सकरा (मुजफ्फरपुर ) : सकरा थाना क्षेत्र के दुबहा के पास टोटो से जा रही महिला से हुई दिनदहाड़े छिनतई मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के भीतर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल 02 कुख्यात अपराधियों को धर दबोचा है। पकड़े गए बदमाशों के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक और महिला से छीनी गई दो सोने की जिउतिया भी बरामद कर ली गई है।
घटना की जानकारी देते अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (पूर्वी-02) मनोज कुमार सिंह एवं अन्य पुलिस पदाधिकारी
टोटो सवार महिला बनी थी शिकार
मिली जानकारी के अनुसार, 24 अगस्त 2024 को दुबहा के समीप टोटो पर सवार होकर जा रही एक महिला को बाइक सवार दो अपराधियों ने निशाना बनाया था। बाइक पर सवार शातिर अपराधियों ने झपट्टा मारकर महिला के गले से सोने का जेवर छीन लिया और फरार हो गए। इस संबंध में पीड़िता के आवेदन के आधार पर सकरा थाना कांड संख्या 511/24 दर्ज कर पुलिस ने मामले की गहन तफ्तीश शुरू की।
एसएसपी के निर्देश पर बनी विशेष टीम
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देशन एवं ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के अनुश्रवण में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। इस विशेष टीम में थानाध्यक्ष सकरा के साथ पुलिस बल के जवानों को शामिल किया गया। टीम ने मानवीय सूचना तंत्र (ह्यूमन इंटेलिजेंस) और तकनीकी साक्ष्यों (टेक्निकल इनपुट) के आधार पर त्वरित कार्रवाई शुरू की।
जख्मी हालत में धराया मुख्य आरोपी, दूसरा घर से दबोचा गया
पुलिस को मिली सटीक जानकारी के आधार पर छापेमारी कर कांड के मुख्य अभियुक्त मोहम्मद साहिल को जख्मी हालत में गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से घटना में इस्तेमाल की गई पल्सर बाइक (बीआर 01 केएफ 5589) जब्त की गई। पूछताछ और स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर पुलिस ने दूसरे आरोपी अमित कुमार उर्फ सन्नी को भी उसके घर से गिरफ्तार कर लिया।
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (पूर्वी-02) मनोज कुमार सिंह ने बताया कि पीड़िता के पुनः बयान में यह स्पष्ट हुआ कि उनके सिर्फ दो सोने के जिउतिया छीने गए थे, जिसे पुलिस ने सफलतापूर्वक बरामद कर लिया है।
सकरा थाना पुलिस की गिरफ्त में छिनतई कांड का गिरफ्तार अभियुक्त मोहम्मद साहिल और कार्रवाई में शामिल पुलिसकर्मी।
गिरफ्तार अपराधियों का रहा है लंबा आपराधिक इतिहास
पुलिस पड़ताल में सामने आया है कि गिरफ्तार दोनों बदमाशों का पुराना और गंभीर आपराधिक इतिहास रहा है:
मोहम्मद साहिल: इसके विरुद्ध जंदाहा थाना क्षेत्र में छिनतई और आर्म्स एक्ट (हथियार कानून) से जुड़े कम से कम 04 गंभीर मामले दर्ज हैं।
अमित कुमार उर्फ सन्नी: इसके खिलाफ राजापाकर थाना क्षेत्र में आपराधिक मामले दर्ज हैं।
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बिदुपुर/पटना: बिहार के शिक्षा जगत में क्रांति लाने और विद्यार्थियों की समस्याओं का पलक झपकते निपटारा करने के लिए राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। वैशाली जिले के बिदुपुर स्थित बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में सात निश्चय-3 के तहत ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ अभियान के अंतर्गत ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ का भव्य शुभारंभ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा किया गया। इस दौरान उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि विद्यार्थियों की हर समस्या का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बिदुपुर स्थित बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ के शुभारंभ के अवसर पर छात्र-छात्राओं की समस्याएं सुनते और उनसे संवाद करते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी व अन्य।
अब हर महीने के चौथे मंगलवार को लगेगा ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’
घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि अब बिहार के सभी शिक्षण संस्थानों में हर महीने के चौथे मंगलवार को ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर में छात्र-छात्राओं की शैक्षणिक व्यवस्था, परीक्षा, छात्रावास, शुद्ध पेयजल, शौचालय, कैंटीन और इंटरनेट जैसी हर छोटी-बड़ी समस्या और सुझावों की सीधी सुनवाई होगी।
टोल फ्री नंबर 1100 और ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च, 30 दिन में अंतिम फैसला
विद्यार्थियों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़े, इसके लिए ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ और हेल्पलाइन नंबर 1100 की शुरुआत की गई है। इसके जरिए छात्र अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे और अपनी शिकायत की स्थिति (स्टेटस) भी देख सकेंगे। सरकार ने अधिकारियों को कड़ा निर्देश जारी करते हुए कहा है कि किसी भी शिकायत का हर हाल में अधिकतम 30 दिनों के भीतर अंतिम निराकरण (समाधान) सुनिश्चित किया जाए।
मात्र 10 रुपये में बन रहे इंजीनियर, हॉस्टल और 24 घंटे बिजली का मिला आदेश
