Wednesday, July 29, 2026

सिर्फ 2100 रूपये में भरें आसमान में उड़ान, हेलीकॉप्‍टर से देखें पटना का अद्‌भुत नजारा!

मुख्‍यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया पटना हेलीकॉप्‍टर जॉय राइड का भव्‍य शुभारंभ, बिहार में पहली बार शुरू हुई एयर टूरिज्‍म सेवा

पटना, 18 जुलाई 2026: बिहार में पर्यटन को एक नई और गगनचुंबी पहचान देने की दिशा में राज्‍य सरकार ने आज एक ऐतिहासिक और बड़ा कदम उठाया है। राज्‍य के नागरिक और बाहर से आने वाले पर्यटक अब आसमान से पटना की खूबसूरती का दीदार कर सकेंगे। मुख्‍यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को पटना हवाई अड्डा प्रांगण में आयोजित एक भव्‍य समारोह में “मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना-2026” के अंतर्गत बहुप्रतीक्षित ‘पटना जॉय राइड’ का विधिवत शुभारंभ किया। इस योजना के तहत अब आम जनता और पर्यटक महज 2100 रूपये के टिकट पर 10 मिनट तक हेलीकॉप्‍टर से पटना का विहंगम हवाई नजारा देख सकेंगे। बिहार के इतिहास में इस तरह की हवाई पर्यटन सेवा पहली बार शुरू की गई है, जिसका मूल उद्देश्‍य राज्‍य में पर्यटन को वैश्विक स्‍तर पर बढ़ावा देना और लोगों को एक नया रोमांचक अनुभव प्रदान करना है।

पटना हवाई अड्डे पर शुरू हुई देश की सबसे सस्‍ती हेलीकॉप्‍टर जॉय राइड सेवा के पहले सफर पर रवाना होने के लिए तैयार उत्‍साहित पर्यटक। टिकट और बोर्डिंग पास दिखाते हुए यात्रियों के चेहरों पर आसमान छूने की खुशी साफ नजर आ रही है।

समारोह के दौरान मुख्‍यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना हवाई अड्डा परिसर में बने बिहार फ्लाइंग इंस्‍टीच्‍यूट के नवनिर्मित हैंगर का फीता काटकर एवं शिलापट्ट का अनावरण कर उद्घाटन किया। इसके तुरंत बाद उन्‍होंने इस अनूठी हेलीकॉप्‍टर जॉय राइड सेवा के सबसे पहले सफर पर जाने वाले पर्यटकों को अपने हाथों से टिकट प्रदान कर इस योजना की विधिवत शुरूआत की। इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनने के लिए बड़ी संख्‍या में लोग और आला अधिकारी मौजूद थे।

इस योजना और आयोजन के मुख्‍य आकर्षण एवं बड़े बिंदु:

  • मुख्‍यमंत्री ने पटना एयरपोर्ट परिसर में बिहार फ्लाइंग इंस्‍टीच्‍यूट के नवनिर्मित हाई-टेक हैंगर का उद्घाटन किया।
  • कमर्शियल पायलट लाइसेंस (सीपिएल) प्राप्‍त करने वाले 4 होनहार अभ्यर्थियों को मुख्‍यमंत्री ने प्रमाण पत्र सौंपकर उनके उज्‍ज्वल भविष्‍य की कामना की।
  • बिहार सरकार राज्‍य के युवाओं को विश्‍वस्‍तरीय और गुणवत्तापूर्ण विमानन प्रशिक्षण देने तथा एविएशन इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर को आधुनिक बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
  • इस अभिनव योजना के तहत पर्यटकों को बिहार के ऐतिहासिक, धार्मिक, सांस्‍कृतिक और प्राकृतिक स्‍थलों को आसमान से निहारने का एक नया और अनूठा अवसर मिलेगा।

इस अवसर पर युवाओं को प्रोत्‍साहित करते हुए मुख्‍यमंत्री ने कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) प्राप्‍त करने वाले चार जांबाज अभ्यर्थियों— कैप्टन कुमार धैर्य, कैप्टन जीनियस विवेक, कैप्टन कर्ण कुमार भारती एवं कैप्टन सोनल मान सिंह को अपने हाथों से प्रमाण पत्र सौंपे और उन्‍हें उज्‍ज्वल भविष्‍य के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं दीं। मुख्‍यमंत्री ने गर्व से कहा कि बिहार के युवा अब विमानन (एविएशन) जैसे अत्‍याधुनिक और संभावनाओं से भरे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। राज्‍य सरकार का प्रयास है कि हमारे युवा राष्‍ट्रीय और अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर अपनी अद्‌भुत प्रतिभा का लोहा मनवाएं।

पटना एयरपोर्ट परिसर में ‘मुख्‍यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना-2026’ के तहत पर्यटकों को पहला टिकट सौंपकर हवाई सफर का शुभारंभ करते मुख्‍यमंत्री सम्राट चौधरी। इस ऐतिहासिक अवसर पर उप मुख्‍यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता व अन्‍य गणमान्य पदाधिकारी उपस्थित रहकर पर्यटकों का हौसला बढ़ाते हुए।

मुख्‍यमंत्री सम्राट चौधरी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि इस नई एयर टूरिज्‍म नीति से बिहार के पर्यटन मानचित्र में एक नया सुनहरा अध्‍याय जुड़ेगा। राज्‍य के ऐतिहासिक, धार्मिक, सांस्‍कृतिक और प्राकृतिक स्‍थलों को हवाई दृष्टि से देखना अपने आप में अनोखा अनुभव होगा। इससे न केवल पर्यटन गतिविधियों में भारी उछाल आएगा, बल्कि बड़े पैमाने पर विदेशी और घरेलू निवेश भी आकर्षित होगा, जिससे स्‍थानीय स्‍तर पर रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे। उन्‍होंने साफ किया कि राज्‍य सरकार नागरिक उड्डयन और पर्यटन के क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत कर बिहार को देश में एक नई पहचान दिलाने के लिए पूरी तरह संकल्‍पित है।

