पटना, 16 जुलाई 2026 बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के लिए आज का दिन एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुआ है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय, शास्त्रीनगर, पटना से एक बेहद महत्वाकांक्षी और अभिनव पहल ‘बिहार स्कूल लाइव क्लासेस’ का भव्य शुभारंभ कर राज्य में डिजिटल व तकनीक-संचालित शिक्षा के एक नए युग की शुरुआत कर दी है.
इस क्रांतिकारी कदम के बाद अब राज्य के सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले गरीब और सामान्य परिवारों के विद्यार्थियों को भी बड़े शहरों के महंगे कोचिंग संस्थानों की तरह विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा लाइव कक्षाएं, बेहतरीन डिजिटल अध्ययन सामग्री तथा आधुनिक तकनीक पर आधारित शिक्षण का लाभ मिल सकेगा. इसके साथ ही, मुख्यमंत्री द्वारा बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से संचालित ऑनलाइन कोचिंग कार्यक्रम एवं इंजीनियरिंग (JEE) व मेडिकल (NEET) प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष ‘निशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण तैयारी अभियान’ का शंखनाद किया गया.

पहले चरण में राजधानी के 10 मॉडल स्कूल कनेक्टेड, सीधे क्लासरूम तक पहुँचेगी क्वालिटी एजुकेशन इस महा-अभियान के तहत पहले चरण में राजधानी पटना के 10 चयनित मॉडल स्कूलों (सरस्वती विद्या निकेतन विद्यालयों) के विद्यार्थियों को अत्याधुनिक लाइव शिक्षण व्यवस्था से सीधे जोड़ दिया गया है. इसके जरिए अब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सीधे क्लासरूम की स्क्रीन तक पहुंचेगी. कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्कूल में नवनिर्मित 2 अत्याधुनिक स्मार्ट क्लासरूम और इंटरएक्टिव पैनल पर आधारित आधुनिक शिक्षण प्रणाली का लोकार्पण किया. यह नई व्यवस्था छात्रों के सीखने के अनुभव को और अधिक प्रभावी, रोचक, दृश्य-श्रव्य माध्यमों से लैस तथा तकनीक-संपन्न बनाएगी. समारोह में जिला अधिकारी कुंदन कुमार ने एक शानदार प्रस्तुतीकरण (प्रेजेंटेशन) के माध्यम से मुख्यमंत्री को ‘बिहार स्कूल लाइव क्लासेस’ की पूरी पृष्ठभूमि और इसके जरिए संचालित होने वाली आगामी शैक्षणिक गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी.

स्कूल का सघन निरीक्षण, मेधावी छात्रों और हॉकी प्लेयर्स का बढ़ा मान : शुभारंभ के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर का सघन निरीक्षण किया. उन्होंने स्कूल की नवनिर्मित बायोलॉजी लैब, फिजिक्स लैब, आईएसएम लैब, आईसीटी लैब, स्पोर्ट्स रूम और म्यूजिक रूम का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने वहां मौजूद छात्राओं से अत्यंत आत्मीयता से बातचीत की, पढ़ाई-लिखाई की व्यवस्थाओं का फीडबैक लिया और उनका हौसला बढ़ाते हुए कहा कि आप सभी पूरी एकाग्रता और लगन से मन लगाकर पढ़ें और जीवन में आगे बढ़ें.
इस गौरवमयी अवसर पर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट स्थान हासिल करने वाले मेधावी अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री के हाथों ‘उत्कृष्टता प्रमाण पत्र’ देकर सम्मानित किया गया. इसके साथ ही, खेल के क्षेत्र में स्कूल का नाम रोशन करने वाली और हॉकी खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली शास्त्रीनगर गर्ल्स हाई स्कूल की प्रतिभावान छात्राओं को मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से सम्मानित किया और उनके बीच खेल को बढ़ावा देने के लिए निशुल्क हॉकी किट का वितरण भी किया. मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ-साथ खेलों का भी जीवन में बेहद महत्वपूर्ण स्थान है.

