Saturday, September 12, 2026

पटना में यातायात व्यवस्था को बड़ी राहत: 249 करोड़ की लागत से निर्मित करबिगहिया-मीठापुर फ्लाईओवर और मीठापुर-सिपारा एलिवेटेड रोड का लोकार्पण

पटना, 28 अगस्त 2026 : राजधानी पटना के नागरिकों को यातायात की समस्या से राहत दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मीठापुर, करबिगहिया और स्टेशन रोड क्षेत्र में आवागमन को सुगम बनाने के लिए शुक्रवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 249 करोड़ रुपये की लागत से बने करबिगहिया-मीठापुर फ्लाईओवर (फेज-1) और मीठापुर-सिपारा 2.1 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड पथ का फीता काटकर एवं शिलापट्ट का अनावरण कर विधिवत लोकार्पण किया।

पटना में 249 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित करबिगहिया-मीठापुर फ्लाईओवर एवं मीठापुर-सिपारा एलिवेटेड पथ का फीता काटकर लोकार्पण करते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेंद्र, सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव एवं अन्य जनप्रतिनिधि तथा बगल में नवनिर्मित एलिवेटेड पथ का दृश्य।

इन दोनों परियोजनाओं के प्रारंभ होने से पटना के प्रमुख यातायात मार्गों पर गाड़ियों का दबाव कम होगा और आवागमन अधिक व्यवस्थित हो सकेगा। विशेष रूप से मीठापुर-सिपारा मार्ग पर रोजाना लगने वाले जाम से आम लोगों और वाहन चालकों को राहत मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने पैदल एवं वाहन से लिया निर्माण कार्य का जायजा

लोकार्पण के पश्चात मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नवनिर्मित फ्लाईओवर एवं एलिवेटेड रोड पर स्वयं पैदल चलकर तथा वाहन के माध्यम से पूरी यातायात व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने सड़क निर्माण, एप्रोच मार्ग तथा सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न सुविधाओं का अवलोकन किया और संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली।

स्टेशन और दक्षिणी क्षेत्रों की ओर आवागमन होगा सुगम

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस फ्लाईओवर के चालू होने से पटना रेलवे स्टेशन आने-जाने वाले यात्रियों के समय की बचत होगी और रास्ता सुगम बनेगा। मीठापुर बस स्टैंड व आसपास के क्षेत्रों से आवाजाही करने वाले लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। साथ ही मीठापुर से महुली होते हुए पुनपुन की ओर जाने वाले यात्रियों का सफर आसान होगा। उन्होंने कहा कि राजधानी में नागरिकों को सुरक्षित और निर्बाध आवागमन उपलब्ध कराने के लिए ये दोनों निर्माण कार्य अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे।

कार्यक्रम में मंत्रियों एवं अधिकारियों की रही मौजूदगी

लोकार्पण के अवसर पर उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेंद्र, सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव, विधायक श्याम रजक, विधायक अरुण मांझी, विधान पार्षद नवल किशोर यादव और विधान पार्षद रवींद्र प्रसाद सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

इसके अलावा प्रशासनिक अधिकारियों में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, पटना प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक जितेंद्र राणा, पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के0 शर्मा, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार तथा बिहार राज्य पथ विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सौरभ जोरवाल सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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रक्षाबंधन के दिन रक्षा करने वाला प्रशासन ही बना भक्षक! समस्तीपुर में मुसहर बस्ती पर गरजा बुलडोजर, कई परिवार सड़क पर

  • ताजपुर के फतेहपुर मुसहरी में भू-माफिया के इशारे पर जेसीबी से रौंदे गए आधा दर्जन आशियाने, विरोध बढ़ा तो प्रशासनिक टीम दुम दबाकर भागी
  • वीडियो बना रहे ग्रामीणों के मोबाइल छीनकर वीडियो डिलीट करने का गंभीर आरोप, भाकपा माले ने जांच और उग्र आंदोलन का किया ऐलान

ताजपुर/समस्तीपुर (28 अगस्त 2026): ताजपुर प्रखंड अंतर्गत फतेहपुर पंचायत के वार्ड संख्या 3 स्थित मुसहरी में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब रक्षाबंधन के पावन पर्व पर अंचल प्रशासन का बुलडोजर अचानक गरीबों के आशियाने उजाड़ने पहुंच गया। अंचलाधिकारी के नेतृत्व में भारी पुलिस बल के साथ पहुंची प्रशासनिक टीम ने जेसीबी की मदद से वर्षों से बसे गरीब मुसहर परिवारों के लगभग आधा दर्जन घरों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया और उस जगह की खुदाई करके बड़ा बड़ा गढ्ढा खोद कर छोड़ दिया गया है  । इस घटना के बाद से पूरे इलाके में गहरा आक्रोश व्याप्त है और बेघर हुए परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।

फतेहपुर मुसहरी में बुलडोजर कार्रवाई के दौरान तैनात सशस्त्र पुलिस बल और ध्वस्त आशियाने के पास न्याय की गुहार लगाते बेघर पीड़ित परिवार।

बिना नोटिस के भू-माफिया के इशारे पर हुई कार्रवाई

भाकपा माले के प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह एवं अखिल भारतीय किसान महासभा के प्रखंड अध्यक्ष ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह ने जारी संयुक्त बयान में इस कार्रवाई की कड़ी भर्त्सना की है। उन्होंने कहा कि सीताराम सदा, बाबूलाल सदा, सितबिया देवी और सुरेश सदा समेत कई भूमिहीन मुसहर परिवार इस सरकारी जमीन पर पुश्तैनी रूप से घर बनाकर रहते आ रहे थे। प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना या कानूनी प्रक्रिया का पालन किए सीधे बुलडोजर चला दिया। नेताओं ने सीधा आरोप लगाया कि अंचल प्रशासन ने भू-माफियाओं के साथ साज़िश रचकर निजी कब्जे की मंशा से इस असंवैधानिक घटना को अंजाम दिया है।

