Wednesday, July 29, 2026

सरकारी स्कूलों के बच्चों को मिलेगी NEET-JEE की फ्री कोचिंग, सीएम सम्राट चौधरी ने पटना के 10 मॉडल स्कूलों में शुरू की डिजिटल क्रांति!

पटना, 16 जुलाई 2026 बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के लिए आज का दिन एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुआ है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय, शास्त्रीनगर, पटना से एक बेहद महत्वाकांक्षी और अभिनव पहल ‘बिहार स्कूल लाइव क्लासेस’ का भव्य शुभारंभ कर राज्य में डिजिटल व तकनीक-संचालित शिक्षा के एक नए युग की शुरुआत कर दी है.

इस क्रांतिकारी कदम के बाद अब राज्य के सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले गरीब और सामान्य परिवारों के विद्यार्थियों को भी बड़े शहरों के महंगे कोचिंग संस्थानों की तरह विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा लाइव कक्षाएं, बेहतरीन डिजिटल अध्ययन सामग्री तथा आधुनिक तकनीक पर आधारित शिक्षण का लाभ मिल सकेगा. इसके साथ ही, मुख्यमंत्री द्वारा बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से संचालित ऑनलाइन कोचिंग कार्यक्रम एवं इंजीनियरिंग (JEE) व मेडिकल (NEET) प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष ‘निशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण तैयारी अभियान’ का शंखनाद किया गया.

पहले चरण में राजधानी के 10 मॉडल स्कूल कनेक्टेड, सीधे क्लासरूम तक पहुँचेगी क्वालिटी एजुकेशन इस महा-अभियान के तहत पहले चरण में राजधानी पटना के 10 चयनित मॉडल स्कूलों (सरस्वती विद्या निकेतन विद्यालयों) के विद्यार्थियों को अत्याधुनिक लाइव शिक्षण व्यवस्था से सीधे जोड़ दिया गया है. इसके जरिए अब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सीधे क्लासरूम की स्क्रीन तक पहुंचेगी. कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्कूल में नवनिर्मित 2 अत्याधुनिक स्मार्ट क्लासरूम और इंटरएक्टिव पैनल पर आधारित आधुनिक शिक्षण प्रणाली का लोकार्पण किया. यह नई व्यवस्था छात्रों के सीखने के अनुभव को और अधिक प्रभावी, रोचक, दृश्य-श्रव्य माध्यमों से लैस तथा तकनीक-संपन्न बनाएगी. समारोह में जिला अधिकारी कुंदन कुमार ने एक शानदार प्रस्तुतीकरण (प्रेजेंटेशन) के माध्यम से मुख्यमंत्री को ‘बिहार स्कूल लाइव क्लासेस’ की पूरी पृष्ठभूमि और इसके जरिए संचालित होने वाली आगामी शैक्षणिक गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी.

स्कूल का सघन निरीक्षण, मेधावी छात्रों और हॉकी प्लेयर्स का बढ़ा मान : शुभारंभ के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर का सघन निरीक्षण किया. उन्होंने स्कूल की नवनिर्मित बायोलॉजी लैब, फिजिक्स लैब, आईएसएम लैब, आईसीटी लैब, स्पोर्ट्स रूम और म्यूजिक रूम का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने वहां मौजूद छात्राओं से अत्यंत आत्मीयता से बातचीत की, पढ़ाई-लिखाई की व्यवस्थाओं का फीडबैक लिया और उनका हौसला बढ़ाते हुए कहा कि आप सभी पूरी एकाग्रता और लगन से मन लगाकर पढ़ें और जीवन में आगे बढ़ें.

इस गौरवमयी अवसर पर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट स्थान हासिल करने वाले मेधावी अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री के हाथों ‘उत्कृष्टता प्रमाण पत्र’ देकर सम्मानित किया गया. इसके साथ ही, खेल के क्षेत्र में स्कूल का नाम रोशन करने वाली और हॉकी खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली शास्त्रीनगर गर्ल्स हाई स्कूल की प्रतिभावान छात्राओं को मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से सम्मानित किया और उनके बीच खेल को बढ़ावा देने के लिए निशुल्क हॉकी किट का वितरण भी किया. मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ-साथ खेलों का भी जीवन में बेहद महत्वपूर्ण स्थान है.

शिक्षा में बड़ी डिजिटल छलांग: 7 दिग्गज स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ ऐतिहासिक एमओयूसाइन बिहार की शिक्षा व्यवस्था में नवाचार, कौशल विकास और गुणवत्ता को एक अभूतपूर्व गति देने के उद्देश्य से आज मुख्यमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में शिक्षा विभाग ने देश की 7 प्रतिष्ठित स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए. जिन 7 बड़ी संस्थाओं के साथ एमओयू किया गया है, उनमें शामिल हैं:

  1. लॉर्ड्स एजुकेशन एंड हेल्थ सोसाइटी / वाधवानी एआई
  2. खान एकेडमी इंडिया
  3. प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन
  4. एएक्सएल (एक स्टेप फाउंडेशन)
  5. पीआई जैम फाउंडेशन
  6. मंत्रा4चेंज
  7. शिक्षा लोकम फाउंडेशन

इस ऐतिहासिक साझेदारी का पूरा लाभ बिहार के सरकारी स्कूल के छात्र-छात्राओं को पूरी तरह निशुल्क मिलेगा. इन संस्थाओं के सहयोग से सरकारी स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (FLN), स्टेम (STEM) शिक्षा, गणित एवं विज्ञान के कठिन विषयों की सरल समझ, शिक्षण नेतृत्व (टीचिंग लीडरशिप), कम्प्यूटेशनल थिंकिंग, कोडिंग, डिज़ाइन थिंकिंग, प्रोजेक्ट-बेस्ड लर्निंग, शिक्षकों का विश्वस्तरीय क्षमता निर्माण, एआई-आधारित मूल्यांकन (असेसमेंट) तथा डेटा-आधारित शैक्षणिक प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में व्यापक और युगांतकारी सुधार किए जाएंगे.

संसाधनों के अभाव में अब दम नहीं तोड़ेंगे बिहार के बच्चों के सपने: सम्राट चौधरी इस ऐतिहासिक मौके पर अपना संकल्प दोहराते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार सरकार का लक्ष्य पूरी तरह स्पष्ट और अडिग है— बिहार का कोई भी विद्यार्थी अब संसाधनों की कमी या आर्थिक तंगी के कारण अपने सुनहरे सपनों से समझौता नहीं करेगा. तकनीक पर आधारित, गुणवत्तापूर्ण और प्रतियोगी परीक्षाओं की ओर उन्मुख शिक्षा की समान पहुंच राज्य के हर कोने तक सुनिश्चित करके हम अपनी नई पीढ़ी को बेहद आत्मविश्वासी, सक्षम और वैश्विक प्रतिस्पर्धा (ग्लोबल कॉम्पिटिशन) का सामना करने के लिए तैयार बना रहे हैं. ऑनलाइन कोचिंग और नीट-जेईई प्रोग्राम के शुरू होने से अब सूबे के हर तबके के बच्चे को देश के टॉप एक्सपर्ट्स का मार्गदर्शन घर बैठे मिल सकेगा, जो बिहार को शिक्षा के क्षेत्र में एक नई बुलंद ऊँचाई पर ले जाएगा.

