Wednesday, July 29, 2026

क्रांति के महानायकों की विदाई  कार्यकर्ताओं ने खाई अधूरे सपनों को पूरा करने की कसम!

प्रेम सिंह गहलावत, नंदकिशोर प्रसाद और आरएन ठाकुर के निधन को बताया अपूरणीय क्षति

ताजपुर/समस्तीपुर: वामपंथी आंदोलन और किसान-मजदूरों के हक की आवाज बुलंद करने वाले तीन महान नेताओं के निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। ताजपुर प्रखंड के मोतीपुर में  अखिल भारतीय किसान महासभा (अभाकिम) और भाकपा माले कार्यकर्ताओं द्वारा  श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। यह सभा दिवंगत अभाकिम के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कॉमरेड प्रेम सिंह गहलावत, भाकपा माले के पूर्व राज्य सचिव कॉमरेड नंदकिशोर प्रसाद सिंह तथा ऐक्टू के राज्य महासचिव कॉमरेड आरएन ठाकुर की पावन स्मृति में बुलाई गई थी। सभा की शुरुआत में वहां उपस्थित सैकड़ों लोगों ने 2 मिनट का मौन रखकर दिवंगत नेताओं को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान माहौल बेहद गमगीन नजर आया।

मोतीपुर में आयोजित श्रद्धांजलि सभा के दौरान मौन रखकर दिवंगत नेताओं को नमन करते भाकपा माले और अखिल भारतीय किसान महासभा के नेता एवं कार्यकर्ता।

शोषितों और वंचितों के लिए समर्पित रहा पूरा जीवन सभा की अध्यक्षता भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने की। वहीं बतौर मुख्य अतिथि सभा को संबोधित करते हुए अभाकिम के जिला सचिव ललन कुमार ने कहा कि इन तीनों महान नेताओं का आकस्मिक निधन वामपंथी आंदोलन, किसान-मजदूर संघर्ष तथा संगठन के लिए एक ऐसी अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने अपने जीवन का एक-एक पल शोषित, वंचित और मेहनतकश वर्गों के अधिकारों की लड़ाई के लिए समर्पित कर दिया। उनके द्वारा किए गए संघर्ष, उनके क्रांतिकारी विचार और संगठन निर्माण में उनके योगदान को इतिहास में सदैव स्वर्ण अक्षरों में याद रखा जाएगा।

अधूरे सपनों को पूरा करने की खाई कसम श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करने वाले अन्य प्रमुख वक्ताओं में किसान महासभा के नेता ललन दास, राजदेव प्रसाद सिंह, शंकर महतो, शिवन सिंह, रवींद्र प्रसाद सिंह, मनोज कुमार सिंह, संजीव राय, मुंशीलाल राय तथा कैलाश सिंह शामिल थे। सभी वक्ताओं ने एक सुर में दिवंगत नेताओं के अधूरे सपनों को पूरा करने और किसान-मजदूर आंदोलन को और अधिक धारदार व मजबूत बनाने का दृढ़ संकल्प लिया। इस मौके पर भारी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, स्थानीय किसान एवं मजदूर उपस्थित रहे, जिन्होंने नम आंखों से अपने नेताओं को नमन किया।

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इंटरनेट के मकड़जाल में फंसा बचपन! समस्तीपुर में सीएनएलयू और क्राई का खुलासा, बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर अभिभावक चिन्‍तित

समस्तीपुर। 09 जुलाई, 2026 । डिजिटल दुनिया की चकाचौंध के बीच मासूम बच्चों का बचपन एक बेहद खतरनाक और अदृश्य जाल में फंसता जा रहा है। बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा  को लेकर आज समस्तीपुर नगर निगम क्षेत्र में एक ऐसा सनसनीखेज खुलासा हुआ है जिसने पूरे इलाके के अभिभावकों और बुद्धिजीवियों की नींद उड़ा दी है।

समस्तीपुर नगर निगम के अंतर्गत कोरबद्धा एवं लगुनिया सूर्यकंठ शहरी समुदाय में बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा विषय पर एक विशेष फील्ड विजिट एवं टूल टेस्टिंग का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम  क्राई-चाइल्ड राइट्स एंड यू, कोलकात्ता और जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र के संयुक्त तत्वाधान में चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, पटना के द्वारा संचालित एक महत्वपूर्ण शोध अध्ययन के अंतर्गत किया गया।

समस्तीपुर के शहरी समुदाय में बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर चलाए गए अभियान के दौरान चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, पटना के चंदन सिंहा, सुगंधा, शिवम् और जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र की डॉ. दीप्ति कुमारी, पप्पु यादव, चंचला कुमारी के साथ आंगनवाड़ी सेविकाएं, शिक्षक और स्थानीय ग्रामीण।

कम उम्र में इंटरनेट का चस्का, मंडरा रहा बड़ा जोखिम

जांच और संवाद के दौरान जो हकीकत सामने आई है, वह बेहद डरावनी है। कार्यक्रम के दौरान 6 से 9 वर्ष और 10 से 17 वर्ष आयुवर्ग के बच्चों तथा किशोरों को टूल टेस्टिंग के दायरे में लिया गया। चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, पटना से आए चंदन सिंहा के नेतृत्व में सुगंधा एवं शिवम् की टीम ने जब बच्चों से इंटरनेट के उपयोग को लेकर सवाल पूछे, तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। इस दौरान जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र से डॉ. दीप्ति कुमारी, पप्पु यादव और चंचला कुमारी ने भी मोर्चा संभाला और बच्चों के बीच जाकर जमीनी हकीकत को टटोला।

विद्यालय परिसर में छात्रों के साथ बैठकर इंटरनेट के उपयोग और ऑनलाइन जोखिमों पर व्यक्तिगत साक्षात्कार व टूल टेस्टिंग करते सीएनएलयू पटना और जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र के विशेषज्ञ।

स्कूलों में सीक्रेट इंटरव्यू, अभिभावकों के उड़े होश

जांच टीम केवल समुदाय तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने सीधे स्कूलों का रुख किया। विद्यालय परिसर में छात्रों के साथ आमने-सामने बैठकर व्यक्तिगत साक्षात्कार आयोजित किए गए। बंद कमरों और क्लासरूम में जब बच्चों से ऑनलाइन सुरक्षा, इंटरनेट उपयोग, सोशल मीडिया के खतरों, साइबर जोखिमों एवं सुरक्षा उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई, तो बच्चों की बेबाकी देखकर अधिकारी भी दंग रह गए।

इस दौरान सिर्फ बच्चे ही नहीं, बल्कि उनके अभिभावकों, आंगनवाड़ी केंद्र की सेविकाओं, स्थानीय समुदाय के लोगों और विद्यालय के शिक्षकों के साथ भी बेहद गंभीर मंथन किया गया। इस चर्चा के बाद पूरे समुदाय में हड़कंप मच गया है कि कैसे उनके लाडले अनजाने में इंटरनेट के दलदल की तरफ बढ़ रहे हैं। इस शोध और फील्ड विजिट ने यह साफ कर दिया है कि यदि अब भी समाज नहीं जागा, तो बहुत देर हो जाएगी।

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किसानों को 12 घंटे लगातार नॉन-स्टॉप बिजली सप्लाई,  पीएम-कुसुम योजना को  मिली रफ्तार, डीजल-बिजली के महंगे खर्च से किसानों को मिलेगी मुक्ति!

