पटना, 09 सितम्बर 2026: बिहार के मेधावी छात्र-छात्राओं के लिए 09 सितम्बर का दिन ऐतिहासिक बन गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना स्थित लोक सेवक आवास के ‘नेक संवाद’ सभागार में आयोजित एक भव्य एवं गरिमामय समारोह में इंटरमीडिएट और मैट्रिक वार्षिक परीक्षा 2026 के कुल 168 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को मेडल, प्रशस्ति पत्र, लैपटॉप क्रय हेतु 51000 रुपये की अतिरिक्त राशि तथा सांकेतिक चेक प्रदान कर प्रोत्साहित किया।

इनामों की बौछार: किसे कितना मिला?
सम्मान समारोह में टॉपर्स को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का विवरण इस प्रकार है:
- प्रथम स्थान : 2 लाख रुपये + मेडल + प्रशस्ति पत्र + 51000 रुपये (लैपटॉप हेतु)
- द्वितीय स्थान : 1.5 लाख रुपये + मेडल + प्रशस्ति पत्र + 51000 रुपये (लैपटॉप हेतु)
- तृतीय स्थान : 1 लाख रुपये + मेडल + प्रशस्ति पत्र + 51000 रुपये (लैपटॉप हेतु)
- इंटरमीडिएट में चतुर्थ एवं पंचम स्थान: 30 हजार रुपये + 51000 रुपये (लैपटॉप हेतु)
- मैट्रिक में चतुर्थ से दशम स्थान: 20 हजार रुपये + 51000 रुपये (लैपटॉप हेतु)
(नोट: सभी सम्मानित 168 टॉपर्स को लैपटॉप खरीदने के लिए 51000 रुपये अलग से दिए गए हैं।)

विभिन्न संकायों के सम्मानित टॉपर्स के नाम
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न संकायों एवं कक्षाओं के शीर्ष मेधावियों को मंच पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया:
- इंटरमीडिएट (विज्ञान संकाय – टॉप 3): आदित्य प्रकाश अमन, साक्षी कुमारी, सपना कुमारी।
- इंटरमीडिएट (कला संकाय – टॉप 4): निशु कुमारी, सिद्धि शिखा, चंद्रदीप कुमार, मो० लक्की अंसारी।
- इंटरमीडिएट (वाणिज्य संकाय – टॉप 2): अदिति कुमारी, माहि कुमारी।
- इंटरमीडिएट (व्यावसायिक पाठ्यक्रम – टॉप 2): प्रियांशु राज, अनिका उपाध्याय।
- वार्षिक माध्यमिक/मैट्रिक परीक्षा (टॉप 3): पुष्पांजलि कुमारी, साबरीन परवीन, नाहिद सुल्ताना।

अब रिजल्ट के 1 महीने के अंदर होगा टॉपर्स सम्मान समारोह: सम्राट चौधरी
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक बड़ी नीतिगत घोषणा की। उन्होंने कहा:
“जब मैं इस कार्यक्रम की समीक्षा कर रहा था, तब मुझे पता चला कि परीक्षा परिणाम आने के काफी महीनों बाद (नवंबर-दिसंबर में) टॉपर्स का सम्मान किया जाता है। मैंने तुरंत अधिकारियों को निर्देश दिया कि मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान परिणाम घोषित होने के तुरंत बाद होना चाहिए। अब अगले साल से टॉपर्स सम्मान समारोह परीक्षा परिणाम घोषित होने के ठीक 1 महीने के भीतर आयोजित किया जाएगा, ताकि छात्रों को सही समय पर प्रोत्साहन मिल सके।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि बिहार का शैक्षिक इतिहास बेहद समृद्ध रहा है। मगध की ऐतिहासिक धरती से बिक्रमशिला और नालंदा विश्वविद्यालय संचालित होते थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रयासों से नालंदा विश्वविद्यालय को वर्ष 2024 में पुनः स्थापित किया गया है। वहीं बिक्रमशिला विश्वविद्यालय के लिए भी 15 जुलाई को 200 एकड़ भूमि आवंटित कर दी गई है।

700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूलों में कोचिंग और लाइव ट्यूटर की सुविधा
राज्य में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के लिए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कोचिंग, लाइव क्लास और लाइव ट्यूटर की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही, पूर्ववर्ती छात्रों को भी अपने विद्यालयों से जुड़कर योगदान देने के लिए आमंत्रित किया गया है।
छात्रों की समस्याओं और सुझावों के त्वरित समाधान के लिए ‘सहयोग पोर्टल‘ भी शुरू किया गया है, जिसके माध्यम से विद्यार्थी विकसित बिहार के निर्माण हेतु अपने सुझाव सीधे साझा कर सकते हैं।

“नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें युवा”
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने युवाओं से आह्वान किया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत‘ और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ‘समृद्ध बिहार‘ के संकल्प को पूरा करने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि राज्य में अब तक 1000 उद्योगों के लिए भूमि उपलब्ध कराई जा चुकी है। बिहार में युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए-नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं, इसलिए युवा नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें।
राज्य में बारिश और बाढ़ की स्थिति पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि 38 प्रतिशत कम वर्षापात के बावजूद बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई है। सरकार केवल तात्कालिक राहत और बचाव तक सीमित न रहकर जल-चक्र और प्राकृतिक जल-प्रवाह तंत्र को व्यवस्थित करने के लिए दीर्घकालिक स्थायी समाधान पर काम कर रही है।

टॉपर्स और अभिभावकों के साथ मुख्यमंत्री ने किया भोजन
पुरस्कार वितरण के उपरांत लोक सेवक आवास परिसर में ही सभी 168 पुरस्कृत विद्यार्थियों और उनके साथ आए अभिभावकों के लिए भव्य प्रीति भोज का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्वयं छात्रों के बीच बैठकर भोजन किया और उनसे आत्मीय बातचीत की। बातचीत के दौरान उन्होंने विद्यार्थियों की भविष्य की योजनाओं, करियर गोल्स और अन्य गतिविधियों के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री से बातचीत कर छात्र-छात्राएं बेहद उत्साहित और आनंदित दिखे।

कार्यक्रम में ये प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूद
कार्यक्रम का शुभारंभ बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष डॉ० त्यागराजन एस०एम० द्वारा मुख्यमंत्री को हरित पौधा एवं प्रतीक चिह्न भेंट कर किया गया। समारोह में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के कार्यों पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई।
कार्यक्रम को उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव तथा शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने भी संबोधित किया।
इस विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष डॉ० त्यागराजन एस०एम० सहित अनेक वरीय प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षाविद, मेधावी विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक उपस्थित थे।
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