समारोह में राज्य की शीर्ष लीडरशिप और प्रशासनिक अधिकारियों की रही गरिमामयी मौजूदगी शास्त्रीनगर में आयोजित इस बेहद भव्य और उच्च स्तरीय कार्यक्रम के दौरान मंच और दीर्घा में राज्य के कई प्रमुख राजनेता और प्रशासनिक सेवा के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे. कार्यक्रम में मुख्य रूप से शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन, पटना प्रमंडल के आयुक्त मयंक वरवड़े, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष डॉ त्याग राजन एसएम, माध्यमिक शिक्षा के निदेशक सज्जन राज शेखर, बीएसईआईडीसी की प्रबंध निदेशक इनायत खान, प्राथमिक शिक्षा के निदेशक कुमार निशांत विवेक, पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के शर्मा सहित शिक्षा विभाग के कई अन्य आला अधिकारी शामिल हुए. इसके साथ ही राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय, शास्त्रीनगर की प्राचार्या श्वेता रानी, स्कूल के सभी शिक्षकगण, शिक्षिकाएं और सैकड़ों की संख्या में उत्साहित छात्राएं इस ऐतिहासिक पल की गवाह बनीं.

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इसी महीने टीआरई 4 की अधियाचना बीपीएससी को भेजने का एलान, तबादले की पारदर्शी नीति से बदलेगी पूरी व्यवस्था!

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की बड़ी घोषणा: महिला शिक्षकों को पंचायत और पुरुषों को प्रखंड के पास तैनात करने का सरकार का संकल्प

पटना, 16 जुलाई 2026 | बिहार सरकार ने राज्य के लाखों शिक्षकों और शिक्षक अभ्यर्थियों के हित में एक बेहद महत्‍वपूर्ण कदम उठाया है। बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने एक प्रेस वार्ता के दौरान राज्य की संपूर्ण शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से सुदृढ़ और पारदर्शी बनाने के लिए बड़े फैसलों का एलान किया है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने साफ तौर पर कहा है कि इसी महीने टीआरई-4  की अधियाचना बिहार लोक सेवा आयोग यानी बीपीएससी को भेजी जा रही है, सरकार के इस कदम से राज्य में रोजगार और शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया को एक नई और अभूतपूर्व रफ्तार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

इसके साथ ही राज्य में लंबे समय से लंबित और बहुप्रतीक्षित शिक्षकों के स्थानांतरण यानी ट्रांसफर की प्रक्रिया को लेकर भी तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया बीती 10 जुलाई से शुरू हो चुकी है। इस समय इसके तहत विभिन्न महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रियाएं तेजी से पूरी की जा रही हैं। वर्तमान में रेशनलाइजेशन यानी युक्तिकरण का काम बेहद युद्धस्तर पर चल रहा है ताकि किसी भी शिक्षक को ट्रांसफर लेने में किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

हर 5 साल में होगा तबादला सरकार के संकल्प के मुताबिक अब राज्य में हर 5 साल की अवधि पर शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया नियमित रूप से संचालित होती रहेगी। इस नीति के तहत महिला शिक्षकों को उनके गृह पंचायत के बिल्कुल बगल में और पुरुष शिक्षकों को उनके गृह प्रखंड के बगल में लाने की नीति बनाई गई है ताकि वे बिना किसी मानसिक तनाव के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे सकें।

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने जोर देकर कहा कि इस बार जो स्थानांतरण नीति लागू की गई है, वह नीति इतनी पारदर्शी, इतनी सुगम और लोकोपयोगी है कि इससे बिहार की शिक्षा व्यवस्था की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। सरकार का यह संकल्प है कि शिक्षकों को उनके घर के नजदीक तैनात किया जाए ताकि उनका मनोबल बढ़े। इसी पवित्र उद्देश्य के साथ रेशनलाइजेशन की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित ढंग से पार करके शिक्षक अपना मनचाहा और सुगम स्थानांतरण पा सकेंगे। राज्य सरकार के इस कदम से संपूर्ण बिहार के शिक्षकों में भारी हर्ष का माहौल देखा जा रहा है।

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अब सात समंदर पार नौकरी करेंगे बिहार के लाल, फ्री में सीखें कोरियन, जर्मन और जापानी भाषा!

पटना, 16 जुलाई 2026।  बिहार के युवाओं के लिए वैश्विक स्तर पर रोजगार और उच्च शिक्षा के बंद दरवाजे अब पूरी तरह से खुलने जा रहे हैं। बिहार सरकार ने राज्य के होनहार युवाओं को विदेशों में रोजगार के बेहतरीन और बड़े अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक ऐतिहासिक और अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विश्व युवा कौशल दिवस 2026 के विशेष अवसर पर राजधानी पटना के पटना सिटी स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI), गुलजारबाग में एक भव्य समारोह के बीच कोरियन भाषा प्रशिक्षण केंद्र का विधिवत शुभारंभ किया गया।

पटना के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI), गुलजारबाग में विश्व युवा कौशल दिवस पर कोरियन भाषा प्रशिक्षण केंद्र के शुभारंभ के अवसर पर दीप प्रज्वलित करते युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के सचिव डॉ. कौशल किशोर। साथ में उपस्थित बिहार कौशल विकास मिशन के अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी नवदीप शुक्ला, निदेशक सुनील कुमार एवं प्रबंध निदेशक मनीष शंकर।

इस महत्वाकांक्षी केंद्र का उद्घाटन युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग, बिहार सरकार के सचिव डॉ. कौशल किशोर के कर-कमलों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस ऐतिहासिक पहल के बाद अब बिहार के युवाओं को विदेशी धरती पर बड़े पैकेजों वाली नौकरियों से सीधे जोड़ा जा सकेगा।

300 घंटे की मुफ्त ट्रेनिंग, नहीं लगेगा एक भी पैसा : उद्घाटन के उपरांत समारोह को संबोधित करते हुए विभाग के सचिव डॉ. कौशल किशोर ने युवाओं के लिए एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस केंद्र में दिया जाने वाला करीब 300 घंटे का यह विशेष भाषा प्रशिक्षण पूरी तरह से निःशुल्क होगा। युवाओं को इसके लिए एक भी पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि संस्थान में केवल कोरियन ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर सबसे ज्यादा मांग में रहने वाली अन्य भाषाएं जैसे अंग्रेजी, जर्मन, जापानी और अरबी भाषा का भी उच्च स्तरीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार होंगे युवा:  इस योजना का मुख्य उद्देश्य बिहार के युवाओं के भीतर से विदेशी भाषाओं की झिझक को पूरी तरह समाप्त करना और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलने वाले रोजगार एवं उच्च शिक्षा के अवसरों के योग्य बनाना है। यह केंद्र युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने, उनके भीतर विदेशी भाषा कौशल को पूरी तरह से विकसित करने तथा अंतरराष्ट्रीय कॉर्पोरेट जगत में रोजगार के नए एवं सुनहरे रास्ते खोलने में मील का पत्थर साबित होगा।

