Saturday, September 12, 2026

बिहार के विकास को लगेगी बड़ी पंख: कोसी पर बनेगा हाई लेवल डैम, केंद्र से मिली हरी झंडी!

नई दिल्ली / पटना: बिहार के विकास और सीमांचल को बाढ़ व सुखाड़ के संकट से मुक्ति दिलाने के लिए नई दिल्ली में एक ऐतिहासिक और महाबैठक संपन्न हुई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एवं केंद्रीय विदेश मंत्री डॉ० एस० जयशंकर से मुलाकात कर राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए अहम प्रस्तावों पर मुहर लगवाई है।

कोसी नदी पर हाई लेवल डैम का डी०पी०आर० जल्द होगा पूरा

बैठक का सबसे बड़ा पहलू कोसी नदी पर बनने वाला ‘हाई लेवल डैम’ रहा। मुख्यमंत्री के विशेष आग्रह पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कोसी नदी पर हाई लेवल डैम के डी०पी०आर० (DPR) को जल्द से जल्द पूरा करने का सख्त निर्देश जारी किया है। इसके अलावा, कोसी-मेची अंतःराज्यीय रिवर लिंक परियोजना के प्रथम चरण के लिए फंड जारी करने और द्वितीय चरण के तकनीकी अनुमोदन के लिए एन०डब्लू०डी०ए० (NWDA) तथा जल शक्ति मंत्रालय को तुरंत कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है।

इस परियोजना के आगे बढ़ने से बिहार के सीमांचल क्षेत्र में सिंचाई, कृषि और जल प्रबंधन में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। संयुक्त तकनीकी विशेषज्ञ समिति में बिहार का एक सदस्य शामिल रहेगा, जिससे राज्य के हितों की अनदेखी न हो सके।

बिहार को मिलेगा अतिरिक्त केंद्रीय फंड

बिहार को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए एस०एन०ए० (SNA) एवं स्पर्श (SPARSH) व्यवस्था को 30 सितंबर तक लागू करने पर सहमति बनी है। साथ ही एस०ए०एस०सी०आई० (SASCI) के तहत ‘रिफॉर्म बेस्ड इंसेंटिव’ को प्रभावी बनाया जाएगा, जिससे राज्य को विकास योजनाओं के संचालन हेतु भारी-भरकम अतिरिक्त केंद्रीय वित्तीय संसाधन प्राप्त होंगे।

भागलपुर और हाजीपुर में बड़े शैक्षणिक संस्थानों का रास्ता साफ

बिहार सरकार ने भागलपुर में विक्रमशिला विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए 219 एकड़ और हाजीपुर में निफ्टम (NIFTEM) के लिए 100 एकड़ जमीन केंद्र को उपलब्ध करा दी है। मुख्यमंत्री ने दोनों राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों का निर्माण कार्य तुरंत शुरू कराने की मांग की है।

कॉरिडोर और रिवर लिंक परियोजनाओं से बदलेगा पर्यटन

बैठक में सोन-फल्गू रिवर लिंक परियोजना, महाबोधि कॉरिडोर और विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर के निर्माण कार्य को भी तीव्र गति से शुरू कराने पर सकारात्मक फैसला हुआ। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि केंद्र और बिहार सरकार मिलकर राज्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए पूरी ताकत से काम कर रही हैं।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’ के लिंक पर क्लिक करें ,

||  https://newsbharattv.in  ||

तिरहुत प्रमंडल में प्रशासनिक हलचल: प्रमंडलीय आयुक्त का कड़ा रुख, लापरवाही पर नपेंगे अफसर, जनहित के कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही तय

मुजफ्फरपुर : प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय के सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में प्रमंडलीय आयुक्त ने प्रशासनिक तंत्र को पूरी तरह मुस्तैद करने का कड़ा संदेश दिया है। विधि-व्यवस्था संधारण से लेकर जन वितरण प्रणाली, राजस्व वसूली और परिवाद निवारण तक के संवेदनशील मुद्दों पर प्रमंडलीय आयुक्त ने अधिकारियों की क्लास ली। स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी गई कि आम जनता के कार्यों में ढिलाई या लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अनुमंडल पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे जनहित से जुड़े सभी कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें तथा पूरे प्रशासनिक तंत्र में पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व सुनिश्चित करें।

तिरहुत प्रमंडल कार्यालय सभागार में विधि-व्यवस्था, राजस्व, जन वितरण प्रणाली एवं तिरहुत स्नातक/शिक्षक निर्वाचन की तैयारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते प्रमंडलीय आयुक्त एवं उपस्थित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी।

