समस्तीपुर, 11 अक्टूबर 2026: समस्तीपुर शहर की लाइफलाइन माने जाने वाले भोला टाकीज रेल गुमटी ओवरब्रिज का निर्माण कार्य अचानक बंद होने से स्थानीय लोगों, दुकानदारों और वाहन चालकों के बीच भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है। जोर-शोर से शुरू हुआ यह महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट अब अधर में लटकता नजर आ रहा है, जिससे पूरे जिला वासियों में गहरी चिंता और आशंका फैल गई है।
भोला टाकीज रेल गुमटी पर बंद पड़े ओवरब्रिज निर्माण कार्य का निरीक्षण करने पहुंचे समस्तीपुर रेल विस्तार एवं विकास मंच के संयोजक शत्रुघ्न राय पंजी, सुरेंद्र प्रसाद सिंह, शंकर प्रसाद साह, शाहीद हुसैन, राम विनोद पासवान, विश्वनाथ सिंह हजारी, दीनबंधु प्रसाद, असगर अंसारी, सुशील कुमार और अन्य सदस्य।
रविवार को समस्तीपुर रेल विस्तार एवं विकास मंच की टीम ने बंद पड़े निर्माण स्थल का जायजा लिया। मंच के सदस्यों ने स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को गहराई से समझा। निरीक्षण के बाद मंच के संयोजक शत्रुघ्न राय पंजी और सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने शासन-प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए मांग की कि बंद पड़े ओवरब्रिज का निर्माण कार्य अविलंब चालू किया जाए और इसे निर्धारित समय-सीमा के अंदर गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।
25 अक्टूबर को पदयात्रा, फिर डीएम-डीआरएम का घेराव मंच के नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही कार्य शुरू नहीं कराया तो 25 अक्टूबर को निर्माण स्थल से पदयात्रा आंदोलन की शुरुआत की जाएगी। इसके बाद जिलाधिकारी (डीएम) और समस्तीपुर रेल मंडल के डीआरएम का घेराव करते हुए जोरदार धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इस संबंध में मंच द्वारा जल्द ही डीएम और डीआरएम को एक स्मार-पत्र भी सौंपा जाएगा।
नेताओं का कहना है कि यह ओवरब्रिज केवल एक पुल नहीं बल्कि पूरे समस्तीपुर शहर की सुगम यातायात व्यवस्था की रीढ़ है। इसके निर्माण में देरी से आम जनता की दैनिक जिंदगी नरक बन गई है।
निरीक्षण के दौरान शत्रुघ्न राय पंजी, सुरेंद्र प्रसाद सिंह, शंकर प्रसाद साह, शाहीद हुसैन, राम विनोद पासवान, विश्वनाथ सिंह हजारी, दीनबंधु प्रसाद, असगर अंसारी और सुशील कुमार समेत कई अन्य सदस्य उपस्थित थे।
11 अक्टूबर 2026 ताजपुर (समस्तीपुर): ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) का ताजपुर प्रखंड सम्मेलन रविवार को ताजपुर के अस्पताल चौक स्थित मॉडेस्टी स्कूल में संपन्न हुआ। इस सम्मेलन में तेरह सदस्यीय प्रखंड कमिटी का गठन किया गया। सम्मेलन के दौरान संगठन को मजबूत बनाने और छात्र-छात्राओं के सवालों को लेकर संघर्ष तेज करने पर विशेष जोर दिया गया।
ताजपुर के मॉडेस्टी स्कूल में आयोजित आइसा के प्रखंड सम्मेलन के दौरान मौजूद नवनिर्वाचित कमिटी के सदस्य एवं अन्य अतिथिगण।
नवनिर्वाचित कमिटी में विवेक कुमार को प्रखंड अध्यक्ष और यास्मीन प्रवीण को प्रखंड सचिव चुना गया है। इसके अलावा सह सचिव के रूप में मो० राजा एवं सुरज कुमार, तथा उपाध्यक्ष पद के लिए गौरव चौधरी एवं मो० जावेद को चुना गया है। साथ ही कमिटी के अन्य सदस्यों में चंदन कुमार, मो० सलमान, फरहादुल होदा, मो० दानिश, अल्ताफ राजा, तनवीर अख्तर एवं प्रियंका भारती को शामिल किया गया है।
सम्मेलन का उद्घाटन आइसा के जिला प्रभारी सह भाकपा माले के ताजपुर प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने किया। सम्मेलन को अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) के जिला अध्यक्ष आसिफ होदा, प्रखंड उपाध्यक्ष मोहम्मद इजाज, शाद तौहीदी एवं सदरे आलम ने छात्र आंदोलन और संगठन की भूमिका पर अपने विचार रखे।
इस अवसर पर मनोज कुमार सिंह ने सांस्कृतिक गीत प्रस्तुत कर उपस्थित छात्र-छात्राओं में उत्साह का संचार किया। सम्मेलन का पर्यवेक्षण आइसा के जिला सचिव सुनील कुमार सिंह ने किया। सम्मेलन का संचालन करते हुए आइसा प्रखंड प्रभारी जीतेंद्र कुमार सहनी ने नवनिर्वाचित कमिटी से छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर सक्रिय भूमिका निभाने की अपेक्षा जताई।
