समस्तीपुर : पूर्णिमा एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य में सरायरंजन स्थित ऐतिहासिक केएसआर कॉलेज के अस्तित्व पर मंडरा रहे खतरे को लेकर छात्रों का गुस्सा अब चरम पर पहुंच गया है। कॉलेज भवन को ध्वस्त होने से बचाने, जिले में सख्त कोचिंग एक्ट लागू करने सहित कई अन्य ज्वलंत शैक्षणिक मांगों को लेकर एनएसयूआई के कार्यकर्ता पिछले 20 अगस्त से समस्तीपुर जिलाधिकारी (डीएम) कार्यालय के समक्ष स्थित सरकारी बस स्टैंड परिसर में अनिश्चितकालीन अनशन पर डटे हुए हैं।
समस्तीपुर सरकारी बस स्टैंड में केएसआर कॉलेज को बचाने एवं कोचिंग एक्ट लागू करने की मांग को लेकर अनशन पर बैठे एनएसयूआई कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर अपना समर्थन जताते व नारेबाजी करते आइसा जिला प्रभारी सह माकपा माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह एवं अन्य छात्र कार्यकर्ता।
रविवार को इस आंदोलन ने उस समय एक नया मोड़ ले लिया जब आइसा के जिला प्रभारी सह माकपा माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह अपनी पूरी आइसा टीम के साथ अनशन स्थल पहुंचे। उन्होंने अनशन पर बैठे आंदोलनकारियों से मुलाकात कर उनके जज्बे को सराहा और इस लड़ाई में अपना पूर्ण और जोरदार समर्थन देने का ऐलान किया।
धारावाहिक आंदोलन चलाने की रणनीति पर विचार-विमर्श
माकपा माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने अनशन स्थल पर मौजूद एनएसयूआई कार्यकर्ताओं और छात्र नेताओं से अनशन आंदोलन को और अधिक प्रभावी एवं सफल बनाने हेतु रणनीतिक चर्चा की। इस दौरान दोनों छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच इस बात पर गंभीर सलाह-मशवरा हुआ कि यदि प्रशासन और सरकार जल्द ही उनकी मांगों पर संज्ञान नहीं लेती है, तो इस आंदोलन को उग्र रूप देते हुए जिले भर में चरणबद्ध और धारावाहिक आंदोलन की श्रृंखला चलाई जाएगी।
सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि शिक्षा और शिक्षण संस्थानों को नुकसान पहुंचाकर किसी भी विकास कार्य का औचित्य साबित नहीं किया जा सकता। केएसआर कॉलेज सरायरंजन क्षेत्र के हजारों युवाओं के भविष्य का केंद्र है, जिसे किसी भी कीमत पर एक्सप्रेसवे निर्माण की बलि नहीं चढ़ने दिया जाएगा। साथ ही, उन्होंने कोचिंग मंडियों में हो रही अनियमितताओं पर लगाम लगाने के लिए कोचिंग एक्ट को तत्काल प्रभाव से लागू करने की मांग की।
इस मौके पर आइसा और एनएसयूआई से जुड़े कई प्रमुख कार्यकर्ता व छात्र नेता उपस्थित थे, जिन्होंने एक स्वर में मांगें पूरी न होने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
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मुजफ्फरपुर23 अगस्त 2026 । अहियापुर थाना क्षेत्र में भू-माफियाओं और दबंगों का दुस्साहस इस कदर बढ़ गया कि कानून की धज्जियां उड़ाते हुए दर्जनों निर्माणाधीन मकानों और चहारदीवारी को जेसीबी (JCB) तथा थार गाड़ियों से ढा दिया गया। पीड़ितों से सीधी मारपीट की गई और साफ कह दिया गया— “यदि इस जमीन पर रहना है तो ‘बॉस‘ को पैसा देना ही होगा।” इस घटना की गंभीरता को देखते हुए रविवार को मुजफ्फरपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) ने दल-बल के साथ अहियापुर थाना क्षेत्र के झांपी/झंझारपुर स्थित घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पीड़ित पक्षों से आमने-सामने बातचीत की, उनकी समस्याओं व आपबीती को सुना और स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा विधि-व्यवस्था कायम रखने हेतु पुलिस अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए।
मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत झंझारपुर/झांपी में टूटी हुई चहारदीवारी और घटनास्थल का निरीक्षण करते वरीय पुलिस अधीक्षक तथा पुलिस बल के साथ उपस्थित पीड़ित व स्थानीय लोग।
विधायक के बैरिया स्थित आवास पर सर्च वारंट लेकर पहुंची पुलिस
इस पूरे आपराधिक घटनाक्रम में बेलसंड के विधायक अमित रानू की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है, जबकि उनके भाई सोनू सिंह उर्फ अभिनव को मामले में नामजद किया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए माननीय न्यायालय से विधायक अमित रानू और उनके भाई सोनू सिंह उर्फ अभिनव (पिता- प्रदीप सिंह) के विरुद्ध विधिवत सर्च वारंट प्राप्त किया। इसके बाद पुलिस टीम ने विधायक के बैरिया स्थित आवास पर सर्च अभियान चलाया। छापेमारी के दौरान पुलिस को विधायक के घर से पार्टनरशिप के एग्रीमेंट पेपर बैंक अकाउंट विवरण तथा 2017 के हस्ताक्षरित ब्लैंक स्टाम्प पेपर बरामद हुए हैं, जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया है।
क्या था पूरा मामला?
