निगरानी का सर्जिकल स्ट्राइक: एक ही दिन में 3 घूसखोर गिरफ्तार, जेई, बड़ा बाबू और दारोगा रंगे हाथों दबोचे गए

बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने अब तक की सबसे बड़ी और ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए एक ही दिन में तीन अलग-अलग जिलों से तीन सरकारी अधिकारियों को घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम की गिरफ्त में रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गए जहानाबाद मनरेगा के कनीय अभियंता अमन कुमार।

पहला मामला: जहानाबाद में 20 हजार घूस लेते जेई गिरफ्तार जहानाबाद के प्रखंड सदर में तैनात मनरेगा के कनीय अभियंता अमन कुमार को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते आंबेडकर चौक स्थित एक ढाबा (होटल) से गिरफ्तार किया गया। परिवादी अशोक कुमार (निवासी कुमरडीह, मखदुमपुर) ने शिकायत दर्ज कराई थी कि ग्राम पंचायत जामुक में मनरेगा के तहत 6,77,790 रुपये की तीन योजनाओं का कार्य पूर्ण होने के बाद मापी पुस्तिका (एमबी) सत्यापन के एवज में 3% (20,000 रुपये) रिश्वत मांगी जा रही थी। सत्यापन में आरोप सही मिलने पर पुलिस निरीक्षक संतोष कुमार दुबे के अनुरोध पर पुलिस उपाधीक्षक आसिफ इकबाल मेहंदी के नेतृत्व में गठित धावा दल ने यह कार्रवाई की।

दूसरा मामला: शेखपुरा में 15 हजार लेते लिपिक पकड़ाया जिला परिवहन कार्यालय (डीटीओ), शेखपुरा के निम्नवर्गीय लिपिक (बड़ा बाबू) कुणाल कुमार को 15 हजार रुपये घूस लेते कार्यालय के वरीय लिपिक कक्ष से गिरफ्तार किया गया। परिवादी राजू प्रसाद (निवासी डीहा, अरियारी) से ट्रैक्टर संख्या यू०पी० 30ए०सी० 4378 का बिहार नंबर जारी करने के एवज में रिश्वत की मांग की जा रही थी। पुलिस निरीक्षक अरुण कुमार सिंह के अनुरोध पर पुलिस उपाधीक्षक राजेन्द्र प्रसाद के नेतृत्व में धावा दल ने रंगे हाथों गिरफ्तारी की।

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम की गिरफ्त में रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गए (बाएं से दाएं) दीघा यातायात थाना के दारोगा उपेन्द्र साह, जिला परिवहन कार्यालय शेखपुरा के लिपिक कुणाल कुमार

तीसरा मामला: पटना में 10 हजार लेते यातायात थाना का दारोगा गिरफ्तार पटना के जे०पी० गंगा पथ, दीघा स्थित यातायात थाना (गांधी मैदान) के पुलिस अवर निरीक्षक उपेन्द्र साह को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते थाना के सिरिस्ता कक्ष से गिरफ्तार किया गया। परिवादी जमील अंसारी (निवासी बड़ी तकिया, चैनपुर, कैमर) ने शिकायत की थी कि जब्त किए गए उनके वाहन को छोड़ने के एवज में घूस मांगी जा रही है। पुलिस निरीक्षक राधेश्याम राम के अनुरोध पर पुलिस उपाधीक्षक श्रीराम चौधरी के नेतृत्व में गठित टीम ने छापेमारी कर उन्हें दबोच लिया।

वर्ष 2026 में अब तक 99 आरोपी गिरफ्तार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के विरुद्ध दर्ज यह 105वीं, 106वीं एवं 107वीं प्राथमिकी है। इस साल ट्रैप संबंधी 97वें, 98वें एवं 99वें कांड के तहत अब तक कुल 99 अभियुक्तों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनसे कुल 36,58,800 रुपये नगद एवं एक वाशिंग मशीन बरामद की गई है। (ज्ञात हो कि वर्ष 2025 में कुल 101 ट्रैप कांड दर्ज कर 37,80,300 रुपये बरामद किए गए थे।)

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