समारोह में जुटे आला अधिकारी : इस ऐतिहासिक शुभारंभ के अवसर पर बिहार कौशल विकास मिशन (BSDM) के अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी नवदीप शुक्ला, नियोजन एवं प्रशिक्षण निदेशक सुनील कुमार तथा प्रबंध निदेशक मनीष शंकर सहित अन्य गणमान्य अतिथियों और अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी अधिकारियों ने युवाओं को इस योजना का बढ़-चढ़कर लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

इस कार्यक्रम के तहत कोई भी स्नातक, ITI, पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग या नर्सिंग का अभ्यर्थी एडमिशन ले सकता है। इसके लिए विभाग ने टोल फ्री नंबर 1800-296-5656 और पंजीकरण लिंक भी जारी कर दिया है, ताकि युवा घर बैठे इसके लिए आवेदन कर सकें।

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मुजफ्फरपुर  के सकरा  में 20,000 की घूस लेते रंगे हाथों दबोचा गया पंचायत रोजगार सेवक, निगरानी विभाग का बड़ा एक्शन

मुजफ्फरपुर । भ्रष्टाचार के खिलाफ बिहार में सम्राट  सरकार के जीरो टॉलरेंस नीति के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। मुजफ्फरपुर जिले के सकरा प्रखंड अंतर्गत सिराजाबाद पंचायत में मनरेगा कार्यों में कमीशनखोरी का खेल खेल रहे पंचायत रोजगार सेवक जितेन्द्र कुमार को निगरानी की टीम ने 20,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई निगरानी थाना कांड संख्या 0-083/26 के तहत 14 जुलाई 2026 को दर्ज प्राथमिकी के आधार पर की गई है।

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की गिरफ्त में सिराजाबाद पंचायत का आरोपी रोजगार सेवक जितेन्द्र कुमार (लाल घेरे में), जिसे 20,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।

मार्ट में चल रहा था घूस का खेल:  मिली जानकारी के अनुसार, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की मुख्यालय टीम ने जाल बिछाकर आरोपी जितेन्द्र कुमार को सकरा थाना क्षेत्र के सबहा रोड स्थित एक  मार्ट से घूस की रकम लेते हुए दबोचा। ब्यूरो को शिकायत मिली थी कि रोजगार सेवक विकास योजनाओं के नाम पर अवैध वसूली कर रहा है।

वार्ड सदस्य ने ही खोल दी पोल : इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब सिराजाबाद पंचायत के वार्ड संख्या 11 के वर्तमान वार्ड सदस्य आदित्य कुमार (पिता- तपेश्वर साह) ने मरेगा से संबंधित कार्यों को कराने के एवज में मांगी जा रही घूस से तंग आकर पटना स्थित निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई। आदित्य कुमार ने आरोप लगाया था कि उनके वार्ड में मनरेगा से जुड़े विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए रोजगार सेवक जितेन्द्र कुमार लगातार पैसों की मांग कर रहा था।

वरीय पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में बनी धावा दल टीम:  शिकायत मिलने के बाद निगरानी ब्यूरो ने चुपके से मामले का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान रोजगार सेवक द्वारा रिश्वत मांगे जाने का पुख्ता प्रमाण मिला। इसके तुरंत बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना के वरीय पुलिस उपाधीक्षक विकास कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में एक विशेष धावादल (रेडिंग टीम) का गठन किया गया। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से सबहा रोड के एक  मार्ट में छापेमारी की और जैसे ही आदित्य कुमार ने जितेन्द्र कुमार को 20,000 रुपये थमाए, वैसे ही निगरानी की टीम ने उसे दबोच लिया। आरोपी के पास से रिश्वत के पैसे बरामद कर लिए गए हैं।

निगरानी की इस साल की 78वीं बड़ी ट्रैप कार्रवाई : विभागीय आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की यह 83वीं प्राथमिकी है, जबकि रंगे हाथों दबोचने (ट्रैप) का यह 78वां मामला है। इस साल अब तक ब्यूरो ने कुल 78 अभियुक्तों को घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है और उनके पास से 28,87,800 रुपये की रिश्वत राशि बरामद की जा चुकी है। वहीं पिछले वर्ष 2025 में कुल 101 ट्रैप केस दर्ज किए गए थे, जिसमें 37,80,300 रुपये बरामद हुए थे।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी जितेन्द्र कुमार से कड़ी पूछताछ की जा रही है, जिसके बाद उसे मुजफ्फरपुर स्थित माननीय विशेष न्यायालय, निगरानी के समक्ष उपस्थापित किया जाएगा। निगरानी ब्यूरो ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी लोक सेवक या सरकारी अधिकारी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो वे तुरंत उनके टोल फ्री नंबरों और हेल्पलाइन पर संपर्क कर इसकी शिकायत दर्ज कराएं।

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सी एम सम्राट चौधरी ने किया  211 कॉलेजों का विधिवत शुभारंभ, एक वर्ष में प्राचीन विक्रमशिला विश्वविद्यालय को स्थापित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य!

भगलपुर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यूनिवर्सिटी, 400 एकड़ में चमचमाता औद्योगिक हब, गंगा मरीन ड्राइव, रोप-वे और एयरपोर्ट की सौगात; गुंडों और कामचोरों की अब खैर नहीं!

पटना, 15 जुलाई 2026: बिहार की शैक्षणिक और आर्थिक तस्वीर बदलने की दिशा में एक अभूतपूर्व क्रांति का आगाज़ हो चुका है। आज भागलपुर के ग्राम कासिल, पंचायत सालपुर, प्रखंड गोराडीह स्थित नवस्थापित राजकीय महाविद्यालय (उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, कासिल) परिसर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खुद मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। वहां उपस्थित लाखों की भीड़ के बीच मुख्यमंत्री ने पूरे सूबे के 211 नवस्थापित डिग्री महाविद्यालयों में पठन-पाठन के महा-कार्य का विधिवत शुभारंभ कर दिया। यह ऐतिहासिक कदम राज्य के प्रत्येक प्रखंड तक उच्च शिक्षा की मजबूत पहुँच सुनिश्चित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

मंच पर भव्य शुभारंभ के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उप-मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उच्च शिक्षा एवं विधि मंत्री संजय सिंह टाइगर और अन्य वरिष्ठ नेतागण शिलापट्ट अनावरण के गौरवशाली क्षणों में एक साथ।