चुनावी तैयारियों पर पैनी नजर, दिए सख्त निर्देश

समीक्षा बैठक के दौरान प्रमंडलीय आयुक्त ने आगामी बिहार विधान परिषद के तिरहुत स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन की तैयारियों की भी बिंदुवार समीक्षा की। निर्वाचन प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से उन्होंने अधिकारियों को निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अक्षरश: पालन करने का कड़ा निर्देश दिया। मतदाता सूची के अद्यतनीकरण से लेकर मतदान केंद्रों की व्यवस्था तक, हर पहलू पर बारीक नजर रखने की बात कही गई ताकि चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

राशन, राजस्व और जन-शिकायतों पर कड़ा रुख

बैठक में जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) की दुकानों से मिलने वाले खाद्यान्न वितरण में पूरी पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए गए। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि गरीबों के राशन में धांधली या कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। इसके साथ ही, राजस्व वसूली की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए इसमें तेजी लाने और लंबित परिवादों का त्वरित निष्पादन करने का हुक्म जारी किया गया। अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई कि वे आम जनता की समस्याओं को टालने के बजाय उनका समयबद्ध और संतोषजनक समाधान निकालें।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’ के लिंक पर क्लिक करें ,

||  https://newsbharattv.in  ||

मुजफ्फरपुर के युवाओं का बड़ा कदम: विश्व उद्यमिता दिवस पर  नए स्टार्टअप्स की शुरुआत, डीएम ने दिए सफलता के मंत्र

मुजफ्फरपुर (विशेष संवाददाता): मुजफ्फरपुर में उद्यमिता और नवाचार के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचा गया है। विश्व उद्यमिता दिवस के खास मौके पर शहर के युवाओं और नए उद्यमियों को पंख देने के उद्देश्य से एक विशाल जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। एल.एन. मिश्रा कॉलेज ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट (एलएनएमसीबीएम) तथा मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) के स्टार्टअप सेल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य विषय स्केल अप एंड मार्केट एक्सेस रखा गया।

कार्यक्रम के दौरान जिले में युवा प्रतिभाओं को बढ़ावा देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा करने के संकल्प के साथ एक साथ 7 नए स्टार्टअप्स का भव्य शुभारंभ किया गया।

विश्व उद्यमिता दिवस के अवसर पर एल.एन. मिश्रा कॉलेज ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट में आयोजित “स्केल अप एंड मार्केट एक्सेस” कार्यक्रम के दौरान मंचासीन जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन (बीच में) एवं संस्थान के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी।

जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने किया नए स्टार्टअप्स का शुभारंभ

कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का औपचारिक उद्घाटन किया। इसके पश्चात उन्होंने नए स्टार्टअप्स को लॉन्च करते हुए युवा उद्यमियों का उत्साहवर्धन किया। उपस्थित छात्रों, स्टार्टअप संस्थापकों और उद्योग जगत से जुड़े लोगों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि बिहार में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस सही मार्गदर्शन और अवसर की आवश्यकता है।

उन्होंने आगे बताया कि बिहार सरकार युवाओं को स्वावलंबी और उद्यमी बनाने के लिए बेहद प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार द्वारा स्टार्टअप नीति के तहत वित्तीय सहायता, सीड फंड, मेंटरशिप और बाजार तक पहुंच (मार्केट एक्सेस) जैसी कई महत्वाकांक्षी योजनाएं एवं सुविधाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें और सरकारी योजनाओं का भरपूर लाभ उठाकर अपने सपनों को साकार करें।

छात्रों और युवा उद्यमियों में दिखा भारी उत्साह

एल.एन. मिश्रा कॉलेज ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट के सभागार में आयोजित इस जिला स्तरीय कार्यक्रम में एमआईटी और एलएनएमसीबीएम के दर्जनों छात्र-छात्राएं, शिक्षक, विशेषज्ञ एवं स्थानीय उद्यमी शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने नए उद्यमों को बड़े पैमाने पर ले जाने (स्केल अप) तथा उन्हें बाजार में सही पहचान और पहुंच दिलाने (मार्केट एक्सेस) के व्यावहारिक तरीकों पर विस्तार से चर्चा की।

समारोह के अंत में नए स्टार्टअप शुरू करने वाले युवा संस्थापकों को सम्मानित भी किया गया, जिससे पूरे परिसर में उत्साह का माहौल देखने को मिला।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’ के लिंक पर क्लिक करें ,

||  https://newsbharattv.in  ||

चीनी पर डाका डालने वालों का खेल खत्म: जमाखोरों पर कसा शिकंजा, 10 लाख मीट्रिक टन ड्यूटी-मुक्त आयात का बड़ा फरमान!

