Friday, October 30, 2026

बिहार में डिजिटल क्रांति : पाटलिपुत्र में बारह मेगावाट क्षमता के पहले डेटा सेंटर का भव्य शुभारंभ, दस हजार करोड़ के भारी-भरकम निवेश से चमकेगी तकदीर!

बिहार के औद्योगिक और तकनीकी इतिहास में आज एक ऐतिहासिक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। राजधानी पटना के पाटलिपुत्र औद्योगिक क्षेत्र में राज्य के पहले अत्याधुनिक बारह मेगावाट क्षमता वाले डेटा सेंटर का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस बहुप्रतीक्षित और महत्वाकांक्षी परियोजना के शुरू होने से बिहार अब देश के डिजिटल और तकनीकी मानचित्र पर एक मजबूत ताकत के रूप में उभरने लगा है। इस शानदार अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और फीता काटकर इस सेंटर राष्ट्र को समर्पित किया।

पटना के पाटलिपुत्र औद्योगिक क्षेत्र में आयोजित उद्घाटन समारोह के दौरान दस्तावेजों का अवलोकन करते हुए सम्राट चौधरी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति।

उद्घाटन के पश्चात मुख्यमंत्री ने प्रथम तल पर स्थित कंपनी के डेटा सेंटर कक्ष का बारीकी से निरीक्षण किया और वहां से संचालित होने वाली डिजिटल गतिविधियों तथा तकनीकी प्रणालियों की पूरी जानकारी ली।

दस हजार करोड़ का भारी निवेश, सृजित होंगे रोजगार के अथाह अवसर

इस ऐतिहासिक अवसर पर राज्य सरकार के उद्योग विभाग और कंपनी के बीच दस हजार करोड़ रुपये के वृहद निवेश हेतु समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह भारी-भरकम निवेश आने वाले समय में बिहार के युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलेगा और प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में क्रांति लाएगा। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि उद्योगों का तेजी से विकास ही बिहार की अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदलने का सबसे बड़ा माध्यम है।

अगले पांच वर्षों में एक हजार मेगावाट क्षमता का लक्ष्य

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों के भीतर बिहार में कम से कम एक हजार मेगावाट क्षमता के डेटा सेंटर स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि राज्य में बिजली की उपलब्धता और बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। सरकार अब नवीकरणीय ऊर्जा के स्रोतों को भी बढ़ावा दे रही है ताकि भविष्य की औद्योगिक जरूरतों को सुगमता से पूरा किया जा सके।

औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए भूमि की कमी आड़े न आए, इसके लिए लगभग तेरह हजार एकड़ भूमि से संबंधित प्रक्रिया पर तेजी से काम चल रहा है। गंगा पार और हाजीपुर क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के निर्माण समेत विभिन्न औद्योगिक गतिविधियों को युद्धस्तर पर बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य भर में बन रहे नए एक्सप्रेस-वे, हाईवे और अन्य आधुनिक आधारभूत संरचनाओं को उद्योगों से जोड़कर निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया जा रहा है।

राजस्व बढ़ाने और आत्मनिर्भर बिहार का संकल्प

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि वर्तमान में बिहार का बजट लगभग तीन लाख सैंतालीस हजार करोड़ रुपये है, जबकि राज्य का अपना राजस्व करीब सत्तर हजार करोड़ रुपये है। सरकार का लक्ष्य इस अपने राजस्व को बढ़ाकर दो लाख करोड़ रुपये तक पहुँचाना है, जिसके लिए तकनीक, उद्योग और भारी निवेश का विस्तार अनिवार्य है।

इस भव्य और गरिमामयी कार्यक्रम में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नीतीश मिश्रा, उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह, बियाडा के प्रबंध निदेशक नवीन कुमार, उद्योग विभाग के निदेशक मुकुल कुमार गुप्ता, कंपनी के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीधर पिन्नापुरेड्डी, कार्यकारी निदेशक कमलवर्धन राव सहित कई अन्य विशिष्ट अधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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एमडीडीएम कॉलेज में मानसिक तनाव पर परिचर्चा : ‘माइंडस्केप 2026’ में नुक्कड़ नाटक और इमोशन अंताक्षरी से छात्राओं ने तोड़ीं मानसिक भ्रांतियां!

