Wednesday, July 29, 2026

मुजफ्फरपुर पुलिस महकमे में भारी उलटफेर! मुख्यालय डीएसपी का हुआ तबादला, अब इस तेजतर्रार अफसर के हाथ में होगी कमान!

मुजफ्फरपुर, 01 जुलाई 2026: बिहार  सरकार द्वारा पुलिस महकमे में किए गए बड़े प्रशासनिक सर्जिकल स्ट्राइक का असर मुजफ्फरपुर जिले में भी साफ देखने को मिला है। गृह विभाग (आरक्षी शाखा) द्वारा जारी अधिसूचना संख्या-2/पी01-20-04/2021 गृ0आ0- 8159 के तहत मुजफ्फरपुर के पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) का ट्रांसफर कर दिया गया है, वहीं उनकी जगह पर एक नए पुलिस उपाधीक्षक की पोस्टिंग की गई है।

मुजफ्फरपुर से कौन गए?

  • अशोक कुमार: मुजफ्फरपुर में अब तक पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) के पद पर तैनात थे। सरकार के नए आदेश के तहत इनका तबादला मुजफ्फरपुर से कर दिया गया है। इन्हें अब पुलिस उपाधीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना के महत्वपूर्ण पद पर भेजा गया है।

मुजफ्फरपुर में कौन आए?

  • प्रदीप कुमार: मुजफ्फरपुर के नए पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) होंगे। यह इससे पहले बिहार पुलिस मुख्यालय, पटना में पदस्थापन की प्रतीक्षा में (वेटिंग फॉर पोस्टिंग) थे। अब सरकार ने इन्हें मुजफ्फरपुर मुख्यालय की कमान सौंपकर एक बड़ी जिम्मेदारी दी है।

मुजफ्फरपुर से जुड़े अन्य पुलिस पदाधिकारी का ट्रांसफर:

  • शिवानी श्रेष्ठा: मुजफ्फरपुर में पुलिस उपाधीक्षक, परीक्ष्यमान (प्रोबेशनरी डीएसपी) के रूप में अपनी सेवाएं दे रही थीं। ट्रेनिंग और शुरुआती कार्यकाल के बाद अब इन्हें मुजफ्फरपुर से स्थानांतरित कर पुलिस उपाधीक्षक, विशेष अपराध, अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी), बिहार, पटना के पद पर पदस्थापित किया गया है।

कानून व्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार: मुजफ्फरपुर में नए मुख्यालय डीएसपी के रूप में प्रदीप कुमार की तैनाती से जिले की पुलिसिंग और कानून व्यवस्था को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है। वहीं, अशोक कुमार द्वारा मुजफ्फरपुर में किए गए कार्यों के बाद अब वे पटना में निगरानी विभाग में अपनी नई पारी की शुरुआत करेंगे। सरकार ने सभी स्थानांतरित अधिकारियों को तुरंत अपने नए स्थान पर योगदान देने का निर्देश दिया है।

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बिहार पुलिस में महा-तबादला एक्सप्रेस! 53 डीएसपी और आशु उपाधीक्षकों का एक साथ पत्ता साफ, सम्राट  सरकार का बड़ा प्रशासनिक सर्जिकल स्ट्राइक!

पटना, 01 जुलाई 2026: बिहार  सरकार के गृह विभाग (आरक्षी शाखा) ने प्रशासनिक दृष्टिकोण से एक बहुत बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार पुलिस सेवा के 53 पुलिस पदाधिकारियों और आशु उपाधीक्षकों का बड़े पैमाने पर तबादला कर दिया है। सरकार द्वारा जारी अधिसूचना संख्या-2/पी01-20-04/2021 गृ0आ0- 8159 के तहत तुरंत प्रभाव से इन सभी अफसरों को नए स्थानों पर तैनात किया गया है।

अवर सचिव रत्नेश कुमार के हस्ताक्षर से जारी इस पत्र में साफ कहा गया है कि जिन अधिकारियों का तबादला अन्यत्र नहीं हुआ है, वे तुरंत बिहार पुलिस मुख्यालय, पटना में योगदान देंगे।

तबादले की पूरी एक्सक्लूसिव लिस्ट:

  1. लालबाबू यादव (प्राचार्य, सिपाही प्रशिक्षण विद्यालय, नाथनगर) से सहायक निदेशक, बिहार पुलिस अकादमी, राजगीर
  2. पारस नाथ साहू (अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-11, सदर, खगड़िया) से अपर पुलिस अधीक्षक, आर्थिक अपराध इकाई, बिहार, पटना
  3. सुमित कुमार (अपर पुलिस अधीक्षक, बिहार पुलिस अकादमी, राजगीर) से अपर पुलिस अधीक्षक, बिहार पुलिस मुख्यालय, पटना
  4. डॉ0 शंकर कुमार झा (पुलिस उपाधीक्षक, विशेष शाखा, बिहार, पटना) से पुलिस उपाधीक्षक, विशेष अपराध, अपराध अनुसंधान विभाग, बिहार, पटना
  5. अभिषेक सिंह (पुलिस उपाधीक्षक, पदस्थापन की प्रतीक्षा में, बिहार पुलिस मुख्यालय, पटना) से पुलिस उपाधीक्षक, बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस-3, बोधगया
  6. प्रदीप कुमार (पुलिस उपाधीक्षक, पदस्थापन की प्रतीक्षा में, बिहार पुलिस मुख्यालय, पटना) से पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), मुजफ्फरपुर
  7. गौतम शरण ओमी (पुलिस उपाधीक्षक, साइबर क्राईम, बेतिया) से पुलिस उपाधीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना
  8. अशोक कुमार (पुलिस उपाधीक्षक, मुख्यालय, मुजफ्फरपुर) से पुलिस उपाधीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना
  9. राजेश कुमार शर्मा (अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, जगदीशपुर, भोजपुर) से पुलिस उपाधीक्षक, मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो, बिहार, पटना
  10. संतोष कुमार (पुलिस उपाधीक्षक, यातायात, जहानाबाद) से पुलिस उपाधीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना
  11. सर्वेश चंद्र (पुलिस उपाधीक्षक, आर्थिक अपराध इकाई, बिहार, पटना) से पुलिस उपाधीक्षक, साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई, बिहार, पटना
  12. अनुराधा सिंह (पुलिस उपाधीक्षक, आर्थिक अपराध इकाई, बिहार, पटना) से पुलिस उपाधीक्षक, साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई, बिहार, पटना
  13. विकास केशव (पुलिस उपाधीक्षक, आर्थिक अपराध इकाई, बिहार, पटना) से पुलिस उपाधीक्षक, साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई, बिहार, पटना
  14. स्वीटी सिंह (पुलिस उपाधीक्षक, मुख्यालय, सारण) से पुलिस उपाधीक्षक, आर्थिक अपराध इकाई, बिहार, पटना
  15. अमन (अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, महाराजगंज, सिवान) से पुलिस उपाधीक्षक, आर्थिक अपराध इकाई, बिहार, पटना
  16. रौली कुमारी (पुलिस उपाधीक्षक, बि0वि0स0पु0 (महिला), सासाराम) से पुलिस उपाधीक्षक, बि0वि00पु0-3, बोधगया
  17. कुमारी सिया भारती (पुलिस उपाधीक्षक, विशेष शाखा) से पुलिस उपाधीक्षक, विशेष अपराध, अपराध अनुसंधान विभाग, बिहार, पटना
  18. पंकज कुमार (पुलिस उपाधीक्षक, आर्थिक अपराध इकाई, बिहार, पटना) से पुलिस उपाधीक्षक, साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई, बिहार, पटना
  19. बिनोध कुमार सिंह (पुलिस उपाधीक्षक, आर्थिक अपराध इकाई, बिहार, पटना) से पुलिस उपाधीक्षक, यातायात, जहानाबाद
  20. संजीत कुमार सिन्हा (पुलिस उपाधीक्षक, आर्थिक अपराध इकाई, बिहार, पटना) से पुलिस उपाधीक्षक, साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई, बिहार, पटना
  21. स्वाति (पुलिस उपाधीक्षक, बिहार पुलिस अकादमी, राजगीर) से पुलिस उपाधीक्षक, बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (महिला), सासाराम
  22. वासुदेव राय (पुलिस उपाधीक्षक, बि0वि0स0पु0-12, भीमनगर, सुपौल) से पुलिस उपाधीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना
  23. भूदेव दास (पुलिस उपाधीक्षक, विशेष शाखा, बिहार, पटना) से पुलिस उपाधीक्षक (रक्षित), जहानाबाद
  24. केशव कुमार मजुमदार (पुलिस उपाधीक्षक, विशेष शाखा, बिहार, पटना) से पुलिस उपाधीक्षक (रक्षित), भागलपुर
  25. उमेश लाल रजक (पुलिस उपाधीक्षक, रक्षित, भागलपुर) से पुलिस उपाधीक्षक, बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस मुख्यालय, बिहार, पटना
  26. अविनाश कुमार सिंह (पुलिस उपाधीक्षक पद का उच्चतर प्रभार प्रदत्त) से पुलिस उपाधीक्षक, यातायात, सीतामढ़ी
  27. धर्मेंद्र कुमार (पुलिस उपाधीक्षक पद का उच्चतर प्रभार प्रदत्त) से पुलिस उपाधीक्षक (रक्षित), बगहा
  28. सन्नी दयाल (पुलिस उपाधीक्षक, परीक्ष्यमान, अपराध अनुसंधान विभाग, बिहार, पटना) से पुलिस उपाधीक्षक, यातायात, पटना
  29. पीरूष अग्रवाल (पुलिस उपाधीक्षक, परीक्ष्यमान, नवादा) से पुलिस उपाधीक्षक, यातायात, पटना
  30. विनय कुमार रंजन (पुलिस उपाधीक्षक, परीक्ष्यमान, पटना) से पुलिस उपाधीक्षक (साइबर क्राईम), भागलपुर
  31. अंकित कुमार (पुलिस उपाधीक्षक, परीक्ष्यमान, बगहा) से पुलिस उपाधीक्षक (साइबर क्राईम), जहानाबाद
  32. देव आशीष हंस (पुलिस उपाधीक्षक, परीक्ष्यमान, सारण) से पुलिस उपाधीक्षक (साइबर क्राईम), पटना
  33. शिवानी श्रेष्ठा (पुलिस उपाधीक्षक, परीक्ष्यमान, मुजफ्फरपुर) से पुलिस उपाधीक्षक, विशेष अपराध, अपराध अनुसंधान विभाग, बिहार, पटना
  34. चित्रा कुमारी (पुलिस उपाधीक्षक, परीक्ष्यमान, पूर्णिया) से पुलिस उपाधीक्षक, विशेष अपराध, अपराध अनुसंधान विभाग, बिहार, पटना
  35. खालिद हयात (पुलिस उपाधीक्षक, परीक्ष्यमान, सहरसा) से पुलिस उपाधीक्षक, विशेष शाखा, बिहार, पटना
  36. समीर कुमार सिंह (पुलिस उपाधीक्षक, परीक्ष्यमान, रोहतास) से पुलिस उपाधीक्षक (साइबर क्राईम), बक्सर
  37. रौशन कुमार (पुलिस उपाधीक्षक, परीक्ष्यमान, दरभंगा) से पुलिस उपाधीक्षक (साइबर क्राईम), भोजपुर
  38. अभिनव कुमार (पुलिस उपाधीक्षक, परीक्ष्यमान, गयाजी) से पुलिस उपाधीक्षक, विशेष सुरक्षा दल, बिहार, पटना
  39. मो0 फैसल चाँद (पुलिस उपाधीक्षक, परीक्ष्यमान, सारण) से पुलिस उपाधीक्षक, अपराध अनुसंधान विभाग, बिहार, पटना
  40. अब्दुर रहमान (पुलिस उपाधीक्षक, परीक्ष्यमान, कटिहार) से पुलिस उपाधीक्षक (साइबर क्राईम), बेतिया
  41. ईशानी सिन्हा (पुलिस उपाधीक्षक, परीक्ष्यमान, भोजपुर) से पुलिस उपाधीक्षक (साइबर क्राईम), शिवहर
  42. ज्योति कुमारी (पुलिस उपाधीक्षक, परीक्ष्यमान, औरंगाबाद) से पुलिस उपाधीक्षक (साइबर क्राईम), बगहा
  43. अमरजीत तिवारी (पुलिस उपाधीक्षक, परीक्ष्यमान, बेगूसराय) से पुलिस उपाधीक्षक, विशेष सुरक्षा दल, बिहार , पटना
  44. राजन कुमार (पुलिस उपाधीक्षक, परीक्ष्यमान, नवादा) से पुलिस उपाधीक्षक, विशेष शाखा, बिहार, पटना
  45. मिथिलेश कुमार तिवारी (पुलिस उपाधीक्षक, परीक्ष्यमान, मुंगेर) से पुलिस उपाधीक्षक, विशेष शाखा, बिहार, पटना
  46. ऋषभ आनंद (पुलिस उपाधीक्षक, परीक्ष्यमान, सिवान) से पुलिस उपाधीक्षक (साइबर क्राईम), नालंदा
  47. रिषभ कुमार (पुलिस उपाधीक्षक, परीक्ष्यमान, मोतिहारी) से पुलिस उपाधीक्षक, यातायात, शेखपुरा
  48. तरुण कुमार पाण्डेय (पुलिस उपाधीक्षक, परीक्ष्यमान, खगड़िया) से पुलिस उपाधीक्षक, यातायात, अररिया
  49. अभिषेक चौबे (पुलिस उपाधीक्षक, परीक्ष्यमान, मुंगेर) से पुलिस उपाधीक्षक, यातायात, समस्तीपुर
  50. अभिषेक कुमार (पुलिस उपाधीक्षक, परीक्ष्यमान, गयाजी) से पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), सारण
  51. पिंकी कुमारी (पुलिस उपाधीक्षक, परीक्ष्यमान, गयाजी) से पुलिस उपाधीक्षक, बि0वि00पु0-19, बेगूसराय
  52. शत्रुघ्न पटेल (आशु उपाधीक्षक पद का उच्चतर प्रभार प्रदत्त) से आशु उपाधीक्षक, बिहार पुलिस मुख्यालय, पटना
  53. राज कुमार प्रसाद (आशु उपाधीक्षक पद का उच्चतर प्रभार प्रदत्त) से आशु उपाधीक्षक, अपराध अनुसंधान विभाग, बिहार, पटना

प्रशासनिक हलकों में हड़कंप: एक साथ इतने बड़े पैमाने पर ट्रांसफर-पोस्टिंग के बाद पूरे सूबे के पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। नव पदस्थापित अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से अपने नए कर्तव्यों को संभालने का निर्देश दिया गया है, ताकि कानून व्यवस्था और विभागीय कार्यप्रणाली को और ज्यादा दुरुस्त किया जा सके।

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गाँव वालों की चमकी किस्मत, केंद्र सरकार का देशव्यापी रोजगारसृजन   : अब मिलेगा 125 दिन रोजगार, मजदूरी में भी बंपर बढ़ोतरी लागू!

विशेष ब्यूरो, नई दिल्ली, 1 जुलाई: देश के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले करोड़ों मजदूरों और उनके परिवारों के लिए आज का दिन एक ऐतिहासिक और जीवन बदलने वाला सवेरा लेकर आया है। केंद्र सरकार ने पूरे देश के गांवों की तकदीर बदलने के उद्देश्य से एक बहुत बड़ा फैसला लेते हुए विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025′ को आज यानी 1 जुलाई से पूरे देश में पूरी ताकत के साथ लागू कर दिया है। सरकार के इस क्रांतिकारी कदम से अब ग्रामीण भारत के कोने-कोने में खुशहाली की लहर दौड़ गई है।

अब 100 नहीं, पूरे 125 दिनों के काम की पक्की गारंटी इस ऐतिहासिक कानून के लागू होते ही अब गांवों में मिलने वाले रोजगार की पुरानी व्यवस्था पूरी तरह बदल गई है। नई व्यवस्था के तहत ग्रामीण रोजगार की कानूनी गारंटी को 100 दिनों से सीधे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। यानी अब गांव के हर जरूरतमंद परिवार को पूरे 25 दिन का अतिरिक्त वैधानिक रोजगार मिलना तय हो गया है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने साफ किया है कि इस वीबी जी राम जी (विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन-ग्रामीण) अधिनियम के तहत प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिन के रोजगार की गारंटी सुनिश्चित की जाएगी, जो ग्रामीण भारत को सीधे तौर पर सशक्त और आत्मनिर्भर बनाएगी।

