10 सितंबर, 2026 पटना : पटना जिले के नौबतपुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस अन्वेषण ब्यूरो) ने एक बड़ी कार्रवाई की है। प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय परिसर, नौबतपुर से प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी विनोद कुमार राम को 8,000 (आठ हजार) रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया है। इस कार्रवाई के साथ ही निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने साल 2026 में घूस लेते हुए रंगे हाथ पकड़े जाने वाले अभियुक्तों का ‘शतक‘ पूरा कर लिया है। गिरफ्तार अधिकारी विनोद कुमार राम वर्ष 2026 के 100वें अभियुक्त बने हैं जिन्हें निगरानी की टीम ने घूस की रकम के साथ रंगे हाथों दबोचा है।

रिपोर्ट भेजने के नाम पर मांगी थी रिश्वत
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, परिवादी कृष्णा शर्मा (पिता- अरुण कुमार दत्ता, निवासी- बेला, थाना- पिपलॉवा, जिला- पटना) ने ब्यूरो के पटना स्थित कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया था कि जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकान की माह अगस्त 2026 की रिपोर्ट बनाकर वरिष्ठ अधिकारियों को भेजने के एवज में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी विनोद कुमार राम द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है।

सत्यापन के बाद गठित हुआ धावा दल
शिकायत मिलने के पश्चात निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा मामले का गुप्त सत्यापन कराया गया। सत्यापन के क्रम में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा रिश्वत मांगे जाने का आरोप सही पाया गया। प्राथमिक जांच में आरोप की पुष्टि होने के बाद निगरानी थाना में कांड संख्या 0-100/26 (दिनांक 20.08.2026) दर्ज किया गया।
इसके बाद अनुसंधानकर्ता और पुलिस निरीक्षक उदय कुमार सिंह के अनुरोध पर पुलिस पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) आदित्य राज के नेतृत्व में एक विशेष धावा दल का गठन किया गया।

कार्यालय परिसर में रंगे हाथ दबोचा गया अधिकारी
योजना के अनुसार, जैसे ही परिवादी कृष्णा शर्मा रिश्वत की राशि 8,000 रुपये देने नौबतपुर के प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय पहुंचे और विनोद कुमार राम को पैसे थमाए, पहले से घात लगाकर बैठी निगरानी मुख्यालय की टीम ने धावा बोल दिया। अधिकारी को रिश्वत के रुपयों के साथ मौके से रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
कार्रवाई के तुरंत बाद आरोपी अधिकारी के पटना स्थित गृह और अन्य ठिकानों पर सघन तलाशी ली जा रही है। पूछताछ की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अभियुक्त को पटना स्थित माननीय विशेष न्यायालय (निगरानी) में पेश किया जाएगा।

साल 2026 में निगरानी का ‘शतक‘, कुल 107 प्राथमिकियां दर्ज
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना ने वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी मुस्तैदी का एक बड़ा रिकॉर्ड बनाया है:
- कुल दर्ज केस: इस वर्ष अब तक भ्रष्टाचार के विरुद्ध कुल 107 प्राथमिकियां दर्ज की जा चुकी हैं।
- रंगे हाथ गिरफ्तारी (ट्रैप): अब तक 100 अभियुक्तों को घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है।
- कुल बरामदगी: 2026 में अब तक रिश्वत की कुल 36,66,800 रुपये (छत्तीस लाख छियासठ हजार आठ सौ रुपये) की नकद राशि तथा एक नई वाशिंग मशीन (कीमत 37,000 रुपये) बरामद की गई है।
- गत वर्ष का आंकड़ा: तुलनात्मक रूप से पिछले वर्ष 2025 में कुल 101 ट्रैप कांड दर्ज किए गए थे और 37,80,300 रुपये बरामद हुए थे।

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की अपील
“भ्रष्टाचार के खिलाफ ब्यूरो का अभियान जारी है। यदि कोई भी लोक सेवक (सरकारी अधिकारी या कर्मचारी) आपसे किसी काम के एवज में रिश्वत की मांग करता है, तो तुरंत नीचे दिए गए माध्यमों पर शिकायत दर्ज कराएं:”
- लैंडलाइन नंबर: 0612-2215030, 0612-2215032, 0612-2215033, 0612-2215036, 0612-2215037, 0612-2999752
- हेल्पलाइन नंबर: 0612-2215344
- मोबाइल नंबर: 7765953261
- व्हाट्सएप नंबर: 9473494167
- ई-मेल: spvig-bih@nic.in
- पता: निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, 6 सर्कुलर रोड, पटना

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