सम्राट चौधरी और प्रह्लाद जोशी की हाई-लेवल बैठक में  फैसला; मुफ्त बिजली योजना से लेकर ग्रीन हाइड्रोजन और फ्लोटिंग सोलर पर लगी मुहर, बदल जाएगी सूबे की तस्वीर।

पटना, 09 जुलाई 2026: बिहार को ऊर्जा क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर और स्वच्छ बनाने के लिए सरकार ने एक बहुत बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मिलकर एक बेहद उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें बिहार की बिजली व्यवस्था की पूरी तस्वीर बदलने का ब्लूप्रिंट तैयार किया गया है। सरकार ने सबसे बड़ा तोहफा राज्य के अन्नदाताओं को दिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कड़ा निर्देश जारी करते हुए कहा है कि राज्य के सभी किसानों को सुबह 6 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक लगातार 12 घंटे एग्रीकल्चर फीडर के जरिए बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि सिंचाई की लागत को न्यूनतम किया जा सके।

पटना के लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में आयोजित हाई-लेवल समीक्षा बैठक के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी, बिहार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और अन्य उच्चाधिकारी बिहार में स्वच्छ ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की नई कार्ययोजना तैयार करते हुए।

लोक सेवक आवास के ‘संकल्प’ सभागार में हुई इस महा-बैठक में केंद्र और राज्य सरकार के तमाम बड़े अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य फोकस रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) परियोजनाओं को सुपरफास्ट स्पीड से जमीन पर उतारना था। ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ को लेकर सख्त हिदायत दी गई है कि सभी जिला अधिकारी अपने-अपने जिलों के लिए तय किए गए लक्ष्यों को समय सीमा के भीतर हासिल करें। इस योजना को लेकर आम जनता के बीच जागरूकता बढ़ाई जाएगी और आवेदन से लेकर बिजली मिलने तक की सभी प्रक्रियाओं को एकदम सरल और समयबद्ध किया जाएगा।

बैठक के मुख्य  फैसले:

  • पीएम-कुसुम योजना को रफ्तार: कृषि क्षेत्र के सोलरलाइजेशन (सौरकरण) को सबसे बड़ी प्राथमिकता दी गई है। इसके जरिए किसानों को सौर ऊर्जा पर आधारित सिंचाई की अत्याधुनिक सुविधाएं दी जाएंगी, जिससे डीजल और पारंपरिक बिजली पर निर्भरता खत्म होगी और किसानों की कमाई बढ़ेगी।
  • पानी पर तैरेंगे सोलर प्लांट: बिहार के बड़े जलाशयों और उपयुक्त जल स्रोतों का पूरी तरह से वैज्ञानिक अध्ययन कराया जाएगा। इसके बाद राज्य में विशाल फ्लोटिंग सोलर परियोजनाओं की नई कार्ययोजना तैयार होगी, जिससे बिजली उत्पादन में नया रिकॉर्ड बनेगा।
  • ग्रीन हाइड्रोजन नीति पर मुहर: भविष्य की बढ़ती हुई औद्योगिक जरूरतों को देखते हुए बिहार में बेहद जल्द एक प्रभावी ग्रीन हाइड्रोजन नीति तैयार करने की दिशा में तेजी से काम शुरू करने पर सहमति बन गई है।
  • प्राइवेट इन्वेस्टमेंट का स्वागत: रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में निजी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए एक बेहद पारदर्शी और फ्रेंडली माहौल तैयार करने का आदेश दिया गया है।

बैठक के दौरान नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सचिव संतोष कुमार सारंगी और पटना में मौजूद बिहार के ऊर्जा सचिव अजय यादव ने शानदार प्रेजेंटेशन के जरिए वर्तमान और भविष्य की योजनाओं की रूपरेखा सामने रखी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ तौर पर कहा कि वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और पारंपरिक ईंधनों के संकट को देखते हुए भारत को आत्मनिर्भर बनना ही होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ और आत्मनिर्भर भारत के सपने को बिहार में पूरी ताकत से लागू करने का संकल्प दोहराया।

इस ऐतिहासिक बैठक में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, बिहार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, केंद्रीय संयुक्त सचिव अनुपम कुमार और मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह सहित दोनों सरकारों के कई अन्य वरिष्ठ और जिम्मेदार अधिकारी मौजूद थे। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बिहार को इस क्षेत्र में लीडर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण और व्यावहारिक सुझाव भी साझा किए, जिसपर राज्य सरकार ने तुरंत एक्शन लेने की बात कही है।

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बिहार में 1 करोड़ नए राशन कार्ड बनाने का एलान, सीएम सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी का बड़ा फैसला, लागू होगा ‘सार्थक पीडीएस’ मॉडल

पटना, 9 जुलाई 2026: बिहार के करोड़ों परिवारों के लिए आज का दिन ऐतिहासिक सौगात लेकर आया है। राज्य सरकार ने सूबे के गरीब और जरूरतमंद परिवारों के हक में अब तक का सबसे बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज राजधानी पटना के लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में एक हाई-प्रोफाइल बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्य में रिकॉर्ड 1 करोड़ नए राशन कार्ड बनाने का सख्त निर्देश जारी कर दिया है। इस महाबैठक में केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी भी विशेष रूप से मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने मिलकर राज्य की सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और हाईटेक बनाने का ब्लूप्रिंट तैयार किया है।

 पटना के लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी और बिहार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ऑनलाइन सार्वजनिक वितरण प्रणाली और वित्तीय वर्ष-वार फंड रिलीज की रिपोर्ट का विश्लेषण करते हुए।

बैठक में केंद्र और राज्य सरकार के बीच खाद्य सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दो टूक शब्दों में अधिकारियों से कहा कि 1 करोड़ नए राशन कार्ड बनाने के इस विशाल लक्ष्य को हर हाल में जल्द से जल्द हासिल किया जाए। उन्होंने साफ किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘गरीब कल्याण विद डिग्निटी’ यानी सम्मान के साथ गरीब कल्याण के संकल्प को धरातल पर उतारना राज्य सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता है। अब किसी भी पात्र लाभार्थी को अनाज के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा और उन्हें बिना किसी रुकावट के पूरी इज्जत के साथ खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाएगा।

समीक्षा बैठक के मुख्य और बड़े फैसले:

  • 1 करोड़ नए राशन कार्ड: पात्र परिवारों को तुरंत राशन व्यवस्था से जोड़ने के लिए युद्ध स्तर पर काम शुरू करने का आदेश।
  • स्मार्ट वेयरहाउसिंग: खाद्यान्न भंडारण को पूरी तरह आधुनिक और सुरक्षित बनाने के लिए स्मार्ट वेयरहाउस विकसित किए जाएंगे।
  • गोदामों में बिजली: राज्य के सभी खाद्यान्न गोदामों में चौबीस घंटे विद्युत आपूर्ति और बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने का कड़ा निर्देश।
  • सटीक डेटाबेस: योजनाओं में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए सभी लाभार्थियों का बिल्कुल सटीक और अद्यतन डिजिटल डेटाबेस तैयार होगा।
  • सार्थक पीडीएस मॉडल: तकनीकी संरचना और बेहतर लागत साझेदारी के साथ नया ‘सार्थक पीडीएस’ मॉडल लागू होगा।

बैठक के दौरान बिहार में चल रही ऑनलाइन सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के शानदार प्रदर्शन की जमकर सराहना की गई। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बिहार के इस बेहतर प्रदर्शन को सराहा और राज्य की तरक्की के लिए केंद्र सरकार की तरफ से हर संभव सहयोग देने का बड़ा भरोसा दिया। इस पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने केंद्रीय मंत्री का आभार भी जताया। बैठक में अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी गई कि राशन वितरण व्यवस्था की रोजाना और प्रभावी मॉनिटरिंग की जाए, ताकि भ्रष्टाचार की गुंजाइश पूरी तरह खत्म हो सके।

इस महाबैठक में विभागों के शीर्ष अधिकारी भी पूरी तैयारी के साथ मौजूद रहे। केंद्र सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के संयुक्त सचिव रविशंकर और बिहार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव दीपक आनंद ने डिजिटल प्रस्तुतीकरण के जरिए विभाग के कामकाज और फंड रिलीज की ताजा वित्तीय स्थिति की पूरी जानकारी दी। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे केंद्र से मिलने वाले सुझावों पर तालमेल बिठाकर तेजी से काम पूरा करें।

इस महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक बैठक में बिहार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह और मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह सहित खाद्य सुरक्षा विभाग के कई अन्य वरिष्ठ और आला अधिकारी उपस्थित रहे। सरकार के इस बड़े कदम से अब बिचौलियों का राज पूरी तरह खत्म होने की उम्मीद है।

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बांकीपुर उपचुनाव में रेखा गुप्ता की जीत तय करने को राजद का बड़ा दांव! अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ ने बनाई 21 सदस्यीय समिति, मोहम्मद अली अशरफ फातमी ने जारी की लिस्ट

विशेष संवाददाता, पटना | 09 जुलाई 2026

पटना: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के सियासी दंगल में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने अपनी घोषित उम्मीदवार रेखा गुप्ता की ऐतिहासिक जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। चुनावी रण को फतह करने और अल्पसंख्यक मतों को पूरी तरह गोलबंद करने के लिए राजद अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ ने एक बेहद रणनीतिक और बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद अली अशरफ फातमी के निर्देश पर बांकीपुर विधानसभा चुनाव अभियान हेतु एक विशेष 21 सदस्यीय महासमिति का गठन किया गया है, जो उम्मीदवार रेखा गुप्ता के समर्थन में जमीनी मोर्चा संभालेगी।

चुनावी हुंकार: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए पटना कलेक्ट्रेट में नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद समर्थकों और राजद-कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ विक्ट्री (जीत) का निशान बनाकर अपनी ताकत और एकजुटता का प्रदर्शन करतीं राजद प्रत्याशी रेखा कुमारी गुप्ता।

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की प्रत्याशी रेखा कुमारी गुप्ता ने भारी उत्साह और समर्थकों की नारेबाजी के बीच आज पटना कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस महत्वपूर्ण सियासी मौके पर उनके साथ राजद और कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर विक्ट्री (जीत) का निशान बनाकर अपनी एकजुटता और जीत का संकल्प प्रदर्शित किया। नामांकन के बाद महागठबंधन के नेताओं ने दावा किया कि क्षेत्र की जनता इस बार बदलाव के लिए तैयार है और रेखा कुमारी गुप्ता की यह उम्मीदवारी बांकीपुर में विपक्ष को एक नई मजबूती देगी।

राष्ट्रीय अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ (राजद) द्वारा जारी इस आधिकारिक सूची के अनुसार, इस बेहद महत्वपूर्ण चुनाव अभियान समिति की कमान सैयद मोहिब उल हसन हीरा को सौंपी गई है। उन्हें समिति का अध्यक्ष बनाने के साथ-साथ राष्ट्रीय प्रधान महासचिव सह प्रवक्ता की भी अहम जिम्मेदारी दी गई है। राजद नेतृत्व ने बांकीपुर से अपनी उम्मीदवार रेखा गुप्ता की जीत को अपनी प्रतिष्ठा से जोड़ दिया है, यही वजह है कि इस समिति में पार्टी के सबसे कद्दावर और अनुभवी रणनीतिकारों को शामिल किया गया है।

अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री मोहम्मद अली अशरफ फातमी द्वारा इस संबंध में राजद के बिहार प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल को आधिकारिक पत्र भेजकर पूरी जानकारी दी गई है। इस समिति में 2 उपाध्यक्ष, 8 राष्ट्रीय महासचिव और 10 राष्ट्रीय सचिवों को शामिल कर एक बेहद संतुलित और आक्रामक टीम तैयार की गई है। इस घोषणा के बाद से बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में रेखा गुप्ता के पक्ष में माहौल बनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं।

बांकीपुर विधानसभा चुनाव अभियान समिति के प्रमुख चेहरे और उनके दायित्व:

  1. सैयद मोहिब उल हसन हीरा – राष्ट्रीय प्रधान महासचिव सह प्रवक्ता (अध्यक्ष)
  2. तनवीर अंसारी – राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
  3. आइशा फातीमा – राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
  4. जफर अहसन उर्फ भाई आरिफ – राष्ट्रीय महासचिव
  5. हैदर आजाद – राष्ट्रीय महासचिव
  6. अख्तर अली – राष्ट्रीय महासचिव
  7. सलमान अख्तर – राष्ट्रीय महासचिव
  8. मरीउज्जमा खान उर्फ लडन खान – राष्ट्रीय महासचिव
  9. आरिफ हुसैन – राष्ट्रीय महासचिव
  10. अहलास मलिक – राष्ट्रीय महासचिव
  11. सरदार रंजीत सिंह – राष्ट्रीय महासचिव
  12. कौसर खान – राष्ट्रीय सचिव
  13. मो जावेद आलम – राष्ट्रीय सचिव
  14. वसीम अहमद मुन्ना – राष्ट्रीय सचिव
  15. मो फारूक आजम – राष्ट्रीय सचिव
  16. मसरूर अहमद फैजी – राष्ट्रीय सचिव
  17. ई शाहजहां – राष्ट्रीय सचिव
  18. शहाबुद्दीन खान – राष्ट्रीय सचिव
  19. तौकीर आलम – राष्ट्रीय सचिव
  20. वजीहुल कमर सिद्दीकी उर्फ सितारे रहमानी – राष्ट्रीय सचिव
  21. मो शाहिद जमाल – राष्ट्रीय सचिव