मजदूरी दरों में भारी उछाल, सीधे बैंक खातों में बरसेगा पैसा सरकार ने केवल काम के दिन ही नहीं बढ़ाए हैं, बल्कि महंगाई के इस दौर में मजदूरों की जेब को भारी-भरकम राहत देते हुए उनकी मजदूरी में भी बंपर बढ़ोतरी कर दी है। ग्रामीण मजदूरों की औसत दैनिक मजदूरी को 298.8 रुपये से बढ़ाकर अब सीधे 327.4 रुपये कर दिया गया है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नई मजदूरी दरों की आधिकारिक अधिसूचना भी जारी कर दी है, जिसके बाद यह बढ़ी हुई दरें आज से ही देशभर के सभी कार्यस्थलों पर पूरी तरह प्रभावी हो गई हैं।

खजाने का मुंह खुला: 95 हजार करोड़ रुपये से अधिक का भारी-भरकम बजट सरकार इस मिशन को जमीन पर पूरी तरह कामयाब बनाने के लिए पानी की तरह पैसा बहाने को तैयार है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में इस महा-योजना के सफल कार्यान्वयन और ग्रामीण मजदूरों के भुगतान के लिए सरकार ने अपने बजट में 95 हजार 692 करोड़ रुपये का एक विशाल और भारी-भरकम प्रावधान किया है। इस विशाल राशि से गांवों में बड़े पैमाने पर टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण किया जाएगा और सीधे तौर पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई गति मिलेगी।

यह करोड़ों भाई-बहनों के सम्मान और सुरक्षित आजीविका का नया अध्याय: शिवराज सिंह चौहान  इस ऐतिहासिक मिशन के देशव्यापी आगाज पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक बेहद महत्वपूर्ण और प्रेरक संदेश जारी किया है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “आज देशभर में विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) लागू हो गया है। यह केवल एक अधिनियम नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों ग्रामीण श्रमिक भाई-बहनों के सम्मान, स्वाभिमान और सुरक्षित आजीविका का एक नया सुनहरा अध्याय है।”

केंद्रीय मंत्री ने आगे विश्वास जताते हुए कहा, “अब ग्रामीण परिवारों को 100 नहीं, बल्कि 125 दिनों के रोजगार का वैधानिक अधिकार मिलेगा। मुझे पूरा विश्वास है कि सरकार की यह बड़ी पहल गांवों में आजीविका के नए और बेहतर अवसर सृजित करेगी। इससे गांवों में टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण बहुत तेज होगा, हमारी मातृशक्ति को अभूतपूर्व ढंग से सशक्त बनाएगी और एक आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत के निर्माण के संकल्प को नई गति देगी। आइए, हम सब मिलकर इस समृद्ध, सशक्त तथा आत्मनिर्भर गांवों के निर्माण के इस महा-यज्ञ में सहभागी बनें।”

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सकरा में पहली बारिश ही बनी आफत: दुकानों और स्कूलों में घुसा पानी, घुटने भर पानी में तैरती दिखी नगर पंचायत के विकास की दास्तान!

नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी के नाम से जुड़ी प्रतिष्ठा दांव पर, अपनों को ही नहीं दिख रहा भ्रष्टाचार

सकरा (मुजफ्फरपुर): मानसून की पहली ही बारिश ने सुबह-सुबह सकरा प्रखण्‍ड क्षेत्र के सकरा नगर पंचायत प्रशासन के दावों की कलई खोलकर रख दी। करीब 2 घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश ने जहाँ भीषण गर्मी से राहत दिलाई और किसानों के चेहरों पर मुस्कान ला दी, वहीं दूसरी ओर आम जनता और व्यापारियों के लिए यह बारिश एक बड़ी मुसीबत बनकर टूटी। जलजमाव और प्रशासनिक उदासीनता के कारण लोग सुबह-सुबह बेहाल और हलकान नजर आए।

सकरा नगर पंचायत के सुजावलपुर स्टेशन रोड में 2 घंटे की बारिश के बाद डूबी दुकानें और कुदाल हाथ में लेकर नाला चीर कर पानी निकालते स्‍थानीय दुकानदार

सब्जी और मछली मंडी में पसरा सन्नाटा, स्टेशन रोड बना दरिया

बारिश का असर सुबह लगने वाली सुजावलपुर सब्जी मंडी और मछली मंडी पर सबसे ज्यादा पड़ा, जहाँ ग्राहकों और दुकानदारों के गायब होने से पूरी तरह सन्नाटा पसरा रहा। सकरा नगर पंचायत क्षेत्र के सुजावलपुर स्टेशन रोड में देखते ही देखते स्थिति नारकीय हो गई। पूरी सड़क मानो किसी दरिया में तब्दील हो गई। एन एच से 50 मीटर उत्तर बिनोद पुस्तक भंडार से लेकर मझोलिया मोड़ तक कई घंटों तक घुटने भर पानी जमा रहा, जिससे पैदल चलने वाले राहगीरों और स्थानीय लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

6 माह पहले बनी सड़क ने डुबोया, बिना नाले के भुगत रहे खामियाजा

स्थानीय दुकानदारों का आरोप है कि करीब 6 माह पहले बनी नई सड़क को पहले के मुकाबले काफी ऊँचा कर दिया गया, लेकिन इसके साथ जल निकासी के लिए नाले का निर्माण नहीं कराया गया। इसका खामियाजा अब लोगों को भुगतना पड़ रहा है। सड़क ऊँची होने के कारण बारिश का सारा पानी बैक मारकर कई दुकानों के भीतर घुस गया, जिससे व्यापारियों का हजारों का सामान बर्बाद हो गया।

सकरा नगर पंचायत के सुजावलपुर स्टेशन रोड में 2 घंटे की बारिश के बाद डूबी दुकानें और जलमग्न सड़क, जो प्रशासन के दावों की पोल खोल रही है।

स्कूल के कमरों में भरा पानी, बच्चों को दी गई छुट्टी, खुद कुदाल लेकर उतरे व्यापारी

 सकरा में स्कूल के भीतर पानी घुस जाने के बाद गंदे पानी के बीच से होकर बाहर निकलते मासूम बच्चे और खुद कुदाल से पानी का रास्ता साफ करते लोग।

जलजमाव का सबसे डरावना रूप सकरा सिनेमा हॉल के पास देखने को मिला। यहाँ एक स्कूल के भीतर और कमरों के अंदर तक तेजी से पानी प्रवेश कर गया। कमरों में पानी भर जाने के बाद आनन-फानन में बच्चों को स्कूल से छुट्टी दे दी गई। मासूम बच्चे पानी में जैसे-तैसे बच-बचाकर सड़क पर बाहर निकलते हुए देखे गए। इस दौरान जल निकासी की कोई व्यवस्था न देख सकरा सिनेमा हॉल के पास के व्यापारियों ने खुद मोर्चा संभाला। व्यापारियों ने खुद कुदाल की व्यवस्था की और पानी के बीच उतरकर नाला चीरकर जल निकासी का रास्ता बनाया।

4 साल बीते, बुनियादी सुविधाओं को तरसे लोग: चुनाव में भुगतना पड़ेगा अंजाम

सकरा नगर पंचायत के सुजावलपुर, खासकर मुख्य व्यावसायिक क्षेत्र के दोनों ओर नाला निर्माण नहीं होने से यहाँ व्यवसाय करने वाले लोगों में भारी आक्रोश है। व्यापारियों का कहना है कि सुजावलपुर से ढोली स्टेशन तक नाले के निर्माण की मांग लोग बरसों से कर रहे हैं। नगर पंचायत चुनाव बीते हुए लगभग 4 वर्ष पूरा होने वाले  हैं और अब सिर्फ 1 वर्ष का समय बचा है। आक्रोशित दुकानदारों और स्थानीय जनता ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि इस बचे हुए 1 वर्ष में नाले का निर्माण नहीं कराया गया, तो आने वाले अगले चुनाव में यह यहाँ का सबसे प्रमुख मुद्दा बनेगा और जनप्रतिनिधियों को इसका अंजाम भुगतना होगा।

बारिश के बाद वार्ड संख्‍या छह में , ढ़ोली स्‍टेशन के सामने एवं मतवाला शिवमंदिर मुहल्‍ला के पीछे  की नारकीय स्थिति का दृश्‍य  

भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी चमचमाती सड़क: मात्र 6 महीने में दर्जनों जगह से टूटी, बंद कर दिए गए  जलनिकासी के लिए बने पुल, स्थानीय पार्षद  और नेता मौन!

