Sunday, June 7, 2026

पटना पुलिस का ‘सुपरफास्ट’ एक्शन: ऑटो में छूटा कीमती लैपटॉप और बैग, चंद घंटों में ढूंढ निकाला!

खाकी का मानवीय चेहरा: बुद्ध स्मृति पार्क और मल्टीलेवल पार्किंग खंगालकर ट्रैफिक पुलिस ने लौटाई नागरिक के चेहरे की मुस्कान

पटना। राजधानी की सड़कों पर आज पटना यातायात पुलिस का एक ऐसा चेहरा सामने आया, जिसने न सिर्फ खाकी का मान बढ़ाया बल्कि आम जनता का पुलिस पर भरोसा और मजबूत कर दिया। राजापुर क्षेत्र में एक यात्री का कीमती लैपटॉप और जरूरी कागजातों से भरा बैग गलती से एक ऑटो (टेम्पो) में ही छूट गया था।

मुस्कान लौट आई: पटना यातायात पुलिस के अधिकारी ऑटो में छूटा हुआ कीमती लैपटॉप और बैग सकुशल बरामद करने के बाद पीड़ित नागरिक को सौंपते हुए। (साथ में गर्व से खड़ी पुलिस टीम)।

परेशानी में मसीहा बनी पुलिस अपना कीमती सामान खोने के बाद पीड़ित व्यक्ति बुरी तरह परेशान और बदहवास हो गया था। कोई रास्ता न सूझता देख उन्होंने तुरंत पटना यातायात पुलिस से मदद की गुहार लगाई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस की टीम ने बिना एक पल गंवाए अपने स्तर पर त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी।

चला सघन सर्च ऑपरेशन पुलिस की विशेष टीम ने संभावित रूटों का सुराग लगाते हुए तुरंत बुद्ध स्मृति पार्क टेम्पो स्टैंड और मल्टीलेवल पार्किंग क्षेत्र में सघन खोजबीन (सर्च ऑपरेशन) शुरू की। टीम की मुस्तैदी और कड़ी मशक्कत रंग लाई, और बेहद कम समय में सुरक्षित रूप से पीड़ित का लैपटॉप और बैग बरामद कर लिया गया।

अपना खोया हुआ कीमती सामान वापस पाकर नागरिक के चेहरे पर आई मुस्कान पुलिस टीम की सबसे बड़ी उपलब्धि रही। इस मौके पर पटना यातायात पुलिस ने संदेश दिया कि वे नागरिकों की सुरक्षा और सहायता के लिए सदैव तत्पर हैं।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,

||  https://newsbharattv.in  ||


समस्तीपुर में तांडव: गांधी चौक पर गैरेज संचालक की सरेआम गोली मारकर हत्या, इलाके में सनसनी

ताजपुर (समस्तीपुर)। बिहार में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब सरेराह खून बहाना उनके लिए आम बात हो गई है। ताजा मामला ताजपुर थाना क्षेत्र के गांधी चौक का है, जहाँ शुक्रवार को बेखौफ अपराधियों ने एक मोटर साइकिल गैरेज संचालक की गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

दहशत का मंजर: काम के दौरान बनाया निशाना

मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान ताजपुर थाना क्षेत्र के चकमोतीपुर निवासी देवकी सहनी के 26 वर्षीय पुत्र संजीव कुमार के रूप में हुई है। संजीव गांधी चौक पर अपना गैरेज चलाता था। दोपहर के समय जब वह अपने काम में व्यस्त था, तभी अज्ञात हमलावरों ने उसे निशाना बनाया। गोली लगने के बाद संजीव ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

पुलिसिया कार्रवाई और आक्रोश

घटना की सूचना मिलते ही ताजपुर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची। पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, समस्तीपुर भेज दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल (FSL) और डीआईयू (DIU) की टीमें तकनीकी जांच में जुट गई हैं। अपर पुलिस अधीक्षक-सह-अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सदर) खुद इस पूरी जांच का नेतृत्व कर रहे हैं।

मुआवजे और गिरफ्तारी की मांग

इस जघन्य हत्याकांड पर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने कड़ा आक्रोश जताया है। भाकपा माले के प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने घटना की तीव्र निंदा की है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि:

  • हत्यारों को अविलंब गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाए।
  • मृतक के शोक संतप्त परिजनों को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।
  • जिले में लगातार बढ़ रहे अपराध और हत्याओं के ग्राफ पर लगाम कसी जाए।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,

||  https://newsbharattv.in  ||

बंगाल में ‘कसाईखानों’ पर ताला! बिना सरकारी डॉक्टर की ‘फिटनेस रिपोर्ट’ अब नहीं कटेगा एक भी जानवर

बंगाल में बड़ा बदलाव! सुवेंदु सरकार ने 75 साल पुराने कानून में फूंकी जान; गाय-बैल काटने से पहले अब देनी होगी सरकारी अग्निपरीक्षा