इस ऐतिहासिक उद्घाटन समारोह के गरिमामयी अवसर पर राज्‍य के उप मुख्‍यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता, मुख्‍यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्‍यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, सिविल विमानन विभाग के सचिव निलेश रामचन्द्र देवड़े, पटना प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक जितेन्द्र राणा, पर्यटन विभाग के निदेशक उदयन मिश्रा, बिहार राज्‍य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक नंद किशोर तथा पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के० शर्मा सहित शासन-प्रशासन के कई अन्‍य वरिष्‍ठ पदाधिकारी और हेलीकॉप्‍टर जॉय राइड का पहला रोमांचक सफर करने वाले आम पर्यटक उपस्थित थे।

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मुजफ्फरपुर: टीबी के खिलाफ महाजंग, जिलाधिकारी ने 3 मरीजों को लिया गोद, जिले को बीमारी से मुक्त करने का बड़ा संकल्प!

मुजफ्फरपुर: प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जिले में टीबी उन्मूलन की दिशा में एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उत्तर बिहार वाणिज्य एवं उद्योग परिषद (नॉर्थ बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स) के तत्वावधान में निश्चय मित्र योजना के तहत 150 टीबी मरीजों के बीच पौष्टिक आहार किट (फूड बास्केट) का वितरण किया गया। इस महाअभियान का शुभारंभ खुद मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी कुमार गौरव ने किया। जिले से इस गंभीर बीमारी को जड़ से मिटाने के संकल्प के साथ जिलाधिकारी कुमार गौरव ने स्वयं 3 टीबी मरीजों को गोद लेकर पूरे समाज और प्रशासनिक अमले को जनभागीदारी का एक बेहद मजबूत संदेश दिया है।

मुजफ्फरपुर में प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम के बाद मीडिया संवाददाताओं से बातचीत करते जिलाधिकारी कुमार गौरव और उनके साथ उपस्थित उत्तर बिहार वाणिज्य एवं उद्योग परिषद के पदाधिकारीगण।

अधिकारियों और सक्षम नागरिकों से जिलाधिकारी की अपील : जिलाधिकारी कुमार गौरव ने कहा कि चमकी बुखार की रोकथाम के लिए जिले के सभी पदाधिकारियों ने एक-एक पंचायत को गोद लिया हुआ है। इसी तर्ज पर आज सभी पदाधिकारियों से यह विशेष आग्रह किया गया है कि वे अपने द्वारा गोद ली गई पंचायत में जितने भी टीबी के नोटिफाइड मरीज हैं, उन्हें निश्चय मित्र बनकर गोद लें और उनकी पोषण संबंधी सभी आवश्यकताओं (न्यूट्रिशन नीड्स) को पूरा करने की जिम्मेदारी उठाएं। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने जिले के सभी प्रबुद्ध और सक्षम नागरिकों से भी भावुक अपील करते हुए कहा कि चूंकि यह पूरी तरह से एक स्वैच्छिक योजना (वॉलंटरी स्कीम) है, इसलिए जो भी आर्थिक रूप से सक्षम हैं, वे ज्यादा से ज्यादा संख्या में आगे आकर निश्चय मित्र बनें। टीबी के नोटिफाइड पॉजिटिव मरीजों को गोद लें ताकि जिले में कोई भी मरीज बिना उचित पोषण के न छूटे।

चैंबर ऑफ कॉमर्स की त्वरित पहल की सराहना : कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी कुमार गौरव ने बताया कि जब नॉर्थ बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधिमंडल के सदस्य उनसे मुलाकात करने आए थे, तब उन्होंने परिषद से टीबी मरीजों को निक्षय मित्र के रूप में गोद लेने और फूड बास्केट वितरित करने का आग्रह किया था। जिलाधिकारी ने चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष और सभी सम्मानित सदस्यों को धन्यवाद देते हुए उनके द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई की जमकर सराहना की। इस पहल के तहत आज पहले चरण में 150 मरीजों को प्रोटीन से भरपूर आहार किट दी गई है। परिषद के पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन को आश्वस्त किया है कि आने वाले समय में वे और भी अधिक संख्या में टीबी मरीजों को फूड बास्केट वितरित करेंगे।

6 महीने तक लगातार मिलेगा पौष्टिक आहार:  जिला प्रशासन का मुख्य लक्ष्य जिले के शत-प्रतिशत नोटिफाइड और पॉजिटिव टीबी मरीजों को निश्चय मित्र योजना के साथ टैग करना है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि टीबी से ग्रसित मरीजों के लिए दवाओं के साथ-साथ प्रोटीन रिच डाइट (प्रोटीन युक्त पौष्टिक आहार) लेना बेहद जरूरी होता है। इसी वजह से प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि सभी चिन्हित मरीजों को लगातार 6 महीने तक नियमित रूप से यह फूड बास्केट मिलती रहे, जिससे वे जल्द से जल्द पूरी तरह स्वस्थ हो सकें और मुजफ्फरपुर को पूरी तरह टीबी से मुक्त बनाया जा सके।

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अंतरिक्ष में भारत का एक और ऐतिहासिक कदम , श्रीहरिकोटा से निजी रॉकेट ‘विक्रम-1’ ने रचा नया इतिहास!