साज़िश के तहत चुना रक्षाबंधन का त्यौहार

भाकपा माले नेताओं ने बताया कि प्रशासन ने इस दमनकारी कार्रवाई के लिए रक्षाबंधन का दिन जानबूझकर चुना, ताकि त्योहार के कारण अधिकांश लोग अपने घरों से बाहर हों और विरोध न हो सके। हालांकि, जैसे ही घटना की खबर फैली और स्थानीय लोग एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन करने लगे, तो प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल बदहवास होकर मौके से भाग निकले।

माले नेताओं ने तीखा सवाल खड़ा करते हुए पूछा, यदि प्रशासन की यह कार्रवाई कानून सम्मत और वैध थी, तो जनता के विरोध करते ही अधिकारियों को घटनास्थल छोड़कर क्यों भागना पड़ा?”

मोबाइल छीनकर वीडियो डिलीट करने की हरकत पर सवाल

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि जब कुछ युवाओं ने बुलडोजर से घर गिराए जाने का वीडियो अपने मोबाइल से बनाना शुरू किया, तो पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक कर्मियों ने उनसे मोबाइल छीन लिए और रिकॉर्ड किए गए वीडियो को जबरन डिलीट कर दिया। भाकपा माले का कहना है कि साक्ष्य छुपाने की यह हरकत इस बात का साफ प्रमाण है कि अंचल प्रशासन ने भू-माफिया के इशारे पर निजी जमीन का रास्ता खोलने के लिए यह गैर-कानूनी कदम उठाया है। जिस जमीन पर कार्रवाई की गई, वहां किसी भी सरकारी निर्माण या सार्वजनिक विकास कार्य की कोई आधिकारिक योजना स्वीकृत नहीं थी।

अपने पुश्तैनी आशियाने उजड़ने के बाद गड्ढे में तब्दील जमीन के समीप खड़ी बदहवास महिलाएं और विरोध जताते स्थानीय लोग।

पर्चा, आवास और पुनर्वास की मांग को लेकर आंदोलन का ऐलान

घटना की निष्पक्ष जांच, दोषी अधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई और बेघर हुए परिवारों के तत्काल पुनर्वास की मांग को लेकर भाकपा माले ने आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया है।

पार्टी नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक सभी पीड़ित दलित, गरीब और भूमिहीन परिवारों को:

  1. वास-भूमि का पर्चा,
  2. पक्का आवास,
  3. स्थायी पुनर्वास, तथा
  4. बस्ती के लिए पहुंच-पथ

उपलब्ध नहीं कराया जाता, तब तक भाकपा माले का यह जन-संघर्ष रुकने वाला नहीं है। प्रशासन की इस बर्बरता के खिलाफ ताजपुर में जल्द ही एक बड़े जन-आंदोलन का बिगुल फूंका जाएगा।

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नारायणपुर सपाही में शिक्षा की नई पहल, सरस्वती ज्ञान मंदिर पब्लिक स्कूल का भव्य उद्घाटन

छात्राओं को नामांकन में 1000 रुपये की छूट; अनुभवी शिक्षकों की देखरेख में होगी पढ़ाई

सकरा (मुजफ्फरपुर): ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से नारायणपुर सपाही (संघोपट्टी, बरियारपुर, मुजफ्फरपुर) में सरस्वती ज्ञान मंदिर पब्लिक स्कूल का भव्य उद्घाटन सह शुभारंभ समारोह अत्यंत उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर क्षेत्र की कई प्रमुख राजनीतिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक हस्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और संस्थान के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

जनप्रतिनिधियों और शिक्षाविदों की उपस्थिति

उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में जिला परिषद सदस्य सुरेश प्रसाद यादव उपस्थित रहे। उनके साथ मरवन पंचायत के मुखिया अवधेश सिंह, सरपंच बीरेंद्र पटेल, राम बालक शर्मा एवं दीपक सिंह ने शिरकत कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। अतिथियों ने फीता काटकर और दीप प्रज्वलित कर विद्यालय का विधिवत शुभारंभ किया।

इस अवसर पर शैक्षणिक जगत से बी.सी.बी.डी. कॉलेज (पताही) के प्रोफेसर प्रभात, के अलावे एम साई के सपनजीत एवं राजीव की विशेष उपस्थिति रही। इसके अतिरिक्त एक्सपर्ट कोचिंग सेंटर के शिक्षक मुकेश, मनोज एवं राजेश सहित कई अन्य गणमान्य लोगों ने उपस्थित होकर अपनी शुभकामनाएं दीं।

सीबीएसई पैटर्न पर नर्सरी से 8वीं तक पढ़ाई, कंप्यूटर और वाहन की सुविधा

कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में इस प्रकार के शैक्षणिक संस्थानों का खुलना बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए एक सराहनीय कदम है। सरस्वती ज्ञान मंदिर पब्लिक स्कूल में नर्सरी से कक्षा 8वीं तक सीबीएसई इंग्लिश मीडियम पैटर्न पर पढ़ाई की व्यवस्था की गई है। विद्यालय में अनुभवी एवं प्रशिक्षित शिक्षकों द्वारा अध्यापन, कंप्यूटर शिक्षा, किफायती शुल्क संरचना और बच्चों के लिए सुरक्षित वाहन (ट्रांसपोर्ट) की उत्तम सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