कोलकाता | विशेष संवाददाता | पश्चिम बंगाल की सियासत और प्रशासनिक गलियारों में उस वक्त हड़कंप मच गया जब राज्य सरकार ने ‘पश्चिम बंगाल पशु वध नियंत्रण अधिनियम, 1950’ को पूरी सख्ती के साथ लागू करने का फरमान जारी कर दिया। सुवेंदु सरकार के इस कड़े रुख ने स्पष्ट कर दिया है कि अब राज्य में पशु वध कोई सामान्य बात नहीं होगी। नए निर्देशों के अनुसार, बिना ‘फिटनेस सर्टिफिकेट’ के किसी भी मवेशी पर कुल्हाड़ी चलाना अब सीधे जेल का रास्ता साफ करेगा।

बिना सर्टिफिकेट वध यानी सीधा अपराध सरकार द्वारा जारी सार्वजनिक नोटिस के अनुसार, अब कोई भी व्यक्ति सांड, बैल, गाय, बछड़े, या भैंस (नर और मादा दोनों) का वध तब तक नहीं कर सकता जब तक उसके पास सक्षम अधिकारी द्वारा जारी किया गया ‘फिटनेस प्रमाण पत्र’ न हो। यह प्रमाण पत्र केवल तभी जारी किया जाएगा जब नगर पालिका के अध्यक्ष या पंचायत समिति के सभापति और एक सरकारी पशु चिकित्सक इस बात पर सहमत हों कि पशु वध के योग्य है।

14 साल की उम्र और बीमारी की शर्त कानून को इतना पेचीदा और सख्त बना दिया गया है कि प्रमाण पत्र पाना आसान नहीं होगा। रिपोर्ट के मुताबिक, डॉक्टर और अधिकारी तभी वध की अनुमति देंगे जब:

  • जानवर की उम्र 14 वर्ष से अधिक हो चुकी हो और वह काम करने या प्रजनन के लायक न रहा हो।
  • या फिर जानवर किसी ऐसी लाइलाज बीमारी, चोट या विकृति का शिकार हो गया हो जिससे उसका जीवित रहना कष्टकारी हो।

खुले में वध पर पूर्ण पाबंदी और जेल का प्रावधान सुवेंदु सरकार के इस आदेश ने ‘खुले में वध’ करने वालों की कमर तोड़ दी है। अब केवल उन्हीं बूचड़खानों में वध हो सकेगा जिन्हें प्रशासन ने अधिकृत किया है। सार्वजनिक स्थानों पर वध को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। नियमों का उल्लंघन करने पर:

  1. 6 महीने तक की जेल और जुर्माना देना होगा।
  2. सभी उल्लंघन संज्ञेय अपराध  माने जाएंगे, यानी पुलिस बिना वारंट के गिरफ्तारी कर सकेगी।
  3. सरकारी अधिकारियों को किसी भी परिसर में घुसकर ‘निरीक्षण’ करने का पूर्ण अधिकार होगा, और इसमें बाधा डालना भी कानूनी जुर्म होगा।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,

||  https://newsbharattv.in  ||

पटना में सजेगा नौकरियों का महाबाजार: स्वास्थ्य क्षेत्र में करियर बनाने का सुनहरा मौका, ‘कौशल’ देगा ‘रोजगार’!

पटना। बिहार के युवाओं के लिए रोजगार का एक बड़ा द्वार खुलने जा रहा है। बिहार सरकार द्वारा कौशल से रोजगार, स्वस्थ और सशक्त बिहार” के संकल्प के साथ तीन दिवसीय राज्य स्तरीय स्वास्थ्य एवं संबद्ध क्षेत्र रोजगार मेला 2026 का आयोजन किया जा रहा है। यह मेगा इवेंट राजधानी पटना के ज्ञान भवन, उत्तरी गांधी मैदान में आयोजित होगा।

तीन दिनों तक बरसेगी नौकरियों की बौछार

यह रोजगार मेला 25, 26 एवं 27 मई 2026 को आयोजित किया जाएगा। स्वास्थ्य क्षेत्र में अपना भविष्य तलाश रहे युवाओं के लिए यह एक शानदार अवसर है, जहाँ एक ही छत के नीचे कई बड़ी कंपनियाँ और संस्थान कुशल युवाओं का चयन करेंगे। इस मेले का उद्देश्य न केवल युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना है, बल्कि बिहार के स्वास्थ्य ढांचे को भी सशक्त बनाना है।

डिजिटल तरीके से होगा पंजीकरण

मेले में भाग लेने के लिए युवाओं को भटकने की आवश्यकता नहीं है। बिहार सरकार ने पंजीकरण की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल रखा है:

  • इच्छुक अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट https://detjob.bihar.gov.in/registration पर जाकर अपना पंजीकरण करा सकते हैं।
  • सुविधा के लिए विभाग द्वारा एक QR Code भी जारी किया गया है, जिसे मोबाइल से स्कैन करके सीधे रजिस्ट्रेशन पेज पर पहुँचा जा सकता है।

सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी

किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या या मेले से संबंधित अधिक जानकारी के लिए सरकार ने टोल-फ्री नंबर जारी किया है। युवा 1800 296 5656 पर कॉल करके अपनी शंकाओं का समाधान कर सकते हैं।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’ के लिंक पर क्लिक करें ,

||  https://newsbharattv.in  ||


बिहार का ‘सुपर’ एयरपोर्ट! दरभंगा को मिला विद्यापति का नाम और CISF का कवच, और अब इंटरनेशनल बनाने की तैयारी!