इस ऐतिहासिक महा-उत्सव के मौके पर मुख्यमंत्री ने भागलपुर के समग्र विकास को अभूतपूर्व दिशा देने वाली कई घोषणाएँ कीं। मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि भागलपुर की पावन धरती पर अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं कंप्यूटर साइंस विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी, जिससे बिहार तकनीकी शिक्षा का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा। इसके साथ ही, सदियों पुराने और विश्वप्रसिद्ध प्राचीन विक्रमशिला विश्वविद्यालय के गौरवशाली इतिहास को पुनर्जीवित करते हुए, उसके पुनर्स्थापन की प्रक्रिया को बुलेट ट्रेन की रफ्तार दे दी गई है। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा लगभग 220 एकड़ भूमि पहले ही हस्तांतरित की जा चुकी है और अगले 1 वर्ष के भीतर इस भव्य विश्वविद्यालय को पूरी तरह स्थापित करने का एक बड़ा और महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया गया है।

उद्योग, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार की महा-क्रांति:

भागलपुर की औद्योगिक और आधारभूत संरचना को चमकाने के लिए सरकार ने तिजोरी खोल दी है। इलाके में बड़े उद्योगों को आकर्षित करने के लिए लगभग 400 एकड़ के विशाल भूभाग में एक अत्याधुनिक और सर्वसुविधायुक्त आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा। इसके अलावा, बहुप्रतीक्षित विक्रमशिला सेतु को आगामी 30 नवंबर तक हर हाल में पूर्ण रूप से चालू करने का सख्त निर्देश दिया गया है। मुंगेर से लेकर भागलपुर तक कुल 83 किलोमीटर लंबी शानदार ‘गंगा मरीन ड्राइव’ के निर्माण का कार्य भी तेजी से शुरू हो चुका है, जिसका विस्तार भविष्य में सबौर से लेकर सीधे राजमहल बॉर्डर तक किया जाएगा। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कहलगांव के समीप गंगा नदी के किनारे स्थित विश्वप्रसिद्ध धार्मिक स्थल बटेश्वरधाम मंदिर तक एक शानदार रोप-वे परियोजना का निर्माण कराया जाएगा। पीरपैंती में 2400 मेगावाट के महा-पावर प्लांट को मंजूरी दी गई है, जिसकी क्षमता को 1600 मेगावाट और बढ़ाया जाएगा, जिसमें कुल 70 हजार करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश होने जा रहा है। सुल्तानगंज में एक नए प्रस्तावित एयरपोर्ट सहित भागलपुर क्षेत्र में 2-2 एयरपोर्ट विकसित किए जाएंगे।

गोराडीह के कासिल मैदान में मुख्यमंत्री के ऐतिहासिक भाषण और विकास योजनाओं की झड़ी को सुनने के लिए उमड़ी हजारों की उत्साहित आम जनता और जीविका दीदियों की भीड़।

अपराधियों और कामचोरों को सीधा अल्टीमेटम:

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि अपराधियों की अब खैर नहीं है, चाहे वह किसी भी जाति या वर्ग का हो। अपराधी को या तो भागलपुर जेल जाना होगा या फिर बिहार छोड़ना होगा। अपराधियों को तुरंत सजा दिलवाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जा रहा है और साइबर अपराधियों पर भी नकेल कसी जा रही है। स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा सुधार करते हुए उन्होंने ऐलान किया कि 15 अगस्त से कोई भी सरकारी डॉक्टर मरीजों को बाहर के अस्पतालों में रेफर नहीं कर पाएगा। अनुमंडल और जिला स्तर के अस्पतालों में ही मुकम्मल इलाज होगा और बेवजह मरीजों को रेफर करने वाले डॉक्टरों पर गाज गिरेगी।

कार्यक्रम में शामिल रहे ये सभी दिग्गज:

इस गौरवशाली महा-अवसर पर मंच को सुशोभित करने और गरिमा बढ़ाने वालों में उप-मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उच्च शिक्षा एवं विधि मंत्री संजय सिंह टाइगर, सांसद अजय कुमार मंडल, विधायक शुभानंद मुकेश, विधायक रोहित पांडे, विधायक ललित नारायण मंडल, विधायक मिथुन कुमार, विधायक मुरारी पासवान शामिल रहे। इनके साथ ही विधान पार्षद विजय कुमार सिंह, विधान पार्षद संजीव कुमार सिंह, विधान पार्षद एन के यादव भी मौजूद रहे। प्रशासनिक अमले से मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रोशन, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग सह भागलपुर जिले के प्रभारी सचिव दीपक आनंद, जिलाधिकारी अलंकृता पांडे, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव सहित अन्य तमाम वरिष्ठ अधिकारी, गणमान्य व्यक्ति और भारी संख्या में आम जनता उपस्थित थी।

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बांकीपुर उपचुनाव 2026: प्रशांत किशोर की सीधी एंट्री से हिला भाजपा का अभेद्य किला, त्रिकोणीय जंग में फंसा पटना का सबसे बड़ा पावर सेंटर!

पटना: बिहार की राजनीति में राजधानी पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट (182) हमेशा से हाई-प्रोफाइल और वैचारिक रूप से बेहद जागरूक रही है। यह सीट भाजपा का पारंपरिक और सबसे मजबूत गढ़ मानी जाती है। हालांकि, जुलाई 2026 में होने जा रहे इस उपचुनाव ने बिहार की राजनीतिक सरगर्मी को चरम पर पहुंचा दिया है। भाजपा के कद्दावर नेता नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद खाली हुई इस सीट पर मुकाबला अब आम नहीं रहा। इस बार यहाँ मुख्य मुकाबला त्रिकोणीय हो चुका है, जिसने पूरे सूबे की निगाहें इस सीट पर टिका दी हैं।

प्रशांत किशोर ने इस उपचुनाव को नीतीश-सम्राट चौधरी सरकार पर एक “जनमत संग्रह” करार दिया है, जिससे इस सीट की अहमियत और बढ़ गई है।

बायें से राजद प्रत्याशी रेखा गुप्ता, जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) की वीणा मंडावी, जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर एवं सबसे दायें में भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव 2026 के लिए नामांकन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जिसमें मुख्य मुकाबला त्रिकोणीय रूप ले चुका है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के तहत भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से नीरज कुमार सिन्हा ने अपना नामांकन दाखिल किया है। इससे पहले भाजपा ने अभिषेक कुमार उर्फ बंटी का नामांकन कराया था, लेकिन पारिवारिक कारणों से उनके नाम वापस लेने के बाद नीरज कुमार सिन्हा को मैदान में उतारा गया। वहीं, जन सुराज पार्टी के सूत्रधार और देश के दिग्गज चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने खुद पहली बार चुनावी मैदान में उतरते हुए बांकीपुर से अपना नामांकन पत्र दाखिल कर सबको चौंका दिया है। दूसरी तरफ, महागठबंधन के तहत राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की तरफ से रेखा गुप्ता ने महिला कार्ड के रूप में अपना पर्चा भरा है। इन प्रमुख दावेदारों के अलावा जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) की वीणा मंडावी सहित कुछ अन्य निर्दलीय व छोटे दलों के प्रत्याशियों ने भी चुनावी जंग में अपनी किस्मत आजमाने के लिए नामांकन दाखिल किया है।