छात्रों से सीधे संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने गर्व से कहा कि बिहार पूरे देश में एक अनोखा राज्य है, जहां छात्र मात्र 10 रुपये में इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर रहे हैं। संवाद के दौरान विद्यार्थियों की मांगों पर संज्ञान लेते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वैशाली के राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय में इंटरनेट कनेक्टिविटी और 24 घंटे निर्बाध बिजली सुनिश्चित की जाए। साथ ही, जब तक सभी विद्यार्थियों के लिए हॉस्टल की स्थायी व्यवस्था नहीं बन जाती, तब तक तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
इंजीनियरिंग कॉलेजों और अंबेडकर छात्रावासों में खुलेंगे ‘जन औषधि केंद्र’
छात्रों के आग्रह पर मुख्यमंत्री ने तुरंत फैसला सुनाते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि इंजीनियरिंग कॉलेज कैंपस के आसपास प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोलने के लिए जगह तय की जाए। इतना ही नहीं, राज्य के सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों, पॉलिटेक्निक संस्थानों और अंबेडकर छात्रावासों में भी जन औषधि केंद्र खोले जाएंगे, जिससे छात्रों के साथ-साथ आम लोगों को भी सस्ती दवाइयां मिल सकेंगी।
छात्रों के नए इनोवेशन से लगेंगे स्टार्टअप, खुद घूमकर देखीं लैब्स
मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्र-छात्राओं द्वारा तैयार किए जा रहे प्रोजेक्ट्स और नए आविष्कारों (इनोवेशन) को सीधे ‘स्टार्टअप’ से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कॉलेज के प्रशासनिक-सह-शैक्षणिक भवन के भूतल पर उद्योग विभाग और जिला निबंधन-सह-परामर्श केंद्र द्वारा लगाए गए स्टॉलों का जायजा लिया। इसके बाद तृतीय तल पर जाकर क्लास रूम, म्यूजिक रूम, सेमिनार हॉल, स्टार्टअप सेल, एंटरप्रेन्योरशिप सेल और प्रयोगशालाओं का खुद निरीक्षण किया तथा छात्रों से बातचीत कर उनका हौसला बढ़ाया। इससे पूर्व उन्होंने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का आगाज किया।
मौके पर मौजूद रहे ये दिग्गज एवं वरिष्ठ अधिकारी
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री सह वैशाली के प्रभारी मंत्री निशांत कुमार, विज्ञान प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री शीला कुमारी, पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन, जदयू के प्रदेश अध्यक्ष सह विधायक उमेश सिंह कुशवाहा, विधायक सिद्धार्थ पटेल, विधायक संजय कुमार सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
वहीं प्रशासनिक स्तर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विज्ञान प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव हिमांशु शर्मा, तिरहुत प्रक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक चंदन कुशवाहा, वैशाली की जिलाधिकारी वर्षा सिंह, वैशाली के पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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सामूहिक ज़कात व्यवस्था से मिटेगा अभाव; सिलाई मशीन और साइकिल ठेला पाकर खिले ज़रूरतमंदों के चेहरे
विशेष संवाददाता, मुज़फ़्फ़रपुर : शहर के चंदवारा स्थित रॉयल ग्रैंड मैरिज हॉल में ज़कात सेंटर इंडिया, मुज़फ़्फ़रपुर यूनिट के तत्वावधान में एक प्रभावकारी एवं प्रेरणादायक ज़कात तक़सीम (वितरण) कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मूल उद्देश्य केवल तात्कालिक आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि समाज के कमज़ोर वर्ग को आत्मनिर्भर बनाकर गरीबी के चक्र से बाहर निकालना रहा।
चंदवारा स्थित रॉयल ग्रैंड मैरिज हॉल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विचार व्यक्त करते ज़बीउल्लाह नदवी। मंच पर उपस्थित संस्था के अन्य सदस्य।
पवित्र कुरआन की पाठ से आग़ाज़, सेक्रेटरी ने पेश की प्रगति रिपोर्ट
कार्यक्रम की शुरुआत सगीर क़ासमी की तिलावते कलाम-ए-पाक (पवित्र कुरआन के पाठ) से हुई। इसके उपरांत ज़कात सेंटर इंडिया, मुज़फ़्फ़रपुर यूनिट के सेक्रेटरी सैयद अहमद ने संस्था की पिछले वर्ष की कार्य-प्रगति रिपोर्ट सभा के समक्ष रखी। उन्होंने ज़कात सेंटर द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियों और भावी योजनाओं का पूरा ब्योरा पेश किया।
सामूहिक व्यवस्था से ही संभव है गरीबी का उन्मूलन: ज़बीउल्लाह नदवी
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे ज़बीउल्लाह नदवी ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में ज़कात की अहमियत और उसके सामूहिक निज़ाम की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा, “हम जिनके उम्मत हैं, उन हज़रत मुहम्मद ने नमाज़ के साथ-साथ ज़कात अदा करने की बार-बार ताकीद फ़रमाई है। ज़कात सिर्फ़ व्यक्तिगत स्तर पर देने की चीज़ नहीं है, बल्कि एक सुव्यवस्थित और पारदर्शी सामूहिक व्यवस्था के ज़रिए इसे सही हक़दारों तक पहुँचाना बेहद ज़रूरी है।”
ज़कात सेंटर इंडिया, मुज़फ़्फ़रपुर यूनिट द्वारा ज़रूरतमंदों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रदान किए गए नए साइकिल ठेले।
उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि समाज से सामूहिक ज़कात का निज़ाम धीरे-धीरे लुप्त हो रहा है। इसे पुनः स्थापित करने में उलेमा-ए-किराम की भूमिका निर्णायक है। जिस प्रकार इमाम और ख़तीब मिम्बर व मेहराब से नमाज़ की ताकीद करते हैं, उसी प्रकार ज़कात के सामूहिक निज़ाम की भी जागरूकता फैलाएँ। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि हज़रत मुहम्मद के दौर-ए-मुबारक की तर्ज़ पर ज़कात की व्यवस्था कायम की जाए, तो समाज से लाचारी और गरीबी को जड़ से मिटाया जा सकता है।