20 अगस्त 2026 को स्कॉर्पियो, थार, जेसीबी मशीन और दर्जनों मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए करीब 50 से अधिक उपद्रवियों ने झांपी, अहियापुर में जमीनों पर किए गए निर्माण को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। हमलावरों के एक वाहन पर राजनीतिक पार्टी (लोजपा आर) का बोर्ड लगा हुआ था। जब स्थानीय निवासियों और जमीन मालिकों ने इसका विरोध किया, तो दबंगों ने उनके साथ जमकर मारपीट की, जमीन खाली करने की धमकी दी और रंगदारी (बॉस के नाम पर पैसा) की मांग की।
अब तक 2 गिरफ्तार, 12 अन्य पीड़ितों ने दर्ज कराई एफआईआर
घटना के संबंध में पीड़ित और वादी प्रहलाद कुमार (थाना- औराई, जिला- मुजफ्फरपुर) के लिखित आवेदन पर अहियापुर थाना में कांड संख्या 1323/26 दर्ज की गई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देशन, नगर पुलिस अधीक्षक और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (नगर-02) के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें थानाध्यक्ष अहियापुर भी शामिल थे।
गठित टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर 2 नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है:
सुमित कुमार श्रीवास्तव (पिता- स्व. कृष्णा कुमार श्रीवास्तव, साकिन- नरियार, थाना- मोतीपुर)
इसके अलावा घटना के बाद 12 अन्य पीड़ितों ने भी अपने आवेदन पुलिस को सौंपे हैं, जिसके आधार पर अहियापुर थाने में नई प्राथमिकियां दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
संपत्ति जप्त करने की होगी कार्रवाई: एसएसपी
मुजफ्फरपुर पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घटना में शामिल सभी भू-माफियाओं और अपराधियों की गिरफ्तारी जल्द से जल्द सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही दोषी भू-माफियाओं के खिलाफ बीएनएसएस की धारा 107 के तहत संपत्ति जब्ती की कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गिरफ्तार अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है।
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त्योहारों के मौसम की शुरुआत से ठीक पहले देश में चीनी के दामों में आई भारी उछाल और घटते स्टॉक को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार की आर्थिक व कृषि नीतियों पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी अपने बयान में खरगे ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की गलत और अदूरदर्शी नीतियों के कारण त्योहारों से ठीक पहले आम जनता के जीवन में चीनी की मिठास कड़वाहट में बदल गई है।
एक्स (ट्विटर) पर जारी ग्राफिकल संदेश के माध्यम से केंद्र सरकार पर हमला बोलते कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे। फोटो में चीनी की कमी, 40 प्रतिशत मूल्य वृद्धि और एथेनॉल नीति पर उठाए गए सवालों को रेखांकित किया गया है।
तीन महीने में 40 प्रतिशत महंगी हुई चीनी
मल्लिकार्जुन खरगे ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि बीते तीन महीनों के भीतर देश में चीनी की कीमतों में लगभग 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब भारत विश्व का एक बड़ा चीनी उत्पादक और निर्यातक देश रहा है, तब आज घरेलू बाजार में चीनी का स्टॉक पिछले 9 वर्षों के सबसे निचले स्तर पर कैसे पहुँच गया? उन्होंने कहा कि हालात इतने विकट हो चुके हैं कि सरकार को चीनी का निर्यात रोकने के साथ-साथ 10 लाख टन चीनी ड्यूटी-फ्री (कर मुक्त) आयात करने की दिशा में कदम उठाना पड़ रहा है।
एथेनॉल नीति पर उठाए गंभीर सवाल
विपक्ष के नेता ने सरकार की ई20 एथेनॉल ब्लेंडिंग नीति की समीक्षा की मांग करते हुए कहा कि एक तरफ जब देश में चीनी की किल्लत पैदा हो रही है और सरकार विदेशों से चीनी मंगाने पर मजबूर है, वहीं दूसरी तरफ गन्ने और अनाज को एथेनॉल बनाने में झोंका जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि जब देश में ही मुख्य खाद्य सामग्री की किल्लत गहरा रही है, तब इस नीति की समीक्षा क्यों नहीं की जा रही है? खरगे ने तंज कसते हुए पूछा कि क्या यही केंद्र सरकार का ‘आत्मनिर्भर भारत’ है, जहाँ पहले उत्पादन घटता है, फिर स्टॉक 9 साल के निचले स्तर पर जाता है और अंत में विदेशों से आयात करने की नौबत आ जाती है?
विपक्ष के 3 सीधे सवाल:
स्टॉक में गिरावट: दुनिया का प्रमुख चीनी उत्पादक और निर्यातक देश होने के बावजूद भारत में आज चीनी का भंडार 9 साल के न्यूनतम स्तर पर क्यों चला गया? 10 लाख टन चीनी ड्यूटी-फ्री आयात करने की स्थिति क्यों बनी?
महंगाई की मार: बीते तीन महीनों में चीनी की कीमतों में 40 प्रतिशत की भारी वृद्धि हुई है। त्योहारों के ठीक पहले जनता पर थोपी गई इस महंगाई का जिम्मेदार कौन है?
नीतिगत चूक: जब देश के भीतर चीनी की कमी है और विदेश से चीनी आयात की जा रही है, तो गन्ने व अनाज को ई20 एथेनॉल निर्माण में लगाने की नीति की पुनः समीक्षा क्यों नहीं की जा रही?