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मुजफ्फरपुर: विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर एमडीडीएम कॉलेज के मनोविज्ञान विभाग द्वारा आयोजित सप्ताहभर चलने वाले विशेष जागरूकता अभियान ‘माइंडस्केप 2026’ ने कॉलेज परिसर में एक नई ऊर्जा और सकारात्मक बदलाव की लहर पैदा कर दी है। प्राचार्या अलका जायसवाल के संरक्षण में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना, भावनात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देना और मानसिक तनाव को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों को मिटाना रहा।
‘वॉल ऑफ होप’ पर सकारात्मक और प्रेरणादायक संदेश लिखतीं प्राचार्या डा. अलका जायसवाल तथा ‘माइंडस्केप 2026’ के जागरूकता सत्र में ध्यानपूर्वक भाग लेतीं एमडीडीएम कॉलेज की छात्राएं।
रचनात्मक गतिविधियों से जगाई गई चेतना : पूरे सप्ताह चले इस आयोजन में सैकड़ों की संख्या में छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान विभिन्न प्रकार की सहभागितापूर्ण गतिविधियों का आयोजन किया गया:
नुक्कड़ नाटक: छात्राओं ने प्रभावशाली अभिनय के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी सामाजिक कुरीतियों, भ्रांतियों और नकारात्मक दृष्टिकोण पर करारा प्रहार किया।
वॉल ऑफ होप: इस गतिविधि के तहत छात्राओं ने उम्मीद, सकारात्मकता, आत्मविश्वास और भावनात्मक सहयोग से भरे संदेश लिखकर कैंपस में एक संवेदनशील माहौल का निर्माण किया।
‘मेरी कहानी, मेरा अनुभव’ (कहानी लेखन): छात्राओं ने अपने व्यक्तिगत जीवन की चुनौतियों, संघर्षों और उनसे उबरने की कहानियों को साझा कर आत्म-स्वीकृति और साहस का उदाहरण पेश किया।
इमोशन अन्ताक्षरी: इसके जरिए विभिन्न प्रकार की भावनाओं को सहजता और रोचकता के साथ समझने एवं व्यक्त करने का प्रयास किया गया।
ह्यूमन चेन फॉर्मेशन: छात्राओं ने मानव श्रृंखला (ह्यूमन चेन) बनाकर एकजुटता, आपसी सहयोग और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सामूहिक संकल्प व्यक्त किया।
स्वमूल्यांकन एवं माइंडफुलनेस: छात्राओं को अपने तनाव के स्तर और भावनात्मक स्थिति को समझने के लिए आत्म-जागरूकता गतिविधियों से जोड़ा गया।
एमडीडीएम कॉलेज परिसर में ‘माइंडस्केप 2026’ के तहत विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर जागरूकता बैनर के साथ मानव श्रृंखला बनाकर मानसिक स्वास्थ्य के प्रति एकजुटता और संवेदनशीलता का संदेश देतीं महाविद्यालय की छात्राएं और प्राध्यापिकाएं।
समय पर मदद मांगना कमजोरी नहीं, बल्कि हिम्मत है कार्यक्रम के माध्यम से यह कड़ा संदेश दिया गया कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है। किसी भी प्रकार के मानसिक तनाव या कठिनाई में खुलकर बात करना और समय पर सहायता लेना कमजोरी नहीं, बल्कि आत्म-देखभाल और साहस की पहचान है।
कार्यक्रम का समापन 13/10/2026 को माइंडफुलनेस सत्र के साथ होगा, जिसमें विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को पुरस्कृत कर सम्मानित किया जाएगा।
बिहार की शैक्षणिक क्रांति में एक नया अध्याय जुड़ गया है। राजधानी पटना के बापू सभागार में आयोजित राज्यस्तरीय ‘सेवा ही संकल्प’ अभियान के तहत चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह में प्रदेश के होनहार विद्यार्थियों का जलवा देखने को मिला। ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर आयोजित इस महा-प्रतियोगिता में पूरे देश में बिहार ने प्रथम स्थान हासिल कर इतिहास रच दिया है।
समारोह की शुरुआत मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी, उपमुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने दीप प्रज्वलित कर की।
बापू सभागार, पटना में आयोजित राज्यस्तरीय सेवा चित्र एवं भाषण प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी, उपमुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी एवं अन्य अतिथियों द्वारा विजेता छात्रा को ट्रॉफी एवं 25,000 रुपये का चेक प्रदान कर सम्मानित करते हुए।
समारोह की मुख्य बातें एवं बड़ी घोषणाएँ:
विद्यार्थी ही कल के महानायक:
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विजेता बच्चों को ट्रॉफी एवं चेक प्रदान कर बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज के छात्र ही कल के नायक और महानायक हैं। नालंदा और विक्रमशिला की ज्ञान परंपरा को पुनः स्थापित करने के लिए सरकार संकल्पित है।
शिक्षकों को ट्रेनिंग के लिए ऑक्सफोर्ड और विदेश भेजने की योजना
मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि राज्य के 100 उत्कृष्ट शिक्षकों की पहचान की जाए, जिन्हें ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे विश्वविख्यात संस्थानों में अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षण पद्धतियों का प्रशिक्षण लेने के लिए विदेश भेजा जाएगा।