मुजफ्फरपुर: एमडीडीएम कॉलेज के सेमिनार हॉल में मनोविज्ञान विभाग द्वारा ‘मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह’ के अंतर्गत एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम ‘माइंडस्केप 2026’ (Mindscape 2026) का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज की प्राचार्या डॉ.अलका जायसवाल ने की।कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ डॉ. मीनाक्षी कुमारी द्वारा प्रस्तुत परिचय भाषण से हुआ, जिसमें उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य के विविध पहलुओं और आज के परिवेश में इसकी महत्ता पर प्रकाश डाला।

एमडीडीएम कॉलेज के सेमिनार हॉल में ‘माइंडस्केप 2026’ कार्यक्रम के दौरान मंचासीन प्राचार्या अलका जायसवाल, विभागाध्यक्ष निशि कांति एवं अन्य शिक्षिकाएं।

इमोशन अंताक्षरी और नुक्कड़ नाटक का दिखा जलवा

सप्ताह भर चले इस आयोजन में छात्राओं की रचनात्मकता और उत्साह देखने लायक था। ‘इमोशन अंताक्षरी’ और ‘नुक्कड़ नाटक’ जैसी अनूठी प्रतियोगिताओं के माध्यम से छात्राओं ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की। इन गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य समाज में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर फैले भ्रम, हिचकिचाहट और सामाजिक भ्रांतियों को दूर करना था। कलात्मक प्रस्तुतियों के जरिए संदेश दिया गया कि मन की बात साझा करना और मानसिक समस्याओं पर खुलकर बोलना कितना जरूरी है।

माइंडफुलनेस और ध्यान से तनाव प्रबंधन का गुरुमंत्र

कार्यक्रम के समापन सत्र में मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष निशि कांति ने विशेष ध्यान  एवं माइंडफुलनेस सत्र का संचालन किया। छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्होंने जोर देकर कहा कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है। जीवन में सफलता और शांति के लिए मन और तन का संतुलन बेहद आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं को दैनिक जीवन में तनाव प्रबंधन के व्यावहारिक तरीके बताए और आवश्यकता पड़ने पर बिना किसी संकोच के विशेषज्ञों की मदद लेने के लिए प्रेरित किया।

मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह के तहत आयोजित प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रमाण पत्र के साथ खुशियां मनातीं कॉलेज की छात्राएं व शिक्षिकाएं।

शिक्षिकाओं की सक्रिय सहभागिता

इस संपूर्ण जागरूकता अभियान में मनोविज्ञान विभाग की प्राध्यापिकाओं की सक्रिय और सराहनीय भूमिका रही। कार्यक्रम में शकीला अज़ीम, अनुराधा सिंह, देवश्रुति घोष और प्रिया ने गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई और छात्राओं का मार्गदर्शन किया।कार्यक्रम के सफल समापन पर संगीता कुमारी ने उपस्थित सभी अतिथियों, प्राध्यापिकाओं एवं छात्राओं का धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

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वैशाली में पुलिस का एक्शन: दुर्गा पूजा में हुड़दंगियों और अवैध डीजे पर गिरा प्रशासन का चाबुक, एक ही दिन में 9 डीजे जब्त!

हाजीपुर / वैशाली:

दुर्गा पूजा पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था संधारण और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के उद्देश्य से वैशाली पुलिस एक्शन मोड में आ गई है। जिले भर में शांति व्यवस्था भंग करने वालों और निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने वाले अवैध डीजे संचालकों के खिलाफ पुलिस ने बड़े पैमाने पर छापेमारी अभियान शुरू किया है।

सराय थाना अंतर्गत पुलिस कार्रवाई के दौरान जब्त किए गए 08 डीजे उपकरण। हरलोचनपुर थाना अंतर्गत पुलिस द्वारा जब्त किया गया अवैध डीजे वाहन और साउंड सिस्टम।

सराय और हरलोचनपुर थाना क्षेत्र से 9 डीजे जब्त

दुर्गा पूजा के दौरान अवैध रूप से बजाए जा रहे डीजे संचालकों पर नकेल कसते हुए पुलिस प्रशासन ने कुल 9 डीजे और संबंधित वाहनों को जब्त किया है।

सराय थाना क्षेत्र के अंतर्गत पुलिस टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 8 डीजे जब्त किए हैं। जब्त किए गए डीजे का विवरण इस प्रकार है:

  1. देवा टेंट हाउस (डीजे) – ग्राम बेरई
  2. सूरज टेंट हाउस (डीजे) – ग्राम पटेढ़ा
  3. ज्योति टेंट हाउस (डीजे) – ग्राम सैदपुर पटेढ़ा
  4. कुमेश टेंट हाउस (डीजे) – ग्राम सरसई
  5. दीपक टेंट हाउस (डीजे) – ग्राम जहांगीर पटेढ़ा
  6. सोनू टेंट हाउस (डीजे) – ग्राम भागवतपुर पटेढ़ा
  7. पंकज साउंड (डीजे) – ग्राम अंगनी
  8. कृपापाल टेंट हाउस (डीजे) – ग्राम भरोचा राम
  9. वहीं, हरलोचनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत भी त्वरित कार्रवाई करते हुए 1 अवैध डीजे और डीजे वाहन को जब्त कर लिया गया है।

वरीय पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में ‘सहयोग, सुरक्षा, समाधान‘ कार्यक्रम का आयोजन