15 दिनों में 38 से 56 तक कृत्रिम किल्लत बनाकर कीमतें बढ़ाने का सनसनीखेज भांडाफोड़; केंद्र सरकार ने जारी किया कड़ा आदेश

नई दिल्ली: त्योहारों के मौसम से ठीक पहले देश भर में चीनी की कृत्रिम किल्लत पैदा कर आम जनता की जेब काटने वाले मुनाफाखोरों, जमाखोरों और सट्टेबाजों पर केंद्र सरकार ने सीधी सर्जिकल स्ट्राइक कर दी है। महज 15 दिनों के भीतर ₹38 से उछलकर ₹56 प्रति किलोग्राम तक पहुंची चीनी की कीमतों पर सख्त रुख अपनाते हुए खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के सचिव संजीव चोपड़ा ने साफ कर दिया है कि हालिया मूल्य वृद्धि का कोई भी बुनियादी या ठोस आधार नहीं है। देश में चीनी का पर्याप्त और भरपूर स्टॉक उपलब्ध है जो घरेलू जरूरतों से कहीं ज्यादा है।

नई दिल्ली में चीनी की कीमतों, पर्याप्त उपलब्धता और जमाखोरी रोकने के उपायों की समीक्षा के बाद प्रेस वार्ता को संबोधित करते खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के सचिव संजीव चोपड़ा। बैठक में चीनी मिलों और संघों (ISMA एवं सहकारी महासंघ) को बिना वजह एक्स-मिल दाम बढ़ाने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई।इनसेट में जारी प्रेस विज्ञप्ति,

महज 15 दिनों में कैसे रचा गया किल्लत का षड्यंत्र?

खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के सचिव संजीव चोपड़ा ने खुलासा किया कि महज 15 दिन पहले चीनी की एक्स-मिल कीमतें ₹37 से ₹38 प्रति किलोग्राम के स्तर पर थीं, जो बिना किसी जायज वजह के उछलकर ₹52 से ₹56 प्रति किलोग्राम तक पहुंचा दी गईं। खुदरा बाजार में 20 जुलाई  2026 को चीनी ₹48.18 प्रति किलोग्राम थी, जो 20 अगस्‍त  2026 को बढ़कर ₹55.70 प्रति किलोग्राम हो गई।

संजीव चोपड़ा ने कहा, “फंडामेंटल्स के आधार पर इस बढ़ोतरी का कोई औचित्य नहीं है। भौतिक सत्यापन  में हमने पाया कि केवल कृत्रिम किल्लत  पैदा करने के लिए कुछ चीनी मिलें कागजों पर तो स्टॉक बेच रही हैं, लेकिन वास्तव में बाजार में आपूर्ति नहीं दे रही हैं। यह पूरी तरह अस्वीकार्य है।”

सरकार का बड़ा एक्शन: 10 लाख MT ड्यूटी-मुक्त आयात की मंजूरी

बाजार में सट्टेबाजी और अफवाहों के गुब्बारे को तुरंत फोड़ने के लिए सरकार ने 31.10.2026 तक 10 लाख मीट्रिक टन ‘कच्चे चीनी’  के ड्यूटी-मुक्त  आयात की मंजूरी दे दी है। यह सक्रिय कदम तुरंत जमाखोरों के इरादों पर पानी फेरेगा और उपभोक्ताओं को उचित दरों पर चीनी की आपूर्ति सुनिश्चित करेगा। इसके अलावा, ‘Advance Authorization Scheme’ के तहत काम करने वाली रिफाइनरियों को भी छूट दी गई है कि वे अपने आयातित स्टॉक को प्रोसेस करके तुरंत घरेलू बाजार में बेच सकें।

बल्क उपभोक्ताओं पर लगाम: 1 Sept से 30 Nov तक नया कानून लागू

सरकार ने मुनाफाखोरी को रोकने के लिए ‘शुगर (बल्क उपभोक्ताओं के स्टॉकहोल्डिंग सीमा) आदेश, 2026’ अधिसूचित किया है।

