Wednesday, July 29, 2026

पर्यटन विभाग के अधीक्षण अभियंता अवधेश कुमार सिन्हा के ठिकानों पर निगरानी का छापा, आय से 75% अधिक संपत्ति का खुलासा

पटना: बिहार सरकार के पर्यटन विभाग में तैनात अधीक्षण अभियंता अवधेश कुमार सिन्हा के खिलाफ भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक बड़ी कार्रवाई की है। निगरानी ब्यूरो की टीम ने कोर्ट से सर्च वारंट प्राप्त करने के बाद पटना स्थित उनके आवास और कार्यालय समेत तीन ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। इस कार्रवाई में करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति, बेनामी निवेश के दस्तावेज, नगदी और आभूषण बरामद किए गए हैं।

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना की टीम द्वारा प्राथमिकी अभियुक्त अवधेश कुमार सिन्हा (अधीक्षण अभियंता, पर्यटन विभाग) के पटना स्थित भव्य तीन मंजिला आवास और कार्यालय में सर्च वारंट के आधार पर की जा रही सघन तलाशी और जांच की कार्रवाई।

निगरानी थाना में कांड संख्या 0-084/26 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(2) सह पठित धारा 13(1)(बी) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था। प्राथमिकी के अनुसार, अवधेश कुमार सिन्हा पर अपनी ज्ञात कानूनी आय से करीब 75% अधिक, यानी कुल 1,41,90,000 (एक करोड़ इकतालीस लाख नब्बे हजार) रुपये की परिसंपत्ति अवैध रूप से अर्जित करने का आरोप है।

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना की टीम द्वारा प्राथमिकी अभियुक्त अवधेश कुमार सिन्हा (अधीक्षण अभियंता, पर्यटन विभाग) के पटना स्थित भव्य तीन मंजिला आवास और कार्यालय में सर्च वारंट के आधार पर की जा रही सघन तलाशी और जांच की कार्रवाई।

तलाशी के दौरान बरामद हुई संपत्तियों का विवरण:

विशेष न्यायालय से मिले सर्च वारंट के आधार पर 17 जुलाई 2026 को देर रात तक चली छापेमारी के दौरान अभियुक्त और उनके परिजनों के नाम पर अर्जित निम्नलिखित चल-अचल संपत्तियों के दस्तावेज और सामग्रियां मिली हैं:

  1. जमीन एवं मकान के दस्तावेज: फ्रेंड्स कॉलोनी आशियाना नगर, पटना स्थित एक भूखंड (रकबा: 2 कट्ठा 4 धूर), जिसकी खरीद मूल्य 75,63,000 रुपये अंकित है। इस जमीन पर बने मकान के संबंध में एक सिविल कांट्रैक्टर के साथ किए गए मेमोरेंडम स्टैंडिंग के कागजात मिले हैं, जिसमें 20,00,000 रुपये का भुगतान एमओयू के समय और अग्रिम आठ किस्तों में 97,00,000 रुपये का भुगतान किया जाना दर्ज है।
  2. जमीन एग्रीमेंट: एक अन्य जमीन के एग्रीमेंट के कागजात मिले हैं, जिसका कुल मूल्य 75,62,500 रुपये अंकित है।
  3. बैंक लॉकर: केनरा बैंक में एक लॉकर का पता चला है, जिसे सील कर दिया गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत खोलकर जांच की जाएगी।
  4. नगद राशि: आवास से तलाशी के दौरान 61,000 रुपये नगद बरामद किए गए।
  5. स्वर्णाभूषण: वर्तमान मूल्य के अनुसार 5,05,019 रुपये के सोने के आभूषण मिले हैं।
  6. हीरा जड़ित आभूषण: 3,07,081 रुपये मूल्य के हीरा जड़ित आभूषण जब्त किए गए हैं।
  7. चांदी के आभूषण: 1,52,804 रुपये के चांदी के आभूषण बरामद हुए हैं।
  8. डीड के कागजात: कुल 12 अलग-अलग डीड के महत्वपूर्ण दस्तावेज पाए गए हैं।
  9. बैंक खाते: विभिन्न बैंकों से जुड़े 19 बैंक अकाउंट के कागजात बरामद किए गए हैं, जिनकी समीक्षा की जा रही है।
  10. इंश्योरेंस निवेश: विभिन्न जीवन बीमा पॉलिसियों (इंश्योरेंस) में किए गए निवेश के दस्तावेज मिले हैं।
  11. फ्लैट के कागजात: कुल 3 फ्लैट से संबंधित मालिकाना हक के कागजात पाए गए हैं।
  12. लक्जरी कार: एक होंडा कार भी बरामद की गई है।

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की तीन अलग-अलग टीमों द्वारा यह पूरी कार्रवाई संचालित की गई। ब्यूरो के अधिकारियों के अनुसार, बरामद दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है और बैंक खातों व लॉकर को खंगालने के बाद बेनामी संपत्ति का यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है। मामले का अनुसंधान अभी जारी है।

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भ्रष्टाचार और परीक्षा धांधली के खिलाफ समस्तीपुर में आक्रोश: भाकपा माले और आरवाईए ने खोला मोर्चा, जंतर-मंतर आंदोलन को दिया समर्थन!