जनता पर बढ़ेगा आर्थिक बोझ
आने वाले दिनों में रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी, दुर्गा पूजा और दिवाली जैसे बड़े त्योहार हैं। इन अवसरों पर मिठाइयों और खाद्य पदार्थों की खपत काफी बढ़ जाती है। ऐसे समय में चीनी के दामों में 40 फीसदी की वृद्धि ने आम परिवारों के बजट को बुरी तरह प्रभावित किया है। आर्थिक विशेषज्ञों का भी मानना है कि यदि आयात प्रक्रिया में देरी हुई या सप्लाई चेन सुचारू नहीं रही, तो खुदरा बाजार में चीनी की कीमतें और अधिक ऊपर जा सकती हैं।
त्योहारों से पहले चीनी की मिठास में मोदी सरकार की नीतियों की कड़वाहट घुल गई है।
मोदी सरकार से 3 सीधे सवाल:
1. दुनिया के बड़े चीनी उत्पादक और निर्यातक भारत में आज चीनी का स्टॉक 9 साल के निचले स्तर पर क्यों है? नौबत निर्यात रोकने और 10 लाख टन चीनी duty-free आयात करने तक कैसे… pic.twitter.com/hO9wLYgVWN
अनुमंडल अधिकारी कार्यालय की जांच में खुली पोल, 09 फर्जी स्टाम्प पेपर और 32 फर्जी टिकट जब्त; चौथे आरोपी सत्यम की तलाश में पुलिस की छापेमारी जारी।
मुजफ्फरपुर: नगर थाना क्षेत्र में न्याय व्यवस्था और राजस्व को बड़ा चूना लगाने वाले फर्जी ज्यूडिशियल स्टाम्प पेपर व टिकट के अवैध कारोबार का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस गिरोह में शामिल तीन शातिर अभियुक्तों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों के पास से 09 फर्जी/नकली ज्यूडिशियल स्टाम्प पेपर और 32 फर्जी वेलफेयर व कोर्ट फीस टिकट बरामद किए गए हैं।
नगर थाना पुलिस की गिरफ्त में फर्जी ज्यूडिशियल स्टाम्प और टिकट बेचने के आरोप में पकड़े गए अभियुक्त मुरारी कुमार, प्रभात चौधरी और राजेश कुमार पुलिस की कस्टडी में
ऐसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा
मामले का खुलासा तब हुआ जब पूर्वी अनुमंडल अधिकारी (एसडीओ) कार्यालय में पदस्थापित कार्यपालक दंडाधिकारी रामनाथ कुमार ने ज्यूडिशियल स्टाम्प पेपर, वेलफेयर टिकट और कोर्ट फीस की बारीकी से जांच की। जांच के दौरान ये सभी दस्तावेज और टिकट पूरी तरह फर्जी पाए गए। जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि इन फर्जी स्टाम्प और टिकटों की खरीद-बिक्री शहर की चार अलग-अलग दुकानों से धड़ल्ले से की जा रही थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्यपालक दंडाधिकारी रामनाथ कुमार ने 21 अगस्त 2026 को नगर थाना में एक लिखित आवेदन सौंपा। अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी के निर्देश और मेमो नंबर 1673 के आलोक में प्राप्त आवेदन के आधार पर नगर थाना में प्राथमिक दर्ज (कांड संख्या- 465/2026) की गई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बनी विशेष टीम
मामले की संवेदनशीलता और बड़े वित्तीय धोखाधड़ी की आशंका को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरपुर ने तुरंत एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया। इस टीम की अगुवाई पुलिस अधीक्षक नगर (मुजफ्फरपुर) मो0 मोहिबुल्लाह अंसारी के अनुश्रवण में अपर पुलिस अधीक्षक (नगर-01) कर रहे थे। टीम में थानाध्यक्ष नगर व अन्य पुलिस बल को शामिल किया गया।
तकनीकी व मानवीय सूचना से हत्थे चढ़े आरोपी
गठित पुलिस टीम ने मानवीय व तकनीकी आसूचना संकलन (सर्विलांस) के आधार पर त्वरित छापेमारी कर तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों का विवरण इस प्रकार है:
मुरारी कुमार (थाना – नगर)
प्रभात चौधरी (थाना – नगर)
राजेश कुमार (थाना – सिकंदरपुर)
पुलिस अधीक्षक नगर मो0 मोहिबुल्लाह अंसारी ने प्रेस वार्ता में बताया कि यह 4-5 लोगों का एक संगठित गिरोह है, जिसका मुख्य उद्देश्य फर्जी स्टाम्प व टिकट बेचकर अवैध कमाई करना और वित्तीय धोखाधड़ी (फाइनेंशियल फ्रॉड) को अंजाम देना था।
चौथे आरोपी सत्यम की तलाश में छापेमारी जारी
प्रेस वार्ता में जानकारी दी गई कि इस कांड में एक अन्य नामजद अभियुक्त सत्यम फिलहाल फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी जारी है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी खंगाल रही है।
पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से फर्जी स्टाम्प का काला कारोबार करने वाले सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के बाकी सदस्यों को भी जल्द ही कानून के शिकंजे में ले लिया जाएगा।
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नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली स्थित भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) मुख्यालय में 22 अगस्त 2026 को एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रभावी बैठक संपन्न हुई। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अध्यक्षता में आयोजित इस राष्ट्रीय पदाधिकारी बैठक में पार्टी के नवनियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों, प्रदेश अध्यक्षों, प्रदेश संगठन महामंत्रियों सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। इस उच्चस्तरीय बैठक में कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा वंदे मातरम् के गायन को केवल दो पदों तक सीमित करने के फैसले पर तीखा हमला बोला गया और इसके जवाब में 10 सूत्रीय ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित किया गया।
