Saturday, September 12, 2026

नेपाल सीमा से मुजफ्फरपुर तक दौड़ेगी विकास की रफ्तार: एनएच-22 चार लेन में होगा तब्दील, 3591 करोड़ की योजना मंजूर

केंद्रीय मंत्रिमंडल की हरी झंडी: बागमती पर बनेगा 340 मीटर लंबा पुल, 30 महीने में पूरा होगा निर्माण कार्य

विशेष संवाददाता | मुजफ्फरपुर

उत्तर बिहार के बुनियादी ढांचे और सड़क नेटवर्क को ऐतिहासिक मजबूती देते हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच)-22 के मुजफ्फरपुर–सीतामढ़ी–सोनबरसा खंड को चार लेन मानक में अपग्रेड करने की बहुप्रतीक्षित योजना को मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर कुल 3,590.73 करोड़ रुपये (लगभग 3,591 करोड़ रुपये) का भारी-भरकम बजट खर्च किया जाएगा। नेपाल सीमा से सीधे जुड़ने वाला यह मार्ग न केवल उत्तर बिहार की लाइफलाइन साबित होगा, बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक परिदृश्य को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

चार लेन में अपग्रेड होने के बाद एनएच-22 का मुजफ्फरपुर–सीतामढ़ी–सोनबरसा खंड इसी प्रकार आधुनिक, सुरक्षित और सुगम यातायात का नया अध्याय लिखेगा।

कैबिनेट ब्रिफिंग के दौरान केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस परियोजना के दूरगामी प्रभावों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वीकृत यह हाईवे प्रोजेक्ट पूरे बिहार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होने जा रहा है। यह परियोजना नेपाल सीमा पर स्थित सोनबरसा से शुरू होकर सीतामढ़ी होते हुए नीचे मुजफ्फरपुर तक पहुंचेगी। एक तरीके से यह नेपाल बॉर्डर से कनेक्टिविटी स्थापित करते हुए संपूर्ण परिवहन की एक बहुत बड़ी मेन लाइन और आर्टरी के रूप में कार्य करेगी, जिसका लाभ बिहार को आने वाले कई वर्षों तक लगातार मिलता रहेगा।

परियोजना की प्रमुख विशेषताएं एवं आंकड़े:

  • कुल लंबाई: 82.578 किलोमीटर (लगभग 83 किलोमीटर ब्राउनफील्ड प्रोजेक्ट)।
  • कुल लागत: 3,590.73 करोड़ रुपये।
  • निर्माण अवधि: 30 महीने का लक्ष्य।
  • विकास मॉडल: हाइब्रिड एन्यूइटी मोड (एचएएम) के तहत निर्माण।
  • संरचनाएं: बागमती नदी पर 340 मीटर का बड़ा पुल, 7 प्रमुख पुल (मेजर ब्रिज), 3 आरओबी (रेलवे ओवरब्रिज) तथा 6 अंडरपास।
  • सड़क की गुणवत्ता: लचीला एवं मजबूत ब्लैकटॉप पेमेंट।

परियोजना के सामाजिक और धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस रूट पर कई प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थल स्थित हैं। यह मार्ग सीतामढ़ी जिले में स्थित मां जानकी के पावन मंदिर को सीधे जोड़ेगा, जिससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवागमन बेहद सुगम हो जाएगा। इसके अतिरिक्त, इस पूरे क्षेत्र को एक विशाल इकोनॉमिक कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे व्यापारिक और व्यावसायिक गतिविधियों में तेजी आएगी।

इधर, बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस निर्णय पर खुशी व्यक्त करते हुए इसे ‘समृद्ध बिहार’ के संकल्प की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। सम्राट चौधरी ने कहा कि मुजफ्फरपुर–सीतामढ़ी–सोनबरसा खंड को चार लेन मानकों के अनुरूप बनाने से उत्तर बिहार में कनेक्टिविटी, आवागमन और व्यापार को नई गति मिलेगी। इससे यात्रियों और माल की तेज तथा सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित होगी। उन्होंने राज्य को आधुनिक सड़क संरचना की यह सौगात देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार और अभिनंदन व्यक्त किया।

विशेषज्ञों के अनुसार, 30 महीने की समयावधि में पूरा होने वाला यह फोर लेन मार्ग न केवल यात्रा के समय और ईंधन की बचत करेगा, बल्कि भारत-नेपाल सीमा पार व्यापारिक संबंधों को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। बागमती नदी पर बनने वाले 340 मीटर लंबे पुल सहित अन्य संरचनाओं के निर्माण से बाढ़ प्रभावित इलाकों में भी वर्ष भर निर्बाध यातायात संभव हो सकेगा।

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बक्सर-भागलपुर 6-लेन एक्सप्रेसवे को मिली मंजूरी, सोशल मीडिया नियमावली संशोधन  सहित कैबिनेट बैठक में 13 बड़े फैसलों पर लगी मुहर

विशेष संवाददाता | पटना

बिहार के बुनियादी ढांचे, कृषि, सिंचाई और तकनीकी विकास को एक नई दिशा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की महत्वपूर्ण बैठक में कुल 13 एजेंडों को स्वीकृति प्रदान की गई। पटना में आयोजित इस बैठक में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, किसानों की सुविधा, रोजगार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को बढ़ावा देने से जुड़े कई दूरगामी फैसलों को हरी झंडी दिखाई गई।

