Saturday, September 12, 2026

डिहुली में जन्माष्टमी की गूंज: त्राहि अच्युत आश्रम में उमड़ा भक्तों का सैलाब, कन्हैया के स्वागत में झूम उठा पूरा इलाका!

महापुरुष अच्युतानंद दास के निर्देश और कपिलदेव प्रसाद यादव के नेतृत्व में डिहुली में भव्य आयोजन, अलौकिक संगीत पर रातभर थिरके गुरु भाई-बहन।

 सकरा, (मुजफ्फरपुर ): जिला अंतर्गत सकरा प्रखंड के डिहुली स्थित त्राहि अच्युत शाखा आश्रम के प्रांगण में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व अत्यंत हर्षोल्लास, श्रद्धा और भक्तिमय माहौल में संपन्न हुआ। महापुरुष अच्युतानंद दास के दिव्य दिशा-निर्देशों तथा आश्रम के कुशल संचालक कपिलदेव प्रसाद यादव के कुशल नेतृत्व में आयोजित इस महापर्व में आस्था का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूरे क्षेत्र में चारों ओर कन्हैया के आगमन की उमंग और भक्ति की अलौकिक छटा बिखरी रही।

त्राहि अच्युत शाखा आश्रम डिहुली में फूलों व मालाओं से अलंकृत भगवान श्रीकृष्ण का हिंडोला (झूला) तथा पूजा-अर्चना में तल्लीन श्रद्धालु।

दूर-दराज से पहुंचे हजारों गुरु भाई-बहन, भक्ति में लीन हुआ प्रांगण

समारोह की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ढलती शाम के साथ ही आश्रम परिसर में श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया। क्या युवा, क्या बुजुर्ग और क्या महिलाएं—सभी वर्ग के लोग भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का साक्षी बनने के लिए व्याकुल दिखे। हजारों की संख्या में पहुंचे गुरु भाई-बहनों ने न केवल कार्यक्रम में सहभागिता निभाई, बल्कि निष्काम भाव से आश्रम की व्यवस्थाओं में अपना अमूल्य सहयोग भी दिया।

जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर आश्रम परिसर में आयोजित भक्ति संगीत कार्यक्रम का आनंद लेते विशाल जनसमूह एवं कलाकार।

भक्ति संगीत की स्वर लहरी पर रातभर थिरके श्रद्धालु

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण स्थानीय एवं आगंतुक संगीत कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किए गए सुरीले भजन रहे। ढोलक, हारमोनियम और मंजीरे की थाप पर जब कलाकारों ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और महिमा का वर्णन किया, तो पूरा वातावरण भक्तिरस में सराबोर हो गया। 12 बजने के इंतजार में बैठे श्रद्धालु संगीत की मधुर धुनों पर झूमते और थिरकते नजर आए।

पंचसखा व संचालन समिति के अथक प्रयास से कार्यक्रम हुआ ऐतिहासिक

समारोह को सुव्यवस्थित और भव्य रूप देने में आश्रम के पंचसखा सदस्यों एवं प्रबंधन समिति की सराहनीय भूमिका रही। पंचसखा सदस्य—अनिल कुमार राय, अनिल कुमार सिंह, श्याम किशोर यादव, सुरेंद्र कुमार मेहता, देवेंद्र राय तथा संचालन समिति के लाल बाबू प्रसाद एवं कमलेश प्रसाद समेत अन्य कार्यकर्ताओं ने पूरे मुस्तैदी के साथ व्यवस्था का मोर्चा संभाला। सुरक्षा से लेकर आगंतुकों के बैठने तक की तमाम तैयारियों को त्रुटिरहित बनाने में सभी ने अपना अमूल्य समय व योगदान दिया।

घड़ी की सुइयों ने छुआ 12 का आंकड़ा, अलौकिक हुआ वातावरण

रात के ठीक 12 बजते ही जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण के प्रादुर्भाव (जन्म) का क्षण आया, पूरा आश्रम परिसर जयकारों से गूंज उठा। “जय कन्हैया लाल की, हाथी घोड़ा पालकी” और प्रभु के भजनों की स्वर लहरियों ने उपस्थित जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया।

जन्मोत्सव के उपरांत श्रद्धालुओं के लिए तैयार किया गया फल, मिष्ठान व महाभोग प्रसाद का सुंदर दृश्य।

महाभोग व प्रसाद ग्रहण कर लिया प्रभु का आशीर्वाद

जन्मोत्सव के उपरांत आश्रम की ओर से सभी उपस्थित श्रद्धालुओं के लिए विशेष प्रसाद एवं भव्य ‘महाभोग’ की व्यवस्था की गई थी। हजारों श्रद्धालुओं ने अत्यंत अनुशासित तरीके से महाभोग ग्रहण किया। आश्रम का सुव्यवस्थित, शांत और आध्यात्मिक वातावरण हर किसी को अपनी ओर आकर्षित कर रहा था। श्रद्धालुओं ने सफल आयोजन और प्रभु के अलौकिक दर्शन के लिए प्रबंधन की भूरि-भूरि प्रशंसा की और भगवान का आशीर्वाद प्राप्त कर खुशी-खुशी अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान किया।

