यू-15 टीम एफ)
  • प्रिया कुमारी (बीसीए विमेंस यू-15 टीम ए)
  • वर्षा कुमारी (बीसीए विमेंस यू-15 टीम डी)
  • सुमेश चौधरी (बीसीए विमेंस यू-15 टीम डी)
  • आराध्या प्रियदर्शनी (बीसीए विमेंस यू-15 टीम ए)
  • आशिया प्रवीण (बीसीए विमेंस यू-15 टीम ई)
  • पार्ती प्रियदर्शनी (बीसीए विमेंस यू-15 टीम ई)
  • सुषमा सुमन (बीसीए विमेंस यू-15 टीम सी)
  • सौम्या कुमारी (बीसीए विमेंस यू-15 टीम एफ)
  • निशु निशांत (बीसीए विमेंस यू-15 टीम डी)
  • अन्वी कश्यप (बीसीए विमेंस यू-15 टीम बी)
  • मान्या मुन्ना कुमारी (बीसीए विमेंस यू-15 टीम ई)
  • साना कुमारी (बीसीए विमेंस यू-15 टीम डी)
  • शनाया राज गुप्ता (बीसीए विमेंस यू-15 टीम बी)
  • आकृति कुमारी (बीसीए विमेंस यू-15 टीम ई)
  • फबीहा अली इनाम (बीसीए विमेंस यू-15 टीम एफ)
  • मानवी ठाकुर (बीसीए विमेंस यू-15 टीम ई)
  • तपस्या (बीसीए विमेंस यू-15 टीम ए)
  • इशिता यादव (बीसीए विमेंस यू-15 टीम सी)
  • प्रिया सिंह (बीसीए विमेंस यू-15 टीम बी)
  • संस्कृति कुमारी (बीसीए विमेंस यू-15 टीम ई)
  • सृष्टि सिंह (बीसीए विमेंस यू-15 टीम ए)
  • सौम्या वर्मा (बीसीए विमेंस यू-15 टीम सी)
  • अंशु कुमारी (बीसीए विमेंस यू-15 टीम ए)
  • रानी (बीसीए विमेंस यू-15 टीम सी)
  • पुरुवांशी आनंद (बीसीए विमेंस यू-15 टीम ई)
  • एशानिका झा (बीसीए विमेंस यू-15 टीम एफ)
  • आराध्या पीहू (बीसीए विमेंस यू-15 टीम डी)
  • गीतांजलि पांडेय (बीसीए विमेंस यू-15 टीम ए)
  • आहाना राज आनंद (बीसीए विमेंस यू-15 टीम ई)
  • साक्षी कुमारी (बीसीए विमेंस यू-15 टीम बी – 48 नंबर)
  • लकी सिंह (बीसीए विमेंस यू-15 टीम बी)
  • संस्कृति (बीसीए विमेंस यू-15 टीम डी)
  • अनन्या वर्मा (बीसीए विमेंस यू-15 टीम सी)
  • प्रिया कुमारी (बीसीए विमेंस यू-15 टीम बी – 52 नंबर)
  • समीक्षा कुमारी (बीसीए विमेंस यू-15 टीम ई)
  • आराध्या आर्यन (बीसीए विमेंस यू-15 टीम ई)
  • अनामिका राज (बीसीए विमेंस यू-15 टीम एफ)
  • राजनंदिनी चौधरी (बीसीए विमेंस यू-15 टीम एफ)
  • राधिका मयूर (बीसीए विमेंस यू-15 टीम ई)
  • श्रेया सिंह (बीसीए विमेंस यू-15 टीम ए)
  • सुरुचि कुमारी (बीसीए विमेंस यू-15 टीम डी)
  • कुमारी अवंतिका (बीसीए विमेंस यू-15 टीम बी)
  • खुशी कुमारी (बीसीए विमेंस यू-15 टीम बी)
  • सिया चौहान (बीसीए विमेंस यू-15 टीम डी)
  • साक्षी कुमारी (बीसीए विमेंस यू-15 टीम सी – 63 नंबर)
  • श्रेयांशी (बीसीए विमेंस यू-15 टीम डी)
  • साक्षी राज चौधरी (बीसीए विमेंस यू-15 टीम डी)
  • अर्चना कुमारी (बीसीए विमेंस यू-15 टीम बी)
  • पायल कुमारी (बीसीए विमेंस यू-15 टीम ई)
  • नव्या कुमारी (बीसीए विमेंस यू-15 टीम सी)
  • कुशाग्री वर्मा (बीसीए विमेंस यू-15 टीम एफ)
  • गौरी भूषण (बीसीए विमेंस यू-15 टीम सी)
  • सोनाली रॉय (बीसीए विमेंस यू-15 टीम ए)
  • आफरीन प्रवीण (बीसीए विमेंस यू-15 टीम बी)
  • माया (बीसीए विमेंस यू-15 टीम ए)
  • प्रिया भारती (बीसीए विमेंस यू-15 टीम ए)
  • नैना गुप्ता (बीसीए विमेंस यू-15 टीम डी)
  • तेजस्विनी कुमारी (बीसीए विमेंस यू-15 टीम एफ)
  • शिवानी किशोर साहू (बीसीए विमेंस यू-15 टीम ए)
  • अननया चंद्र (बीसीए विमेंस यू-15 टीम एफ)