12 अक्टूबर 2026 को वरीय पुलिस अधीक्षक वैशाली द्वारा आम जनता की समस्याओं के सीधे निष्पादन के लिए “सहयोग, सुरक्षा, समाधान” – सीधा संपर्क / त्वरित न्याय कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम में वरीय पुलिस अधीक्षक ने स्वयं उपस्थित होकर आम नागरिकों की शिकायतें एवं समस्याएं गंभीरता से सुनीं। मौके पर ही संबंधित प्राधिकारियों को त्वरित निष्पादन, आवश्यक कार्रवाई एवं प्रभावी समाधान हेतु कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों को त्वरित न्याय और सुरक्षित वैशाली का आश्वासन दिया है।

वैशाली पुलिस की अपील

वैशाली पुलिस ने जिले के तमाम नागरिकों से अपील की है कि दुर्गा पूजा पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं भाईचारे के माहौल में मनाएं। प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें और अनावश्यक डीजे का प्रयोग न करें। नियम उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी कड़ी दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।

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डॉक्टर राम मनोहर लोहिया की पुण्यतिथि:  मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत दिग्गजों ने आदमकद प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर किया नमन!

पटना, 12 अक्टूबर 2026: महान समाजवादी चिंतक एवं प्रखर नेता स्वर्गीय डॉक्टर राम मनोहर लोहिया की पुण्यतिथि के अवसर पर राजधानी पटना में राजकीय समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस मौके पर राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने डॉक्टर राम मनोहर लोहिया की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प दोहराया।

पटना में महान समाजवादी नेता डॉक्टर राम मनोहर लोहिया की पुण्यतिथि पर उनकी आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भावभरी श्रद्धांजलि अर्पित करते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, मंत्री शीला कुमारी एवं अन्य गणमान्य लोग।

राजकीय समारोह के दौरान सत्ता और संगठन से जुड़े कई वरिष्ठ नेताओं, मंत्रियों, अधिकारियों तथा सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ताओं का तांता लगा रहा। सभी ने लोहिया जी के विचारों को याद करते हुए उनकी प्रतिमा पर श्रद्धापुष्प अर्पित किए।

दिग्गजों ने दी श्रद्धांजलि: इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव, तथा विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री शीला कुमारी मौजूद रहीं। इनके साथ ही भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सह विधायक संजय सरावगी, विधायक श्याम रजक, विधायक संजय कुमार, विधान पार्षद संजय कुमार सिंह उर्फ गांधीजी, बिहार राज्य किसान आयोग के अध्यक्ष रूप नारायण मेहता, पूर्व विधायक सतीश कुमार, तथा पूर्व विधान पार्षद कुमुद वर्मा ने भी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया।

प्रशासनिक अधिकारी भी रहे उपस्थित: समारोह में प्रशासनिक महकमे की ओर से मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, पुलिस महानिरीक्षक (पटना प्रक्षेत्र) जितेंद्र राणा, जिलाधिकारी कुंदन कुमार, और वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के० शर्मा सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति और सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

देशभक्ति गीतों से गूंजा परिसर: समारोह के दौरान सूचना एवं जन-संपर्क विभाग के कलाकारों द्वारा आरती-पूजन का आयोजन किया गया। इसके साथ ही कलाकारों ने राष्ट्रीय गीत, राष्ट्र गान, बिहार गीत और देशभक्ति गीतों का सुरीला गायन कर पूरे वातावरण को राष्ट्रभक्ति के रंगों से सराबोर कर दिया।

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पीएमसीएच में अब एक साथ 2500 मरीजों का होगा हाई-टेक इलाज, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने टावर-3 का किया भव्य उद्घाटन!

पटना, 12 अक्टूबर 2026:

बिहार के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नया इतिहास रचा गया है। पटना चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (पीएमसीएच) पुनर्विकास योजना (फेज-1) के तहत नवनिर्मित अत्याधुनिक टावर-3 का भव्य उद्घाटन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिलापट्ट का अनावरण कर किया। इस नई व्यवस्था के बाद अब पीएमसीएच में एक साथ 2500 मरीजों का आधुनिक चिकित्सकीय सुविधाओं के साथ इलाज संभव हो सकेगा।

पीएमसीएच पुनर्विकास योजना (फेज-1) के तहत टावर-3 के पांचवें तल पर स्थित ‘पीकू’ (पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) वार्ड का फीता काटकर उद्घाटन करते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री निशांत, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

आधुनिक सुविधाओं का बारीकी से लिया जायजा

उद्घाटन के तुरंत बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नवनिर्मित टावर-3 का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने भूतल पर कियोस्क और काउंटर के जरिए ओपीडी मरीजों के पंजीकरण की प्रक्रिया, अल्पाहार गृह की व्यवस्था और निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत जानकारी अधिकारियों से ली।