तुष्टीकरण बनाम राष्ट्रीय स्वाभिमान: बीजेपी का सीधा हमला
बैठक में 19 अगस्त 2026 को कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) द्वारा 1937 के प्रस्ताव को दोहराते हुए अपने कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के केवल प्रथम दो पदों के गायन तक सीमित रखने के निर्णय की कड़े शब्दों में निंदा की गई। बीजेपी नेताओं ने इसे संकीर्ण वोट-बैंक की राजनीति और तुष्टीकरण का चरम रूप करार दिया।
प्रस्ताव में कहा गया कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत माता के प्रति श्रद्धा की अभिव्यक्ति, स्वतंत्रता संग्राम का मूल मंत्र और राष्ट्रीय चेतना का अमर प्रतीक है। 1905 के स्वदेशी आंदोलन से लेकर स्वतंत्रता संग्राम तक इस गीत ने पूरे देश को एक सूत्र में पिरोया था।
प्रस्ताव के मुख्य 10 संकल्प:
कांग्रेस के निर्णय का विरोध: 19 अगस्त 2026 के कांग्रेस कार्यसमिति के निर्णय का पुरजोर और कड़ा विरोध किया जाएगा।
पूर्ण स्वरूप की रक्षा: छह पदों वाले संपूर्ण वंदे मातरम् के सम्मान, गरिमा और राष्ट्रीय स्वरूप की रक्षा की जाएगी।
संवैधानिक स्थिति की पुष्टि: 1950 में संविधान सभा द्वारा की गई घोषणा तथा 2026 में संसद द्वारा ‘प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर (अमेंडमेंट) एक्ट, 2026’ के माध्यम से राष्ट्रीय गीत को ‘जन गण मन’ के समान दिए गए वैधानिक संरक्षण को मजबूती से कायम रखा जाएगा।
तुष्टीकरण का मुकाबला: राष्ट्रीय गीत को किसी भी सांप्रदायिक दबाव, राजनीतिक तुष्टीकरण या संकीर्ण वोट-बैंक की राजनीति के अधीन करने के प्रयास का विरोध होगा।
संसद की सर्वोच्चता: कांग्रेस को यह स्पष्ट संदेश दिया जाएगा कि उसका कोई भी दलीय प्रस्ताव देश के संवैधानिक संस्थानों और संसद द्वारा पारित कानून से ऊपर नहीं हो सकता।
ऐतिहासिक संदर्भ की सच्चाई: जनता के बीच उस इतिहास को उजागर किया जाएगा कि कैसे 1937 में मुस्लिम लीग की आपत्तियों और जिन्ना-नेहरू पत्राचार के दबाव में वंदे मातरम् के गायन को सीमित कर देश के विभाजन की नींव रखी गई थी।
महात्मा गांधी के विचारों का प्रसार: महात्मा गांधी के उस ऐतिहासिक कथन को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा जिसमें उन्होंने वंदे मातरम् को “साम्राज्यवाद-विरोधी नारा” और “शुद्धतम राष्ट्रीय भावना” कहा था।
देशव्यापी जन-जागरण अभियान: बीजेपी कार्यकर्ताओं के माध्यम से देश के कोने-कोने में वंदे मातरम् का इतिहास, अर्थ और महत्व पहुंचाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा।
युवा पीढ़ी को जागरूक करना: विशेष रूप से नई पीढ़ी को इस बात से अवगत कराया जाएगा कि छह पदों वाले इस गीत से देश के बलिदान और स्वतंत्रता संग्राम की कितनी गहरी यादें जुड़ी हैं।
सम्मान से कोई समझौता नहीं: राजनीतिक सुविधा या चुनावी गणित के लिए राष्ट्रगीत के सम्मान और गौरव से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
ऐतिहासिक संदर्भ और राजनीतिक घटनाक्रम
बैठक के दौरान प्रस्तुत दस्तावेज में उल्लेख किया गया कि 1923 के काकीनाडा कांग्रेस अधिवेशन में जब पंडित विष्णु दिगंबर पलुस्कर ने वंदे मातरम् गाना शुरू किया था, तब तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद अली ने आपत्ति जताते हुए मंच छोड़ दिया था। इसके बाद 28 अक्टूबर 1937 को कांग्रेस ने इसे दो पदों तक सीमित कर दिया था।
बीजेपी ने ध्यान दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने 2025 में संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर विस्तृत चर्चा कराई और इसके पूर्ण स्वरूप को आधिकारिक प्रोटोकॉल में स्थान दिया। इसके उपरांत 2026 में संसद ने इसे वैधानिक सुरक्षा प्रदान की और 15 अगस्त 2026 को लाल किले की प्राचीर से 80वें स्वतंत्रता दिवस पर पहली बार संपूर्ण वंदे मातरम् का गायन हुआ। इसके विपरीत, 15 अगस्त को एआईसीसी मुख्यालय में सोनिया गांधी द्वारा दो पदों के बाद गायन रोकने का संकेत देना और फिर 19 अगस्त को कांग्रेस कार्यसमिति का निर्णय पुरानी तुष्टीकरण की सोच को दर्शाता है।
1947 से 2047 की यात्रा
बैठक का समापन करते हुए बीजेपी नेतृत्व ने देशवासियों से आह्वान किया कि जिस वंदे मातरम् के जयघोष से 1947 में भारत को स्वतंत्रता मिली थी, वही वंदे मातरम् प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2047 के ‘विकसित भारत’ का संकल्प और महाघोष बनेगा।