विशेष समाचार ब्यूरो, श्रीहरिकोटा: भारत ने आज अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में एक ऐसा अभूतपूर्व और बड़ा कीर्तिमान स्थापित किया है जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से देश का पहला निजी रूप से विकसित ऑर्बिटल रॉकेट ‘विक्रम-1’ सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया गया है। भारत की अंतरिक्ष यात्रा के लिए यह एक ऐतिहासिक और बेहद महत्वपूर्ण नया दौर माना जा रहा है।

तय कार्यक्रम के अनुसार आज सुबह 11:30 बजे निजी क्षेत्र की अग्रणी कंपनी स्कायरूट एयरोस्पेस ने अपने विक्रम-1 रॉकेट का प्रथम कक्षीय प्रक्षेपण (ऑर्बिटल लॉन्च) सफलतापूर्वक संपन्न किया। आपको बता दें कि यह भारत का पहला ऐसा प्रक्षेपण यान है जिसे पूरी तरह से निजी तौर पर विकसित किया गया है। तकनीक के लिहाज से यह बेहद आधुनिक और शक्तिशाली 4-चरण वाला रॉकेट है, जिसे अंतरिक्ष बाजार की तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने के लिए बनाया गया है। यह रॉकेट बेहद त्वरित और मांग-आधारित (ऑन-डिमांड) प्रक्षेपण सेवाएं प्रदान करने के लिए पूरी तरह से सक्षम है, जिससे छोटे उपग्रहों को बहुत ही कम समय और लागत में अंतरिक्ष की कक्षा में स्थापित किया जा सकेगा।

(फोटो क्रेडिट: स्कायरूट एयरोस्पेस): श्रीहरिकोटा के प्रक्षेपण पैड पर गर्व से खड़ा भारत का पहला निजी तौर पर विकसित 4-चरण वाला ऑर्बिटल रॉकेट ‘विक्रम-1’, जो देश की अंतरिक्ष यात्रा में एक ऐतिहासिक नए युग की शुरुआत कर रहा है।

यह अभूतपूर्व मिशन भारत के युवाओं की अद्भुत प्रतिभा, उनके अटूट दृढ़ संकल्प और एक नए उद्यमी हौसले को रेखांकित करता है। यह सफलता इस बात का जीवंत उदाहरण है कि देश के अंतरिक्ष क्षेत्र में किए गए ऐतिहासिक सुधार किस तरह से नए नवाचार (इन्नोवेशन) और निजी उद्यमों के लिए सफलता की असीम संभावनाओं के द्वार खोल रहे हैं।

इस ऐतिहासिक कामयाबी पर पूरे देश में उत्साह का माहौल है। स्कायरूट एयरोस्पेस टीम के इस असाधारण प्रयास और शानदार सफलता के लिए उन्हें देश भर से हार्दिक शुभकामनाएं और बधाइयां मिल रही हैं। यह कामना की जा रही है कि विक्रम-1 अंतरिक्ष की गहराइयों में और ऊंचा उड़े, नित नए इतिहास रचे और देश के भीतर आने वाले वैज्ञानिकों तथा नवाचारियों की एक पूरी नई पीढ़ी को प्रेरित करे।

आज के इस बड़े और गौरवशाली अवसर पर सभी भारतीयों, विशेष रूप से देश के युवा मित्रों से इस ऐतिहासिक मिशन का अनुसरण करने की अपील की जा रही है। सोशल मीडिया पर भी देशवासी हैशटैग #IndiaWithVikram1 का उपयोग करके स्कायरूट की टीम का हौसला बढ़ा रहे हैं और इस महान वैज्ञानिक सफलता का जश्न मना रहे हैं।

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सकरा में प्रशासनिक फेरबदल: विदाई समारोह में छलके आंसू, नए बीडीओ रंजीत कुमार वर्मा ने संभाली कमान

मुजफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर जिले के सकरा प्रखंड परिसर स्थित अंबेडकर सभागार में शुक्रवार को एक बेहद भावुक और गरिमापूर्ण समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सकरा के पूर्व प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) मनोज कुमार को तीन वर्षों के सफल कार्यकाल के बाद भावभीनी विदाई दी गई। वहीं, दूसरी ओर नव पदस्थापित प्रखंड विकास पदाधिकारी रंजीत कुमार वर्मा ने आधिकारिक तौर पर अपना पदभार ग्रहण कर लिया। इस मौके पर प्रखंड के तमाम जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों और प्रखंड कर्मियों ने दोनों अधिकारियों को अंगवस्त्र, बुक्के, गुलदस्ता और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

वक्ताओं ने की बेदाग कार्यकाल की सराहना

समारोह की अध्यक्षता मुखिया संघ के अध्यक्ष इंद्रभूषण सिंह अशोक ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में प्रखंड प्रमुख नूर आलम और विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रखंड उप-प्रमुख मदन प्रसाद सिंह उपस्थित रहे। समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने पूर्व बीडीओ मनोज कुमार के लगभग 3 वर्षों के कार्यकाल की जमकर सराहना की। उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उनके कार्यों को याद करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में विकास योजनाओं को नई गति मिली और प्रशासन व जनप्रतिनिधियों के बीच हमेशा एक बेहतर समन्वय स्थापित रहा।

मुजफ्फरपुर जिले के सकरा प्रखंड परिसर स्थित अंबेडकर सभागार में आयोजित विदाई सह पदभार ग्रहण समारोह के दौरान पूर्व बीडीओ मनोज कुमार (दायें से) और नए बीडीओ रंजीत कुमार वर्मा (बांये से) को अंगवस्त्र एवं फूलों की माला पहनाकर सम्मानित करते जनप्रतिनिधि और प्रखंड कर्मी।

विदाई गीत सुन भावुक हुए लोग

समारोह का सबसे भावुक क्षण तब आया जब बंधुआ मुक्ति मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रिंकू कुमारी ने एक मर्मस्पर्शी विदाई गीत प्रस्तुत किया। उनके इस भावपूर्ण गीत ने सभागार में मौजूद सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों की आंखें नम कर दीं। गीत समाप्त होते ही पूरा सभागार काफी देर तक तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा।