नारायणपुर सपाही में सरस्वती ज्ञान मंदिर पब्लिक स्कूल के उद्घाटन समारोह के अवसर पर जारी पोस्‍टर

छात्राओं के नामांकन पर विशेष छूट

बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से विद्यालय प्रबंधन ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके तहत नामांकन (एडमिशन) के समय छात्राओं (लड़कियों) को शुल्क में 1000 रुपये की सीधी छूट दी जाएगी। प्रबंधन के इस निर्णय की स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने सराहना की है।

विद्यालय परिवार ने जताया आभार

समारोह के समापन पर सरस्वती ज्ञान मंदिर पब्लिक स्कूल परिवार की ओर से उपस्थित सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, अभिभावकों तथा आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष शुभचिंतकों का धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया गया।

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महंगाई के खिलाफ सुलग उठा ताजपुर: सड़कों पर उतरे गरीब-किसान, जमकर नारेबाजी के बीच फूंका प्रधानमंत्री का पुतला!

ताजपुर/समस्तीपुर (27 अगस्त 2026): आसमान छूती महंगाई और लगातार बढ़ती रोजमर्रा की चीजों की कीमतों से त्रस्त जनता का गुस्सा अब सड़कों पर फूट पड़ा है। अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) के आह्वान पर गुरुवार को ताजपुर नगर क्षेत्र में एक  आक्रोशपूर्ण प्रतिवाद मार्च निकाला गया। हाथ में लाल झंडे, तख्तियां और केंद्र सरकार के खिलाफ गूंजते नारों के साथ सड़कों पर उतरे सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने नगर का भ्रमण कर सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध जताया।

ताजपुर के गांधी चौक पर बढ़ती महंगाई के खिलाफ हाथों में लाल झंडे और विरोध की तख्तियां लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते खेग्रामस एवं भाकपा माले के कार्यकर्ता व स्थानीय लोग।

गांधी चौक से निकला प्रतिवाद मार्च, गूंजे आक्रोशित नारे

गुरुवार को खेग्रामस कार्यकर्ताओं, किसानों, मजदूरों और स्थानीय नागरिकों का हुजूम ताजपुर के ऐतिहासिक गांधी चौक पर एकत्र हुआ। वहां से विशाल जुलूस की शक्ल में प्रदर्शनकारी नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों, बाजारों और चौराहों से गुजरते हुए वापस गांधी चौक पहुंचे। पूरे जुलूस के दौरान प्रदर्शनकारी महंगाई रोकने, खाद्य पदार्थों के दाम घटाने और कारपोरेट परस्त नीतियों को वापस लेने की मांग को लेकर गूंजदार नारेबाजी करते रहे।

रसोई से लेकर बाजार तक हाहाकार, गरीबों पर आर्थिक बोझ: वक्ता

जुलूस के गांधी चौक पहुंचने के बाद यह प्रदर्शन एक विशाल सभा में तब्दील हो गया। इस सभा की अध्यक्षता भाकपा माले प्रखंड कमिटी सदस्य ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह ने की।

सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला और आरोप लगाया कि लगातार बढ़ती महंगाई से आम आदमी, गरीब, मजदूर, किसान और मध्यम वर्गीय परिवारों का जीना दूभर हो गया है। रसोई गैस, खाद्य तेल, दाल, चीनी, सब्जी, सरसों तेल, रिफाइन और पेट्रो-उत्पादों की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि ने आम जनता की कमर तोड़कर रख दी है। वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार महंगाई पर काबू पाने में पूरी तरह विफल साबित हुई है और उसकी कारपोरेट तथा अमीर परस्त नीतियों के कारण ही देश में महंगाई चरम पर पहुंची है।

यह नेता रहे मौजूद, दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

सभा को संबोधित करने वाले प्रमुख नेताओं में आसिफ होदा, मनोज कुमार सिंह, संजीव राय, राजदेव प्रसाद सिंह, कैलाश सिंह, मोतीलाल सिंह, मकसुदन सिंह, दिनेश राय और शंकर महतो शामिल थे।

नेताओं ने सरकार से पुरजोर मांग की कि आवश्यक उपभोक्ता वस्तुओं की दरों में तुरंत कटौती की जाए, रसोई गैस व राशन सामग्री को बेहद सस्ती दरों पर आम जनता को उपलब्ध कराया जाए और महंगाई से राहत देने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाए जाएं। इसके साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि सरकार ने जनता की मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और भी तेज और उग्र किया जाएगा।

ताजपुर में महंगाई के विरोध में केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री का पुतला दहन करते आक्रोशित प्रदर्शनकारी।

पुतला दहन के साथ समाप्त हुआ प्रदर्शन

सभा के अंत में आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया। पुतला दहन के दौरान गांधी चौक का पूरा इलाका सरकार विरोधी नारों से गूंज उठा।

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2036 ओलंपिक में गोल्ड पर भारत का निशाना: 5 से 15 साल के बच्चों के लिए चलेगा महा-टैलेंट हंट!