TRE-4 से होगी 33,000 नए शिक्षकों की बहाली:
राज्य में TRE-4 (टी०आर०ई०-4) के माध्यम से लगभग 33,000 नए शिक्षकों की सीधी नियुक्ति की जा रही है। वर्तमान में करीब 7 लाख शिक्षक 2 करोड़ बच्चों के भविष्य को संवार रहे हैं।
रात में 1.42 लाख बच्चे ‘विद्यार्थी साथी App’ से कर रहे पढ़ाई:
700 मॉडल स्कूलों (सरस्वती विद्या निकेतन) में शुरू किए गए ‘विद्यार्थी साथी App’ (विद्यार्थी साथी ऐप) का छात्र देर रात तक लाभ उठा रहे हैं। रात 1 बजे तक लगभग 1.42 लाख विद्यार्थी इस ऐप से NEET (नीट) और JEE (जेईई) जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, जबकि वीकेंड पर यह आंकड़ा पौने 2 लाख तक पहुंच जाता है।
पिता नहीं उड़ा पाएंगे पोशाक के पैसे, जीविका दीदियाँ सिलेंगी 1 करोड़ ड्रेस:
मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कहा कि पहले पोशाक की राशि बैंक खातों में भेजने पर कई अभिभावक (पिता) इसे दूसरी जगह खर्च कर देते थे। अब 1 करोड़ विद्यार्थियों के लिए जीविका दीदियों के माध्यम से सीधे ड्रेस सिलवाकर दी जाएगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार भी बढ़ेगा।
मार्च 2027 तक बदलेगी सरकारी स्कूलों की सूरत:
‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ के तहत राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों की मरम्मत, रंगाई-पुताई और बुनियादी सुविधाओं को मार्च तक पूरी तरह दुरुस्त कर दिया जाएगा।
2030 से पहले बिहार में ही मिलेगा रोजगार, पलायन पर लगेगी रोक:
सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2030 से पहले बिहार के युवाओं को राज्य के अंदर ही उद्योगों और बेहतर उच्च शिक्षण संस्थानों के माध्यम से रोजगार व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाए ताकि किसी को बाहर न जाना पड़े।
कार्यक्रम में मौजूद प्रमुख हस्तियाँ:
समारोह में केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी, उपमुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, केंद्रीय अपर सचिव अर्चना शर्मा अवस्थी, केंद्रीय संयुक्त सचिव अमरप्रीत दुग्गल, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक और हजारों छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।
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इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में एआई फॉर गुड लैब का बड़ा धमाका, फर्जी कनेक्शन और धोखाधड़ी पर बड़ा प्रहार!
नई दिल्ली: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में भारत ने एक नया इतिहास रचते हुए वैश्विक मंच पर अपनी धक जमा दी है। नई दिल्ली में आयोजित इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) 2026 के दौरान “एआई फॉर गुड लैब वर्कशॉप: फ्रॉम स्ट्रैटेजी टू इम्पैक्ट” का भव्य उद्घाटन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन दूरसंचार विभाग (डीओटी), संचार मंत्रालय और अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू) द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में “एआई फॉर गुड लैब” कार्यशाला को मंच से संबोधित करते केंद्रीय संचार एवं उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया।
एआई की असली ताकत मॉडल नहीं, आम इंसान का जीवन सुधारना: ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय संचार एवं उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने कहा कि जेनेवा से नई दिल्ली तक ‘एआई फॉर गुड लैब’ का सफर वैश्विक चर्चाओं से निकलकर स्थानीय समाधानों तक पहुँचने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एआई की असली पहचान उसके मॉडल के आकार या एल्गोरिदम की जटिलता से नहीं, बल्कि इस बात से तय होगी कि उसने कितने आम लोगों की जिंदगी को बेहतर बनाया है।
ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने भारत की मार्गदर्शक सोच “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” का उल्लेख करते हुए चेतावनी दी कि दुनिया में लगभग 2.2 अरब लोग अभी भी ऑफ लाइन हैं। ऐसे में तकनीक को मानवीय अवसरों को बढ़ाना चाहिए ताकि डिजिटल विभाजन किसी भी स्थिति में एआई विभाजन में न बदलने पाए।
10,000 करोड़ रुपये का इंडिया एआई मिशन और साइबर अपराध पर नकेल
अपने संबोधन में मंत्री ने 10,000 करोड़ रुपये से अधिक के इंडिया एआई मिशन के तहत भारत की घरेलू एआई क्षमताओं के बारे में विस्तार से बताया।