समस्तीपुर, 20 जुलाई 2026: देश में लगातार हो रहे पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में गहरी पैठ बना चुके भ्रष्टाचार और परीक्षा संचालन में व्याप्त गंभीर अनियमितताओं के खिलाफ आज समस्तीपुर शहर में अभूतपूर्व जनाक्रोश देखने को मिला। छात्र-युवा आक्रोश दिवस के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर भारी संख्या में छात्र, नौजवान और आम नागरिक सड़कों पर उतर आए। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी-लेनिनवादी (भाकपा माले) और रिवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन (आरवाईए) के संयुक्त बैनर तले आयोजित आक्रोश मार्च ने केंद्र सरकार की नीतियों और शिक्षा मंत्रालय की कार्यप्रणाली के खिलाफ तीखा विरोध दर्ज कराया। नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे ऐतिहासिक छात्र आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन देते हुए प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत पद से इस्तीफे की मांग की।

समस्तीपुर के स्टेडियम गोलंबर पर एकत्रित होकर केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते भाकपा माले, आरवाईए और आइसा के नेता व कार्यकर्ता। प्रदर्शनकारी हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को भंग करने तथा नई शिक्षा नीति (नेप) 2020 को रद्द करने की मांग कर रहे हैं।

सोमवार को समस्तीपुर शहर के प्रतिष्ठित स्टेडियम गोलंबर से प्रारंभ हुआ यह आक्रोश मार्च एक जनसैलाब में तब्दील हो गया। जुलूस में शामिल  छात्र-युवाओं के हाथों में लाल झंडे, बैनर और तख्तियां थीं, जिन पर शिक्षा व्यवस्था में सुधार करने, परीक्षा प्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा भविष्य को अंधकार में धकेलने वाली पेपर लीक की घटनाओं पर अविलंब रोक लगाने की मांगें अंकित थीं। शहर के मुख्य मार्गों से गुजरते समय प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार की जनविरोधी और छात्र-विरोधी नीतियों के खिलाफ गगनभेदी नारेबाजी की। आंदोलनकारियों का स्पष्ट कहना था कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) जैसी संस्थाओं की विफलता और परीक्षाओं में लगातार हो रही धांधली के कारण देश के लाखों होनहार छात्रों का भविष्य पूरी तरह से बर्बाद हो रहा है, जबकि सरकार इस अत्यंत संवेदनशील और गंभीर समस्या पर अंकुश लगाने में पूरी तरह विफल साबित हुई है।

शिक्षा व्यवस्था में बढ़ता भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं: प्रो0 उमेश कुमार

सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले के जिला सचिव प्रो0 उमेश कुमार ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में देश की समूची शिक्षा व्यवस्था भ्रष्टाचार की दलदल में डूब चुकी है। परीक्षा संचालन में हर स्तर पर भारी अनियमितताएं बरती जा रही हैं, जिससे मेहनत करने वाले गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों के साथ घोर अन्याय हो रहा है। उन्होंने चेताया कि छात्रों के अधिकारों पर डाका डालने वाली इस व्यवस्था के खिलाफ कश्मीर से कन्याकुमारी तक एक देशव्यापी आंदोलन खड़ा हो चुका है, जिसे किसी भी दमनकारी नीति से दबाया नहीं जा सकता।

नैतिक जिम्मेदारी लें शिक्षा मंत्री, युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद हो: रौशन कुमार

सभा की अध्यक्षता करते हुए आरवाईए के जिला सचिव रौशन कुमार ने वर्तमान सत्ता पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार सोची-समझी रणनीति के तहत देश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। वर्षों तक तैयारी करने के बाद जब छात्र परीक्षा देने जाते हैं, तो उन्हें पता चलता है कि प्रश्नपत्र पहले ही बिक चुका है। उन्होंने सीधे तौर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस विफलता का जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि उन्हें अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है और उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।

निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की गारंटी तक संघर्ष रहेगा जारी

सभा का कुशल संचालन करते हुए भाकपा माले जिला स्थाई समिति के सदस्य तथा आइसा-आरवाईए के जिला प्रभारी सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने उपस्थित जनसमूह को संकल्प दिलाते हुए कहा कि जब तक छात्रों और युवाओं की मूलभूत समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो जाता, जब तक देश में एक पूर्णतः निष्पक्ष व पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू नहीं होती और हर नागरिक के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की कानूनी गारंटी नहीं मिलती, तब तक यह संघर्ष सड़कों से लेकर संसद तक अनवरत जारी रहेगा।

इस बड़े राजनीतिक और सामाजिक विरोध प्रदर्शन में विपक्षी एकजुटता भी देखने को मिली। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता शाहिद हुसैन ने भी कार्यक्रम में शामिल होकर छात्रों की मांगों का पुरजोर समर्थन किया। उनके साथ राम विनोद पासवान, डा0 सुरज कुमार दास, पूर्व पार्षद अर्जुन राय, भाकपा माले जिला स्थाई समिति के सदस्य ललन कुमार, महावीर पोद्दार, जीबछ पासवान ने भी व्यवस्था के खिलाफ आवाज बुलंद की।

इसके अलावा माले जिला कमिटी के सम्मानित सदस्यों में अनील कुमार चौधरी, रामचंद्र पासवान, डा0 खुर्शीद खैर, उपेंद्र राय, दीनबंधु प्रसाद, दिनेश साह, आफताब आलम सहित आरवाईए के जुझारू नेता तनंजय प्रकाश, ललन कुमार उर्फ कुंदन राय समेत बहुत बड़ी संख्या में भाकपा माले, आरवाईए और आइसा के समर्पित कार्यकर्ता और आम नागरिक उपस्थित थे।

इन रास्तों से गुजरा जनसैलाब: शहर के स्टेडियम गोलंबर से शुरू होकर यह आक्रोश मार्च समाहरणालय, ओवरब्रीज चौराहा, महिला कॉलेज, नगर थाना एवं मुफस्सिल थाना होते हुए आगे बढ़ा। अंत में यह  जुलूस ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) द्वारा कर्पूरी स्थल पर पहले से जारी सभा स्थल पर पहुंचकर एक महा-सभा में तब्दील हो गया, जहां आगे के उग्र आंदोलन की रणनीति की घोषणा की गई।

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पत्नी की हत्या कर सालों से फरार जिले का टॉप 10 इनामी दरिंदा दबोचा गया, अवैध संबंध के विरोध पर दिया था खौफनाक मौत!