इस उच्च स्तरीय समिति के गठन की प्रतिलिपि राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष (राजद) सह नेता प्रतिपक्ष, बिहार विधानसभा तथा राष्ट्रीय सचिव (राजद) को आवश्यक कार्रवाई और सूचनार्थ भेज दी गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बांकीपुर उपचुनाव में राजद उम्मीदवार रेखा गुप्ता के पक्ष में इस महासमिति का गठन विरोधियों के पसीने छुड़ाने के लिए काफी है। इस टीम का हर एक सदस्य जमीनी पकड़ और मजबूत नेटवर्किंग के लिए जाना जाता है। कैंप कार्यालय 02, वीरचंद पटेल पथ, पटना से इस पूरे चुनावी अभियान की चौबीसों घंटे मॉनिटरिंग की जाएगी।

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 पिछड़े और अति पिछड़े वर्गों के 60% आबादी के लिए सरकार ने खोला खजाना, विदेश में पढ़ाई से लेकर मुफ्त लैपटॉप देने का प्रस्‍ताव !

मंत्री रमा निषाद का ऐतिहासिक ऐलान: आईआईटी के सहयोग से बेटियां बनेंगी डेटा साइंटिस्ट, 17वीं बीपीएससी में 101 युवाओं ने मारी बाजी, अब अनुमंडल स्तर पर खुलेंगे हाईटेक आवासीय विद्यालय

पटना, 8 जुलाई। सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग के संवाद कक्ष में आयोजित एक हाई-प्रोफाइल प्रेस कॉन्फ्रेंस में पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की मंत्री रमा निषाद ने सरकार के संकल्पों का सबसे बड़ा खाका देश के सामने रख दिया है। मंत्री रमा निषाद की अध्यक्षता में आयोजित इस विशेष बैठक में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, उनके प्रभावी क्रियान्वयन तथा अब तक की ऐतिहासिक उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी साझा की गई। मंत्री ने दोटूक शब्दों में कहा कि हमारी सरकार पिछड़े और अति पिछड़े वर्गों के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह कृतसंकल्पित है। विशेषकर इन वर्गों के छात्र-छात्राओं को शिक्षा के शिखर पर पहुंचाना ही सरकार का मुख्य लक्ष्य है।

 सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग के संवाद कक्ष में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की योजनाओं और ऐतिहासिक उपलब्धियों की घोषणा करतीं माननीया मंत्री रमा निषाद।

मंत्री रमा निषाद ने बताया कि वर्तमान में सूबे के 38 जिलों में 39 छात्रावास और कन्या आवासीय प्लस टू विद्यालय सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। इन छात्राओं को आधुनिक तकनीक की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए इन सभी विद्यालयों को सीधे आईआईटी मद्रास के ‘स्कूल कनेक्ट प्रोग्राम’ से जोड़ दिया गया है। इसके जरिए हमारे ग्रामीण परिवेश की बेटियां अब डेटा साइंस एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे भविष्य के कोर्सेज में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं और अपने उज्ज्वल भविष्य की ओर कदम बढ़ा रही हैं। इतना ही नहीं, आईआईटी कानपुर के ‘साथी प्रोग्राम’ की मदद से कक्षा 9 से 12 तक की छात्राओं को जेईई, नीट सहित देश की तमाम बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बिल्कुल मुफ्त कोचिंग दी जा रही है।

शिक्षा के क्षेत्र की चर्चा करते हुए मंत्री ने कहा कि राज्य के 38 जिलों में 100 आसन क्षमता वाले जननायक कर्पूरी ठाकुर छात्रावास संचालित हैं, जहां रहकर बच्चे उच्च शिक्षा पा रहे हैं। इसके साथ ही सरकार द्वारा संचालित प्राक् परीक्षा प्रशिक्षण योजना के तहत संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) नई दिल्ली और बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) पटना द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षाओं के साथ-साथ एसएससी, बैंकिंग, रेलवे तथा पुलिस भर्ती परीक्षाओं की निशुल्क तैयारी कराई जा रही है। इन होनहार बच्चों को पढ़ाई-लिखाई की सामग्री के लिए सरकार द्वारा एकमुश्त 3,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी सीधे बैंक खातों में भेजी जाती है।

मंत्री रमा निषाद ने 17वीं बीपीएससी के फाइनल रिजल्ट के आंकड़े जारी करते हुए बताया कि सरकार की प्रारंभिक प्रोत्साहन योजना का लाभ लेकर इस बार अत्यंत पिछड़े वर्ग के कुल 101 अभ्यर्थियों ने फाइनल रिजल्ट में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। उल्लेखनीय है कि इस योजना के तहत बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्रों को 50,000 रुपये और यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाली छात्राओं को 1,00,000 रुपये की एकमुश्त वित्तीय सहायता दी जाती है।

अभिभावकों की आय सीमा दोगुनी, वित्तीय वर्ष 2025-26 में 57,16,599 बच्चों को लाभ मंत्री रमा निषाद ने बताया कि पूर्व में इन वर्गों के छात्र-छात्राओं के अभिभावकों की वार्षिक आय सीमा केवल 1.5 लाख रुपये निर्धारित थी, जिसे हमारी सरकार ने बढ़ाकर अब सीधे 3 लाख रुपये कर दिया है ताकि गरीब से गरीब परिवार के बच्चों का भी बड़े और प्रतिष्ठित संस्थानों में आसानी से नामांकन हो सके। सरकार की प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक योजना के तहत कक्षा 1 से 10 तक के छात्र-छात्राओं को तय दर पर छात्रवृत्ति दी जा रही है। इसके तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 57,16,599 छात्र-छात्राओं को लाभान्वित कर सरकार ने इतिहास रच दिया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री अत्यंत पिछड़ा वर्ग मेधावृत्ति योजना के तहत 10वीं की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण करने वाले बच्चों को 10,000 रुपये की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि देकर उनका हौसला बढ़ाया जा रहा है।

अब विदेशों में पढ़ाई के लिए मिलेगा भारी अनुदान: आ रही अभ्युदय योजना आने वाले समय के लिए अपने विज़न और भावी योजनाओं को साझा करते हुए मंत्री ने बताया कि सरकार जल्द ही ‘मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग अभ्युदय योजना’ का नया प्रस्ताव ला रही है। इसके तहत अब देश के प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे यूपीएससी, क्लैट, निफ्ट के साथ-साथ विदेशों में उच्च शिक्षा के लिए भारी-भरकम अनुदान और बेहतरीन प्रशिक्षण दिया जाएगा।