सुपरकंप्यूटिंग पावर: वैश्विक औसत लागत के लगभग एक-तिहाई खर्च पर 38,000 से अधिक हाई-एंड जीपीयू शामिल किए जा चुके हैं तथा 20,000 और नए जीपीयू जोड़े जा रहे हैं।
साइबर फ्रॉड पर स्ट्राइक: ‘संचार साथी’ जैसे एआई और डेटा एनालिटिक्स उपकरणों के माध्यम से 7.14 करोड़ से अधिक फर्जी मोबाइल कनेक्शन बंद किए जा चुके हैं। इसके अलावा 35 लाख से अधिक खोए हुए हैंडसेट का पता लगाया गया है और 5,000 करोड़ रुपये से अधिक की संभावित वित्तीय धोखाधड़ी को सफलतापूर्वक रोका गया है।
एआई स्किल में भारत नंबर 1: वर्तमान में एआई कौशल की मौजूदगी के मामले में भारत विश्व में पहले स्थान पर है। गिटहब पर 10 या उससे अधिक स्टार वाली ओपन सोर्स एआई परियोजनाओं में भारतीय डेवलपर्स का योगदान लगभग 5.2 प्रतिशत है।
वैश्विक दक्षिण का नेतृत्व करेगा भारत
भारत आईटीयू के साथ एक पायलट देश के रूप में साझेदारी कर रहा है ताकि वैश्विक दक्षिण में एआई रणनीति और उसके वास्तविक प्रभाव के बीच के अंतर को समाप्त किया जा सके। अफ्रीका, एशिया, लैटिन अमेरिका और खाड़ी देशों के साथ 10 पायलट देशों में से एक के रूप में भारत शेयर्ड कम्प्यूट, ओपेन डाटासीट और डिजिटल पब्लिक अवसंरचना (डीपीआई) का अपना मॉडल प्रस्तुत कर रहा है।
नई दिल्ली में आयोजित “एआई फॉर गुड लैब” कार्यशाला के दौरान सभागार में उपस्थित अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि, विशेषज्ञ और गणमान्य अतिथि।
कार्यशाला में उपस्थित प्रमुख हस्तियां
इस अवसर पर कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के अधिकारी एवं विशेषज्ञ मौजूद रहे:
अमित अग्रवाल (सचिव, दूरसंचार विभाग)
डॉ. बिलेले जमौसी (उपनिदेशक, दूरसंचार मानकीकरण ब्यूरो, आईटीयू)
संजीव कुमार शर्मा (उप महानिदेशक, एआई एवं डिजिटल इंटेलिजेंस यूनिट, डीओटी)
एस. टी. अब्बास (वरिष्ठ उप महानिदेशक, टीईसी)
कार्यक्रम का समापन एक समावेशी, सुरक्षित, भरोसेमंद और मानव-केंद्रित एआई पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ ।
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हाजीपुर/मुजफ्फरपुर: हाजीपुर स्थित पुलिस केंद्र के प्रशिक्षण स्थल पर उस समय हड़कंप मच गया जब तिरहुत क्षेत्र, मुजफ्फरपुर के पुलिस उप महानिरीक्षक चंदन कुमार कुशवाहा अचानक समीक्षा बैठक करने पहुंच गए। वैशाली के वरीय पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में डीआईजी ने ट्रेनिंग ले रहे मधेपुरा जिला बल के कुल 149 रंगरूटों के प्रशिक्षण की गुणवत्ता, शारीरिक क्षमता और अनुशासन की कड़ाके से क्लास ली।
हाजीपुर पुलिस केंद्र में मधेपुरा जिला बल के 149 प्रशिक्षणरत जवानों के साथ सीधी बातचीत कर प्रशिक्षण की गुणवत्ता की समीक्षा करते तिरहुत क्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक चंदन कुमार कुशवाहा, साथ में उपस्थित वैशाली के वरीय पुलिस अधीक्षक एवं अन्य अधिकारी।
गलतियों पर जीरो टॉलरेंस, सीधे संवाद में सुनीं समस्याएं : समीक्षा बैठक के दौरान डीआईजी चंदन कुमार कुशवाहा ने सीधे ग्राउंड पर उतरकर प्रशिक्षणरत जवानों से बातचीत की। उन्होंने जवानों के दिनचर्या, दैनिक अनुभवों, शारीरिक अभ्यास और ट्रेनिंग के दौरान सामने आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों के बारे में विस्तार से जानकारी जुटाई। डीआईजी ने साफ शब्दों में हिदायत दी कि ट्रेनिंग के दौरान सामान्य गलतियों को भी नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा ही असली पहचान : जवानों को कड़ा मार्गदर्शन देते हुए डीआईजी ने कहा कि एक कुशल, संवेदनशील और सख्त पुलिसकर्मी बनने के लिए प्रशिक्षण के हर पहलू को गंभीरता से आत्मसात करना अनिवार्य है। उन्होंने जवानों को निर्देश दिया कि वे शारीरिक दक्षता के साथ-साथ व्यावसायिक कौशल और निर्धारित नियमों का शत-प्रतिशत पालन करें। उन्होंने बल दिया कि भविष्य में पुलिस सेवा की भारी-भरकम जिम्मेदारियों को निष्ठा और तत्परता से निभाने के लिए खुद को मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत तैयार करें।
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वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय का कड़ा रुख, बाल अधिकारों के हनन पर दर्ज हुआ केस; आम नागरिकों और मीडिया को दी हिदायत, फेसबुक आईडी और पोस्ट की जांच में हुआ खुलासा
विशेष रिपोर्ट (मुजफ्फरपुर):