इस गरिमापूर्ण समारोह में जिला परिषद सदस्य (क्षेत्र संख्या 51) से सुरेश प्रसाद यादव, जिला परिषद सदस्य (क्षेत्र संख्या 53) से अनिल कुमार, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी सविता कुमारी, बीपीआरओ दिग्विजय नारायण सिन्हा, मुखिया सच्चिदानंद ठाकुर, अवधेश प्रसाद सिंह, दिनेश पुष्पम सहित विभिन्न पंचायतों के मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, पंचायत सचिव, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में प्रखंड कर्मी उपस्थित रहे।

विजन वैली हॉल सकरा के सभागार में आयोजित विदाई  समारोह के दौरान पूर्व बीडीओ मनोज कुमार को सम्‍मानित करते एससी एसटी कर्मचारी संघ सकरा के कर्मी

एससी एसटी कर्मचारी संघ ने विजन वैली हॉल में किया भव्य विदाई समारोह

प्रखंड मुख्यालय के मुख्य कार्यक्रम से पूर्व, एक अन्य भव्य विदाई समारोह का आयोजन एससी एसटी कर्मचारी संघ सकरा द्वारा विजन वैली हॉल में किया गया। इस कार्यक्रम में भी दर्जनों भावुक गीतों की प्रस्तुति के साथ पूर्व बीडीओ मनोज कुमार को विदाई दी गई और उन्हें अंगवस्त्र, बैग व अन्य उपहार भेंट किए गए।

मैं बाबा साहेब के कारवां का छोटा सिपाही: मनोज कुमार

विजन वैली हॉल में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए निवर्तमान बीडीओ मनोज कुमार काफी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा:

“मैं बोधिसत्व भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूँ। मेरे सम्मान में इस भव्य कार्यक्रम को आयोजित करने के लिए हमारी रिंकू दीदी और उनकी पूरी टीम को हृदय से धन्यवाद। हम लोग बाबा साहेब के कारवां के एक छोटे से सिपाही और आपके भाई-बंधु हैं। एक कुशल प्रशासक बनने के लिए सामाजिक पृष्ठभूमि, आप सबका सहयोग और सरकारी दिशा-निर्देशों का तालमेल जरूरी होता है।”

उन्होंने आगे कहा, “प्रशासनिक सेवा में स्थानांतरण एक निरंतर प्रक्रिया है। यहां आने में जितलाल जी का बहुत आग्रह और प्रयास रहा था, जिनसे  मुझे हमेशा अपनापन  मिला। रिंकू दीदी से मेरा संबंध प्रोफेशनल से पर्सनल हो गया, वे मेरी बड़ी दीदी की तरह रहीं। चंद्रभूषण जी ने हमेशा बड़े भाई की तरह ख्याल रखा। अधिकारी के रूप में हमारी सबसे बड़ी कमाई यही होती है कि हम अपना पूरा काम समय के अनुसार करते हुए पूरी तरह बेदाग होकर यहां से जाएं। सकरा में जो प्यार-मोहब्बत मुझे मिला, वह अतुलनीय है। आपके इस प्यार को मेरा सलाम है।”

आपके रूप में हमें गार्जियन मिला था: राजेश राम

कार्यक्रम में अपने विचार रखते हुए समाजसेवी राजेश राम ने कहा:

“सर को विदा करने में तकलीफ जरूर है, लेकिन इस बात की बेहद खुशी है कि वे पूरी तरह बेदाग और सम्मान के साथ जा रहे हैं। उन्होंने सकरा में अच्छे काम किए, अच्छे नाम कमाए और वे हमेशा लोगों के दिलों में बसे रहेंगे। हमारा बहुजन समाज अक्सर अधिकारियों से बात करने में सकुचाता है, लेकिन सर ने हमेशा ऐसे लोगों को हिम्मत दी। जब वे यहां अधिकारी बनकर आए थे, तो हमें लगा कि ब्लॉक में हमारा कोई गार्जियन बैठा है। सीना गर्व से चौड़ा होता था कि कोई भी दिक्कत होगी तो सर संभाल लेंगे। मैं ईश्वर से कामना करता हूँ कि वे भविष्य में और बड़े अधिकारी बनकर पुनः मुजफ्फरपुर जिला में आएं।”

कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित

इस अवसर पर एससी एसटी कर्मचारी संघ सकरा के प्रखंड अध्यक्ष मनोज कुमार, प्रखंड महासचिव चंद्रभूषण, उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार दास, जिला सचिव अवधेश कुमार पासवान ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इनके अलावा शिक्षक जीत लाल राम, संजय कुमार चंचल, वार्ड पार्षद उदय कुमार, भीम आर्मी प्रखंड अध्यक्ष सुनील कुमार, लक्ष्मी पासवान, भूषण कुमार, संगीता कुमारी, माहेश्वरी देवी, चंद्रकला देवी, सुनीला देवी, अनुराधा देवी, सीमा देवी सहित दर्जनों सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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मौत के कुएं को चीरकर बाहर आया 3 साल का मासूम: 300 फीट गहरे बोरवेल में फंसी जिंदगी जीती, रात भर चले ऑपरेशन के बाद पीयूष सुरक्षित बाहर

गया/फतेहपुर: बिहार के गया जिले के फतेहपुर प्रखंड अंतर्गत रघुनगर गांव में एक ऐसी घटना घटी जिसने पूरे देश की सांसें थाम दीं। खेलते-खेलते एक 3 वर्षीय मासूम बच्चा पीयूष कुमार 300 फीट गहरे खुले बोरवेल के काल में समा गया। घटना की सूचना आग की तरह फैली और देखते ही देखते मौत के उस अंधेरे कुएं के चारों तरफ प्रशासनिक अमला और रेस्क्यू टीमों का जमावड़ा लग गया। हर तरफ बस एक ही दुआ थी कि बच्चा सुरक्षित बाहर आ जाए। रात भर चले सांसें रोक देने वाले इस महा-ऑपरेशन के बाद आखिरकार मौत हार गई और मासूम पीयूष कुमार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