बक्सर-भागलपुर 6-लेन एक्सप्रेसवे: राज्य में आवागमन का नया दौर

कैबिनेट बैठक में सबसे महत्वपूर्ण फैसला पथ निर्माण विभाग से संबंधित रहा। राज्य में 336 किलोमीटर लंबे बक्सर-भागलपुर 6-लेन  ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। यह परियोजना पीपीपी  पद्धति पर बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के माध्यम से क्रियान्वित की जाएगी। यह एक्सप्रेसवे अरवल, नालंदा, जहानाबाद, जमुई सहित राज्य के कई प्रमुख जिलों से होकर गुजरेगा, जिससे उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच व्यापार तथा आवागमन को अभूतपूर्व गति मिलेगी। इसके साथ ही इस कॉरिडोर के आसपास के बड़े भू-खंडों को आर्थिक उपयोग के लिए विकसित किया जाएगा।

किसानों और सिंचाई के लिए बड़े बजटीय प्रावधान

कृषि और सिंचाई क्षेत्र को मजबूती देने के लिए कई बड़े निर्णय लिए गए हैं:

  • निजी नलकूप योजना: ‘हर खेत तक सिंचाई का पानी’ पहल के तहत लघु जल संसाधन विभाग द्वारा मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में 11 हजार नए निजी नलकूपों की स्थापना हेतु 83.60 करोड़ रुपये के अनुमानित व्यय की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। (पूर्व से स्वीकृत 35,000 नलकूपों के लिए 266 करोड़ रुपये की राशि अतिरिक्त है)।
  • नहर प्रणालियों का पुनस्थापन: जल संसाधन विभाग के अंतर्गत नरपतगंज स्थिति जानकीनगर शाखा नहर प्रणाली हेतु 30.35 करोड़ रुपये और कटिहार वितरणी, फूलपुर, हसनगंज, बैजनाथपुर तथा सेमापुर उप-वितरणियों के पुनस्थापन कार्य हेतु 35.81 करोड़ रुपये की प्रशासनिक एवं व्यय स्वीकृति दी गई है।
  • दुग्ध उत्पादन व नस्ल सुधार: डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के तहत सात निश्चय-3 के अंतर्गत वर्ष 2026-27 में 63.92 करोड़ रुपये की लागत से कॉम्फेड, पटना द्वारा राज्य में दुग्ध उत्पादन और पशु उत्पादकता में वृद्धि हेतु ‘नस्ल सुधार योजना’ को स्वीकृति दी गई है।

एआई डेवलपमेंट और डिजिटल मीडिया नियमावली

  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को बढ़ावा: राज्य में एआई पारिस्थितिकी तंत्र के विकास के लिए टायो (Taiyo) एआई इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और सूचना प्रावैधिकी विभाग, बिहार के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) हस्ताक्षरित करने को मंजूरी दी गई है।
  • सोशल मीडिया नियमावली संशोधन: सूचना एवं जन-संपर्क विभाग द्वारा बिहार सोशल मीडिया एवं अन्य ऑनलाइन मीडिया नियमावली-2024 में संशोधन करते हुए ‘बिहार सोशल मीडिया एवं अन्य ऑनलाइन मीडिया (संशोधन) नियमावली-2026’ को मंजूरी दी गई है।

सहकारिता एवं रोजगार क्षेत्र में बड़े कदम

  • भंडारण क्षमता में वृद्धि: सहकारिता विभाग के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में 48,200 मीट्रिक टन क्षमता के गोदामों (200, 500 और 1,000 मीट्रिक टन क्षमता) के निर्माण हेतु चयनित समितियों को 50 प्रतिशत अनुदान और 50 प्रतिशत चक्रीय पूंजी के रूप में 34.95 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत की गई है।
  • रोजगार कार्यालयों का नाम परिवर्तन: श्रम व कौशल विकास विभाग के तहत पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सहरसा, गयाजी, छपरा, भागलपुर एवं डालमियानगर स्थित अवर प्रादेशिक नियोजनालयों का नाम बदलकर क्रमशः जिला नियोजनालय (जैसे- जिला नियोजनालय रोहतास आदि) करने की स्वीकृति दी गई है।
  • ऊर्जा क्षेत्र को प्रोत्साहन: कजरा सोलर पावर परियोजना (लखीसराय) के लिए अधिग्रहित भूमि के लीज दस्तावेज के निबंधन पर लगने वाले स्टांप शुल्क एवं पंजीकरण शुल्क में शत-प्रतिशत छूट दी गई है।

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एचआईवी/एड्स के खिलाफ मुजफ्फरपुर में महाअभियान: 12 अक्टूबर तक गांव-गांव फैलेगी जागरूकता की अलख, कलंक मिटाने पर जोर

मुजफ्फरपुर : एचआईवी/एड्स जैसी गंभीर बीमारी से बचाव और इसके नियंत्रण के लिए मुजफ्फरपुर जिले में एक व्यापक सामाजिक और स्वास्थ्य जागरूकता अभियान का शंखनाद किया गया है। जिलाधिकारी के विशेष निर्देश पर संचालित हो रहे दो माह लंबे इंटेंसिफाइड अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बुधवार, 19 अगस्त 2026 को जिला स्वास्थ्य समिति सभागार, सदर अस्पताल में जिला स्तरीय संयुक्त कार्यकारी समूह की एक महत्वपूर्ण संवेदीकरण बैठक का आयोजन किया गया।