मुजफ्फरपुर: जिले की पुलिस को एक बहुत बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। मुजफ्फरपुर पुलिस ने जिला पुलिस की टॉप 10 अपराधियों की सूची में शामिल और सदर थाना क्षेत्र के एक चर्चित हत्याकांड के फरार चल रहे वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार अपराधी पर अपनी ही पत्नी की बेरहमी से हत्या करने का संगीन आरोप है, जो लंबे समय से कानून की नजरों से छुपकर फरार चल रहा था।

मुजफ्फरपुर में जिला के टॉप 10 वांछित अपराधियों की सूची में शामिल हत्याकांड के फरार आरोपी राजेश कुमार यादव की गिरफ्तारी के बाद प्रेस वार्ता करतीं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, नगर 02 विनीता सिन्हा व साथ में मौजूद पुलिस टीम और पुलिस की गिरफ्त में मुंह पर कपड़ा लपेटे खड़ा मुख्य आरोपी।

मादापुर चौबे के पास से दबोचा गया आरोपी :  अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, नगर 02, मुजफ्फरपुर विनीता सिन्हा ने प्रेस मीडिया को इस मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक 18/7/2026 को सदर थाना पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सदर थाना क्षेत्रांतर्गत मादापुर चौबे के पास घेराबंदी की गई। पुलिस ने मौके से जिला के टॉप 10 फरार अपराध कर्मियों में शामिल राजेश कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार राजेश कुमार यादव स्वर्गीय राजमणि यादव का पुत्र है और वह बीबीगंज के नंदपुरी, थाना सदर का निवासी है।

अवैध संबंध के विरोध पर दी थी खौफनाक मौत : पुलिस अधिकारी विनीता सिन्हा ने बताया कि इस सनसनीखेज हत्या के पीछे अवैध संबंध का एक बड़ा मामला सामने आया है। आरोपी राजेश कुमार यादव का किसी बाहरी महिला से अवैध संबंध था, जिसका उसकी पत्नी लगातार विरोध करती थी। पत्नी का यह विरोध पति को इस कदर नागवार गुजरा कि उसने अपनी ही पत्नी को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रच डाली। अवैध संबंध को बनाए रखने के जुनून में आरोपी ने अपनी पत्नी को जहर देकर मौत के घाट उतार दिया।

पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट से खुला था राज : इस मामले को लेकर सदर थाना कांड संख्या 832/18 दर्ज है, जो भारतीय दंड विधान की धारा 302/34 के तहत दर्ज किया गया था। घटना के बाद जब मृतिका का पोस्टमार्टम कराया गया और विसरा को फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री यानी एफ.एस.एल. जांच के लिए भेजा गया, तो डॉक्टरों और वैज्ञानिकों की रिपोर्ट ने सबको चौंका दिया था। पी.एम. रिपोर्ट और एफ.एस.एल. रिपोर्ट के आधार पर मृतिका के शरीर में गंभीर रूप से पॉइजनिंग यानी जहर की पुष्टि हुई। जांच रिपोर्ट में मृतिका के शरीर के भीतर एलुमिनियम फॉस्फाइड और सल्फास की भारी मात्रा पाई गई थी, जिससे यह पूरी तरह साबित हो गया कि उसे जबरन या धोखे से सल्फास देकर मारा गया था।

अन्य आरोपी जमानत पर, मुख्य आरोपी भेजा गया जेल:  पुलिस के अनुसार, इस पूरे हत्याकांड में राजेश कुमार यादव के साथ कुछ अन्य लोग भी शामिल थे। इस कांड के अन्य दो आरोपी पहले ही माननीय न्यायालय से जमानत पाकर मुक्त हो चुके हैं, लेकिन मुख्य आरोपी राजेश कुमार यादव पुलिस की गिरफ्त से लगातार बाहर चल रहा था और अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी को एक बड़ी सफलता माना है और कानूनी कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आज उसे माननीय न्यायालय की अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। इस कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप का माहौल है।

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राष्ट्रकवि दिनकर की भूमि से मुख्यमंत्री का बड़ा एलान: हर प्रखंड में खुलेगा आदर्श विद्यालय, ‘बिहार पढ़ेगा, तभी बिहार आगे बढ़ेगा’, एक साथ 551 आदर्श विद्यालयों का उद्घाटन,

बेगूसराय । बिहार के शिक्षा क्षेत्र में एक नया इतिहास रचते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की पावन भूमि बेगूसराय से राज्य के सभी 38 जिलों को एक बहुत बड़ी सौगात दी है। बेगूसराय के आईओसीएल  स्टेडियम में आयोजित एक भव्य समारोह में मुख्यमंत्री ने एक साथ 551 ‘सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय)’ का डिजिटल माध्यम से उद्घाटन किया। इस ऐतिहासिक कदम के साथ ही बिहार में आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के एक नए युग का विधिवत शुभारंभ हो गया है।

बेगूसराय के आईओसीएल (IOCL) स्टेडियम में आयोजित भव्य कार्यक्रम के मंच पर उपस्थित मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा और मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव जनता का अभिवादन स्वीकार करते हुए।

प्रतिभा अब अवसरों की मोहताज नहीं रहेगी: मुख्यमंत्री  

इस ऐतिहासिक अवसर पर आईओसीएल स्टेडियम में उमड़े विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार सरकार का यह दृढ़ संकल्प है कि राज्य की कोई भी प्रतिभा अवसर के अभाव में कभी पीछे न छूटे। सरकार हर प्रखंड में ऐसे सरकारी आदर्श विद्यालयों को तेजी से विकसित कर रही है, जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का एक नया वैश्विक मानक स्थापित करेंगे और विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य की एक नई उड़ान देंगे। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि “बिहार पढ़ेगा, तभी बिहार आगे बढ़ेगा” और इसी संकल्प को जमीन पर उतारने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इन सभी आदर्श विद्यालयों में विद्यार्थियों को उत्कृष्ट शिक्षा के साथ-साथ अत्यंत आधुनिक सुविधाएं, नवाचार (इनोवेशन) और उनके समग्र व्यक्तित्व विकास के सर्वोत्तम अवसर प्राप्त होंगे।