मौत को मात देकर मां की आगोश में मासूम: गया के रघुनगर में 300 फीट गहरे बोरवेल से सुरक्षित निकाले जाने के बाद अपनी मां से लिपटा 3 वर्षीय पीयूष कुमार, पास में मौजूद रेस्क्यू टीम के सदस्य।

40 फीट की गहराई पर फंसा था मासूम : 300 फीट गहरा यह बोरवेल किसी बड़ी अनहोनी को दावत दे रहा था। खेलते समय जब पीयूष कुमार इसमें गिरा, तो वह करीब 40 फीट की गहराई पर जाकर एक मोड़ पर फंस गया। अगर वह और नीचे चला जाता तो उसे बचाना बेहद मुश्किल हो जाता। घटना की जानकारी मिलते ही एनडीआरएफ की 9वीं वाहिनी बिहटा और एसडीआरएफ की टीमें अत्याधुनिक उपकरणों के साथ तुरंत मौके पर पहुंचीं और मोर्चा संभाल लिया।

कैमरे से मिली सटीक लोकेशन, मां की आवाज ने बांधा ढांढस:  रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करते ही सबसे पहले बोरवेल के अंदर विशेष रूप से डिजाइन किए गए कैमरे डाले गए। कैमरे की मदद से पीयूष कुमार की सटीक स्थिति का पता लगाया गया, जिससे यह साफ हुआ कि वह 40 फीट पर अटका हुआ है। इसके बाद रेस्क्यू टीम ने आधुनिक संचार प्रणाली (कम्युनिकेशन सिस्टम) का उपयोग करते हुए बोरवेल के भीतर माइक और स्पीकर के जरिए पीयूष कुमार की उसकी मां से बातचीत कराई। मां की ममता भरी आवाज जब बोरवेल के अंधेरे में बच्चे के कानों तक पहुंची, तो उसका मनोबल बना रहा और उसने हिम्मत नहीं हारी।

सुनियोजित रणनीति से जीता रात भर चला ऑपरेशन : एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने बिना एक पल गंवाए एक बेहद सुनियोजित रणनीति तैयार की। आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों और हाइड्रोलिक सिस्टम की मदद ली गई। पूरी रात रेस्क्यू कर्मी बिना सोए, बेहद सावधानी से एक-एक इंच आगे बढ़ते रहे, क्योंकि एक छोटी सी चूक भी बच्चे की जान पर भारी पड़ सकती थी। आखिरकार, भोर होते-होते रेस्क्यू टीम को बड़ी कामयाबी मिली और पीयूष कुमार को सकुशल अंधेरे गड्ढे से बाहर खींच लिया गया।

रात भर चला जिंदगी बचाने का महा-अभियान: बोरवेल के मुहाने पर आधुनिक उपकरणों की मदद से बेहद सतर्कता के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देते एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के जांबाज जवान।

कमांडेंट ने दी जानकारी, परिजनों की आंखों में आए खुशी के आंसू : एनडीआरएफ के कमांडेंट हितेंद्र पाल सिंह कंडारी ने सफल ऑपरेशन के बाद प्रेस ब्रीफिंग में पूरी रेस्क्यू प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि टीम की सजगता और आधुनिक तकनीक के सटीक इस्तेमाल से इस जटिल ऑपरेशन को अंजाम दिया जा सका। बाहर निकालते ही डॉक्टरों की टीम द्वारा बच्चे की गहन चिकित्सा जांच की गई। पूर्ण रूप से स्वस्थ पाए जाने के बाद पीयूष कुमार को उसके माता-पिता और परिजनों को सौंप दिया गया। अपने लाडले को दोबारा गोद में पाकर माता-पिता की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। पूरे रघुनगर गांव में जश्न का माहौल है और लोग रेस्क्यू टीमों को देवदूत मानकर उनका आभार जता रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर यह बड़ा संदेश दिया है— “बोरवेल सील करें। जीवन बचाएं।”

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इतिहास रचते हुए पटरियों पर दौड़ी देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन: बिना डीजल-बिजली केवल भाप छोड़ते हुए तय करेगी सफर, भारत बना दुनिया की 5वीं महाशक्ति!

जींद/सोनीपत। भारतीय रेल ने आधुनिक तकनीक, स्वदेशी नवाचार और हरित ऊर्जा के साथ भविष्य की ओर तेजी से बढ़ते हुए एक नया इतिहास रच दिया है। जींद और सोनीपत के बीच भारत की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन-संचालित ट्रेन को हरी झंडी दिखाई गई है। नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को जींद जंक्शन से सोनीपत के लिए देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना कर दिया है। विकसित भारत के संकल्प को नई गति देने वाला यह एक बेहद ऐतिहासिक कदम है। यह उल्लेखनीय उपलब्धि भारतीय रेलवे टीम की प्रतिभा और समर्पण को दर्शाती है। यह आत्मनिर्भर भारत का गौरवपूर्ण प्रतीक है और स्वच्छ, भविष्य के लिए तैयार परिवहन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को पूरी मजबूती से दर्शाता है। यह बड़ी उपलब्धि केवल तकनीकी प्रगति नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी सशक्त करती है। स्वच्छ, सुरक्षित और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था की दिशा में यह नई शुरुआत पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। भारत ने इस कदम के साथ हरित गतिशीलता की ओर एक बहुत बड़ा कदम बढ़ा दिया है।

बिना डीजल और बिजली के तारों के चलेगी यह ट्रेन यह देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन है जो कि बिना डीजल और बिजली के तारों के चलेगी। जींद और सोनीपत के बीच चलने वाली इस पैसेंजर ट्रेन में 2600 लोग सफर कर सकेंगे। फिलहाल यह ट्रेन 89 किलोमीटर के रूट पर चलेगी और 2 घंटे में यह दूरी तय करेगी। बीच में यह ट्रेन 12 स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन की अधिकतम गति 75 किलोमीटर प्रतिघंटा होगी।

