मुजफ्फरपुर: जिले के साहेबगंज थाना क्षेत्र के अहियापुर स्थित भारत गैस एजेंसी के ग्रामीण वितरक केंद्र पर हुई लूटपाट की घटना का मुजफ्फरपुर पुलिस ने सफल उद्भेदन कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में संलिप्त तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से लूटी गई राशि, घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
साहेबगंज थाना क्षेत्र के भारत गैस एजेंसी लूटकांड के खुलासे के संबंध में प्रेसवार्ता करते ग्रामीण पुलिस अधीक्षक और गिरफ्तार किए गए अभियुक्त।
पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण ने प्रेसवार्ता में दी जानकारी
इस मामले की जानकारी देते हुए ग्रामीण पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह प्रभाकर ने प्रेसवार्ता में बताया कि 15 अक्टूबर 2026 को साहेबगंज थाना क्षेत्र के अहियापुर स्थित भारत गैस एजेंसी के कैश काउंटर पर मोटरसाइकिल सवार तीन अज्ञात अपराधियों ने हथियार का भय दिखाकर नगद और मोबाइल लूट की घटना को अंजाम दिया था।
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक, मुजफ्फरपुर के निर्देश और ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के अनुश्रवण तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सरैया के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इस टीम में जिला आसूचना इकाई और साहेबगंज थानाध्यक्ष समेत अन्य पुलिस पदाधिकारी शामिल थे।
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हुई गिरफ्तारी
गठित टीम ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन किया और मानवीय तथा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अनुसंधान आगे बढ़ाया। इसके बाद पुलिस ने घटना में शामिल तीन अभियुक्तों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की।
गिरफ्तार अभियुक्तों के नाम नीचे दिए गए हैं:
विनय कुमार (निवासी – साहेबगंज, मुजफ्फरपुर)
पप्पू कुमार (निवासी – साहेबगंज, मुजफ्फरपुर)
दीपक कुमार (निवासी – बीजघटी, पूर्वी चंपारण)
पूछताछ और बरामदगी
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्तों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। पुलिस के अनुसार, विनय कुमार घटनास्थल पर मौजूद रहकर वारदात में शामिल था, जबकि पप्पू कुमार और दीपक कुमार लाइनर की भूमिका निभा रहे थे।
पुलिस ने अभियुक्तों के पास से निम्नलिखित सामान बरामद किए हैं:
लूटी गई राशि में से बचे हुए 2,200 रुपये नकद
घटना में प्रयुक्त 1 मोटरसाइकिल
3 मोबाइल फोन
सभी सामानों को विधिवत जब्त कर लिया गया है और गिरफ्तार अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। साथ ही, इन सभी का पुराना आपराधिक इतिहास भी पता किया जा रहा है और अन्य फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
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दुशान्बे में गरजा भारत, आतंकवाद और उसके समर्थकों के खिलाफ निर्णायक जंग की पुकार
दुशान्बे/नई दिल्ली(पी.आई.बी. ) । ताजिकिस्तान की राजधानी दुशान्बे में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शासनाध्यक्ष परिषद की 25वीं बैठक में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ सबसे सख्त रुख अपनाया है। भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विश्व मंच से स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि आतंकवाद के पूरे तंत्र और इसे आर्थिक व रणनीतिक पनाह देने वाले आकाओं के खिलाफ अब निर्णायक और सामूहिक कार्रवाई का समय आ गया है।
ताजिकिस्तान की राजधानी दुशान्बे में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शासनाध्यक्ष परिषद की 25वीं बैठक के दौरान सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा करते भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
इस उच्चस्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने आतंकवाद को शांति, स्थिरता और विकास के लिए दुनिया का सबसे बड़ा खतरा करार दिया। उन्होंने दोहरे मापदंडों पर हमला बोलते हुए कहा कि आतंकवाद को किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता। आतंकवादियों को आर्थिक सहायता देने, उनका समर्थन करने या उन्हें अपने देश में सुरक्षित पनाह देने वालों के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय में कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
आतंकवाद से बर्बाद हो रहा युवाओं का भविष्य