बांकीपुर का ऐतिहासिक और सामाजिक-जातीय ताना-बाना

बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र पटना शहरी इलाके का हिस्सा है। यहाँ की साक्षरता दर बिहार के औसत से काफी अधिक है, और यहाँ का मतदाता राजनीतिक रूप से बेहद मुखर है।

  • कायस्थ और सवर्ण बहुल क्षेत्र: बांकीपुर को पारंपरिक रूप से सवर्णों, विशेषकर कायस्थ, वैश्य, और ब्राह्मण मतदाताओं का गढ़ माना जाता है। यहाँ कायस्थ मतदाताओं की संख्या निर्णायक रही है, यही वजह है कि भाजपा ने लंबे समय तक इस सीट पर अपना कब्ज़ा बनाए रखा है।
  • अल्पसंख्यक और दलित मतदाता: शहरी झुग्गियों और कुछ खास क्षेत्र में मुस्लिम और यादव मतदाताओं की भी अच्छी खासी आबादी है, जो पारंपरिक रूप से राजद का कोर वोटर बेस रही है।
  • मध्यम वर्ग और व्यापारी वर्ग: यह निर्वाचन क्षेत्र पटना के मुख्य व्यापारिक केंद्रों जैसे कदमकुआं, बोरिंग रोड, अशोक राजपथ का हिस्सा को समेटता है, जहाँ व्यापारियों और नौकरीपेशा मध्यम वर्ग का खासा प्रभाव है।

तीनों उम्मीदवारों की रणनीति और उनका नफा-नुकसान

भाजपा (एनडीए): नीरज कुमार सिन्हा – ‘गढ़बचाने की चुनौती

भाजपा के लिए बांकीपुर सिर्फ एक सीट नहीं, बल्कि उसकी साख का सवाल है। नितिन नवीन ने यहाँ लगातार कई चुनावों में बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी। पार्टी ने पहले अभिषेक कुमार उर्फ बंटी को उतारा था, लेकिन बाद में नीरज कुमार सिन्हा को उम्मीदवार बनाया गया।

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा (मध्य) अपने वरिष्ठ नेताओं और समर्थकों के साथ चुनावी रणनीति पर चर्चा करते हुए।
  • रणनीति: भाजपा पूरी तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व और “डबल इंजन सरकार” के सुशासन व राष्ट्रवाद के एजेंडे पर निर्भर है। भाजपा का मुख्य फोकस अपने पारंपरिक सवर्ण और वैश्य वोट बैंक को बिखरने से रोकना है।
  • मजबूती: आरएसएस और भाजपा का मजबूत कैडर बेस। शहरी मतदाताओं में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति गहरा आकर्षण। एनडीए के सहयोगी दलों (जेडीयू, लोजपा-आर) का भी पूरा समर्थन ग्राउंड पर दिख रहा है।
  • कमजोरी: एंटी-इन्कंबेंसी और पटना शहर की जलजमाव व ट्रैफिक जैसी बुनियादी नागरिक समस्याएं। इसके अलावा, प्रशांत किशोर की एंट्री से भाजपा के शहरी और युवा समर्थकों में सेंधमारी का बड़ा खतरा पैदा हो गया है।

जन सुराज पार्टी: प्रशांत किशोर – ‘विकल्पबनने की जंग

लगातार 2 साल से अधिक समय तक बिहार के गांवों और शहरों में पदयात्रा करने के बाद, प्रशांत किशोर ने खुद बांकीपुर से चुनावी राजनीति में सीधे कदम रखकर सबको चौंका दिया है।

बांकीपुर से सीधे चुनावी मैदान में उतरे जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर अपने समर्थकों के साथ पदयात्रा और जनसंपर्क अभियान के दौरान।
  • रणनीति: प्रशांत किशोर की रणनीति “राइट टू रीकॉल” और बिहार की पारंपरिक “जातिवादी और तुष्ठीकरण की राजनीति” पर प्रहार करने की है। वे खुद को लालू के ‘जंगलराज’ और नीतीश-भाजपा के ‘अफसरशाही राज’ के बीच एक मजबूत, शिक्षित और आधुनिक विकल्प के रूप में पेश कर रहे हैं।
  • मजबूती: प्रशांत किशोर की अपनी व्यक्तिगत छवि, असीमित संसाधन, युवाओं और बदलाव चाहने वाले प्रबुद्ध वर्ग के बीच उनकी स्वीकार्यता। पीके सीधे तौर पर उन वोटर्स को टारगेट कर रहे हैं जो भाजपा से नाराज हैं लेकिन राजद को वोट नहीं देना चाहते।
  • कमजोरी: जन सुराज का कोई पुराना स्थापित कैडर न होना एक बड़ी और कठिन परीक्षा होगी।

राजद (महागठबंधन): रेखा गुप्ता – ‘माईसमीकरण और महिला कार्ड

राजद ने रेखा गुप्ता को उम्मीदवार बनाकर बेहद सधा हुआ दांव खेला है। पटना के शहरी क्षेत्र में राजद आमतौर पर वैचारिक रूप से पिछड़ जाती है, लेकिन इस बार त्रिकोणीय मुकाबले का फायदा उठाने की फिराक में है।

 राजद प्रत्याशी रेखा गुप्ता के समर्थन में जुटी महिलाओं और कार्यकर्ता
  • रणनीति: रेखा गुप्ता के जरिए राजद गैर-यादव और महिला मतदाताओं में पैठ बनाने की कोशिश कर रही है। वहीं, तेजस्वी यादव के “ए टू जेड” वाले नारे के तहत वे सवर्णों और मध्यम वर्ग को भी जोड़ने का प्रयास कर रही हैं।
  • मजबूती: राजद का अपना प्रतिबद्ध ‘माई’ (मुस्लिम+यादव) वोट बैंक, जो किसी भी परिस्थिति में एकजुट रहता है। इसके साथ ही महागठबंधन (कांग्रेस और वाम दल) के पारंपरिक वोटर्स का साथ मिलना।
  • कमजोरी: पटना के शहरी मध्यम और उच्च-मध्यम वर्ग में राजद के प्रति पुरानी नकारात्मक छवि (लालू राज के दौर की यादें) को पूरी तरह मिटा पाना अब भी एक चुनौती है। अगर भाजपा और जन सुराज के बीच सवर्ण वोटों का बंटवारा नहीं हुआ, तो राजद के लिए वैचारिक रूप से इस शहरी सीट को जीतना कठिन होगा।

क्या त्रिकोणीय मुकाबला चुनावी समीकरण बदल देगा?