जिला एड्स नियंत्रण समिति के तत्वावधान में आयोजित इस संवेदीकरण बैठक की अध्यक्षता जिला जन-संपर्क पदाधिकारी लोकेश कुमार झा ने की। बैठक के दौरान जिले में युवाओं और आम जनमानस को एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूक करने तथा संक्रमण के प्रसार को पूरी तरह रोकने के लिए ठोस रणनीति पर चर्चा की गई।

सदर अस्पताल स्थित जिला स्वास्थ्य समिति सभागार में एचआईवी/एड्स नियंत्रण हेतु आयोजित संवेदीकरण बैठक में मंच से संबोधित करते अधिकारी और अध्यक्षता कर रहे जिला जन-संपर्क पदाधिकारी लोकेश कुमार झा एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति।

12 अक्टूबर तक चलेगा विशेष जागरूकता अभियान

बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में एचआईवी-एड्स से बचाव एवं रोकथाम के लिए शुरू किया गया इंटेंसिफाइड कैंपेन 12 अगस्त से प्रारंभ हो चुका है और यह आगामी 12 अक्टूबर तक अनवरत संचालित रहेगा। इस दो महीने के अभियान के दौरान जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न प्रकार की शैक्षणिक, सांस्कृतिक और स्वास्थ्य-संबंधी गतिविधियों का संचालन किया जाएगा, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सही जानकारी पहुंचाई जा सके।

सुरक्षित व्यवहार, जांच और कलंक मुक्ति पर रहेगा फोकस

बैठक को संबोधित करते हुए जिला जन-संपर्क पदाधिकारी लोकेश कुमार झा ने बताया कि अभियान का मुख्य ध्येय समाज में एचआईवी से जुड़ी भ्रांतियों और सामाजिक कलंक (स्टिग्मा) को समाप्त करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जागरूकता ही एचआईवी से बचाव का सबसे सशक्त माध्यम है।

बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों और अधिकारियों को निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर संवेदित किया गया:

  1. एचआईवी से बचाव और सुरक्षित व्यवहार: आम लोगों को असुरक्षित यौन संबंधों और दूषित सुइयों के इस्तेमाल से होने वाले जोखिमों के प्रति सचेत करना।
  2. समय पर एचआईवी जांच: लोगों को बिना किसी झिझक के अपनी जांच कराने के लिए प्रोत्साहित करना, ताकि समय पर परामर्श व उपचार (एआरटी) शुरू किया जा सके।
  3. सामाजिक कलंक और भेदभाव का अंत: एचआईवी पीड़ित व्यक्तियों के प्रति सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार अपनाना और उनके खिलाफ समाज में व्याप्त भेदभाव को दूर करना।
 जिला स्तरीय संयुक्त कार्यकारी समूह की बैठक में उपस्थित स्वास्थ्यकर्मी, जन-प्रतिनिधि एवं प्रतिभागी, जो एचआईवी/एड्स जागरूकता अभियान की रणनीति और क्रियान्वयन को लेकर चर्चा में शामिल हुए।

व्यापक जन-भागीदारी से सफल बनेगा अभियान

सभागार में मौजूद विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों और स्वास्थ्यकर्मियों को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि इस अभियान में युवाओं की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। युवाओं को जागरूक कर हम पूरे समाज को एक सुरक्षित और स्वस्थ दिशा दे सकते हैं। अभियान की अवधि के दौरान जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा जागरूकता रथ, नुक्कड़ नाटक, विद्यालयों व महाविद्यालयों में कार्यशालाएं और स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए जाएंगे।

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युवाओं के भविष्य, राम मंदिर और सीमा पर घिरी सरकार, सीडब्ल्यूसी में कांग्रेस का बड़ा प्रहार

मल्लिकार्जुन खड़गे बोले- 94 हजार स्कूल बंद, युवाओं के लिए बनेगा एजुकेशन-टू-एम्प्लॉयमेंटरोडमैप; 5 राज्यों के चुनाव की रणनीति तय।

नई दिल्ली, इंदिरा भवन: संसद के हालिया सत्र के समापन के बाद देश के राजनीतिक परिदृश्य पर नए सिरे से रणनीति तैयार करने के उद्देश्य से नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की एक उच्चस्तरीय और महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित पार्टी के शीर्ष नीति-निर्धारक और कार्यसमिति के सदस्य मौजूद रहे।

सीडब्ल्यूसी की बैठक की अध्यक्षता करते कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, साथ में मौजूद कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी।

बैठक में केंद्र सरकार की नीतियों, देश की आंतरिक व बाह्य सुरक्षा, अर्थव्यवस्था की स्थिति और जन-आस्था से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर गहराई से विश्लेषणात्मक चर्चा की गई। बैठक का मुख्य बिंदु युवाओं के सामने खड़ा संकट, राम मंदिर निर्माण से जुड़ा वित्तीय प्रबंधन और भारत-चीन सीमा पर बनी परिस्थितियां रहीं।