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सकरा में लूट के डर से व्‍यापारी चिंतित ! दुकानें बचाने की गुहार लेकर विधायक के पास पहुंचे मोबाइल कारोबारी

दुकानदारों को सता रहा चोरी और छिनतई का खौफ, घर स्‍टॉक (मोबाइल) ले जाने को मजबूर; विधायक से की पुलिस गश्ती और रात्रि प्रहरी की मांग की पहल

सकरा (मुजफ्फरपुर): सकरा विधानसभा क्षेत्र में लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाओं और चोरी-लूट के डर ने स्थानीय मोबाइल व्यापारियों की नींद उड़ा दी है। हाल के दिनों में स्वर्ण व्यवसायियों के साथ हुई लूट और हत्या जैसी वारदातों के बाद अब मोबाइल दुकानदारों में भी गहरा भय व्याप्त है। सुरक्षा की इसी गंभीर समस्या को लेकर मोबाइल दुकानदार संघ (ऐमरा – ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन) के प्रतिनिधि मंडल ने विधायक के चौखट पर दस्तक दी है।

सकरा विधायक आदित्य कुमार को दुकान की  सुरक्षा एवं रात्रि प्रहरी की मांग को लेकर मांग पत्र सौंपते ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन (ऐमरा) के जोनल उपाध्यक्ष इरशाद आलम व अन्य।

ऐमरा के जोनल उपाध्यक्ष इरशाद आलम के नेतृत्व में व्यापारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सकरा विधायक आदित्य कुमार से मुलाकात कर उन्हें एक मांग पत्र सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से व्यापारियों ने मोबाइल मार्केट और दुकानों की सुरक्षा के लिए रात्रि सुरक्षा गार्ड (रात्रि प्रहरी) तैनात करने तथा पुलिस प्रशासन से रात्रि गश्ती बढ़ाने की पुरजोर सिफारिश करने का अनुरोध किया है।

रोज रात घर स्टॉक ले जाने की मजबूरी, रास्ते में छिनतई की आशंका

सकरा विधायक आदित्य कुमार को दिए गए आवेदन में इरशाद आलम ने बताया कि वर्तमान समय में मोबाइल फोन काफी कीमती होते हैं। चोरी होने के बाद अपराधी इन्हें आसानी से बाजार में खपा देते हैं। सुरक्षा का कोई ठोस इंतजाम न होने के कारण अधिकांश मोबाइल व्यापारी रात में अपनी दुकान बंद करते समय पूरे मोबाइल का स्टॉक घर ले जाने और सुबह फिर से दुकान पर लाने को मजबूर हैं।

व्यापारियों का कहना है कि हर दिन भारी मात्रा में कीमती मोबाइल लेकर आने-जाने के दौरान रास्ते में लूटपाट और छिनतई जैसी अप्रिय घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है। वहीं दूसरी ओर, रात के समय दुकानों में रखे कीमती सामानों की सुरक्षा भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

पुलिस प्रशासन सख्त कदम उठाए तो ही सुरक्षित होगा कारोबार

आवेदन के माध्यम से मांग की गई है कि इस गंभीर विषय का त्वरित संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं। यदि बाजार में रात्रि गश्ती और सुरक्षा गार्ड की समुचित व्यवस्था की जाती है, तो इससे व्यापारियों में सुरक्षा का विश्वास जगेगा और वे बिना किसी डर के अपना कारोबार चला सकेंगे।

प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान सकरा विधायक आदित्य कुमार ने व्यापारियों की चिंताओं को ध्यानपूर्वक सुना और इस दिशा में पुलिस प्रशासन के वरीय अधिकारियों से बातचीत कर आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया।

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जन्माष्टमी पर पटना के इस्कॉन मंदिर में पूजा-अर्चना, सिमेज आईटी पार्क का हुआ उद्घाटन – बिहार में बनेंगे 100 टेक्नोलॉजी सेंटर

पटना। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर पटना में धार्मिक और शैक्षणिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना स्थित इस्कॉन मंदिर में पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख, शांति तथा समृद्धि की कामना की। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी समेत कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

इसके बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के पाटलिपुत्र औद्योगिक क्षेत्र में आयोजित जन्माष्टमी महोत्सव-2026 के दौरान 1200 आसन क्षमता वाले नवनिर्मित बहुउद्देशीय सिमेज आईटी पार्क का उद्घाटन किया।

इस्कॉन मंदिर में की पूजा-अर्चना

कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पटना के इस्कॉन मंदिर पहुँचे। उन्होंने भगवान के दर्शन कर राज्यवासियों की सुख और समृद्धि के लिए प्रार्थना की। मंदिर परिसर में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही। मंदिर प्रबंधन की ओर से अतिथियों का स्वागत किया गया और स्मृति चिह्न भेंट किया गया।