55 परिवारों को मिला खुद के रोज़गार का अवसर
समारोह के दौरान 55 ज़रूरतमंद लोगों को स्वावलंबन और सम्मानजनक रोज़गार से जोड़ने के लिए ज़कात की राशि और साधन वितरित किए गए:
10 ज़रूरतमंदों को सिलाई मशीनें प्रदान की गईं, ताकि वे घर या छोटे स्तर पर सिलाई के ज़रिए स्थायी आमदनी का साधन बना सकें।
9 लोगों को साइकिल रिक्शा (ठेला) सौंपा गया, ताकि वे अपनी मेहनत से रोज़ी-रोटी अर्जित कर सकें।
36 अन्य लाभार्थियों को उनकी व्यावसायिक योजनाओं के अनुसार वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराया गया।
गणमान्य नागरिकों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में महिलाओं और पुरुषों को मिलाकर लगभग 110 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर शहर के सम्मानित बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता और मिल्ली हस्तियाँ मौजूद रहीं। कार्यक्रम को सफल बनाने में हामिद हुसैन, सरफ़राज़ आलम, इजाज़ अहमद, हैदर अली, जुनैदुल्लाह सहित कई कार्यकर्ताओं और ज़िम्मेदार लोगों का विशेष योगदान रहा। अंत में संस्था ने सभी का आभार प्रकट करते हुए इस अभियान को और व्यापक बनाने का संकल्प लिया।
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ताजपुर/समस्तीपुर। बिहार ग्रामीण बैंक, ताजपुर शाखा से साइबर धोखाधड़ी और खाते से अनधिकृत निकासी का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बैंक के एक खाताधारक के खाते से बिना किसी सहमति या जानकारी के हजारों रुपये गायब हो गए हैं। इस घटना के बाद से क्षेत्र के बैंक ग्राहकों में हड़कंप मच गया है।
साइबर क्राइम थाना, समस्तीपुर में दर्ज कराई गई लिखित शिकायत की प्रति हाथ में लेकर न्याय की गुहार लगाता पीड़ित खाताधारक प्रवीन्द कुमार महतो।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ताजपुर प्रखंड के भेरोखड़ा गांव निवासी प्रवीन्द कुमार महतो का खाता बिहार ग्रामीण बैंक की ताजपुर शाखा में है। पीड़ित प्रवीण कुमार महतो ने बताया कि उनके खाते से 19 जुलाई, 23 जुलाई, 24 जुलाई, 25 जुलाई और 24 अगस्त 2026 को मिलाकर कुल 30,700 रुपये की अवैध निकासी कर ली गई। हैरानी की बात यह है कि यह पूरा लेन-देन पीड़ित की बिना अनुमति के हुआ।
जब प्रवीण कुमार महतो ने बैंक जाकर अपना बैंक स्टेटमेंट निकलवाया, तब जाकर उन्हें इस बड़े फर्जीवाड़े की जानकारी मिली। पीड़ित ने आशंका जताई है कि उनके बैंक खाते और गोपनीय विवरणों का अनधिकृत उपयोग कर इस घटना को अंजाम दिया गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित प्रवीण कुमार महतो ने समस्तीपुर साइबर क्राइम थाना में लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। इसके साथ ही उन्होंने बिहार ग्रामीण बैंक, ताजपुर शाखा के प्रबंधक को भी आवेदन सौंपकर मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और उड़ाए गए रुपये वापस दिलाने की मांग की है।
इधर, स्थानीय प्रतिनिधि सुरेंद्र प्रसाद सिंह और किसान नेता ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह ने भी इस मामले में त्वरित और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने अंदेशा जताया कि इस तरह की फर्जी निकासी में बैंककर्मियों की संलिप्तता की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने प्रशासन से दोषियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करने और पीड़ित खाताधारक को उसकी गाढ़ी कमाई की राशि जल्द से जल्द वापस कराने की मांग की है। साथ ही यह चेतावनी भी दी गई है कि यदि मामले का जल्द निष्पादन कर पीड़ित को न्याय नहीं मिला, तो स्थानीय स्तर पर बैंक शाखा के समक्ष विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा।
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मुजफ्फरपुर। ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र में बहुचर्चित दंपती हत्या और रहस्यमय ढंग से लापता होने के सनसनीखेज मामले का मुजफ्फरपुर पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। रिश्तों को तार-तार कर देने वाले इस मामले में जमीन बंटवारे के विवाद में सगे छोटे भाई ने ही अपने बड़े भाई मनोज भगत और भाभी की बेरहमी से हत्या कर दी। हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने साक्ष्य छिपाने की नीयत से दोनों शवों को कंबल में लपेटकर कार से बोचहां थाना क्षेत्र के कर्णपुर उत्तरी स्थित एक सुनसान जगह पर फेंक दिया था। पुलिस ने आरोपी को बनारस (वाराणसी) से गिरफ्तार कर लिया है।
मुजफ्फरपुर में ब्रह्मपुरा दंपती हत्याकांड का पर्दाफाश करते पुलिस अधीक्षक (नगर) मो मोहिबुल्लाह अंसारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (नगर-02) विनीता व अन्य पुलिस अधिकारी। पीछे पुलिस की गिरफ्त में आंखों पर पट्टी बांधे खड़ा आरोपी भाई अविनाश कुमार उर्फ अनुज कुमार।
19 मई की रात रची गई खूनी साजिश
मामले का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक (नगर) मो मोहिबुल्लाह अंसारी ने प्रेसवार्ता में बताया कि 19 मई 2026 की रात्रि जमीन बंटवारे के पारिवारिक विवाद को लेकर आरोपी अविनाश कुमार उर्फ अनुज कुमार का अपने बड़े भाई और भाभी से विवाद हुआ। इसके बाद उसने चीनी मिट्टी की भारी मूर्ति से प्रहार कर दोनों की निर्मम हत्या कर दी।