इसके बाद मुख्यमंत्री ने पांचवें तल पर पहुंचकर पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीकू) वार्ड का फीता काटकर विधिवत उद्घाटन किया। उन्होंने स्त्री रोग एवं प्रसूति आईसीयू, नर्स स्टेशन, उपचार कक्ष, प्रतीक्षालय और प्रसवोत्तर वार्ड में जाकर मरीजों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की।

22 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और रेडियोलॉजी विभाग

छठे तल पर स्थित 22 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर (ओटी) और प्रथम तल पर बने अत्याधुनिक रेडियोलॉजी विभाग का जायजा लेते हुए मुख्यमंत्री ने विभिन्न शल्य चिकित्सा कक्षों की कार्यप्रणाली को समझा। इस दौरान उन्होंने टावर-3 के भूतल पर नन्हे बाल मरीजों के बीच पोषण किट का वितरण भी किया।

पीएमसीएच के नवनिर्मित टावर-3 का भव्य एवं अत्याधुनिक भूतल (ग्राउंड फ्लोर) परिसर, जहां मरीजों के पंजीकरण के लिए कियोस्क, काउंटर एवं विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

अधिकारियों को कड़े निर्देश

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि अस्पताल के सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए ताकि मरीजों को इलाज में कोई असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि अस्पताल की नई सुविधाओं का रख-रखाव विश्वस्तरीय होना चाहिए और अधिकारी नियमित रूप से निरीक्षण कर समस्याओं का तुरंत समाधान करें।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख हस्तियां:

कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया, वहीं स्वास्थ्य सचिव कुमार रवि ने पुष्पगुच्छ और स्मृति चिह्न देकर उनका स्वागत किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव, विधायक संजीव चौरसिया, विधायक संजय कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक डॉक्टर नवल किशोर चौधरी, बीएमएसआईसीएल के प्रबंध निदेशक सुब्रत कुमार सेन और पीएमसीएच के अधीक्षक डॉक्टर राजीव कुमार सिंह सहित अनेक वरीय अधिकारी व चिकित्सक मौजूद थे।

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बाढ़ पीड़ितों के खातों में सीधे पहुंचे 112 करोड़ रुपये, दशहरा से पहले किसानों को मिलेगा फसल क्षति मुआवजा!

पटना, 12 अक्टूबर: बिहार सरकार ने राज्य के बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए राहत का बड़ा पिटारा खोल दिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को द्वितीय चरण के तहत 1 लाख 60 हजार 201 बाढ़ पीड़ित परिवारों के बैंक खातों में अनुग्रहिक अनुदान राशि का सीधा हस्तांतरण किया। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से प्रति परिवार 7 हजार रुपये की दर से कुल 112.14 करोड़ रुपये की राहत राशि सीधे पीड़ितों के खातों में भेजी गई।

पटना में बाढ़ राहत अनुग्रहिक अनुदान वितरण कार्यक्रम के दौरान बटन दबाकर लाभार्थियों के खाते में राशि अंतरित करते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, साथ में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी।

गौरतलब है कि इससे पूर्व प्रथम चरण में 15 सितंबर 2026 को 8 लाख 77 हजार 190 परिवारों को 614.03 करोड़ रुपये दिए गए थे। दोनों चरणों को मिलाकर अब तक कुल 10 लाख 37 हजार 391 बाढ़ पीड़ित परिवारों को 726.17 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है।

छूटे हुए बाढ़ पीड़ितों को भी मिलेगी राशि: मुख्यमंत्री

कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बाढ़ के दौरान राज्य प्रशासन और संबंधित विभागों ने राहत एवं बचाव कार्य को पूरी तत्परता से पूरा किया। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि क्षेत्र में फिर से सर्वेक्षण कराकर वंचित रह गए पात्र बाढ़ पीड़ितों को भी चिह्नित करें, ताकि सरकार की सहायता योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।

दशहरा से पहले मिलेगा कृषि इनपुट अनुदान

किसानों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ से फसल क्षति झेल चुके किसानों को दशहरा पर्व से पहले 14 अक्टूबर को कृषि इनपुट अनुदान की राशि जारी कर दी जाएगी। इससे किसानों को त्योहार के समय बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी।

दीपावली से पहले सुधरेंगी क्षतिग्रस्त सड़कें

आवागमन को सुचारू बनाने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि बाढ़ से प्रभावित हुई सड़कों, पुल-पुलियों और अन्य आधारभूत संरचनाओं की मरम्मत का काम प्राथमिकता के आधार पर दीपावली से पहले हर हाल में पूरा कर लिया जाए, ताकि आम जनता को आवाजाही में कोई असुविधा न हो।

बाढ़ का निकाला जाएगा स्थायी समाधान

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में बाढ़ से होने वाले जान-माल के नुकसान को कम करने और रोकने के लिए सरकार ठोस एवं दीर्घकालिक योजना पर तेजी से काम कर रही है। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों को दशहरा की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं देते हुए राज्य की समृद्धि और देश के विकास की कामना की।