आईटी पार्क के परिसर का भ्रमण और छात्रों से संवाद

सिमेज आईटी पार्क का उद्घाटन करने के बाद उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूरे परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने संस्थान के कंप्यूटर क्लास और कंप्यूटर लैब का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक के संबंध में पढ़ाई कर रहे छात्रों से बातचीत की और उनके प्रोजेक्ट्स के बारे में जानकारी ली।

100 टेक्नोलॉजी सेंटर विकसित करने पर जोर

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सम्राट चौधरी ने राज्य में तकनीकी शिक्षा के विस्तार पर बल दिया। उन्होंने कहा कि:

  • बिहार में 100 टेक्नोलॉजी सेंटर विकसित किए जाएंगे।
  • युवाओं और सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा से जोड़ा जाएगा।
  • तकनीक के माध्यम से शिक्षा और शासन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी और सुगम बनाया जाएगा।

युवाओं से विकसित बिहार के निर्माण में भागीदारी की अपील

सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य अगले 4 से 5 वर्षों में बिहार को विकास की नई ऊँचाइयों तक ले जाना है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए युवाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। सरकार युवाओं को बेहतर अवसर और तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

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घूसखोर कार्यपालक अभियंता गिरफ्तार: पटना में 1.04 लाख की रिश्वत लेते निगरानी ने दबोचा, लखन एन्क्लेव आवास पर छापेमारी में मिला 8.36 लाख कैश, आभूषण और एक करोड़ का निवेश!

पटना / पूर्णियाँ: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (बी.एस.ई.आई.डी.सी.एल.), जिला पूर्णियाँ में कार्यरत कार्यपालक अभियंता द्विजेन्द्र कुमार मिश्र को 1,04,000 (एक लाख चार हजार) रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया है।निगरानी ब्यूरो की टीम ने यह सफलता पटना के बेली रोड (नेहरू पथ) स्थित जू (चिड़ियाघर) के पास गोल्फ क्लब के गेट के बगल में बिछाए गए जाल (ट्रैप) के तहत हासिल की।

पटना स्थित लखन एन्क्लेव आवास में छापेमारी के दौरान बेड और अलमारी से नकदी व कागजात खंगालती निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम (दाएं) तथा वह बहुमंजिला इमारत जहां छापेमारी की कार्रवाई की गई (बायें)।

1.54 करोड़ के भुगतान के एवज में मांगी थी 3 लाख की घूस

मामले की जानकारी देते हुए निगरानी अधिकारियों ने बताया कि परिवादी राम सागर शर्मा (पिता- स्व. रामकौशल किशोर शर्मा, कंकड़बाग, पटना) ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी। परिवादी ने बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड के अंतर्गत जिला कटिहार के एक सरकारी विद्यालय में निर्माण का कार्य कराया था। इस निर्माण कार्य के प्रथम भुगतान के रूप में 1,54,19,329 रुपये परिवादी के खाते में आ चुके थे।

इस भुगतान के एवज में आरोपी कार्यपालक अभियंता द्विजेन्द्र कुमार मिश्र द्वारा 2 प्रतिशत कमीशन के हिसाब से 3,00,000 रुपये रिश्वत की मांग की जा रही थी। शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो द्वारा जांच एवं सत्यापन कराया गया, जिसमें आरोपी द्वारा 1,04,000 रुपये रिश्वत मांगे जाने का प्रमाण सही पाया गया।

महिला इंस्पेक्टर और डीएसपी के नेतृत्व में धावादल का गठन

प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने के बाद अनुसंधानकर्ता अनु प्रिया (पुलिस निरीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना) के अनुरोध पर विकास कुमार श्रीवास्तव (पुलिस उपाधीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना) के नेतृत्व में एक विशेष धावादल (ट्रैप टीम) का गठन किया गया। धावादल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी द्विजेन्द्र कुमार मिश्र को 1,04,000 रुपये नकद लेते हुए पटना बेली रोड से गिरफ्तार कर लिया।

रूपसपुर आवास पर छापेमारी: कैश, कार, लॉकर और 1 करोड़ के निवेश कागजात बरामद

गिरफ्तारी के बाद जब निगरानी की टीम आरोपी के रूपसपुर (पटना) स्थित ‘लखन एन्क्लेव’ आवास पर तलाशी लेने पहुंची, तो अधिकारियों के होश उड़ गए। तलाशी के दौरान आरोपी के घर से निम्नलिखित संपत्ति एवं सामान बरामद किए गए:

  • अतिरिक्त नकद राशि: 8,36,000 (आठ लाख छत्तीस हजार) रुपये नकद।
  • निवेश के कागजात: लगभग 1 करोड़ रुपये के पारिवारिक निवेश के कागजात।
  • अचल संपत्ति: रूपसपुर, पटना स्थित एक आलीशान फ्लैट।
  • वाहन: हुंडई आई-20 (Hyundai i20) कार।
  • बैंक लॉकर: दो बैंक लॉकरों के कागजात।
  • सोना-चांदी: भारी मात्रा में सोना और चांदी के आभूषण (जिसका अधिकृत मूल्यांकनकर्ता द्वारा मूल्यांकन किया जा रहा है)।

पूछताछ की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आरोपी कार्यपालक अभियंता को माननीय विशेष न्यायालय, निगरानी, पटना में उपस्थित कराया जाएगा।