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंकवाद केवल निर्दोष लोगों की जान ही नहीं लेता, बल्कि पूरे क्षेत्र में व्यापार, निवेश और आर्थिक प्रगति को पूरी तरह ध्वस्त कर देता है। यह समाज में कट्टरता की जहर घोलता है और युवाओं को उन बेहतर अवसरों से वंचित कर देता है, जिनके वे हकदार हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बिश्केक शिखर सम्मेलन में दिए गए संदेश का भी स्मरण कराया, जिसमें सुरक्षा, संपर्क और अवसरों के सृजन पर विशेष जोर दिया गया था।
ताजिकिस्तान की राजधानी दुशान्बे में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शासनाध्यक्ष परिषद की 25वीं बैठक में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह [बायें से तीसरे क्रम में ]।
संप्रभुता का सम्मान जरूरी: चाबहार और अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे से खुलेगा नया रास्ता
क्षेत्रीय संपर्क व्यवस्था पर भारत के रुख को स्पष्ट करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि कोई भी संपर्क परियोजना तभी सफल और टिकाऊ हो सकती है, जब वह सभी देशों के साथ विचार-विमर्श और उनकी संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान पर आधारित हो।
भारत ने चाबहार बंदरगाह और अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारा (आईएनएसटीसी) जैसी प्रमुख पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये परियोजनाएं मध्य एशिया को वैश्विक बाजारों से जोड़ने और व्यापार को नए आयाम देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
डिजिटल क्रांति, स्टार्टअप और हरित ऊर्जा में भारत की मिसाल
भारत के विकास मॉडल को साझा करते हुए रक्षा मंत्री ने बताया कि भारत ने डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और दुनिया के सबसे बड़े स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्रों में से एक को तैयार किया है। इसके अलावा, महिलाओं के नेतृत्व में विकास और मिशन लाइफ जैसी पहलों के माध्यम से भारत दुनिया को टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल प्रगति का मार्ग दिखा रहा है।
बैठक में सदस्य देशों ने वर्ष 2026 से 2030 के लिए बहुपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग की कार्ययोजना को अपनाया तथा 2027 के बजट और प्रशासनिक प्रस्तावों पर हस्ताक्षर किए। रक्षा मंत्री ने वर्ष के अंत में भारत द्वारा आयोजित किए जाने वाले पहले ‘एससीओ सभ्यता संवाद मंच’ में सभी सदस्य देशों को आमंत्रित भी किया।
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नई दिल्ली / पटना: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के निर्देशानुसार भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजपा युवा मोर्चा – बीजेवाईएम) की नई राष्ट्रीय टीम और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों की घोषणा कर दी गई है। जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार ये सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष युवा मोर्चा डॉ. हेमांग जोशी (सांसद) द्वारा आधिकारिक तौर पर जारी इस सूची में देश के विभिन्न राज्यों के युवा चेहरों को बड़ी जिम्मेदारियां दी गई हैं।
इस घोषणा पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों और कार्यकारिणी सदस्यों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने अपनी शुभकामनाएं संदेश में कहा, “मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप सभी अपनी ऊर्जा, समर्पण एवं संगठनात्मक कौशल से युवा शक्ति को नई दिशा देने तथा राष्ट्रसेवा के संकल्प को और अधिक सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।”
एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्यों की आधिकारिक सूची।
बीजेवाईएम के नए राष्ट्रीय पदाधिकारी और दायित्व (सूची)
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष:
शगुन परिहार, विधायक (जम्मू एवं कश्मीर)
निखिल मणि तिवारी (उत्तर प्रदेश)
अरविंद दमानी (नागालैंड)
मालोथ कोमली नाइक (तेलंगाना)
राज राजेंद्र सिंह (बिहार)
सोमेन करफा, विधायक (पश्चिम बंगाल)
भूपेंद्र नाग (छत्तीसगढ़)
राष्ट्रीय महामंत्री:
अर्पिता अपराजिता बडजेना (ओडिशा)
हर्ष वर्धन सिंह (उत्तर प्रदेश)
मित्त वामशी कृष्णा (आंध्र प्रदेश)
राष्ट्रीय मंत्री:
बिश्वजीत खोंड (असम)
आशिष झाला (मध्य प्रदेश)
सयाली रघुनाथ कुलकर्णी (महाराष्ट्र)
हिमांशु शर्मा (राजस्थान)
सरदार अरमानजोत बरार (पंजाब)
अमन यादव (झारखंड)
राहुल झा (बिहार)
राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष एवं सह-कोषाध्यक्ष:
विनीत वत्स त्यागी (उत्तर प्रदेश) – राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष
देवव्रत सिंह राजावत (राजस्थान) – राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष
कार्यालय एवं विभाग प्रभारी:
ध्रुव पंडित (गुजरात) – राष्ट्रीय कार्यालय प्रभारी
मोहित सोनी (दिल्ली) – राष्ट्रीय कार्यालय सह-प्रभारी
अखिला बंदम (तेलंगाना) – नीति एवं शोध प्रभारी
रंगम त्रिवेदी (गुजरात) – नीति एवं शोध सह-प्रभारी
कमल मडीशेट्टी (तेलंगाना) – नीति एवं शोध सह-प्रभारी
डॉ. रमा बल्हारा (हरियाणा) – नीति एवं शोध सह-प्रभारी
हिमांशु यादव (बिहार) – मीडिया प्रभारी
शिवानी सिंह (दिल्ली) – मीडिया सह-प्रभारी
अतुल ठाकुर (हिमाचल प्रदेश) – मीडिया सह-प्रभारी
विशु बसोया (दिल्ली) – मीडिया सह-प्रभारी
अपूर्वा सिंह (दिल्ली) – सोशल मीडिया प्रभारी
मानवेंद्र चौहान (बिहार) – सोशल मीडिया सह-प्रभारी
राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य (राज्यवार सूची)
राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के निर्देश पर युवा मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में देश भर से युवाओं को शामिल किया गया है:
अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह: टी हरीश कुमार
अरुणाचल प्रदेश: ताना ओपु
बिहार: मैथिली ठाकुर (विधायक), एवं विनीत कुशवाहा
छत्तीसगढ़: अनमोल झा
दिल्ली: मोहित नागर
दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव: सिद्धार्थ शुक्ला
गुजरात: पार्थ केशवभाई माधानी, राकेश चौधरी
हरियाणा: पर्व शर्मा
हिमाचल प्रदेश: प्रज्वल बस्टा
जम्मू एवं कश्मीर: जुबैर अहमद गनी
कर्नाटक: रश्मि सामंत
केरलम: ऋषभ मोहन नायर, दिनिल दिनेश
लद्दाख: ताशी शेरिंग जोतक
मध्य प्रदेश: भक्ति शर्मा, गजेन्द्र सिंह तोमर
महाराष्ट्र: वीरेंद्र पृथ्वीराज पाटिल, गुरदित सिंह वोहरा
मणिपुर: देश राज युमनम
मेघालय: अक्की ए संगमा
पुडुचेरी: सेंदिलकुमार
पंजाब: प्रिया शर्मा
राजस्थान: भवानी शंकर कुमावत, सुनील विश्नोई
तेलंगाना: सिंधु रेड्डी कासिरेड्डी
त्रिपुरा: शिशिर भौमिक
उत्तर प्रदेश: शक्ति सिंह, सत्येन्द्र अवाना, राहुल तिवारी, शैलेन्द्र मौर्य, निर्मल तंवर भाटी
पश्चिम बंगाल: अंकिता विश्वास
युवा मोर्चा की इस नई और ऊर्जावान टीम से संगठन को आगामी चुनावों और राष्ट्रव्यापी अभियानों में नई गति मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।
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किसानों को मोबाइल पर ही मिलेंगी खेती-किसानी से जुड़ी सभी योजनाओं की जानकारी, दफ्तरों के चक्कर काटे बिना किसानों तक सीधे पहुंचेगी मदद
नई दिल्ली (पीआईबी ) । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ और किसान कल्याण के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नवरात्रि की नवमी पर किसानों के लिए संशोधित ‘एग्री वेलफेयर पोर्टल’ का औपचारिक शुभारंभ किया। इस नए पोर्टल का मुख्य उद्देश्य देश के अन्नदाताओं तक सरकारी योजनाओं, आर्थिक सहायता और खेती से जुड़ी सटीक जानकारियों को बिना किसी परेशानी और बिचौलियों के सीधे उनके मोबाइल फोन तक पहुंचाना है।
संशोधित ‘एग्री वेलफेयर पोर्टल’ का औपचारिक शुभारंभ करते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान।
दफ्तरों के चक्कर लगाने से मिलेगी मुक्ति
शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्पष्ट विजन है कि सरकार हर समय आम नागरिक और किसान के लिए मोबाइल पर लाइव रहे। तकनीक की असली सार्थकता तभी है जब वह सीधे खेत-खलिहान तक पहुंचे और किसान का जीवन आसान बनाए। इस पोर्टल के जरिए अब किसानों को योजनाओं की जानकारी लेने या आवेदन करने के लिए अलग-अलग दफ्तरों और वेबसाइटों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि यह प्लेटफार्म केवल किसानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स), कृषि वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और स्टार्टअप्स को भी एक साथ जोड़ेगा।
धीमे इंटरनेट पर भी आसानी से करेगा काम
केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पोर्टल की सफलता सही और समयबद्ध जानकारी से तय होगी। पुरानी या अधूरी सूचनाएं व्यवस्था पर भरोसा कम करती हैं, इसलिए पोर्टल पर हर जानकारी का लगातार अपडेट होना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही भाषा और प्रक्रिया को इतना सरल रखा जाए कि कम पढ़े-लिखे छोटे और सीमांत किसान भी इसे आसानी से समझ व चला सकें। किसानों को इस पोर्टल और डिजिटल टूल्स के इस्तेमाल में माहिर बनाने के लिए देश के सभी कृषि विज्ञान केंद्रों के जरिए एक विशेष प्रशिक्षण अभियान भी चलाया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस महत्वपूर्ण पहल को समय पर तैयार करने के लिए पूरी तकनीकी टीम की सराहना की। यह नया पोर्टल इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के डीबीआईएम 3.0 और जीआईजीडब्ल्यू 3.0 मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है जो सुरक्षित, मोबाइल-अनुकूल और दिव्यांगजनों के उपयोग के लिए पूरी तरह सुलभ है। यह मंच पीएम-किसान, एग्रीस्टैक और पीएम फसल बीमा योजना जैसी बड़ी पहलों के लिए एक साझा प्रवेश-द्वार (सिंगल विंडो) का काम करेगा।
इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण सचिव अतीश चंद्रा और अतिरिक्त सचिव प्रमोद मेहरदा सहित डिजिटल कृषि प्रभाग के साथ ही मंत्रालय तथा राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
पोर्टल की मुख्य विशेषताएं:
सब कुछ एक ही जगह: मंत्रालय की सभी योजनाएं, सब्सिडी, नियम और डिजिटल सेवाएं अब एक ही पोर्टल पर मौजूद हैं जिससे समय और भागदौड़ की पूरी बचत होगी।
पारदर्शिता और बिचौलियों से मुक्ति: ऑनलाइन पात्रता जांच, सीधे आवेदन और खाते में सहायता राशि (डीबीटी) पहुंचने से प्रक्रिया पारदर्शी होगी और बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी।
धीमे इंटरनेट पर भी तेज संचालन: ग्रामीण क्षेत्रों को ध्यान में रखकर इसे बेहद हल्का और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है जो साधारण स्मार्टफोन और कमजोर नेटवर्क में भी आसानी से काम करता है।
समय पर सही जानकारी: मौसम का हाल, नई वैज्ञानिक खेती के तरीके, बीज-खाद की उपलब्धता और मंडियों के भाव की प्रामाणिक जानकारी सीधे किसान तक पहुंचेगी।
दिव्यांगजनों के लिए भी सुगम: आधुनिक सरकारी मानकों के तहत इसे ऐसा बनाया गया है कि दृष्टिबाधित और दिव्यांग भाई-बहन भी स्क्रीन रीडर और सरल नेविगेशन से इसका लाभ उठा सकेंगे।
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नई दिल्ली: देश के युवाओं और लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर अब तक का सबसे बड़ा और तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोधी दल बांग्लादेश की तर्ज पर भारत में सत्ता परिवर्तन (रीजीम चेंज) कराने की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के नौजवानों को अराजकता की राजनीति का मोहरा बनाने का खतरनाक खेल खेला जा रहा है।
कांग्रेस की नीतियों और इतिहास पर सवाल खड़े करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह।
बांग्लादेश से प्रेरणा लेकर सरकार गिराने की कोशिश
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कुछ नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बात खुलेआम स्वीकार करते हैं कि उन्होंने सत्ता परिवर्तन के लिए बांग्लादेश से प्रेरणा ली है। वहीं दूसरी तरफ वे डंके की चोट पर चुनी हुई सरकार को गिराने की बात करते हैं। यह रवैया स्पष्ट करता है कि इनका एकमात्र एजेंडा देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं को ध्वस्त करना और पूरे देश में आग लगाना है।
उन्होंने तल्ख लहजे में कहा कि ‘तख्तापलट’ और ‘संसद नहीं, सड़क से रास्ता निकलेगा’ जैसे नारों से लोकतंत्र मजबूत नहीं होता। राजनीतिक विरोध के नाम पर हिंसा और अव्यवस्था को बढ़ावा देना पूरी तरह से देशहित के खिलाफ है। कांग्रेस को समझना चाहिए कि लोकतंत्र में सत्ता का रास्ता जनता के जनादेश से तय होता है, सड़कों पर गदर मचाने से नहीं।
राहुल गांधी के ‘हाइड्रोजन बम‘ वाले दावों की खुली पोल
राहुल गांधी पर सीधा हमला बोलते हुए राजनाथ सिंह ने सवाल उठाया कि उनके ‘हाइड्रोजन बम’ जैसे बड़े-बड़े दावे आखिर सबूतों के सामने क्यों हवा हो जाते हैं? कभी मतदाताओं की उम्र पर सवाल खड़ा किया जाता है तो कभी फर्जी वोटर होने का आरोप लगाया जाता है, लेकिन जब इन आरोपों को साबित करने की बात आती है, तो ठोस प्रमाण गायब मिलते हैं। लोकतंत्र में केवल शोर मचाना आसान है, लेकिन तथ्यों और सबूतों के साथ जवाब देना ही सबसे जरूरी है।
इलेक्शन कमीशन पर सवाल उठाने वाली कांग्रेस अपने इतिहास के काले पन्ने पलटे
चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने वाली कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि कांग्रेस को अपना इतिहास नहीं भूलना चाहिए। जिस दल ने अपने शासनकाल में संवैधानिक संस्थाओं और चुनाव आयोग की स्वायत्तता पर गंभीर सवाल खड़े किए, वही आज लोकतंत्र की दुहाई दे रहा है। दूसरों पर उंगली उठाने से पहले कांग्रेस को अपने अतीत का हिसाब देना चाहिए।
राजनाथ सिंह ने कांग्रेस के इतिहास को काले अध्यायों से भरा बताते हुए कहा:
1975 की इमरजेंसी: देश पर जबरन आपातकाल थोपकर लोकतंत्र का गला घोंटा गया।
1984 का सिख नरसंहार: निर्दोष सिखों के कत्लेआम का काला दाग।
1990 में रामभक्तों पर गोलीबारी: रामभक्त कारसेवकों पर गोलियां चलवाई गईं।
संवैधानिक संस्थाओं पर हमला: आज भी संवैधानिक ढांचे पर लगातार प्रहार जारी है।
नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत बना मजबूत रक्षा निर्यात राष्ट्र
देश की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सक्षम नेतृत्व में भारत ने वैश्विक पटल पर अपनी साख और विश्वसनीयता को बेहद मजबूत किया है। आज भारत केवल डिजिटल लेन-देन, अंतरिक्ष अनुसंधान और मुक्त व्यापार समझौतों में ही आगे नहीं है, बल्कि रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर बनकर उभरा है। भारत अब एक विश्वसनीय रक्षा निर्यातक (डिफेंस एक्सपोर्टर) के रूप में दुनिया में अपनी नई पहचान बना रहा है।
अराजकता छोड़ राष्ट्र निर्माण के मार्ग पर आएं राहुल गांधी
अंत में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि बार-बार दोहराए गए झूठे आरोपों और मनगढ़ंत गढ़े गए आख्यानों को सच के रूप में स्थापित करने की कोशिशों का जवाब केवल तथ्यों के आधार पर दिया जाएगा। लोकतंत्र के नाम पर देश में अव्यवस्था फैलाना और संवैधानिक संस्थाओं पर चोट करना किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। राहुल गांधी और उनके सहयोगियों को अपने संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थ से ऊपर उठकर जनमत का सम्मान करना चाहिए तथा विकास यात्रा को बाधित करने के बजाय संवाद, सहयोग और राष्ट्र निर्माण का मार्ग चुनना चाहिए।
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पटना (विशेष संवाददाता): महानवमी के पावन और अति-विशेष अवसर पर राजधानी पटना भक्ति, आस्था और उल्लास के माहौल में सराबोर नजर आई। प्रदेश की सुख, शांति, आरोग्यता और निरंतर समृद्धि की मनोकामना के साथ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खुद पूजा पंडालों और मंदिरों में पहुंचकर माँ भगवती का आशीर्वाद लिया।
पटना के डाकबंगला चौराहा स्थित पूजा पंडाल में माँ दुर्गा के समक्ष हाथ जोड़कर पूजा-अर्चना करते सम्राट चौधरी। साथ में पूर्व मंत्री संजीव कुमार टोनी, जिलाधिकारी कुंदन कुमार एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित हैं।
पंडालों और मंदिरों में शीश नवाया:
महानवमी के दिन सम्राट चौधरी सबसे पहले पटना के ऐतिहासिक एवं प्रसिद्ध डाकबंगला रोड स्थित श्री दुर्गा पूजा समिति के पूजा पंडाल पहुंचे, जहां उन्होंने माँ दुर्गा के दर्शन किए और विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके बाद वे बांस घाट स्थित प्रसिद्ध माँ काली मंदिर गए और माँ भगवती के चरणों में शीश नवाकर समस्त बिहारवासियों के कल्याण की कामना की।
लोकसेवक आवास पर कन्या-पूजन और हवन:
पूजा-अर्चना के उपरांत सम्राट चौधरी ने अपने लोकसेवक आवास पर धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए हवन का आयोजन किया। इसके पश्चात उन्होंने शक्ति स्वरूपा नौ नन्हीं कन्याओं के पांव पखारे, उन्हें चुनरी ओढ़ाई और भावपूर्वक भोजन कराकर कन्या-पूजन संपन्न किया। इस दौरान उन्होंने माँ भगवती से प्रार्थना करते हुए कहा कि राज्य का हर नागरिक सुखी, समृद्ध, स्वस्थ और शांत रहे।
लोकसेवक आवास में महानवमी के शुभ अवसर पर शक्ति स्वरूपा कन्याओं के पांव पखारने के उपरान्त भोजन कराते और चुनरी ओढ़ाकर कन्या-पूजन करते सी एम सम्राट चौधरी।
बिहार निरंतर विकास पथ पर अग्रसर रहे:
इस पावन अवसर पर सम्राट चौधरी ने समस्त बिहारवासियों को दुर्गा पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मीडिया के माध्यम से कहा, “माँ दुर्गा का आशीर्वाद हम सभी पर सदैव बना रहे। हमारा देश और बिहार राज्य निरंतर प्रगति एवं विकास के पथ पर आगे बढ़ता रहे और समृद्धि की नई ऊंचाइयों को छुए।”
प्रशासनिक अधिकारी एवं गणमान्य लोग रहे मौजूद:
इस दौरान सम्राट चौधरी के साथ पूर्व मंत्री संजीव कुमार टोनी, पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार, राज्य के कई वरीय प्रशासनिक अधिकारी, पूजा समिति के आयोजकगण, अनेक गणमान्य व्यक्ति तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।