इंजन से नहीं निकलेगा धुआं, होगा केवल जलवाष्प का उत्सर्जन रेल मंत्रालय के अनुसार, 10 डिब्बों वाली यह ट्रेन हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की रासायनिक प्रक्रिया से बिजली पैदा कर संचालित होती है तथा इससे केवल जलवाष्प का उत्सर्जन होता है। रेलवे ने बताया है कि इस ट्रेन का इंजन पुराने इंजन जैसा ही है, बस इसमें डीजल या फिर बाहर से बिजली नहीं ली जाती है। इसमें हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की रासायनिक प्रक्रिया से ट्रेन के अंदर ही बिजली बनती है। इस रासायनिक अभिक्रिया से केवल भाप निकलती है। इसके अलावा वातावरण में कोई भी प्रदूषक उत्सर्जित नहीं होता है। यह ट्रेन देश के नेट जीरो उत्सर्जन के लक्ष्य को पाने और जीवाश्म ईंधन कम करने की दिशा में एक बहुत महत्वपूर्ण कदम है।

हाइड्रोजन ट्रेन चलाने वाला दुनिया का पांचवां देश बना भारत हाइड्रोजन ट्रेन चलाने वाला भारत अब दुनिया का पांचवां देश बन गया है। इससे पहले यह तकनीक केवल जर्मनी, चीन, जापान, फ्रांस और अमेरिका के पास उपलब्ध है। इस ऐतिहासिक अवसर पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी विशेष रूप से मौजूद रहे। इस कार्यक्रम के दौरान नरेंद्र मोदी करीब 26,800 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इन लोक कल्याणकारी कार्यक्रमों में रेलवे, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, सांस्कृतिक विरासत और हरित परिवहन से जुड़ी कई बेहद महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं।

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खून के रिश्ते में खूनी जंग: सकरा में मामूली पैसों के विवाद में चचेरे भाई ने की भाई की पीट-पीटकर निर्मम हत्या, पूरे इलाके में फैली सनसनी!

मुजफ्फरपुर के सकरा थाना क्षेत्र के रहीमपुर रकसा गाँव की हृदयविदारक घटना; सुबह साथ निकले थे दोनों भाई, कुछ ही घंटों में लाश बनकर लौटा संजय पासवान, हत्यारा पुलिस की गिरफ्त में।

सकरा (मुजफ्फरपुर): मुजफ्फरपुर जिले के सकरा थाना क्षेत्र अंतर्गत रहीमपुर रकसा गाँव से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ खून का रिश्ता ही खूनी बन बैठा। मामूली पैसों के आपसी लेनदेन और विवाद में एक चचेरे भाई ने अपने ही सगे चचेरे भाई की बर्बरतापूर्वक लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। इस खौफनाक वारदात के बाद पूरे गाँव और आस-पास के इलाके में दहशत और मातम का माहौल है। मृत युवक की पहचान संजय पासवान के रूप में की गई है, जबकि हत्या को अंजाम देने वाले आरोपी का नाम सीताराम पासवान है।

घटना के बाद रहीमपुर रकसा गाँव में पहुँची सकरा पुलिस बल की टीम आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों को ढांढस बंधाती हुई तथा घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाती हुई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक संजय पासवान और आरोपी सीताराम पासवान दोनों आपस में चचेरे भाई थे। गाँव के लोगों ने बताया कि दोनों भाइयों के बीच कोई पुराना बैर नहीं था और हमेशा की तरह आज सुबह भी दोनों भाई एक साथ हँसते-बोलते घर से बाहर निकले थे। लेकिन किसी को इस बात का अंदाज़ा नहीं था कि यह मुलाकात आखिरी साबित होने वाली है। घर से कुछ दूरी पर जाने के बाद दोनों के बीच चंद रुपयों के लेनदेन को लेकर बहस शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों के बीच जमकर मारपीट होने लगी। इसी दौरान तैश में आकर सीताराम पासवान ने संजय पासवान पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया और पीट-पीटकर उसे मौत के घाट उतार दिया।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई। ग्रामीणों द्वारा मामले की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस को दी गई। सूचना पाकर सकरा थाना की पुलिस दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुँची और त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी हत्यारे सीताराम पासवान को अपनी कस्टडी में ले लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को भागने का मौका नहीं दिया और उसे दबोच लिया।

घटनास्थल पर जाँच और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीम को भी बुलाया गया है, जो विभिन्न बिंदुओं पर गहनता से छानबीन कर रही है ताकि कोर्ट में मजबूत सबूत पेश किए जा सकें।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मीडियाकर्मियों को चचेरे भाई की हत्या की प्रारंभिक जाँच और कार्रवाई की विस्तृत जानकारी देते अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पूर्वी-02, मुजफ्फरपुर मनोज कुमार सिंह।

पुलिस का आधिकारिक बयान:

इस घटना के संदर्भ में जानकारी देते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पूर्वी-02, मुजफ्फरपुर मनोज कुमार सिंह ने बताया:

“रहीमपुर रकसा गाँव जो सकरा थाना क्षेत्र अंतर्गत आता है, वहाँ एक चचेरे भाई द्वारा दूसरे चचेरे भाई को मारपीट कर हत्या कर देने का मामला सामने आया है। मृतक का नाम संजय पासवान और आरोपी का नाम सीताराम पासवान है। दोनों भाई सुबह साथ निकले थे और पैसों के विवाद में वारदात को अंजाम दिया गया। हत्यारे को कस्टडी में लेकर पूछताछ की जा रही है। एफएसएल की टीम भी जाँच कर रही है।”