सेवामुक्त होने के बाद आउटसोर्सिंग एजेंसी के जरिए थे तैनात

जांच में यह भी सामने आया है कि द्विजेन्द्र कुमार मिश्र वर्ष 2021 में जल संसाधन विभाग से कार्यपालक अभियंता के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। इसके बाद वर्ष 2023 से वे शिक्षा विभाग में ‘टेक्नो फैसिलिटी एंड मैनेजमेंट सर्विसेज’ (थर्ड पार्टी आउटसोर्सिंग एजेंसी) के माध्यम से बी.एस.ई.आई.डी.सी.एल. जिला पूर्णियाँ में पुनः कार्यपालक अभियंता के पद पर अपनी सेवा दे रहे थे।

निगरानी ब्यूरो का 2026 में भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार (आंकड़े)

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के विरुद्ध यह 104वीं प्राथमिकी दर्ज की गई है।
  • इनमें से 96वें ट्रैप कांड में कुल 96 अभियुक्तों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है।
  • अब तक कुल 36,13,800 रुपये नकद और एक नई वाशिंग मशीन (कीमत 37,000 रुपये) जब्त की जा चुकी है।
  • तुलनात्मक रूप से, वर्ष 2025 में कुल 101 ट्रैप कांड दर्ज हुए थे और 37,80,300 रुपये बरामद किए गए थे।
  • इस वर्ष 2026 में प्रति माह औसतन 11.8 ट्रैप कांड दर्ज हो रहे हैं, जो पिछले वर्ष (8.4 ट्रैप प्रति माह) की तुलना में 40 प्रतिशत अधिक है।

भ्रष्टाचार की शिकायत के लिए संपर्क करें (अपील)

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी काम के एवज में रिश्वत मांगता है, तो तुरंत इन नंबरों पर शिकायत दर्ज कराएं:

  • लैंडलाइन नंबर: 0612-2215030, 0612-2215032, 0612-2215033, 0612-2215036, 0612-2215037, 0612-2999752
  • हेल्पलाइन नंबर: 0612-2215344
  • मोबाइल नंबर: 7765953261
  • ईमेल (इ-मेल): spvig-bih@nic.in
  • पता: निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना, 6 सर्कुलर रोड, पटना।

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उत्तर बिहार के कैंसर मरीजों के लिए राहत, एसकेएमसीएच में 30 बेड का आईसीयू और कैंसर अस्पताल की विशेष इकाई शुरू

मुजफ्फरपुर: स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने मुजफ्फरपुर स्थित एसकेएमसीएच परिसर में टाटा मेमोरियल सेंटर की इकाई ‘होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर’ के नवनिर्मित 12 बेड के विशेष आईसीयू और एसकेएमसीएच के नवनिर्मित 30 बेड के अत्याधुनिक आईसीयू का विधिवत उद्घाटन किया।उद्घाटन के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और वार्डों में जाकर मरीजों से सीधे बातचीत की। उन्होंने मरीजों से उनके इलाज और अस्पताल में उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। साथ ही अधिकारियों को मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

एसकेएमसीएच परिसर में नवनिर्मित आईसीयू का फीता काटकर और शिलापट्ट का अनावरण कर उद्घाटन करते स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार एवं अन्य।

कैंसर मरीजों को अब दिल्ली-मुंबई जाने की जरूरत नहीं’ इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि अब उत्तर बिहार के कैंसर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। एसकेएमसीएच परिसर में विकसित किया जा रहा कैंसर अस्पताल उत्तर बिहार के प्रमुख कैंसर सेंटर के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है और यहां मरीजों को अत्याधुनिक इलाज की सुविधाएं उपलब्ध कराने पर लगातार काम किया जा रहा है।

आईसीयू वार्ड में भर्ती मरीज का हाल-चाल जानते स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार।

12 बेड का विशेष आईसीयू चालू, 100 बेड के पेलिएटिव केयर यूनिट पर काम स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि कैंसर अस्पताल में 12 बेड का विशेष आईसीयू शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा 100 बेड का पेलिएटिव केयर यूनिट भी विकसित किया जा रहा है, जिससे गंभीर स्थिति वाले मरीजों की देखभाल और इलाज की सुविधाओं में विस्तार होगा।

केंद्र से मिले 112 करोड़ रुपये स्वास्थ्य मंत्री ने जानकारी दी कि कैंसर अस्पताल के विस्तार और अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विकास के लिए केंद्र सरकार की ओर से 112 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि दिल्ली और मुंबई के बड़े अस्पतालों के स्तर की चिकित्सा सुविधाएं अब यहीं एसकेएमसीएच में उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

एसकेएमसीएच और कैंसर अस्पताल के अधिकारियों व चिकित्सकों के साथ समीक्षा बैठक करते स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, अधीक्षक डॉ. महेश प्रसाद, प्राचार्य कुमारी विभा, उपाधीक्षक डॉ. गोपाल शंकर सहनी व अन्य।

अधिकारियों और चिकित्सकों के साथ समीक्षा बैठक कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने एसकेएमसीएच के अधीक्षक डॉ. महेश प्रसाद, प्राचार्य कुमारी विभा, उपाधीक्षक डॉ. गोपाल शंकर सहनी और कैंसर अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारियों व डॉक्टरों के साथ एक बैठक की। इस बैठक में अस्पताल में वर्तमान में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, मरीजों के सुचारू इलाज और आने वाले समय में चिकित्सा सेवाओं के विस्तार को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

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गंगा का रौद्र रूप! खतरे के निशान से 1.65 मीटर ऊपर बह रही नदी, पटना पर मंडराया बाढ़ का बड़ा खतरा, मैदान में उतरे सम्राट चौधरी !