बोले— ‘अब दरभंगा से उड़ेगा मखाना!‘, एम्स के लिए जमीन और बजट की होगी समीक्षा और अशोक पेपर मिल पर भी बड़ी खबर!

दरभंगा। मिथिलांचल के विकास में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दरभंगा हवाई अड्डे को लेकर बड़े ऐलानों की झड़ी लगा दी है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि दरभंगा हवाई अड्डा अब कवि कोकिल विद्यापति के नाम से जाना जाएगा। इसके साथ ही एयरपोर्ट की सुरक्षा का जिम्मा अब CISF (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) के अभेद्य कवच के हवाले कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने हुंकार भरते हुए कहा कि अब दरभंगा को इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने की तैयारी है, जिससे यहाँ का विश्वप्रसिद्ध मखाना सीधे वैश्विक बाजारों तक उड़ान भरेगा। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि दरभंगा एम्स के लिए जमीन और राशि की समीक्षा की जा रही है और बंद पड़ी अशोक पेपर मिल की जगह नया उद्योग लगाकर क्षेत्र का कायाकल्प किया जाएगा।

CISF की तैनाती: अब सुरक्षा भी सुपर, सफर भी सुरक्षित

मुख्यमंत्री दरभंगा एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था CISF को हस्तांतरित किए जाने के अवसर पर आयोजित भव्य समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि CISF की तैनाती से यात्रियों को आधुनिक और विश्वसनीय सुरक्षा अनुभव प्राप्त होगा। सुरक्षा हस्तांतरण के इस मौके पर बिहार सरकार के प्रशासनिक अमले के साथ-साथ नागरिक उड्डयन क्षेत्र के बड़े अधिकारी भी मौजूद रहे।

विकास की ट्रिपल इंजनसरकार

संबोधन के दौरान सम्राट चौधरी ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में बिहार में कनेक्टिविटी का परिदृश्य बदला है। उन्होंने कहा, “2005 में जहां बिहार में ढाई लाख हवाई यात्री थे, आज वह 50 लाख हैं और अगले 5 साल में हम इसे 5 करोड़ तक ले जाएंगे।”

मंच पर मौजूद रहे ये दिग्गज (उपस्थिति):

इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ भारी संख्या में जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख नाम निम्नलिखित हैं:

  • संजय झा: कार्यकारी अध्यक्ष, जनता दल यूनाइटेड (JDU) एवं लोकप्रिय नेता।
  • गोपाल जी ठाकुर: माननीय सांसद, दरभंगा।
  • संजय सरावगी: माननीय विधायक, दरभंगा सदर।
  • मदन सहनी: माननीय मंत्री, बिहार सरकार।
  • डॉ. रामचंद्र प्रसाद: माननीय मंत्री, बिहार सरकार।
  • जीवेश मिश्रा: माननीय विधायक एवं पूर्व मंत्री।
  • विनय कुमार चौधरी: माननीय विधायक।
  • राजेश कुमार मंडल: माननीय विधायक।
  • हरि सहनी: माननीय सदस्य, विधान परिषद (पूर्व मंत्री)।
  • सुजीत: माननीय जनप्रतिनिधि।
  • मुरारी मोहन झा: माननीय विधायक।

प्रशासनिक अधिकारी:

  • दीपक कुमार: प्रधान सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय।
  • प्रत्यय अमृत: मुख्य सचिव, बिहार सरकार।
  • विनय कुमार: पुलिस महानिदेशक (DGP), बिहार।
  • पल्बवीर रंजन: महानिदेशक (DG), CISF।
  • विनीता ठाकुर: ADG, CISF।
  • लोकेश कुमार सिंह: सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय।
  • कुमार रवि: स्वास्थ्य सचिव, बिहार सरकार।
  • संतोष: IG, CISF।
  • किम जी: IPS अधिकारी, बिहार कैडर (सम्प्रति CISF)।

मिथिला की संस्कृति और सुपर फूडका संगम

मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि मिथिला की धरती माँ जानकी की जन्मस्थली है। उन्होंने कहा कि यहाँ का मखाना ‘सुपर फूड’ है और कनेक्टिविटी बढ़ने से यहाँ के किसानों और व्यापारियों के लिए दुनिया का मार्केट खुल जाएगा। एम्स की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि 1200 करोड़ की लागत और बिहार सरकार द्वारा दी जा रही अतिरिक्त 400 करोड़ की राशि से इस परियोजना को गति दी जा रही है।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,

||  https://newsbharattv.in  ||

हथियारबंद बदमाशों ने CMS वैन से ₹27 लाख लूटे, कंपनी की लापरवाही पर पुलिस सख्त

गोपालपुर में फिल्मी अंदाज में वारदात: 5 बाइक सवार डकैतों ने घेरी कैश वैन; न ताला बंद था, न शीशे चढ़े थे, पुलिस ने कहा- यह डकैती है!