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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अध्यक्षता में आज नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में पार्टी के नवनियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों, प्रदेश अध्यक्षों, प्रदेश संगठन महामंत्रियों सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रभावी बैठक संपन्न हुई।
नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में आयोजित राष्ट्रीय पदाधिकारी बैठक के दौरान मंच से पदाधिकारियों को संबोधित करते भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन।
‘सेवा संकल्प अभियान‘ पर मंथन बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक सेवा और समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक देशव्यापी स्तर पर आयोजित होने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ की रूपरेखा और तैयारियों को लेकर विस्तृत व गहन चर्चा की गई। इस अभियान के माध्यम से पार्टी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचने और जनसेवा के कार्यों को गति देने का लक्ष्य रख रही है।
‘विकसित भारत 2047′ का संकल्प बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि भाजपा आज जिस मुकाम पर है, वह असंख्य कार्यकर्ताओं के अनवरत परिश्रम, त्याग, निष्ठा और अनुशासन का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि नई टीम पूर्ण सेवा, समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को साकार करने तथा संगठन के निरंतर विस्तार व सुदृढ़ीकरण के लिए कार्य करेगी।
भाजपा मुख्यालय में आयोजित बैठक में एकाग्रता के साथ रणनीति और दिशा-निर्देशों को सुनते तथा टिप्पणी दर्ज करते हुए विभिन्न प्रदेशों के अध्यक्ष, संगठन महामंत्री एवं नव-नियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारी।
शीर्ष नेतृत्व की गरिमामयी उपस्थिति इस संगठनात्मक बैठक में राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े, राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी.एल. संतोष, राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव (संगठन) शिव प्रकाश और सौदान सिंह सहित पार्टी के कई अन्य प्रमुख पदाधिकारी तथा विभिन्न प्रदेशों के संगठन प्रमुख विशेष रूप से उपस्थित रहे।
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मुजफ्फरपुर (विशेष प्रतिनिधि): श्रावणी मेला 2026 की चतुर्थ एवं अंतिम सोमवारी को लेकर उत्तर बिहार के प्रसिद्ध बाबा गरीबनाथ धाम में जलाभिषेक के लिए भक्तों का उत्साह चरम पर है। अंतिम सोमवारी को होने वाली अप्रत्याशित भीड़ और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। तैयारियों का जायजा लेने और सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए जिलाधिकारी कुमार गौरव एवं वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्र ने अधिकारियों की पूरी टीम के साथ खुद धरातल पर उतरकर निरीक्षण किया।
प्रशासनिक टीम ने रामदयालु नगर से लेकर बाबा गरीबनाथ मंदिर तक के पूरे कांवरिया मार्ग का पैदल एवं वाहनों से मुआयना किया। इस दौरान मार्ग में श्रद्धालुओं की सुविधा, पेयजल, बैरिकेडिंग, स्वास्थ्य शिविर, प्रकाश व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के उपायों की बिंदुवार समीक्षा की गई।
प्रोटोकॉल के तहत भीड़ नियंत्रण, लखीसराय जैसी घटनाओं से सबक
निरीक्षण के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों से बात करते हुए जिलाधिकारी कुमार गौरव ने बताया कि अब तक संपन्न हुई तीनों सोमवारियों में जलाभिषेक का कार्यक्रम अत्यंत शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से पूरा हुआ है। चौथी सोमवारी को लेकर भी प्रशासन की यही प्राथमिकता है कि बिना किसी अप्रिय घटना के पूरा आयोजन संपन्न कराया जाए।
हाल ही में लखीसराय में हुई घटना के संदर्भ में पूछे गए सवाल पर जिलाधिकारी ने आश्वस्त करते हुए कहा, “भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के निर्धारित प्रोटोकॉल का शत-प्रतिशत पालन कराया जा रहा है। हमारी तैयारियां पूरी हैं और समय रहते सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली गई हैं। अधिकारियों को एक-एक पॉइंट पर तैनात रहकर व्यवस्था पर कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया गया है ताकि कांवरियों व श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।”
चॉपर से होगी पुष्प वर्षा, 5 किलोमीटर क्षेत्र ‘टेंपरेरी रेड ज़ोन’ घोषित
अंतिम सोमवारी के पावन अवसर पर दिनांक 24 अगस्त 2026 को पूर्वाहन 07:00 बजे से 10:00 बजे तक हेलीकॉप्टर (चॉपर) के माध्यम से बाबा गरीबनाथ मंदिर, छोटी कल्याणी और सरैयागंज टावर सहित प्रमुख चिह्नित स्थलों पर श्रद्धालुओं के ऊपर भव्य पुष्प वर्षा की जाएगी।