अनुमंडल स्तर पर खुलेंगे 720 और 520 सीटों वाले हाईटेक आवासीय विद्यालय मंत्री ने बताया कि अब तक केवल जिला स्तर पर और केवल बालिकाओं के लिए आवासीय विद्यालय थे, लेकिन अब सरकार अनुमंडल स्तर पर भी बालिकाओं के लिए 520 आसन वाले और बालकों के लिए 720 आसन वाले नए आलीशान आवासीय विद्यालय खोलने की योजना पर तेजी से काम कर रही है। छात्रावासों की भारी मांग को देखते हुए जिला और अनुमंडल स्तर पर बालिकाओं के लिए और अनुमंडल स्तर पर बालकों के लिए 100-100 सीटों वाले नए जननायक कर्पूरी ठाकुर छात्रावासों का निर्माण युद्धस्तर पर शुरू किया जा रहा है।

मुफ्त लैपटॉप और सैनिक स्कूल खोलने का विशेष प्रस्ताव मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने केंद्र और अपनी आंतरिक योजनाओं के तहत कुछ विशेष प्रस्ताव तैयार किए हैं। इसके अंतर्गत 10वीं और 12वीं पास छात्राओं को फर्स्ट एड (प्राथमिक उपचार) की ट्रेनिंग देकर सीधे आत्मनिर्भर बनाया जाएगा, जबकि पुलिस और फायर सर्विस जैसी सैन्य बलों की भर्ती के लिए विशेष ट्रेनिंग कैंप शुरू होंगे। सबसे बड़ी बात यह है कि इंटरमीडिएट और तकनीकी कोर्सेज कर रहे छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के लिए 50,000 रुपये तक का ब्रांड न्यू हाईटेक लैपटॉप देने का शानदार प्रस्ताव तैयार किया गया है।

इसके अलावा, पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) प्रणाली के तहत 10 नए पिछड़ा वर्ग सैनिक स्कूल खोलने पर भी सरकार काम कर रही है। आम जनता और छात्र-छात्राओं की समस्याओं के तुरंत निवारण के लिए जल्द ही एक ऑनलाइन शिकायत व सुझाव पोर्टल भी लाइव कर दिया जाएगा। मंत्री ने आत्मविश्वास से कहा कि इन कदमों से राज्य की 60% आबादी सीधे लाभान्वित होगी और हमारे बच्चे अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण खुद करेंगे।

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कैबिनेट का मास्टरस्ट्रोक: 22 प्रस्तावों पर मुहर,  बिहार में लगेंगे 500 मेगावाट के सोलर प्लांट, 10 सरकारी कॉलेजों में भर्ती और किसानों के लिए 154 करोड़ मंजूर!

बंद चीनी मिल का विवाद सुलझा, 3 जिलों में नए केंद्रीय विद्यालय और विक्रमशिला सेतु को मिले करोड़ों!

पटना। बिहार की राजनीति और विकास के गलियारे से इस वक्‍त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। पटना में  मुख्‍यमंत्री की अध्‍यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक समाप्‍त हो गई है। इस बैठक में सरकार ने एक साथ 22 बड़े एजेंडों पर मुहर लगाकर राज्‍य में विकास की नई क्रांति का बिगुल फूंक दिया है। ऊर्जा, कृषि, स्‍वास्‍थ्‍य, शिक्षा से लेकर बुनियादी ढांचे तक, हर क्षेत्र के लिए कैबिनेट ने खजाना खोल दिया है।

आईये विस्‍तार से जानते हैं कैबिनेट के वे बड़े फैसले जो बिहार की तस्‍वीर और तकदीर बदलने वाले हैं:

1. सरकारी भवनों पर चमकेगी सौर ऊर्जा: 500 मेगावाट का महाप्रोजेक्ट

बिजली के क्षेत्र में आत्‍मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर ऊर्जा विभाग के बड़े प्रस्‍ताव को हरी झंडी दी गई है। ‘जल-जीवन-हरियाली अभियान’ के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक राज्‍य के सभी सरकारी और सरकार के अधीन भवनों पर कुल 500 मेगावाट क्षमता के ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर पावर प्लांट लगाए जाएंगे। यह पूरी परियोजना ‘रेस्‍को’ (RESCO – Renewable Energy Services Company) मोड में संचालित होगी। इसके तहत बिजली खरीद के लिए ‘पावर परचेज एग्रीमेंट’ (PPA) को भी मंजूरी दे दी गई है।

2. कृषि क्षेत्र में पैसों की बारिश: दलहन और डिजिटल मिशन को करोड़ों की मंजूरी

कृषि प्रधान बिहार के किसानों के लिए कैबिनेट ने ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं:

  • दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन: वित्तीय वर्ष 2026-27 में खरीफ, रबी और गरमा मौसम में दलहनी फसलों के उत्‍पादन को बढ़ावा देने के लिए 7984.61604 लाख रुपये (79.84 करोड़ रुपये से अधिक) की भारी-भरकम राशि स्‍वीकृत की गई है।
  • डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन: राज्‍य में ‘नेशनल ई-गवर्नेंस प्लान कृषि’ के तहत एग्री स्‍टैक परियोजना, किसान रजिस्ट्री और डिजिटल क्रॉप सर्वे को अमलीजामा पहनाने के लिए 15400.00 लाख रुपये (154 करोड़ रुपये) की राशि को प्रशासनिक मंजूरी दी गई है।
  • कृषि रोड मैप के तहत पोषण मिशन: चतुर्थ कृषि रोड मैप के अंतर्गत खाद्यान्‍न और वाणिज्यिक फसलों को बढ़ावा देने के लिए ‘राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन’ के तहत 4463.438 लाख रुपये (44.63 करोड़ रुपये से अधिक) की स्‍वीकृति दी गई है।

3. बंद मोतीपुर चीनी मिल का विवाद सुलझा: 63.39 करोड़ रुपये का भुगतान

मुजफ्फरपुर के मोतीपुर में बंद पड़ी चीनी मिल की 266 एकड़ जमीन को मेसर्स इंडियन पोटाश लिमिटेड (IPL) से वापस लेने के लिए आर्बिट्रेशन न्‍यायालय और पटना जिला एवं सत्र न्‍यायालय के आदेश के आलोक में कंपनी को 63,39,14,958 रुपये (63.39 करोड़ रुपये से अधिक) के भुगतान और व्‍यय की स्‍वीकृति दी गई है। इससे इस क्षेत्र में उद्योग के नए रास्‍ते खुलेंगे।