पटना | 13 मई, 2026 राजधानी के गोपालपुर थाना क्षेत्र में आज दिनदहाड़े अपराधियों ने पुलिस की चौकसी को चुनौती देते हुए सीएमएस (CMS) कंपनी की कैश वैन से 27 लाख रुपये लूट लिए। वारदात उस वक्त हुई जब कंपनी की गाड़ी दुकानों और मॉल्स से कैश कलेक्शन कर लौट रही थी। हथियारबंद अपराधियों ने फिल्मी अंदाज में बाइक से आकर वैन को रोका और चंद मिनटों में डकैती डालकर फरार हो गए।

घटनास्थल पर मुस्तैद: गोपालपुर में कैश वैन लूट कांड के बाद मीडिया को जानकारी देते सिटी एसपी (पूर्वी) परिचय कुमार। उन्होंने कंपनी की लापरवाही को भी वारदात की बड़ी वजह बताया।

लापरवाही की हद: खुला था सेफ, गिरा था शीशा

घटना की सूचना मिलते ही नगर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) परिचय कुमार दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। शुरुआती जांच में कंपनी की ओर से सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी सामने आई है। सिटी एसपी ने बताया कि “प्रथम दृष्टया गाड़ी के शीशे नीचे गिरे हुए थे और गेट भी अंदर से लॉक नहीं था। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस सेफ (तिजोरी) में 27 लाख रुपये रखे थे, उसका ताला भी बंद नहीं किया गया था।”

बिना पुलिस सूचना के खतरनाकरास्ते से ले जा रहे थे कैश

जांच में यह भी पाया गया कि कंपनी ने इतनी बड़ी रकम ले जाने की सूचना स्थानीय थाने को नहीं दी थी। साथ ही, वैन का रूट भी संदिग्ध पाया गया है। एक पतली और ग्रामीण सड़क से कैश वैन ले जाने पर पुलिस ने सवाल उठाए हैं। सिटी एसपी ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन न करने के लिए कंपनी को शो-कॉज‘ (कारण बताओ नोटिस) जारी किया जा रहा है।

पुलिस की कार्रवाई तेज

  • वैज्ञानिक साक्ष्य: घटनास्थल से एफएसएल और तकनीकी विशेषज्ञों ने साक्ष्य जुटाए हैं।
  • CCTV खंगाल रही टीम: पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज और बाइक सवार 5 अपराधियों के भागने के रूट का विश्लेषण कर रही है।
  • पूछताछ: वैन में मौजूद गनमैन, ड्राइवर और कस्टोडियन से गहन पूछताछ जारी है।

“पांच अपराधियों द्वारा हथियार के बल पर वारदात को अंजाम दिया गया है, इसलिए इसे ‘डकैती’ की श्रेणी में रखकर अनुसंधान किया जा रहा है। हम जल्द ही आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज देंगे।” — परिचय कुमार, सिटी एसपी (पूर्वी), पटना

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,

||  https://newsbharattv.in  ||

सम्राट कैबिनेट का महा-फैसला: 18 एजेंडों से बिहार के भविष्य का ‘डिजिटल और औद्योगिक’ कायाकल्प, DA में भारी वृद्धि!

पटना | 13 मई, 2026 विशेष संवाददाता

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में मुख्य सचिवालय स्थित मंत्रिमंडल कक्ष में नवनियुक्त मंत्रियों के साथ पहली ऐतिहासिक बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में सरकार ने 18 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाकर यह साफ कर दिया है कि बिहार अब तकनीक, उद्योग और कर्मचारियों के कल्याण की नई राह पर चल पड़ा है।

 सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को ट्रिपलतोहफा

कैबिनेट ने विभिन्न वेतनमानों के तहत महंगाई भत्ते (DA) में बड़ी वृद्धि की है, जो 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगी:

  • सप्तम वेतनमान: DA 58% से बढ़कर 60% हुआ।
  • षष्ठम वेतनमान: 257% के स्थान पर अब 262% मिलेगा।
  • पंचम वेतनमान: 474% के स्थान पर 483% की दर से भुगतान होगा।
  • विश्लेषण: यह फैसला बढ़ती महंगाई के बीच सरकारी सेवकों की क्रय शक्ति को बढ़ाएगा और राज्य की अर्थव्यवस्था में नकदी का प्रवाह तेज करेगा।

 सुरक्षा और प्रशासन: 5 जिलों में ग्रामीण SP’ की कमान

गृह विभाग ने अपराध एवं सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील जिलों में नियंत्रण के लिए बड़ा प्रशासनिक सृजन किया है:

  • फैसला: पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, मधुबनी, वैशाली और सिवान जिले में पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के 05 नए पदों को मंजूरी दी गई है।
  • विश्लेषण: इन जिलों की विशाल ग्रामीण आबादी तक पुलिस की पहुंच और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए यह एक क्रांतिकारी कदम है।

 औद्योगिक और शिक्षा क्रांति: NIFTEM और नए डिग्री कॉलेज

  • NIFTEM (वैशाली): औद्योगिक क्षेत्र विस्तार हेतु वैशाली में 100 एकड़ भूमि केंद्र सरकार को निशुल्क दी जाएगी ताकि वहां राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी संस्थान की स्थापना हो सके।
  • CISF सेंटर (किशनगंज): किशनगंज के पोठिया में CISF प्रशिक्षण केंद्र के लिए 110.12 एकड़ भूमि निशुल्क हस्तांतरित की गई है।
  • शिक्षा: कॉलेज विहीन प्रखंडों (पिपरासी, भितहा, टेटिया बम्बर) में 3 नए डिग्री कॉलेजों की स्थापना और इसके लिए 132 पदों का सृजन किया गया है।

तकनीक और AI: सिंगापुर के सहयोग से आर्यभट्ट दृष्टि

सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने बिहार को ग्लोबल IT मैप पर लाने के लिए बड़ी योजना बनाई है:

  • फैसला: सिंगापुर की संस्था GFTN के साथ मिलकर ‘The Aryabhata Drishti’ परियोजना शुरू होगी। इसके लिए 209 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
  • विश्लेषण: यह बिहार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का ईकोसिस्टम तैयार करेगा, जिससे स्थानीय युवाओं को राज्य में ही हाई-टेक नौकरियां मिलेंगी।

 परिवहन और पर्यावरण: इलेक्ट्रिक वाहनों पर जोर

  • ई-वाहन नीति: बिहार इलेक्ट्रिक वाहन (संशोधन) नीति, 2026 को मंजूरी मिली।
  • रोजगार: ‘मुख्यमंत्री पर्यावरण अनुकूल परिवहन रोजगार योजना’ के लिए 1.10 अरब रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
  • विश्लेषण: इससे प्रदूषण घटेगा और युवाओं को स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।

अन्य महत्वपूर्ण आर्थिक और प्रशासनिक फैसले

  • ऋण उगाही: वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बाजार ऋण सहित कुल 72,901 करोड़ रुपये की ऋण उगाही की स्वीकृति दी गई ताकि विकास परियोजनाओं को धन की कमी न हो।
  • TCS के साथ करार: वाणिज्य-कर विभाग के सॉफ्टवेयर रखरखाव के लिए टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के साथ करार का नवीनीकरण हुआ।
  • पशुपालन: लखीसराय के चानन में उन्नत पशुपालन हेतु सिमेन स्टेशन के लिए भूमि आवंटित की गई।
  • कठोर कार्रवाई: वित्तीय गबन के आरोपी शिक्षा विभाग के तत्कालीन डीपीओ मो० इरशाद अंसारी को सेवा से बर्खास्त करने की मंजूरी मिली।
  • नगरपालिका: बिहार नगरपालिका योजना सेवा संवर्ग के लिए नई वेतन संरचना स्वीकृत की गई।
  • औद्योगिक नीति: बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज (BIIPP) और 2016 की नीतियों में समय अनुकूल संशोधन किए गए।

यह कैबिनेट बैठक इस मायने में खास है कि इसमें वित्तीय प्रबंधन (ऋण स्वीकृति) से लेकर भविष्य की तकनीक (AI) तक का संतुलन रखा गया है। जहाँ एक तरफ कर्मचारियों को राहत दी गई, वहीं दूसरी तरफ सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के लिए बड़े निवेश का रास्ता साफ किया गया है। सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली यह कैबिनेट बिहार को ‘विकसित राज्य’ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,

||  https://newsbharattv.in  ||


भ्रामक खबरों पर ‘सम्राट’ का प्रहार: बिहार की छवि बिगाड़ने वालों की अब खैर नहीं!

पटना। बिहार के माननीय मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अब एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। लोक सेवक आवास (1 अणे मार्ग) स्थित ‘संकल्प’ सभागार में सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट और कड़े लहजे में निर्देश दिए कि सरकार की योजनाओं का लाभ जनता तक पहुँचे, साथ ही बिहार की छवि से खिलवाड़ करने वालों पर तुरंत लगाम कसी जाए।

पटना स्थित ‘संकल्प’ सभागार में सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी। साथ में मौजूद विभाग के सचिव डॉ० चन्द्रशेखर सिंह एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी।

सोशल मीडिया पर झूठ फैलाने वालों पर गिरेगी गाज

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यदि किसी प्लेटफॉर्म पर राज्य सरकार के खिलाफ कोई तथ्यहीन, भ्रामक या नकारात्मक खबर प्रसारित होती है, तो विभाग मूकदर्शक न बना रहे। उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसी खबरों का पूर्ण तथ्यों के साथ तुरंत खंडन किया जाए ताकि जनता के बीच कोई गलत संदेश न जाए।