अगली सुबह (20 मई) करीब 3 बजे आरोपी कार से दोनों शवों को कंबल में लपेटकर कर्णपुर उत्तरी की तरफ ले गया और सुनसान इलाके में फेंक दिया।
बेटी और बहन ने दर्ज कराई थी शिकायत
दंपती से संपर्क न होने पर 22 मई 2026 को वादिनी शेफाली ने ब्रह्मपुरा थाने में माता-पिता के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर ब्रह्मपुरा थाना कांड संख्या 160/26 दर्ज किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देशन, पुलिस अधीक्षक (नगर) के अनुश्रवण और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (नगर-02) विनीता के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया। टीम में ब्रह्मपुरा थाना प्रभारी और जिला सूचना इकाई के सदस्य शामिल थे।
पुलिस को गुमराह करने के लिए 4 जून 2026 को मृतक की बहन सारिका देवी से आरोपी छोटे भाई अविनाश कुमार उर्फ अनुज कुमार के भी लापता होने की शिकायत दर्ज कराई गई (कांड संख्या 178/26)।
एफएसएल जांच और सीसीटीवी फुटेज से खुला राज
जांच के दौरान गठित टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी अनुसंधान और फॉरेंसिक (एफएसएल) टीम की मदद ली। सरिका देवी के घर से बरामद कार की तलाशी लेने पर उसमें खून के अंश पाए गए। एफएसएल टीम ने साक्ष्य संकलित किए।
सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग से पता चला कि घटना वाली रात कार और मृतकों का मोबाइल बोचहां थाना क्षेत्र की ओर गया था। इसके बाद अविनाश कुमार उर्फ अनुज कुमार पर शक गहरा गया।
बनारस से हत्थे चढ़ा कातिल, साधु के भेष में छिपा था
घटना के बाद आरोपी लगातार पुलिस की पकड़ से बचने के लिए अपने ठिकाने बदलता रहा। वह धार्मिक स्थलों और पहाड़ी क्षेत्रों में घूम-घूमकर पहचान छिपाता रहा। आखिरकार 23 अगस्त 2026 को पुलिस टीम ने उसे वाराणसी (बनारस) से धर दबोचा। कड़ी पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
मामले में बरामदगी:
घटना में प्रयुक्त कार/वाहन: 01
हत्या में प्रयुक्त चीनी मिट्टी की मूर्ति: 01
मोबाईल: 02
शव ले जाने में प्रयुक्त इंडिका कार: 01
शव लपेटने में प्रयुक्त कंबल: 01
वाहन का मैट
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पूर्व प्रत्याशी अर्जुन राम ने खड़े किए सवाल- कहा- ‘राम विलास, मांझी और अशोक चौधरी के संपन्न परिवारों को क्यों मिले आरक्षण?’
‘कई पीढ़ियों से मलाई काट रहे संपन्न परिवार, असली शोषित आज भी वंचित’, ‘अफसरों-मंत्रियों की संतानों को छोड़ना होगा हक, तभी पूरा होगा बाबा साहेब का सामाजिक न्याय’
सियासत के नए ध्रुवीकरण का आगाज
मुजफ्फरपुर / सकरा: बिहार का राजनीतिक तापमान एक बार फिर उफान पर है, लेकिन इस बार वजह कोई चुनाव नहीं बल्कि आरक्षण के बुनियादी स्वरूप को लेकर उठा गंभीर यक्ष प्रश्न है। मुजफ्फरपुर जिले के प्रतिष्ठित सकरा विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के पूर्व विधायक प्रत्याशी अर्जुन राम के एक तीखे बयान (पोस्ट) ने पूरे प्रदेश के राजनीतिक हलकों में खलबली मचा दी है। अर्जुन राम ने अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) श्रेणी के आरक्षण के भीतर ‘क्रीमी लेयर’ लागू करने की पुरजोर पैरवी की है।
एससी/एसटी आरक्षण में क्रीमी लेयर लागू करने की मांग करने वाले भाजपा नेता एवं सकरा विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी अर्जुन राम।
उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विधिवत पत्र भेजकर और सोशल मीडिया के जरिए खुले तौर पर मांग की है कि आरक्षण का आधार केवल जन्म या जाति न होकर जरूरत होना चाहिए। उनके इस बयान ने बिहार के दशकों पुराने उस बने-बनाये राजनीतिक समीकरण को झकझोर कर रख दिया है, जहाँ दलित राजनीति के कुछ चुनिंदा घराने ही पीढ़ियों से सत्ता और संसाधनों के केंद्र में रहे हैं।
पत्रकारिता के तीखे सवाल और बेबाक जवाब
न्यूज़ भारत टीवी के विशेष साक्षात्कार के दौरान जब पत्रकार ने अर्जुन राम से सीधे सवाल दागे और यह पूछा कि आरक्षण जैसे अत्यंत संवेदनशील और ज्वलंत मुद्दे को छूना आग में घी डालने जैसा है, तो अर्जुन राम ने बिना किसी झिझक के बेहद कड़े और तार्किक शब्दों में अपना पक्ष रखा।
पत्रकार के यह पूछने पर कि क्या यह बयान किसी तात्कालिक राजनीतिक उत्साह का नतीजा है या किसी गहरी रणनीति का हिस्सा, अर्जुन राम ने अत्यंत स्पष्टता से कहा कि वे पूरी सोच-समझ के साथ और समाज के सबसे पिछड़े व्यक्ति की आवाज बनकर यह बात उठा रहे हैं। उन्होंने साफ कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को सच बोलने और नीतिगत सुधार की मांग करने का पूरा अधिकार है।
विरासत की राजनीति और प्रशासनिक अभिजात वर्ग पर सीधा हमला
अर्जुन राम ने अपने साक्षात्कार में किसी प्रकार का राजनीतिक लाग-लपेट न रखते हुए सीधे तौर पर बिहार और देश की राजनीति के उन बड़े चेहरों के नाम लिए, जो दलित राजनीति के झंडाबरदार माने जाते हैं। उन्होंने खुलकर कहा:
सियासत के नए ध्रुवीकरण का आगाज