4. पशुपालन और डेयरी उद्योग को बूस्टर: कॉम्फेड के जरिए लगेगी आधुनिक मशीनें

‘सात निश्चय-2’ के तहत डेयरी विकास को नई ऊंचाई देने के लिए ‘नेशनल प्रोग्राम फॉर डेयरी डेवलपमेंट’ के अंतर्गत ‘कॉम्फेड’ (COMFED) को बड़ी सौगात मिली है। बल्क मिल्क कूलर, डाटा प्रोसेसर आधारित दुग्ध संग्रहण इकाई और दूध में मिलावट जांच मशीन की स्थापना के लिए कुल 56,88,42,000 रुपये की परियोजना को मंजूरी दी गई है। इसमें भारत सरकार के अंशदान के अतिरिक्‍त राज्‍य सरकार अपने कोटे से 28,44,21,000 रुपये का अंशदान देगी।

5. भागलपुर विक्रमशिला सेतु की बदलेगी सूरत: 126.25 करोड़ रुपये मंजूर

पथ निर्माण विभाग के तहत भागलपुर जिले में गंगा नदी पर बने प्रसिद्ध विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज निर्माण, नवीन सस्पेंडेड स्लैब निर्माण और पुल के संपूर्ण भाग की मरम्‍मत व पुनर्स्थापन के लिए 12625.55 लाख रुपये (126.25 करोड़ रुपये से अधिक) की भारी-भरकम लागत पर प्रशासनिक स्‍वीकृति दी गई है। इससे उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच यातायात बेहद सुगम हो जाएगा।

6. उच्च शिक्षा में नौकरियों की बहार: इंजीनियरिंग कॉलेजों में 76 नए पद सृजित

विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत राज्‍य के युवाओं को बड़ा तोहफा मिला है। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) के मानदंडों के आधार पर राज्‍य के 10 राजकीय अभियंत्रण (इंजीनियरिंग) महाविद्यालयों और बिहार अभियंत्रण विश्‍वविद्यालय में पी.जी. (M.Tech) पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए कुल 76 शैक्षणिक पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। इनमें प्राध्यापक के 09, सह-प्राध्यापक के 29 और सहायक प्राध्यापक के 38 पद शामिल हैं। इसके अलावा, इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों को परिणाम आधारित बनाने के लिए एनआईटीटीटीआर (NITTTR) भोपाल को नामित करते हुए 1,75,23,000 रुपये विमुक्‍त किए गए हैं।

7. स्‍वास्‍थ्‍य का महाविस्‍तार: एम्स पटना के लिए 26.76 एकड़ भूमि का होगा अधिग्रहण

राज्‍य की चिकित्‍सा व्‍यवस्‍था को विश्‍वस्‍तरीय बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के एक बहुत बड़े प्रस्‍ताव को मंजूरी मिली है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), पटना के विस्तार के लिए खगौल के मौजा-भुसौैला दानापुर में 26.76 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। इस भूमि अधिग्रहण पर होने वाले कुल 3,48,89,98,270 रुपये (तीन अरब अड़तालीस करोड़ नवासी लाख निन्यानवे हजार दो सौ सत्तर रुपये) के संभावित खर्च को प्रशासनिक मंजूरी दे दी गई है।

8. तीन जिलों में खुलेंगे नए केंद्रीय विद्यालय: शिक्षा का नया सवेरा

राजस्‍व एवं भूमि सुधार विभाग के तहत राज्‍य के तीन जिलों—मधुबनी, मुंगेर और मुजफ्फरपुर में नए केंद्रीय विद्यालयों की स्‍थापना का रास्‍ता साफ हो गया है:

  • मधुबनी: अंचल-लखनौर के मौजा-बेहट में 05 एकड़ जमीन।
  • मुंगेर: अंचल-मुंगेर सदर के मौजा-मय और मौजा-शंकरपुर में 05 एकड़ जमीन।
  • मुजफ्फरपुर: अंचल-मुशहरी के मौजा-मुशहरी उर्फ राधा नगर में 05 एकड़ गौशाला की जमीन। यह सभी जमीनें केंद्रीय विद्यालय संगठन, शिक्षा मंत्रालय (भारत सरकार) को मात्र 1 रुपये के टोकन मूल्‍य पर 30 वर्षों के लिए लीज पर ट्रांसफर की जाएंगी।

9. अन्य महत्वपूर्ण फैसले:

  • शहरी विकास: पटना और मुजफ्फरपुर में ‘ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप’ के मास्टर प्लान और टाउन प्लानिंग स्कीम के लिए भूमि अधिग्रहण व बुनियादी ढांचे के विकास को मंजूरी दी गई है। तकनीकी सहायता के लिए ‘सेंटर फॉर एनवायरनमेंट प्लानिंग एंड टेक्नोलॉजी’ (CEPT) अहमदाबाद को चुना गया है।
  • रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS): राज्‍य के चार कॉरिडोर में आरआरटीएस के निर्माण हेतु अल्टरनेटिव एनालिसिस रिपोर्ट और विस्‍तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार करने के लिए 31.59 करोड़ रुपये की स्‍वीकृति के साथ ‘राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम’ (NCRTC) को नामित किया गया है।
  • युवाओं को संबल: ‘मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना’ को अगले 5 वर्षों (वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31) तक विस्‍तारित करते हुए चालू वर्ष के लिए 300.00 करोड़ रुपये की स्‍वीकृति दी गई है।
  • निर्वाचन विभाग: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य में जुटे कुल 243 निर्वाचन निबंधन पदाधिकारियों के लिए 72.90 लाख रुपये और 1351 सहायक निर्वाचन निबंधन पदाधिकारियों के लिए 3.37 करोड़ रुपये से अधिक के मानदेय भुगतान को हरी झंडी दी गई है। कैबिनेट के इन फैसलों से साफ है कि सरकार आगामी चुनावों और राज्‍य के दूरगामी विकास को ध्‍यान में रखकर चौतरफा रणनीति पर काम कर रही है। इन योजनाओं के लागू होने से राज्‍य में रोजगार, बुनियादी ढांचे और आर्थिक समृद्धि को एक नया आयाम मिलेगा।

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खेल मंत्रालय के नाम पर महाधोखा! फर्जी संगठन ने ‘चयन पत्र’ बांटकर युवाओं से ठगे पैसे

नई दिल्ली: देश के उभरते खिलाड़ियों के सपनों के साथ खिलवाड़ करने वाले एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SAI) नामक एक फर्जी संगठन खुद को भारत सरकार के युवा मामले एवं खेल मंत्रालय द्वारा मान्यता प्राप्त बताकर युवाओं को ठग रहा है। यह संगठन बड़े पैमाने पर खिलाड़ियों को नकली चयन पत्र (प्लेयर सिलेक्शन लेटर) और प्रचार सामग्री जारी कर रहा है। इतना ही नहीं, कथित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के नाम पर विज्ञापन निकालकर भोले-भाले खिलाड़ियों से 1,500 रुपये का पंजीकरण शुल्क (रजिस्ट्रेशन फीस) भी वसूल रहा है।