बिहार की ब्रांडिंगपर जोर: देश-दुनिया जानेगी बिहार का गौरव

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने बिहार की ऐतिहासिक विरासत और आधुनिक उपलब्धियों को वैश्विक पटल पर रखने की बात कही। उन्होंने कहा:

  • बिहार की खासियत, उपलब्धियां और यहाँ हो रहे बदलावों की जानकारी राज्य के बाहर के लोगों को भी सुगमता से मिलनी चाहिए।
  • जिलों के महत्वपूर्ण स्थलों और आधारभूत संरचनाओं की जानकारी जिलावार डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो।
  • जनता के फीडबैक, सुझाव और शिकायतों पर सरकार की पैनी नजर होनी चाहिए ताकि शासन में पारदर्शिता बनी रहे।

सचिव ने पेश किया भविष्य का रोडमैप

बैठक में विभाग के सचिव डॉ० चन्द्रशेखर सिंह ने वर्तमान कार्यों की अद्यतन स्थिति और आगामी कार्ययोजनाओं का विस्तृत ब्यौरा पेश किया। उन्होंने बताया कि विभाग तकनीक के माध्यम से जनता और सरकार के बीच की दूरी कम करने के लिए प्रतिबद्ध है।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,

||  https://newsbharattv.in  ||

बूढ़े बागों को जवानी और डूबती खेती को नई जिंदगी देने  वाले धरती पुत्र का महाप्रयाण: पंचतत्व में विलीन हुए डॉ. गोपाल जी त्रिवेदी

मुजफ्फरपुर (बंदरा): सादगी की प्रतिमूर्ति और देश के प्रतिष्ठित ‘पद्मश्री’ सम्मान से अलंकृत प्रसिद्ध कृषि विज्ञानी डॉ. गोपाल जी त्रिवेदी अब स्मृतियों में शेष रह गए हैं। बुधवार को मुजफ्फरपुर के बंदरा प्रखंड स्थित उनके पैतृक गांव मतलूपुर में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। बाबा खगेश्वरनाथ पोखर के तट पर उनके ज्येष्ठ पुत्र रमन त्रिवेदी ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान पूरा वातावरण “डॉ. साहब अमर रहें” के नारों से गूंज उठा।

“राजकीय सम्मान: दिवंगत पद्मश्री डॉ. गोपाल जी त्रिवेदी के अंतिम संस्कार के दौरान उपस्थित पुलिस बल और सुरक्षाकर्मी, जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।”

गार्ड ऑफ ऑनर के साथ दी गई अंतिम विदाई राजकीय सम्मान के साथ हुए इस अंतिम संस्कार में दिवंगत आत्मा को पुलिस बल द्वारा ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया। इस भावुक क्षण में प्रखंड विकास पदाधिकारी बंदरा, अंचलाधिकारी बंदरा, हत्था थाना प्रभारी समेत बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद और ग्रामीण मौजूद रहे। नम आंखों से सभी ने उस महान विभूति को विदाई दी, जिसने कृषि जगत को नई ऊंचाइयां प्रदान कीं।

वैज्ञानिक नहीं, ‘खेती के ऋषिथे डॉ. त्रिवेदी डॉ. राजेंद्र प्रसाद कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के पूर्व कुलपति रहे डॉ. त्रिवेदी केवल फाइलों और प्रयोगशालाओं तक सीमित रहने वाले वैज्ञानिक नहीं थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन जमीन पर उतरकर किसानों की समस्याओं को हल करने में बिताया। जब मुजफ्फरपुर की पहचान ‘शाही लीची’ के पुराने बाग दम तोड़ रहे थे, तब उनकी ‘कैनोपी मैनेजमेंट’ तकनीक ने बूढ़े पेड़ों को नई जवानी दी। वहीं, उत्तर बिहार के जलजमाव वाले क्षेत्रों के लिए उनकी ‘बाबा परियोजना’ (बिहार एक्वाकल्चर बेस्ड एग्रीकल्चर) ने आपदा को अवसर में बदलते हुए मछली, मखाना और सिंघाड़े की खेती का सफल मॉडल पेश किया।

“अंतिम विदाई: बाबा खगेश्वरनाथ पोखर के समीप डॉ. त्रिवेदी को श्रद्धांजलि देने पहुंचे उनके स्वजन, ग्रामीण और प्रशासनिक अधिकारी।”

कुलपति से प्रगतिशील किसान तक का अनूठा सफर डॉ. त्रिवेदी का जीवन प्रेरणा की एक जीवंत कहानी है। पिता के निधन के बाद खेती की कमान संभालने से लेकर कृषि विज्ञान में पीएचडी और फिर कुलपति के पद तक पहुँचने के बाद भी उनकी जड़ें मिट्टी से जुड़ी रहीं। रिटायरमेंट के बाद उन्होंने आराम करने के बजाय गांव लौटकर 85 एकड़ में खेती का आधुनिक मॉडल खड़ा किया, जो आज भी देशभर के किसानों के लिए एक तीर्थ के समान है।