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समस्तीपुर में SIR के खिलाफ विरोध प्रदर्शन,  मुख्य चुनाव आयुक्त का फूंका पुतला, बिहार-बंगाल चुनाव रद्द करने की उठी मांग!

समस्तीपुर, 23 अक्टूबर 2026 : संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर शुक्रवार को समस्तीपुर की सड़कों पर जोरदार और उग्र विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ अखिल भारतीय किसान महासभा (अभाकिम) के बैनर तले सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर भारी हुंकार भरी और केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

समस्तीपुर में SIR के खिलाफ और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करने की मांग को लेकर हाथों में बैनर-झंडे थामे विरोध प्रदर्शन करते अभाकिम व भाकपा माले के कार्यकर्ता।

मालगोदाम चौक से निकला आक्रोश जुलूस, नारों से गूंजा शहर

अभाकिम कार्यकर्ताओं द्वारा मालगोदाम चौक से एक विशाल विरोध जुलूस निकाला गया। हाथों में लाल झंडे और SIR के खिलाफ नारों की पट्टियां थामे प्रदर्शनकारी शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए स्टेशन चौक पहुंचे। पूरे रास्ते “हमारा वोट, हमारे अधिकार, हमारा लोकतंत्र” के गगनभेदी नारे गूंजते रहे। स्टेशन चौक पहुंचते ही यह जुलूस एक उग्र जनसभा में तब्दील हो गया।

मुख्य चुनाव आयुक्त को बर्खास्त करने और चुनाव रद्द करने की उठी मांग

स्टेशन चौक पर आयोजित सभा की अध्यक्षता अभाकिम के जिला सचिव ललन कुमार ने की। जनसभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले के जिला सचिव प्रोफेसर उमेश कुमार, माले जिला कमिटी सदस्य बंदना सिंह, सुरेंद्र प्रसाद सिंह, अनील चौधरी, सोनेलाल पासवान और उमेश राय सहित कई प्रमुख नेताओं ने निर्वाचन आयोग पर तीखे हमले बोले।

नेताओं ने कहा कि SIR की यह पूरी प्रक्रिया लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए सीधा खतरा है और इसके माध्यम से आम नागरिकों के मताधिकार को छीना जा रहा है। वक्ताओं ने पुरजोर मांग उठाई कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तुरंत बर्खास्त किया जाए, SIR की प्रक्रिया को पूरी तरह रद्द किया जाए और SIR के बाद बिहार तथा पश्चिम बंगाल में संपन्न कराए गए चुनावों को अविलंब रद्द किया जाए।

पुतला दहन के साथ खत्म हुआ प्रदर्शन, दी आंदोलन की चेतावनी

प्रदर्शनकारियों ने यह भी साफ किया कि मतदाता सूची से किसी भी योग्य मतदाता का नाम हटना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और चुनाव प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरतनी होगी। विरोध प्रदर्शन के चरम पर कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका और उनके खिलाफ उग्र नारेबाजी की। नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर मताधिकार की रक्षा नहीं हुई तो इस आंदोलन को और अधिक तीव्र किया जाएगा।

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शिक्षक वोटरों के रिकॉर्ड उत्साह पर भारी पड़ा मोकामा का उपद्रव, 8 सीटों पर मतदान संपन्न, मोर्चे पर डटे रहे अफसर!

