Friday, October 30, 2026

प्रेमिका की मौत के बाद बगीचे में दफनाया शव! मुजफ्फरपुर में ऑनर किलिंग/आत्महत्या के बाद शव छिपाने का सनसनीखेज मामला, 4 गिरफ्तार

मुजफ्फरपुर (विशेष संवाददाता): मुजफ्फरपुर जिले के कटरा थाना (जजुआार ओ०पी०) क्षेत्र स्थित डुमरी गांव में एक युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद शव को घर के पीछे बगीचे में गाड़कर दफनाने की खौफनाक वारदात सामने आई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले का पर्दाफाश किया है और शव को छिपाने तथा साक्ष्य मिटाने के आरोप में एक ही परिवार के चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है।

तस्वीर में बाएं: मामले की जानकारी देते मुजफ्फरपुर के ग्रामीण पुलिस अधीक्षक  राजेश कुमार सिंह प्रभाकर। दाएं: जजुआार पुलिस की गिरफ्त में मुंह पर कपड़ा बांधे खड़े अभियुक्त और तैनात पुलिस बल।

कॉल रिकॉर्डिंग और जांच से खुला राज

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गत 13 अक्टूबर 2026 को जजुआार ओ०पी० पुलिस को डुमरी गांव से एक युवती के लापता होने की सूचना मिली थी। जब पुलिस टीम जांच के लिए युवती के घर पहुंची तो वहां ताला लटका मिला। स्थानीय लोगों से पूछताछ में पता चला कि परिजनों ने ही युवती को गायब कर दिया है। इसके बाद कटरा थाना (जजुआार ओ०पी०) में कांड संख्या-268/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई।

वरीय पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरपुर के निर्देश और ग्रामीण पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह प्रभाकर के अनुश्रवण में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पूर्वी-1 के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने जब सर्विलांस, कॉल रिकॉर्डिंग और गुप्त सूचनाओं को खंगाला, तो परिजनों द्वारा ही शव को छिपाए जाने की बात सामने आई।

बगीचे में गड्ढा खोदकर दफनाया था शव

14 अक्टूबर 2026 को पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार अभियुक्तों—सुबोध चौधरी, उषा देवी, प्रीति कुमारी और अविनाश कुमार (सभी निवासी थाना-जजुआार) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार अभियुक्तों ने कबूल किया कि युवती ने प्रेम-प्रसंग के चलते फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मामले को दबाने और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए उन्होंने शव को अपने घर के पीछे स्थित बगीचे में गड्ढा खोदकर दफना दिया था।

वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने एफएसएल की टीम पहुंची

अभियुक्तों की निशानदेही पर पुलिस ने बगीचे से युवती का शव बरामद कर लिया। मौके पर पहुंची एफएसएल  टीम ने वैज्ञानिक साक्ष्यों को एकत्र कर जांच के लिए भेज दिया है।

पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण, मुजफ्फरपुर राजेश कुमार सिंह प्रभाकर ने प्रेस वार्ता में बताया कि घटना में संलिप्त अन्य संभावित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।

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बिहार बनेगा नया इंडस्ट्रियल हब: मुजफ्फरपुर में ₹140.95 करोड़ के मेगा लेदर व फुटवियर क्लस्टर का हुआ भव्य उद्घाटन, 2030 तक राज्य में ही मिलेगा रोजगार!

विशेष समाचार रिपोर्ट (मुजफ्फरपुर):

बिहार को औद्योगिक नक्शे पर स्थापित करने और राज्य से पलायन रोकने की दिशा में बृहस्पतिवार को एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर प्रखंड स्थित महवल औद्योगिक क्षेत्र में 140.95 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित ‘मेगा लेदर, फुटवियर एवं एक्सेसरीज क्लस्टर’ तथा ‘कॉमन फैसिलिटी सेंटर’ (साझा सुविधा केंद्र) का भव्य उद्घाटन किया।

मुजफ्फरपुर के महवल में ₹140.95 करोड़ की लागत से बने मेगा लेदर, फुटवियर एवं एक्सेसरीज क्लस्टर तथा साझा सुविधा केंद्र का फीता काटकर और पर्दा हटाकर उद्घाटन करते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, साथ में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह व अन्य गणमान्य अतिथि

उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्टॉलों एवं क्लस्टर में उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने औद्योगिक इकाइयों को शेड एवं भूमि आवंटन पत्र प्रदान किए। साथ ही राज्य में तकनीकी दक्षता और रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए उद्योग विभाग और फुटवियर डिजाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (एफ डी डी आई ) के बीच महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एम ओ यू ) पर हस्ताक्षर किए गए।