पुष्प वर्षा और चॉपर की सुरक्षा को देखते हुए जिलाधिकारी द्वारा एक कड़ा प्रशासनिक आदेश जारी किया गया है। सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था संधारण के दृष्टिकोण से पुष्प वर्षा स्थलों के 05 किलोमीटर त्रिज्या (रेडियस) के पूरे परिधि क्षेत्र को दिनांक 23 अगस्त 2026 के पूर्वाहन 06:00 बजे से दिनांक 24 अगस्त 2026 के अपराहन 06:00 बजे तक ‘टेंपरेरी रेड ज़ोन / नो ड्रोन फ्लाई ज़ोन‘ घोषित कर दिया गया है।
इस अवधि के दौरान इस निर्धारित क्षेत्र में किसी भी प्रकार के ड्रोन , हॉट एयर बैलून , पैरा मोटर्स (Para Motors), पैरा-ग्लाइडर्स , पावर्ड हैंड ग्लाइडर्स सहित किसी भी गैर-पारंपरिक उड़न वस्तु के उड़ाने पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा। जिलाधिकारी ने अनुमंडल अधिकारियों और अनुमंडल पुलिस अधिकारियों को इस आदेश का सख़्ती से अनुपालन कराने तथा उल्लंघन करने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई करने का स्पष्ट निर्देश दिया है।
चतुर्थ सोमवारी की तैयारियों को लेकर प्रशासन अलर्ट
श्रावणी मेला 2026 के अवसर पर चतुर्थ सोमवारी की तैयारियों एवं श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने हेतु जिलाधिकारी, मुजफ्फरपुर श्री कुमार गौरव एवं वरीय पुलिस अधीक्षक श्री कांतेश कुमार मिश्र ने pic.twitter.com/Zam2Iv5kmg
मुजफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) परिसर में पुलिस प्रशासन द्वारा विद्यार्थियों के लिए एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुजफ्फरपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कांतेश कुमार मिश्र ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने छात्र-छात्राओं को डिजिटल युग के बढ़ते खतरों, साइबर ठगी से बचाव, महिला व बालिका सुरक्षा, नशामुक्ति और एक अनुशासित जीवन शैली अपनाने के लिए विस्तारपूर्वक मार्गदर्शन प्रदान किया।
एमआईटी मुजफ्फरपुर के प्रेक्षागृह में आयोजित साइबर सुरक्षा व जागरूकता कार्यक्रम के दौरान वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्र, कॉलेज प्रशासन के अधिकारी और भारी संख्या में उपस्थित छात्र-छात्राएं।
साइबर ठगी से सावधान: सतर्कता ही सुरक्षा की सबसे बड़ी ढाल – कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसएसपी कांतेश कुमार मिश्र ने कहा कि आज के डिजिटल दौर में इंटरनेट और सोशल मीडिया दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बन चुके हैं। तकनीक के विस्तार के साथ-साथ साइबर अपराधों का ग्राफ भी तेजी से बढ़ा है। उन्होंने विद्यार्थियों को चेताते हुए कहा कि किसी भी अज्ञात या संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। अपनी गोपनीय बैंकिंग जानकारी, ओटीपी या व्यक्तिगत विवरण कभी भी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग और फर्जी कॉल से बचने के लिए लगातार सतर्क रहना ही असली सुरक्षा है।
महिला सुरक्षा और कानूनी अधिकारों की दी जानकारी एसएसपी ने परिसर में मौजूद छात्र-छात्राओं को महिला सुरक्षा एवं बालिका सुरक्षा के संबंध में बने विभिन्न कानूनी प्रावधानों, सुरक्षा उपायों और आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की विषम परिस्थिति या अप्रिय घटना होने पर बिना डरे तत्काल पुलिस प्रशासन की मदद लें।
नशामुक्ति से ही संभव है उज्ज्वल भविष्य- युवाओं को अनुशासित और उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने की सीख देते हुए एसएसपी ने नशामुक्ति और सामाजिक नैतिक मूल्यों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवा देश का भविष्य और रीढ़ हैं। नशे की लत न केवल व्यक्ति का जीवन बर्बाद करती है बल्कि पूरे समाज को अंधकार में धकेल देती है। इसलिए छात्र अपनी ऊर्जा और प्रतिभा को सही, सकारात्मक एवं रचनात्मक दिशा में लगाएं।
छात्रों के सवालों का एसएसपी ने दिया त्वरित समाधान- कार्यक्रम के अंतिम चरण में संवाद सत्र का आयोजन हुआ, जिसमें विद्यार्थियों ने साइबर अपराध, ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी और व्यक्तिगत सुरक्षा से जुड़े कई व्यावहारिक सवाल पूछे। एसएसपी कांतेश कुमार मिश्र ने सभी जिज्ञासाओं और प्रश्नों का अत्यंत सहजता व विस्तार से उत्तर दिया।
वरीय पुलिस अधीक्षक, मुजफ्फरपुर द्वारा एमआईटी कॉलेज, मुजफ्फरपुर में आयोजित एक जागरूकता कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव, महिला एवं बालिका सुरक्षा तथा विद्यार्थी जीवन से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर संबोधित किया गया। 1/4 pic.twitter.com/sBsRRCI8gW
विशेष संवाददाता, सकरा (मुजफ्फरपुर): भारत में संचार क्रांति के जनक और भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व० राजीव गांधी की 82वीं जयंती के शुभ अवसर पर सकरा प्रखंड के सुजावलपुर स्थित महाराजा मैरिज हॉल में एक भव्य जयंती समारोह का आयोजन किया गया। अखिल भारतीय कांग्रेस सामाजिक संगठन के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ताओं और गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया और राजीव गांधी के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