चंपारण के शिक्षकों ने दिखाया लोकतंत्र का असली रंग; पटना, तिरहुत और दरभंगा में दिनभर मची रही अफरा-तफरी

बांका से पटना तक डीएम-एसएसपी ने मतदान केंद्रों पर की सघन गश्त, निष्पक्ष चुनाव का किया दावा

पटना / मुजफ्फरपुर / बांका / हाजीपुर / बेतिया / मोतिहारी: बिहार विधान परिषद (MLC) की 4 स्नातक और 4 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 के तहत मतदान प्रक्रिया संपन्न हो गई है। पूरे प्रदेश में लोकतंत्र के इस महापर्व को लेकर मतदाताओं, विशेषकर शिक्षक वर्ग में जबरदस्त उत्साह देखा गया। हालांकि, दिनभर चले मतदान के दौरान कई इलाकों से बवाल, झड़प और फर्जी वोटिंग की गंभीर शिकायतों ने चुनावी माहौल में गरमाहट पैदा कर दी। मोकामा में भड़की चुनावी हिंसा और पटना साइंस कॉलेज में फर्जी वोटरों के पकड़े जाने के मामलों ने प्रशासनिक तंत्र को हिलाकर रख दिया। इन तमाम व्यवधानों और छिटपुट उपद्रव के बावजूद राज्यभर में सुरक्षा बलों की कड़ी तैनाती और शीर्ष अधिकारियों की सक्रियता से वोटिंग प्रक्रिया को अंतिम चरण तक पहुंचाया गया।

मुजफ्फरपुर पूर्वी अनुमंडल कार्यालय परिसर में बने मतदान केंद्र पर अपनी बारी की प्रतीक्षा करती महिला और पुरुष मतदाताओं की लंबी लाइनें।

बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, शाम 4 बजे तक राज्य में स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में औसतन 43.87 प्रतिशत तथा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में 74.55 प्रतिशत भारी मतदान दर्ज किया गया है।

नीतीश कुमार ने वॉर रूम में संभाली कमान, चुनावी हलचल पर रखी सीधी नजर

इस चुनाव के राजनीतिक महत्व को इसी से समझा जा सकता है कि मतदान के दौरान सत्ताधारी जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार खुद एक्शन मोड में नजर आए। वोटिंग के बीच नीतीश कुमार पटना स्थित पार्टी मुख्यालय पहुंचे और वहां बनाए गए विशेष वॉर रूम का औचक निरीक्षण किया।

नीतीश कुमार ने वॉर रूम में मौजूद मॉनिटरिंग टीम के साथ बैठक कर पटना, तिरहुत, दरभंगा, कोशी और सारण निर्वाचन क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले सभी जिलों की क्षेत्रवार वोटिंग रिपोर्ट का जायजा लिया। उन्होंने विभिन्न बूथों से आ रही जानकारियों का अनुश्रवण किया और डिजिटल माध्यमों से जमीनी स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री और जदयू अध्यक्ष की इस सक्रियता ने चुनावी मोर्चे पर तैनात पार्टी कार्यकर्ताओं और रणनीतिकारों में नई ऊर्जा भर दी।

मोकामा में समर्थकों के बीच तीखी झड़प: 6 उपद्रवी पुलिस हिरासत में

जहाँ एक ओर मतदाता कतारों में खड़े होकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे थे, वहीं मोकामा में चुनावी रंजिश ने उग्र रूप ले लिया। मतदान के दौरान मोकामा क्षेत्र में जदयू विधायक अनंत सिंह और विधान परिषद उम्मीदवार नीरज कुमार के समर्थकों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई, जिसने देखते ही देखते तीखी बहस और हिंसक झड़प का रूप ले लिया।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और भारी संख्या में सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे। उपद्रवियों पर सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और स्थिति को बेकाबू होने से रोक लिया। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 6 लोगों को हिरासत में ले लिया और क्षेत्र में अतिरिक्त बल की तैनाती कर स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित किया। इस झड़प की वजह से कुछ देर के लिए इलाके में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया था।