पटना। बिहार की राजधानी पटना में गंगा नदी के उफान और लगातार बढ़ते जलस्तर ने तबाही की आहट दे दी है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। आज मुख्यमंत्री ने गांधी घाट सहित गंगा नदी के विभिन्न इलाकों का स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा और तटबंधों की स्थिति का जायजा लिया।

कल 1 बजे हवाई सर्वेक्षण, 2 बजे होगी महाबैठक गंगा के रौद्र रूप और संभावित बाढ़ के संकट को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी कल दोपहर 1 बजे प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। हवाई सर्वेक्षण के तुरंत बाद दोपहर 2 बजे वे अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करेंगे। इस बैठक में नदियों के जलस्तर, तटबंधों की मजबूती, जलभराव वाले क्षेत्रों और राहत-बचाव की तैयारियों का बारीकी से आकलन किया जाएगा।

SDRF और NDRF अलर्ट मोड पर, राहत-बचाव की अग्रिम तैयारी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को कड़े शब्दों में निर्देश दिया कि आपदा से निपटने के लिए SDRF और NDRF की टीमों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा जाए। उन्होंने कहा कि संभावित प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षित आश्रय स्थल, चिकित्सा सुविधा, शुद्ध पेयजल, पर्याप्त खाद्य सामग्री और अन्य आवश्यक वस्तुओं की अग्रिम व्यवस्था हर हाल में पूरी रखी जाए। आमजनों की सुरक्षा सरकार की पहली प्राथमिकता है और किसी भी स्थिति में जान-माल का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।

खतरे के निशान से 1.65 मीटर  ऊपर बह रही गंगा, आंकड़ों से समझिए खौफनाक जलस्तर गांधी घाट पर दर्ज किए गए आंकड़े स्थिति की विभीषिका बयां कर रहे हैं। जलस्तर में लगातार हो रही तेज बढ़ोतरी इस प्रकार है:

  • 01 सितम्‍बर : सुबह 6 बजे 49.40 मीटर, शाम 6 बजे 49.50 मीटर
  • 02 सितम्‍बर: सुबह 6 बजे 49.71 मीटर, शाम 6 बजे 49.98 मीटर
  • 03 सितम्‍बर: सुबह 6 बजे 50.18 मीटर और दोपहर 12 बजे तक यह बढ़कर 50.25 मीटर तक पहुंच गया।

वर्तमान में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 1.65 Meter अधिक दर्ज किया गया है, जिससे तटीय इलाकों में हड़कंप मचा हुआ है। प्रशासन को स्थिति पर पैनी नजर रखने और स्थानीय लोगों के साथ समन्वय बनाकर तुरंत आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

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ट्रैफिक फाइन से पाना है छुटकारा? न लगें लंबी कतारों में! मुजफ्फरपुर में 12 सितम्बर को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, 5 से 11 सितम्बर तक प्री-वेरीफिकेशन का मास्टर प्लान तैयार!

मुजफ्फरपुर। जिला वासियों के लिए न्याय पाने और वर्षों पुराने मुकदमों को बिना किसी चक्कर के सुलझाने का सबसे बड़ा अवसर आ गया है। आगामी 12 सितम्बर को जिले में भव्य राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन होने जा रहा है। इस संबंध में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्वेता कुमारी सिंह ने आम जनता से अपील जारी कर लोक अदालत का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया है।

अपने कार्यालय कक्ष में संबोधित करतीं मुजफ्फरपुर की प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्वेता कुमारी सिंह।

पिछली अव्यवस्था से लिया सबक, चालान भुगतानों के लिए बना नया प्लान

पिछली लोक अदालत में ट्रैफिक चालान के मामलों के निपटारे के दौरान भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी, जिससे आम जनता को काफी असुविधा और लंबी कतारों का सामना करना पड़ा था। इस बार ऐसी किसी भी अव्यवस्था से बचने के लिए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्वेता कुमारी सिंह की पहल पर बेहद सुगम और आधुनिक व्यवस्था तैयार की गई है।

इस बार सिविल कोर्ट स्थित एडीआर बिल्डिंग में 5 सितम्बर से 11 सितम्बर तक विशेष प्री-वेरीफिकेशन काउंटर्स लगाए जा रहे हैं। आम लोग 12 सितम्बर से पहले ही अपने ट्रैफिक चालानों का प्री-वेरीफिकेशन कराकर रख सकते हैं।