मॉडल विद्यालय का औचक निरीक्षण और तकनीक पर जोर

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी स्वयं बी.पी. इंटर स्कूल पहुंचे, जहां उन्होंने नव-निर्मित मॉडल विद्यालय का अत्यंत बारीकी से निरीक्षण और अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने विद्यालय में उपलब्ध कराई गई आधुनिक शैक्षणिक व्यवस्थाओं को देखा और छात्रों द्वारा बनाए गए विज्ञान मॉडलों की सराहना की। उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक एवं तकनीक आधारित शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुढ़ृढ़ करने के संबंध में कई आवश्यक निर्देश जारी किए। सरकार द्वारा आने वाले समय में फाइलो ऐप (FILO App), बिहार स्कूल लाइव क्लासेस एवं स्मार्ट क्लास जैसी अत्याधुनिक डिजिटल व्यवस्थाओं को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा, ताकि सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी वैश्विक स्तर की शिक्षा मिल सके।

बी.पी. इंटर स्कूल में मॉडल विद्यालय के निरीक्षण के दौरान छात्रों द्वारा बनाए गए आधुनिक विज्ञान मॉडल का अवलोकन करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी।

बेगूसराय और बिहार के लिए विकास की बड़ी घोषणाएं

मुख्यमंत्री ने शिक्षा के साथ-साथ राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई अत्यंत महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की घोषणा की। उन्होंने घोषणा की कि राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ के नाम पर एक नए विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा, सिमरिया में भगवान वेंकटेश्वर (तिरुपति) मंदिर का निर्माण, सिमरिया-भागलपुर मरीन ड्राइव और रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे जैसी बड़ी परियोजनाओं से विकसित बिहार के संकल्प को एक नई ऊर्जा और रफ्तार मिलेगी। आईओसीएल (IOCL) स्टेडियम के मंच से मुख्यमंत्री ने कई अन्य विकास योजनाओं का भी शिलान्यास और उद्घाटन किया तथा रोजगार एवं युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए राज्य सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को जनता के सामने साझा किया।

इस महा-समारोह के दौरान मंच पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, बिहार के उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव और कई वरिष्ठ राजनेता एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने बिहार की इस नई विकास यात्रा का साक्षी बनकर मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना की।

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बरियारपुर को मिला नया मॉडल थाना! एवं सकरा को मॉडल विद्यालय: केंद्रीय मंत्री राजभूषण और विधायक आदित्य ने किया भव्य उद्घाटन,

  • जनता को त्वरित न्याय और पारदर्शी पुलिस सेवा का संकल्प: केंद्रीय मंत्री
  • अपराध नियंत्रण और विधि व्यवस्था होगी और भी मजबूत: ग्रामीण एसपी

मुजफ्फरपुर: जिले के सकरा प्रखंड अंतर्गत बरियारपुर में नवनिर्मित बरियारपुर थाना भवन का आज विधिवत और भव्य उद्घाटन किया गया। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय जल शक्ति राज्यमंत्री और मुजफ्फरपुर के सांसद राजभूषण चौधरी और सकरा विधायक आदित्य कुमार चौधरी उपस्थित थे। दोनों ने संयुक्त रूप से फीता काटकर नए भवन का लोकार्पण किया।

 बरियारपुर थाने के नए भवन के उद्घाटन के अवसर पर फीता काटते केंद्रीय मंत्री राजभूषण चौधरी, सकरा विधायक आदित्य कुमार चौधरी और ग्रामीण एसपी राजेश कुमार सिंह प्रभाकर।

इस अवसर पर जिला के कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौजूद थे, जिनमें ग्रामीण पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह प्रभाकर और पूर्वी-02 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) मनोज कुमार सिंह प्रमुख हैं। नए थाना भवन के चालू होने से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और सामुदायिक सुरक्षा और मजबूत होने की उम्मीद है।

केंद्रीय मंत्री का बयान:

केंद्रीय मंत्री राजभूषण चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि बरियारपुर में नए थाना भवन का उद्घाटन जनता को त्वरित, पारदर्शी और सुरक्षित पुलिस सेवा देने के सरकार के संकल्प को दर्शाता है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार जर्जर हालत में पड़े सरकारी संस्थानों के बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए लगातार काम कर रही है, चाहे वह स्कूल हों या थाने।

मंत्री ने नए थाना भवन की आधुनिक सुविधाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें न केवल पुलिसकर्मियों के लिए बेहतर कामकाजी माहौल है, बल्कि जनता के लिए भी बैठने और उनकी समस्याओं को सुनने की अच्छी व्यवस्था है। उन्होंने जर्जर सकरा थाना भवन के बारे में एक सवाल के जवाब में आश्वासन दिया कि जहां भी जरूरत होगी, नए और मॉडल थाना भवन बनाए जाएंगे।

कदाने नदी की सफाई के लिए 84 करोड़:

क्षेत्र की जनता की एक बड़ी समस्या का समाधान करते हुए केंद्रीय मंत्री ने घोषणा की कि कदाने नदी की सफाई के लिए 84 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। उन्होंने बताया कि इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और जल्द ही काम शुरू हो जाएगा।

ग्रामीण एसपी का बयान:

ग्रामीण पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह प्रभाकर ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मुजफ्फरपुर के निर्देश पर बरियारपुर थाना अब इस नए भवन से पूरी तरह से काम करना शुरू कर देगा। उन्होंने बताया कि नए भवन में थानाध्यक्ष कक्ष, सिरिस्ता कक्ष, हाजत, आगंतुक कक्ष और महिलाओं के लिए अलग हाजत जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन सुविधाओं से पुलिसकर्मियों को बेहतर तरीके से काम करने में मदद मिलेगी और जनता को बेहतर सेवाएं दी जा सकेंगी।

केंद्रीय मंत्री ने सकरा के मॉडल विद्यालय का किया गहन निरीक्षण एवं उद्घाटन

मुजफ्फरपुर लोकसभा क्षेत्र के सकरा प्रखंड में आज एक अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रम में केंद्रीय जल शक्ति राज्यमंत्री और मुजफ्फरपुर के सांसद राजभूषण चौधरी शामिल हुए। उन्होंने क्षेत्र में नवनिर्मित विद्यालय ‘आदर्श विद्या निकेतन’ का विधिवत उद्घाटन किया और इस अवसर पर संपूर्ण विद्यालय परिवार को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उद्घाटन के पश्चात केंद्रीय मंत्री ने विद्यालय परिसर का गहन निरीक्षण भी किया और वहां उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं का जायजा लिया। इस कार्यक्रम में उनके साथ सकरा के विधायक आदित्य कुमार चौधरी भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में इस नए प्रयास की सराहना की।

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बिहार में जल क्रांति:  बाढ़ की तबाही से मुक्ति और समृद्धि का नया सवेरा, 130.88 करोड़ की बेलवा-मीनापुर लिंक परियोजना शुरू!

पटना/शिवहर 19 जुलाई 2026। बिहार में विकास और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के “नदी जोड़ो अभियान” के सपने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अटूट संकल्प को धरातल पर उतारते हुए सूबे में एक बड़ी परियोजना का सफल क्रियान्वयन किया गया है। शिवहर जिले के पिपराही प्रखंड के बेलवा में आयोजित एक भव्य एवं ऐतिहासिक समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बागमती-बूढ़ी गंडक नदी जोड़ परियोजना के अंतर्गत नवनिर्मित बेलवा-मीनापुर लिंक चैनल (बेलवाधार) का गरिमामयी लोकार्पण किया।

 शिवहर के पिपराही प्रखंड के बेलवा में बागमती-बूढ़ी गंडक नदी जोड़ परियोजना के उद्घाटन समारोह के मंच पर मंचासीन मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, समाज कल्याण मंत्री डॉ० श्वेता गुप्ता व अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधिगण।

130.88 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार यह 68.80 किलोमीटर लंबी ऐतिहासिक लिंक चैनल परियोजना क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए जीवनदायिनी साबित होगी। लोकार्पण के तुरंत बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों के साथ बेलवा-मीनापुर लिंक चैनल का सघन निरीक्षण किया और इसकी कार्यप्रणाली तथा तकनीकी बारीकियों की जानकारी ली। यह परियोजना न केवल बाढ़ प्रबंधन और सिंचाई क्षमता को एक सर्वथा नया आयाम देगी, बल्कि जल संसाधनों के वैज्ञानिक उपयोग की दिशा में देश के सामने एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत करेगी।

लोकार्पण के पश्चात नवनिर्मित 68.80 किलोमीटर लंबे बेलवा-मीनापुर लिंक चैनल (बेलवाधार) के जल प्रवाह और सुरक्षा तटबंधों का सघन निरीक्षण करते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उनके साथ उपस्थित जल संसाधन विभाग के वरीय प्रशासनिक अधिकारी।

बाढ़ की तबाही पर लगेगा अंकुश, बढ़ेगी किसानों की खुशहाली : समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बेलवा-मीनापुर लिंक चैनल बागमती नदी के अतिरिक्त जल को बूढ़ी गंडक नदी तक सुरक्षित पहुंचाने का एक अत्यंत महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। मानसून के दौरान जब बागमती नदी उफान पर होती है, तब इस लिंक चैनल के माध्यम से अतिरिक्त पानी को मोड़ा जा सकेगा, जिससे पूरे क्षेत्र में बाढ़ की तीव्रता में भारी कमी आएगी। उन्होंने बल देकर कहा कि यह परियोजना केवल एक चैनल नहीं है, बल्कि विकसित बिहार की परिकल्पना को धरातल पर उतारने का मजबूत आधार है। इससे क्षेत्र में सिंचाई क्षमताओं का अभूतपूर्व विस्तार होगा, कृषि उत्पादकता बढ़ेगी और मत्स्य पालन जैसी नवीन कृषि-आधारित गतिविधियों को बड़े पैमाने पर प्रोत्साहन मिलेगा। इसके दूरगामी लाभों में भू-जल स्तर का पुनर्भरण, हरित आवरण में व्यापक वृद्धि और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था का सुदृढ़ीकरण शामिल है।

शिवहर को 200 करोड़ की 40 विकास योजनाओं की ऐतिहासिक सौगात:  इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिवहर जिले के सर्वांगीण विकास के लिए खजाना खोल दिया। उन्होंने कुल 200 करोड़ रुपये की लागत वाली 40 महत्वाकांक्षी विकास योजनाओं का शिलापट्ट अनावरण कर उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इसमें 22 महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्घाटन और 18 नई विकास योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को दर्शाने वाले जीविका, उद्योग विभाग, कृषि विभाग, शिक्षा विभाग तथा बिहार पुलिस के अभया ब्रिगेड एवं साइबर क्राइम स्टॉलों का अत्यंत सूक्ष्मता से निरीक्षण किया। महिला सशक्तिकरण को नई गति देते हुए मुख्यमंत्री ने शिवहर जिला के 4550 जीविका स्वयं सहायता समूहों को 25 करोड़ 35 लाख रुपये का सांकेतिक चेक प्रदान किया, जिससे ग्रामीण परिवेश में रोजगार और स्वरोजगार के अभूतपूर्व अवसर सृजित होंगे।