सकरा नगर पंचायत क्षेत्र के सुजावलपुर से ढोली स्टेशन तक बनी नई सड़क निर्माण के मात्र 6 महीने के भीतर ही पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। यह सड़क भ्रष्टाचार की जीती-जागती मिसाल बन गई है, जो दर्जनों जगहों से टूटकर बिखर चुकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर जल निकासी को सुचारू रखने के लिए पहले 4 पुल थे, लेकिन इन सभी पुलों पर अवैध अतिक्रमण कर लिया गया। हद तो तब हो गई जब कुछ महीने पहले सड़क निर्माण के दौरान इनमें से कई पुलों को पूरी तरह बंद कर दिया गया। पुल बंद होने की वजह से जल निकासी का पूरा तंत्र ध्वस्त हो गया है, जो आने वाले समय में यहाँ जलजमाव की समस्या को और भयानक बना देगा। इस गंभीर जन समस्या और जर्जर, नाला विहीन सड़क पर स्थानीय वार्ड पार्षद भी पूरी तरह मौन साधे हुए हैं।

सुजावलपुर चौक पर लगा, सकरा बाजार पथ का शिलान्यास पट, जिस पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी समेत कई कई दिगग्‍ज नेताओं के नाम दर्ज हैं। इसी वीआईपी सड़क का निर्माण मात्र 6 महीने में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़कर जमींदोज हो रहा है ।

नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी के नाम से जुड़ी प्रतिष्ठा दांव पर, अपनों को ही नहीं दिख रहा भ्रष्टाचार, भाजपा जदयू के नेतागण मौन

चौंकाने वाली बात यह है कि इस जर्जर हो चुकी सड़क का शिलान्यास खुद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (जो ग्रामीण कार्य विभाग के उस समय के उप मुख्यमंत्री अतिथि/विशिष्ट अतिथि रहे) के हाथों 12.05.2025 को संपन्न हुआ था। सड़क के शिलान्यास पट पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा और अशोक चौधरी जैसे कद्दावर नेताओं के नाम अंकित हैं। इसके बावजूद मात्र 6 महीने में ही इस सड़क का उखड़ जाना सीधे तौर पर सरकार की साख पर बट्टा लगा रहा है। सबसे बड़ा सवाल स्थानीय भाजपा नेताओं पर उठ रहा है, जिन्हें इस सड़क के नाम से जुड़े बिहार के शीर्ष नेतृत्व की प्रतिष्ठा और क्षेत्र में हुआ यह खुला भ्रष्टाचार दिखाई ही नहीं दे रहा है।

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अस्पतालों की मनमानी पर लगेगा सीसीटीवी का पहरा, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की सीधी चेतावनी

दरियापुर भट्टी में नए केंद्र का उद्घाटन, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा- हर व्यक्ति को निकट ही मिलेगी सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा

पटना। बिहार की राजधानी को स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में एक बड़ी सौगात मिली है। बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने दरियापुर भट्टी के पास पटना के सबसे बड़े शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का विधि-विधान से उद्घाटन किया। इस नए और आधुनिक स्वास्थ्य केंद्र के शुरू होने से स्थानीय निवासियों को अब अपने घर के नजदीक ही सुलभ, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं मिल सकेंगी।

शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के उद्घाटन के बाद भीतर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, जहां वे तैनात डॉक्टर और महिला स्वास्थ्य कर्मियों से सुविधाओं के संबंध में जानकारी ले रहे हैं।

अस्पतालों में लगेंगे सीसीटीवी कैमरे, मंत्री खुद करेंगे मॉनिटरिंग उद्घाटन समारोह के दौरान उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि बिहार के सभी सरकारी अस्पतालों में सीसीटीवी (क्लोज्ड सर्किट टेलीविजन) कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों के जरिए अस्पतालों की व्यवस्था, डॉक्टरों की उपस्थिति और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की वे खुद सीधी निगरानी (मॉनिटरिंग) करेंगे, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।

दरियापुर भट्टी शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के उद्घाटन के अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में अनावरण किया गया आधिकारिक शिलापट्ट।

भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा  : नव निर्मित  बिल्डिंग में आयोजित कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग की भविष्य की कार्ययोजना पर मिडिया से बात करते हुए , विस्तार से जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर व्यक्ति को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें, यही सरकार का मुख्य प्रयास है। दरियापुर भट्टी का यह केंद्र एक मॉडल के रूप में काम करेगा, जहां प्राथमिक उपचार से लेकर जरूरी जांच तक की सुविधाएं सुचारू रूप से संचालित होंगी। उद्घाटन के बाद मंत्री ने केंद्र के भीतर विभिन्न वार्डों, ओपीडी (आउट पेशेंट डिपार्टमेंट) और दवाई वितरण कक्ष का निरीक्षण किया और डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

पटना के दरियापुर भट्टी में नवनिर्मित सबसे बड़े शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का बाहरी दृश्य, जहां उद्घाटन समारोह के दौरान स्थानीय नागरिकों और अधिकारियों की भीड़ उमड़ी।

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सीबीएससी का ‘त्रिभाषा’ पैटर्न ! अब स्कूलों में 3 भाषाएं पढ़ना पूरी तरह अनिवार्य, जानिए किस बैच की होगी मौज और किसे करनी पड़ेगी मेहनत !

नई दिल्ली, 29 जून 2026 केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने आज शिक्षा जगत में ‘त्रिभाषा नीति’ (थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी) पर नए और कड़े दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होने वाले इस फैसले से कहीं खुशी तो कहीं गम का माहौल है। बोर्ड ने साफ कर दिया है कि अब स्कूलों में तीन भाषाओं का अध्ययन पूरी तरह अनिवार्य होगा, जिसमें से कम से कम दो भारतीय भाषाओं (भारतीय भाषा) का होना जरूरी है। हालांकि, छात्रों की पढ़ाई का नुकसान न हो, इसके लिए अलग-अलग कक्षाओं को बड़ी राहत और रियायतें भी दी गई हैं।

कक्षा 10वीं के छात्रों की बल्ले-बल्ले, पुराने नियम से ही होगी परीक्षा

इस नए नियम के आने के बाद वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा 10वीं में पढ़ रहे छात्रों ने राहत की सांस ली है। इस बैच को नई भाषा नीति से पूरी तरह बाहर रखा गया है। इन्हें किसी भी तीसरी भाषा को लेने की जरूरत नहीं है, वे अपनी पुरानी व्यवस्था के तहत केवल दो भाषाओं के साथ ही बोर्ड परीक्षा देंगे।

कक्षा 7वीं, 8वीं और 9वीं के छात्रों के लिए इंटरनल असेसमेंटका खेल, नहीं होगी बोर्ड परीक्षा!

सीबीएसई ने साफ किया है कि वर्तमान में कक्षा 7वीं, 8वीं और 9वीं में पढ़ रहे छात्रों को तीसरी भाषा पढ़नी तो होगी, लेकिन जब वे कक्षा 10वीं में पहुंचेंगे, तो उन्हें तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा देने की कोई आवश्यकता नहीं होगी। उनका मूल्यांकन स्कूल स्तर पर केवल ‘इंटरनल असेसमेंट’ (आंतरिक मूल्यांकन) के जरिए किया जाएगा।

कक्षा 9वीं (सत्र 2026-27) के छात्रों के लिए तीन अलग-अलग स्थितियां बनाई गई हैं:

  1. स्थिति 1: यदि छात्र पहले से दो भारतीय भाषाएं (जैसे हिंदी और तमिल) पढ़ रहा है, तो वह तीसरी भाषा के रूप में अंग्रेजी, फ्रेंच या कोई अन्य भारतीय भाषा चुन सकता है।
  2. स्थिति 2: यदि छात्र एक भारतीय और एक विदेशी भाषा (जैसे तमिल और अंग्रेजी) पढ़ रहा है, तो उसे तीसरी भाषा के रूप में एक भारतीय भाषा चुननी होगी।
  3. स्थिति 3: यदि कोई छात्र पहले से दो विदेशी भाषाएं (जैसे अंग्रेजी और फ्रेंच) पढ़ रहा है, तो बोर्ड की विशेष एकमुश्त छूट के तहत वह इन्हें जारी रख सकता है, लेकिन उसे तीसरी भाषा के रूप में एक भारतीय भाषा को अनिवार्य रूप से जोड़ना होगा। यही नियम कक्षा 7वीं और 8वीं के उन छात्रों पर भी लागू होगा जो दो विदेशी भाषाएं पढ़ रहे हैं।

कक्षा 6वीं के छात्रों पर गिरेगा गाज, बोर्ड परीक्षा देना होगा अनिवार्य!