इसके बाद, राष्ट्रीय लोक अदालत वाले दिन यानी 12 सितम्बर को ट्रैफिक चालानों से संबंधित राशि का भुगतान सिकंदरपुर स्टेडियम में किया जाएगा। जिन लोगों ने पहले से वेरीफिकेशन करा रखा होगा, उन्हें लोक अदालत वाले दिन कतार में खड़े होने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इससे उनका कीमती समय बचेगा और उन्हें बिना किसी झंझट के तुरंत रसीद प्राप्त हो जाएगी।

इन मुकदमों का होगा त्वरित व निःशुल्क निपटारा

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के सुलहनीय मामलों का निपटारा आपसी सौहार्दपूर्ण वातावरण में किया जाएगा। इसमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • घरेलू हिंसा और पारिवारिक विवाद के मामले
  • बिजली बिल से जुड़े विवाद
  • मोटर दुर्घटना दावा (मोटर एक्सीडेंट क्लेम) के मामले
  • अन्य आपसी समझौते योग्य दीवानी एवं आपराधिक मामले

उन्होंने कहा कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य पक्षों के बीच आपसी कड़वाहट को समाप्त कर सौहार्द बनाना और मुकदमों का निःशुल्क व त्वरित निष्पादन करना है।

जिला वासियों से अपील

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्वेता कुमारी सिंह ने कहा, मैं मुजफ्फरपुर के सभी निवासियों से विनम्र निवेदन करती हूँ कि आगामी 12 सितम्बर को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें। अपने लंबित एवं सुलहनीय वादों का निःशुल्क निपटारा कराएं। ट्रैफिक चालान के मामलों में भीड़ और असुविधा से बचने के लिए 5 से 11 सितम्बर के बीच ही सिविल कोर्ट एडीआर बिल्डिंग आकर अपना वेरीफिकेशन अवश्य पूरा कर लें। सिकंदरपुर स्टेडियम में 12 सितम्बर को केवल भुगतान प्रक्रिया होगी। इस ऐतिहासिक अवसर का लाभ उठाएं और राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाएं।”

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मुसहरी में चला बुलडोजर तो समस्तीपुर में मचा बवाल! अनुमंडल कार्यालय का घेराव, 23 सितंबर से आर-पार की लड़ाई का ऐलान

समस्तीपुर (3 सितंबर 2026): ताज़पुर प्रखंड के फतेहपुर वार्ड संख्या 3 स्थित मुसहरी में पुस्तैनी रूप से रह रहे गरीबों के आशियाने उजाड़े जाने के खिलाफ बृहस्पतिवार को समस्तीपुर शहर में जोरदार आक्रोश देखने को मिला। मूसलाधार बारिश के बावजूद भाकपा माले और खेग्रामस के बैनर तले सैकड़ों कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने सड़कों पर उतरकर राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

अनुमंडल कार्यालय के मुख्य द्वार पर नारेबाजी और प्रदर्शन करते भाकपा माले व खेग्रामस के कार्यकर्ता।

बस स्टैंड से निकला जुलूस, सड़कों पर लगा लंबा जाम

प्रदर्शनकारियों ने सबसे पहले शहर के सरकारी बस स्टैंड से एक विशाल जुलूस निकाला। यह जुलूस स्टेडियम गोलंबर, समाहरणालय मार्ग समेत शहर के प्रमुख चौराहों से गुजरते हुए अनुमंडल कार्यालय पहुंचा। कार्यकर्ताओं ने अनुमंडल कार्यालय के मुख्य द्वार को घेर लिया और वहीं धरना देकर बैठ गए।

लगभग एक घंटे तक चले इस उग्र प्रदर्शन के कारण मुख्य गेट पूरी तरह से जाम रहा, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह ठप्प हो गया।

सीओ पर भूमाफिया से मिलीभगत का आरोप

प्रदर्शन के दौरान भाकपा माले नेताओं ने सीधा आरोप लगाया कि ताज़पुर की अंचलाधिकारी आरती कुमारी ने भूमाफियाओं के इशारे पर मुसहरी में बुलडोजर चलाकर बेसहारा गरीबों के मकानों को ध्वस्त कर दिया। इतना ही नहीं, गरीबों को तंग करने के लिए वहां डूबने लायक गड्ढा खोद दिया गया और जल निकासी के रास्ते (बहा) को भी जबरन बंद कर दिया गया। कार्यकर्ताओं ने अंचलाधिकारी आरती कुमारी के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की।

सभा की अध्यक्षता और संचालन

अनुमंडल कार्यालय के समक्ष आयोजित प्रतिरोध सभा की अध्यक्षता खेग्रामस प्रखंड सचिव प्रभात रंजन गुप्ता ने की, जबकि मंच संचालन भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने किया।

सभा को संबोधित करते हुए खेग्रामस जिला सचिव जीबछ पासवान और जिला अध्यक्ष उपेन्द्र राय ने कहा कि पुस्तैनी रूप से बसे गरीबों को उजाड़ना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके अलावा किसान नेता ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, मनोज कुमार सिंह, रंजीता देवी, सुमित्रा देवी, सहदेव सदा, अनिल कुमार सिंह, रामविनोद पासवान, विश्वनाथ सिंह हजारी और शाहिद हुसैन समेत कई अन्य वक्ताओं ने भी सभा को संबोधित किया और प्रशासन को चेताया।