मुजफ्फरपुर जिले के सकरा प्रखंड स्थित सुजावलपुर में पूर्व प्रधानमंत्री स्व० राजीव गांधी की 82वीं जयंती पर उनके तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि देते अखिल भारतीय कांग्रेस सामाजिक संगठन के प्रदेश सचिव शशि कपूर (बायें से) पदाधिकारी एवं सदस्यगण।
वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी और अध्यक्षता
कार्यक्रम की अध्यक्षता बिहार प्रदेश अखिल भारतीय कांग्रेस सामाजिक संगठन के सचिव शशि कपूर ने की। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष कुशवाहा उपस्थित रहे। समारोह के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने राजीव गांधी द्वारा देश के आधुनिक निर्माण, पंचायती राज व्यवस्था और डिजिटल भारत की नींव रखने में दिए गए ऐतिहासिक योगदान को याद किया।
समारोह में संगठन के प्रमुख सदस्यों में श्यामनंदन महतो, संजय कुमार, जितेन्द्र कुमार सहित अनेक गणमान्य लोग सम्मिलित हुए और पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धापूर्वक नमन किया।कार्यक्रम में महिलाओं की अच्छी खासी भागीदारी रही ।
राजीव गांधी सुविधा संगम योजना के तहत 21 सूत्रीय कार्यक्रम की घोषणा
समारोह के दौरान संगठन की ओर से ग्रामीण विकास और जनकल्याण के लिए ‘राजीव गांधी सुविधा संगम योजना‘ के तहत 21 सूत्रीय बृहद कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर मोहम्मद रियाज के मार्गदर्शन में तैयार इन योजनाओं को ग्रामीण क्षेत्रों में अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने का संकल्प लिया गया।
21 सूत्रीय योजनाओं के कार्यान्वयन पर चर्चा
अखिल भारतीय कांग्रेस सामाजिक संगठन अपने संस्थानों के माध्यम से ‘राजीव गांधी सुविधा संगम योजना’ के तहत 21 सूत्रीय प्रमुख योजनाओं को धरातल पर कार्यान्वित कर रही है, जिनमें राजीव गांधी ग्राम स्वास्थ्य मिशन योजना, राजीव गांधी ग्राम सुधार योजना, राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना, राजीव गांधी ग्राम शिक्षा मिशन योजना, राजीव गांधी ग्रामीण लघु उद्योग योजना, राजीव गांधी ग्राम कंप्यूटरीकरण योजना, राजीव गांधी ग्राम अल्पसंख्यक विकास योजना, राजीव गांधी ग्राम एस सी / एस टी कल्याण योजना, राजीव गांधी ग्राम प्रधान जागरूकता अभियान योजना, राजीव गांधी ग्राम व्यावसायिक प्रशिक्षण योजना, राजीव गांधी ग्रामीण महिला कल्याण योजना, राजीव गांधी ग्राम विकलांग समवृद्धि योजना, राजीव गांधी ग्राम किसान विकास योजना, राजीव गांधी ग्राम खाद्य वितरण योजना, राजीव गांधी ग्राम बाल विकास योजना, राजीव गांधी ग्राम स्वावलंबी योजना, राजीव गांधी ग्राम वृद्ध पेंशन योजना, राजीव गांधी ग्राम पेय जल योजना, राजीव गांधी ग्राम रोजगार योजना, राजीव गांधी ग्राम आवास योजना एवं राजीव गांधी ग्राम विकास योजना शामिल हैं।
वक्ताओं ने कहा कि इन 21 सूत्रीय योजनाओं के माध्यम से गांवों में स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, पेयजल और डिजिटल साक्षरता का दायरा बढ़ाया जाएगा, जिससे राजीव गांधी के समृद्ध और सशक्त भारत के सपने को साकार किया जा सके।
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वर्ल्ड लीडर्स फोरम में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान, ‘बिल्ड बिहार, बिलीव इन बिहार’ के मंत्र से बदलेगी राज्य की पूरी तस्वीर; एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट्स और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का बिछ रहा जाल
नई दिल्ली/पटना: बिहार अब पिछड़ेपन का टैग उखाड़ फेंकने और देश की आर्थिक महाशक्ति बनने की राह पर तेजी से कदम बढ़ा चुका है। राजधानी नई दिल्ली में आयोजित द इकोनॉमिक टाइम्स के प्रतिष्ठित ‘वर्ल्ड लीडर्स फोरम’ में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के विकास का ऐसा विजन पेश किया, जिसने देश-दुनिया के बड़े उद्योगपतियों और निवेशकों को हैरान कर दिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बिहार बड़े बदलाव के ठीक मुहाने पर खड़ा है और सरकार का अगला लक्ष्य आगामी 4 वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था को सीधे 4 गुना करना है। ‘बिल्ड बिहार, बिलीव इन बिहार’ के नए संकल्प के साथ राज्य अब उद्योग, निवेश और बुनियादी ढांचे के मामले में देश का नया हब बनने जा रहा है।
‘वर्ल्ड लीडर्स फोरम’ के मंच पर बिहार के विकास, निवेश और रोजगार का रोडमैप प्रस्तुत करते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी।