खेल की बात, पीएम मोदी के साथ‘: 29 अगस्त राष्ट्रीय खेल दिवस से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देश के युवाओं को बड़ा संदेश, 5000 से अधिक स्थानों पर जुड़े खिलाड़ी

विशेष संवाददाता

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘खेलो इंडिया संवाद’ कार्यक्रम में सम्मिलित हुए और देशभर के खिलाड़ियों व युवाओं के साथ सीधा संवाद किया। 29 अगस्त को मनाए जाने वाले ‘राष्ट्रीय खेल दिवस’ से ठीक पहले आयोजित इस कार्यक्रम के जरिए प्रधानमंत्री ने खेल जगत से जुड़े लोगों को अग्रिम शुभकामनाएं दीं और मेजर ध्यानचंद जैसे महान सपूत के योगदान को याद किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय खेल दिवस सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि देश के महान खिलाड़ियों को नमन करने और नई पीढ़ी को प्रेरित करने का बड़ा अवसर है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘खेलो इंडिया संवाद – खेल की बात, पीएम मोदी के साथ’ कार्यक्रम के तहत देशभर के युवाओं, एथलीटों और खेल प्रेमियों से सीधा संवाद किया। देश के 5000 से भी अधिक स्थानों पर युवाओं ने एक साथ जुड़कर प्रधानमंत्री के इस प्रेरणादायी संबोधन को सुना।

2036 ओलंपिक के लिए आज से ही कसनी होगी कमर

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब हम वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी और तैयारियों की बात करते हैं, तो हमारा ध्यान आज से ही उन युवा खिलाड़ियों को तराशने पर होना चाहिए जो 2036 में विभिन्न वैश्विक खेल स्पर्धाओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर देश का परचम लहराएंगे।

5 से 15 साल के बच्चों के लिए शुरू होगा ऐतिहासिक टैलेंट हंट

इसी दूरदर्शी सोच के तहत प्रधानमंत्री ने लाल किले की प्राचीर से घोषित उस टैलेंट हंट अभियान पर विशेष जोर दिया, जो 5 से 15 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों में खेल प्रतिभा की पहचान करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, इस प्रक्रिया में हमें केवल बच्चे की व्यक्तिगत रुचि ही नहीं देखनी है, बल्कि यह भी वैज्ञानिक आकलन करना है कि वह शारीरिक क्षमता और शारीरिक बनावट के आधार पर किस खेल के लिए सबसे अधिक उपयुक्त है। उसी आकलन के अनुसार उसे विश्वस्तरीय प्रशिक्षण दिया जाएगा।” उन्होंने देश को आश्वस्त किया कि सरकार खिलाड़ियों के साथ हर कदम पर पूरी मजबूती से खड़ी रहेगी और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराएगी।

बदलाव की ताकत और नए भारत का संकल्प

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का युवा खेलों को महज जीत-हार या प्रतियोगिता के रूप में नहीं, बल्कि जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली एक बहुत बड़ी ताकत के रूप में देख रहा है। उन्होंने कहा कि खेल केवल मैदान पर पदक जीतना नहीं सिखाते, बल्कि जीवन की मुश्किल परिस्थितियों से लड़कर आगे बढ़ने का हौसला और अनुशासन देते हैं। ‘खेल की बात, पीएम मोदी के साथ’ अभियान ने पूरे देश के युवाओं को अपनी सोच, सपनों और संकल्पों को साझा करने के लिए एक मजबूत मंच प्रदान किया है।

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बाढ़ का महासंकट: नेपाल में तबाही के बाद भारत में हाई अलर्ट, सीमावर्ती इलाकों पर मंडराया जलप्रलय का खतरा!

नेपाल में फुरके खोला और त्रिशूली नदी का बढ़ा जलस्तर, गंडक के निचले इलाकों में मचा हड़कंप; पीएम मोदी ने बालेन्द्र शाह से की बात, अमित शाह ने बिहार-यूपी के मुख्यमंत्रियों संग संभाला मोर्चा; 37.5 टन राहत सामग्री के साथ भारत की दूसरी विशेष उड़ान रवाना।

नई दिल्ली / पटना

नेपाल और भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों में जलप्रलय ने भारी तबाही मचाई है। नेपाल-चीन सीमा के पास अचानक आई बाढ़ और जीएलओएफ (ग्लेशियर झील फटने) के कारण नेपाल में भारतीय सीमा से लगभग 160 किलोमीटर दूर स्थित फुरके खोला में त्रिशूली नदी का जलस्तर अचानक खतरनाक स्तर तक बढ़ गया है। इस भीषण आपदा के कारण नेपाल में भारी जानमाल का नुकसान हुआ है। इस संकट की स्थिति का सीधा असर भारत में गंडक नदी के निचले इलाकों पर पड़ने की गंभीर आशंका जताई गई है, जिसके चलते बिहार और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।

मानवता का हाथ: नेपाल में आई आपदा के बीच भारतीय वायुसेना के विशेष विमान में 37.5 टन राहत सामग्री, जरूरी दवाइयां और खाद्य पैकेट लोड करते एनडीआरएफ एवं सेना के जवान।

संकट की घड़ी में पड़ोसी प्रथम’: 37.5 टन राहत सामग्री रवाना

आपदा की इस अत्यंत कठिन घड़ी में भारत सरकार पूरी संवेदनशीलता और ‘पड़ोसी प्रथम’ की नीति के तहत मजबूती से नेपाल के साथ खड़ी है। भारत की ओर से त्वरित, संवेदनशील और मानवीय सहायता प्रदान करते हुए 37.5 टन एचएडीआर (मानवीय सहायता और आपदा राहत) सामग्री, आवश्यक दवाइयों एवं खाद्य पैकेटों के साथ वायुसेना की दूसरी राहत उड़ान को तुरंत रवाना किया गया है। भारत, नेपाल सरकार के साथ निरंतर संपर्क बनाए हुए है और राहत तथा बचाव कार्यों में हरसंभव सहयोग दे रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के पीएम से की बातचीत, जताया दुख

