गयाजी में महामंथन: सक्षम विधायक और सशक्त विधानसभा ही समृद्ध बिहार की असली आधारशिला, लोकतंत्र के मंदिर से गूंजा विकास का नया संकल्प!

उपराष्ट्रपति सी०पी० राधाकृष्णन, राज्यपाल सय्यद अता हसनैन और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया दो दिवसीय ऐतिहासिक प्रबोधन कार्यक्रम का शंखनाद; आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से आएगी विधायी कार्यों में पारदर्शिता,

 गयाजी (बिहार) | 11 जुलाई 2026 बिहार के गौरवशाली विधायी इतिहास में आज एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया जब पवित्र भूमि गयाजी के बिपार्ड (बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान) परिसर में बिहार विधानसभा के सदस्यों के दो दिवसीय विशेष प्रबोधन कार्यक्रम का अत्यंत भव्य और गरिमामयी माहौल में शंखनाद हुआ। इस युग-परिवर्तनकारी कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ देश के माननीय उपराष्ट्रपति सी०पी० राधाकृष्णन, बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सय्यद अता हसनैन (सेवानिवृत्त), मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, बिहार विधानपरिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ० प्रेम कुमार और उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

गयाजी के बिपार्ड में आयोजित बिहार विधानसभा के सदस्यों के दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम के मंच पर आसीन देश के उपराष्ट्रपति सी०पी० राधाकृष्णन, बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सय्यद अता हसनैन (सेवानिवृत्त), मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं अन्य विशिष्ट अतिथिगण।

यह भव्य प्रबोधन कार्यक्रम बिपार्ड (गयाजी), प्राइड (लोकसभा) और बिहार विधानसभा सचिवालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य नवनिर्वाचित और युवा विधायकों की विधायी क्षमताओं को निखारना तथा उन्हें संसदीय लोकतंत्र की उत्कृष्ट परंपराओं से रूबरू कराना है। उद्घाटन सत्र के मुख्य वक्ता के रूप में उपराष्ट्रपति सी०पी० राधाकृष्णन और राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सय्यद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने उपस्थित  जनसमूह और विधायकों को संबोधित करते हुए राष्ट्र निर्माण और राज्य के संतुलित विकास में विधायी संस्थाओं की महत्ता पर विशेष प्रकाश डाला।

सक्षम विधायक ही समृद्ध बिहार की नींव: सम्राट चौधरी

इस अवसर पर अपने बेहद प्रभावशाली और दिशा-निर्देशक संबोधन में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ‘सक्षम विधायक और सशक्त विधानसभा ही समृद्ध बिहार की असली आधारशिला हैं।’ उन्होंने पुरजोर तरीके से रेखांकित किया कि किसी भी जीवंत लोकतंत्र की संपूर्ण सफलता सीधे तौर पर उसके जनप्रतिनिधियों की कार्यक्षमता, उनकी जवाबदेही और जनसेवा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि जब तक सदन के सदस्य विधायी कार्यों में पूरी तरह से पारंगत और सक्रिय नहीं होंगे, तब तक लोकतंत्र के वास्तविक लक्ष्यों को हासिल नहीं किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने विधायकों के भारी दायित्वों की याद दिलाते हुए कहा कि जनता ने अपने अथाह विश्वास और अनगिनत अपेक्षाओं के साथ आपको अपनी आवाज़ बनाकर इस महान सदन में भेजा है। ऐसे में प्रत्येक विधायक का यह परम दायित्व और कर्तव्य बनता है कि वे अपने-अपने क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं, जनता की आकांक्षाओं तथा विकास से जुड़े अति महत्वपूर्ण मुद्दों को पूरी तैयारी, ठोस तथ्यों, आंकड़ों और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ सदन के पटल पर उठाएं। उन्होंने सभी सदस्यों से बिहार विधानसभा की कार्यप्रणाली, जटिल नियमों और समृद्ध संसदीय परंपराओं का निरंतर गहन अध्ययन करने का विशेष आग्रह किया ताकि वे लोकतांत्रिक संस्थाओं को और अधिक प्रभावी, जीवंत तथा उत्तरदायी बना सकें।