 युवा संकट और शिक्षा का गिरता स्तर: एजुकेशन-टू-एम्प्लॉयमेंटका संकल्प

बैठक के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने देश के युवा वर्ग की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण से इस मुद्दे पर बात रखते हुए उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी वाला देश है, लेकिन वर्तमान सरकार की दिशाहीन प्राथमिकताओं के कारण देश का युवा हताशा और बेरोजगारी के संकट से जूझ रहा है।

  • संस्थागत ढांचा ध्वस्त होने का आरोप: खड़गे ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि हाल के वर्षों में देश भर में लगभग 94 हजार प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल बंद हो चुके हैं। निजीकरण को बिना किसी उचित नियंत्रण के बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे आम परिवारों के लिए उच्च शिक्षा पाना अत्यधिक खर्चीला और पहुँच से बाहर हो गया है। इसके अतिरिक्त, प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों की स्वायत्तता पर आघात किया जा रहा है।
  • परीक्षाओं में धांधली और नियुक्तियों में देरी: युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पढ़ाई पूरी करने के बाद जब युवा नौकरी की दौड़ में शामिल होते हैं, तो उन्हें भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक, संस्थागत घोटालों और प्रशासनिक विलंब का सामना करना पड़ता है। इसका सबसे प्रतिकूल प्रभाव समाज के गरीब, पिछड़े और वंचित वर्गों के मेधावी छात्रों पर पड़ रहा है।
  • ऐतिहासिक संदर्भ और नया रोडमैप: पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के दूरदर्शी निर्णयों का स्मरण कराते हुए खड़गे ने रेखांकित किया कि किस प्रकार 18 वर्ष की आयु में मताधिकार, नवोदय विद्यालयों का जाल, राष्ट्रीय युवा दिवस की शुरुआत और रोजगार से जुड़ी शिक्षा नीति ने देश को आधुनिकता की ओर मोड़ा था। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए, कांग्रेस पार्टी ने देश के युवाओं के लिए एक स्पष्ट, व्यवहारिक और समयबद्ध एजुकेशन-टू-एम्प्लॉयमेंट रोडमैप (शिक्षा से रोजगार मार्गदर्शिका) तैयार करने का संकल्प लिया है।

 राम मंदिर निर्माण ट्रस्ट और वित्तीय पारदर्शिता का सवाल

जन-आस्था के विषय पर बात करते हुए कार्यसमिति ने राम मंदिर निर्माण से जुड़े वित्तीय मामलों को प्रमुखता से उठाया।

  • जनता के दान और जवाबदेही पर सवाल: कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि संसद में प्रधानमंत्री द्वारा घोषित ट्रस्ट पर देशवासियों ने पूरा भरोसा जताया था। देश भर के करोड़ों श्रद्धालुओं ने अपनी श्रद्धा के अनुसार धन, सोना और चांदी समर्पित किया।
  • पारदर्शिता की मांग: बैठक में यह मुद्दा जोर-शोर से उठा कि निर्माण प्रक्रिया के दौरान वित्तीय अनियमितताओं और भूमि सौदों से जुड़ी खबरें सामने आई हैं। कांग्रेस का स्पष्ट मानना है कि केवल कुछ निचले स्तर के व्यक्तियों पर कार्रवाई करके इस गंभीर विषय से ध्यान नहीं हटाया जा सकता। सरकार और संबंधित ट्रस्ट को देश की जनता के सामने पूर्ण आय-व्यय और प्राप्त चढ़ावे का पारदर्शी लेखा-जोखा रखना चाहिए।
नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में आयोजित कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की महत्वपूर्ण बैठक में भाग लेते पार्टी के वरिष्ठ नेता और कार्यसमिति सदस्य।

 सीमा सुरक्षा और चीन के अतिक्रमण का मुद्दा

राष्ट्रीय सुरक्षा के संवेदनशील विषय पर सीडब्ल्यूसी की बैठक में केंद्र सरकार के रवैये पर कड़े सवाल खड़े किए गए।

  • वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग: भारत-चीन सीमा पर हालिया घटनाक्रमों का विश्लेषण करते हुए कांग्रेस नेतृत्व ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा का विषय राजनीति से परे है, परंतु सुरक्षा तंत्र में किसी भी प्रकार की शिथिलता देश के लिए हानिकारक है।
  • 2020 के गलवान घटनाक्रम का संदर्भ: बैठक में याद दिलाया गया कि 2020 के गलवान संघर्ष के बाद सरकार द्वारा दिए गए बयानों और वर्तमान में जमीनी स्तर पर सीमा की परिस्थितियों के बीच विरोधाभास दिखाई देता है। भारतीय सेना के शौर्य और समर्पण को नमन करते हुए पार्टी ने मांग की कि सरकार को ‘सूत्रों’ के पीछे छिपने के बजाय सीमा की वास्तविक स्थिति पर देश को विश्वास में लेना चाहिए।

 आगामी 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों के लिए रणनीति तय

बैठक के अंतिम चरण में देश के राजनीतिक समीकरणों और निकट भविष्य में होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।