  • 15 दिनों की सीमा: प्रति माह 10 मीट्रिक टन या अधिक खपत वाले बड़े उपभोक्ता  जैसे मिष्ठान विक्रेता, पेय पदार्थ और बेकरी उद्योग) अब केवल 15 दिनों की खपत के बराबर ही चीनी का स्टॉक रख सकेंगे।
  • समय अवधि: यह नियम 1 सितम्‍बर से 30 नवम्‍बर  2026 तक प्रभावी रहेगा।
  • कड़ा सत्यापन: बिक्री और खपत का सत्यापन सीधे GST रिटर्न और संबंधित HSN कोड के आधार पर किया जाएगा।
  • डीलरों पर सीमा: देश भर में चीनी डीलरों पर 1 अगस्‍त से 30 नवम्‍बर  2026 तक 400 टन की स्टॉक लिमिट लागू है।

त्योहारों में नहीं होगी कोई कमी, 15 अक्‍टूबर  से शुरू होगी पेराई          

संजीव चोपड़ा ने देशवासियों को आश्वस्त करते हुए आंकड़ों का ब्योरा दिया:

  • 30 सितम्‍बर तक स्टॉक: सीजन के अंत में देश के पास 33 से 35 लाख टन चीनी का मजबूत रिजर्व स्टॉक मौजूद रहेगा।
  • अक्‍टूबर  में भारी सप्लाई: त्योहारी महीने अक्‍टूबर  में सरकार 24 से 25 लाख टन चीनी बाजार में जारी करेगी।
  • समय से पहले क्रशिंग: चीनी मिलों को 15 अक्‍टूबर  2026 से ही नई पेराई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे अक्‍टूबर  में ही 10 से 12 लाख टन नई चीनी बाजार में आ जाएगी।

इथेनॉल को दोष देना गलत, जमाखोरों पर होगी जेल-जब्ती की कार्रवाई

सरकार ने उन दावों को खारिज कर दिया जिसमें चीनी के दामों में तेजी के लिए इथेनॉल को जिम्मेदार ठहराया जा रहा था। प्रेस विज्ञप्ति (PIB) के अनुसार, इथेनॉल के लिए इस्तेमाल होने वाली चीनी का हिस्सा 2022-23 के 12% से घटकर 2025-26 में मात्र 9% रह गया है, और इथेनॉल का 3/4 हिस्सा अब मक्के व अनाज से बन रहा है।

खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने प्रमुख चीनी उत्पादक राज्यों के साथ बैठक कर साफ निर्देश दिया है कि कालाबाजारी करने वालों, सट्टेबाजों और जमाखोरों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए। सरकार स्टॉक लिमिट को 500 टन से और कम करने पर भी विचार कर रही है।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’ के लिंक पर क्लिक करें ,

||  https://newsbharattv.in  ||

10 लाख की फिरौती के लिए अपहरण: लाइव वीडियो कॉल पर दिखाई बर्बरता, मुजफ्फरपुर पुलिस ने 08 घंटे में बलिया से कराया मुक्त, 04 शातिर दबोचे

मुजफ्फरपुर: मुजफ्फरपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। मिठनपुरा थाना क्षेत्र से 10 लाख रुपए की फिरौती के लिए अपहृत किए गए चंदन कुमार को पुलिस ने महज 08 घंटे के भीतर पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से सकुशल मुक्त करा लिया है। इस दुस्साहसिक वारदात को अंजाम देने वाले अन्तर्राज्यीय गिरोह के 04 शातिर अपराधियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त 01 चारपहिया वाहन और 04 मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

लाइव वीडियो कॉल पर दिखाई मारपीट की खौफनाक तस्वीरें : घटना के संबंध में मिठनपुरा थाना क्षेत्र की निवासी शैल्या देवी उर्फ श्वेता कुमारी ने पुलिस को शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात अपराधियों द्वारा उनके पति चंदन कुमार का अपहरण कर लिया गया है। अपराधियों ने 19.08.2026 की शाम लगभग 06:02 बजे अज्ञात मोबाइल नंबर से कॉल कर 10 लाख रुपए की फिरौती की मांग की। अपराधियों ने धमकी दी कि यदि रकम जल्द उपलब्ध नहीं कराई गई, तो चंदन कुमार की हत्या कर दी जाएगी। हैवानियत की हद तो तब पार हो गई जब बदमाशों ने श्वेता कुमारी को वीडियो कॉल कर उनके पति के साथ की जा रही बेरहमी से मारपीट का लाइव दृश्य भी दिखाया। श्वेता कुमारी ने सूझबूझ का परिचय देते हुए इस वीडियो कॉल को दूसरे मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया।

पुलिस महकमे में हड़कंप, विशेष टीम गठित मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक, मुजफ्फरपुर के सख्त निर्देश पर एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। इस टीम का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक (नगर) के अनुश्रवण एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (नगर-01) द्वारा किया गया। टीम में प्रभारी जिला आसूचना इकाई (डीआईयू) और मिठनपुरा थानाध्यक्ष की टीम को शामिल किया गया।