2030 तक बिहार में ही रोजगार देने का संकल्प

जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि वर्ष 2030 तक बिहार से बाहर मजदूरी के लिए जाने वाले लोगों को राज्य के भीतर ही रोजगार उपलब्ध कराना सरकार का मुख्य लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि लगभग 12 लाख लोग आज भी बाहर काम करने जाते हैं, जिन्हें यहीं अवसर दिए जाएंगे।

रैपिड रेल, डेटा सेंटर और हवाई संपर्कता का बड़ा प्लान

मुख्यमंत्री ने राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर के कायाकल्प की बड़ी घोषणाएं कीं:

  • रैपिड रेल सेवा: मुजफ्फरपुर से पटना (30-40 मिनट) और पटना से गयाजी (1 से 1.5 घंटा) के बीच तेज आवागमन के लिए रैपिड रेल चलाने की योजना पर काम चल रहा है।
  • 11000 MW डेटा सेंटर: 2030 से पहले 1,000 मेगावाट क्षमता का डेटा सेंटर विकसित किया जाएगा, जिससे राज्य में ₹10 लाख करोड़ के निवेश की संभावना बनेगी।
  • हवाई अड्डा व ड्राई पोर्ट: मुजफ्फरपुर के पताही में अंतरराष्ट्रीय स्तर का हवाई अड्डा बनाने और स्थानीय उत्पादों के सीधे निर्यात के लिए ड्राई पोर्ट जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
  • वास्तुकला विश्वविद्यालय: मुजफ्फरपुर में शहीद जुब्बा सहनी के नाम पर आर्किटेक्चर (वास्तुकला) विश्वविद्यालय खोला जाएगा।
मुजफ्फरपुर के मोतीपुर स्थित महवल औद्योगिक क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी  की मौजूदगी में उद्योग विभाग और फुटवियर डिजाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट  के बीच समझौता ज्ञापन के दस्तावेजों का आदान-प्रदान करते अधिकारी

उद्यमियों के लिए सीधी नीति

मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों से बिहार में निवेश की अपील करते हुए घोषणा की कि यदि कोई नया प्रस्ताव आता है तो सरकार 30 दिनों के भीतर उसके अनुरूप नई नीति बनाएगी। स्वेच्छा से जमीन देने वाले भूस्वामियों को तय दर से 10 प्रतिशत अधिक भुगतान की नीति भी लागू की गई है।

कार्यक्रम में प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति

समारोह में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री रमा निषाद, पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता, सांसद वीणा देवी, विधायक शंकर प्रसाद, आदित्य कुमार, अजय कुमार, रंजन कुमार, कोमल सिंह, अजीत कुमार, राजू कुमार सिंह, अरुण कुमार सिंह, बेबी कुमारी, विधान पार्षद दिनेश प्रसाद सिंह, महापौर विमला साहू, पूर्व मंत्री सुरेश शर्मा, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार, बियाडा के प्रबंध निदेशक नवीन कुमार, निदेशक मुकुल कुमार गुप्ता, जिलाधिकारी कुमार गौरव एवं वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश मिश्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी एवं उद्यमी मौजूद थे।

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एमएलसी चुनाव को लेकर भाजपा का महामंथन, पटना में कोर कमिटी की हाई-प्रोफाइल बैठक में तय हुई चुनावी रणनीति!

पटना: राजधानी पटना स्थित भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित राज्य कोर कमिटी की उच्चस्तरीय बैठक में संगठन और आगामी चुनाव को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और पार्टी के तमाम शीर्ष नेताओं ने भाग लिया।

पटना स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित कोर कमिटी की बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और पार्टी के वरिष्ठ नेता आगामी विधान परिषद चुनाव व संगठनात्मक रणनीति पर चर्चा करते हुए।

बैठक के दौरान आगामी बिहार विधान परिषद चुनाव (स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों) की तैयारियों और संगठनात्मक कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। इसके साथ ही आने वाले समय के लिए पार्टी की रणनीति और वृहद कार्ययोजना पर विस्तार से मंथन हुआ।

पहली बार बिहार आगमन पर संगीता यादव का जोरदार स्वागत:  बैठक के दौरान राज्यसभा सांसद एवं बिहार सह-प्रभारी संगीता यादव के प्रथम बिहार आगमन पर उनका पुष्पगुच्छ भेंट कर औपचारिक स्वागत व अभिनंदन किया गया।

बैठक में ये दिग्गज नेता रहे मौजूद : इस उच्चस्तरीय मंथन बैठक में राष्ट्रीय महामंत्री एवं बिहार प्रभारी हरीश द्विवेदी, राष्ट्रीय सचिव एवं बिहार सह-प्रभारी रोहन गुप्ता, प्रदेश संगठन महामंत्री भीखूभाई दलसानिया, केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री सह सांसद राधा मोहन सिंह, सांसद संजय जायसवाल, बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार सिन्हा, मंत्री दिलीप जायसवाल तथा पूर्व मंत्री सह विधायक एवं असम प्रभारी मंगल पांडेय विशेष रूप से मौजूद रहे।

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आधी रात इंडिया गेट पर बवाल: अंकिता भंडारी के बुजुर्ग माता-पिता को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया, दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाने के विरोध पर मचा सियासी गदर!