फर्जी वोटिंग के गंभीर आरोप: आरजेडी प्रत्याशी ने चुनाव रद्द करने की मांग की

पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में वोटिंग के दौरान निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रत्याशी डॉ. संजीव कुमार (संजीव सिंह) ने चुनाव प्रक्रिया पर सीधा हमला बोलते हुए बड़े पैमाने पर फर्जी वोटिंग और वोटर लिस्ट में व्यापक धांधली के आरोप लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि वास्तविक शिक्षक मतदाताओं को मतदान से वंचित करने और फर्जी लोगों से वोट डलवाने का संगठित प्रयास किया गया है। अपनी इन शिकायतों को लेकर आरजेडी प्रत्याशी ने पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को पूरी तरह रद्द करने और नए सिरे से मतदान कराने की मांग आयोग से की है।

इसके अलावा, पटना के ऐतिहासिक पटना साइंस कॉलेज स्थित मतदान केंद्र पर उस समय हड़कंप मच गया जब बूथ पर 5 फर्जी शिक्षक मतदाता रंगे हाथों पकड़े गए। फर्जी कागजात के आधार पर वोट डालने पहुंचे इन लोगों की शिकायत सामने आने के बाद प्रशासनिक तंत्र पर सवाल उठने लगे और विपक्षी दलों ने चुनावी निष्पक्षता को लेकर हंगामा किया।

जन सुराज प्रत्याशी पर आचार संहिता उल्लंघन की प्राथमिकी

चुनावी सरगर्मियों के बीच सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार आफाक अहमद के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की गई है। उम्मीदवार आफाक अहमद पर आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक विवादित पोस्ट के माध्यम से आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया। मामला संज्ञान में आने के बाद निर्वाचन अधिकारियों के निर्देश पर उनके खिलाफ सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

चंपारण में दिखा लोकतंत्र का असली रंग: रिकॉर्डतोड़ 89% मतदान

उपद्रव और आरोपों के साए से दूर, चंपारण की धरती ने इस चुनाव में लोकतंत्र की सबसे भव्य तस्वीर पेश की। चंपारण के शिक्षकों ने लोकतंत्र के प्रति अपनी अटूट आस्था जताते हुए मतदान के तमाम रिकॉर्ड तोड़ दिए।

  • पश्चिम चंपारण (बेतिया): सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पश्चिम चंपारण जिले के सभी 18 प्रखंड (Block) मुख्यालयों में बनाए गए मतदान केंद्रों पर शिक्षकों का अभूतपूर्व तांता लगा रहा। जिले में पंजीकृत कुल 1,701 मतदाताओं में से 1,508 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। इस प्रकार जिले में रिकॉर्ड 88.65 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। कुल मतदान करने वालों में 1,283 पुरुष और 225 महिला शिक्षक मतदाता शामिल रहीं, जिन्होंने कतारबद्ध होकर शांतिपूर्ण तरीके से अपने प्रतिनिधि का चुनाव किया।
  • पूर्वी चंपारण (मोतिहारी): पूर्वी चंपारण में भी सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए अत्यंत उत्साहजनक माहौल देखने को मिला। जिले के विभिन्न हिस्सों में बनाए गए 27 मतदान केंद्रों पर सुबह से ही महिला व पुरुष शिक्षकों की लंबी लाइनें देखी गईं। कुल 1,743 मतदाताओं में से 1,562 शिक्षकों ने अपने वोट डाले, जिससे जिले में कुल 89.61 प्रतिशत का भारी-भरकम मतदान प्रतिशत दर्ज किया गया।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति और आंकड़े

राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) कार्यालय द्वारा जारी अधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति (संदर्भ: p1, p2, p3) के अनुसार, बिहार विधान परिषद के इस द्विवार्षिक निर्वाचन में कुल 150 उम्मीदवार चुनावी समर में डटे हुए हैं। इनमें से 90 प्रत्याशी स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों से और 60 प्रत्याशी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

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                  बिहार विधान परिषद निर्वाचन – 2026

                 मुख्य निर्वाचन आंकड़े (अपराह्न 4:00 बजे तक)

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[1] स्नातक निर्वाचन क्षेत्र (Graduates’ Constituency)