बांकीपुर में अमूमन मुकाबला द्विपक्षीय (भाजपा बनाम राजद/कांग्रेस) होता रहा है, जिसमें भाजपा एकतरफा बाजी मारती आई है। लेकिन 2026 के इस उपचुनाव में प्रशांत किशोर की एंट्री ने पूरे गणित को “3डी” (त्रिकोणीय) बना दिया है। यह मुकाबला समीकरणों को निम्नलिखित तरीकों से प्रभावित कर रहा है:

1. वोटों का बिखराव और जीत का मार्जिन

अब तक भाजपा इस सीट पर 30,000 से 50,000 से अधिक वोटों के अंतर से जीतती रही है। लेकिन इस बार प्रशांत किशोर भाजपा के शहरी, युवा, और प्रबुद्ध सवर्ण (विशेषकर कायस्थ और ब्राह्मण) वोटों में बड़ी सेंध लगा सकते हैं। यदि पीके ने भाजपा के पारंपरिक वोटों में 15-20% की भी सेंधमारी की, तो भाजपा की राह बेहद कठिन हो जाएगी और जीत का मार्जिन न्यूनतम स्तर पर आ जाएगा।

2. राजद को वॉकओवरया पीके का खेल?

राजनीतिक विश्लेषकों का एक वर्ग मानता है कि यदि प्रशांत किशोर भाजपा का वोट काटते हैं, तो इसका सीधा फायदा राजद की रेखा गुप्ता को मिल सकता है, क्योंकि राजद का अपना बेस वोट (लगभग 20-25%) पूरी तरह सुरक्षित है। हालांकि, प्रशांत किशोर केवल भाजपा के वोट बैंक पर नजर नहीं गड़ाए हैं; वे मुस्लिम और दलित बस्तियों में भी जाकर राजद के “वोट बैंक मॉडल” को चुनौती दे रहे हैं। अगर पीके दोनों तरफ से वोट खींचने में सफल रहे, तो मुकाबला बेहद रोचक हो जाएगा।

3. ‘ब्रांड पीकेऔर जन सुराजका लिटमस टेस्ट

यह उपचुनाव केवल बांकीपुर का नहीं, बल्कि 2025-2026 के बिहार के नए राजनीतिक नैरेटिव का लिटमस टेस्ट है। यदि प्रशांत किशोर यहाँ सम्मानजनक वोट लाते हैं या चमत्कारिक रूप से जीत दर्ज करते हैं, तो यह संदेश जाएगा कि बिहार की जनता वाकई राजद-भाजपा के पारंपरिक ध्रुवीकरण से इतर एक तीसरे विकल्प को स्वीकार करने के लिए तैयार है।

कानूनी शिकंजे में जेजेडी: सलाखों के पीछे से चुनावी बिगुल फूंकतीं वीणा मंडावी

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव 2026 के महासंग्राम में जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) की प्रत्याशी वीणा मंडावी की उम्मीदवारी पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। नामांकन पत्र दाखिल करने के ठीक बाद हुई उनकी अचानक गिरफ्तारी ने पार्टी और उनके समर्थकों को बड़ा झटका दिया है। इस कानूनी पचड़े के कारण जहाँ वे जमीन पर सीधे जनसंपर्क और चुनावी प्रचार अभियान से दूर हो गई हैं, वहीं उनकी अनुपस्थिति ने जेजेडी के कैडर को भी पशोपेश में डाल दिया है।

नामांकन दाखिल करने के बाद जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) की वीणा मंडावी को गिरफ्तार कर ले जाती पटना पुलिस

हालांकि, राजनीति में कई बार सहानुभूति की लहर (सिम्पैथी कार्ड) उम्मीदवारों के पक्ष में काम कर जाती है, लेकिन बांकीपुर जैसे पढ़े-लिखे, जागरूक और त्रिकोणीय मुकाबले वाले हाई-प्रोफाइल क्षेत्र में सलाखों के पीछे रहकर चुनाव लड़ना और खुद को मुख्य मुकाबले में बनाए रखना वीणा मंडावी के लिए एक अत्यंत कठिन और चुनौतीपूर्ण परीक्षा साबित होने वाला है।

बांकीपुर का ऊँट किस करवट बैठेगा?

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव 2026 बिहार की राजनीति की दिशा और दशा तय करने वाला एक ऐतिहासिक चुनाव बन चुका है। भाजपा के लिए यह अपने सबसे सुरक्षित किले को बचाने और यह साबित करने की लड़ाई है कि पटना आज भी ‘मोदी लहर’ और एनडीए के साथ मजबूती से खड़ा है। प्रशांत किशोर के लिए यह उनके राजनीतिक जीवन का सबसे बड़ा दांव है, जहाँ वे खुद को रणनीतिकार के बजाय एक स्थापित राजनेता के रूप में साबित करना चाहते हैं। राजद के लिए यह शहरी पटना में अपनी पैठ बढ़ाने और विरोधी वोटों के बिखराव का फायदा उठाकर सत्ता पक्ष को बड़ा झटका देने का एक सुनहरा मौका है।

फिलहाल, बांकीपुर की जनता खामोश है और तीनों खेमों की रणनीतियों को बारीकी से तौल रही है। 30 जुलाई को होने वाला मतदान और 3 अगस्त के नतीजे यह साफ कर देंगे कि बांकीपुर का यह त्रिकोणीय मुकाबला बिहार के राजनीतिक समीकरणों को किस नए मोड़ पर ले जाता है।

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सिरसिया में पसरा मातम: भाकपा माले नेता की माता रामरती देवी का 85 वर्ष की उम्र में निधन, अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़, नम आंखों से मानपूरा में हुआ अंतिम संस्कार!

ताजपुर/समस्तीपुर, 12 जुलाई 2026 । ताजपुर प्रखंड के सिरसिया गांव से एक बेहद दुखद और स्तब्ध कर देने वाली खबर सामने आ रही है। यहां के निवासी और भाकपा माले नेता जीतेंद्र सहनी की माता रामरती देवी का 85 वर्ष की आयु में आकस्मिक निधन हो गया है। इस खबर के फैलते ही पूरे सिरसिया और आस-पास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई है। दिवंगत रामरती देवी के अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास पर शुभचिंतकों और ग्रामीणों का तांता लग गया, जिससे वहां का माहौल पूरी तरह से गमगीन हो गया।

दिवंगत रामरती देवी (दाएं) और उनकी अंतिम यात्रा के दौरान दर्शन करने पहुंचे ग्रामीणों एवं परिजनों की भीड़ (बाएं).