नई दिल्ली : आधी रात के सन्नाटे में देश की राजधानी का इंडिया गेट भीषण सियासी घमासान और तनाव का केंद्र बन गया। सितंबर 2022 के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की उम्मीद लगाए बैठे उसके बुजुर्ग माता-पिता, वीरेंद्र सिंह भंडारी और सोनी देवी, को आधी रात के वक्त दिल्ली पुलिस ने जबरन हिरासत में ले लिया। यह पूरी कार्रवाई उस समय हुई जब वे उत्तराखंड के पूर्व प्रभारी और भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का नया राज्यपाल बनाए जाने के फैसले के खिलाफ इंडिया गेट पर शांतिपूर्ण तरीके से धरने पर बैठे थे।

इंडिया गेट पर अपनी दिवंगत बेटी अंकिता के लिए न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठी  बुजुर्ग मां सोनी देवी को गिरफ्तार कर ले जाती पुलिस

सीबीआई जांच और ‘वी VIP’ एंगल पर अड़े माता-पिता

अंकिता के परिवार का आरोप है कि रिसॉर्ट हत्याकांड में जिस रहस्यमयी ‘वीआईपी’ कनेक्शन की बातें सामने आती रही हैं, उसमें दुष्यंत कुमार गौतम का नाम भी चर्चा में रहा है। माता-पिता की स्पष्ट मांग है कि जब तक इस पूरे मामले में सीबीआई जांच पूरी नहीं हो जाती और कथित ‘वीआईपी’ एंगल का पूरा सच देश के सामने नहीं आ जाता, तब तक दुष्यंत कुमार गौतम को राज्यपाल पद पर नियुक्त करने की प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाई जाए।

राष्ट्रपति से गुहार और आमरण अनशन की सीधी चेतावनी

धरने के दौरान अंकिता की मां सोनी देवी ने देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भावुक गुहार लगाई। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि राष्ट्रपति खुद एक महिला होने के नाते एक लाचार और पीड़ित मां की पीड़ा को समझें तथा राज्यपाल पद की नियुक्ति पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाएं। इसके साथ ही परिवार ने कड़े लहजे में चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो वे देहरादून में मुख्यमंत्री कार्यालय के सामने आमरण अनशन शुरू करेंगे।

राहुल और प्रियंका गांधी का आधी रात को समर्थन, केंद्र सरकार पर तीखा हमला

घटनाक्रम में उस समय बड़ा मोड़ आया जब बुधवार शाम लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा खुद इंडिया गेट पहुंचे। दोनों बड़े नेताओं ने सीधे जमीन पर बैठकर अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी और मां सोनी देवी से मुलाकात की और उनके संघर्ष को पूरा समर्थन देने का ऐलान किया।

कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि गंभीर आरोपों के घेरे में आए व्यक्ति को सम्मानित पद से नवाजा जा रहा है। कांग्रेस ने रुख साफ करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को यह गलतफहमी है कि वे अंकिता के माता-पिता की आवाज को दबा देंगे; कांग्रेस हर हाल में यह सुनिश्चित करेगी कि अंकिता को न्याय मिले। उन्होंने सवाल खड़ा किया कि क्या अच्छे दिनों वाले भारत में अपनी बेटी के लिए न्याय मांगना अपराध बन गया है?

पुलिस की कड़ी कार्रवाई: बीएनएसएस धारा 163 का हवाला देकर तड़के उठाया

सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए दिल्ली पुलिस ने इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू होने की बात कही। रातभर चले इस धरने के बाद, तड़के करीब 4:00 से 5:00 बजे के आसपास पुलिस बल ने प्रदर्शन स्थल को घेर लिया और अंकिता के बुजुर्ग माता-पिता समेत वहां मौजूद अन्य समर्थकों को हिरासत में ले लिया। हालांकि, भारी राजनीतिक दबाव और तड़के मचे हंगामे के बाद सुबह के समय उन्हें रिहा कर दिया गया।

पृष्ठभूमि: क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड?

उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित एक रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की सितंबर 2022 में नृशंस हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मुख्य आरोपी रिसॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके अन्य सहयोगियों को अदालत से उम्रकैद की सजा मिल चुकी है। इसके बावजूद, अंकिता का परिवार और स्थानीय लोग शुरू से ही हत्याकांड के पीछे छिपे मुख्य ‘वीआईपी’ चेहरे को बेनकाब करने के लिए निष्पक्ष और गहन सीबीआई जांच की मांग पर अड़े हुए हैं।

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घूसखोर पंचायत रोजगार सेवक 30 हजार रुपया घूस लेते रंगे हाथ धराया

पटना: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। शेखपुरा जिले के अरियरी प्रखंड स्थित हजरतपुर मइरो पंचायत के पंचायत रोजगार सेवक प्रफुल कुमार सिंह को 30,000 रुपये (तीस हजार रुपये) रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। निगरानी की इस अचानक हुई धावा दल की कार्रवाई से भ्रष्ट अधिकारियों एवं कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।

अरियरी प्रखंड परिसर के समीप 30 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार पंचायत रोजगार सेवक प्रफुल कुमार सिंह निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम की गिरफ्त में।

सड़क निर्माण कार्य के एवज में मांगी थी रिश्वत

जानकारी के अनुसार, परिवादी श्रवण चौधरी (पिता: बच्चू चौधरी), साकिन- रौंदी, पो.- करकी, थाना- अरियरी, जिला- शेखपुरा ने पटना स्थित निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि पंचायत समिति योजना के तहत ग्राम रौंदी में चौठी चौहान के घर से लेकर सुग्रीव चौहान के घर तक मिट्टी एवं पेवर ब्लॉक बिछाने का कार्य कराया जा रहा है। इस कार्य के एवज में पंचायत रोजगार सेवक प्रफुल कुमार सिंह द्वारा लगातार रिश्वत की मांग की जा रही थी।

जांच में सही पाए गए आरोप, बिछाया गया जाल

शिकायत मिलने के बाद निगरानी ब्यूरो द्वारा मामले का गोपनीय तरीके से सत्यापन कराया गया। सत्यापन के दौरान आरोपी प्रफुल कुमार सिंह द्वारा रिश्वत मांगे जाने का प्रमाण सही पाया गया। इसके बाद प्रथम दृष्टया आरोप की पुष्टि होते ही निगरानी थाना में कांड संख्या 0-120/26 (दिनांक 12.10.2026) दर्ज किया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुसंधानकर्ता मो. सलाउद्दीन खां (पुलिस निरीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो) के अनुरोध पर सतीश चन्द्र माधव (पुलिस उपाधीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो) के नेतृत्व में एक विशेष धावा दल का गठन किया गया।

प्लास्टिक कचरा निस्तारण केंद्र के पास दबोचा गया

13 अक्टूबर 2026 को निगरानी की टीम ने पूरी रणनीति के साथ अरियरी प्रखंड परिसर के पास जाल बिछाया। जैसे ही प्रफुल कुमार सिंह ने प्लास्टिक कचरा निस्तारण केंद्र के सामने उत्तर पक्की सड़क पर परिवादी श्रवण चौधरी से रिश्वत के 30,000 रुपये स्वीकार किए, निगरानी की टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ दबोच लिया। आरोपी से पूछताछ के बाद उसे भागलपुर स्थित माननीय विशेष न्यायालय (निगरानी) में उपस्थापित किया जाएगा।

वर्ष 2026 में 110वां ट्रैप, 111 अभियुक्त हो चुके हैं गिरफ्तार

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई के आंकड़े बेहद चौंकाने वाले हैं। वर्ष 2026 में अब तक निगरानी ब्यूरो द्वारा भ्रष्टाचार के विरुद्ध कुल 120 प्राथमिक दर्ज की जा चुकी हैं। इनमें से यह 110वीं ट्रैप की कार्रवाई थी, जिसके तहत अब तक कुल 111 अभियुक्तों को रंगे हाथ घूस लेते हुए गिरफ्तार किया जा चुका है। ब्यूरो ने इस साल अब तक कुल 38,47,400 रुपये (अड़तीस लाख सैंतालीस हजार चार सौ रुपये) की रिश्वत राशि बरामद की है।

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‘इंडिया स्किल्स’ में मौका पाने की मची होड़, फिर खुली रजिस्ट्रेशन विंडो!