यूपी के बलिया में पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी गठित विशेष टीम ने मानवीय एवं तकनीकी अनुसंधान के आधार पर त्वरित कार्रवाई शुरू की। अपराधियों के संभावित ठिकानों का पता लगाते हुए बिहार पुलिस की टीम उत्तर प्रदेश के बलिया जिला स्थित हल्दी थाना क्षेत्र में जा पहुंची। स्थानीय उत्तर प्रदेश पुलिस के सहयोग से की गई संयुक्त छापेमारी में पुलिस ने महज 08 घंटे के भीतर अपहृत चंदन कुमार को सकुशल बरामद कर लिया।

गिरफ्तार अपराधियों की सूची:

  1. सुरज कुमार उर्फ सुरज कुमार सिंह उर्फ सुरजभान सिंह (थाना- सराय, जिला- वैशाली)
  2. रौशन कुमार (थाना- दिघवारा, जिला- सारण)
  3. गौरव सिंह (थाना- पनकी, जिला- कानपुर, राज्य- उत्तर प्रदेश)
  4. अभिषेक कुमार (थाना- बंगरा, जिला- समस्तीपुर)

बरामदगी:

  • घटना में प्रयुक्त वाहन (कार): 01
  • मोबाइल फोन: 04

पुलिस ने सभी अभियुक्तों के खिलाफ मिठनपुरा थाना कांड संख्या 233/26 दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। समय रहते पुलिस की इस त्वरित और सटीक कार्रवाई की हर तरफ सराहना हो रही है।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’ के लिंक पर क्लिक करें ,

||  https://newsbharattv.in  ||

मुशहरी पुलिस का बड़ा एक्शन: कट्ठा, कारतूस और फाइटर के साथ 2 शातिर दबोचे गए, बाइक और लेजर लाइट भी जब्त

मुजफ्फरपुर। मुशहरी थाना पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। क्षेत्र में मुस्तैद गश्ती टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अवैध हथियार और कारतूस के साथ 2 अभियुक्तों को धर दबोचा है। गिरफ्तार अपराधियों के पास से पुलिस ने देशी कट्ठा समेत खतरनाक हथियारों का जखीरा बरामद किया है।

छोटी कोठिया गांव में गश्ती के दौरान दबोचे गए

प्राप्त जानकारी के अनुसार, वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे सक्रिय पुलिसिंग अभियान के तहत 20.08.2026 को दोपहर करीब 02:30 बजे मुशहरी थाना की पुलिस टीम इलाके में गश्ती पर थी। इसी दौरान ग्राम छोटी कोठिया के पास मोटरसाइकिल सवार 2 संदिग्धों को रोककर जब तलाशी ली गई, तो उनके पास से अवैध हथियार और अन्य सामान बरामद हुए।

मुशहरी थाना पुलिस की गिरफ्त में आए अवैध कट्ठा, कारतूस व फाइटर के साथ आरोपी लखिन्द्र सहनी और दिनेश सहनी।

इनकी हुई गिरफ्तारी

पुलिस हिरासत में आए अभियुक्तों की पहचान निम्नलिखित रूप में की गई है:

  1. लखिन्द्र सहनी (ग्राम – छोटी कोठिया, थाना – मुशहरी, जिला – मुजफ्फरपुर)
  2. दिनेश सहनी (ग्राम – छोटी कोठिया, थाना – मुशहरी, जिला – मुजफ्फरपुर)

बरामद सामानों की सूची

पुलिस ने मौके से अभियुक्तों के कब्जे से निम्नलिखित सामान जब्त किए हैं:

  • देशी कट्ठा – 01
  • कारतूस – 01
  • मोबाइल फोन – 01
  • मोटरसाइकिल – 01
  • पंजा (फाइटर) – 01
  • लेजर लाइट – 01

पुलिस कर रही आपराधिक इतिहास की छानबीन

इस संबंध में मुशहरी थाना में कांड संख्या 314/26 दर्ज कर अग्रतर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास (क्रिमिनल रिकॉर्ड) का पता लगाया जा रहा है कि वे पूर्व में किन-किन घटनाओं में शामिल रहे हैं।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’ के लिंक पर क्लिक करें ,

||  https://newsbharattv.in  ||

देश बचाने के लिए युवाओं को आगे आने की जरूरत, राजीव गांधी की जयंती पर जुटे दिग्गजों ने भरी हुंकार