शिक्षा में बड़ी डिजिटल छलांग: 7 दिग्गज स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ ऐतिहासिक ‘एमओयू‘ साइन बिहार की शिक्षा व्यवस्था में नवाचार, कौशल विकास और गुणवत्ता को एक अभूतपूर्व गति देने के उद्देश्य से आज मुख्यमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में शिक्षा विभाग ने देश की 7 प्रतिष्ठित स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए. जिन 7 बड़ी संस्थाओं के साथ एमओयू किया गया है, उनमें शामिल हैं:
- लॉर्ड्स एजुकेशन एंड हेल्थ सोसाइटी / वाधवानी एआई
- खान एकेडमी इंडिया
- प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन
- एएक्सएल (एक स्टेप फाउंडेशन)
- पीआई जैम फाउंडेशन
- मंत्रा4चेंज
- शिक्षा लोकम फाउंडेशन
इस ऐतिहासिक साझेदारी का पूरा लाभ बिहार के सरकारी स्कूल के छात्र-छात्राओं को पूरी तरह निशुल्क मिलेगा. इन संस्थाओं के सहयोग से सरकारी स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (FLN), स्टेम (STEM) शिक्षा, गणित एवं विज्ञान के कठिन विषयों की सरल समझ, शिक्षण नेतृत्व (टीचिंग लीडरशिप), कम्प्यूटेशनल थिंकिंग, कोडिंग, डिज़ाइन थिंकिंग, प्रोजेक्ट-बेस्ड लर्निंग, शिक्षकों का विश्वस्तरीय क्षमता निर्माण, एआई-आधारित मूल्यांकन (असेसमेंट) तथा डेटा-आधारित शैक्षणिक प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में व्यापक और युगांतकारी सुधार किए जाएंगे.

संसाधनों के अभाव में अब दम नहीं तोड़ेंगे बिहार के बच्चों के सपने: सम्राट चौधरी इस ऐतिहासिक मौके पर अपना संकल्प दोहराते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार सरकार का लक्ष्य पूरी तरह स्पष्ट और अडिग है— बिहार का कोई भी विद्यार्थी अब संसाधनों की कमी या आर्थिक तंगी के कारण अपने सुनहरे सपनों से समझौता नहीं करेगा. तकनीक पर आधारित, गुणवत्तापूर्ण और प्रतियोगी परीक्षाओं की ओर उन्मुख शिक्षा की समान पहुंच राज्य के हर कोने तक सुनिश्चित करके हम अपनी नई पीढ़ी को बेहद आत्मविश्वासी, सक्षम और वैश्विक प्रतिस्पर्धा (ग्लोबल कॉम्पिटिशन) का सामना करने के लिए तैयार बना रहे हैं. ऑनलाइन कोचिंग और नीट-जेईई प्रोग्राम के शुरू होने से अब सूबे के हर तबके के बच्चे को देश के टॉप एक्सपर्ट्स का मार्गदर्शन घर बैठे मिल सकेगा, जो बिहार को शिक्षा के क्षेत्र में एक नई बुलंद ऊँचाई पर ले जाएगा.
समारोह में राज्य की शीर्ष लीडरशिप और प्रशासनिक अधिकारियों की रही गरिमामयी मौजूदगी शास्त्रीनगर में आयोजित इस बेहद भव्य और उच्च स्तरीय कार्यक्रम के दौरान मंच और दीर्घा में राज्य के कई प्रमुख राजनेता और प्रशासनिक सेवा के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे. कार्यक्रम में मुख्य रूप से शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन, पटना प्रमंडल के आयुक्त मयंक वरवड़े, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष डॉ त्याग राजन एसएम, माध्यमिक शिक्षा के निदेशक सज्जन राज शेखर, बीएसईआईडीसी की प्रबंध निदेशक इनायत खान, प्राथमिक शिक्षा के निदेशक कुमार निशांत विवेक, पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के शर्मा सहित शिक्षा विभाग के कई अन्य आला अधिकारी शामिल हुए. इसके साथ ही राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय, शास्त्रीनगर की प्राचार्या श्वेता रानी, स्कूल के सभी शिक्षकगण, शिक्षिकाएं और सैकड़ों की संख्या में उत्साहित छात्राएं इस ऐतिहासिक पल की गवाह बनीं.
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