मुजफ्फरपुर जिले के कटरा थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर समानांतर के समान पत्रकारिता के जैसे चला रहे पेजों और पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कटरा थाना के एक मामले में निरूद्ध की गई एक विधि-विरुद्ध नाबालिग बालिका का फोटो और वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर धड़ल्ले से प्रसारित किया जा रहा था। जब इस पूरे मामले की गहनता से जांच की गई, तो परत-दर-परत सच सामने आ गया। जांच में पाया गया कि यह संवेदनशील वीडियो किसी बाहरी जगह नहीं, बल्कि सीधे कटरा थाना परिसर के भीतर ही बनाया गया था और इसे ‘कटरा मिरर’ नाम के फेसबुक पेज से प्रसारित किया गया था।
सांकेतिक (प्रतीकात्मक) तस्वीर
जांच में हुआ बड़ा खुलासा: ‘कटरा मिरर‘ पेज पर कसा शिकंजा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कटरा थाना के एक कांड से संबंधित निरूद्ध की गई विधि-विरुद्ध नाबालिग बालिका का वीडियो और फोटो थाना परिसर में रिकॉर्ड किया गया। इसके बाद बालिका की पहचान को सार्वजनिक करते हुए इसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया गया। जैसे ही यह मामला मुजफ्फरपुर पुलिस प्रशासन के संज्ञान में आया, तुरंत मामले के सत्यापन हेतु संबंधित फेसबुक पोस्ट और आईडी की गहन तकनीकी जांच की गई। जांच प्रक्रिया के दौरान स्पष्ट हुआ कि ‘कटरा मिरर’ नाम के फेसबुक पेज द्वारा ही उक्त फोटो और वीडियो को सार्वजनिक कर प्रसारित किया गया है।
कानून का उल्लंघन: कटरा थाना में कांड संख्या 265/26 दर्ज
निरूद्ध की गई विधि-विरुद्ध नाबालिग बालिका की निजता (प्राइवेसी) और उसकी सामाजिक गरिमा को ध्यान में रखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया है। बाल संरक्षण कानूनों और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के सीधे उल्लंघन पर कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस ने कटरा थाना में कांड संख्या 265/26 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस प्रशासन द्वारा इस मामले में संलिप्त लोगों को चिह्नित कर आगे की कठोर कानूनी कार्रवाई तेजी से की जा रही है।
वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय, मुजफ्फरपुर द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति।
थाना परिसर के अंदर सुरक्षा और निजता पर प्रश्नचिह्न: कटरा थाना परिसर के भीतर ही किसी नाबालिग बालिका का वीडियो बन जाना सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक को दर्शाता है। कानून के मुताबिक, किसी भी विधि-विरुद्ध या पीड़ित नाबालिग की तस्वीर या वीडियो बनाना और उसे सार्वजनिक करना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
सोशल मीडिया पेजों की गैर-जिम्मेदाराना कार्यशैली: आजकल सोशल मीडिया पर ‘न्यूज पेज’ के नाम पर चल रहे कई प्लेटफॉर्म्स व्यूज और टीआरपी की होड़ में बाल अधिकारों और कानूनों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। ‘कटरा मिरर’ द्वारा किया गया यह कृत्य नाबालिग के भविष्य और उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा पर सीधा आघात है।
कानूनी परिणाम और कड़ा संदेश: कटरा थाना में प्राथमिकी (कांड सं. 265/26) दर्ज होना यह साफ संदेश देता है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नाबालिगों की निजता से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ अब ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।
मुजफ्फरपुर पुलिस की आम नागरिकों और मीडिया को सख्त हिदायत
इस गंभीर घटनाक्रम के बाद मुजफ्फरपुर पुलिस ने प्रेस, मीडियाकर्मियों और आम नागरिकों से पुरजोर अपील की है। पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि नाबालिग बच्चों से संबंधित कोई भी निजी या संवेदनशील फोटो/वीडियो सोशल मीडिया पर साझा या प्रसारित न करें। ऐसा कृत्य न केवल नाबालिग की निजता और मानसिक गरिमा को प्रभावित करता है, बल्कि भारतीय कानून (जैसे पोक्सो एक्ट और जेजे एक्ट) के तहत एक अति-गंभीर और गैर-जमानती अपराध भी है। नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति या मीडिया संस्थान पर पुलिस सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी।
एक सच्चे और जिम्मेदार पत्रकार की असली पहचान