सकरा (मुजफ्फरपुर) : भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती के अवसर पर सकरा प्रखंड कांग्रेस आश्रम कार्यालय में एक भव्य एवं गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य और सकरा सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र के नेताओं की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम में सेवानिवृत्त अधिकारियों, कर्मचारियों, शिक्षकों एवं प्रतिष्ठित समाजसेवियों को अंगवस्त्र (शॉल) प्रदान कर सम्मानित किया गया। समारोह में वक्ताओं ने देश के सर्वांगीण विकास में इन विभूतियों द्वारा दिए गए अमूल्य और उत्कृष्ट योगदान की भूरी-भूरी प्रशंसा की।

सकरा स्थित प्रखंड कांग्रेस आश्रम कार्यालय में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती के अवसर पर उनके चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर नमन करते जिला अध्यक्ष अरविंद कुमार मुकुल, पूर्व विधायक विजेंद्र चौधरी, एआईसीसी सदस्य उमेश कुमार राम एवं अन्य गणमान्य।

कंप्यूटर क्रांति और सूचना प्रौद्योगिकी से भारत बना नंबर वन: अरविंद कुमार मुकुल

सभा को संबोधित करते हुए मुजफ्फरपुर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अरविंद कुमार मुकुल ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की दूरदर्शिता को याद किया। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी ने देश में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और कंप्यूटर क्रांति की नींव रखी, जिसके कारण आज भारत पूरे विश्व में इस क्षेत्र में शीर्ष स्थान पर खड़ा है। उनकी प्रगतिशील सोच ने ही आधुनिक भारत के निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया।

देश खतरे में, नौजवानों को संभालने की जरूरत: विजेंद्र चौधरी

पूर्व विधायक विजेंद्र चौधरी ने अपने बेबाक संबोधन में वर्तमान राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज देश गंभीर परिस्थितियों से गुजर रहा है और देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था खतरे में है। आज के नौजवानों को सही दिशा दिखाने और उन्हें भटकने से बचाने की सख्त जरूरत है। उन्होंने युवाओं से एकजुट होकर देश के लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने का आह्वान किया।

पंचायती राज को सशक्त कर गांव-गांव तक पहुंचाया अधिकार: उमेश कुमार राम

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के सदस्य उमेश कुमार राम ने राजीव गांधी के प्रशासनिक सुधारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने पंचायती राज व्यवस्था को संवैधानिक दर्जा देकर धरातल पर मजबूत किया। सत्ता का विकेंद्रीकरण कर आम लोगों और गांवों को अधिकार संपन्न बनाना उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि थी। देश उनकी इन महान कृतियों को कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने देश की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण रखने के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी।

सेवानिवृत्त कर्मियों और समाजसेवियों का हुआ सम्मान

समारोह के दौरान समाज के विभिन्न क्षेत्रों से आए सेवानिवृत्त अधिकारियों, कर्मियों, पूर्व शिक्षकों और समर्पित समाजसेवियों को मंच पर शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। नेताओं ने कहा कि इन विभूतियों ने अपने-अपने कार्य क्षेत्रों में निष्ठा और ईमानदारी से सेवा देकर समाज और राष्ट्र के निर्माण में अतुलनीय योगदान दिया है।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित गणमान्य लोग

इस गरिमामय जयंती सह सम्मान समारोह में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता, कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे। उपस्थित प्रमुख व्यक्तियों में मुजफ्फरपुर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अरविंद कुमार मुकुल, पूर्व विधायक विजेंद्र चौधरी, पूर्व प्राचार्य डॉक्टर रामइकबाल शर्मा, पूर्व प्रधानाध्यापक रामानंद ठाकुर, शिवाजी राय, मनोज कुमार सिंह, गुलाम मैनुद्दीन, शिवकुमार झा, अनीता देवी, शिवम कुमार, रीमा भारती, भोला राय, सुधीर कुमार पांडेय, धर्मनाथ ठाकुर, सद्दाम हुसैन, अधिवक्ता डेजी, डॉक्टर मनीष यादव, विजय कुमार यादव, रामअवतार राम, सरोज कुमार, मोहम्मद हैदर रजक, नागेंद्र राम, मोहम्मद जावेद, रामचंद्र राम और भोला पासवान शामिल थे।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’ के लिंक पर क्लिक करें ,

||  https://newsbharattv.in  ||

बिहार में 11 लाख से अधिक परिवारों को मिलेगा पक्का मकान, केंद्र से मिलेंगे 13,427 करोड़ रुपये