“यह किसी के खिलाफ लड़ाई नहीं, बल्कि अपने ही गरीब भाई को उसका वाजिब अधिकार दिलाने का धर्मयुद्ध है। आप ही बताइए, राम विलास पासवान के बेटे, जीतन राम मांझी का परिवार या फिर सकरा के अशोक चौधरी के परिवार जैसे बेहद समृद्ध और शक्तिशाली लोगों को आज भी आरक्षण की बैसाखी की क्या जरूरत है? जो परिवार पिछले चार-पाँच दशकों से लगातार विधानसभा, संसद, केंद्रीय मंत्रिमंडल, और प्रशासनिक सेवाओं में काबिज हैं, उनके बच्चे देश-विदेश के महंगे संस्थानों में पढ़ रहे हैं। क्या ऐसे सक्षम परिवारों के बच्चों को अब भी जाति के नाम पर कोटा मिलना चाहिए? इन नेताओं और भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के बच्चों को अब सामान्य श्रेणी की सीटों पर अपनी योग्यता के बल पर चुनाव लड़ना और नौकरियां हासिल करनी चाहिए। उन्हें अपने ही गरीब दलित भाइयों के लिए यह जगह खाली करनी होगी।”
असली शोषित कौन? खाली जेब और खाली रसोई का दर्द
अर्जुन राम ने सामाजिक व्यवस्था के उस नग्न सच को उजागर किया जिसे अक्सर मुख्यधारा की राजनीति में नजरअंदाज कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि असली छुआछूत, सामाजिक अपमान और आर्थिक तंगी का दंश वह गरीब, कामगार, मोची, दिहाड़ी मजदूर और भूमिहीन किसान झेलता है, जो गांव के अंतिम छोर पर स्थित झोपड़ी में जिंदगी गुजार रहा है।
शिक्षा और कोचिंग से महरूम गांव का बच्चा: अर्जुन राम का कहना है कि आज भी दूर-दराज के देहातों में रहने वाले दलित मजदूर का बच्चा बिना किताबों, बिना बिजली और बिना किसी कोचिंग के अपनी जिंदगी से जंग लड़ रहा है। उसे यह तक नहीं पता कि आरक्षण किस चिड़िया का नाम है।
आरक्षण के लाभ का असमान वितरण: आरक्षण की मलाई केवल वही 5% संपन्न वर्ग काट रहा है जो पहले से ही शहरों में बस चुका है और जिसके पास अपार संसाधन हैं। 95% गरीब और शोषित आज भी वहीं खड़े हैं जहाँ वे सात दशक पहले थे।
सामाजिक छुआछूत का कड़वा सच: जो आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर या मंत्री बन चुके हैं, समाज में उनके परिवार के साथ कोई भेदभाव नहीं होता। असली उत्पीड़न और अपमान तो उस गरीब मजदूर के हिस्से आता है जो आज भी अपने अधिकारों से पूरी तरह अनभिज्ञ है।
राजनीतिक एकाधिकार और करोड़ों की टिकट व्यवस्था पर प्रहार
अर्जुन राम ने राजनीति में दलितों के नाम पर चल रहे एकाधिकार (मोनोपॉली) पर भी करारा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब तक एससी/एसटी वर्ग में क्रीमी लेयर लागू नहीं होगा, तब तक आम दलित कार्यकर्ता कभी भी विधायक या सांसद बनने का सपना नहीं देख सकता।
उन्होंने बेबाकी से आरोप लगाया कि आज चुनाव लड़ने के लिए टिकटों का सौदा करोड़ों रुपयों में होता है। एक गरीब दलित का बेटा, जो निस्वार्थ भाव से समाज और पार्टी की सेवा करता है, उसके पास 5 या 10 करोड़ रुपये कहाँ से आएंगे? नतीजा यह होता है कि वही पुराने पूंजीपति और प्रभावशाली नेता आरक्षण के नाम पर आरक्षित सीटों पर कब्जा जमा लेते हैं। क्रीमी लेयर लागू होने से राजनीतिक क्षेत्रों में भी आम और आर्थिक रूप से कमजोर कार्यकर्ताओं के लिए रास्ते खुलेंगे।
बाबा साहेब का सच्चा न्याय और पंडित दीनदयाल का अंत्योदय
भाजपा नेता ने अपने विचारों को वैचारिक आधार देते हुए कहा कि बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर ने जब आरक्षण की व्यवस्था की थी, तो उनकी मूल परिकल्पना समाज के सबसे पीड़ित और वंचित व्यक्ति को ऊपर उठाने की थी। उन्होंने कभी नहीं चाहा था कि आरक्षण किसी खास परिवार की पीढ़ियों की बपौती बन जाए।
इसी तरह, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का ‘अंत्योदय’ का विचार भी यही सिखाता है कि राज्य के संसाधनों और नीतियों का पहला हक पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति (लास्ट मैन इन द क्यू) का होना चाहिए। अर्जुन राम ने कहा:
“एक सशक्त, समर्थ और समरस भारत का निर्माण तभी संभव है जब समाज में अवसर जन्म या जाति के आधार पर नहीं, बल्कि व्यक्ति की वास्तविक आवश्यकता और लाचारी के आधार पर तय होंगे। क्रीमी लेयर का विरोध करने वाले असल में गरीब दलितों के सबसे बड़े दुश्मन हैं, क्योंकि वे नहीं चाहते कि झोपड़ी में रहने वाले मजदूर का बेटा कभी उनके बराबर आकर खड़ा हो सके।”
सकरा से उठी चिंगारी, पूरे प्रदेश में बहस की शुरुआत
सकरा विधानसभा से उठी यह मांग अब केवल मुजफ्फरपुर तक सीमित नहीं रही है। अर्जुन राम के इस कड़े रुख के बाद बिहार के राजनीतिक दलों के भीतर और बाहर एक नई बहस छिड़ गई है। जहाँ एक तरफ पारंपरिक रूप से दलित राजनीति करने वाले क्षत्रपों में इस बयान से असहजता देखी जा रही है, वहीं दूसरी तरफ आम जनता और युवाओं के बीच इस विचार को भारी समर्थन मिलता दिख रहा है।
अर्जुन राम ने अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पुनः अपील करते हुए कहा कि देशहित और वास्तविक सामाजिक न्याय के हित में केंद्र सरकार को जल्द से जल्द ठोस कदम उठाते हुए एससी/एसटी आरक्षण के तहत भी आय और समृद्धि की एक पारदर्शी सीमा (क्रीमी लेयर) निर्धारित करनी चाहिए। उन्होंने जनता से भी आह्वान किया है कि वे जातिगत राजनीति के चश्मे को उतारकर इस व्यावहारिक और न्यायसंगत मांग के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद करें।
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मुजफ्फरपुर : संत गुरु रविदास की 650वीं जयंती के पावन अवसर पर मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने मिलकर जन-जागरूकता का महाअभियान शुरू किया है। समाहरणालय परिसर से विधायक रंजन कुमार, जिला पदाधिकारी कुमार गौरव और अन्य माननीयों ने एक साथ 11 कलश यात्रा/प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर प्रखंडों के लिए रवाना किया।यह प्रचार वाहन जिले के विभिन्न प्रखंडों में चयनित स्थलों पर जाएंगे और पवित्र कलश के साथ-साथ सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का संदेश पहुंचाएंगे।
अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग, बिहार सरकार तथा जिला प्रशासन मुजफ्फरपुर के सौजन्य से आयोजित ‘समरसता संकल्प अभियान’ सह कलश यात्रा के दौरान बैनर के साथ उपस्थित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं श्रद्धालु।
27 अगस्त से 15 फरवरी तक लगेंगे विशेष महाकैंप
कार्यक्रम के दौरान जिला पदाधिकारी कुमार गौरव ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा, “संत रविदास जी की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में 11 प्रचार वाहनों को रवाना किया गया है। 27 अगस्त से लेकर 15 फरवरी तक जिले के सभी अनुसूचित जनजाति टोलों में विशेष शिविर (स्पेशल कैंप) लगाए जाएंगे। सरकार की 22 तरह की जन कल्याणकारी योजनाओं का 100 प्रतिशत कवरेज देने का लक्ष्य रखा गया है।”
एक ही छत के नीचे मिलेंगे राशन कार्ड से लेकर आयुष्मान तक के लाभ
पत्रकारों द्वारा कैंप में दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में पूछे जाने पर जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शिविर में आम जनता से जुड़ी सभी मूलभूत समस्याओं और सुविधाओं का ऑन-द-स्पॉट समाधान किया जाएगा। इन विशेष कैंपों में मुख्य रूप से:
मुजफ्फरपुर समाहरणालय से संत गुरु रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते विधायक रंजन कुमार, जिला पदाधिकारी कुमार गौरव व अन्य जनप्रतिनिधि तथा प्रशासनिक अधिकारी।
राशन कार्ड से संबंधित नए आवेदन एवं संशोधन
बिजली कनेक्शन का त्वरित समाधान
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत करना
आयुष्मान भारत कार्ड का त्वरित निर्माण
सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी पेंशन व अन्य योजनाएं
जिला प्रशासन का संकल्प है कि योग्य पाए गए सभी लाभुकों को शत-प्रतिशत आच्छादित किया जाए ताकि कोई भी वंचित न रहे।
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पटना, 23 अगस्त 2026: चंपारण सत्याग्रह के प्रमुख व्यक्तित्व पंडित राजकुमार शुक्ल की 151वीं जयंती के अवसर पर रविवार को पटना के बिहार विधान परिषद एनेक्सी सभागार में एक विशेष समारोह का आयोजन किया गया। पंडित राजकुमार शुक्ल स्मृति संस्थान द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दीप जलाकर की।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की कि पंडित राजकुमार शुक्ल की जयंती पर अब हर साल राज्य सरकार द्वारा राजकीय समारोह का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंडित राजकुमार शुक्ल के योगदान और चंपारण सत्याग्रह के महत्व से नई पीढ़ी को लगातार अवगत कराया जाएगा।
दाएं: पंडित राजकुमार शुक्ल की 151वीं जयंती के अवसर पर स्मारिका ‘शुक्ल शौर्य’ का लोकार्पण करते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी।बाएं स्वतंत्रता सेनानी अमर शहीद रामफल मंडल के चित्रपट पर पुष्पांजलि एवं मध्य रामचंद्र विद्यार्थी के चित्रपट पर माल्यार्पण का दृश्य।
स्मारिका ‘शुक्ल शौर्य‘ का लोकार्पण, कल्पना पटवारी को मिला सम्मान : कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्मारिका ‘शुक्ल शौर्य’ का लोकार्पण किया। इसके साथ ही कला और संगीत के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए प्रसिद्ध गायिका कल्पना पटवारी को ‘पंडित राजकुमार शुक्ल कला शिखर सम्मान’ से सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पंडित राजकुमार शुक्ल के निरंतर प्रयासों से ही मोहनदास करमचंद गांधी बिहार के चंपारण आए थे। उनके नेतृत्व में किसानों ने अंग्रेजों के अत्याचार के खिलाफ सत्याग्रह किया, जिसने देश के आजादी आंदोलन को एक नई दिशा दी।
किसानों को सुबह 6 से शाम 6 बजे तक मिलेगी बिजली: राज्य में इस वर्ष सामान्य से लगभग 30 प्रतिशत कम बारिश होने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित में पूरी तरह तत्पर है। कृषि कार्य को आसान बनाने के लिए सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक लगातार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया है।
सुशासन और रोजगार पर दी जानकारी: मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘सहयोग कार्यक्रम’ के माध्यम से अब तक 6 लाख 42 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 96 प्रतिशत मामलों का समाधान किया जा चुका है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले 3 दिनों में आयोजित रोजगार मेलों के माध्यम से 16 हजार लोगों को रोजगार दिया गया है।
बिहार की आर्थिक स्थिति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जब बिहार और झारखंड एक साथ थे, तब कुल बजट लगभग 6 हजार करोड़ रुपये था। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के वित्तीय प्रबंधन से राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। वर्ष 2024 में बिहार का बजट बढ़कर 3 लाख 47 हजार करोड़ रुपये पहुँच गया।