नई दिल्ली । शंघाई के वैश्विक मंच पर भारतीय युवाओं द्वारा रचा गया इतिहास अब देश के कोने-कोने में एक नया जुनून बन चुका है। ‘वर्ल्डस्किल्स शंघाई 2026’ में भारतीय दल के धमाकेदार प्रदर्शन और उसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई यादगार मुलाकात ने देश भर के युवाओं में कौशल और हुनर का ऐसा जज्बा जगाया है कि आवेदनों की बाढ़ आ गई है। इसी अभूतपूर्व जनसैलाब और हजारों अभ्यर्थियों के अनुरोध को देखते हुए कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय ने ‘इंडिया स्किल्स 2026-27’ के लिए पंजीकरण विंडो को 19 अक्टूबर 2026 तक फिर से खोलने का बड़ा फैसला लिया है।

शंघाई में रचा इतिहास, विश्व में 10वें स्थान पर पहुंचा भारत

चीन के शंघाई में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत ने अब तक का अपना सबसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया। देश के 70 प्रतियोगियों के सबसे बड़े दल ने 63 कौशल स्पर्धाओं में हिस्सा लेते हुए दुनिया भर में 10वां स्थान हासिल किया। भारतीय धुरंधरों ने 6 रजत पदक और 20 उत्कृष्टता पदक (मेडलियन फॉर एक्सीलेंस) अपने नाम किए। वर्ष 2024 के ल्योन सम्मेलन में 13वें स्थान पर रहने वाले भारत ने इस बार लंबी छलांग लगाते हुए पूरी दुनिया को अपनी तकनीकी व व्यावसायिक ताकत का अहसास कराया है।

7 लोक कल्याण मार्ग पर मिली नई ऊर्जा

इस ऐतिहासिक सफलता के बाद 9 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली स्थित अपने आधिकारिक आवास 7 लोक कल्याण मार्ग पर शंघाई से लौटे विजेता दल के सदस्यों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। प्रधानमंत्री के साथ हुई इस प्रेरणादायक बातचीत ने पूरे देश के युवाओं में एक नई तरंग पैदा कर दी। इस मुलाकात के तुरंत बाद विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, आईटीआई, पॉलिटेक्निक और देश भर के अभ्यर्थियों से इंडिया स्किल्स में हिस्सा लेने के लिए आवेदनों का तांता लग गया।

4 लाख के पार पहुंचा आंकड़ा, 19 अक्टूबर तक अंतिम मौका

मंत्रालय के अनुसार, इंडिया स्किल्स 2026-27 के लिए अब तक रिकॉर्ड 4 लाख से अधिक पंजीकरण प्राप्त हो चुके हैं। जो योग्य युवा किसी वजह से पहले आवेदन करने से चूक गए थे, वे अब 19 अक्टूबर 2026 तक ‘स्किल इंडिया डिजिटल हब‘ (एसआईडीएच) के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपना फॉर्म जमा कर सकते हैं।

63 क्षेत्रों में हुनर दिखाने का राष्ट्रीय मंच

कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय की देखरेख तथा राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के कार्यान्वयन में आयोजित हो रही यह प्रतियोगिता युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने की सीढ़ी है। इसमें विनिर्माण, इंजीनियरिंग, निर्माण, डिजिटल प्रौद्योगिकी, रचनात्मक उद्योग और सेवा क्षेत्र जैसी 63 उद्योग-संबंधी श्रेणियों को शामिल किया गया है। जिला, क्षेत्रीय, राज्य, प्रादेशिक और राष्ट्रीय स्तरों से गुजरते हुए चयनित विजेताओं को देश के शीर्ष विशेषज्ञों का मार्गदर्शन मिलेगा और उन्हें विश्व स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका दिया जाएगा।

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डिजिटल क्रांति की राह पर पशुपालन विभाग: केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने लॉन्च की हाई-टेक डीबीआईएम-अनुकूल वेबसाइट

आम जनता और पशुपालकों के लिए खुले पारदर्शिता के दरवाजे, अब एक क्लिक पर मिलेगी हर योजना की पूरी जानकारी

नई दिल्ली। भारत सरकार के डिजिटल गवर्नेंस इकोसिस्टम को अत्यधिक मजबूत और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बेहद बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। भारत सरकार के मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी तथा पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने नई दिल्ली में पशुपालन और डेयरी विभाग (डीएएचडी) की नई और परिष्कृत डीबीआईएम-अनुकूल वेबसाइट का औपचारिक शुभारंभ किया। यह नई वेबसाइट इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) द्वारा जारी डिजिटल ब्रांड आइडेंटिटी मैनुअल (डीबीआईएम) वर्जन 3.0 के कड़े मानकों और दिशानिर्देशों के अनुरूप तैयार की गई है।

पशुपालन और डेयरी विभाग की नई डीबीआईएम-अनुकूल वेबसाइट का शुभारंभ करते केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह तथा बैठक में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारीगण।

न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन का संकल्प

वेबसाइट के भव्य शुभारंभ के अवसर पर केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा कि नई डीबीआईएम-अनुकूल वेबसाइट का लॉन्च होना सरकारी सेवाओं की पहुंच को बेहद सुलभ, पूरी तरह पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरी पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन’ के दूरदर्शी विजन के बिल्कुल अनुरूप है।