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तीन दिवसीय सदस्यता अभियान का समापन, गरीबों के हक पर डाका डालने वालों के खिलाफ फतेहपुर में गरजी खेग्रामस

ताजपुर (समस्तीपुर): गरीबों, भूमिहीनों और मेहनतकशों की हकमारी करने वाले तंत्र की चूलें हिलाने के लिए बिहार प्रदेश खेत मजदूर सभा (खेग्रामस) ने तीन दिवसीय विशेष सदस्यता अभियान चलाया ।  अभियान के अंतिम दिन गांव में व्यवस्था के खिलाफ भारी आक्रोश देखा गया। इस महाअभियान के दौरान फतेहपुर और आस-पास के क्षेत्रों से 300 से अधिक अत्यंत गरीब, शोषित, दलित और दिन-रात हाड़-तोड़ मेहनत करने वाले ग्रामीणों ने खेग्रामस का दामन थामकर शोषण के खिलाफ आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है।

मजदूरों की हकमारी और दमन बर्दाश्त नहीं करेंगे: सुरेंद्र प्रसाद सिंह

सदस्यता अभियान का संयुक्त रूप से कुशल नेतृत्व कर रहे भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह, अखिल भारतीय किसान महासभा प्रखंड अध्यक्ष ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, जुझारू किसान नेता मनोज कुमार सिंह, रंजीत सिंह और चंद्रशेखर कुमार ने उपस्थित लोगों  को संबोधित किया।

सभा के दौरान नेताओं ने वर्तमान प्रशासनिक और सामाजिक व्यवस्था पर तीखा प्रहार किया। सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि , “आज की तारीख में भी लाखों भूमिहीन और अत्यंत गरीब परिवार बुनियादी वासभूमि तथा सिर छिपाने के लिए एक अदद आवास से पूरी तरह महरूम हैं। यह व्यवस्था की सबसे बड़ी विफलता है कि हकदारों को उनकी जमीन का सरकारी पर्चा नहीं दिया जा रहा है।”

भ्रष्ट तंत्र पर प्रहार: मनरेगा ठप, राशन कार्डों पर चली कैंची

वक्ताओं ने स्थानीय प्रशासन और नीति-निर्माताओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण रोजगार योजना को जमीनी स्तर पर दम तोड़ने के लिए छोड़ दिया गया है। जरूरतमंदों को पर्याप्त और नियमित काम नहीं मिल रहा है। इसके साथ ही, बेहद अमानवीय और क्रूर रवैया अपनाते हुए बड़ी संख्या में अत्यंत निर्धन और पात्र परिवारों के राशन कार्डों को दुर्भावनापूर्ण तरीके से रद्द कर दिया गया है, जिससे गरीबों के निवाले पर संकट मंडराने लगा है।

खेग्रामस ने सरकार और स्थानीय प्रशासन के समक्ष अपनी निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी हैं:

  1. समस्त भूमिहीन परिवारों को तत्काल वासभूमि एवं रहने योग्य पक्का आवास उपलब्ध कराया जाए।
  2. जिन पर्चाधारियों को अब तक जमीन का मालिकाना हक नहीं मिला है, उन्हें अविलंब उनकी जमीन पर वास्तविक कब्जा दिलाया जाए।
  3. मनरेगा के तहत प्रत्येक जरूरतमंद मजदूर को साल भर नियमित रूप से काम सुनिश्चित कराया जाए।
  4. गरीबों के रद्द किए गए सभी राशन कार्डों को बिना किसी देरी के तुरंत पुनर्बहाल किया जाए।

25 जुलाई को होगा ऐतिहासिक घेराव: आर-पार की लड़ाई की चेतावनी

खेग्रामस के नेताओं ने भारी जनसमूह के बीच अंतिम चेतावनी जारी करते हुए घोषणा की कि यदि गरीबों की इन जायज मांगों को तुरंत स्वीकार नहीं किया गया, तो आने वाली 25 जुलाई को ताजपुर प्रखंड एवं अंचल कार्यालय का ऐतिहासिक घेराव किया जाएगा। उन्होंने फतेहपुर सहित पूरे प्रखंड के समस्त दलितों, वंचितों, खेत मजदूरों और आम ग्रामीणों से अपील की है कि वे इस दमनकारी व्यवस्था के खिलाफ लाखों की संख्या में सड़कों पर उतरें और 25 जुलाई के इस महाआंदोलन को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाएं।

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ड्यूटी से गायब रहने वाले डॉक्टरों पर गिरेगी गाज: स्वास्थ्य सचिव कुमार रवि का कड़ा एक्शन, सीधे सस्पेंड होंगे लापरवाह चिकित्सक

मरीजों को निजी अस्पतालों में भेजने और सरकारी ड्यूटी के दौरान प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों पर होगी सख्त कार्रवाई; बेहतर काम करने वालों को मिलेगा सम्मान

पटना । 16 जुलाई 2026 बिहार के सरकारी स्वास्थ्य महकमे में लापरवाही और कर्तव्यहीनता बरतने वाले डॉक्टरों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की तैयारी पूरी कर ली गई है। बिहार स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि ने एक उच्च स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग समीक्षा बैठक के दौरान स्पष्ट चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि जो भी डॉक्टर बिना किसी पूर्व स्वीकृत अवकाश के अपनी रोस्टर ड्यूटी से गायब पाए जाएंगे, उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया जाएगा। सचिव के इस कड़े रुख से पूरे विभाग में हड़कंप मच गया है।

बिहार स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान बड़ी स्क्रीन पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के 4 जिलों के सरकारी अस्पतालों की लाइव निगरानी करते स्वास्थ्य सचिव कुमार रवि और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी।