समारोह में ये लोग रहे मौजूद समारोह में पंडित राजकुमार शुक्ल स्मृति संस्थान की ओर से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का स्वागत किया गया। इस अवसर पर बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, पंडित राजकुमार शुक्ल के परिजन और संस्थान से जुड़े कई लोग उपस्थित थे।
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पटना, 23 अगस्त 2026। बिहार के युवाओं के लिए अब तक की सबसे बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राजधानी पटना स्थित सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र परिसर के ज्ञान भवन में आयोजित ‘मेगा जॉब फेयर-2026’ में रोजगार का एक नया कीर्तिमान स्थापित हुआ है। इस महामेले में एक ही दिन में 20,226 युवक-युवतियों को विभिन्न कंपनियों में नौकरियां दी गईं।
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने समारोह में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस दौरान उन्होंने विभिन्न कंपनियों द्वारा लगाए गए स्टॉल्स का जायजा लिया और नौकरी पाने आए युवाओं व अभ्यर्थियों से सीधे बातचीत कर उनके करियर से जुड़ी जानकारियां लीं।
पटना के ज्ञान भवन में आयोजित मेगा जॉब फेयर-2026 के दौरान स्टॉल का अवलोकन करते और ए आई इनेबल्ड कियोस्क के माध्यम से युवाओं को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी लेते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी व अन्य गणमान्य अतिथि।
अब हर जिले में लगेगा जॉब फेयर, 5 साल में 1 करोड़ रोजगार का लक्ष्य!
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अब तक राज्य और प्रमंडल स्तर पर ही नियोजन मेले लगते थे, लेकिन सरकार ने फैसला किया है कि अगले वर्ष से बिहार के हर एक जिले में नियमित रूप से नियोजन मेले आयोजित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अगले 5 वर्षों में 1 करोड़ लोगों को नौकरी और रोजगार से जोड़ने का विशाल लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 में एन डी ए सरकार ने 10 लाख नौकरी और 10 लाख रोजगार का लक्ष्य तय किया था, जिसके जवाब में अब तक 11.5 लाख लोगों को सरकारी नौकरी और 51 लाख लोगों को रोजगार से जोड़ा जा चुका है।
विदेशी धरती और मल्टीनेशनल कंपनियों में भी बजा बिहार का डंका
मेगा जॉब फेयर में 115 से अधिक नियोक्ताओं ने हिस्सा लिया:
20,226 कुल युवाओं को मिली नौकरी
3,940 युवाओं को बिहार में ही मिला रोजगार
476 युवाओं का चयन विदेशों में नौकरी के लिए हुआ
36 दिव्यांगजनों को भी मिला रोजगार
मुख्यमंत्री ने चीन के शंघाई में आयोजित होने वाली ‘विश्व कौशल प्रतियोगिता-2026’ में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले बिहार के ‘इंडिया स्किल’ विजेताओं को भी सम्मानित किया। इसके अलावा ‘मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा इंटर्नशिप’ में बेहतर प्रदर्शन करने वाले नियोक्ताओं को सम्मानित किया गया।
मेगा जॉब फेयर-2026 में चयनित अभ्यर्थी को नियुक्ति पत्र प्रदान करते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी। साथ में उपस्थित उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव एवं अन्य।
70 हजार करोड़ का मरीन ड्राइव प्रोजेक्ट और वर्ल्ड ट्रेड सेंटर
बिहार के विकास को नई रफ्तार देने के लिए मुख्यमंत्री ने कई बड़ी योजनाओं का जिक्र किया:
पटना में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर: राज्य सरकार ने भारत सरकार से पटना में ‘वर्ल्ड ट्रेड सेंटर’ स्थापित करने का आग्रह किया है ताकि वैश्विक स्तर के उद्योग बिहार आ सकें।
70,000 करोड़ रुपये का मरीन ड्राइव: पी पी पी मोड पर 126 किलोमीटर लंबे मरीन ड्राइव का निर्माण कराया जा रहा है, जिसमें 20 हजार करोड़ रुपये राज्य सरकार और 50 हजार करोड़ रुपये निजी क्षेत्र द्वारा लगाए जाएंगे।
सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा: बिहार में मात्र 5 रुपये में पॉलिटेक्निक और 10 रुपये में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कराई जा रही है। युवाओं के लिए विशेष लैंग्वेज क्लासेस भी शुरू की गई हैं ताकि वे विदेश में आसानी से काम कर सकें।
अभूतपूर्व शैक्षणिक क्रांति: आजादी के बाद से बिहार में केवल 278 डिग्री कॉलेज थे, लेकिन राज्य सरकार ने 15 जुलाई को एक साथ 211 नए डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई शुरू करवा दी है। इसके अलावा 511 मॉडल स्कूल खोले गए हैं जहाँ रात 11 बजे भी बच्चों के लिए ऑनलाइन शिक्षक उपलब्ध रहते हैं।
मानसिक स्वास्थ्य, दिव्यांगजन और ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए विशेष सौगात
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने रिमोट दबाकर कई नई कल्याणकारी परियोजनाओं की शुरुआत की:
भोजपुर संस्थान: बिहार मानसिक स्वास्थ्य एवं सम्बद्ध विज्ञान संस्थान, भोजपुर में मानसिक रूप से स्वस्थ हुए व्यक्तियों के पुनर्वास केंद्र का शुभारंभ।
दिव्यांग एवं ट्रांसजेंडर कौशल केंद्र: दिव्यांगजनों तथा ट्रांसजेंडर समुदाय के कौशल विकास, आजीविका संवर्द्धन और प्रस्थान पूर्व उन्मुखीकरण (प्री-डिपार्चर ओरिएंटेशन) के लिए प्रशिक्षण केंद्रों का उद्घाटन।
कार्यक्रम में मेगा जॉब फेयर-2026 से संबंधित ‘कॉफी टेबल बुक’ का विमोचन किया गया और एक लघु फिल्म भी दिखाई गई।
दिग्गजों की उपस्थिति