  • जमीनी स्तर पर मुद्दों को ले जाने का निर्देश: नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा चलाए गए “छात्रों की गूँज” जैसे अभियानों को आगे बढ़ाते हुए पार्टी नेताओं से कहा गया कि वे युवाओं, किसानों और आम नागरिकों की समस्याओं को सीधे चुनाव अभियानों का हिस्सा बनाएं।
  • संगठनात्मक एकजुटता: खड़गे ने कार्यसमिति के सदस्यों और राज्य इकाइयों को निर्देश दिया कि आगामी चुनावों के लिए रणनीति को अंतिम रूप देकर पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरें, ताकि जनता के सामने एक मजबूत और विश्वसनीय नीतिगत विकल्प प्रस्तुत किया जा सके।

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शपथ लेते ही एक्शन में प्रशांत किशोर, डीजीपी और वरीय पुलिस अधिकारियों के साथ तीन बड़े मुद्दों पर बनी सहमति

पटना। बांकीपुर क्षेत्र में मिली सफलता के बाद प्रशांत किशोर पूरी तरह से एक्शन में नजर आ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बांकीपुर ने जो उम्मीदों का दीया जलाया है, उसकी रोशनी अब पूरे बिहार में फैलेगी।

राजधानी पटना में पिछले 10 दिनों के दौरान आम लोगों से बातचीत और फीडबैक के आधार पर प्रशांत किशोर ने पुलिस विभाग से जुड़ी तीन सबसे गंभीर समस्याओं को चिन्हित किया। इन्हीं मुद्दों पर ठोस कदम उठाने और त्वरित समाधान निकालने के लिए वे पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और वरीय पुलिस पदाधिकारियों से मिलने पहुंचे। दोनों पक्षों के बीच काफी सकारात्मक और सहयोगात्मक माहौल में विस्तृत चर्चा हुई।

पटना में डीजीपी और वरीय पुलिस अधिकारियों से वार्ता के बाद संवाददाताओं से बातचीत करते प्रशांत किशोर।

तीन प्रमुख मुद्दों पर हुई गहन चर्चा:

  1. ट्रैफिक समस्या का स्थाई समाधान: पटना शहर की सबसे बड़ी समस्या बन चुके ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने के लिए बहु-विभागीय (मल्टी-डिपार्टमेंटल) मॉडल और आधुनिक टेक्नोलॉजी का उपयोग करने पर सहमति बनी है। इसके लिए देश भर की विशेषज्ञ संस्थाओं की मदद ली जाएगी। इस विषय पर कल मुख्य सचिव (चीफ सेक्रेटरी) को पत्र भेजा जा रहा है ताकि एक संयुक्त बैठक और कार्यशाला (वर्कशॉप) आयोजित की जा सके। लक्ष्य यह है कि अगले तीन से चार वर्षों में पटना की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह सुदृढ़ और सुगम बनाया जाए।
  2. सूखे नशे के नेटवर्क पर नकेल: शहर के युवाओं और बस्तियों में पैर पसार रहे सूखे नशे की रोकथाम के लिए पुलिस प्रशासन और नागरिक समाज संगठनों (सिविल सोसाइटी ऑर्गनाइजेशन) को एक साथ जोड़कर अभियान चलाया जाएगा।
  3. वेंडर्स और हॉकर्स की समस्याओं का समाधान: सड़क किनारे दुकान लगाने वाले वेंडर्स और हॉकर्स के साथ पुलिस के अक्सर तनावपूर्ण संबंध रहते हैं। हॉकर्स द्वारा वसूली और उत्पीड़न के जो आरोप लगाए जाते हैं, उन्हें समाप्त करने और पारदर्शी व्यवस्था कायम करने पर भी चर्चा की गई।

बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रशांत किशोर ने बताया कि पुलिस के शीर्ष अधिकारियों का रुख अत्यंत सकारात्मक और सहयोगात्मक रहा है। तय रणनीतियों पर कल से ही अमल शुरू कर दिया जाएगा और अगले एक-दो महीनों में इसके ठोस और सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।

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बिहार में शिक्षक बनने का सुनहरा मौका: 32,388 पदों पर भर्ती का ऐलान, 1 सितंबर से भरे जाएंगे फॉर्म

पटना। बिहार के शिक्षा विभाग में सरकारी शिक्षक बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है। बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने चतुर्थ चरण की विद्यालय अध्यापक भर्ती परीक्षा (टीआरई-4.0) के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत शिक्षा विभाग, बिहार के अंतर्गत विद्यालय अध्यापक के कुल 32,388 रिक्त पदों पर योग्य अभ्यर्थियों की नियुक्ति की जाएगी। आयोग ने योग्य भारतीय उम्मीदवारों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं।

बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) द्वारा जारी चतुर्थ चरण (टीआरई-4.0) शिक्षक भर्ती परीक्षा की आधिकारिक अधिसूचना।

1 सितंबर से शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया

आयोग द्वारा जारी विज्ञापन संख्या-14/2026 के अनुसार, ऑनलाइन आवेदन और परीक्षा शुल्क भुगतान की प्रक्रिया 01 सितंबर 2026 से शुरू हो जाएगी। जो अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल होना चाहते हैं, वे आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।

प्रमुख तिथियां:

  • ऑनलाइन आवेदन एवं शुल्क भुगतान की शुरुआत: 01 सितंबर 2026
  • परीक्षा शुल्क भुगतान की अंतिम तिथि: 29 सितंबर 2026
  • ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि: 30 सितंबर 2026