सबसे बड़ा झटका शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा 6वीं में प्रवेश करने वाले और इसके बाद आने वाले सभी नए बैच के छात्रों को लगा है। इन छात्रों के लिए यह नियम पूरी तरह कड़ा और अनिवार्य होगा। इन्हें तीन भाषाएं (दो भारतीय भाषाओं के साथ) पढ़नी ही होंगी, और जब यह बैच आगे चलकर कक्षा 10वीं में पहुंचेगा, तो इन्हें तीसरी भाषा (आर3) की सीबीएसई बोर्ड परीक्षा भी देनी होगी। बोर्ड इसके लिए संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल सभी 22 निर्धारित भारतीय भाषाओं की पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराएगा।

इन छात्रों को मिलेगी महा-छूट

सीबीएसई ने कुछ विशेष श्रेणियों को इस नीति से पूरी तरह मुक्त रखा है:

  • दिव्यांग (सीडब्ल्यूएसएन) छात्रों को आरपीडब्ल्यूडी एक्ट 2016 के तहत आवश्यक राहत मिलेगी।
  • विदेशों में स्थित सीबीएसई स्कूलों के छात्रों और विदेश से भारत लौटने वाले छात्रों को तीसरी भारतीय भाषा पढ़ने से छूट दी जाएगी।
  • यदि किसी छात्र के माता-पिता का दूसरे राज्य में स्थानांतरण (माइग्रेशन) होता है, तो छात्र कक्षा 9वीं में भी अपनी पुरानी भाषा व्यवस्था जारी रख सकेगा।

शिक्षकों की कमी से निपटने के लिए सीबीएसई का हाइब्रिड प्लान

स्कूलों में नए नियम लागू होने के बाद भाषा शिक्षकों की कमी न हो, इसके लिए सीबीएसई ने स्कूलों को लचीला रुख अपनाने की छूट दी है। स्कूल प्रशासन मौजूदा योग्य शिक्षकों के अलावा, रिटायर्ड (सेवानिवृत्त) शिक्षकों, पोस्टग्रेजुएट टीचर्स, ‘सहोदय क्लस्टर्स’ (स्कूलों के आपसी सहयोग समूह) और ऑनलाइन या हाइब्रिड मॉडल के जरिए छात्रों को पढ़ा सकेंगे। सीबीएसई और एनसीईआरटी मिलकर छात्रों के लिए डिजिटल इंडिया स्कीम के तहत ग्रेड-अनुरूप पाठ्यसामग्री समय पर उपलब्ध कराएंगे ताकि रट्टा मारकर सीखने (रोट लर्निंग) की जगह छात्र खुशी-खुशी भाषा सीख सकें।

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बिहार की सड़कों के कायाकल्प की बनी रणनीति: दिल्ली में नितिन गडकरी और सम्राट चौधरी की महाबैठक, सीधे जुड़ेंगे बिहार के गांव-शहर!

नई दिल्ली: बिहार के बुनियादी ढांचे और सड़क नेटवर्क को एक नया और ऐतिहासिक आयाम देने के लिए राजधानी नई दिल्ली में एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मिलने पहुंचा। इस हाई-प्रोफाइल बैठक में बिहार की सड़क कनेक्टिविटी, राष्ट्रीय राजमार्गों (नेशनल हाईवेज) तथा निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित सड़क परियोजनाओं की प्रगति को लेकर बेहद विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य बिहार में चल रहे विकास कार्यों में अभूतपूर्व तेजी लाना और जनसुविधाओं का विस्तार करना है।

इस महामंथन में बिहार के पथ निर्माण मंत्री ई शैलेंद्र और विभाग के कई वरिष्ठ पदाधिकारीगण भी मुख्य रूप से मौजूद रहे। बैठक के दौरान राज्य की वर्तमान में चल रही और भविष्य के लिए प्रस्तावित बड़ी परियोजनाओं की एक-एक कर प्रगति जांची गई। सड़कों के इस जाल को और सशक्त बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर एक ठोस रोडमैप तैयार किया है, जिससे आने वाले समय में बिहार के कोने-कोने तक निर्बाध आवागमन सुनिश्चित किया जा सके।

नई दिल्ली में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (केंद्र में), बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (दाएं) और बिहार के पथ निर्माण मंत्री ई शैलेंद्र (बाएं) बिहार की सड़क अवसंरचना और राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति पर गहन चर्चा करते हुए। बैठक में विभाग के वरिष्ठ पदाधिकारीगण भी उपस्थित हैं।

बैठक के मुख्य बिंदु और बड़े फैसले:

  • बिहार की सड़क अवसंरचना और नेशनल हाईवे नेटवर्क को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अपग्रेड किया जाएगा।
  • निर्माणाधीन परियोजनाओं की समय-सीमा तय कर काम की रफ्तार दोगुनी करने के निर्देश दिए गए।
  • प्रस्तावित नए एक्सप्रेसवे और आर्थिक गलियारों (इकोनॉमिक कॉरिडोर्स) की बाधाओं को तुरंत दूर करने पर सहमति बनी।

बैठक के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क (रोड कनेक्टिविटी) ही विकसित बिहार की सबसे मजबूत आधारशिला है। इसी मजबूत संकल्प के साथ सरकार निरंतर और बिना थके कार्य कर रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नई सड़कों और राजमार्गों के निर्माण से न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि राज्य में उद्योगों, व्यापार और रोजगार के नए अवसरों की बाढ़ आ जाएगी।

पथ निर्माण मंत्री ई शैलेंद्र ने भी इस बैठक को बिहार के लिए गेम चेंजर बताया और कहा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के सहयोग से बिहार की सभी लंबित परियोजनाओं को रिकॉर्ड समय में पूरा किया जाएगा। इस ऐतिहासिक बैठक के बाद यह साफ हो गया है कि आने वाले दिनों में बिहार का सड़क नेटवर्क पूरी तरह से बदलने वाला है, जिससे आम जनता को जाम और खराब रास्तों से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।

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02 जुलाई को खुल रहा है पटना मेट्रो का द्वार! मुख्यमंत्री ने दी तारीख, अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट पर रहने का हुक्म!

बदल जाएगी राजधानी की सूरत: मलाही पकड़ी रूट का होने जा रहा है महा-लोकार्पण, सैटेलाइट टाउनशिप पर भी लग गया मुहर!

पटना, 29 जून 2026

राजधानी पटना के निवासियों के लिए अब तक की सबसे बड़ी  खबर सामने आ रही है! पटना की सूरत अब पूरी तरह से बदलने वाली है। आगामी 02 जुलाई 2026 को पटना मेट्रो रेल परियोजना के विस्तारित खंड का भव्य लोकार्पण होने जा रहा है, जिससे शहर के यातायात में एक अभूतपूर्व क्रांति आएगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी खुद इस तैयार हुए मलाही पकड़ी तक के मेट्रो रेल खंड का उद्घाटन करेंगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को युद्ध स्तर पर काम पूरा करने का अल्टीमेटम दे दिया है।

समीक्षा बैठक के दौरान बड़ी स्क्रीन पर प्रदर्शित पटना मेट्रो रेल परियोजना का विस्तृत रूट मैप, जिसमें कॉरिडोर-1 और कॉरिडोर-2 के प्रस्तावित स्टेशनों और रूट की पूरी रूपरेखा दिखाई गई है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में पटना मेट्रो रेल परियोजना की प्रगति की एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक की। इस बैठक में मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि पटना मेट्रो शहर की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और बेहद सुविधाजनक बनाने वाली एक गेम-चेंजर परियोजना है, इसलिए इसके काम में किसी भी तरह की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जाम से मिलेगी मुक्ति, वैज्ञानिक ट्रैफिक प्लान तैयार करने का सख्त आदेश