कार्यक्रम के प्रारंभ में युवा, रोजगार एवं कौशल विभाग के सचिव कौशल किशोर ने मुख्यमंत्री को पौधा, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण मंत्री अरुण शंकर प्रसाद, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, युवा, रोजगार एवं कौशल विभाग के सचिव कौशल किशोर सहित कई वरीय अधिकारी, नियोक्ता और हजारों की संख्या में युवा मौजूद थे।
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अमर शहीद रामचंद्र विद्यार्थी के शहादत दिवस पर मुख्यमंत्री ने किया बड़ा ऐलान, कहा- मिट्टी को सुंदर रूप देने वाले कारीगरों को मिलेगा आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और बाजार।
पटना (विशेष संवाददाता) । मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में बिहार कुम्हार (प्रजापति) समन्वय समिति के तत्वावधान में आयोजित अमर शहीद रामचंद्र विद्यार्थी के शहादत दिवस एवं नवनिर्वाचित विधान पार्षदों के अभिनंदन समारोह का दीप प्रज्वलित कर विधिवत शुभारंभ किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री ने माटी कला से जुड़े कारीगरों और प्रजापति समाज के उत्थान के लिए एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगले 3 महीनों के भीतर राज्य में ‘माटी कला बोर्ड’ का गठन कर दिया जाएगा । बोर्ड के जरिए कुम्हार समाज और माटी कला से जुड़े कारीगरों को योजनाबद्ध तरीके से आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और उनके उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराया जाएगा ।
श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल, पटना में बिहार कुम्हार (प्रजापति) समन्वय समिति द्वारा आयोजित शहादत दिवस समारोह में अमर शहीद रामचंद्र विद्यार्थी के चित्र पर श्रद्धा-सुमन अर्पित कर नमन करते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी। साथ में नवनिर्वाचित विधान पार्षद और अन्य गणमान्य।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने अमर शहीद रामचंद्र विद्यार्थी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि मात्र 13 वर्ष की अल्पायु में देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले शहीद रामचंद्र विद्यार्थी का बलिदान हर पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है । उनके योगदान को संजोना और नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी का राष्ट्रीय दायित्व है]। इस दौरान उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के महान नायकों पंडित राजकुमार शुक्ल और अमर शहीद रामफल मंडल को भी याद कर नमन किया ।
प्रजापति समाज को मिलेगा पूरा हक और सम्मान:
प्रजापति समाज के योगदान की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वह समाज है जो साधारण मिट्टी को गढ़कर सुंदर मूर्ति और कलाकृतियों का रूप देता है। अपनी मेहनत, हुनर और पारंपरिक कला से इस समाज ने सदियों से बिहार की संस्कृति को समृद्ध किया है। बिहार को सजाने-संवारने और तरक्की के नए आयाम तक पहुंचाने के लिए प्रजापति समाज का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद समाज की दो नवनिर्वाचित विधान पार्षदों शीला पंडित और शिवरानी प्रजापति का आह्वान किया कि वे जमीन पर जाकर समाज के हर अंतिम व्यक्ति को न्याय और हक दिलाने के लिए कार्य करें। उन्होंने आश्वस्त किया कि जहां भी जरूरत होगी, राज्य सरकार प्रजापति समाज के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।
सरकार के मुख्य फैसले और जन कल्याणकारी योजनाएं:
125 यूनिट फ्री बिजली: राज्य के सभी वर्गों के विकास के लिए 125 यूनिट तक बिजली दी जा रही है।
वृद्धा पेंशन में बढ़ोतरी: पेंशन की राशि 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये कर दी गई है।
सहयोग शिविर व सख्त कार्रवाई: आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए दिए गए आवेदनों का निष्पादन 30 दिनों के भीतर अनिवार्य है। आदेश न देने वाले लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई का प्रावधान है। अब तक 6.5 लाख से अधिक आवेदनों का समाधान किया जा चुका है।
महिला सशक्तिकरण: मुख्यमंत्री रोजगार योजना के तहत 1 करोड़ 81 लाख बहनों के खाते में 10-10 हजार रुपये अंतरित किए गए हैं ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
नदी तटीय विकास एवं रोजगार: कोसी, गंडक और गंगा नदी के दोनों किनारों को व्यवस्थित किया जा रहा है और युवाओं को लगातार रोजगार दिए जा रहे हैं।
सम्राट चौधरी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ‘समृद्ध बिहार’ के सपनों को पूरा करने के लिए हम सभी को एकजुट होकर काम करने की गति को और बढ़ाना होगा।
समारोह में उपस्थित प्रमुख गणमान्य:
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र, प्रतीक चिह्न और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया। इस गरिमामयी समारोह में खान एवं भूतत्व सह कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ प्रमोद कुमार, राज्यसभा सांसद डॉ भीम सिंह, विधायक आलोक सिंह, विधायक वशिष्ठ सिंह, विधान पार्षद शीला पंडित, विधान पार्षद शिवरानी प्रजापति, बिहार कुम्हार (प्रजापति) समन्वय समिति के प्रदेश अध्यक्ष रूपेश कुमार पंडित, प्रजापति समन्वय समिति के प्रदेश महामंत्री प्रजापति पिंटू गुरू जी सहित कई गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
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