नेपाल में आई इस प्राकृतिक विभीषिका पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह से फोन पर बात की। नरेंद्र मोदी ने बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि संकट के इस कठिन समय में भारत के 140 करोड़ नागरिक नेपाल में अपने भाई-बहनों के साथ पूरी एकजुटता से खड़े हैं। प्रधानमंत्री ने नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता देने की प्रतिबद्धता दोहराई और बताया कि भारतीय राहत एवं बचाव दल नेपाली अधिकारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं।

गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार व यूपी के मुख्यमंत्रियों संग की समीक्षा, एनडीआरएफ अलर्ट पर

केंद्र सरकार नेपाल में पैदा हुए इस जल-संकट पर चौबीसों घंटे कड़ी नजर रखे हुए है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नेपाल में आई आपदा और उससे भारतीय क्षेत्रों पर पड़ने वाले संभावित असर को लेकर बिहार और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों से दूरभाष पर विस्तृत बातचीत की। गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “नेपाल में आई बाढ़ की विभीषिका अत्यंत दुखद है। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, मेरी संवेदनाएं उनके साथ हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन और राहत-बचाव टीमों के साथ एनडीआरएफ को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है।” गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, जल शक्ति मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं। हालांकि, केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के अनुसार जलाशयों में जलस्तर अब धीरे-धीरे कम हो रहा है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

बिहार के मुख्यमंत्री व वरिष्ठ मंत्री हेलीकॉप्टर से नेपाल सीमा से सटे जलमग्न क्षेत्रों और गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर का जायजा लेते हुए।

बिहार के मुख्यमंत्री ने किया हवाई सर्वेक्षण, बगहा, बेतिया व मोतिहारी में प्रशासनिक चौकसी तेज

नेपाल में आए सैलाब और गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बिहार के मुख्यमंत्री ने राज्य के सीमावर्ती इलाकों—बगहा, वाल्मीकिनगर, बेतिया एवं मोतिहारी का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। सर्वेक्षण के उपरांत मुख्यमंत्री ने उच्चस्तरीय बैठक कर संभावित खतरों, आवश्यक एहतियाती उपायों, तटबंधों की सुरक्षा और राहत-बचाव तैयारियों की गहन समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने संबंधित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि पूरी तत्परता के साथ सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाढ़ प्रभावित और संभावित क्षेत्रों में आम नागरिकों की सुरक्षा तथा उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

भारतीय पर्यटकों के लिए दूतावास ने जारी किए आपातकालीन नंबर

नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों में कई भारतीय पर्यटकों के फंसे होने या लापता होने की खबरें आई हैं। विदेश मंत्रालय और काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने प्रभावित भारतीय नागरिकों की त्वरित मदद और परिजनों तक जानकारी पहुंचाने के लिए 24 घंटे सक्रिय रहने वाले हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। भारतीय नागरिक व उनके रिश्तेदार +977 985 131 6807 और +977 970 910 7500 पर संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

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मुजफ्फरपुर में चला न्याय का हंटर: 6 अपराधियों पर कोर्ट का बड़ा फैसला, पॉक्सो और दुष्कर्म के अभियुक्तों को 20-20 साल तक की जेल!

मुजफ्फरपुर: मुजफ्फरपुर जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ पुलिस की मजबूत पैरवी और न्यायालय के सख्त रुख का बड़ा असर देखने को मिला है। माननीय न्यायालय द्वारा अलग-अलग थानों से जुड़े 6 गंभीर मामलों में प्रस्तुत साक्ष्यों और चार्जशीट के आधार पर अभियुक्तों को कठोर कारावास एवं आर्थिक जुर्माने की सजा सुनाई गई है। पुलिस प्रशासन की ओर से की गई मुस्तैद पैरवी के कारण अपराधियों को उनके अंजाम तक पहुंचाया गया है।

फैसलों का विस्तृत ब्योरा:

 महिला थाना क्षेत्र (यौन उत्पीड़न मामला – वर्ष 2021):

महिला थाना अंतर्गत वर्ष 2021 में दर्ज यौन उत्पीड़न के मामले में सुनवाई करते हुए माननीय न्यायालय ने अभियुक्त संतोष कुमार को पॉक्सो अधिनियम के तहत दोषी पाया। न्यायालय ने अभियुक्त संतोष कुमार को 20 वर्ष की कारावास और 20,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि अदा न करने पर 03 माह के अतिरिक्त कारावास का प्रावधान किया गया है।

 मोतीपुर थाना क्षेत्र (यौन उत्पीड़न मामला – वर्ष 2023):

मोतीपुर थाना क्षेत्र के वर्ष 2023 में पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज यौन उत्पीड़न के एक मामले में माननीय न्यायालय ने अभियुक्त कुंदन कुमार को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष की कारावास तथा 20,000 रुपये आर्थिक दंड की सजा सुनाई। जुर्माना न देने की स्थिति में अभियुक्त को 03 माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

 सरैया थाना क्षेत्र (बलात्कार मामला – वर्ष 2020):

सरैया थाना अंतर्गत वर्ष 2020 में दर्ज बलात्कार के मामले में सुनवाई पूरी करते हुए न्यायालय ने अभियुक्त धीरेन्द्र पासवान उर्फ मोती पासवान को भारतीय दंड विधान (भा०द०वि०) की धारा 376 के तहत 10 वर्ष की कारावास एवं 10,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि भुगतान न करने पर 02 माह की अतिरिक्त कारावास की सजा तय की गई है।

 मीनापुर थाना क्षेत्र (अपहरण एवं यौन उत्पीड़न मामला – वर्ष 2026):