केंद्रीय मंत्री ने इस आधुनिक तकनीक को साकार रूप देने के लिए पशुपालन और डेयरी विभाग की समर्पित आईटी टीम तथा राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के प्रयासों की जमकर सराहना की। उन्होंने देशभर के सभी हितधारकों, पशुपालकों और आम नागरिकों से अपील की कि वे इस नई वेबसाइट पर जाएं और इसके उन्नत एवं आधुनिक फीचर्स का लाभ उठाएं।

बहुभाषी सुविधा से लैस वन-स्टॉप डिजिटल हब

यह नई आधुनिक वेबसाइट उपयोगकर्ताओं के लिए मार्गदर्शन और जानकारी जुटाने को बेहद आसान बनाती है। इसमें कई बेहतरीन और उन्नत फीचर्स शामिल किए गए हैं:

  • भाषिणी तकनीक: इस प्रणाली के जरिए वेबसाइट पर कई क्षेत्रीय भाषाओं का समर्थन उपलब्ध कराया गया है, जिससे भाषाई बाधा पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
  • उन्नत सर्च सुविधा: उपयोगकर्ता अपनी जरूरत के हिसाब से योजनाओं और दिशा-निर्देशों की जानकारी तुरंत खोज सकेंगे।
  • केंद्रीकृत कंटेंट प्रबंधन: यह डिजिटल हब पशु स्वास्थ्य, पशु प्रबंधन, डेयरी विकास और विभाग की तमाम योजनाओं की प्रामाणिक जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराता है।

प्रमुख सरकारी योजनाओं की सीधी पहुंच

यह वेबसाइट पशुपालकों और डेयरी क्षेत्र से जुड़े व्यवसायियों के लिए एक ‘वन-स्टॉप डिजिटल हब’ के रूप में काम करेगी। अब नागरिक एक ही पोर्टल से निम्नलिखित प्रमुख योजनाओं के दिशा-निर्देश, संसाधन और आवेदन प्रक्रिया की पूरी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे:

  1. पशुपालन अवसंरचना विकास कोष (एएचआईडीएफ)
  2. राष्ट्रीय गोकुल मिशन (आरजीएम)
  3. राष्ट्रीय पशुधन मिशन (एनएलएम)
  4. पशु स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एलएचडीसीपी)

विभाग ने सभी नागरिकों से अनुरोध किया है कि विस्तृत विवरण और सेवाओं का लाभ उठाने के लिए नई आधिकारिक वेबसाइट www.dahd.gov.in पर विजिट करें।

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समुद्र में गरजने आ रहा भारत का ‘बाहुबली’! नौसेना के बेड़े में शामिल होगा स्वदेशी युद्धपोत ‘समर्थक’, दुश्मनों के छूटेंगे पसीने

विशेष संवाददाता

नई दिल्ली : समुद्री सीमा पर भारत की ताकत में एक बहुत बड़ा इजाफा होने जा रहा है। भारतीय नौसेना 16 अक्टूबर 2026 को कारवार स्थित अपने नौसैनिक अड्डे पर पूर्ण रूप से स्वदेशी बहुउद्देश्यीय युद्धपोत ‘समर्थक‘ को औपचारिक रूप से अपने बेड़े में शामिल करने जा रही है। समुद्र की लहरों को चीरते हुए दुश्मनों की हर चाल को नाकाम करने के लिए यह घातक पोत पूरी तरह से तैयार है।

समुद्र की उफनती लहरों पर तेज रफ्तार से आगे बढ़ता भारत का बहुउद्देश्यीय स्वदेशी युद्धपोत ‘समर्थक’ (दाएं) तथा पोत का आधिकारिक प्रतीक चिन्ह (बायें), जिस पर हाथी की आकृति और आदर्श वाक्य ‘विजयार्थम् एकनिष्ठता’ अंकित है।

‘मेक इन इंडिया‘ की ऐतिहासिक सफलता

केंद्र सरकार की ‘मेक इन इंडिया‘ (मेक इन इण्डिया) पहल के तहत इस आधुनिक युद्धपोत का निर्माण लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड (लार्सन एण्ड टुब्रो लिमिटेड) द्वारा किया गया है। भारतीय नौसेना में शामिल होने वाले चार बहुउद्देश्यीय जहाजों की श्रृंखला में ‘समर्थक’ पहला पोत है। इसे भारतीय नौसेना में शामिल करना भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता और समुद्री सुरक्षा की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