कार्यक्रम में कई दिग्गज और अधिकारी रहे मौजूद

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल, पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह, स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि, ऊर्जा विभाग के सचिव अजय यादव, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक तथा कृषि विभाग के निदेशक मुकेश कुमार लाल प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के जिलाधिकारी भी कार्यक्रम से सीधे जुड़े रहे।

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डीआरआई का प्रहार: अंतरराष्ट्रीय सीमा से 11.50 करोड़ का सोना और 5.75 किलोग्राम क्रिस्टल मेथ जब्त, 7 तस्कर गिरफ्तार

कोलकाता/बेंगलुरु (पीआईबी )। राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने मादक पदार्थों और अंतरराष्ट्रीय सीमा पार से हो रही तस्करी के खिलाफ दो अलग-अलग अभियानों में एक बड़ी सफलता हासिल की है। डीआरआई की मंगलुरु और कोलकाता क्षेत्रीय इकाइयों ने मिलकर कुल 11.50 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का विदेशी सोना तथा भारी मात्रा में कृत्रिम नशीला पदार्थ ‘क्रिस्टल मेथ’ बरामद किया है। इन मामलों में कुल 7 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।

डीआरआई कोलकाता टीम द्वारा डंकुनी टोल प्लाजा, मालदा टाउन और न्यू जलपाईगुड़ी से जब्त की गई सोने की 50 छड़ें एवं चूड़ियां।

बांग्लादेश सीमा से तस्करी कर लाया जा रहा 7.8 किलोग्राम सोना जब्त

डीआरआई अधिकारियों ने खुफिया सूचनाओं के आधार पर 8-9 अक्टूबर 2026 को पूर्वी क्षेत्र में एक विशेष अभियान चलाया। इस दौरान बांग्लादेश सीमा से कोलकाता की ओर सड़क और रेल मार्ग से की जा रही सोने की तस्करी का भंडाफोड़ किया गया।

  1. डंकुनी टोल प्लाजा पर कार्रवाई: बानपुर सीमा क्षेत्र से कोलकाता जा रहे एक 4-पहिया वाहन को डंकुनी टोल प्लाजा पर रोका गया। वाहन की गहन जांच करने पर उसमें से 6.8 किलोग्राम वजन की 50 सोने की छड़ें (गोल्ड बार) बरामद हुईं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 10 करोड़ रुपये है। गाड़ी में सवार 4 लोगों को मौके पर ही हिरासत में लिया गया। इनमें इस पूरे सिंडिकेट का मुख्य सरगना भी शामिल है।
  2. ट्रेन यात्रियों से जब्ती: उसी दिन मालदा टाउन रेलवे स्टेशन और न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों से उतर रहे 2 यात्रियों को रोका गया। उनकी तलाशी लेने पर 1 किलोग्राम विदेशी मूल का सोना (चूड़ियां और सोने की छड़ें) जब्त किया गया, जिसकी कीमत लगभग 1.50 करोड़ रुपये है। यह सोना त्रिपुरा में भारत-बांग्लादेश सीमा के रास्ते तस्करी कर लाया गया था।

इस मामले में कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो सोने के वैध दस्तावेज पेश करने में असमर्थ रहे।

डीआरआई मंगलुरु द्वारा ट्रेन यात्री के बैग से जब्त किए गए 5.753 किलोग्राम क्रिस्टल मेथ (मेथामफेटामाइन) के 3 पैकेट और कपड़े।

ट्रेन यात्री से 5.75 किलोग्राम खतरनाक क्रिस्टल मेथ बरामद

एक अन्य बड़ी कार्रवाई में, डीआरआई की मंगलुरु क्षेत्रीय इकाई ने दिल्ली से बेंगलुरु जा रही ट्रेन में छापेमारी कर एक भारतीय नागरिक को गिरफ्तार किया।

  • कार्रवाई का विवरण: आरोपी यात्री के ट्रॉली बैग की जांच करने पर 3 अलग-अलग पैकेट बरामद हुए, जिनमें 5.753 किलोग्राम सफेद क्रिस्टलीय पदार्थ भरा हुआ था। जांच में इसके ‘मेथामफेटामाइन’ (क्रिस्टल मेथ/आइस) होने की पुष्टि हुई।
  • एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई: जब्त नशीले पदार्थ को स्वापक औषधि एवं मनःडीआरआई कोलकाता टीम द्वारा डंकुनी टोल प्लाजा, मालदा टाउन और न्यू जलपाईगुड़ी से जब्त की गई सोने की 50 छड़ें एवं चूड़ियां।प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस कानून), 1985 के तहत जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। एनडीपीएस अदालत ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
  • 20 साल तक की जेल का प्रावधान: जब्त की गई नशीली दवा की मात्रा व्यावसायिक श्रेणी (50 ग्राम) से काफी अधिक है। इस अपराध के लिए दोषी को 10 से 20 वर्ष तक के कठोर कारावास और 1 लाख से 2 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।