स्वास्थ्य सचिव कुमार रवि ने अरवल, भोजपुर, लखीसराय और सहरसा के सरकारी अस्पतालों के कामकाज की बेहद गहनता से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा की। इस समीक्षा बैठक में उन्होंने अस्पतालों के वार्डों की स्थिति, डॉक्टरों की दैनिक उपस्थिति और मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं की लाइव रिपोर्ट देखी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की अनुपस्थिति को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

निजी प्रैक्टिस और रेफर करने के खेल पर रोक

समीक्षा बैठक के दौरान स्वास्थ्य सचिव को कई माध्यमों से यह शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ सरकारी डॉक्टर ऑन-ड्यूटी होने के बावजूद अस्पतालों से नदारद रहते हैं या फिर मरीजों को जबरन और अनावश्यक रूप से निजी क्लीनिकों या निजी अस्पतालों में रेफर कर देते हैं। इस गंभीर मामले पर कड़ा संज्ञान लेते हुए कुमार रवि ने निर्देश दिया कि सरकारी अस्पतालों से मरीजों को अनुचित लाभ के लिए निजी अस्पतालों में भेजने वाले और सरकारी ड्यूटी की समयावधि के दौरान चोरी-छिपे निजी प्रैक्टिस में संलिप्त पाए जाने वाले चिकित्सकों पर निलंबन सहित कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

बेहतर कार्य करने वाले स्वास्थ्यकर्मी होंगे सम्मानित

एक तरफ जहां लापरवाह और गैर-जिम्मेदार डॉक्टरों के लिए विभाग ने बेहद सख्त रवैया अख्तियार किया है, वहीं दूसरी तरफ कर्मठ, ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ चिकित्सकों के मनोबल को बढ़ाने के लिए भी बड़ी घोषणा की गई है। स्वास्थ्य सचिव कुमार रवि ने स्पष्ट किया कि जो भी डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी विषम परिस्थितियों में भी अपनी उत्कृष्ट और सराहनीय सेवा दे रहे हैं, उन्हें सरकार द्वारा चिन्हित किया जाएगा। ऐसे बेहतर कार्य करने वाले डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विभाग की ओर से विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा ताकि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में और सुधार हो सके।

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पटना की सड़कों पर उमड़ा आस्था का सैलाब: सीएम  ने खुद झाड़ू लगाकर खींचा भगवान जगन्नाथ का रथ, जयघोष से गूंजा बिहार!

पटना, 16 जुलाई 2026 बिहार की राजधानी पटना में आज उस वक्त भक्ति का अभूतपूर्व नजारा देखने को मिला, जब भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के पावन अवसर पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। बुद्ध मार्ग स्थित इस्कॉन (इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस) मंदिर और गर्दनीबाग स्थित ठाकुरबाड़ी में आयोजित इस भव्य रथ यात्रा महोत्सव का शुभारंभ करने स्वयं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पहुंचे। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर इस ऐतिहासिक और पावन महोत्सव का उद्घाटन किया।

आस्था और सेवा का अनोखा संगम: (बाएं) बुद्ध मार्ग स्थित इस्कॉन मंदिर द्वारा आयोजित भव्य रथ यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भक्तिपूर्वक मार्ग पर झाड़ू लगाकर सेवा करते हुए। (दाएं) गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ रथ की रस्सी खींचकर महाप्रभु की पावन यात्रा का शुभारंभ करते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी।

भक्ति में लीन मुख्यमंत्री ने खुद संभाली कमान

इस बेहद खास और पावन अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने न केवल भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र की आरती उतारी, बल्कि भक्ति भाव में लीन होकर रथ यात्रा के मार्ग में स्वयं झाड़ू लगाया। उन्होंने पूरी श्रद्धा के साथ महाप्रभु के रथ की रस्सी खींची और इस विशाल रथ यात्रा को आगे बढ़ाया। इस अलौकिक दृश्य को देखने के लिए सड़क के दोनों ओर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी हुई थी, जो लगातार जय जगन्नाथ और हरे कृष्णा के नारे लगा रही थी।

इस्कॉन मंदिर प्रबंधन समिति के उपाध्यक्ष रमन मनोहर दास ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने मुख्यमंत्री को पुष्पमाला पहनाई, अंगवस्त्र ओढ़ाया और एक विशेष स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका अभिनंदन किया।

गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी में भी गूंजा जयकारा

इस्कॉन मंदिर के इस भक्तिमय कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री सीधे गर्दनीबाग स्थित ठाकुरबाड़ी पहुंचे, जहां बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद द्वारा भव्य रथ यात्रा का आयोजन किया गया था।

गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी में भी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उसी श्रद्धा भाव से भगवान जगन्नाथ की आरती की और रथ मार्ग पर झाड़ू लगाकर सेवा की। इसके बाद उन्होंने महाप्रभु के रथ की रस्सी खींचकर रथ यात्रा को प्रस्थान कराया। यहां मुख्यमंत्री ने भगवान जगन्नाथ के चरणों में शीश नवाया और राज्य की जनता के लिए सुख, शांति, समृद्धि और कल्याण की मंगल कामना की। इस दौरान बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के अध्यक्ष रणवीर नंदन ने मुख्यमंत्री को पुष्पमाला और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।

दिग्गज नेताओं की रही भारी मौजूदगी

इस ऐतिहासिक और भक्तिमय महाआयोजन में बिहार सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रियों और विधायकों ने भी हिस्सा लिया। आयोजन के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, बिहार विधानसभा के सभापति अवधेश नारायण सिंह, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी, उच्च शिक्षा सह विधि मंत्री संजय सिंह टाइगर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह विधायक संजय सरावगी उपस्थित रहे। इसके साथ ही विधायक संजीव चौरसिया, विधायक रत्नेश कुशवाहा, विधायक श्याम रजक, बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के सदस्य शायन कुणाल, इस्कॉन मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्य राधापति चरण दास सहित भारी संख्या में गणमान्य लोग और श्रद्धालु मौजूद रहे।

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