मीनापुर थाना अंतर्गत वर्ष 2026 के अपहरण एवं यौन उत्पीड़न मामले में माननीय न्यायालय ने अभियुक्त राजा कुमार को बीएनएसओ (BNSO) के तहत 05 वर्ष की सश्रम कारावास व 10,000 रुपये जुर्माना (भुगतान न करने पर 06 माह अतिरिक्त कारावास) तथा पॉक्सो अधिनियम के तहत 05 वर्ष की सश्रम कारावास व 10,000 रुपये जुर्माना (भुगतान न करने पर 06 माह अतिरिक्त कारावास) की सजा सुनाई है।

 कुढ़नी थाना क्षेत्र (अपहरण मामला – वर्ष 2022):

कुढ़नी थाना क्षेत्र में वर्ष 2022 के अपहरण मामले में दोषी अभियुक्त प्रिंस कुमार को न्यायालय ने दो अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाई है। भा०द०वि० की धारा 363 के तहत 03 वर्ष की सश्रम कारावास एवं 5,000 रुपये जुर्माना (न देने पर 01 माह अतिरिक्त सजा) तथा भा०द०वि० की धारा 366 के तहत 05 वर्ष की सश्रम कारावास व 10,000 रुपये जुर्माने (न देने पर 06 माह अतिरिक्त सजा) का आदेश दिया गया है।

 हथौड़ी थाना क्षेत्र (अपहरण मामला – वर्ष 2026):

हथौड़ी थाना अंतर्गत वर्ष 2026 में दर्ज अपहरण के एक मामले में सुनवाई करते हुए माननीय न्यायालय ने अभियुक्त छोटू कुमार उर्फ अजीत कुमार को बीएनएसओ (BNSO) के तहत 03 वर्ष की सश्रम कारावास और 5,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माना जमा न करने पर 02 माह की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।

पुलिस की ठोस पैरवी रंग लाई:

मुजफ्फरपुर पुलिस की तत्परता, समय पर जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल करने और न्यायालय में पुख्ता साक्ष्य प्रस्तुत करने के कारण इन सभी 6 मामलों में सजा तय हो सकी है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अपराध और महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर किसी भी सूरत में नरमी नहीं बरती जाएगी।

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रक्षाबंधन पर सम्राट चौधरी की बड़ी सौगात: अब सड़कों पर तैनात होंगी 4,700 ‘पुलिस दीदी’, बेटियों को पीएचडी के लिए 10 हजार और स्टार्टअप के लिए 2 लाख रुपये की मदद

पटना, 26 अगस्त: रक्षाबंधन के पावन अवसर पर बिहार की बेटियों और बहनों की सुरक्षा, उच्च शिक्षा और स्वावलंबन को लेकर सम्राट चौधरी ने ऐतिहासिक सौगातों की बौछार कर दी है। पटना के सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र स्थित ज्ञान भवन में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री ने राज्य की महिलाओं के लिए तीन नई एवं क्रांतिकारी योजनाओं का शुभारंभ किया।

पटना के ज्ञान भवन में आयोजित लोकार्पण एवं फ्लैग-ऑफ समारोह के दौरान मंच से संबोधित करते बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं सभागार में बड़ी संख्या में उपस्थित पुलिस दीदियां।

4,700 स्कूटर-मोटरसाइकिल से सड़कों पर पहरा देगी अभया ब्रिगेड

महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए मुख्यमंत्री ने ‘पुलिस दीदी (अभया ब्रिगेड)’ के लिए 4,700 दोपहिया वाहनों (स्कूटर एवं मोटरसाइकिल) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अब ये पुलिस दीदियां स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों के आसपास गश्त कर मनचलों पर नकेल कसेंगी और त्वरित सुरक्षा प्रदान करेंगी। मुख्यमंत्री ने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि बिहार पुलिस बल में लगभग 40,000 महिला पुलिसकर्मी तैनात हैं, जो देश के किसी भी राज्य की तुलना में सबसे अधिक है। इस मौके पर पुलिस दीदियों ने मुख्यमंत्री को राखी बांधकर सुरक्षा का संकल्प भी दोहराया।

शोध के लिए 10 हजार प्रतिमाह और स्टार्टअप के लिए 2 लाख की मदद

शिक्षा और उद्यमिता के क्षेत्र में बिहार की बेटियों का परचम लहराने के लिए दो और बड़ी योजनाओं का ऐलान किया गया:

  1. मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप: उच्च शिक्षा और अनुसंधान (रिसर्च) को बढ़ावा देने के लिए लगभग 1,000 मेधावी छात्राओं को 4 वर्षों तक प्रति माह 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
  2. बिहार की बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना: महिला उद्यमियों और उनके नए विचारों (इनोवेशन) को धरातल पर उतारने के लिए 50,000 रुपये से लेकर 2 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता मुहैया कराई जाएगी। इसका सीधा लाभ 2,100 महिलाओं को मिलेगा।

आपातकालीन सेवा 112 अब 5 से 7 मिनट में पहुंचेगी मदद

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य में आपातकालीन सेवा 112 का रिस्पॉन्स टाइम (प्रतिक्रिया समय) पहले ही घटकर 10 मिनट से कम हो चुका है, और नई तकनीकों के माध्यम से इसे जल्द ही महज 5 से 7 मिनट करने का लक्ष्य है।

1 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदीबनाने का लक्ष्य

सम्राट चौधरी ने जानकारी दी कि राज्य में जीविका दीदियाँ बिहार की अर्थव्यवस्था में 1.36 लाख करोड़ रुपये का विशाल योगदान दे रही हैं और 43 लाख महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। सरकार का आगामी लक्ष्य 1 करोड़ और महिलाओं को जीविका, दुग्ध उत्पादन, पशुपालन और स्वरोजगार से जोड़कर लखपति दीदी बनाने का है। इसके अलावा पंचायतों और नगर निकायों में महिलाओं को दिए गए 50 प्रतिशत आरक्षण के कारण आज 59 प्रतिशत से अधिक महिलाएं जनप्रतिनिधि के रूप में चुनकर आ रही हैं।

कार्यक्रम में गणमान्य लोगों की उपस्थिति

इस भव्य समारोह में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, उच्च शिक्षा एवं विधि मंत्री संजय सिंह ‘टाइगर’, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, विधि व्यवस्था एवं कमजोर वर्ग की एडीजी के.एस. अनुपम, जिलाधिकारी कुंदन कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा सहित पुलिस दीदियां और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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नेपाल में ग्लेशियर फटने से भारी तबाही की आशंका: बिहार में फ्लैश फ्लड का बड़ा खतरा, गंडक के 6 जिले हाई अलर्ट पर!