मेट्रो निर्माण के दौरान पटना की सड़कों पर लगने वाले महाजाम को लेकर मुख्यमंत्री बेहद गंभीर दिखे। उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि निर्माण कार्य के दौरान आम जनता को कम से कम परेशानी होनी चाहिए। इसके लिए पूरे पटना शहर की यातायात व्यवस्था का वैज्ञानिक और व्यापक अध्ययन कर एक समग्र ‘ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान’ लागू करने का आदेश दिया गया है, ताकि जाम की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सके।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ‘संकल्प’ सभागार में नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पटना मेट्रो और सैटेलाइट टाउनशिप के मास्टर प्लान की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए।

क्वालिटी से कोई समझौता नहीं, समानांतर रूप से तेज होगा काम

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ तौर पर कहा कि मेट्रो निर्माण की गुणवत्ता (क्वालिटी) से किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिया कि परियोजना के अलग-अलग साइट्स पर एक साथ समानांतर रूप से काम की रफ्तार बढ़ाई जाए, ताकि तय समयसीमा के भीतर ही हर चरण का काम पूरा हो सके।

सज-धजकर तैयार हो रही है  पटना मेट्रो रेल और मलाही पकड़ी स्टेशन का शानदार नजारा, जिसका लोकार्पण 02 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री द्वारा किया जाएगा।

सैटेलाइट टाउनशिप को लेकर भी हुआ बड़ा फैसला

इस बैठक में केवल मेट्रो ही नहीं, बल्कि पटना के भविष्य को लेकर एक और बहुत बड़ा फैसला हुआ। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के प्रस्तावित सैटेलाइट टाउनशिप के मास्टर प्लान को भी निर्धारित समयसीमा के भीतर तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राजधानी के सुनियोजित विस्तार और भविष्य की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए सैटेलाइट टाउनशिप का समयबद्ध विकास बेहद जरूरी है।

बैठक में मौजूद रहे ये तमाम अधिकारी और नेता

इस अति-महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह शामिल थे। इसके अलावा पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संदीप कुमार आर पुडुकलकट्टी, भवन निर्माण विभाग के सचिव प्रणव कुमार, पटना प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक जितेन्द्र राणा, जिलाधिकारी कुंदन कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के शर्मा सहित पटना मेट्रो रेल परियोजना के कई अन्य सीनियर अधिकारी भी मौजूद रहे।

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ऋण डकार कर बैठे सकरा के 40 दबंगों को खुली चुनौती: प्रगति सहकारी समिति का अल्टीमेटम-15 दिनों में चुकाएं कर्ज या भुगतें मुकदमा!

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30 हजार से ऊपर वाले कर्जदारों के नाम उजागर, समिति ने जारी की बकायेदारों की ‘ब्लैक लिस्ट!

सकरा (मुजफ्फरपुर)। प्रगति स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड, नीमतल्ला रोड, सकरा के 26वें स्थापना दिवस के अवसर पर एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस प्रेस वार्ता में संस्था के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने कुछ बेहद कड़े और चौंकाने वाले फैसलों की घोषणा की है। पिछले 26 वर्षों से क्षेत्र के पशुपालकों, किसानों और छोटे उत्पादकों के बीच मसाले, अगरबत्ती, शहद जैसे उत्पादों के उत्पादन और मार्केटिंग के जरिए बड़े पैमाने पर रोजगार देने वाली इस समिति को अब कुछ हठी और दबंग प्रवृत्ति के सदस्यों के कारण भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने सीधे तौर पर चेतावनी देते हुए कहा कि समिति के कुछ हठी और दबंग प्रवृत्ति के सदस्यों द्वारा ऋण राशि वापस करने में लगातार आनाकानी की जा रही है। बार-बार सूचना देने के बावजूद ये बकायेदार अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहे हैं। इस हठधर्मिता के कारण समिति के नए और पुराने ईमानदार सदस्यों को वित्तीय सेवाएं प्रदान करने में भारी रुकावट आ रही है। संस्था के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने  प्रेस वार्ता  के दौरान  साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि कर्ज डकार कर बैठे इन बकायेदारों के खिलाफ अब नरमी नहीं, बल्कि सीधे तौर पर आपराधिक मुकदमा दर्ज कराकर कानूनी हंटर चलाया जाएगा।

प्रगति स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड के नीमतल्ला रोड, सकरा (मुजफ्फरपुर) कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान 31 मई 2026 तक के बड़े ऋण डिफाल्टरों की सूची को मीडिया के सामने जारी करते संस्था के अध्यक्ष राजीव गुप्ता (मध्य में), निदेशक संजय चौधरी (बाएं) और निदेशक जितेंद्र प्रसाद सिंह (दाएं)।

दबंगई और हठधर्मिता के कारण नए सदस्यों की सेवाएं ठप, संस्था का फूटा गुस्सा

 ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाली सहकारी समितियां पूरी तरह से आपसी सहयोग और समय पर ऋण की वापसी (रोटेशन) पर टिकी होती हैं। वहीं समिति द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इन डिफाल्टरों को पूर्व में वकालतन नोटिस (लीगल नोटिस) भी भेजा जा चुका है, लेकिन दबंगई के नशे में चूर इन बकायेदारों ने समिति की कानूनी चेतावनियों को भी पूरी तरह ठेंगा दिखा दिया। इस वित्तीय संकट का सीधा असर समिति से जुड़ने वाले नए और गरीब किसानों पर पड़ रहा है, क्योंकि पूंजी ब्लॉक होने के कारण समिति नए सदस्यों को समय पर लोन और अन्य जरूरी वित्तीय सेवाएं प्रदान नहीं कर पा रही है।

प्रेस वार्ता के दौरान 31 मई 2026 तक के बड़े ऋण डिफाल्टरों की सूची

70 डिफाल्टरों की सूची तैयार, अंतिम 15 दिनों का अल्टीमेटम:  प्रेस वार्ता के दौरान संस्था के अध्यक्ष ने बताया कि समिति ने अब तक कुल 70 ऐसे सदस्यों को चिन्हित किया है जो पूरी तरह डिफाल्टर हो चुके हैं। इन सभी को वकालतन नोटिस भी भेजा जा चुका है। समिति ने 31 मई 2026 तक सूद समेत 30,000 (तीस हजार) रुपये से ज्यादा का बकाया रखने वाले सकरा ,बरियारपुर, और पातेपुर थाना क्षेत्र के प्रमुख बकायेदारों (70 में से 40 डिफाल्टरों) की एक विस्तृत सूची सार्वजनिक की है।

01 जुलाई से 15 जुलाई 2026 के बीच ऋण वसूली का विशेष अभियान:  अध्यक्ष ने दो टूक शब्दों में कहा कि 01 जुलाई से 15 जुलाई 2026 के बीच ऋण वसूली का एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। यदि इन 15 दिनों के भीतर ये डिफाल्टर सदस्य आकर अपना भुगतान नहीं करते हैं या आंशिक राशि भी जमा नहीं करते हैं, तो उनके विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत सीधे आपराधिक मुकदमा दर्ज कराया जाएगा, जिसके बाद उनकी मुश्किलें बेहद बढ़ सकती हैं।

पारदर्शी, डिजिटल और आधुनिक बनाने के लिए जल्द ही सॉफ्टवेयर अपडेशन का काम:  प्रगति स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड अपने कामकाज को और अधिक पारदर्शी, डिजिटल और आधुनिक बनाने के लिए जल्द ही सॉफ्टवेयर अपडेशन का काम कराने जा रही है। इस नए तकनीकी बदलाव के बाद समिति के सभी पुराने ग्राहकों और ऋणियों के खातों को उनके आधार नंबर से लिंक (अपडेट) करना पूरी तरह से अनिवार्य हो जाएगा। खातों के इस प्रमाणीकरण और डिजिटलीकरण का सीधा असर ऋणियों के सिबिल स्कोर (क्रेडिट स्कोर) पर दिखेगा। जो सदस्य समय पर अपने ऋण की किस्तों का भुगतान करेंगे, उनका सिबिल स्कोर मजबूत होगा जिससे उन्हें भविष्य में अन्य वित्तीय संस्थानों और बैंकों से भी आसानी से लोन मिल सकेगा। इसके विपरीत, जानबूझकर ऋण दबाकर बैठने वाले डिफाल्टर सदस्यों की वित्तीय लापरवाही सीधे उनके सिबिल ट्रैक रिकॉर्ड में दर्ज हो जाएगी, जिससे उनका सिबिल स्कोर खराब होगा और भविष्य में उनके लिए किसी भी बैंक या वित्तीय संस्था से ऋण या वित्तीय लाभ पाना बेहद मुश्किल हो जाएगा।