मल्टी-रोल क्षमता से लैस: एक ही पोत करेगा कई काम

पारंपरिक जहाजों से अलग, जिन्हें केवल एक ही उद्देश्य के लिए बनाया जाता है, ‘समर्थक’ एक बहुउद्देश्यीय और स्थिति-अनुकूल क्षमतावान पोत है। इसे मुख्य रूप से निम्नलिखित कार्यों के लिए डिजाइन किया गया है:

  • समुद्री निगरानी और गश्त: बेहद चुनौतीपूर्ण समुद्री वातावरण में भी चौबीसों घंटे निगरानी रखने में सक्षम।
  • हाई-टेक हथियार और रडार: यह पोत स्वदेशी हथियारों, आधुनिक सेंसरों, रडार और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों से पूरी तरह लैस है।
  • मानवरहित प्रणालियों का मदरशिप: यह अनमैन्ड (मानवरहित) स्वायत्त प्रणालियों और ड्रोन के संचालन के लिए एक मदरशिप के रूप में काम कर सकता है।
  • आपदा राहत और अस्पताल पोत: किसी भी प्राकृतिक आपदा या आपात स्थिति के दौरान यह मानवीय सहायता, बचाव कार्य और जरूरत पड़ने पर एक सीमित अस्पताल के रूप में भी तुरंत परिवर्तित हो सकता है।

गजराज सा पराक्रम, ‘विजय ही एकमात्र लक्ष्य‘

युद्धपोत ‘समर्थक’ का प्रतीक चिन्ह (क्रेस्ट) बेहद खास और प्रभावशाली है। इसके शिखर पर समुद्र की तूफानी लहरों से बाहर निकलते हुए एक शक्तिशाली भारतीय हाथी को दर्शाया गया है, जो अपार शक्ति, बुद्धिमत्ता और चपलता का प्रतीक है।

इस युद्धपोत का आधिकारिक आदर्श वाक्य “विजयार्थम् एकनिष्ठता” है, जिसका अर्थ है— “विजय ही हमारा एकमात्र उद्देश्य है।”

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वैशाली में नशीले इंजेक्शनों के बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़, 1000 से अधिक इंजेक्शन बरामद!

मोबाइल चोरी के बदले बांटा जा रहा था नशा, दो शातिर तस्कर गिरफ्तार; पटना से जुड़ा है गिरोह का मुख्य तार

हाजीपुर / वैशाली: वैशाली पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार और जहर बांटने वाले नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन नीलकंठ’ के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने गंगाब्रिज थाना क्षेत्र में छापेमारी कर घातक नशीले इंजेक्शनों के अवैध धंधे का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई के दौरान दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि भारी मात्रा में नशीले इंजेक्शन, चोरी के मोबाइल फोन, एक मोटरसाइकिल और नकद राशि बरामद की गई है।

गंगाब्रिज थाना क्षेत्र में नशीले इंजेक्शन के सिंडिकेट का उद्भेदन कर पुलिस प्रेस वार्ता के दौरान मामले का विस्तृत ब्योरा देते वैशाली के वरीय पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा।

चेकिंग के दौरान हत्थे चढ़ा तस्कर, घर में पड़ा छापा

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, गंगाब्रिज थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि मोटरसाइकिल सवार कुछ व्यक्ति संदिग्ध नशीले पदार्थों के साथ हाजीपुर की ओर बढ़ रहे हैं। इसके बाद तेरसिया मोड़ के पास सघन चेकिंग अभियान शुरू किया गया। चेकिंग के दौरान बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल सवार संदिग्ध पुलिस को देखकर भागने लगे। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए एक चालक को दबोच लिया।

पकड़े गए व्यक्ति के झोले की तलाशी लेने पर भारी संख्या में नशीले इंजेक्शन बरामद किए गए। पूछताछ के आधार पर पुलिस और मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में सैफपुर स्थित दूसरे आरोपी के घर पर छापेमारी की गई, जहां से प्रतिबंधित दवाओं और इंजेक्शनों का विशाल जखीरा बरामद हुआ।

चोरी के मोबाइल के बदले मिलता था नशे की खुराक

मामले की जानकारी देते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक वैशाली शुभांक मिश्रा ने बताया कि इस नेटवर्क का तरीका बेहद चौंकाने वाला था। नशे के आदी युवक या चोरी करने वाले लोग जब चोरी के मोबाइल फोन लाते थे, तो उन्हें पैसे देने के बजाय बदले में नशे के इंजेक्शन और दवाएं दी जाती थीं। इस सिंडिकेट का सबसे बड़ा शिकार स्थानीय गंगा तटीय इलाकों (तेरसिया) के स्कूली बच्चे और कॉलेज के युवा हो रहे थे।