उनके जाने से न केवल बिहार, बल्कि पूरे देश के कृषि जगत में एक ऐसा शून्य पैदा हो गया है, जिसे भरना असंभव है।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,

||  https://newsbharattv.in  ||


बिहार में शिक्षा क्रांति! :एक साथ खुले 37 सरकारी डिग्री कॉलेज, BRABU ने जारी की ‘प्रोफेसर-इन-चार्ज’ की पहली लिस्ट

मुजफ्फरपुर: बिहार के उच्च शिक्षा जगत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारते हुए बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर बिहार यूनिवर्सिटी (BRABU) ने एक ऐतिहासिक अधिसूचना जारी की है । बिहार सरकार के उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार, शैक्षणिक सत्र 2026-27 से 37 नए स्थापित राजकीय डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई शुरू होने जा रही है ।

कुलपति के आदेश पर रजिस्ट्रार ने देर रात पत्र जारी कर सभी 37 कॉलेजों में प्रोफेसर-इन-चार्ज‘ (प्रभारी प्राचार्य) की नियुक्ति कर दी है । इन सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपने नए केंद्रों पर योगदान देने और क्लास शुरू कराने का सख्त निर्देश दिया गया है ।

इन जिलों में मचेगी धूम, छात्र अब अपने ब्लॉक में पढ़ेंगे

इस अधिसूचना के तहत पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर, शिवहर, सीतामढ़ी, वैशाली और पश्चिमी चंपारण जैसे जिलों के सुदूर ग्रामीण इलाकों (ब्लॉक) में उच्च शिक्षा का उजियारा फैलेगा । अधिसूचना के अनुसार, सभी नियुक्त प्रभारी प्राचार्यों को निर्देश दिया गया है कि वे स्थानीय जिला प्रशासन से समन्वय कर भवन, बिजली, पानी और फर्नीचर जैसी बुनियादी सुविधाएं जल्द से जल्द सुनिश्चित करें ।

सरकारी कॉलेजों की पूरी सूची और नियुक्त प्रभारी (Professor-In-Charge)