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नई दिल्ली: देश में कैलोरी की कमी न होने के बावजूद आवश्यक विटामिन और खनिजों की कमी यानी ‘हिडन हंगर’ (छिपी भूख) एक विकराल समस्या बनी हुई है। इस गंभीर चुनौती से निपटने के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद – केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर-सीपीआरआई) के वैज्ञानिकों ने एक क्रांतिकारी सफलता हासिल की है। संस्थान ने बैंगनी रंग के गूदे वाला एक विशेष बायोफोर्टिफाइड आलू विकसित किया है, जिसका नाम कुफरी जामुनिया रखा गया है। वर्ष 2024 में आधिकारिक तौर पर जारी यह किस्म न केवल देखने में अनोखी है, बल्कि स्वास्थ्य और स्वाद का जबरदस्त संगम भी है।
सांकेतिक (प्रतीकात्मक) तस्वीर
सामान्य आलू से कई गुना अधिक सेहतमंद
वैज्ञानिक अनुसंधान के अनुसार कुफरी जामुनिया में सामान्य आलू की तुलना में पोषण का स्तर बेहद ऊंचा है[cite: 4]। इसमें एस्कॉर्बिक एसिड (विटामिन सी), एंथोसायनिन और कैरोटीनॉयड भरपूर मात्रा में मौजूद हैं।
विटामिन सी: सामान्य आलू में 23.15 मिलीग्राम प्रति 100 ग्राम की तुलना में कुफरी जामुनिया में यह 42.75 मिलीग्राम प्रति 100 ग्राम पाया जाता है।
जिंक: सामान्य आलू में केवल 0.28 मिलीग्राम होता है, जबकि कुफरी जामुनिया में 2.28 मिलीग्राम प्रति 100 ग्राम (और गूदे में 22.77 पीपीएम) जिंक मौजूद है।
आयरन: सामान्य आलू में 0.57 मिलीग्राम की तुलना में इस बैंगनी आलू में 3.22 मिलीग्राम प्रति 100 ग्राम (और गूदे में 32.23 पीपीएम) आयरन उपलब्ध है।
किस्म की खासियत और बंपर पैदावार
यह किस्म मध्यम अवधि में पककर तैयार होती है। इसके कंद आयताकार, गहरे बैंगनी छिलके और बैंगनी गूदे वाले होते हैं। प्रत्येक पौधे से 10 से 12 मध्यम से बड़े आकार के आलू मिलते हैं। सामान्य कृषि पद्धतियों के तहत यह 32 से 35 टन प्रति हेक्टेयर की पैदावार देती है, जबकि 90 दिनों के परीक्षण में इसकी उपज 49 टन प्रति हेक्टेयर तक दर्ज की गई है। इसकी सुप्तावस्था 6 से 8 सप्ताह की होती है, जिससे यह जल्दी अंकुरित नहीं होता और लंबे समय तक सुरक्षित रहता है।
पाक कला में नया मोड़
कुफरी जामुनिया का उपयोग पारंपरिक सब्जियों, पराठा, पूरी और रायता बनाने के साथ-साथ हलवा, उपमा, डोसा और इडली के बैटर में भी किया जा सकता है। इसके अलावा इसे प्रोसेस करके सूप, कुकीज, आटा, सूजी और दलिया जैसी चीजें तैयार की जा सकती हैं।
इन राज्यों में खेती के लिए उपयुक्त
उत्तर भारतीय मैदानी क्षेत्रों के लिए अनुशंसित यह किस्म बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम और उत्तराखंड के मैदानी इलाकों की मिट्टी व जलवायु के अनुकूल पाई गई है।
इससे पहले संस्थान ने 2018 में बैंगनी छिलके वाली कुफरी नीलकंठ और 2021 में गहरे लाल रंग वाली कुफरी माणिक किस्म भी विकसित की थी।
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‘एक जीरा, दो अजवाइन…‘ के अनोखे नारे से मची खलबली, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर अड़े पूर्व सीएम, देखें समाजवादी पार्टी का डिजिटल वार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों में एक बार फिर बवंडर उठ खड़ा हुआ है। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का एक बिल्कुल नया और अनूठा ‘बॉलीवुड अवतार’ वाला वीडियो इंटरनेट और सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है। मात्र 3 मिनट 14 सेकेंड के इस धमाकेदार वीडियो ने रिलीज होते ही राजनीतिक सरगर्मियों को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।
सोशल मीडिया पर तहलका मचा रहा अखिलेश यादव का 3 मिनट 14 सेकेंड का बॉलीवुड अंदाज वाला वीडियो, जिसमें नए और अनोखे नारों से साधा गया है सीधा निशाना।
फिल्मी अंदाज में तीखा राजनीतिक वार
समाजवादी पार्टी के आधिकारिक मीडिया सेल द्वारा जारी किया गया यह 3 मिनट 14 सेकेंड का क्लिप किसी बॉलीवुड ब्लॉकबस्टर फिल्म के टीज़र या धमाकेदार सीन जैसा महसूस होता है। बैकग्राउंड म्यूजिक, दमदार एडिटिंग और हाई-वोल्टेज संवादों के संगम के साथ अखिलेश यादव को एक नए नायक के रूप में पेश किया गया है।
इस वीडियो का सबसे बड़ा आकर्षण इसमें गूंज रहा अनोखा और चुटीला नारा है — “एक जीरा, दो अजवाइन, ज्ञानेश कुमार करो रिजाइन”। इस एक पंक्ति के जरिए चुनाव आयोग और प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर सीधा, आक्रामक और करारा हमला बोला गया है। ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को जिस नाटकीय और बॉलीवुड स्टाइल में पिरोया गया है, उसने हर किसी को चौंका दिया है।
सोशल मीडिया पर तहलका मचा रहा अखिलेश यादव का 3 मिनट 14 सेकेंड का बॉलीवुड अंदाज वाला वीडियो के दृश्य,
डिजिटल युग में प्रचार की नई रणनीति का आगाज
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अखिलेश यादव और उनकी टीम अब पारंपरिक विरोध प्रदर्शनों, रैलियों और धरनों के ढर्रे से बाहर निकलकर डिजिटल युद्ध के नए पैंतरे अपना रही है।