नेताओं और शुभचिंतकों ने दी श्रद्धांजलि: रामरती देवी के निधन की सूचना मिलते ही भाकपा माले के प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह, खेग्रामस प्रखंड अध्यक्ष प्रभात रंजन गुप्ता, रामदयाल पासवान, संतोष महतो, संतोष साह, अरुण साह और अनिल साह सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और ग्रामीण उनके निवास स्थान पर पहुंचे। सभी ने दिवंगत आत्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। शोक व्यक्त करने वाले नेताओं ने इसे पूरे क्षेत्र और पीड़ित परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया, जिसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती।

रविवार को रामरती देवी की अंतिम यात्रा निकाली गई, जिसमें सिरसिया गांव के अलावा दूर-दूर से आए सामाजिक कार्यकर्ता, शुभचिंतक और सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। अंतिम यात्रा के दौरान माहौल पूरी तरह से भावुक था। इसके बाद मानपूरा श्मशान घाट पर पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाज के साथ उनका अंतिम संस्कार संपन्न किया गया। रामरती देवी के छोटे पुत्र जीतेंद्र सहनी ने अपनी माता को मुखाग्नि दी। वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें इस दृश्य को देखकर नम हो गईं।

शोक व्यक्त करने वाले तमाम लोगों ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और इस दुख की अत्यंत कठिन घड़ी में शोकाकुल परिवार को धैर्य और साहस प्रदान करने की प्रार्थना की है।

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नासा और इसरो को राह दिखाने वाले शंकराचार्य का 84वां प्राकट्य महोत्सव, पूसा रोड में गूंजा हनुमान चालीसा

पूसा रोड (समस्तीपुर): पुरी पीठाधीश्वर गोवर्धन मठ श्रीमदजगतगुरु शंकराचार्य नीशचलानन्द सरस्वती महाराज के 84वें प्राकट्य महोत्सव को ‘राष्ट्र उत्कर्ष दिवस’ के रूप में धूमधाम से मनाया गया। आसाढ कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि, 12 जुलाई 2026 को गंगापुर ओइनी पूसा रोड स्थित गंगेश्वर नाथ महादेव मंदिर परिसर में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह पूरा आयोजन शंकराचार्य नीशचलानन्द सरस्वती महाराज के शिष्य परिवार समूह के तत्वावधान में संपन्न हुआ, जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।

गंगेश्वर नाथ महादेव मंदिर परिसर, गंगापुर ओइनी पूसा रोड में राष्ट्रोत्कर्ष दिवस के अवसर पर सामूहिक सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ करते हुए शंकराचार्य के शिष्य परिवार समूह के सदस्य।

कार्यक्रम की शुरुआत मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद उपस्थित भक्तों और बुद्धिजीवियों ने एक सुर में सामूहिक हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ किया, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा। इस सामूहिक पाठ में मुख्य रूप से चन्द्र भूषण झा, रमेश कुमार झा गुलाब, पंडित चंदन कुमार, विवेक, अधिवक्ता चंदन कुमार झा, शिवेश झा, शैलेश कुमार झा, अनिल कुमार राय, कौशिक राज काश्यप और रामकिशोर राय शामिल रहे।

नासा, इसरो और वर्ल्ड बैंक को भी मिला मार्गदर्शन: रमेश कुमार झा

पाठ की समाप्ति के बाद शंकराचार्य महाराज के असाधारण व्यक्तित्व और सनातन धर्म पर एक संगोष्ठी का आयोजन हुआ। सभा को संबोधित करते हुए रमेश कुमार झा गुलाब ने कहा कि शंकराचार्य महाराज का व्यक्तित्व सनातन धर्म के सार्वभौम गुरुपद पर सुशोभित है। उनका ज्ञान और मार्गदर्शन केवल आध्यात्मिक जगत तक सीमित नहीं है, बल्कि वर्ल्ड बैंक, नासा और इसरो जैसी वैश्विक संस्थाओं के वैज्ञानिक भी उनसे मार्गदर्शन प्राप्त करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि महाराजश्री ने विलुप्त हो चुके वैदिक गणित को अपने रचित ग्रंथों के माध्यम से पुनः उद्भासित कर दुनिया के सामने रखा है, जो आधुनिक विज्ञान के लिए एक बड़ी देन है।

सनातन सत्ता को चुनौती देने वाले कालनेमियों को मिलेगा करारा जवाब: चंदन कुमार झा

कार्यक्रम में उपस्थित अधिवक्ता चंदन कुमार झा ने वर्तमान सामाजिक और धार्मिक परिस्थितियों पर बेबाकी से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आज के समय में सनातन सत्ता को कुछ कालनेमियों द्वारा लगातार चुनौती दी जा रही है, जिसका डटकर सामना करने की जरूरत है। इसके साथ ही कार्यक्रम में उपस्थित शिवेश झा और कौशिक राज काश्यप ने भी अपने विचार प्रकट किए और सनातन संस्कृति की रक्षा व राष्ट्र के उत्कर्ष के लिए शंकराचार्य महाराज के बताए रास्तों पर चलने का संकल्प लिया।

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बिहार में टल सकते हैं पंचायत चुनाव! परिसीमन के फेर में फंसा समय, शेखपुरा में मंत्री दीपक प्रकाश का बड़ा बयान

शेखपुरा। बिहार में आगामी पंचायत चुनाव को लेकर एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है, जिसने पूरे राज्य के राजनीतिक गलियारों और ग्रामीण इलाकों में हलचल तेज कर दी है। बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने शेखपुरा जिला दौरे के दौरान पंचायत चुनाव के समय पर होने को लेकर एक अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण बयान दिया है। मंत्री ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि राज्य में पंचायतों के परिसीमन को लेकर उच्च स्तरीय विचार चल रहा है और यदि परिसीमन करने का अंतिम निर्णय लिया जाता है, तो पंचायत चुनाव में कुछ समय का विलंब हो सकता है।

शेखपुरा जिला समाहरणालय सभागार में पंचायती राज विभाग की महत्वाकांक्षी योजनाओं की समीक्षात्मक बैठक की अध्यक्षता करते पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश एवं मंच पर उपस्थित अन्य प्रशासनिक अधिकारी।

परिसीमन पर सरकार का बड़ा बयान, टल सकती है तारीख : शेखपुरा जिला अतिथि गृह में आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने पत्रकारों के  सवालों का जवाब दिया। जब उनसे पूछा गया कि क्या सरकार ने चुनाव की पूरी तैयारी कर ली है, तो मंत्री ने कहा, “निर्वाचन आयोग के निर्देशन में सारी तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं। हमारी पूरी कोशिश है कि चुनाव सारी प्रक्रियाएं पूरी करते हुए सही समय पर कराए जाएं।” लेकिन इसके साथ ही उन्होंने एक बड़ा खुलासा करते हुए कहा, “आपके पंचायत का चुनाव सही समय पर हो, इसके लिए एक तरफ परिसीमन के ऊपर अभी गहन विचार चल रहा है। अगर सरकार द्वारा यह निर्णय होता है कि परिसीमन करना है, तो चुनाव में थोड़ी विलंब की भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।” मंत्री के इस बयान के बाद अब यह कयास लगाए जाने लगे हैं कि भावी प्रत्याशियों को चुनाव के लिए थोड़ा लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।