पांच सूत्री मांग पत्र सौंपा, आमरण अनशन का अल्टीमेटम

सभा के समापन के बाद प्रदर्शनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मौके पर मौजूद दंडाधिकारी (मैजिस्ट्रेट) के माध्यम से अनुमंडल पदाधिकारी को पांच सूत्री मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।

प्रमुख मांगें:

  1. फतेहपुर मुसहरी में पुस्तैनी बसे तमाम परिवारों को अविलंब रैयती पर्चा दिया जाए।
  2. सभी भूमिहीन गरीबों को वासभूमि और आवास उपलब्ध कराया जाए।
  3. सरकारी जमीन पर बसे तमाम गरीबों को स्थायी पर्चा दिया जाए।
  4. दलित एवं गरीब टोले-गांवों में निर्बाध पहुंचपथ (सड़क) का निर्माण कराया जाए।
  5. भूमाफिया के इशारे पर बुलडोजर चलाने और गड्ढा खोदने वाले दोषी अंचलाधिकारी पर कार्रवाई हो।

नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर त्वरित और ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो 23 सितंबर से जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू किया जाएगा।

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दिमागी चालों से लेकर मैदान की रफ्तार तक: एमडीडीएम कॉलेज की छात्राओं ने दिखाया अपना जलवा!

प्राचार्या अनुराधा सिंह बोलीं— “मानसिक व शारीरिक विकास की कुंजी है खेल”; विभिन्न स्पर्धाओं में छात्राओं ने दिखाया दमखम।

मुजफ्फरपुर। महंत दर्शन दास महिला महाविद्यालय (एमडीडीएम) में खेल विभाग के तत्वावधान में छात्राओं के लिए अंतर-विभागीय खेलकूद प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। प्रभारी प्राचार्या डॉक्टर अनुराधा सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ मनोविज्ञान विभाग की अध्यक्षा प्रोफेसर निशिकांति ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए किया।

दौड़ स्पर्धा के आयोजन से पूर्व और बाद में आयोजकों एवं शिक्षकों के साथ कतारबद्ध खड़ीं प्रतिभागी छात्राएं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्या डॉक्टर अनुराधा सिंह ने छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में खेलों की प्रासंगिकता और अधिक बढ़ गई है। खेल न केवल शारीरिक विकास के लिए जरूरी हैं, बल्कि मानसिक मजबूती और बौद्धिक विकास के लिए भी बेहद आवश्यक हैं। वहीं, स्पोर्ट्स सेक्रेटरी डॉक्टर राम दुलार साहनी ने अतिथियों व प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि खेल मनुष्य के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है। कार्यक्रम का सफल प्रबंधन एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉक्टर नूतन कुमारी एवं डॉक्टर मीनाक्षी कुमारी द्वारा किया गया।प्रतियोगिता के दौरान कॉलेज परिसर में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला, जहाँ विभिन्न विभागों की छात्राओं ने इनडोर और आउटडोर खेलों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा का परिचय दिया

रेस प्रतियोगिता में जीत हासिल करने के लिए ट्रैक पर पूरी ताकत से दौड़तीं कॉलेज की छात्राएं।
  • दौड़ (रेस): मैदान की रफ्तार में मनोविज्ञान विभाग की छात्रा सुहानी कुमारी ने पहला स्थान हासिल कर बाजी मारी। साक्षी कुमारी दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि बीसीए विभाग की छात्रा खुशी कुमारी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
  • टेबल टेनिस: टेबल टेनिस के मुकाबले में जंतुविज्ञान विभाग की छात्रा खुशबू कुमारी ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। राजनीति विज्ञान विभाग की छात्रा ओसीन वर्मा दूसरे तथा इसी विभाग की रुचि रंजन तीसरे स्थान पर रहीं।
  • कैरम बोर्ड: कैरम की बिसात पर भूगोल विभाग की प्रतिमा कुमारी ने सटीक निशाने साधते हुए पहला स्थान कब्जाया। अंग्रेजी विभाग की शगुफ़्ता प्रवीण दूसरे स्थान पर रहीं। वहीं तीसरे स्थान पर संयुक्त रूप से बीसीए विभाग की खुशी कुमारी और राजनीति विज्ञान विभाग की रुचि कुमारी रहीं।
  • चेस (शतरंज): दिमागी चालों के खेल शतरंज में जंतुविज्ञान विभाग की सानिया कुमारी ने प्रथम स्थान हासिल किया। इतिहास विभाग की राधिका कुमारी दूसरे और इतिहास विभाग की ही उर्वशी कुमारी तीसरे स्थान पर रहीं।

इस अवसर पर महाविद्यालय के तमाम शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारीगण मौजूद रहे और छात्राओं का उत्साहवर्धन करते रहे।