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रेलवे में बंपर नौकरी ! 6 नवंबर तक करें आवेदन, 3,548 पदों पर बंपर भर्ती का ऐलान, युवाओं के पास करियर बनाने  का सुनहरा मौका

विशेष संवाददाता

नई दिल्ली: देश के बेरोजगार युवाओं के लिए भारतीय रेलवे ने खुशियों का ऐसा भारी पिटारा खोला है जिसे देखकर हर किसी के चेहरे पर चमक आ जाएगी। भारतीय रेलवे ने रेलवे भर्ती बोर्ड के माध्यम से केंद्रीकृत रोजगार अधिसूचना संख्या 06/2026 के तहत गैर-तकनीकी लोकप्रिय श्रेणियों के अंतर्गत स्नातक स्तर के कुल 3,548 पदों पर बंपर भर्ती की घोषणा कर दी है। इस घोषणा से देश भर के महत्वाकांक्षी और योग्य युवाओं के लिए रेलवे में शानदार करियर बनाने के नए और स्वर्णिम अवसर खुल गए हैं। रेलवे के इस कदम से नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

मालगाड़ी प्रबंधकों के लिए सबसे बंपर पद

रेलवे द्वारा जारी इस बंपर बहाली में कुल 3,548 रिक्तियों का विवरण बेहद चौकाने वाला और राहत भरा है। इसमें सबसे अधिक पद मालगाड़ी प्रबंधक के हैं, जिनके लिए कुल 2,750 रिक्तियां आरक्षित की गई हैं। इसके अलावा वरिष्ठ क्लर्क सह टाइपिस्ट के 371 पद, कनिष्ठ लेखा सहायक सह टाइपिस्ट के 300 पद और मुख्य वाणिज्यिक सह टिकट पर्यवेक्षक के 127 पद शामिल किए गए हैं। ये तमाम पद रेलवे की वाणिज्यिक सेवाओं, ट्रेन संचालन, लेखा और प्रशासन जैसे महत्वपूर्ण विभागों में युवाओं को अपनी सेवा देने का अभूतपूर्व अवसर प्रदान करते हैं।

आकर्षक वेतनमान और भारी सुविधाएं

चयनित होने वाले योग्य उम्मीदवारों को सातवें केंद्रीय वेतन आयोग के अंतर्गत बंपर प्रारंभिक मूल वेतन दिया जाएगा। मुख्य वाणिज्यिक सह टिकट पर्यवेक्षक पद के लिए प्रारंभिक मूल वेतन वेतन स्तर 6 के तहत 35,400 रुपये प्रति माह तय किया गया है, जबकि अन्य तीन श्रेणियों के लिए प्रारंभिक मूल वेतन वेतन स्तर 5 के तहत 29,200 रुपये प्रति माह निर्धारित किया गया है। इसके अलावा सभी पदों पर नियमानुसार लागू अन्य भत्ते और शानदार सेवा शर्तें भी मिलेंगी।

महत्वपूर्ण तिथियां और पात्रता मानदंड

नौकरी पाने की इच्छा रखने वाले उम्मीदवारों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 8 अक्टूबर 2026 से शुरू हो चुकी है। योग्य और इच्छुक उम्मीदवार 6 नवंबर 2026 की रात 11:59 बजे तक अपना ऑनलाइन आवेदन सुरक्षित रूप से जमा कर सकते हैं। इसके बाद परीक्षा शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 8 नवंबर 2026 तय की गई है, जबकि यदि आवेदन पत्र में किसी प्रकार का संशोधन करना हो तो उसके लिए 9 नवंबर से 18 नवंबर 2026 तक की अवधि निर्धारित की गई है।

उम्मीदवारों के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से डिग्री या इसके समकक्ष योग्यता होना अनिवार्य है। साथ ही अधिसूचित आयु सीमा 1 जनवरी 2027 के आधार पर 18 से 33 वर्ष निर्धारित की गई है, जिसमें नियमों के मुताबिक पात्र श्रेणियों के उम्मीदवारों को आयु में भारी छूट का विशेष लाभ भी दिया जाएगा।

पारदर्शी और योग्यता-आधारित चयन प्रक्रिया

भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह से निष्पक्ष और योग्यता-आधारित बनाया गया है। चयन प्रक्रिया मुख्य रूप से निम्न चरणों में पूरी होगी:

  1. प्रथम चरण कंप्यूटर आधारित परीक्षा: सभी पात्र आवेदकों के लिए पहली स्क्रीन परीक्षा आयोजित की जाएगी।
  2. द्वितीय चरण कंप्यूटर आधारित परीक्षा: प्रथम चरण में सफल उम्मीदवारों को मुख्य कंप्यूटर आधारित परीक्षा में बैठने का अवसर मिलेगा।
  3. दस्तावेज़ सत्यापन एवं चिकित्सा परीक्षा: दोनों चरणों की परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को अंतिम चयन के लिए दस्तावेज़ सत्यापन और मेडिकल फिटनेस जांच से गुजरना होगा।