पत्रकारिता केवल हाथ में माइक थामने या कैमरा ऑन कर देने भर से पूरी नहीं होती, बल्कि यह समाज के प्रति एक बेहद गंभीर और नैतिक जिम्मेदारी का नाम है। आज के डिजिटल दौर में नवोदित पत्रकारों के लिए यह अति आवश्यक है कि वे सनसनी फैलाने और व्यूज हासिल करने की अंधी दौड़ से बाहर निकलकर कानूनी सीमाओं और पत्रकारिता की मर्यादाओं को गहराई से समझें। किसी वरिष्ठ पत्रकार के कुशल मार्गदर्शन व सानिध्य में रहकर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करना, पत्रकारिता की पेशेवर डिग्री या डिप्लोमा हासिल करना और विषय का संपूर्ण ज्ञान होना ही एक पत्रकार को वास्तविक परिपक्वता प्रदान करता है। कानून के बुनियादी नियमों—जैसे किसी नाबालिग की पहचान उजागर न करना, किसी की निजता का हनन न करना और बिना तथ्यों की जांच किए खबर न चलाना—का पालन करना ही एक सच्चे और जिम्मेदार पत्रकार की असली पहचान है।
मुजफ्फरपुर: आगामी दीपावली और छठ महापर्व को लेकर मुजफ्फरपुर रेल जिला पुलिस और रेलवे प्रशासन ने सुरक्षा का चक्रव्यूह तैयार कर लिया है। बिहार पुलिस मुख्यालय के सख्त निर्देश पर मुजफ्फरपुर रेल जिला के विभिन्न रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में इन दिनों ऐसा ताबड़तोड़ और सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है कि अवैध रूप से सफर करने वालों की नींद उड़ गई है। श्वान दस्ता (डॉग स्क्वॉड), रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और टिकट परीक्षकों के संयुक्त समन्वय से चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत कुल 31 ट्रेनों की औचक और गहन जांच की गई।
हाजीपुर रेलवे जंक्शन के प्लेटफॉर्म पर सुरक्षाबलों के साथ औचक निरीक्षण और सघन चेकिंग अभियान का जायजा लेते रेल पुलिस अधीक्षक एवं अन्य अधिकारी।
दो लाख के करीब जुर्माना और भारी जब्ती
चलाए गए इस सघन चेकिंग अभियान के दौरान बिना टिकट यात्रा कर रहे कुल 312 यात्रियों को धर दबोचा गया। रेल प्रशासन ने इनसे सख्ती से निपटते हुए 1,93,800 रुपये का भारी-भरकम जुर्माना वसूला। इसके अलावा, स्टेशन परिसर के नो पार्किंग जोन में वाहन खड़ा करने वाले वाहन चालकों से 2,000 रुपये का चालान भी काटा गया। त्योहारों के इस सीजन में यात्रियों की सुरक्षा, पुख्ता जागरूकता और किसी भी प्रकार के अपराध पर पूरी तरह से नकेल कसने के लिए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
चार प्रमुख बिंदुओं पर टिके हैं सुरक्षा के कड़े इंतजाम
रेल पुलिस अधीक्षक, मुजफ्फरपुर ने मीडिया से बातचीत करते हुए इस विशेष अभियान के कई सनसनीखेज और महत्वपूर्ण खुलासे किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वरिष्ठ पदाधिकारियों के निर्देशानुसार दिनांक 8 से 10 तारीख तक यह विशेष महाअभियान लगातार चलाया जा रहा है। रेल पुलिस अधीक्षक ने बताया कि राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी), रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और रेल प्रशासन की संयुक्त टीम निम्नलिखित चार प्रमुख बिंदुओं पर पूरी मुस्तैदी से काम कर रही है:
ट्रेनों का औचक निरीक्षण: बिहार से गुजरने वाली सभी ट्रेनों की सघन और औचक निरीक्षण जांच लगातार की जा रही है।
बिना टिकट यात्रियों पर शिकंजा: रेल प्रशासन और रेलवे सुरक्षा बल मिलकर बिना टिकट यात्रा करने वालों की धरपकड़ कर रहे हैं, ताकि कोई भी अवैध या असामाजिक तत्व ट्रेन में घुसपैठ न कर सके।
नारकोटिक्स और शराब तस्करी पर प्रहार: ट्रेनों और स्टेशनों पर अवैध शराब, गांजा, और नारकोटिक्स पदार्थों की धड़ल्ले से जांच की जा रही है।
प्लेटफॉर्म पर अनाधिकृत जमावड़ा बंद: प्लेटफॉर्म पर बिना वैध टिकट या बिना किसी ठोस कारण के घूमने वाले बेकार व्यक्तियों की कड़ी जांच की जा रही है।
सीमावर्ती थानों तक बिछाया गया है सुरक्षा का जाल
रेल पुलिस अधीक्षक ने जानकारी दी कि दिनांक 8 को चलाए गए अभियान में लगभग 31 गाड़ियों की सघन जांच की गई, जिसमें बिना टिकट यात्रा करने वालों से लगभग दो लाख रुपये वसूले गए और 312 व्यक्तियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की गई। इसके साथ ही, कई थानों की पुलिस ने छापेमारी कर भारी मात्रा में अवैध शराब भी जब्त की है और 3-4 तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
त्योहारों के दौरान दूसरे राज्यों से आने वाली भारी भीड़ को देखते हुए रेल पुलिस ने एक अनूठी पहल की है। सीमावर्ती (बॉर्डरिंग) थानों में विशेष टीमों को भेजा जा रहा है, जो सीमावर्ती क्षेत्रों में यात्रियों को जागरूक करेंगी। यह टीमें यात्रियों को पॉकेटमारों, चोरों और शातिर नशाखोरों से सावधान रहने के प्रति सतर्क करेंगी। इसके अलावा, यदि ट्रेन में सफर के दौरान कोई भी ज्वलनशील पदार्थ या खतरनाक वस्तु पाई जाती है, तो रेल प्रशासन द्वारा पूरी कठोरता के साथ विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे बिना टिकट यात्रा करने से बचें और बिना किसी कारण के प्लेटफॉर्म पर भीड़ न लगाएं। त्योहारों के इस पावन अवसर पर वैध तरीके से ही ट्रेन में यात्रा करें, ताकि आपको किसी भी असुविधा या परेशानी का सामना न करना पड़े।