1 करोड़ नौकरियां और 53 लाख का रिकॉर्ड: रोजगार की सबसे बड़ी गारंटी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रोजगार के मुद्दे पर बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि वर्ष 2025 के चुनाव से पहले तक राज्य में 53 लाख से अधिक लोगों को सरकारी नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। अब अगले 5 वर्षों में 1 करोड़ लोगों को नौकरी एवं रोजगार देने का ऐतिहासिक लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘लखपति दीदी’ संकल्प के तहत बिहार में 43 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। राज्य में महिलाओं की सुरक्षा और आर्थिक आजादी के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं, जिसके तहत आज बिहार पुलिस बल में 40 हजार से अधिक महिला पुलिसकर्मी कार्यरत हैं, जो पूरे देश में सबसे ज्यादा हैं। पंचायती राज और निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण के कारण आज 59 प्रतिशत महिलाएं चुनाव जीतकर नेतृत्व संभाल रही हैं।
उद्योग और निवेश के लिए क्रांतिकारी नीतियां: सेमीकंडक्टर और GCC पॉलिसी 2026
राज्य में भारी निवेश आकर्षित करने के लिए वर्ष 2026 में सेमीकंडक्टर और जीसीसी (GCC – Global Capability Centre) जैसी अत्याधुनिक औद्योगिक नीतियां लागू की गई हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार में पहले महज 350 मेगावाट बिजली उपलब्ध थी, जो आज बढ़कर 10 हजार मेगावाट से अधिक हो चुकी है। राज्य सरकार बिजली उपभोक्ताओं को करीब 23 हजार करोड. रूपये का अनुदान दे रही है। कुशल और प्रशिक्षित युवा श्रमशक्ति के बल पर बिहार निवेशकों के लिए सबसे अनुकूल गंतव्य बन चुका है।
इंफ्रास्ट्रक्चर : 6 एक्सप्रेस-वे, 14 एयरपोर्ट्स और 12 नए स्मार्ट टाउनशिप
बिहार की कनेक्टिविटी को ग्लोबल स्टैंडर्ड का बनाने के लिए युद्ध स्तर पर काम चल रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 4 एयरपोर्ट चालू हो चुके हैं, जबकि 10 अन्य छोटे-बड़े एयरपोर्ट्स पर काम जारी है। इसके साथ ही 6 नए एक्सप्रेस-वे पर तेजी से निर्माण चल रहा है। पटना से गया की दूरी जो पहले 4 घंटे में तय होती थी, वह अब मात्र 1.5 घंटे में पूरी हो रही है। इसके अलावा, सरकार 3.5 लाख एकड़ भूमि पर 12 आधुनिक टाउनशिप विकसित कर रही है। गंगा, गंडक और कोसी नदियों के दोनों किनारों पर एकीकृत 4-लेन सड़क और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, एजुकेशनल हब तथा इंस्टीट्यूशनल हब बनाए जाएंगे।
बाढ़-सुखाड़ का स्थायी खात्मा: कोसी-मेची लिंक और रिवर लिंकिंग
जल प्रबंधन पर अपनी बात रखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर बिहार की बाढ़ और दक्षिण बिहार के सूखे का स्थायी समाधान तलाशा जा रहा है। राज्य में सिंचित भूमि 21 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 44 लाख हेक्टेयर कर दी गई है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात कर कोसी-मेची लिंक प्रोजेक्ट और सिंचाई योजनाओं के लिए विशेष सहयोग मांगा गया है। इसके साथ ही सोन नदी को फल्गु नदी से जोड़ने की योजना पर काम जारी है। गंगा और गंडक के माध्यम से हल्दिया से वीरपुर तक इंडो-नेपाल जल परिवहन विकसित करने की संभावनाओं पर भी काम चल रहा है। आगामी वर्षों में खनन क्षेत्र से ही लगभग 7-8 हजार करोड़ रूपये राजस्व जुटाने का प्लान तैयार है।
शिक्षा प्रणाली में ऐतिहासिक सुधार और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था
शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति लाते हुए 15 जुलाई से एक साथ 211 नए डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई शुरू कराई गई है (आजादी के बाद से अब तक कुल 278 डिग्री कॉलेज ही थे)। राज्य में 551 मॉडल स्कूल बनाए जा रहे हैं। परीक्षाओं को 100 प्रतिशत पारदर्शी और पेपर लीक मुक्त बनाने के लिए पटना उच्च न्यायालय के वर्तमान या सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का आग्रह किया गया है, जो सुधारों के सुझाव देगी।
सुशासन का असर: 30 दिनों में 96 प्रतिशत शिकायतों का निपटारा
जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए शुरू किए गए ‘सहयोग’ कार्यक्रम की सफलता का ब्योरा देते हुए उन्होंने बताया कि अब तक मिले 6 लाख 42 हजार आवेदनों में से 96 प्रतिशत का निष्पादन किया जा चुका है। हर शिकायत के लिए 30 दिनों की समय-सीमा तय की गई है, और लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर सीधे ऑटोमैटिक सस्पेंशन (स्वतः निलंबन) की कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने देश और दुनिया के तमाम बड़े उद्योगपतियों का आह्वान करते हुए कहा— “आप बिहार सरकार पर भरोसा करिए और राज्य की समृद्धि में भागीदार बनिए। भारत के नक्शे में बिहार का स्थान हृदय के समान है, और बिहार की समृद्धि से ही विकसित भारत का रास्ता प्रशस्त होगा।”
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