पत्नी की हत्या कर सालों से फरार जिले का टॉप 10 इनामी दरिंदा दबोचा गया, अवैध संबंध के विरोध पर दिया था खौफनाक मौत!

मुजफ्फरपुर: जिले की पुलिस को एक बहुत बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। मुजफ्फरपुर पुलिस ने जिला पुलिस की टॉप 10 अपराधियों की सूची में शामिल और सदर थाना क्षेत्र के एक चर्चित हत्याकांड के फरार चल रहे वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार अपराधी पर अपनी ही पत्नी की बेरहमी से हत्या करने का संगीन आरोप है, जो लंबे समय से कानून की नजरों से छुपकर फरार चल रहा था।

मुजफ्फरपुर में जिला के टॉप 10 वांछित अपराधियों की सूची में शामिल हत्याकांड के फरार आरोपी राजेश कुमार यादव की गिरफ्तारी के बाद प्रेस वार्ता करतीं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, नगर 02 विनीता सिन्हा व साथ में मौजूद पुलिस टीम और पुलिस की गिरफ्त में मुंह पर कपड़ा लपेटे खड़ा मुख्य आरोपी।

मादापुर चौबे के पास से दबोचा गया आरोपी :  अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, नगर 02, मुजफ्फरपुर विनीता सिन्हा ने प्रेस मीडिया को इस मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक 18/7/2026 को सदर थाना पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सदर थाना क्षेत्रांतर्गत मादापुर चौबे के पास घेराबंदी की गई। पुलिस ने मौके से जिला के टॉप 10 फरार अपराध कर्मियों में शामिल राजेश कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार राजेश कुमार यादव स्वर्गीय राजमणि यादव का पुत्र है और वह बीबीगंज के नंदपुरी, थाना सदर का निवासी है।

अवैध संबंध के विरोध पर दी थी खौफनाक मौत : पुलिस अधिकारी विनीता सिन्हा ने बताया कि इस सनसनीखेज हत्या के पीछे अवैध संबंध का एक बड़ा मामला सामने आया है। आरोपी राजेश कुमार यादव का किसी बाहरी महिला से अवैध संबंध था, जिसका उसकी पत्नी लगातार विरोध करती थी। पत्नी का यह विरोध पति को इस कदर नागवार गुजरा कि उसने अपनी ही पत्नी को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रच डाली। अवैध संबंध को बनाए रखने के जुनून में आरोपी ने अपनी पत्नी को जहर देकर मौत के घाट उतार दिया।

पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट से खुला था राज : इस मामले को लेकर सदर थाना कांड संख्या 832/18 दर्ज है, जो भारतीय दंड विधान की धारा 302/34 के तहत दर्ज किया गया था। घटना के बाद जब मृतिका का पोस्टमार्टम कराया गया और विसरा को फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री यानी एफ.एस.एल. जांच के लिए भेजा गया, तो डॉक्टरों और वैज्ञानिकों की रिपोर्ट ने सबको चौंका दिया था। पी.एम. रिपोर्ट और एफ.एस.एल. रिपोर्ट के आधार पर मृतिका के शरीर में गंभीर रूप से पॉइजनिंग यानी जहर की पुष्टि हुई। जांच रिपोर्ट में मृतिका के शरीर के भीतर एलुमिनियम फॉस्फाइड और सल्फास की भारी मात्रा पाई गई थी, जिससे यह पूरी तरह साबित हो गया कि उसे जबरन या धोखे से सल्फास देकर मारा गया था।

अन्य आरोपी जमानत पर, मुख्य आरोपी भेजा गया जेल:  पुलिस के अनुसार, इस पूरे हत्याकांड में राजेश कुमार यादव के साथ कुछ अन्य लोग भी शामिल थे। इस कांड के अन्य दो आरोपी पहले ही माननीय न्यायालय से जमानत पाकर मुक्त हो चुके हैं, लेकिन मुख्य आरोपी राजेश कुमार यादव पुलिस की गिरफ्त से लगातार बाहर चल रहा था और अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी को एक बड़ी सफलता माना है और कानूनी कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आज उसे माननीय न्यायालय की अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। इस कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप का माहौल है।

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