इसके अतिरिक्त, कनिष्ठ लेखा सहायक सह टाइपिस्ट और वरिष्ठ क्लर्क सह टाइपिस्ट के पदों के लिए कंप्यूटर आधारित टाइपिंग कौशल परीक्षा से छूट दी गई है। हालांकि, उम्मीदवारों से बुनियादी कंप्यूटर और टाइपिंग दक्षता की अपेक्षा की जाएगी, जिसका मूल्यांकन पद पर कार्यभार ग्रहण करने के बाद किया जाएगा। भर्ती में पात्र दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए आरक्षण, आयु छूट, लेखक सहायता और क्षतिपूर्ति समय का भी विशेष प्रावधान रखा गया है।

आधिकारिक वेबसाइट और ऑनलाइन आवेदन पोर्टल

रेलवे भर्ती बोर्ड ने परीक्षार्थियों को किसी भी तरह की अफवाहों से बचाने और सटीक जानकारी देने के लिए आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म जारी किए हैं:

  • आरआरबी की आधिकारिक वेबसाइट: https://rrb.indianrailways.gov.in
  • ऑनलाइन आवेदन पोर्टल: https://www.rrbapply.gov.in

अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे विस्तृत अधिसूचना, रिक्तियों के वितरण और नियमित अपडेट के लिए केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्मों पर भरोसा करें।

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विदेशों पर निर्भरता खत्म : दलहन क्रांति का शंखनाद,  अरहर, उड़द और मसूर पर एमएसपी की बरसात, आयात पर करारी चोट!

दाल आयात में 31.52% की भारी गिरावट, निर्यात 13.40% उछला; 2030-31 तक 350 लाख टन उत्पादन का ऐतिहासिक लक्ष्य!

नई दिल्ली: भारत ने खाद्य सुरक्षा और कृषि क्षेत्र में नया इतिहास रचने की तैयारी कर ली है। देश को दालों के उत्पादन में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र सरकार ने 11,440 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट के साथ ‘दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन’ (2025-26 से 2030-31) को लागू किया है। इस ऐतिहासिक मिशन की पहली वर्षगाँठ के अवसर पर जारी आंकड़ों ने साबित कर दिया है कि भारत अब आयात पर निर्भर रहने के बजाय दुनिया को दाल बेचने वाला सबसे बड़ा ताकतवर देश बन रहा है।

विदेशी आयात पर करारी चोट, निर्यात में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

जारी व्यापार आंकड़ों के अनुसार, भारत में विदेशों से दालों का आयात 31.52% घटकर 2024-25 के 46,427.60 करोड़ रुपये से 2025-26 में मात्र 31,793.59 करोड़ रुपये रह गया है। दूसरी ओर, भारतीय दालों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग बढ़ने से निर्यात में 13.40% का उछाल दर्ज किया गया है। वर्ष 2024-25 में 855 मिलियन अमेरिकी डॉलर का निर्यात बढ़कर 2025-26 में 969.53 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 10.01 लाख टन) तक पहुंच गया। भारतीय दालों के प्रमुख खरीदार देशों में चीन, संयुक्त अरब अमीरात, बांग्लादेश, अमेरिका और श्रीलंका शामिल हैं।

दाल व्यापार और एमएसपी में ऐतिहासिक उछाल: वाणिज्य और कृषि मंत्रालय द्वारा जारी ग्राफिक्स में दालों के आयात में 31.52% की गिरावट और निर्यात में 13.40% की वृद्धि (बाएं) तथा तूर, उड़द व मसूर के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में की गई भारी वृद्धि (दाएं) को दर्शाया गया है

एमएसपी (MSP) में तगड़ा इजाफा: किसानों की जेब में पहुंचे 7,047 करोड़ रुपये

किसानों को फसल का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बंपर बढ़ोतरी की है:

  • तूर (अरहर): एमएसपी 7,550 रुपये प्रति क्विंटल (2024-25) से 11.92% (900 रुपये) बढ़ाकर 8,450 रुपये प्रति क्विंटल (2026-27) किया गया।
  • उड़द: एमएसपी 7,400 रुपये प्रति क्विंटल से 10.81% (800 रुपये) बढ़ाकर 8,200 रुपये प्रति क्विंटल किया गया।
  • मसूर: एमएसपी 6,700 रुपये प्रति क्विंटल से 4.48% (300 रुपये) बढ़ाकर 7,000 रुपये प्रति क्विंटल किया गया।

एनसीसीएफ (NCCF) और नेफेड (NAFED) को चार वर्षों के लिए तूर, उड़द और मसूर की 100% सुनिश्चित खरीद का अधिकार दिया गया है। 17 जून 2026 तक एनसीसीएफ ने 9 राज्यों में 10.55 लाख टन दालों की खरीद कर 4.69 लाख किसानों के खातों में सीधे 7,047 करोड़ रुपये की एमएसपी राशि हस्तांतरित की है।