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क्र.सं. | निर्वाचन क्षेत्र का नाम | कुल मतदाता  | मतदान प्रतिशत (%)

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 1.    | पटना स्नातक           | 87,583     | 36.19%

 2.    | तिरहुत स्नातक          | 1,43,988   | 42.15%

 3.    | दरभंगा स्नातक         | 1,26,951   | 42.00%

 4.    | कोसी स्नातक           | 1,34,072   | 52.51%

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       | कुल औसत मतदान                        | 43.87%

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[2] शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र (Teachers’ Constituency)

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क्र.सं. | निर्वाचन क्षेत्र का नाम | कुल मतदाता  | मतदान प्रतिशत (%)

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 1.    | पटना शिक्षक           | 11,719     | 56.89%

 2.    | सारण शिक्षक           | 10,748     | 87.16%

 3.    | तिरहुत शिक्षक          | 8,760      | 78.10%

 4.    | दरभंगा शिक्षक         | 9,026      | 79.00%

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       | कुल औसत मतदान                        | 74.55%

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बूथों का बुनियादी ढांचा और नियंत्रण कक्ष की निगरानी

निर्वाचन विभाग  के अनुसार, स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के सुचारू संचालन के लिए विशाल ढांचा तैयार किया गया था:

  • स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए: पटना, तिरहुत, दरभंगा एवं कोसी स्नातक क्षेत्रों में कुल 598 मतदान केंद्र स्थापित किए गए थे, जिनमें 474 मूल मतदान केंद्र और 124 सहायक मतदान केंद्र शामिल थे।
  • शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए: पटना, सारण, तिरहुत एवं दरभंगा शिक्षक क्षेत्रों में कुल 335 मूल मतदान केंद्र स्थापित किए गए थे।
  • विभागीय नियंत्रण कक्ष: चुनाव के दौरान आयोग के राज्यस्तरीय नियंत्रण कक्ष में कुल 13 परिवाद (शिकायतें) प्राप्त हुईं, जिन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए अधिकारियों द्वारा सभी शिकायतों का ससमय निष्पादन कर दिया गया।

जमीनी मोर्चे पर डटे रहे अफसर: बांका से पटना तक अधिकारियों की गश्त

स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव संपन्न कराने के लिए पूरे राज्य में प्रशासनिक अधिकारी दिनभर सड़कों और मतदान केंद्रों पर दौड़ते रहे। अति-संवेदनशील और दूरस्थ इलाकों में आला अधिकारियों ने खुद मोर्चा संभाला।

कोशी स्नातक द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 के सफल संचालन हेतु बांका के जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल एवं पुलिस अधीक्षक अमितेश कुमार बौंसी प्रखंड कार्यालय स्थित दूरस्थ मतदान केंद्र का सघन निरीक्षण करते हुए।

1. बांका में सघन निरीक्षण

बांका जिले में कोशी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के तहत शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान कराने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल और पुलिस अधीक्षक अमितेश कुमार ने संयुक्त रूप से दूर-दराज के इलाकों में स्थित संवेदनशील बूथों का दौरा किया। अधिकारियों ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि मतदाता बिना किसी भय के अपने अधिकार का प्रयोग कर सकें।

हाजीपुर प्रखंड सूचना प्रौद्योगिकी केंद्र स्थित मतदान केंद्र पर वोट डालने के बाद अपनी उंगलियों पर लगी नीली अमिट स्याही का निशान दिखाते उत्साहित मतदाता वैशाली डीएम के साथ ।

2. हाजीपुर और वैशाली में मुस्तैदी

वैशाली जिले के हाजीपुर में जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक द्वारा विभिन्न स्नातक व शिक्षक निर्वाचन बूथों का गहन भ्रमण किया गया। प्रशासनिक अमले ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और मतदाताओं के लिए बनाए गए प्रतीक्षा कक्षों एवं सुरक्षा घेरे का निरीक्षण किया।

मुजफ्फरपुर में जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी कुमार गौरव एवं वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्र मतदान केंद्र के भीतर व्यवस्था और मतदान अभिलेखों का अनुश्रवण करते हुए।