स्वस्थ लोकतंत्र के लिए सत्ता और विपक्ष दोनों जरूरी

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोकतंत्र के सुचारू संचालन में विपक्ष के महत्व को स्वीकार करते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की ही रचनात्मक तथा सकारात्मक भूमिका अत्यंत आवश्यक है। सदन के भीतर होने वाला स्वस्थ संवाद, सार्थक विमर्श और जनहित को सर्वोपरि रखने की महान भावना ही विधानसभा की गरिमा को नई ऊंचाइयों पर ले जाती है और राज्य के समग्र विकास को एक नई व तीव्र गति प्रदान करती है। उन्होंने सभी विधायकों से पुरजोर अपील की कि वे विधानसभा सत्र के दौरान अधिक से अधिक समय सदन की कार्यवाही को दें और उसमें सक्रियता से भाग लें।

अपने संबोधन को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के वृहद संकल्प और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ‘समृद्ध बिहार’ के सुनहरे सपने का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन दोनों महान सपनों को धरातल पर साकार करने के लिए राज्य के सभी जनप्रतिनिधियों को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर पूरी एकजुटता के साथ मिलकर कार्य करना होगा। सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचाना केवल सरकार का ही नहीं, बल्कि हर एक जनप्रतिनिधि का साझा दायित्व है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए०आई०) और पी०पी०पी० मॉडल से बदलेगा बिहार

तकनीक के इस आधुनिक युग में बिहार को अग्रणी बनाने का विजन प्रस्तुत करते हुए मुख्यमंत्री ने विधानसभा की संपूर्ण कार्यप्रणाली को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए०आई०) जैसी अत्याधुनिक तकनीकों के व्यापक उपयोग पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि इन तकनीकों के आने से कार्यों में अभूतपूर्व पारदर्शिता आएगी और कार्यक्षमता में भारी वृद्धि होगी। इसके अलावा, उन्होंने राज्य के बुनियादी ढांचे के विकास की चर्चा करते हुए कहा कि बिहार में पी०पी०पी० (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल के माध्यम से बस स्टैंड, विश्वस्तरीय टाउनशिप तथा अन्य महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाओं को तेजी से गति दी जा रही है, जो बिहार को विकास की एक नई दिशा की ओर ले जाएगी।

मुख्यमंत्री ने पूर्ण विश्वास व्यक्त किया कि पवित्र गयाजी की धरती पर आयोजित यह दो दिवसीय विशेष प्रबोधन कार्यक्रम नवनिर्वाचित और युवा विधायकों को उनकी विधायी जिम्मेदारियों, संसदीय मर्यादाओं तथा जनसेवा की सच्ची भावना को और अधिक सुदृढ़ बनाने में एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगा।

शीर्ष अधिकारियों और राजनेताओं की रही गरिमामयी उपस्थिति

इस ऐतिहासिक कार्यक्रम को बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ० प्रेम कुमार, बिहार विधानपरिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह और उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी विशिष्ट रूप से संबोधित किया और अपने बहुमूल्य विचार साझा किए। कार्यक्रम के दौरान बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव सहित बिहार सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रीगण, विधायकगण, राज्य के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, बिपार्ड के महानिदेशक डॉ० बी० राजेन्दर, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, मगध प्रमंडल की आयुक्त डॉ० सफीना ए०एन०, मगध प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव, जिलाधिकारी शशांक शुभंकर, वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सहित अन्य तमाम वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

इससे पूर्व, गयाजी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उपराष्ट्रपति सी०पी० राधाकृष्णन के आगमन पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर उनका अत्यंत आत्मीय और भव्य स्वागत किया था।

मुख्यमंत्री का विशेष आह्वान

जन-सहयोग कार्यक्रम में निभाएं सक्रिय भूमिका मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सभी विधायकों से सरकार द्वारा चलाए जा रहे महत्वाकांक्षी ‘सहयोग कार्यक्रम’ में पूरी सक्रियता और तत्परता के साथ भाग लेने का विशेष अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की इस कार्यक्रम में सीधी और सक्रिय भागीदारी से ही आम जनता को त्वरित न्याय मिल सकेगा और उन्हें बेहतर सरकारी सेवाएं आसानी से सुलभ हो पाएंगी।

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