समारोह में दिग्गजों का लगा जमावड़ा : इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए कई केंद्रीय और राज्य स्तरीय नेता कार्यक्रम में मौजूद रहे। समारोह में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, समाज कल्याण मंत्री डॉ० श्वेता गुप्ता, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन, सांसद लवली आनंद, सांसद देवेश चंद्र ठाकुर, विधायक अमित कुमार, विधान पार्षद बंशीधर बृजवासी, विधान पार्षद रेखा कुमारी एवं पूर्व सांसद रमा देवी सहित कई गणमान्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

इसके साथ ही प्रशासनिक अमले से मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ० चंद्रशेखर सिंह, तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह, तिरहुत प्रक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक चंदन कुशवाहा, शिवहर की जिलाधिकारी प्रतिभा रानी, शिवहर के पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र सिंह सहित जल संसाधन विभाग के वरीय अभियंतागण और बड़ी संख्या में स्थानीय आमजन उपस्थित थे।

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एक्शन में गृह विभाग: पेंडिंग फाइलों पर बरपा हड़कंप, कुंदन कुमार ने एक-एक प्रभाग को खंगाला, पुलिस महकमे में मची खलबली

पटना, 18 जुलाई: बिहार प्रशासनिक और पुलिस महकमे से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है, जिसने पूरे तंत्र में खलबली मचा दी है। 18 जुलाई, शनिवार को गृह विभाग के सचिव कुंदन कुमार के नेतृत्व में एक बेहद महत्वपूर्ण और उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य एजेंडा गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय से जुड़े विभिन्न प्रभागों में लंबे समय से अटके और लंबित मामलों का त्वरित निपटारा करना था। सचिव कुंदन कुमार  ने बैठक में सख्त तेवर अपनाते हुए एक-एक फाइल की गहन पड़ताल की, जिसके बाद पूरे प्रशासनिक गलियारे में हड़कंप का माहौल देखा जा रहा है।

बिहार सरकार के गृह विभाग कार्यालय में लंबित मामलों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते गृह विभाग के सचिव कुंदन कुमार (केंद्र में) एवं उपस्थित पुलिस मुख्यालय तथा विभिन्न प्रभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण।

इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में पुलिस मुख्यालय के अंतर्गत आने वाले तमाम महत्वपूर्ण विभागों के कामकाज और उनकी फाइलों को बारीकी से खंगाला गया। बैठक में मुख्य रूप से पुलिस मुख्यालय, आधुनिकीकरण प्रभाग, प्रोविजनिंग प्रभाग, साइबर प्रभाग, मद्य निषेध एवं स्वापक ब्यूरो के साथ-साथ प्रशिक्षण प्रभाग के कामकाज की विस्तृत समीक्षा की गई। सचिव ने स्पष्ट किया कि फाइलों के लंबित रहने से पूरी व्यवस्था की गति प्रभावित होती है, जिसे किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

इन महत्वपूर्ण प्रभागों पर रही पैनी नजर:

बैठक के दूसरे चरण में ईआरएसएस (ERSS) परियोजना की प्रगति रिपोर्ट देखी गई। इसके अलावा सुरक्षा प्रभाग, विशेष शाखा, सीआईडी प्रभाग, कमजोर वर्ग प्रभाग, रेल पुलिस प्रभाग, यातायात प्रभाग और बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस सहित अन्य सभी संबंधित प्रशाखाओं के लंबित मामलों की बिंदुवार समीक्षा की गई।

कुंदन कुमार ने अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा कि सभी लंबित मामलों को समय सीमा के भीतर निष्पादित किया जाए। अधिकारियों को यह भी चेतावनी दी गई है कि कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता पाए जाने पर जवाबदेही तय की जाएगी और अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस समीक्षा बैठक के बाद से पुलिस मुख्यालय से लेकर गृह विभाग की तमाम प्रशाखाओं में कार्य में तेजी लाने की होड़ मच गई है।

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मुजफ्फरपुर  में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीपफेक से अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 20 लाख रुपए के साथ आरोपी के घर पुलिस की बड़ी छापेमारी, अब तक 97 लाख की वसूली का सनसनीखेज खुलासा!

मुजफ्फरपुर (विशेष संवाददाता): बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के अहियापुर थाना क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां आधुनिक तकनीक का दुरुपयोग कर ब्लैकमेलिंग का एक बड़ा जाल फैलाया जा रहा था। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीपफेक तकनीक के माध्यम से फर्जी तस्वीरें और वीडियो तैयार कर एक पीड़ित परिवार को जाल में फंसाया गया और उनसे लाखों रुपए ऐंठ लिए गए। इस पूरे संगठित अपराध का खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर बड़ी रकम बरामद की।

मामले के संदर्भ में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, नगर 02, मुजफ्फरपुर विनीता सिन्हा ने प्रेस मीडिया को महत्वपूर्ण जानकारी  देते हुए बताया कि 15 और 16 जुलाई की रात्रि को अहियापुर थाना को एक विशेष गोपनीय सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। इस विशेष टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अभियुक्त अभिषेक कुमार, पेशर राकेश कुमार के घर पर छापेमारी की। अभियुक्त का यह घर एसकेएमसीएच के सामने वाली गली में स्थित है।

अहियापुर थाना क्षेत्र में हुई बड़ी छापेमारी और वसूली के सनसनीखेज मामले की प्रेस मीडिया को जानकारी देती हुईं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, नगर 02, मुजफ्फरपुर विनीता सिन्हा।