प्रेस वार्ता के दौरान 31 मई 2026 तक के बड़े ऋण डिफाल्टरों की सूची

स्थापना दिवस पर बकायेदारों को ब्याज में भारी छूट का मौका:  समिति ने अपने 26 वर्ष पूरे होने और 27वें वर्ष में प्रवेश करने के उपलक्ष्य में ऋणियों को एक अंतिम सुनहरा मौका भी दिया है। यदि बकायेदार सदस्य 1 जुलाई से 15 जुलाई 2026 के बीच आकर संस्था से संपर्क करते हैं, तो समिति के निर्णय के अनुसार उन्हें ब्याज राशि में अधिकतम छूट प्रदान की जाएगी।

ऋण निपटाने के लिए इन पदाधिकारियों से करें संपर्क:  ऋण वसूली अभियान के तहत किसी भी प्रकार की जानकारी, पेंडिंग राशि का पता लगाने या भुगतान के लिए सदस्य सीधे इन स्थानों और पदाधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं:

  1. प्रगति का निबंधित कार्यालय, नीमतल्ला रोड, सकरा
  2. नीमतल्ला चौक पर संस्था के निदेशक संजय चौधरी
  3. सकरा नया हाट के पास संस्था के निदेशक जितेंद्र कुमार
  4. प्रगति मोड़ मझौलिया स्थित ‘बेब वर्ल्ड स्कूल’ में संस्था के अध्यक्ष राजीव गुप्ता से संपर्क किया जा सकता है।

इसके अलावा, सदस्य अपनी लंबित राशि और ब्याज की सटीक गणना की जानकारी के लिए समिति के आधिकारिक मोबाइल नंबर पर कभी भी फोन कर सकते हैं।प्रेस वार्ता के दौरान मुख्य रूप से संस्था के अध्यक्ष राजीव गुप्ता, निदेशक संजय चौधरी और निदेशक जितेंद्र प्रसाद सिंह मौजूद रहे।

प्रमुख बकायेदारों की सूची (31 मई 2026 तक की स्थिति):

समिति द्वारा जारी सूची के अनुसार, यह वो बकायेदार हैं जिनके ऊपर 31 मई 2026 तक सूद समेत 30 हजार रुपये से अधिक का ऋण बकाया है:

क्रम संख्याऋणी का नाम एवं पताऋण का कारणऋण की राशिकुल बकाया राशि (सूद सहित)
01अब्दुल खलिक, पिता- अब्दुल कयूम, ग्राम- पहाड़पुर, पोस्ट- डिहुलीलड़की की शादी60,000.001,97,732.00
02मो. एजाज, पिता- मो. मोती, ग्राम- पहाड़पुर, पोस्ट- डिहुली, थाना- सकरामोटरसाइकिल खरीद43,000.001,16,333.00
03जितेंद्र कुमार राय, पिता- चंडेश्वर राय, ग्राम+पोस्ट- डिहुली, थाना- सकरामोटरसाइकिल खरीद43,000.0072,030.00
04कमलेश राय, पिता- जगदीश राय, ग्राम- पिपड़ी, पोस्ट- डिहुली, थाना- सकराव्यवसाय60,000.002,39,296.00
05मो. आरिफ, पिता- अब्दुल हकीम, ग्राम- मिश्रोलिया, पोस्ट- चंदनपट्टीमोटरसाइकिल खरीद34,000.0044,760.00
06धर्मेंद्र कुमार, पिता- रामललित राय, ग्राम+पोस्ट- केशोपुर, थाना- सकरामोटरसाइकिल खरीद46,000.001,34,380.00
07दिल मोहम्मद, पिता- अब्दुल रहमान, ग्राम- सिमरा, पोस्ट- केशोपुरमोटरसाइकिल खरीद42,000.0086,988.00
08राम जीवन राय, पिता- मुकुटधारी राय, ग्राम- मिश्रोलिया, पोस्ट- चंदनपट्टीघर की मरम्मत20,000.0081,037.00
09आफताब आलम, पिता- मो. यूसुफ, ग्राम+पोस्ट- चंदनपट्टी, थाना- सकराव्यवसाय20,000.0025,046.00
10उमा शंकर प्रसाद, पिता- राजेन्द्र प्रसाद, ग्राम+पोस्ट- केशोपुरव्यवसाय40,000.0099,450.00
11बिनदेश्वर प्रसाद, पिता- रामजीवन सिंह, ग्राम+पोस्ट- गन्नीपुर बेझा, थाना- सकरामोटरसाइकिल खरीद36,000.001,10,339.00
12अवधेश कुमार, पिता- रामविनोड सिंह, ग्राम+पोस्ट- गन्नीपुर बेझा, थाना- सकरामोटरसाइकिल खरीद47,000.0045,116.00
13बीरेंद्र कुमार, पिता- सत्यनारायण, ग्राम- सकरा वाजिद, पोस्ट- ढोलीमोटरसाइकिल खरीद45,000.001,03,810.00
14अनिल कुमार, पिता- आनंद लाल साह, ग्राम- जहांगीरपुर चौक, पोस्ट- टीसीए ढोली, थाना- सकरामोटरसाइकिल खरीद45,000.001,62,480.00
15प्रमोद कुमार, पिता- लक्ष्मण महतो, ग्राम- पोस्ट- मझौलिया, थाना- सकराव्यवसाय20,000.0044,136.00
16रघुनाथ प्रसाद, पिता- देवीलाल सिंह, ग्राम+पोस्ट- सरमस्तपुर, थाना- सकराव्यवसाय1,00000.002,38,200.00
17रामनाथ साह, पिता- दयाली साह, ग्राम+पोस्ट- सरमस्तपुर, थाना- सकराव्यवसाय30,000.0078,082.00
18परशुराम कुमार, पिता- रामसिंहासन साह, ग्राम- जहांगीरपुर, पोस्ट- T.C.A ढोलीव्यवसाय50,000.001,26,350.00
19संजय कुमार झा, पिता- मुकेश झा, ग्राम+पोस्ट- पिलखी, थाना- सकराव्यवसाय35,000.0093,120.00
20अरुण कुमार, पिता- अमीरलाल राय, ग्राम- इटहा, पोस्ट- T.C.A ढोलीव्यवसाय50,000.001,55,075.00
21रवींद्र कुमार, पिता- रामजी प्रसाद, ग्राम- अगैल खुर्द, पोस्ट- चम्पापुर, वैशालीमोटरसाइकिल खरीद47,000.001,00,600.00
22देवव्रत आनंद, पिता- उमेश प्रसाद, ग्राम- बाजी बजरिया, पोस्ट- सुंदरपुरमोटरसाइकिल खरीद43,000.002,30,901.00
23मनीष कुमार, पिता- राजकुमार साह, ग्राम- बजरिया, पोस्ट- सुंदरपुरमोटरसाइकिल खरीद53,000.001,83,960.00
24राजुराम, पिता- रामसागर राम, ग्राम- बाजी बुजुर्ग, पोस्ट- सुंदरपुरमोटरसाइकिल खरीद45,000.001,36,852.00
25विनोद चौधरी, पिता- राजेश्वर चौधरी, ग्राम- बजरिया, पोस्ट- सुंदरपुरमोटरसाइकिल खरीद45,000.001,27,920.00
26सुरेश राय, पिता- देवनारायण राय, ग्राम- मनोहर पट्टी, पोस्ट- मछहीमोटरसाइकिल खरीद40,000.0057,716.00
27मो. उस्मान, पिता- मो. हबीब, ग्राम- बुजुर्ग सतपुरा, पोस्ट- चंदन पट्टीव्यवसाय1,00000.001,96,032.00
28श्यामजी कुमार, पिता- बालदेव यादव, ग्राम+पोस्ट- सुंदरपुरव्यवसाय80,000.002,28,235.00
29ध्रुव कुमार शर्मा, पिता- वीरेंद्र शर्मा, ग्राम+पोस्ट- राजापाकरव्यवसाय50,000.001,71,300.00
30आमोद झा, पिता- सत्येन्द्र झा, ग्राम- बाजी बुजुर्ग, पोस्ट- सुंदरपुरव्यवसाय25,000.0067,792.00
31संजय कुमार, पिता- सोनेलाल प्रसाद, ग्राम+पोस्ट- सरमस्तपुर, सकराव्यवसाय30,000.0089,783.00
32वीणा कुमारी भारती, पति- कमलेश कुमार, ग्राम- मझौलिया, सकराव्यवसाय1,00000.001,45,118.00
33भोला राय, पिता- हरिचन्द्र राय, ग्राम+पोस्ट- बरियारपुरव्यवसाय1,80,000.003,79,860.00
34आनंद कुमार, पिता- शत्रुधन चौ., ग्राम- सकरा फरीदपुर, पोस्ट- ढोलीव्यवसाय80,000.001,62,962.00
35अमित कुमार, पिता- बलिरााम सिंह, ग्राम- पो.- शेखपुर, मुजफ्फरपुर, जीरो माइलमोटरसाइकिल खरीद46,000.0091,010.00
36सुबोध कुमार, पिता- बैधनाथ प्रसाद, ग्राम- नाजीपुर, पोस्ट- गोलारोड, मुजफ्फरपुरमोटरसाइकिल खरीद48,000.002,27,846.00
37चंद्र भूषण भर्ती, पिता- मुनेश्वर राय, ग्राम+पोस्ट- बरियारपुरमोटरसाइकिल खरीद66,000.002,96,928.00
38चंदन भारती, पिता- भुवनेश्वर राय, ग्राम+पोस्ट- बरियारपुरमोटरसाइकिल खरीद45,000.001,95,036.00
39मणिभूषण पटेल, पिता- धनेश्वर पटेल, ग्राम- मधुसूदन पुर, पो.- दुबहाव्यवसाय11,000.0049,500.00
40शंकर कुमार, पिता- मोहन प्रसाद, ग्राम- सिमर, पोस्ट- केशोपुर, थाना- सकराव्यवसाय20,000.0036,893.00