पटना के आलमगंज और खाजेकला से सप्लाई चेन

वरीय पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा ने प्रेस वार्ता में बताया कि इस नेटवर्क का मुख्य तार (बैकवर्ड लिंकेज) पटना जिले के आलमगंज और खाजेकला थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। गंगा नदी पार से इन दवाओं की मुख्य सप्लाई की जाती थी, जिसे यहां लाकर छोटे-छोटे पंचायतों में बांटा जाता था। औषधि निरीक्षक (ड्रग इंस्पेक्टर) द्वारा जब्त सामानों की जांच कराई गई है, जिसमें प्रतिबंधित केमिकल होने की पुष्टि हुई है।

बरामद सामानों की सूची:

  • नशीले इंजेक्शन: विभिन्न ब्रांड्स के 1,000 से अधिक नशीले एम्प्यूल/इंजेक्शंस।
  • सर्जिकल सामग्री: सिरिंज, सर्जिकल दस्ताने एवं अन्य संबंधित सामग्री।
  • नकद राशि: 48,400 रुपये।
  • मोबाइल फोन: विभिन्न कंपनियों के 13 मोबाइल फोन।
  • वाहन: 01 मोटरसाइकिल।

गिरफ्तार अभियुक्तों के नाम एवं पता:

  1. मिथलेश कुमार, पिता- परमानंद राय, निवासी- तेरसिया, थाना- गंगाब्रिज, जिला- वैशाली।
  2. संजय राय, पिता- महीपत राय, निवासी- सैफपुर, थाना- गंगाब्रिज, जिला- वैशाली।

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ गंगाब्रिज थाना कांड संख्या 287/26 दर्ज कर एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही, इस सफलता में शामिल छापेमारी टीम को वरीय पुलिस अधीक्षक द्वारा पुरस्कृत भी किया जा रहा है।

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सावधान! जवानों को शिकार बना रहा साइबर जाल: हनीट्रैप और डिजिटल ठगी से बचाने को एसएसबी  कैंप में लगी इमरजेंसी क्लास

मुजफ्फरपुर। साइबर अपराधियों की नजर अब देश की सुरक्षा में तैनात जवानों पर भी टिक गई है। आए दिन जवानों को हनीट्रैप, फर्जी कॉल और ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार बनाने की साजिशें रची जा रही हैं। इसी खतरे को देखते हुए मुजफ्फरपुर स्थित एसएसबी कैंप में साइबर सुरक्षा एवं जागरूकता विषय पर एक विशेष परिचर्चा का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जवानों को साइबर दुनिया के छिपे हुए खतरों से आगाह करना और उन्हें डिजिटल रूप से सुरक्षित बनाना था। इस परिचर्चा का संचालन और संबोधन पुलिस उपाधीक्षक (साइबर क्राइम), मुजफ्फरपुर द्वारा किया गया।

मुजफ्फरपुर स्थित एसएसबी कैंप में जवानों को साइबर अपराध और हनीट्रैप से बचाव के गुर सिखाते पुलिस उपाधीक्षक (साइबर क्राइम)।

हनीट्रैप और फर्जी कॉल के मायाजाल से सावधान

परिचर्चा के दौरान पुलिस उपाधीक्षक ने जवानों को विस्तार से बताया कि किस तरह साइबर अपराधी फर्जी प्रोफाइल बनाकर या खूबसूरत चेहरों की आड़ में जवानों को हनीट्रैप में फंसाते हैं। इसके अलावा ऑनलाइन धोखाधड़ी, सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल, फर्जी कॉल और डिजिटल ठगी के अलग-अलग तरीकों के बारे में जवानों को जागरूक किया गया।

डिजिटल पहचान और गोपनीयता की सुरक्षा जरूरी

कार्यक्रम में जवानों को सुरक्षा के कई महत्वपूर्ण टिप्स और उपाय दिए गए:

  • अनजान लोगों से दूरी: सोशल मीडिया पर अनजान व्यक्तियों के साथ कभी भी व्यक्तिगत जानकारी या संवेदनशील दस्तावेज साझा न करें।
  • संदिग्ध लिंक से बचें: किसी भी अज्ञात या संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें, यह डेटा चोरी या फोन हैक करने का जरिया हो सकता है।
  • सोशल मीडिया पर सतर्कता: अपनी डिजिटल पहचान, पासवर्ड और गोपनीयता को हर हाल में सुरक्षित रखें।

जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव

कार्यक्रम के अंत में बल दिया गया कि डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के लिए सतर्कता और जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है। “सतर्क रहें, सुरक्षित रहें” के संदेश के साथ जवानों को हर कदम पर सावधानी बरतने के लिए प्रेरित किया गया। इस परिचर्चा के बाद जवानों ने साइबर सुरक्षा से जुड़े अपने सवालों के जवाब भी प्राप्त किए।

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