हाजीपुर। वैशाली जिला अंतर्गत हाजीपुर के अक्षयवट राय स्टेडियम में आयोजित एक हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम के बाद उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का हेलीकॉप्टर उड़ान भरने के तुरंत बाद आसमान में ही एक जगह पर कुछ मिनटों तक मंडराता रह गया। हेलीकॉप्टर के हवा में स्थिर हो जाने से कार्यक्रम स्थल पर मौजूद अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच कुछ देर के लिए हड़कंप मच गया। हालांकि, पायलट की सूझबूझ से कुछ ही मिनटों में स्थिति सामान्य हो गई और हेलीकॉप्टर सुरक्षित रूप से गंतव्य के लिए रवाना हो गया, जिसके बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली।
इस हाई-प्रोफाइल वीआईपी दौरे को लेकर सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए थे। सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए गांधी चौक से लेकर राजेंद्र चौक तक के पूरे इलाके को पूरी तरह से ‘नो व्हीकल जोन’ घोषित कर दिया गया था, जहां आम वाहनों के प्रवेश पर सख्त पाबंदी रही।

वरिष्ठ नागरिकों को बड़ी सौगात, घर बैठे होगी जमीन रजिस्ट्री इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने राज्य की अत्याधुनिक डिजिटल एवं पेपरलेस निबंधन व्यवस्था का औपचारिक उद्घाटन किया। सरकार की इस नई पहल के तहत अब वैशाली जिला निबंधन कार्यालय से होम रजिस्ट्रेशन, भूमि संबंधी ऑनलाइन जांच, पेपरलेस निबंधन प्रणाली और जीआईएस मैपिंग आधारित सेवाओं का शुभारंभ कर दिया गया है।
अब राज्य के 80 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के बुजुर्गों को जमीन रजिस्ट्री के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे। सरकार की विशेष “मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट” सीधे उनके घर पहुंचेगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

पारदर्शिता और सुरक्षा पर जोर कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि 75 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों और बिहार से बाहर रहने वाले लोगों के लिए भी डिजिटल माध्यम से निबंधन की प्रक्रिया को बेहद सरल और सुलभ बनाया जाए। सरकार का दावा है कि यह नई तकनीक आधारित व्यवस्था भूमि की खरीद-बिक्री में पूर्ण पारदर्शिता, सुरक्षा और विश्वसनीयता सुनिश्चित करेगी, जिससे खरीदारों के हितों की रक्षा होगी। इसके अलावा, निबंधन कार्यालयों में आने वाले आम लोगों के लिए बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के भी कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।
इस नई व्यवस्था के तहत अब अंचल अधिकारी या राजस्व अधिकारी द्वारा भूमि के संबंध में निबंधन पूर्व पूरी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही, जीआईएस और जीओआईएसओ तकनीक के माध्यम से जमीन के स्थल जांच की आधुनिक सुविधा भी शुरू की गई है, जिससे भूमि विवादों पर लगाम लगेगी।
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