छापेमारी के दौरान पुलिस टीम ने अभियुक्त के घर की गहन तलाशी ली, जहां से एक बैकपैक को जब्त किया गया। जब उस बैकपैक को खोला गया, तो पुलिस अधिकारी दंग रह गए; उसके भीतर से कुल 20 लाख रुपए की नकद राशि बरामद की गई। पुलिस द्वारा नकदी की जब्ती की पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और विधिवत बनाए रखने के लिए मौके पर ही वीडियोग्राफी कराई गई। यह पूरी वीडियोग्राफी अभियुक्त अभिषेक कुमार के माता-पिता के समक्ष और उनकी उपस्थिति में की गई। इसके साथ ही पुलिस ने मौके पर ही एक विस्तृत जब्ती सूची तैयार की, जिस पर अभिषेक कुमार के माता-पिता के हस्ताक्षर भी कराए गए।

बरामद राशि को सुरक्षित रूप से अहियापुर थाना पर लाया गया, जहां दोबारा नोटों की गिनती की गई तो वह कुल 20 लाख रुपए पाए गए। जांच के दौरान नोटों के एक बंडल में एक इलेक्ट्रॉनिक ट्रैकर लगा हुआ पाया गया। इसी ट्रैकर के इनपुट के आधार पर पुलिस की विशेष टीम ने इतनी सटीक छापेमारी को अंजाम दिया था। पुलिस ने उस ट्रैकर को भी विधिवत रूप से जब्त कर लिया है और उसी रात इस पूरी घटनाक्रम से जुड़ी विस्तृत स्टेशन डायरी एंट्री दर्ज की गई।

विनीता सिन्हा ने आगे बताया कि 18/7/2026 को पीड़ित पक्ष ने स्वयं अहियापुर थाना पर उपस्थित होकर इस गंभीर मामले के संबंध में एक लिखित आवेदन पुलिस को सौंपा है। इस आवेदन के आलोक में पुलिस द्वारा त्वरित रूप से प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। पीड़ित पक्ष द्वारा बताया गया है कि अभियुक्त अभिषेक कुमार तथा उनके गिरोह के 2-3 अन्य सदस्य मिलकर उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा डीपफेक के माध्यम से जनरेट किए गए कुछ आपत्तिजनक फोटोज और वीडियोस के जरिए ब्लैकमेल करने का प्रयास कर रहे थे।

आरोपियों द्वारा पीड़ित परिवार को जान-माल का नुकसान पहुंचाने तथा उन्हें झूठे केस में फंसाने की लगातार धमकी दी जा रही थी और विगत कुछ समय से उनसे रैनडम वसूली की जा रही थी। पीड़ित पक्ष ने पुलिस को बताया कि वे इस डर के कारण अभी तक कुल 97 लाख रुपए अभिषेक कुमार और उनके गिरोह के अन्य लोगों को दे चुके हैं, जिसमें से दिनांक 15 और 16 की रात्रि को अहियापुर थाना की पुलिस टीम द्वारा 20 लाख रुपए बरामद कर लिए गए हैं। पुलिस अपराधियों के पूरे नेटवर्क को खंगालने और गिरोह के अन्य सदस्यों को गिरफ्तार करने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।

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उत्तर बिहार को बड़ी सौगात: बागमती और बूढ़ी गंडक नदियों को जोड़ने की योजना तैयार, बाढ़ से मिलेगी राहत और बढ़ेगी सिंचाई क्षमता!

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ट्वीट कर दी जानकारी, शिवहर से मुजफ्फरपुर के बीच लिंक चैनल का होगा उद्घाटन

पटना। बिहार के जल संसाधनों के समेकित एवं वैज्ञानिक प्रबंधन की दिशा में एक नया और बड़ा कदम उठाया गया है। उत्तर बिहार में हर साल आने वाली बाढ़ की समस्या को नियंत्रित करने और किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधा देने के लिए सरकार एक नई योजना को शुरू करने जा रही है। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (अब एक्स) पर यह जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि बागमती-बूढ़ी गंडक रिवर लिंक योजना के अंतर्गत बेलवा (शिवहर)-मीनापुर (मुजफ्फरपुर) लिंक चैनल (बेलवाधार) निर्माण कार्य का उद्घाटन किया जाएगा। इस पहल से नदियों के पानी का उचित प्रबंधन किया जा सकेगा, जिससे स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

सांकेतिक (प्रतीकात्‍मक) तस्‍वीर

मिली जानकारी के अनुसार, यह महत्वपूर्ण परियोजना लगभग 68.80 किलोमीटर लंबी है, जिसके निर्माण पर कुल 130.88 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जा रही है। इस परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र में बाढ़ का प्रबंधन पहले से काफी मजबूत हो जाएगा। बागमती नदी के अतिरिक्त पानी को लिंक चैनल के माध्यम से बूढ़ी गंडक नदी की ओर मोड़ा जा सकेगा, जिससे शिवहर और मुजफ्फरपुर के आस-पास के निचले इलाकों में बाढ़ का असर कम होगा। इसके साथ ही क्षेत्र में सिंचाई की क्षमता में भी बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।

इस परियोजना का सबसे अधिक लाभ क्षेत्र के किसानों को मिलेगा। लिंक चैनल के जरिए खेतों तक फसलों के लिए पर्याप्त पानी पहुंचाया जाएगा, जिससे किसान समय पर अपनी फसलों की सिंचाई कर सकेंगे। पर्याप्त जल मिलने से कृषि की उत्पादकता बढ़ेगी और गांवों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। कृषि कार्य बेहतर होने से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की आय में वृद्धि होगी और स्थानीय स्तर पर काम के अवसर भी बढ़ेंगे।

सम्राट चौधरी ने अपने संदेश में यह भी स्पष्ट किया कि यह पूरी योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “समेकित जल संसाधन प्रबंधन” के विज़न को धरातल पर उतारने का प्रयास है। इस सोच के तहत नदियों के जल का सही उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इस काम को आगे बढ़ा रही हैं ताकि बिहार जल सुरक्षा और आर्थिक प्रगति के रास्ते पर लगातार आगे बढ़ता रहे। विभाग द्वारा उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर तैयारियां तेजी से पूरी की जा रही हैं।

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बिहार के युवाओं को 10 रूपये में इंजीनियर बनाने का मुख्यमंत्री का ऐतिहासिक ऐलान, 3 बड़े जिलों में करोड़ों की सौगातों की बौछार!