इनडोर रूम में शतरंज की बिसात पर चालें चलतीं और कैरम बोर्ड पर ध्यान केंद्रित करतीं छात्राएं।
एमडीडीएम कॉलेज में आयोजित टेबल टेनिस प्रतियोगिता के दौरान मुकाबला खेलतीं छात्राएं।

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स्वास्थ्य सेवा शिक्षा में बड़ा बदलाव: यूजीसी ने 33 नई डिग्रियों की घोषणा की, 21 पाठ्यक्रमों का किया पुनर्गठन

एक राष्ट्र, एक पाठ्यक्रमयोजना के तहत केंद्र सरकार ने लागू की व्यवस्था, अब देश भर में पढ़ाई का होगा एक ही पैटर्न

नई दिल्ली: देश की स्वास्थ्य शिक्षा व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने नई पहल की है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने राष्ट्रीय संबद्ध एवं स्वास्थ्य सेवा आयोग (एनसीएएचपी) के नियामक ढांचे के अंतर्गत 33 नई अवर स्नातक (यूजी) और स्नातकोत्तर (पीजी) डिग्रियों को अधिसूचित किया है, साथ ही 21 पुरानी डिग्रियों के ढांचे का पुनर्गठन किया है। इस निर्णय से देश भर में स्वास्थ्य शिक्षा की गुणवत्ता और संरचना में सुधार देखने को मिलेगा।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और यूजीसी द्वारा संबद्ध एवं स्वास्थ्य सेवा शिक्षा में किए गए सुधारों की मुख्य बिंदु झलकियाँ।

यूजीसी का 5वां संशोधन लागू

यूजीसी ने 27 अगस्त 2026 को जारी अधिसूचना संख्या एफ.21-12/2026 (सीपीपी-I) (यूआईएन: 3/2026) के माध्यम से यूजीसी अधिनियम 1956 की धारा 22 (3) में 5वां संशोधन किया है, जो 31 अगस्त 2026 को आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित किया जा चुका है। इस संशोधन का मुख्य उद्देश्य देश भर में संबद्ध और स्वास्थ्य सेवा शिक्षा में अधिक एकरूपता और स्पष्टता लाना है।

एक राष्ट्र, एक पाठ्यक्रमसे आएगी एकरूपता

इस विषय में जानकारी देते हुए एनसीएएचपी अध्यक्ष यज्ञ उन्मेश शुक्ला ने बताया कि यह कदम ‘एक राष्ट्र, एक पाठ्यक्रम’ के तहत उठाया गया है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्रालय, यूजीसी और एनसीएएचपी टीम के इस संयुक्त प्रयास की सराहना की। यज्ञ उन्मेश शुक्ला के अनुसार, अब पूरे देश में पाठ्यक्रमों की अवधि, डिग्री का नामकरण और प्रवेश योग्यताएं एक समान रहेंगी, जिससे छात्रों को अपने करियर में स्पष्टता मिलेगी।

इन प्रमुख क्षेत्रों में होगा बदलाव

अधिसूचित पाठ्यक्रमों में मुख्य रूप से फिजियोथेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, ऑप्टोमेट्री, मेडिकल लेबोरेटरी साइंसेज, इमरजेंसी मेडिकल टेक्नोलॉजी, एनेस्थीसिया और ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी, न्यूट्रिशन और डायटेटिक्स, साइकोलॉजी, मेडिकल और सोशल साइकियाट्रिक सोशल वर्क, मेडिकल रेडियोलॉजी, इमेजिंग और थेरेप्यूटिक टेक्नोलॉजी, फिजिशियन एसोसिएट, रेस्पिरेटरी टेक्नोलॉजी, डायलिसिस थेरेपी टेक्नोलॉजी और हेल्थ इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट जैसे विषय शामिल हैं। इसके अतिरिक्त स्नातकोत्तर स्तर पर विशेषज्ञता के लिए भी प्रावधान किए गए हैं, जिनमें:

सांकेतिक (प्रतीकात्‍मक) तस्‍वीर
  • मास्टर ऑफ ऑक्यूपेशनल थेरेपी: 9 विशेषज्ञताएं
  • मास्टर ऑफ फिजियोथेरेपी: 8 विशेषज्ञताएं
  • मास्टर ऑफ मेडिकल लेबोरेटरी साइंसेज: 4 विशेषज्ञताएं
  • मास्टर ऑफ मेडिकल रेडियोलॉजी एंड इमेजिंग टेक्नोलॉजी: 3 विशेषज्ञताएं
  • मास्टर ऑफ रेस्पिरेटरी टेक्नोलॉजी: 2 विशेषज्ञताएं

शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू करने का निर्देश

एनसीएएचपी ने सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और संबंधित शिक्षण संस्थानों को शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से इन पाठ्यक्रमों को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसमें डिप्लोमा इन मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी (डीएमएलटी) का विकल्प भी शामिल है। नए ढांचे में प्रैक्टिकल और क्लिनिकल ट्रेनिंग पर विशेष बल दिया गया है, ताकि छात्रों को अस्पतालों में पर्याप्त व्यावहारिक अनुभव मिल सके।

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