जन-मन से जुड़ाव: बॉलीवुड स्टाइल कंटेंट का इस्तेमाल कर युवाओं और आम जनता का ध्यान अपनी ओर खींचने की यह रणनीति बेहद कारगर साबित हो रही है।
संवादों की धार: लोकगीतों, मुहावरों और चुटीले तुकबंदी वाले नारों (“एक जीरा, दो अजवाइन”) के जरिए बड़े प्रशासनिक और संवैधानिक पदों पर बैठे अधिकारियों को सीधे कटघरे में खड़ा किया जा रहा है।
सकारात्मक व आक्रामक छवि: वीडियो में बैकग्राउंड स्कोर और एडिटिंग के जरिए अखिलेश यादव को एक निडर और जनता के अधिकारों के लिए लड़ने वाले नायक के तौर पर स्थापित किया गया है।
सोशल मीडिया पर तहलका, कार्यकर्ताओं में नया जोश
वीडियो शेयर होते ही समाजवादी पार्टी के समर्थकों और कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भर गया है। एक्स (ट्विटर), फेसबुक और व्हाट्सएप ग्रुप्स में इसे तेजी से शेयर और री-ट्वीट किया जा रहा है। जहां एक तरफ विपक्षी खेमे में इस नए अंदाज से खलबली मची है, वहीं दूसरी तरफ सपा समर्थक इसे प्रदेश के राजनीतिक माहौल में एक बड़ा मोड़ मान रहे हैं। ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग इस समय प्रदेश भर में चर्चा का सबसे गर्म विषय बन चुकी है।
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नागालैंड में 26 अक्टूबर से चमकेगा बिहार की बेटियों का बल्ला, शुरुआती दो मैचों के लिए बीसीए ने घोषित की 15 सदस्यीय टीम
पटना / मुख्य समाचार: नागालैंड में आगामी 26 अक्टूबर से 2 नवंबर 2026 तक आयोजित होने वाले सीनियर महिला टी-20 टूर्नामेंट के लिए बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (बीसीए) ने कमर कस ली है। बीसीए ने इस टूर्नामेंट के शुरुआती दो अहम मुकाबलों के लिए अपनी मजबूत सीनियर महिला क्रिकेट टीम की घोषणा कर दी है। इस बार टीम की बागडोर स्टार खिलाड़ी प्रगति सिंह के हाथों में सौंपी गई है, जबकि अंशु अपूर्वा को टीम का उपकप्तान नियुक्त किया गया है।
सांकेतिक (प्रतीकात्मक) तस्वीर
बिहार की यह टीम नागालैंड के मैदान पर विरोधी टीमों को कड़ी चुनौती देने और जीत के इरादे से मैदान में उतरेगी। चयनकर्ताओं ने संतुलित टीम का चयन करते हुए अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का शानदार मिश्रण तैयार किया है।
15 सदस्यीय मुख्य टीम:
प्रगति सिंह (कप्तान)
अंशु अपूर्वा (उपकप्तान)
यशिता सिंह
श्रुति गुप्ता (विकेटकीपर)
भव्या (विकेटकीपर)
आर्या सेठ
रचना सिंह
प्रीति प्रिया
तेजस्वी
प्रीति कुमारी
खुशी गुप्ता
हर्षिता भारद्वाज
अपूर्वा कुमारी
नूतन सिंह
वैदेही यादव
बिहार सीनियर महिला टी-20 टीम की आधिकारिक सूची और चयनकर्ताओं के हस्ताक्षरयुक्त पत्र जारी।
स्टैंडबाय (रिजर्व) खिलाड़ी:
कोमल कुमारी (लेफ्ट आर्म पेसर)
निक्की कुमारी (विकेटकीपर)
प्रिया (लेफ्ट आर्म स्पिनर)
कुमारी निष्ठा (राइट आर्म लेग स्पिनर)
प्रीति कुमारी (राइट हैंड बैटर)
सपोर्ट स्टाफ (कोचिंग और मेडिकल टीम):
मुख्य कोच: मारिया क्लारे
सहायक कोच: राखी सिन्हा
फिजियो: जूरी दत्ता
ट्रेनर (एस एंड सी): अनु कुमारी
चयन समिति के हस्ताक्षरकर्ता:
टीम का चयन चयनकर्ता समिति की कल्पना दिवाकर, नमिता ओझा और मंजुला किशोर द्वारा सर्वसम्मति से किया गया है। बिहार की बेटियों से इस बार शानदार प्रदर्शन की उम्मीद है और पूरा राज्य टीम की जीत के लिए उत्साहित है।
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नर्सरी से 5वीं तक के बच्चों ने पारंपरिक परिधानों में मचाई धूम; एमडी राजीव गुप्ता बोले— “शिक्षा के साथ संस्कृति और नैतिक मूल्य ही बच्चों का असली भविष्य।”
सकरा (मुजफ्फरपुर): मुजफ्फरपुर जिले के सकरा प्रखंड अंतर्गत मझौलिया, प्रगति मोड़ स्थित क्षेत्र के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान वेव वर्ल्ड स्कूल के प्रांगण में नवरात्रि के पावन एवं पावन-पुनीत अवसर पर एक भव्य, रंगारंग और सांस्कृतिक गरबा सह डांडिया महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। भक्ति, अभूतपूर्व उत्साह और अपार उमंग से सराबोर इस सांस्कृतिक महासंग्राम में विद्यालय के प्ले-वे, नर्सरी से लेकर पांचवीं कक्षा तक के छात्र-छात्राओं ने अपनी अद्भुत कलात्मकता, लयबद्धता और असीम ऊर्जा का ऐसा जीवंत प्रदर्शन किया कि पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा और उपस्थित दर्शक एवं अभिभावक पूरी तरह मंत्रमुग्ध हो गए।
वेव वर्ल्ड स्कूल के प्रांगण में डांडिया और गरबा की धुन पर उत्साहपूर्वक थिरकते और अपनी कला का प्रदर्शन करते नन्हें-मुन्हें छात्र-छात्राएं।