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नई दिल्ली: देश के करोड़ों व्यापारियों और कारोबारियों के लिए राहत भरी बहुत बड़ी खबर सामने आई है। वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी परिषद की 57वीं बैठक में ऐसे कई ऐतिहासिक और क्रांतिकारी फैसले लिए गए हैं, जो टैक्स सिस्टम का चेहरा बदल देंगे। नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में जीएसटी के कठोर नियमों को टाटा-बायबाय कह दिया गया है। सरकार के इस कदम से व्यापार जगत में जश्न का माहौल है, क्योंकि अब टैक्स चुकाने वालों पर से शिकंजा ढीला कर दिया गया है और अनुपालन को बेहद आसान बना दिया गया है।
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित जीएसटी परिषद की 57वीं बैठक के दौरान मीडिया को संबोधित करती हुईं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और उनके साथ मौजूद राजस्व सचिव तथा मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी।
गिरफ्तारी के प्रावधान खत्म, अभियोग सीमा पांच गुना बढ़ी
जीएसटी परिषद ने सबसे बड़ा और सनसनीखेज फैसला लेते हुए कर चोरी के मामलों में जीएसटी के तहत गिरफ्तारी के प्रावधानों को पूरी तरह से हटाने की जोरदार सिफारिश की है। इसके साथ ही अभियोग (प्रॉसीक्यूशन) की मौद्रिक सीमा को ₹1 करोड़ से सीधे बढ़ाकर ₹5 करोड़ कर दिया गया है। यानी अब छोटे मामलों में कारोबारियों को जेल के डर से राहत मिलेगी और वे खुलकर व्यापार कर सकेंगे।
जुर्माने में भारी कटौती और सामान्य नियम हुए नरम
व्यापारियों की जेब पर भारी पड़ने वाले सामान्य जुर्माने को लेकर भी बड़ा ऐलान किया गया है। जीएसटी परिषद ने सामान्य जुर्माने को ₹25,000 से भारी मात्रा में घटाकर सिर्फ ₹10,000 करने की सिफारिश की है। इतना ही नहीं, रिटर्न दाखिल करने में देरी और अन्य प्रक्रियाओं पर लगने वाले जुर्माने व नोटिस की सीमाओं को भी काफी तर्कसंगत बना दिया गया है, जिससे बेवजह की कानूनी लड़ाइयों और मुकदमों से छुटकारा मिलेगा।
रिफंड प्रक्रिया हुई सुपरफास्ट, कार्यशील पूंजी में होगा सुधार
कारोबारियों की लंबे समय से अटकी वर्किंग कैपिटल यानी कार्यशील पूंजी की समस्या को दूर करने के लिए परिषद ने जल्दी रिफंड की पुख्ता व्यवस्था की है। अब इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर और अन्य रिफंड दावों की प्रक्रिया को पूरी तरह से सिस्टम-आधारित और स्वचालित (ऑटोमैटिक) बना दिया गया है, जिससे बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के त्वरित भुगतान संभव हो सकेगा। इसके अलावा, इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) और रिफंड के लिए पात्रता का दायरा भी व्यापक रूप से बढ़ा दिया गया है।
पंजीकरण और अनुपालन हुए मक्खन जैसे आसान
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देते हुए पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) और अनुपालन की जटिल प्रक्रियाओं को पानी की तरह साफ और सरल कर दिया गया है। अब बिना किसी अधिकारी के अनावश्यक हस्तक्षेप के पोर्टल के माध्यम से ऑटोमैटिक रजिस्ट्रेशन और संशोधन की सुविधा मिलेगी। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर माल बेचने वाले छोटे विक्रेताओं और दूसरे राज्यों में व्यापार करने वालों के लिए भी नियमों को बेहद आसान कर दिया गया है।
जीएसटी परिषद की 57वीं बैठक में लिए गए अधिकांश प्रक्रिया सुधार और रिटर्न संशोधन से संबंधित नए प्रावधानों को अप्रैल 2027 के रिटर्न से चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाने की सिफारिश की गई है, जबकि कुछ अन्य विशिष्ट सुधारों और कर दरों से जुड़े बदलावों को संबंधित सर्कुलर, अधिसूचनाओं और कानूनी संशोधनों के औपचारिक रूप से जारी होने के बाद प्रभावी किया जाएगा।
जीएसटी परिषद की इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री ने की। इस महत्वपूर्ण बैठक में दिल्ली, गोवा, हरियाणा, जम्मू एवं कश्मीर, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र और मेघालय के मुख्यमंत्री, मणिपुर और तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री, तथा विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्री एवं वरिष्ठ विधानसभा सदस्य उपस्थित रहे। इनके अलावा राजस्व विभाग के सचिव, केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड के अध्यक्ष एवं सदस्य तथा वित्त मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी भी इस बैठक में शामिल हुए।