योजनाओं की समीक्षा बैठक में अफसरों को सख्त हिदायत :  प्रेस वार्ता से पूर्व, मंत्री दीपक प्रकाश ने शेखपुरा जिला समाहरणालय के सभागार में पंचायती राज विभाग द्वारा संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं की एक हाई-लेवल समीक्षात्मक बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में उन्होंने जिले में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति, भौतिक स्थिति और कार्यों की गुणवत्ता की बिंदुवार विस्तृत समीक्षा की। मंत्री ने उपस्थित अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन तय समय सीमा के भीतर होना चाहिए और गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मॉडल पंचायत सरकार भवन का निरीक्षण और घुसकुरी में डिजिटल लाइब्रेरी का उद्घाटन : अपने व्यस्त दौरे के क्रम में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश शेखपुरा जिला के बरबीघा प्रखंड अंतर्गत सर्वा ग्राम पंचायत पहुंचे। वहां उन्होंने नवनिर्मित मॉडल पंचायत सरकार भवन का औचक निरीक्षण किया। भवन की व्यवस्थाओं को देखते हुए उन्होंने कहा कि पंचायत सरकार भवन आम लोगों के लिए बेहतर और आधुनिक सुविधाओं का एक प्रमुख केंद्र बनना चाहिए, ताकि ग्रामीणों को सभी सरकारी सेवाएं पूरी पारदर्शिता, सुगमता और बिना किसी भ्रष्टाचार के स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकें।

 शेखपुरा जिला में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश को पौधा भेंट कर सम्मानित करते वरिष्ठ अधिकारी।

इसके पश्चात, मंत्री अरियरी प्रखंड के घुसकुरी ग्राम पहुंचे, जहां उन्होंने नवनिर्मित पंचायत लाइब्रेरी (पुस्तकालय) का फीता काटकर भव्य उद्घाटन किया। इस अवसर पर ग्रामीणों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह लाइब्रेरी गांव के युवाओं, छात्राओं और प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए ज्ञान का एक मील का पत्थर साबित होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी सुविधाओं से शिक्षा का स्तर ऊंचा उठेगा।

संत बाबा नरपतमल मंदिर में टेका माथा, जनता ने किया भव्य स्वागत शेखपुरा दौरे के अंतिम चरण में मंत्री दीपक प्रकाश घाटकुसुम्भा स्थित प्रसिद्ध संत बाबा नरपतमल मंदिर परिसर पहुंचे। वहां उन्होंने पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख, समृद्धि और शांति की कामना की। मंदिर परिसर में स्थानीय साथियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं द्वारा उनके सम्मान में एक भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया गया था। अपने आत्मीय स्वागत, स्नेह और सम्मान से गदगद होकर मंत्री दीपक प्रकाश ने सभी स्थानीय जनता और श्रद्धालुओं का हृदय से आभार व्यक्त किया। इस पूरे दौरे के दौरान पंचायती राज विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी, जिला प्रशासन के आला अफसर और भारी संख्या में मुख्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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मुजफ्फरपुर में सम्राट चौधरी का महा-ऐलान, उत्तर बिहार में 1047.09 करोड़ की योजनाओं की बौछार, रैपिड रेल और एक्सप्रेस-वे से बदलेगी सूरत!

मुजफ्फरपुर: बाबा गरीबनाथ की पावन धरती मुजफ्फरपुर से उत्तर बिहार के विकास को एक नई दिशा और नया विश्वास मिला है। मुजफ्फरपुर जिले के एमआईटी मैदान में नगर विकास एवं आवास विभाग तथा बुडको द्वारा आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विकास का एक नया इतिहास रच दिया। मुख्यमंत्री ने एक साथ 1047.09 करोड़ रुपये की लागत वाली 982 महत्वाकांक्षी विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस भव्य कार्यक्रम में सम्राट चौधरी ने मंच से सीधे तौर पर घोषणा की कि विकसित बिहार के बिना विकसित भारत का सपना कभी पूरा नहीं हो सकता। बिहार के 12 जिलों में पटना के कंकड़बाग की तर्ज पर अत्याधुनिक सैटेलाइट सिटी विकसित की जाएगी, जिससे शहरीकरण को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जा सके।

रैपिड रेल, एक्सप्रेस-वे और तिरहुत टाउनशिप से चमकेगा उत्तर बिहार  : मुख्यमंत्री ने मुजफ्फरपुर और पूरे उत्तर बिहार के लिए कनेक्टिविटी के मोर्चे पर कई बड़े ऐलान किए। उन्होंने बताया कि पटना-मुजफ्फरपुर रैपिड रेल कॉरिडोर परियोजना पर तेजी से काम जारी है। इसके साथ ही मुजफ्फरपुर से एक्सप्रेस-वे गुजरेगा और हल्दिया-रक्सौल हाईवे जैसी महापरियोजनाएं धरातल पर उतरने के लिए तैयार हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से उत्तर बिहार न केवल बेहतर कनेक्टिविटी से जुड़ेगा, बल्कि यह क्षेत्र विकास, भारी निवेश और बड़े पैमाने पर रोजगार का नया केंद्र बनकर उभरेगा। इसके अतिरिक्त क्षेत्र की आधुनिक जरूरतों को देखते हुए तिरहुत टाउनशिप और मुजफ्फरपुर एयरपोर्ट को लेकर भी सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।

एमआईटी में खुलेगा आर्किटेक्चर एवं सिविल इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय :  शिक्षा के क्षेत्र में मुजफ्फरपुर को एक ऐतिहासिक सौगात देते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एमआईटी मुजफ्फरपुर में एक नए और समर्पित आर्किटेक्चर एवं सिविल इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय को स्थापित करने का बड़ा ऐलान किया। इस ऐतिहासिक कदम से उत्तर बिहार के छात्रों को तकनीकी शिक्षा के लिए अब बाहर नहीं जाना पड़ेगा और यह संस्थान तकनीकी शिक्षा का एक बड़ा हब बनेगा।

सिकंदरपुर लेक फ्रंट का लोकार्पण, बनी मुजफ्फरपुर की नई पहचान : इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सिकंदरपुर लेक फ्रंट पहुंचकर 213.25 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की गई विश्वस्तरीय परियोजना का भव्य लोकार्पण किया। आकर्षक फव्वारों, आधुनिक लाइटिंग व्यवस्था एवं मनमोहक कलाकृतियों से सुसज्जित यह नवनिर्मित लेक फ्रंट अब मुजफ्फरपुर की नई पहचान और आधुनिक बिहार के बदलते स्वरूप का एक बड़ा प्रतीक बनेगा। यह परियोजना स्थानीय पर्यटन को भी एक नई दिशा प्रदान करेगी। इस महा-आयोजन के दौरान मंच पर तथा निरीक्षण के समय गणमान्य हस्तियों में विजय कुमार चौधरी, विजेंद्र प्रसाद यादव एवं अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधि तथा प्रशासनिक अधिकारी मुस्तैद रहे।

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