6-वर्षीय योजना के मुख्य आकर्षण और आंकड़े:

  1. उत्पादन लक्ष्य: 2030-31 तक देश में दालों का कुल उत्पादन 350 लाख टन पहुँचाना और प्रति हेक्टेयर उपज को 1,130 किलोग्राम तक बढ़ाना।
  2. रकबा एवं उत्पादकता: दालों की खेती का दायरा 277.20 लाख हेक्टेयर (2024-25) से बढ़कर 286.46 लाख हेक्टेयर (2025-26) हो चुका है। राष्ट्रीय उत्पादकता 926 किग्रा/हेक्टेयर से बढ़कर 957 किग्रा/हेक्टेयर पहुँच गई है।
  3. मुफ्त बीज और इकाइयाँ: 6 वर्षों में 87.5 लाख मुफ्त बीज किट और 126 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज बांटे जाएंगे। 1,000 दाल मिलों में से 528 इकाइयाँ आवंटित कर दी गई हैं।
  4. प्रमुख उत्पादक राज्य: मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गुजरात, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल मुख्य केंद्र बने हुए हैं।
  5. डिजिटल निगरानी: ‘साथी’ पोर्टल, ‘कृषि मैपर’ ऐप, ‘एग्रीस्टैक’ और ‘ई-समृद्धि’ के ज़रिए बीज से लेकर खरीद तक की रियल-टाइम डिजिटल मॉनिटरिंग की जा रही है।
फसलपुरानी एमएसपी (2024-25)नई एमएसपी (2026-27)प्रतिशत वृद्धिकुल बढ़ोतरी
तूर (अरहर)₹ 7,550 / क्विंटल₹ 8,450 / क्विंटल11.92%₹ 900 / क्विंटल
उड़द₹ 7,400 / क्विंटल₹ 8,200 / क्विंटल10.81%₹ 800 / क्विंटल
मसूर₹ 6,700 / क्विंटल₹ 7,000 / क्विंटल4.48%₹ 300 / क्विंटल

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पटना की सड़कों पर  उतरे मुख्यमंत्री! 2028 तक पटना मेट्रो का काम पूरा करने का अल्टीमेटम, नेहरू पथ पर बनेंगे 2 फुट ओवरब्रिज!

पटना, 11 अक्टूबर 2026:  राजधानी पटना की परिवहन व्यवस्था को नया आयाम देने के लिए सरकार ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खुद मैदान में उतरकर नेहरू पथ पर चल रहे पटना मेट्रो रेल परियोजना के निर्माण कार्यों का तूफानी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी हाल में वर्ष 2028 तक पटना मेट्रो रेल परियोजना का निर्माण कार्य पूर्ण किया जाए।

नेहरू पथ पर पटना मेट्रो रेल परियोजना का नक्शा देखकर अधिकारियों को कड़े निर्देश देते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, साथ में उपस्थित मंत्री एवं वरीय अधिकारी

स्थल निरीक्षण के दौरान सम्राट चौधरी ने इनकम टैक्स गोलंबर, हाई कोर्ट चौराहा एवं हनुमान मंदिर के समीप पहुंचकर निर्माण कार्यों की प्रगति की बारीकी से समीक्षा की और अधिकारियों से अद्यतन स्थिति की पूरी जानकारी ली।

जनता की सुरक्षा और सुविधा से कोई समझौता नहीं

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि निर्माण कार्य के दौरान गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पूरी तरह से पालन किया जाए। शहरवासियों के दैनिक आवागमन पर न्यूनतम प्रभाव पड़े और आम नागरिकों को कम से कम असुविधा हो, इसके लिए ट्रैफिक मैनेजमेंट को दुरुस्त रखने का निर्देश दिया गया।

पैदल यात्रियों के लिए बड़ी राहत: बनेंगे 2 फुट ओवरब्रिज

नेहरू पथ पर पैदल पार करने वाले लोगों और छात्राओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने जे०डी० विमेंस कॉलेज तथा हाईकोर्ट चौराहा-बिहार म्यूजियम के पास फुट ओवरब्रिज के निर्माण का बड़ा निर्देश दिया है।

नेहरू पथ पर पटना मेट्रो रेल परियोजना का नक्शा देखकर अधिकारियों को कड़े निर्देश देते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, साथ में उपस्थित मंत्री एवं वरीय अधिकारी

निरीक्षण के दौरान ये सभी गणमान्य रहे उपस्थित

इस दौरान उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव, विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री शीला कुमारी, नगर विकास एवं आवास विभाग सह वित्त विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, पटना मेट्रो रेल परियोजना के प्रबंध निदेशक संदीप कुमार आर० पुडुकलकट्टी, भवन निर्माण विभाग के सचिव प्रणव कुमार, नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव अनिमेश कुमार परासर, पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के० शर्मा सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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