3. मुजफ्फरपुर में अधिकारियों का गहन अनुश्रवण

मुजफ्फरपुर में तिरहुत स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए मतदान हुआ। जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी कुमार गौरव और वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्र ने मुजफ्फरपुर पूर्व अनुमंडल कार्यालय सहित कई केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। अधिकारियों ने पोलिंग एजेंटों, पीठासीन अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों से बातचीत कर मतदान प्रक्रिया की पारदर्शिता की जांच की।

पटना स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के अवसर पर संवेदनशील मतदान केंद्रों का लगातार जायजा लेते जिलाधिकारी कुंदन कुमार एवं वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा।

4. राजधानी पटना में हाई अलर्ट

राजधानी पटना में छिटपुट हंगामे और फर्जी वोटिंग की शिकायतों के बीच जिलाधिकारी कुंदन कुमार और वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा की जोड़ी पूरी तरह मुस्तैद दिखी। दोनों अधिकारियों ने शहर के ए-ग्रेड केंद्रों, जैसे साइंस कॉलेज और अन्य अति-संवेदनशील बूथों का निरीक्षण किया और निष्पक्ष चुनाव कराने का दावा किया।

150 प्रत्याशियों का भविष्य बैलेट बॉक्स में कैद

तमाम विवादों, मोकामा की हिंसक झड़प, आरजेडी के गंभीर आरोपों और सोशल मीडिया पर आचार संहिता के उल्लंघन के बीच बिहार विधान परिषद की 8 सीटों का चुनाव पूरा हो गया है। एक तरफ जहां स्नातकों की 43.87% की सुस्त भागीदारी चिंता का विषय रही, वहीं दूसरी तरफ शिक्षकों की 74.55% (सारण में 87% से अधिक) की भारी भागीदारी ने चुनावी नतीजों को काफी दिलचस्प और अनिश्चित बना दिया है। अधिकारियों के सतर्क पहरे के बीच सभी मतदान केंद्रों से पेटी (बैलेट बॉक्स) सील कर सुरक्षित वज्रगृहों  में पहुँचा दी गई हैं। अब 150 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला मतगणना के दिन ही तय होगा।

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भारतीय डाक ने हासिल की बड़ी उपलब्धि, लगातार दो तिमाहियों में 4,000 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व

नई दिल्ली: भारतीय डाक ने अपने व्यावसायिक प्रदर्शन में बेहतर वृद्धि दर्ज करते हुए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर 2026) में डाक विभाग का कुल राजस्व 24 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 8,212.7 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि में 6,636 करोड़ रुपये था। यह पहला मौका है जब डाक विभाग ने लगातार दो तिमाहियों में 4,000 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त किया है।

नई दिल्ली में आयोजित डाक विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान (बाएं से दाएं) महानिदेशक डाक सेवा मनीषा सिन्हा, केंद्रीय संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी, केंद्रीय संचार एवं उत्तरपूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया और सचिव (डाक) सुब्रत दास।

नई दिल्ली में आयोजित की गई समीक्षा बैठक

इस उपलब्धि की समीक्षा के लिए नई दिल्ली में एक बैठक आयोजित की गई। केंद्रीय संचार एवं उत्तरपूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया की अध्यक्षता में हुई इस दूसरी तिमाही की समीक्षा बैठक में केंद्रीय संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी, महानिदेशक डाक सेवा मनीषा सिन्हा, सचिव (डाक) सुब्रत दास, डाक सेवा बोर्ड के सदस्य, सभी डाक परिमंडलों के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल तथा डाक निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

पार्सल कारोबार में 71 प्रतिशत की वृद्धि

चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर 2026) में डाक विभाग ने 4,201.5 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया, जो पिछले वर्ष की इसी तिमाही की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक है।

विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में हुई वृद्धि का विवरण:

  • पार्सल क्षेत्र: 71 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 318.9 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
  • पीएलआई और आरपीएलआई: 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
  • अंतर्राष्ट्रीय और वैश्विक व्यवसाय: 38 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
  • डाक सामग्री: 36 प्रतिशत की वृद्धि हासिल हुई।
  • डाकघर बचत बैंक: 18 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,987 करोड़ रुपये का योगदान दिया।

