मुजफ्फरपुर, 01 जुलाई। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय शिक्षक (सेवा) संघ (बुस्टा) की महंत दर्शन दास महिला महाविद्यालय इकाई की आम सभा संपन्न हुई । पूर्व सचिव कुमारी सरोज द्वारा आहूत इस हाई-वोल्टेज बैठक में नवगठित बुस्टा इकाई के पदाधिकारियों के नामों की जैसे ही आधिकारिक उद्घोषणा हुई, पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। नए सूरमाओं के मंच पर आते ही माला पहनाकर उनका जोरदार स्वागत किया गया।
अधिकारों के लिए आर-पार की लड़ाई का शंखनाद : नवनियुक्त अध्यक्ष प्रो. कुमारी सरोज (राजनीतिशास्त्र विभाग) ने पद संभालते ही हुंकार भरी। उन्होंने अपने तीखे और प्रभावशाली अभिभाषण में शिक्षकों को एकजुट होने का आह्वान किया। कुमारी सरोज ने दो टूक शब्दों में कहा कि शिक्षक संघ की असली मजबूती अधिकारों और कर्तव्यों के निष्ठापूर्वक निर्वहन में है। उन्होंने साफ कर दिया कि शिक्षकों के मान-सम्मान और हक के लिए यह नई टीम किसी भी हद तक जाने को तैयार है।

किसे मिली कौन सी बड़ी जिम्मेदारी? शिक्षकों की इस नई और कड़क टीम में कई दिग्गज चेहरों को शामिल किया गया है। पूरी सूची इस प्रकार है:
- अध्यक्ष: प्रो. कुमारी सरोज (राजनीतिशास्त्र विभाग)
- उपाध्यक्ष: डॉ.सुनीता कुमारी (सहायक प्राध्यापक, गृह विज्ञान विभाग) एवं प्रियम फ्रांसिस (सहायक प्राध्यापक, अंग्रेजी विभाग)
- सचिव:डॉ. रिंकु कुमारी (सहायक प्राध्यापक, हिंदी विभाग)
- सहसचिव: डॉ.श्वेता यादव (सहायक प्राध्यापक, वनस्पति विज्ञान विभाग) एवं संगीता कुमारी (सहायक प्राध्यापक, मनोविज्ञान विभाग)
- कोषाध्यक्ष: डॉ.सुरबाला वर्मा (सहायक प्राध्यापक, दर्शनशास्त्र विभाग)
- इकाई सचिव: डॉ.सरिता पॉल (सहायक प्राध्यापक, गृह विज्ञान विभाग)
- विश्वविद्यालय प्रतिनिधि: डॉ.रामदुलार साहनी (सहायक प्राध्यापक, हिंदी विभाग)

शिक्षकों ने दिखाई ताकत, संगठन को मजबूत करने की खाई कसम इस ऐतिहासिक बैठक में महाविद्यालय के शिक्षकों ने अपनी सशक्त सहभागिता दर्ज कराकर अपनी ताकत का अहसास कराया। सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों ने एक सुर में बुस्टा को और अधिक सुदृढ़, आक्रामक और मजबूत बनाने के लिए अपनी पूरी प्रतिबद्धता जताई। इस घोषणा के बाद से ही विश्वविद्यालय की राजनीति में नए समीकरण बनने शुरू हो गए हैं।
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