वेबसाइट पर उपलब्ध है विस्तृत निर्देश

बिहार लोक सेवा आयोग, 15 नेहरू पथ (बेली रोड), पटना के परीक्षा नियंत्रक द्वारा जारी सूचना में बताया गया है कि अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे ऑनलाइन आवेदन भरने की प्रक्रिया शुरू करने से पहले आयोग की आधिकारिक वेबसाइट एचटीटीपी://बीपीएससी.बिहार.जीओवी.इन (http://bpsc.bihar.gov.in) पर प्रदर्शित विस्तृत विज्ञापन एवं निर्देशों का भली-भांति अध्ययन कर लें। आवेदन से संबंधित विस्तृत सूचना, अर्हता और दिशा-निर्देश वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिए गए हैं।

शिक्षक भर्ती के चतुर्थ चरण का इंतजार कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए यह एक बड़ा अवसर है, जिसके जरिए वे बिहार के सरकारी विद्यालयों में अपनी सेवाएं दे सकेंगे।

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आर पी मेमोरियल चैरिटेबल अस्पताल ने पेश की मानवता की नजीर, दूर-दराज के गांवों से पहुंचे बेसहारा मरीजों को मिली बड़ी राहत।

 ‘मंगलवारी’ कैंप में महिलाओं की उमड़ी भीड़’

सकरा (मुजफ्फरपुर): आज के आधुनिक और व्यावसायिक दौर में जहां चिकित्सा सेवा पूरी तरह से मोटा मुनाफा कमाने का जरिया बन चुकी है, वहीं मुजफ्फरपुर जिले का सकरा इलाका मानवता और सेवा भाव की अनूठी मिसाल पेश कर रहा है। सकरा में आर सी कॉलेज गेट के ठीक बगल में दक्षिण दिशा स्थित स्टेशन रोड (सुजावलपुर, सकरा) पर संचालित प्रतिष्ठित और पुराना अस्पताल ‘आर पी मेमोरियल चैरिटेबल अस्पताल’ (डॉ अरुण कुमार का नर्सिंग होम) पिछले 25 वर्षों से गरीब, लाचार, वृद्ध और बेसहारा मरीजों के लिए किसी संजीवनी बूटी से कम साबित नहीं हो रहा है।

आर पी मेमोरियल चैरिटेबल अस्पताल में आयोजित ‘मंगलवारी’ मुफ्त स्वास्थ्य शिविर के दौरान महिला मरीजों की जांच करते चिकित्सक।

सनातन और भारतीय परंपरा में ‘मंगल’ का अर्थ कल्याण माना जाता है। इसी पावन उद्देश्य को साकार करते हुए अस्पताल प्रशासन द्वारा प्रत्येक मंगलवार को निर्धन व असहाय लोगों के इलाज के लिए विशेष ‘मंगलवारी’ मुफ्त स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जाता है। इस पहल के तहत आज मंगलवार को भी निःशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श शिविर लगाया गया, जिसमें दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से पहुंचे मरीजों का मुफ्त इलाज किया गया।

दोपहर तक पहुंचे मरीज, महिलाओं की रही मुख्य उपस्थिति

अस्पताल से प्राप्त जानकारी और पंजी (रजिस्टर) के अनुसार, मंगलवार अपराह्न तीन बजे तक शिविर में कुल 13 मरीज इलाज कराने पहुंचे। राहत की बात यह रही कि इनमें सबसे अधिक संख्या महिलाओं की रही। कुल 13 मरीजों में से 10 महिलाएं शामिल थीं, जिन्होंने अपनी स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर चिकित्सक से परामर्श लिया और दवाइयां प्राप्त कीं।

पंजी में दर्ज मरीज और उनके क्षेत्र:

शिविर के दौरान पंजीकृत मरीजों में मुख्य रूप से:

  • राखी कुमारी (सैदपुर)
  • रिंकू देवी (आसिया)
  • निकी कुमारी (आसिया)
  • सुधीर कुमार (मछही)
  • साजिदा खातून (फतेहपुर कोईली)
  • शमीना खातून (सुजावलपुर)
  • मोहम्मद मुस्लिम (सरैया)
  • रेहाना खातून (मदपुर)
  • कृष्णा कुमार (इथा)
  • सरस्वती देवी (मछही)
  • गीता देवी (मनोहरपट्टी)
  • रंजना कुमारी (रैनी)

निःशुल्क इलाज और परामर्श पाकर आए हुए मरीजों ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों के प्रति आभार व्यक्त किया। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवारों के लिए आर पी मेमोरियल चैरिटेबल अस्पताल वर्षों से एक बड़ा सहारा बना हुआ है।

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शिक्षा महकमे में हलचल: लंबित मामले शून्य करने का अल्टीमेटम, 5 सितंबर के बाद पूरी तरह बंद होंगे ऑफलाइन आवेदन

बीईओ की कमान संभालेंगे 48 नवनियुक्त अधिकारी, लाइब्रेरियन पद पर भर्ती जल्द, संस्कृत एवं मदरसा विद्यालयों के शिक्षकों के लंबित वेतन का भुगतान

पटना। शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कई बड़े निर्णय लिए गए हैं, जिनसे शिक्षकों, छात्रों और प्रशासनिक व्यवस्था पर सीधा असर पड़ेगा। बैठक की अध्यक्षता करते हुए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कड़े तेवर दिखाते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिक्षकों के जितने भी लंबित मामले हैं, उनका त्वरित गति से निष्पादन कर उन्हें शून्य पर लाया जाए। मंत्री ने स्पष्ट किया कि शिक्षा विभाग की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों, शिक्षकों और आम जनमानस तक समय पर पहुंचाना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है।