रात भर भारी दबाव झेलने की चुनौती, 2.5 लाख क्यूसेक से अधिक पानी आने का अनुमान, तटबंधों पर रात भर पहरा, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात

विशेष रिपोर्ट, पटना

नेपाल के तिब्बत से सटे चीन सीमावर्ती क्षेत्र में एक विशाल ग्लेशियर फटने से उत्पन्न संकट का सीधा असर बिहार पर पड़ने वाला है। ग्लेशियर पिघलने और फटने के बाद नेपाल की त्रिशूली नदी में आए जलसैलाब ने नारायणी (बिहार में गंडक) नदी का जलस्तर प्रचंड गति से बढ़ा दिया है। इस नेपाल फ्लैश फ्लड के बाद बिहार सरकार ने पूरे राज्य में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उपमुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने आपातकालीन उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर स्थिति का जायजा लिया और प्रशासनिक अमले को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।

नेपाल में ग्लेशियर फटने के बाद बिहार पर मंडराते बाढ़ और फ्लैश फ्लड के खतरे को लेकर आयोजित उच्चस्तरीय आपात बैठक की अध्यक्षता करते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी।

गंडक में अचानक बढ़ेगा जलस्तर, इन 6 संवेदनशील जिलों में विशेष निगरानी

नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में बनी इस भीषण स्थिति के बाद गंडक नदी में अचानक जलप्रवाह तेजी से बढ़ने की प्रबल आशंका है। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने छह अति संवेदनशील जिलों: पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली में विशेष निगरानी के कड़े आदेश दिए हैं। तटबंधों की सुरक्षा के लिए दिन-रात गश्ती (नाइट पेट्रोलिंग) सुनिश्चित करने और बाढ़ संघार्षात्मक सामग्रियों के साथ तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, नेपाल के ऊपरी इलाकों में फ्लैश फ्लड की स्थिति को देखते हुए संबंधित जिलों के अधिकारियों को पूरी मुस्तैदी बरतने को कहा गया है। तटबंधों की 24 घंटे निगरानी होगी। एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को संवेदनशील स्थलों पर तैनात कर दिया गया है। राज्य के हर नागरिक की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च और पहली प्राथमिकता है।”

नेपाल के देवघाट पर टिकी नजरें, 3 मीटर तक बढ़ेगा पानी: विजय कुमार चौधरी

उपमुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने स्थिति की गंभीरता पर विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि नेपाल सरकार से लगातार पल-पल की जानकारी मिल रही है।

उन्होंने बताया कि जल प्रवाह को मापने का पहला और मुख्य केंद्र नेपाल का देवघाट गेज स्टेशन है। वर्तमान में देवघाट पर जलस्तर 4.7 मीटर दर्ज है। नेपाल सरकार के आकलन के मुताबिक अगले 2 से 3 घंटों में जलस्तर में 3 मीटर तक की भारी बढ़ोतरी होगी, जिससे यह आंकड़ा करीब पौने आठ (7.75) से 8 मीटर तक पहुँच सकता है।

विजय कुमार चौधरी के अनुसार, देवघाट पर खतरा का निशान 8.5 से 9 मीटर के ऊपर होता है। फिलहाल स्थिति कठिन और संवेदनशील जरूर है, लेकिन यह नियंत्रण से बाहर नहीं है। अभी गंडक बराज में डिस्चार्ज 1 लाख क्यूसेक से भी कम है और लगभग 1.5 लाख क्यूसेक अतिरिक्त पानी आने का अनुमान है। यानी गंडक बराज से कुल मिलाकर ढाई से पौने तीन लाख क्यूसेक तक पानी गुजरने की संभावना है। इस दबाव को झेलने के लिए आज की रात बेहद महत्वपूर्ण है।”

उन्होंने यह भी बताया कि दोपहर में ही बाढ़ प्रबंधन विशेषज्ञों का एक विशेष दल रवाना कर दिया गया है जो शाम तक स्थल पर पहुँचकर राहत एवं बचाव कार्यों का मोर्चा संभाल लेगा।

घबराएं नहीं, सतर्क रहें: सरकार की अपील

जल संसाधन मंत्री ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि स्थिति गंभीर होने के बावजूद सरकार हर परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

उन्होंने कहा, सरकार की ओर से नागरिकों से अपील है कि घबराने या हड़बड़ाने की जरूरत नहीं है, बस सतर्क और सावधान रहें। बाढ़ नियंत्रण की सभी जरूरी सामग्री और उपकरण स्थल पर मौजूद हैं। स्थिति पर पल-पल की नजर रखी जा रही है और समय-समय पर आम लोगों को सूचनाएं दी जाती रहेंगी।”

एनडीआरएफ की 9 टीमें मुस्तैद, भागलपुर हादसे में भी रेस्क्यू जारी

बिहार में मंडराते बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) पूरी तरह अलर्ट मोड में है।