सजावट और वातावरण: फूलों और झालरों से दुल्हन सा सजा परिसर
महोत्सव की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आयोजन को लेकर संपूर्ण विद्यालय परिसर को आकर्षक रूप से दुल्हन की तरह सजाया गया था। रंग-बिरंगे गुब्बारों, चकाचौंध पैदा करती झालरों और महकते ताजे फूलों से ढका प्रांगण हर किसी को अपनी ओर आकर्षित कर रहा था।
कार्यक्रम का विधिवत एवं सांस्कृतिक शुभारंभ माँ शक्ति दुर्गा के चित्रपट पर श्रद्धापूर्वक पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके साथ ही पूरा परिसर जय भवानी और देवी दुर्गा के जयकारों तथा पारंपरिक गरबा-डांडिया धुनों से गूंज उठा। भक्ति भावना से ओतप्रोत इस माहौल ने न केवल बच्चों में उत्साह का संचार किया, बल्कि संपूर्ण क्षेत्र में एक सकारात्मक और नैतिक चेतना की लहर पैदा कर दी।
कलात्मकता का महासंग्राम: डांडिया की ताल पर थिरके नन्हें सितारे
पारंपरिक और रंग-बिरंगी पोषाकों में सजे-धजे नन्हें-मुन्हें बच्चों ने जब अपने हाथों में डांडिया स्टिक लेकर मंच पर कदम रखा, तो तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा विद्यालय गूंज उठा। बच्चों की हर एक भंगिमा और लयबद्ध कदमताल में भारतीय संस्कृति की झलक साफ देखने को मिल रही थी।
नर्सरी से यूकेजी के बाल कलाकार: कौशमी, एंजेल, सृष्टि, आरोही, फलक, सिद्धार्थ, अंशी, उत्सव, साक्षी, अनन्या और शिवांगी ने अपनी मासूमियतमयी और आकर्षक प्रस्तुतियों से उपस्थित हर एक दर्शक का दिल जीत लिया।
कक्षा 1 से 5 वीं के छात्र-छात्राएं: निहारिका, संजना, सोनम, अभिराज, आयुष, शैफाली, अन्नू प्रिया आदि ने अनुशासित, ऊर्जावान और अत्यंत परिपक्व गरबा नृत्य प्रस्तुत कर अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परचम लहराया।
वेव वर्ल्ड स्कूल के प्रांगण में डांडिया और गरबा की धुन पर उत्साहपूर्वक थिरकते और अपनी कला का प्रदर्शन करते नन्हें-मुन्हें छात्र-छात्राएं।
आधुनिक शिक्षा में सांस्कृतिक गतिविधियों का बढ़ता महत्व
आज के दौर में जहां स्कूली शिक्षा केवल किताबों और डिजिटल स्क्रीन तक सीमित होती जा रही है, वहीं वेव वर्ल्ड स्कूल द्वारा आयोजित यह डांडिया महोत्सव बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक और अनुकरणीय कदम है। इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन बच्चों के मानसिक तनाव को दूर करते हैं, उनमें आपसी सहयोग, टीमवर्क और मंच पर निडर होकर बोलने/प्रस्तुति देने के आत्मविश्वास का निर्माण करते हैं। ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों में बच्चों को इस तरह का भव्य मंच प्रदान करना उनकी छिपी हुई प्रतिभा को निखारने का सबसे सशक्त माध्यम साबित हो रहा है।
मार्गदर्शन और प्रेरणा: एमडी राजीव गुप्ता का ओजस्वी संबोधन
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रबंध निदेशक (एमडी) राजीव गुप्ता ने शिक्षा और संस्कृति के समन्वय पर विशेष बल दिया। अपने प्रेरणादायक और ओजस्वी संबोधन में राजीव गुप्ता ने कहा कि:
“अकादमिक योग्यता किसी भी छात्र को करियर में आगे बढ़ा सकती है, लेकिन हमारी संस्कृति, परंपरा और नैतिक मूल्य ही उसे जीवन में एक बेहतर इंसान बनाते हैं। विद्यालय का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों के भीतर छिपे हुनर को तराशना और उन्हें अपनी जड़ों से जोड़कर रखना है। शिक्षा के साथ संस्कृति और नैतिक मूल्य ही हमारे बच्चों का वास्तविक भविष्य तय करते हैं।”
अनुशासन और कुशल प्रबंधन: शिक्षकों का अनुकरणीय समर्पण
महोत्सव के सफल आयोजन, आकर्षक मंच संचालन और संपूर्ण अनुशासित व्यवस्था प्रबंधन में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं की भूमिका बेहद मुस्तैदी भरी, सक्रिय और सराहनीय रही।
शिक्षक एवं शिक्षिकाओं— अदीबा, अर्चना, नेहा, आरती और रूपममैम ने अद्वितीय समन्वय और अनुशासन के साथ पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा को संभाला। शिक्षकों ने न केवल व्यवस्था की कमान मुस्तैदी से संभाली, बल्कि विद्यार्थियों को भविष्य की हर चुनौती के लिए तैयार रहने, निरंतर सीखते रहने और जीवन के हर पड़ाव पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
समापन और क्षेत्र में उत्साह की लहर
कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागी बच्चों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सराहा गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। बच्चों के चेहरे की खुशी और अभिभावकों के संतोष से यह साफ झलक रहा था कि यह आयोजन सफल रहा।
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