पटना स्थित शिक्षा विभाग के सभागार में समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी और साथ में उपस्थित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी।

ई-शिक्षाकोष से ही स्वीकार होंगे आवेदन, व्यवस्था होगी पारदर्शी

बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि आगामी 5 सितंबर के बाद शिक्षकों और कर्मचारियों के किसी भी प्रकार के ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। पारदर्शी और त्वरित प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए सभी आवेदन केवल ‘ई-शिक्षाकोष’ (e-Shikshakosh) पोर्टल के माध्यम से ही लिए जाएंगे। इससे लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी आएगी और पारदर्शिता बनी रहेगी।

7 महीने का बकाया वेतन 5 सितंबर से पहले जारी होगा

संस्कृत एवं मदरसा विद्यालयों के शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है। समीक्षा बैठक में निर्देश दिया गया है कि इन शिक्षकों के पिछले 7 महीनों के लंबित वेतन का भुगतान 5 सितंबर (शिक्षक दिवस) से पहले हर हाल में कर दिया जाए। इससे त्योहारों और शिक्षक दिवस के अवसर पर हजारों शिक्षकों को आर्थिक मानसिक तनाव से मुक्ति मिलेगी।

बीईओ की कमान संभालेंगे 48 नवनियुक्त अधिकारी, लाइब्रेरियन पद पर भर्ती जल्द

प्रशासनिक कसावट लाने के उद्देश्य से विभाग 48 नवनियुक्त अधिकारियों को प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ / BEO) की जिम्मेदारी सौंपने पर विचार कर रहा है। इसके साथ ही, राज्य भर के विद्यालयों में लंबे समय से खाली पड़े लाइब्रेरियन के पदों को भी जल्द से जल्द भरने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया गया है।

19 सितंबर को पटना में बड़ा जुटान: ज्ञान भवन में होगी प्रधानाध्यापकों की कार्यशाला

शैक्षणिक माहौल में सुधार और नए दिशानिर्देशों के क्रियान्वयन के लिए आगामी 19 सितंबर को राजधानी पटना के ज्ञान भवन में एक विशाल कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। इस राज्यस्तरीय कार्यशाला में प्रदेश भर के विद्यालयों के प्रधानाध्यापक शामिल होंगे, जहाँ शिक्षा की गुणवत्ता और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने पर मंथन होगा।

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राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025 की घोषणा: 23 खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को मिलेगा सम्मान, खेल रत्न किसी को नहीं

नई दिल्ली: युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय ने राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025 की घोषणा कर दी है। इस वर्ष देश का सर्वोच्च खेल सम्मान ‘मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार’ किसी भी खिलाड़ी को नहीं दिया गया है। विभिन्न श्रेणियों के तहत कुल 23 खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और संस्थाओं को इन प्रतिष्ठित पुरस्कारों के लिए चुना गया है।

खेलों में उत्कृष्टता को पहचानने और सम्मानित करने के लिए हर साल ये पुरस्कार दिए जाते हैं। भारत के उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अरुण कुमार मिश्र की अध्यक्षता वाली चयन समिति की सिफारिशों के आधार पर सरकार ने यह फैसला लिया है। इस समिति में देश के दिग्गज खिलाड़ी, खेल पत्रकार और खेल प्रशासक शामिल थे।

सांकेतिक (प्रतीकात्‍मक) तस्‍वीर

अर्जुन पुरस्कार 2025 (17 खिलाड़ी)

पिछले 4 वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन, नेतृत्व क्षमता, खेल भावना और अनुशासन के लिए निम्नलिखित खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार दिया जाएगा:

  1. तेजस्विन शंकर (एथलेटिक्स)
  2. मुहम्मद अजमल वी (एथलेटिक्स)
  3. प्रियंका गोस्वामी (एथलेटिक्स)
  4. त्रिशा जॉली (बैडमिंटन)
  5. पुल्लेला गायत्री गोपीचंद (बैडमिंटन)
  6. नरेन्द्र (मुक्केबाजी)
  7. विदित संतोष गुजराती (शतरंज)
  8. दिव्या जितेंद्र देशमुख (शतरंज)
  9. धनुष श्रीकांत (बधिर निशानेबाजी)
  10. लालरेमसियामी (हॉकी)
  11. राजकुमार पाल (हॉकी)
  12. सुरजीत (कबड्डी)
  13. पूजा (कबड्डी)
  14. रुद्रांश खंडेलवाल (पारा-शूटिंग)
  15. एकता भायन (पारा-एथलेटिक्स)
  16. अरविंद सिंह (नौकायन)
  17. अखिल श्योरान (निशानेबाजी)

अर्जुन पुरस्कार (लाइफटाइम) 2025

सक्रिय खेल करियर से सेवानिवृत्ति के बाद भी खेलों को बढ़ावा देने में योगदान जारी रखने वाले खिलाड़ी को यह पुरस्कार दिया जा रहा है:

  • आई अरुमइनायागम (फुटबॉल)