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पटना: बिहार में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने, अपराधियों पर नकेल कसने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान गृह विभाग के प्रधान सचिव और पुलिस मुख्यालय के वरीय अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक में मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया कि राज्य में अपराध के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पटना के लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में विधि-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी।
अपराधियों की बनेगी जिलावार सूची, लगेगा सीसीए (CCA)
बैठक में मुख्यमंत्री ने पुलिस प्रशासन को निर्देश दिया कि अपराधियों, असामाजिक तत्वों और समाज में अशांति फैलाने वालों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके लिए जिलों और थानों स्तर पर अपराधियों की सूची तैयार कर उनकी पहचान करने को कहा गया है। आदतन अपराधियों और असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने के लिए अपराध नियंत्रण अधिनियम (CCA) के प्रावधानों का कड़ाई से उपयोग करने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा, मामलों में त्वरित अनुसंधान और मजबूत अभियोजन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया ताकि दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिल सके।
डायल-112 और तकनीक आधारित पुलिसिंग पर जोर
आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिकों को तुरंत सहायता पहुंचाने के लिए शुरू की गई डायल-112 सेवा की भी समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि बिहार में डायल-112 का औसत रिस्पांस टाइम लगभग 11 मिनट या उससे कम है, जो राष्ट्रीय औसत (17 मिनट) से काफी बेहतर है। मुख्यमंत्री ने इस पर संतोष जताते हुए प्रतिक्रिया समय में और सुधार करने तथा तकनीक के माध्यम से आपातकालीन सेवाओं को और मजबूत करने का निर्देश दिया।
सोशल मीडिया और साइबर अपराध पर रहेगी पैनी नजर
डिजिटल युग की चुनौतियों से निपटने के लिए सभी जिलों में सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और साइबर क्राइम सेंटर के जरिए कड़ी निगरानी रखने को कहा गया है। साइबर फ्रॉड से जुड़ी शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 के व्यापक प्रचार-प्रसार पर बल दिया गया। सोशल मीडिया पर भ्रामक, आपत्तिजनक या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाली सामग्री पर त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश देते हुए कहा गया कि संवेदनशील मामलों में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक दो घंटे के भीतर अपनी प्रतिक्रिया दें।
नशीले पदार्थों और आर्थिक अपराधियों पर कड़ा प्रहार
नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए नारकोटिक्स और अन्य संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ ठोस कार्रवाई करने को कहा गया है। इसके साथ ही, अवैध तरीके से संपत्ति या आर्थिक लाभ कमाने वाले आर्थिक अपराधियों के विरुद्ध भी कठोर कानूनी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
कदाचार मुक्त परीक्षाएं और महिला सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रतियोगी परीक्षाएं पूरी तरह स्वच्छ और कदाचार मुक्त होनी चाहिए। इसमें गड़बड़ी करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। साथ ही, सार्वजनिक स्थलों पर अशांति फैलाने वालों, अश्लील एवं द्विअर्थी गाने बजाकर माहौल खराब करने वालों पर भी नजर रखने को कहा गया है। महिला पुलिसकर्मियों के लिए कार्यस्थल पर बेहतर माहौल और जरूरी सुविधाएं विकसित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
इस उच्चस्तरीय बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा, गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक विशेष शाखा कुंदन कृष्णन, पुलिस महानिदेशक निगरानी जी.एस. गंगवार, पुलिस महानिदेशक मद्य निषेध एन.के. आजाद सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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