पटना, 18 जुलाई 2026 । बिहार के शिक्षा जगत से लेकर तकनीकी गलियारों तक आज एक बड़ा ऐलान हुआ है! बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक ऐसा ऐतिहासिक और सनसनीखेज ऐलान किया है जिसने पूरे देश का ध्यान बिहार की तरफ खींच लिया है। सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र परिसर स्थित ज्ञान भवन में दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह की शुरुआत करते हुए सम्राट चौधरी ने मंच से गर्जना की कि बिहार दुनिया का इकलौता ऐसा अनोखा राज्य बन गया है, जहां के सभी 38 जिलों के इंजीनियरिंग कॉलेजों में मात्र 10 रूपये और पॉलिटेक्निक संस्थानों में केवल 5 रूपये के मामूली शुल्क पर विश्वस्तरीय तकनीकी शिक्षा दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने युवाओं के भीतर जोश भरते हुए खुली चुनौती दी कि अब बिहार के युवाओं को नौकरी खोजने वाला भिखारी नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला मालिक बनना होगा।

बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह के दौरान विज्ञान प्रदर्शनी में छात्रों द्वारा बनाए गए आधुनिक वायरलेस और रोबोटिक कार मॉडल का बेहद बारीकी से निरीक्षण करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी।

मेधावी छात्रों पर हुई रुपयों और पदकों की बारिश :  ज्ञान भवन में आयोजित इस भव्य समारोह के दौरान शैक्षणिक सत्र 2024-25 के बी टेक और एम टेक के होनहार छात्र-छात्राओं पर सम्मान की भारी बारिश हुई। सम्राट चौधरी ने मंच से मेधावी छात्रों को न केवल गोल्ड मेडल और प्रशस्ति पत्र सौंपे, बल्कि उनके खातों में 50001 रूपये की भारी-भरकम राशि के चेक ट्रांसफर कर उन्हें पुरस्कृत किया। इसके साथ ही प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल करने वाले टॉपर्स को गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल के साथ शैक्षणिक उत्कृष्टता प्रमाण-पत्र देकर नवाजा गया।

करोड़ों के विकास कार्यों का रिमोट से महा-लोकार्पण:  मुख्यमंत्री ने केवल भाषण ही नहीं दिया, बल्कि मंच से एक के बाद कई बड़े करते हुए राज्य के 3 प्रमुख जिलों के इंजीनियरिंग कॉलेजों को करोड़ों की सौगातें दे डालीं। सम्राट चौधरी ने रिमोट का बटन दबाकर राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय जमुई में 3.49 करोड़ रूपये की भारी लागत से तैयार हुए अतिरिक्त बालिका छात्रावास तल का उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय किशनगंज में 77.58 करोड़ रूपये के विशाल बजट से कराए गए अतिरिक्त विकास कार्यों और अभियंत्रण महाविद्यालय सुपौल में 26.02 करोड़ रूपये की लागत से बने चमचमाते 300 बेड वाले अतिरिक्त बालिका छात्रावास भवन का भव्य लोकार्पण कर राज्य के बुनियादी ढांचे को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया।

एक तरफ ज्ञान भवन के मंच से मेधावी छात्राओं को गोल्ड मेडल और डिग्री सर्टिफिकेट सौंपकर सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, और दूसरी तरफ दीक्षांत समारोह के मुख्य मंच से बिहार को तकनीकी क्षेत्र में नंबर 1 बनाने के लिए हुंकार भरते हुए मुख्यमंत्री।

मुजफ्फरपुर और भागलपुर में खुलेंगी नई यूनिवर्सिटी, विक्रमशिला का होगा पुनर्जन्म : बिहार की प्राचीन और खोई हुई शैक्षणिक विरासत को वापस लाने के लिए मुख्यमंत्री ने एक और बड़ा ऐलान किया। उन्होंने बताया कि ऐतिहासिक विक्रमशिला विश्वविद्यालय के पुनर्स्थापन की प्रक्रिया बेहद तेज हो चुकी है और इसके लिए भारत सरकार को 220 एकड़ की विशाल भूमि भी हस्तांतरित की जा चुकी है। इतना ही नहीं, बिहार को देश का सबसे बड़ा ‘टेक हब’ बनाने के इरादे से मुजफ्फरपुर स्थित एम आई टी में आर्किटेक्चर एवं सिविल इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय तथा सिल्क सिटी भागलपुर में एक अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं कंप्यूटर साइंस विश्वविद्यालय की स्थापना करने की घोषणा की गई है। सम्राट चौधरी ने कहा कि 21वीं सदी की इस डेटा और ए आई की जंग में बिहार ग्लोबल स्टैंडर्ड के मानकों पर खरा उतरकर देश का आर्थिक नेतृत्व करेगा।

इन दिग्गजों की रही गरिमामयी मौजूदगी : इस ऐतिहासिक और बड़े समारोह में मुख्यमंत्री का स्वागत विश्वविद्यालय के कुलपति सुरेश कांत वर्मा ने बुके और स्मृति चिन्ह देकर किया। इस महा-आयोजन के दौरान मंच पर उप मुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, विज्ञान प्रावैद्यिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री शीला कुमारी, और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने भी अपनी बात रखी। इनके साथ ही मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, विभाग के सचिव हिमांशु शर्मा, और कुलसचिव प्रदीप कुमार समेत विश्वविद्यालय के तमाम प्रोफेसर, छात्र-छात्राएं और हजारों की संख्या में गणमान्य लोग इस ऐतिहासिक क्षण के गवाह बने।

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