(नोट: समिति के अनुसार यह सूची 31मई 2026 तक की स्थिति के आधार पर तैयार की गई है, जिसमें कुल 40बकायेदार शामिल हैं। शेष नाम भी संस्था के निबंधित कार्यालय के सूचना पट पर देखे जा सकते हैं।)

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मनोरोग विभाग के डॉक्टर नरेंद्र प्रताप सिंह पर गिरी गाज, बेतिया तबादला; व्हाट्सएप पर छुट्टी की सूचना देने के खेल का पर्दाफाश!

जांच में सरकारी गाड़ी निजी क्लिनिक के बाहर खड़ी, छद्म मरीज भेजकर स्वास्थ्य विभाग ने पकड़ा रंगे हाथ!

पटना, 27 जून 2026 स्वास्थ्य विभाग ने 26 जून 2026 को डॉक्टर नरेंद्र प्रताप सिंह द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिए गए बयानों की धज्जियां उड़ाते हुए एक विस्तृत और बेहद चौंकाने वाला तथ्यात्मक प्रतिवेदन जारी किया है। इस सरकारी रिपोर्ट ने पूरे चिकित्सा जगत में खलबली मचा दी है। विभाग ने डॉक्टर नरेंद्र प्रताप सिंह के झूठ का पर्दाफाश करते हुए बताया है कि किस तरह कर्तव्यहीनता, लापरवाही और सरकारी संसाधनों का खुला दुरुपयोग किया जा रहा था।

अधीक्षक के फोन को किया नजरअंदाज, मंत्री के स्वागत की थी पूरी जानकारी प्रतिवेदन के अनुसार, डॉक्टर नरेंद्र प्रताप सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि 23 जून 2026 को माननीय स्वास्थ्य मंत्री के पटना चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, पटना में निर्धारित कार्यक्रम की उन्हें कोई पूर्व सूचना नहीं थी। लेकिन जांच में यह दावा पूरी तरह झूठा निकला। रिकॉर्ड के मुताबिक, पटना चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के अधीक्षक द्वारा 22 जून 2026 को लगभग 07:00 बजे अपराह्न में ही डॉक्टर नरेंद्र प्रताप सिंह को मोबाइल पर बातचीत कर इस कार्यक्रम की पूरी सूचना दे दी गई थी। इतना ही नहीं, मोबाइल पर बातचीत के दौरान यह भी तय हुआ था कि माननीय स्वास्थ्य मंत्री का स्वागत अधीक्षक करेंगे और धन्यवाद ज्ञापन प्राचार्य द्वारा किया जाएगा, जिस पर प्राचार्य ने अपनी सहमति भी दी थी।

व्हाट्सएप पर छुट्टी का बहाना, मीडिया के डर से भेजी सूचना! विभाग ने स्पष्ट किया है कि डॉक्टर नरेंद्र प्रताप सिंह के पुत्र द्वारा विभागीय सचिव, अधीक्षक एवं अन्य पदाधिकारियों को व्हाट्सएप पर सूचना दी गई थी। लेकिन जलने से संबंधित सूचना कार्यक्रम समाप्त होने के कई घंटों बाद दी गई, जिससे साफ है कि मीडिया में खबर आने के बाद केवल अपने बचाव के लिए व्हाट्सएप पर यह सूचना सभी को दी गई थी।

सरकारी गाड़ी के साथ निजी क्लिनिक में चल रहा था मरीजों का धंधा! सबसे बड़ा और सनसनीखेज खुलासा डॉक्टर नरेंद्र प्रताप सिंह की अनुपस्थिति और उनके निजी क्लिनिक को लेकर हुआ है। कार्यालय अवधि के दौरान उनके गायब रहने की गोपनीय सूचना मिलने पर प्रशासन ने एक जाल बिछाया। विभाग और जिला पदाधिकारी, पटना के स्तर से छद्म मरीज (फर्जी मरीज) बनाकर डॉक्टर नरेंद्र प्रताप सिंह के निजी क्लिनिक में भेजा गया। जब जांच टीम वहां पहुंची, तो नजारा देखकर दंग रह गई। पटना चिकित्सा महाविद्यालय, पटना की सरकारी वाहन डॉक्टर नरेंद्र प्रताप सिंह के निजी क्लिनिक के बाहर खड़ी तमाशा देख रही थी। क्लिनिक से बाहर निकल रहे मरीजों ने पुष्टि की कि वे अभी-अभी डॉक्टर नरेंद्र प्रताप सिंह से इलाज कराकर बाहर आए हैं।

कंपाउंडर ने खोला समय का राज वहीं दूसरी ओर, डॉक्टर नरेंद्र प्रताप सिंह का दावा था कि वे जल गए थे और मोबाइल पर बातचीत करने में असमर्थ थे। लेकिन जब जांच टीम क्लिनिक के अंदर दाखिल हुई, तो वहां उपस्थित कंपाउंडर ने डॉक्टर नरेंद्र प्रताप सिंह के क्लिनिक का पूरा समय सारणी ही खोलकर रख दिया। कंपाउंडर ने बताया कि डॉक्टर नरेंद्र प्रताप सिंह शाम को 07:00 बजे से मरीज देखेंगे। यदि किसी मरीज को अगले दिन दिखाना हो, तो सुबह 09:00 बजे से 10:00 बजे, दोपहर में 02:00 बजे से 03:00 बजे एवं शाम को 07:00 बजे से 09:00 बजे तक का समय तय था। इससे साफ हो गया कि डॉक्टर नरेंद्र प्रताप सिंह सरकारी ड्यूटी के घंटों में भी अपने निजी क्लिनिक में मरीजों को देखने का काम धड़ल्ले से करते हैं।

गठन हुई उच्चस्तरीय जांच कमेटी, अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं प्रथम दृष्टया अपने कार्यों के प्रति घोर लापरवाही, कर्तव्यहीनता, सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग और अनाधिकृत रूप से गायब रहने का दोषी पाते हुए डॉक्टर नरेंद्र प्रताप सिंह को प्राचार्य के पद के अतिरिक्त प्रभार से तत्काल मुक्त कर दिया गया है। उन्हें प्राध्यापक, मनोरोग विभाग, राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, बेतिया में पदस्थापित किया गया है। विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि अपनी अनाधिकृत अनुपस्थिति के संबंध में विभाग को कोई स्पष्टीकरण या अभ्यावेदन देने के बजाय सीधे प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करना बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली के प्रावधानों के पूरी तरह प्रतिकूल है। अब इस पूरे मामले में सक्षम प्राधिकार के अनुमोदन से एक उच्चस्तरीय जांच कमेटी का गठन कर दिया गया है, जो डॉक्टर नरेंद्र प्रताप सिंह का पक्ष प्राप्त करते हुए विहित प्रक्रिया के तहत आगे की सख्त कार्रवाई करेगी।

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