क्र.सं.जिलाब्लॉकराजकीय डिग्री महाविद्यालय का नामनियुक्त प्रभारी प्राचार्य (नाम एवं विभाग)
1पूर्वी चंपारणसंग्रामपुरराजकीय डिग्री महाविद्यालय, संग्रामपुरडॉ. राकेश रंजन, राजनीति विज्ञान विभाग
2पूर्वी चंपारणमेहसीराजकीय डिग्री महाविद्यालय, मेहसीडॉ. आशुतोष कुमार सिंह, भौतिकी विभाग
3पूर्वी चंपारणबंजरियाराजकीय डिग्री महाविद्यालय, बंजरियाप्रो. प्रेमानंद, वाणिज्य विभाग
4पूर्वी चंपारणपिपराकोठीराजकीय डिग्री महाविद्यालय, पिपराकोठीप्रो. मनोज कुमार, संस्कृत विभाग
5पूर्वी चंपारणसुगौलीराजकीय डिग्री महाविद्यालय, सुगौलीडॉ. अजय कुमार, भौतिकी विभाग
6पूर्वी चंपारणतुरकौलियाराजकीय डिग्री महाविद्यालय, तुरकौलियाडॉ. दुर्गेश मणि तिवारी, अर्थशास्त्र विभाग
7पूर्वी चंपारणतेतरियाराजकीय डिग्री महाविद्यालय, तेतरियाप्रो. सुरेंद्र राय, भौतिकी विभाग
8पूर्वी चंपारणपताहीराजकीय डिग्री महाविद्यालय, पताहीप्रो. मकबूल हुसैन, भौतिकी विभाग
9पूर्वी चंपारणफेनहाराराजकीय डिग्री महाविद्यालय, फेनहाराप्रो. बिंदा राम, मनोविज्ञान विभाग
10पूर्वी चंपारणरामगढ़वाराजकीय डिग्री महाविद्यालय, रामगढ़वाप्रो. पवन कुमार यादव, राजनीति विज्ञान विभाग
11पूर्वी चंपारणआदापुरराजकीय डिग्री महाविद्यालय, आदापुरप्रो. सुनील कुमार सिंह, दर्शनशास्त्र विभाग
12पूर्वी चंपारणघोड़ासहनराजकीय डिग्री महाविद्यालय, घोड़ासहनप्रो. आर.एन. ओझा, अर्थशास्त्र विभाग
13पूर्वी चंपारणबनकटवाराजकीय डिग्री महाविद्यालय, बनकटवाप्रो. श्याम रंजन, दर्शनशास्त्र विभाग
14पूर्वी चंपारणपकड़ीदयालराजकीय डिग्री महाविद्यालय, पकड़ीदयालडॉ. कृष्णा कुमार, राजनीति विज्ञान विभाग
15पूर्वी चंपारणचिरैयाराजकीय डिग्री महाविद्यालय, चिरैयाप्रो. एस.एस. प्रसाद, दर्शनशास्त्र विभाग
16मुजफ्फरपुरऔराईराजकीय डिग्री महाविद्यालय, औराईडॉ. रमेश कुमार विश्वकर्मा, दर्शनशास्त्र
17मुजफ्फरपुरगायघाटराजकीय डिग्री महाविद्यालय, गायघाटडॉ. पयोलि, दर्शनशास्त्र विभाग
18मुजफ्फरपुरबोचहांराजकीय डिग्री महाविद्यालय, बोचहांडॉ. मानिकेश कुमार, मनोविज्ञान विभाग
19शिवहरडुमरी कटसरीराजकीय डिग्री महाविद्यालय, डुमरी कटसरीडॉ. विजय कुमार, गणित विभाग
20शिवहरपिपराहीराजकीय डिग्री महाविद्यालय, पिपराहीप्रो. राजीव झा, हिंदी विभाग
21शिवहरपुरनहियाराजकीय डिग्री महाविद्यालय, पुरनहियाप्रो. जयकांत सिंह, भोजपुरी विभाग
22सीतामढ़ीबाजपट्टीराजकीय डिग्री महाविद्यालय, बाजपट्टीप्रो. रामेश्वर राय, संस्कृत विभाग
23सीतामढ़ीबोखराराजकीय डिग्री महाविद्यालय, बोखराप्रो. विजय कुमार, इतिहास विभाग
24सीतामढ़ीचोरौतराजकीय डिग्री महाविद्यालय, चोरौतप्रो. राजेंद्र प्रसाद, भौतिकी विभाग
25सीतामढ़ीमेजरगंजराजकीय डिग्री महाविद्यालय, मेजरगंजप्रो. किरण कुमारी, दर्शनशास्त्र विभाग
26सीतामढ़ीनानपुरराजकीय डिग्री महाविद्यालय, नानपुरप्रो. राजेश सिन्हा, दर्शनशास्त्र विभाग
27सीतामढ़ीपरसौनीराजकीय डिग्री महाविद्यालय, परसौनीप्रो. मधुर कुमार, अंग्रेजी विभाग
28सीतामढ़ीरुन्नी सैदपुरराजकीय डिग्री महाविद्यालय, रुन्नी सैदपुरडॉ. अरविंद कुमार, मनोविज्ञान विभाग
29सीतामढ़ीसोनबरसाराजकीय डिग्री महाविद्यालय, सोनबरसाप्रो. सुनील कुमार, अर्थशास्त्र विभाग
30सीतामढ़ीसुप्पीराजकीय डिग्री महाविद्यालय, सुप्पीप्रो. जेड.ए. सुल्तान, अर्थशास्त्र विभाग
31वैशालीपटेढ़ी बेलसरराजकीय डिग्री महाविद्यालय, पटेढ़ी बेलसरडॉ. रेशमा सुल्ताना, दर्शनशास्त्र विभाग
32प. चंपारणमझौलियाराजकीय डिग्री महाविद्यालय, मझौलियाप्रो. प्रदीप कुमार चौधरी, भौतिकी विभाग
33प. चंपारणचनपटियाराजकीय डिग्री महाविद्यालय, चनपटियाप्रो. संजय कुमार सुमन, इतिहास विभाग
34प. चंपारणबैरियाराजकीय डिग्री महाविद्यालय, बैरियाप्रो. बिपिन कुमार राय, राजनीति विज्ञान
35प. चंपारणसिकटाराजकीय डिग्री महाविद्यालय, सिकटाडॉ. हामिद अली खान, उर्दू विभाग
36प. चंपारणयोगापट्टीराजकीय डिग्री महाविद्यालय, योगापट्टीडॉ. दिग्विजय प्रसाद यादव, अर्थशास्त्र विभाग
37प. चंपारणठकराहांराजकीय डिग्री महाविद्यालय, ठकराहांडॉ. रेखा श्रीवास्तव, मनोविज्ञान विभाग

पत्र का मुख्य विवरण (अधिसूचना सारांश):

  • अधिसूचना संख्या: 3/2315, दिनांक: 12/05/2026
  • मुख्य आदेश: विवि के रजिस्ट्रार द्वारा जारी इस पत्र के अनुसार सभी नियुक्त शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से अपनी वर्तमान जिम्मेदारियों से मुक्त होकर नए कॉलेजों में प्रशासनिक और शैक्षणिक कमान संभालने को कहा गया है।
  • लक्ष्य: ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को सत्र 2026-27 से उच्च शिक्षा की सुविधा प्रदान करना।
  • चेतावनी: पत्र में स्पष्ट उल्लेख है कि कर्तव्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता को गंभीरता से लिया जाएगा और नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  न्‍यूज भारत टीवी के लिंक पर क्लिक करें ,

||  https://newsbharattv.in  ||