द्रोणाचार्य पुरस्कार 2025

खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के योग्य बनाने वाले प्रशिक्षकों को यह पुरस्कार दिया जा रहा है:

नियमित श्रेणी:

  1. परवीर सिंह (एथलेटिक्स)
  2. छोटे लाल यादव (मुक्केबाजी)
  3. नेहा नंदकुमार चव्हाण (निशानेबाजी)

लाइफटाइम श्रेणी:

  1. धर्मेन्द्र सिंह यादव (मुक्केबाजी)
  2. वीरेन्दर कुमार (कुश्ती)

राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार 2025

खेलों के विकास और उन्हें बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले संगठन को इस पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा:

  • आर्मी पैरालंपिक नोड, पुणे

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कल लगेगा सकरा में ‘मंगलवारी’ स्वास्थ्य कैंप; बिना शुल्क परामर्श और इलाज, असहाय मरीजों को मिल रही नई जिंदगी

 सकरा/मुजफ्फरपुर : आज जहां चारों तरफ सोमवारी का भक्तिमय माहौल बना हुआ है, वहीं मुजफ्फरपुर जिले के सकरा इलाके से गरीबों और बेसहारा मरीजों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। सकरा कॉलेज गेट के पास स्थित आर पी मेमोरियल चैरिटेबल हॉस्पिटल द्वारा कल यानी मंगलवार को क्षेत्र के निर्धन व असहाय लोगों के इलाज के लिए विशेष मंगलवारी कैंप का आयोजन किया जाएगा।

सनातन और भारतीय परंपरा में ‘मंगल’ का शाब्दिक अर्थ कल्याण होता है। इसी पावन उद्देश्य को साकार करने के लिए अस्पताल प्रशासन प्रत्येक मंगलवार को नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन करता है, ताकि आर्थिक तंगी से जूझ रहे लोगों का बेहतर और नि:शुल्क इलाज संभव हो सके।

25 वर्षों से गरीबों का सहारा:  वरदान बना यह अस्पताल

आज के इस आधुनिक और घोर कलयुगी दौर में जहां चिकित्सा सेवा पूरी तरह से एक बड़ा और मुनाफा कमाने वाला व्यवसाय बन चुकी है, वहीं मुजफ्फरपुर जिले के सकरा इलाके से मानवता को गौरवान्वित करने वाली एक कहानी सामने आ रही है। सकरा में आर सी कॉलेज गेट के ठीक बगल में, दक्षिण दिशा स्थित स्टेशन रोड (सुजावलपुर, सकरा) का यह प्रतिष्ठित और पुराना चिकित्सालय आर पी मेमोरियल चैरिटेबल हॉस्पिटल पिछले 25 वर्षों से लाचार, बेसहारा, वृद्ध और अत्यंत गरीब मरीजों के लिए किसी मंदिर या संजीवनी बूटी से कम साबित नहीं हो रहा है।

ग्रामीण इलाकों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव और महंगे डॉक्टरों की फीस तथा जांच के खर्च उठाने में असमर्थ लोगों के लिए चिकित्सक अरुण कुमार राय का यह अस्पताल किसी वरदान की तरह काम कर रहा है।

मंगलवारी कैंपकी मुख्य विशेषताएं और मुख्य तथ्य

  • स्थान: आर सी कॉलेज गेट, बेबी केयर के बगल में, स्टेशन रोड, सुजावलपुर, सकरा, मुजफ्फरपुर।
  • संचालक समिति: आर पी सेवा समिति (पंजीयन संख्या – 3493)।
  • चिकित्सा सुविधाएं: अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित अस्‍पताल  एवं अनुभवी डॉक्टरों की देखरेख।
  • विशेष आयोजन: प्रत्येक मंगलवार को मुफ्त परामर्श एवं स्वास्थ्य जांच (मंगलवारी कैंप)
  • संपर्क सूत्र: मोबाइल नंबर – 9934660151।

पिता की याद में शुरू हुई सेवा यात्रा, हजारों को मिला नया जीवन

मीडिया से बेहद आत्मीय बातचीत करते हुए चिकित्सक अरुण कुमार राय भावुक हो गए। उन्होंने अपने इस 25 वर्षों के लंबे और गौरवशाली सफर को याद करते हुए कहा:

“जब मैंने इस चैरिटेबल हॉस्पिटल की शुरुआत अपने पिता की याद में की थी, तब मेरा एकमात्र लक्ष्य यही था कि इलाके का कोई भी गरीब व्यक्ति पैसे के अभाव में बिना इलाज के न मरे। आज इस सफर को 25 वर्ष से ज्यादा हो चुके हैं और मुझे यह बताते हुए बेहद आत्मसंतुष्टि और गर्व की अनुभूति हो रही है कि सिर्फ इस मंगलवार वाले विशेष मुफ्त कैंप के माध्यम से अब तक हजारों-हजार मरीज पूरी तरह से ठीक होकर अपने घरों को लौट चुके हैं और खुशहाल जीवन जी रहे हैं।”

सकरा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में इस ‘मंगलवारी’ कैंप को लेकर भारी उत्साह है। कल मंगलवार को आयोजित होने वाले इस विशेष शिविर में बड़ी संख्या में मरीजों के पहुंचने की संभावना है, जहां उनका नि:शुल्क परीक्षण और परामर्श किया जाएगा।

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