पटना, 20 अगस्त 2026: बिहार में बेघर और कच्चे मकानों में रहने वाले गरीब परिवारों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 11 लाख 18 हजार 937 नए पक्के मकान बनाने का विशाल लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से बिहार को 13,427 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

बापू सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार एवं अन्य अतिथि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की महिला लाभुक को सांकेतिक रूप से उनके नए पक्के मकान की चाबी सौंपते हुए।

सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र स्थित बापू सभागार में आयोजित एक भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान 2 लाख 35 हजार नवनिर्मित आवासों का गृह प्रवेश कराया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्वयं लाभुकों को पक्के मकान की चाबियां और नए चयनित लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र सौंपे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और पौधों में जल अर्पण कर की गई।

1986 से 2014 के मुकाबले 2014 से 2026 में रचा गया इतिहास सभागार में मौजूद जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आंकड़ों के जरिए पूर्ववर्ती सरकारों पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वर्ष 1986 से 2014 तक (28 वर्षों में) इंदिरा आवास योजना के तहत बिहार में मात्र 30 लाख पक्के मकान बनाए गए थे। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 से 2026 तक (12 वर्षों में) बिहार के गरीबों के लिए रिकॉर्ड 50 लाख पक्के मकान आवंटित किए जा चुके हैं। वर्ष 2018 के सर्वे में छूटे 19 लाख परिवारों को भी योजना में शामिल कर लाभ पहुंचाया गया है। इस योजना में 40 प्रतिशत राशि बिहार सरकार द्वारा दी जाती है।

अधिकारियों की लापरवाही पर कसता शिकंजा: सहयोग कार्यक्रममें 350 पर गाज मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए चलाए जा रहे ‘सहयोग कार्यक्रम’ की प्रगति साझा की। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि 30 दिनों के भीतर आवेदनों का निष्पादन न करने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। अब तक प्राप्त 6 लाख 42 हजार आवेदनों में से 96 प्रतिशत का निष्पादन किया जा चुका है। लापरवाही बरतने वाले 9,500 अधिकारियों को पहला, 950 को दूसरा और 350 अधिकारियों को तीसरा नोटिस जारी किया जा चुका है।

पटना के बापू सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत नए चयनित लाभार्थी महिला को स्वीकृति पत्र प्रदान करते हुए।

30 लाख जीविका दीदियां बनीं लखपति दीदी महिला सशक्तिकरण का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 1 करोड़ 81 लाख महिलाएं जीविका समूहों से जुड़ी हैं, जिनमें से 30 लाख से अधिक दीदियां ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से नालंदा, बक्सर, भागलपुर और मोतिहारी जैसे धार्मिक व ऐतिहासिक स्थलों पर जीविका उत्पादों की बिक्री के लिए हाट बाजार विकसित करने का आग्रह किया।

केंद्रीय मंत्री ने की बिहार मॉडल की सराहना केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिहार के ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण के कार्यों की खुलकर तारीफ की। उन्होंने ‘सहयोग कार्यक्रम’ को अन्य राज्यों के लिए भी अनुकरणीय बताया।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव, ग्रामीण कार्य मंत्री सुनील कुमार, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता, ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव एच.आर. श्रीनिवास, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह तथा जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी हिमांशु शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी एवं लाभुक उपस्थित थे।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’ के लिंक पर क्लिक करें ,

||  https://newsbharattv.in  ||

आय से 90 प्रतिशत अधिक संपत्ति का मामला: मुक्त विद्यालयी शिक्षण बोर्ड के उप निदेशक अजय कुमार सिंह के 3 ठिकानों पर ईओयू का भीषण छापा, लाखों कैश व अकूत संपत्ति का खुलासा

 पटना :  बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की बड़ी और सख्त कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड (बीबीओएसई) के उप निदेशक अजय कुमार सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज करते हुए ईओयू की टीम ने उनके तीन अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है।

पटना के खाजपुरा स्थित ‘चन्द्रतारा भवन’ पर छापेमारी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिस बल एवं परिसर में लगा नामपट्ट। (इनसेट: चन्द्रतारा भवन का नेमप्लेट)

प्राथमिक जांच में अधिकारियों को अजय कुमार सिंह के पास उनकी वैध आय से 90.04 प्रतिशत अधिक यानी कुल 3 करोड़ 43 लाख 78 हजार 300 रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति का पुख्ता साक्ष्य मिला है। इसके बाद अदालत से वारंट हासिल कर ईओयू के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में तीनों जगहों पर छापेमारी अभियान शुरू किया गया।