बिहार डाक परिमंडल ने किया बेहतर प्रदर्शन

दूसरी तिमाही में लक्ष्य प्राप्ति के मामले में देश के 23 डाक परिमंडलों में से बिहार डाक परिमंडल 97.15 प्रतिशत की उपलब्धि के साथ पहले स्थान पर रहा। इसके बाद पश्चिम बंगाल 97.07 प्रतिशत के साथ दूसरे और उत्तर पूर्व परिमंडल 94.79 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पहली तिमाही का सम्मान आंध्र प्रदेश डाक परिमंडल को और दूसरी तिमाही का सम्मान बिहार डाक परिमंडल को दिया गया। केरल, उत्तर पूर्व, उत्तर प्रदेश और बिहार ने अपने पार्सल कारोबार के लक्ष्यों को पूरा किया।

ग्राहकों की संतुष्टि और डिजिटलीकरण पर जोर

बैठक में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने डाक विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने सेवाओं में गुणवत्ता लाने, नए ग्राहकों को जोड़ने और सेवाओं के डिजिटलीकरण में तेजी लाने की आवश्यकता पर बल दिया।

केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने पार्सल वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने और ग्राहकों की संतुष्टि बढ़ाने के लिए वास्तविक समय में निगरानी रखने की व्यवस्था मजबूत करने का आह्वान किया।

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राज्य में शिक्षा व्यवस्था को मिलेगी मजबूती: 211 नए डिग्री कॉलेजों के स्थाई कैंपस और 2,996 विद्यालयों में बनेंगे 16,440 नए क्लासरूम

पटना : बिहार में उच्च तथा स्कूली शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में उच्च शिक्षा विभाग की एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 211 नवस्थापित डिग्री महाविद्यालयों के स्थायी कैंपस निर्माण की प्रगति की समीक्षा की। साथ ही, इस वित्तीय वर्ष में 2,996 विद्यालयों के नए भवनों और उनमें 16,440 कक्षाओं के निर्माण कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया।

लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, साथ में उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाईगर, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, सचिव राजीव रौशन व अन्य अधिकारी।

प्रखंड स्तर पर आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी

बैठक के दौरान शिक्षा तथा उच्च शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से नए महाविद्यालयों के स्थाई कैंपस के डिजाइन प्लान, साइट प्लान, फ्लोर प्लान और भूमि की उपलब्धता से जुड़ी जानकारी साझा की। इन महाविद्यालयों के स्थायी कैंपस का निर्माण आधुनिक शैक्षणिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया जाएगा।

प्रस्तावित नए डिग्री महाविद्यालयों में निम्नलिखित सुविधाएं होंगी:

  • पठन-पाठन के लिए आधुनिक क्लास रूम और लेक्चर थिएटर।
  • केमेस्ट्री लैब, साइंस ब्लॉक, कंप्यूटर लैब, जूलॉजी लैब और आर्ट्स ब्लॉक।
  • लाइब्रेरी ब्लॉक, किचन तथा छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग छात्रावास (हॉस्टल)।

मुख्यमंत्री के निर्देश: छात्रों को मिले बेहतर शैक्षणिक माहौल

मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि 15 जुलाई 2026 को एक साथ 211 डिग्री कॉलेजों में पठन-पाठन की शुरुआत कराई गई है, जिससे विद्यार्थियों को अपने ही प्रखंड क्षेत्र में उच्च शिक्षा की सुविधा मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नवस्थापित 211 डिग्री महाविद्यालयों के स्थाई कैंपस का निर्माण जल्द से जल्द पूरा कराया जाए। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए परिसरों का आधुनिक डिजाइन तैयार किया जाए, जिसमें जी+5 (छह मंजिला) भवन बनाने का विकल्प भी रखा जाए।

भूमि चयन को लेकर निर्देश दिया गया कि सभी जिलों में ऐसे स्थलों को प्राथमिकता दी जाए जो प्रखंड मुख्यालय के नजदीक हों। इसके अलावा, 2,996 विद्यालय भवनों और 16,440 कक्षाओं के निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने को कहा गया है ताकि छात्रों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं मिल सकें।

बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी

इस समीक्षा बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाईगर, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, शिक्षा तथा उच्च शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन और बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अभिषेक पलासिया सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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