धोखाधड़ी से सावधान! पीआईबी फैक्ट चेक द्वारा जारी इस पोस्टर में ‘स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ की वेबसाइट और उसके द्वारा बांटे जा रहे फर्जी चयन पत्र (प्लेयर सिलेक्शन लेटर) की सच्चाई को उजागर करते हुए इसे पूरी तरह ‘फेक’ (फर्जी) घोषित किया गया है।

फिट इंडिया के लोगो का भी किया गलत इस्तेमाल

यह जालसाज संगठन युवाओं को गुमराह करने के लिए अपनी वेबसाइट और दस्तावेजों पर फिट इंडिया मूवमेंट के लोगो और ब्रांडिंग का अवैध रूप से उपयोग कर रहा है। इस संबंध में पीआईबी फैक्ट चेक (PIB Fact Check) ने देश के युवाओं को सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है।

मंत्रालय ने कहाहमारा कोई संबंध नहीं

युवा मामले एवं खेल मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि:

  • इस तथाकथित ‘स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ को सरकार द्वारा कोई मान्यता या संबद्धता प्रदान नहीं की गई है।
  • इस संगठन का ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ से कोई संबंध नहीं है, और न ही इसे फिट इंडिया के ब्रांड नेम का उपयोग करने की कोई अनुमति दी गई है।
  • खिलाड़ी किसी भी झांसे में आने से बचें और प्रामाणिक जानकारी के लिए केवल असली स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) की आधिकारिक वेबसाइट पर ही भरोसा करें।

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बांकीपुर के रण में बीजेपी का बड़ा दांव! हाई-प्रोफाइल सीट पर युवा तुर्क अभिषेक कुमार को उतारा, विरोधियों के छूटे पसीने

पटना। बिहार के सियासी गलियारे से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। बिहार की सबसे वीआईपी और हाई-प्रोफाइल मानी जाने वाली 182-बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव 2026 के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपने पत्ते खोल दिए हैं। बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति ने तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए भाजपा युवा मोर्चा के फायरब्रांड प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक कुमार सिन्हा ‘बंटी’ के नाम पर अपनी अंतिम मुहर लगा दी है। बीजेपी के इस फैसले ने विपक्षी खेमे में खलबली मचा दी है।

केंद्रीय चुनाव समिति का बड़ा फैसला, युवा चेहरे पर भरोसा

बांकीपुर सीट हमेशा से ही बिहार की राजनीति का केंद्र बिंदु रही है। इस हाई-प्रोफाइल सीट को जीतने के लिए बीजेपी ने इस बार किसी पुराने चेहरे के बजाय युवा और जोश से लबरेज उम्मीदवार पर दांव लगाया है। भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, बिहार विधानसभा उपचुनाव 2026 के लिए अभिषेक कुमार के नाम को हरी झंडी दे दी गई है। एनडीए समर्थित इस चेहरे के मैदान में उतरने से बांकीपुर का चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प और आक्रामक हो गया है।

बिहार की हाई-प्रोफाइल 182-बांकीपुर विधानसभा सीट से बीजेपी और एनडीए के आधिकारिक उम्मीदवार घोषित होने के बाद भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक कुमार सिन्हा ‘बंटी’।

सीएम सम्राट चौधरी ने दी बधाई, कहा– ‘होगी ऐतिहासिक जीत

अभिषेक कुमार को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद सूबे के मुखिया यानी सीएम सम्राट चौधरी ने उन्हें विशेष रूप से बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति द्वारा 182-बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से अभिषेक कुमार को पार्टी का उम्मीदवार घोषित किए जाने पर वे उन्हें हार्दिक बधाई देते हैं।

सीएम सम्राट चौधरी ने पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि अभिषेक कुमार के नेतृत्व, समर्पण और जनसेवा के संकल्प को बांकीपुर की जनता का भरपूर आशीर्वाद प्राप्त होगा। उन्होंने दावा किया कि विकास, सुशासन और राष्ट्रहित के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए बीजेपी इस सीट पर एक ऐतिहासिक और प्रचंड विजय दर्ज करेगी।

अभिषेक कुमार के नाम के ऐलान के साथ ही बांकीपुर में चुनावी सरगर्मियां सातवें आसमान पर पहुंच गई हैं। अब देखना यह होगा कि बीजेपी का यह युवा कार्ड विरोधियों के चक्रव्यूह को भेदने में कितना कामयाब साबित होता है।

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बॉर्डर सील, घुसपैठ बंद! अररिया में मेडिकल कॉलेज और फारबिसगंज में बनेगा एयरपोर्ट; भारी बारिश के बीच गरजे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी!

बिहार में घुसपैठ-अपराध पर फुल स्टॉप; केंद्र से विकास के लिए मिले ऐतिहासिक 50000 करोड़, लापरवाही पर 13 बड़े अफसरों को मिला फाइनल नोटिस, अब खुद सीएम हर महीने पटना में करेंगे सीधी सुनवाई!

पटना 07 जुलाई 2026: बिहार में कानून व्यवस्था और जन-समस्याओं के निपटारे को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक बेहद कड़ा और बड़ा संदेश दिया है । अररिया जिले के फारबिसगंज प्रखंड अंतर्गत हरिपुर पंचायत सरकार भवन में आयोजित एक विशाल सहयोग शिविर में उमड़ी भारी भीड़ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि बिहार में अपराधियों और घुसपैठियों के खिलाफ अब जीरो टॉलरेंस की नीति चलेगी । सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा को पूरी तरह अभेद्य बनाने के लिए 735 किलोमीटर लंबी सीमा पर 194 बी०ओ०पी० (बॉर्डर आउटपोस्ट) स्थापित कर दिए गए हैं, जिससे अराजक तत्वों और अवैध घुसपैठ पर पूरी तरह लगाम कसी जा सके ।

अररिया के फारबिसगंज अंतर्गत हरिपुर पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर के दौरान उमड़े जनसैलाब को मंच से संबोधित करते हुए और अपराधियों-घुसपैठियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की कड़ी चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ।

झमाझम बारिश के बीच आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में जनता के उत्साह को देखकर भावुक हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किसानों की समृद्धि और बिहार के सतत विकास की कामना की। उन्होंने कहा कि सहयोग शिविर का मुख्य उद्देश्य आम जनता के कष्टों का त्वरित, पारदर्शी और बिल्कुल निष्पक्ष समाधान करना है । सरकार अब खुद चलकर गांव-गांव पहुंच रही है ताकि किसी भी गरीब और लाचार नागरिक को समय पर न्याय मिल सके । उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यदि जनता को कोई कष्ट होगा, तो सरकार को भी कष्ट होगा, इसलिए जन-समस्याओं का समाधान हर हाल में होकर रहेगा ।

सहयोग शिविर के बड़े आंकड़े और सख्त कार्रवाई:

  • बिहार राज्य में अब तक कुल 453062 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से रिकॉर्ड 425660 आवेदनों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया जा चुका है ।
  • प्रशासन की जवाबदेही तय करते हुए लापरवाह अधिकारियों को पहला नोटिस 12869 लोगों को, दूसरा नोटिस 340 लोगों को और अंतिम तीसरा नोटिस 13 संबंधित पदाधिकारियों को भेजा जा चुका है ।
  • अररिया जिले की बात करें तो यहाँ प्राप्त 7130 आवेदनों में से 6845 का निष्पादन हो चुका है और केवल 285 आवेदन ही लंबित बचे हैं ।
  • हरिपुर पंचायत में मिले 259 आवेदनों में से 245 का ऑन-द-स्पॉट निपटारा कर दिया गया है, जबकि बचे हुए 14 आवेदनों पर तेजी से काम चल रहा है ।

व्यावसायिक (कॉमर्शियल) गाड़ियों  से ही टोल टैक्स और पटना में खुद  करेंगे प्रत्येक महीने के दूसरे मंगलवार को पटना में सीधी सुनवाई

मुख्यमंत्री ने जनहित में एक और बड़ा ऐलान करते हुए टोल टैक्स को लेकर चल रहे भ्रम को पूरी तरह दूर कर दिया । उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार के स्टेट हाई-वे पर अब सिर्फ व्यावसायिक (कॉमर्शियल) गाड़ियों को ही टोल टैक्स देना होगा । आम आदमी के निजी वाहनों को इससे पूरी तरह मुक्त रखा गया है, जो एक बहुत बड़ी राहत है । इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जिन लोगों की समस्याओं का समाधान सहयोग शिविर के माध्यम से नहीं हो पाया है, या जिन्हें लगता है कि कोई गलत आदेश जारी हुआ है, उनके लिए वह खुद प्रत्येक महीने के दूसरे मंगलवार को पटना में विशेष सुनवाई करेंगे और समस्याओं का ऑन-द-स्पॉट समाधान करेंगे ।

अभियान बसेरा-2 के तहत सुयोग्य श्रेणी की महिला लाभार्थी को अररिया जिले के शीर्ष अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में गरिमामयी मंच से भूमि का बंदोबस्ती प्रमाण पत्र (पर्चा) सौंपते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी।

वृद्धों-विधवाओं की पेंशन बढ़ी, 125 यूनिट मुफ्त बिजली

विकास की चर्चा करते हुए सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया जिन्होंने विकसित भारत का सपना देखा है, और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को नमन किया जिन्होंने समृद्ध बिहार की मजबूत नींव रखी है । उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने बिहार के विकास के लिए मिलने वाली राशि को 16वें वित्त आयोग में 20000 करोड़ रुपये से सीधे बढ़ाकर 50000 करोड़ रुपये कर दिया है । सरकार समाज के गरीब और कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए पूरी तरह समर्पित है । इसी कड़ी में विधवा, दिव्यांगजन और वृद्धजनों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन को 400 रुपये से सीधे बढ़ाकर 1100 रुपये कर दिया गया है ।

बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के सभी परिवारों को 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जा रही है । यही नहीं, जिन घरों में सौर ऊर्जा संयंत्र (सोलर प्लांट) लगेंगे और वे 125 यूनिट से अधिक बिजली का उत्पादन करेंगे, उनकी अतिरिक्त बिजली सरकार खुद खरीदेगी और उसके बदले की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी । इसके अलावा, प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को ‘पंचायत विकास दिवस’ का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें किसानों, महिलाओं, युवाओं, विद्यार्थियों, बुजुर्गों और गरीबों से जुड़े मुद्दों की जमीनी स्तर पर समीक्षा कर उनका समाधान सुनिश्चित किया जाएगा ।

प्रखंडों में डिग्री कॉलेज और फारबिसगंज में बनेगा एयरपोर्ट

शिक्षा और बुनियादी ढांचे के मोर्चे पर भी सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं । 15 जुलाई तक राज्य के शेष बचे सभी 213 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज की व्यवस्था पूरी कर दी जाएगी । सभी 534 प्रखंडों में मॉडल स्कूल स्थापित होंगे और ग्रामीण हाई स्कूलों में कोचिंग की विशेष व्यवस्था की जाएगी ताकि गाँव के बच्चों को पढ़ाई के लिए पटना या दिल्ली जैसे बड़े शहरों का रुख न करना पड़े । फारबिसगंज में एयरपोर्ट के लिए जमीन उपलब्ध करा दी गई है और अगले वित्तीय वर्ष में इसका निर्माण कार्य शुरू करने का प्रयास किया जाएगा । अररिया में भी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के लिए भूमि फाइनल हो चुकी है और जल्द ही इसका शिलान्यास किया जाएगा । इसके साथ ही फोरलेन सड़क, सिलीगुड़ी-गोरखपुर एक्सप्रेस-वे, कोसी-मेची लिंक परियोजना, बैरगाछी-सिकटी सड़क, टैक्सगंज-सुकेला बाईपास और सुभाष चौक आर०ओ०बी० जैसी मेगा परियोजनाओं पर काम बेहद तेज गति से चल रहा है ।

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत राज्य की 1 करोड़ 81 लाख महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया गया है। सम्राट चौधरी ने निर्देश दिया कि जिन लाभार्थियों के खातों में अभी तक राशि नहीं पहुंची है, उन्हें इसी महीने के भीतर हर हाल में भुगतान सुनिश्चित किया जाए। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं ‘अभियान बसेरा-2’, ‘आयुष्मान वय वंदन कार्ड’, ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना’, ‘मुख्यमंत्री अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना’ और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अंतर्गत ‘मुख्यमंत्री विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना’ के लाभार्थियों को सांकेतिक चेक और स्वीकृति पत्र वितरित किए।

मंच पर मौजूद रहे तमाम बड़े दिग्गज

इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री सह अररिया जिले के प्रभारी मंत्री रामचंद्र प्रसाद, सांसद प्रदीप कुमार सिंह, विधायक विजय कुमार मंडल, विधायक मनोज विश्वास, विधायक मो० मुर्शीद आलम, अररिया जिला परिषद अध्यक्ष आफताब अजीम, फारबिसगंज नगर परिषद के मुख्य पार्षद वीणा देवी, 20 सूत्री के उपाध्यक्ष आशीष पटेल, 20 सूत्री के उपाध्यक्ष सह भाजपा जिलाध्यक्ष आदित्य नारायण झा शामिल रहे।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के सचिव सह अररिया जिले के प्रभारी सचिव मो० सोहैल, पूर्णिया प्रमंडल के आयुक्त दिनेश कुमार, पूर्णिया प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक विवेकानंद, जिलाधिकारी विनोद दूहन, पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार, जदयू जिलाध्यक्ष पवन मिश्रा, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के जिलाध्यक्ष विष्णु ऋषिदेव, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के जिलाध्यक्ष अरुण सिंह, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के जिलाध्यक्ष विभाष चंद्र मेहता सहित भारी संख्या में गणमान्य लोग और आम जनता मौजूद रही।

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