3 ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई, 35 लाख से अधिक कैश बरामद

ईओयू की अलग-अलग टीमों ने 20 अगस्त 2026 की सुबह एक साथ कार्रवाई शुरू की:

  1. पटना निवास: पटना के खाजपुरा, आकाशवाणी रोड (बीबी कॉलेज के पास) स्थित ‘चन्द्रतारा भवन’ (थाना- राजीव नगर)। यहाँ तलाशी के दौरान 30 लाख रुपये से अधिक नगद कैश बरामद होने की जानकारी सामने आई है।
  2. बोर्ड कार्यालय: मीठापुर (पटना) स्थित बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड में अजय कुमार सिंह का कार्यालय कक्ष।
  3. पैतृक आवास: बेगूसराय जिले के साहेबपुर कमाल थाना अंतर्गत ग्राम परोरा (पोस्ट- सहना) स्थित उनका विशाल पैतृक मकान। बताया जा रहा है कि लगभग 5 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले इस आलीशान मकान से भी 4.50 लाख रुपये कैश मिले हैं।

सभी ठिकानों को मिलाकर अब तक 35 लाख रुपये से अधिक नगद कैश जब्त किया जा चुका है। इसके अलावा कई चल-अचल संपत्तियों, बैंक खातों और निवेश से जुड़े कागजात खंगाले जा रहे हैं।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज

ईओयू मुख्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अजय कुमार सिंह के विरुद्ध ईओयू थाना कांड संख्या- 19/26, दिनांक- 19.08.2026 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (यथा संशोधित 2018) की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(बी) के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

माननीय विशेष न्यायालय (निगरानी), पटना से तलाशी अधिपत्र (सर्च वारंट) प्राप्त करने के बाद ही यह बड़ी कार्रवाई अंजाम दी गई है। ईओयू के अधिकारियों के अनुसार, सर्च ऑपरेशन पूरा होने के बाद जब्त संपत्तियों और अन्य दस्तावेजों का विस्तृत विवरण जारी किया जाएगा।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’ के लिंक पर क्लिक करें ,

||  https://newsbharattv.in  ||

पटना की सड़कों पर संग्राम: राजभवन मार्च पर पुलिस का भारी लाठीचार्ज और वाटर कैनन का इस्तेमाल, तेजस्वी यादव हिरासत में

पटना (विशेष संवाददाता)। राजधानी पटना की सड़कों पर बुधवार को राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई। राज्य के विभिन्न जनहित और नीतिगत मुद्दों को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के कार्यकर्ताओं ने विशाल विरोध प्रदर्शन किया। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में यह उग्र प्रदर्शन और राजभवन मार्च आयोजित किया गया था।

जेपी गोलंबर से शुरू हुआ महासंग्राम

प्रदर्शन की शुरुआत ऐतिहासिक जेपी गोलंबर से हुई, जहाँ हजारों की संख्या में आरजेडी कार्यकर्ता झंडे, बैनर और सरकार विरोधी नारों की पट्टियां लेकर जमा हुए। तेजस्वी यादव की अगुवाई में कार्यकर्ताओं का हुजूम राजभवन की ओर आगे बढ़ने लगा। प्रदर्शनकारी सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए सड़क पर आगे बढ़ रहे थे।

इनकम टैक्स चौराहे पर पुलिस ने रोका, वाटर कैनन से बौछार

जैसे ही राजभवन मार्च करता हुआ यह विशाल जुलूस इनकम टैक्स चौराहे के पास पहुंचा, वहां पहले से मुस्तैद भारी पुलिस बल ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास करने लगे, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

भीड़ को बेकाबू होते देख और नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन ने वाटर कैनन (पानी की बोछार) का इस्तेमाल किया। पानी की तेज बौछारों के बावजूद कार्यकर्ता अपनी मांगों पर अड़े रहे और सड़क पर डटे रहे।

तेजस्वी यादव हिरासत में

मार्च का अग्रिम पंक्ति से नेतृत्व कर रहे नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और उनके साथ कई प्रमुख नेताओं को पुलिस ने मौके पर ही हिरासत में ले लिया। पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में तेजस्वी यादव को सुरक्षा घेरे में लेकर वाहन में बिठाया गया और नजदीकी थाने ले जाया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी देखी गई।

इस प्रदर्शन के कारण पटना के प्रमुख मार्गों पर घंटों यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। आरजेडी नेताओं का कहना है कि सरकार जनता की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है, लेकिन उनका यह आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’ के लिंक पर क्लिक करें ,

||  https://newsbharattv.in  ||