9वीं बटालियन एनडीआरएफ के कमांडेंट हितेंद्र पाल सिंह कंडारी ने जानकारी दी कि बिहार में एनडीआरएफ की 9 टीमें विभिन्न संवेदनशील जिलों में तैनात कर दी गई हैं, जबकि बाकी बची टीमों को स्टैंडबाय और अलर्ट पर रखा गया है। इसके अलावा, भागलपुर में हुए नाव हादसे वाले स्थल पर भी एनडीआरएफ की एक समर्पित टीम लगातार सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई है।

क्‍या होता है फ्लैश फ्लड जाने –   

फ्लैश फ्लड  अचानक और बहुत तेज़ गति से आने वाली बाढ़ को कहते हैं। साधारण शब्दों में कहें तो, बिना किसी पूर्व चेतावनी के जब भारी मात्रा में पानी चंद मिनटों या कुछ घंटों (आमतौर पर 6 घंटे से कम) में किसी इलाके को जलमग्न कर देता है, तो उसे फ्लैश फ्लड कहा जाता है।

यह आम बाढ़ से अलग होती है, क्योंकि आम बाढ़ धीरे-धीरे जलस्तर बढ़ने से आती है, जबकि फ्लैश फ्लड में संभलने का समय नहीं मिलता।

फ्लैश फ्लड आने के मुख्य कारण:                                

  • बादल फटना : किसी छोटे इलाके में अचानक बहुत तेज़ बारिश होना।
  • ग्लेशियर या प्राकृतिक झील का टूटना: पहाड़ी या बर्फीले इलाकों में ग्लेशियर की झील फटने से बड़ी मात्रा में पानी का अचानक नीचे आना।
  • बाँध या बैराज का टूटना: जलजमाव अधिक होने के कारण अचानक बाँध टूटने या एक साथ सारा पानी छोड़ने से।
  • नेपाल या ऊपरी पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश: नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों  में अचानक पानी का बहाव बढ़ना।

फ्लैश फ्लड क्यों खतरनाक है?

  1. समय की कमी: पानी इतनी तेज़ गति से आता है कि लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने या सामान हटाने का मौका नहीं मिलता।
  2. पानी का प्रचंड वेग: इसका बहाव अपने साथ पेड़, गाड़ियाँ, मकान और मिट्टी सब कुछ बहा ले जाता है।
  3. लैंडस्लाइड (भूस्खलन): पहाड़ी इलाकों में फ्लैश फ्लड के साथ मिट्टी और चट्टानें गिरती हैं, जिससे नुकसान कई गुना बढ़ जाता है।

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सकरा और सुजावलपुर में गूंजे पैगंबर साहब के जयकारे: ईद-ए-मिलादुन्नबी पर निकला भव्य जुलूस, उमड़ा अकीदतमंदों का सैलाब!

सकरा (मुजफ्फरपुर): सकरा थाना क्षेत्र अंतर्गत हजरत मुहम्मद साहब के जन्म दिवस यानी ईद-ए-मिलादुन्नबी के मुबारक मौके पर विशाल एवं भव्य जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया। इस पावन अवसर पर सकरा बाजार और सुजावलपुर मार्केट के मुख्य रास्तों से होकर जुलूस गुजरा, जहाँ पूरा इलाका हरा परचम और “लब्बैक या रसूल अल्लाह” के गगनभेदी नारों से गुंजायमान हो उठा।

सकरा एवं सुजावलपुर बाजार में हजरत मुहम्मद साहब के जन्म दिवस पर जुलूस-ए-मोहम्मदी के दौरान हरे झंडे लहराते बच्चे और सजाई गई काबा शरीफ व गुंबद-ए-खजरा की आकर्षक झांकी।

जुलूस में अकीदतमंदों का उत्साह देखते ही बन रहा था। खासकर छोटे-छोटे बच्चों में जबरदस्त उमंग और खुशी की लहर दिखाई दी। बच्चे हाथों में इस्लामी झंडे और तिरंगा लिए पैगंबर साहब की शान में नात-ओ-मनकबत पढ़ते हुए आगे बढ़ रहे थे। जुलूस के दौरान आकर्षक झांकियां भी सजाई गई थीं, जिसमें काबा शरीफ और गुंबद-ए-खजरा के मनमोहक प्रारूप (मॉडल) को देखकर हर कोई मंत्रमुग्ध हो गया।

सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सकरा थाना पुलिस पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद दिखी। सकरा थाना पुलिस के जवान और प्रशासनिक अधिकारी जुलूस के साथ-साथ पैनी नजर बनाए रहे, जिससे कि पूरा आयोजन शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और व्यवस्थित माहौल में संपन्न हुआ। स्थानीय लोगों ने भी जुलूस का भव्य स्वागत किया और भाईचारे की मिसाल पेश की।

हजरत मुहम्मद साहब का जीवन और उनके संदेश:

पैगंबर हजरत मुहम्मद साहब का जन्म इस्लाम धर्म के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है। वे पूरी दुनिया के लिए रहमत (दया और करुणा) बनकर आए। हजरत मुहम्मद साहब ने समाज में फैली बुराइयों, ऊंच-नीच और भेदभाव को खत्म कर सत्य, शांति, प्रेम, करुणा और भाईचारे का संदेश दिया। उन्होंने गरीबों, अनाथों और बेसहारा लोगों की मदद करने तथा महिलाओं को सम्मान देने की सीख दी। उनका जीवन हर इंसान के लिए सत्य, ईमानदारी और इंसानियत के रास्ते पर चलने का एक प्रेरणादायक आदर्श है।

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