पटना, 9 जुलाई 2026: बिहार के करोड़ों परिवारों के लिए आज का दिन ऐतिहासिक सौगात लेकर आया है। राज्य सरकार ने सूबे के गरीब और जरूरतमंद परिवारों के हक में अब तक का सबसे बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज राजधानी पटना के लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में एक हाई-प्रोफाइल बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्य में रिकॉर्ड 1 करोड़ नए राशन कार्ड बनाने का सख्त निर्देश जारी कर दिया है। इस महाबैठक में केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी भी विशेष रूप से मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने मिलकर राज्य की सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और हाईटेक बनाने का ब्लूप्रिंट तैयार किया है।

बैठक में केंद्र और राज्य सरकार के बीच खाद्य सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दो टूक शब्दों में अधिकारियों से कहा कि 1 करोड़ नए राशन कार्ड बनाने के इस विशाल लक्ष्य को हर हाल में जल्द से जल्द हासिल किया जाए। उन्होंने साफ किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘गरीब कल्याण विद डिग्निटी’ यानी सम्मान के साथ गरीब कल्याण के संकल्प को धरातल पर उतारना राज्य सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता है। अब किसी भी पात्र लाभार्थी को अनाज के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा और उन्हें बिना किसी रुकावट के पूरी इज्जत के साथ खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाएगा।
समीक्षा बैठक के मुख्य और बड़े फैसले:
- 1 करोड़ नए राशन कार्ड: पात्र परिवारों को तुरंत राशन व्यवस्था से जोड़ने के लिए युद्ध स्तर पर काम शुरू करने का आदेश।
- स्मार्ट वेयरहाउसिंग: खाद्यान्न भंडारण को पूरी तरह आधुनिक और सुरक्षित बनाने के लिए स्मार्ट वेयरहाउस विकसित किए जाएंगे।
- गोदामों में बिजली: राज्य के सभी खाद्यान्न गोदामों में चौबीस घंटे विद्युत आपूर्ति और बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने का कड़ा निर्देश।
- सटीक डेटाबेस: योजनाओं में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए सभी लाभार्थियों का बिल्कुल सटीक और अद्यतन डिजिटल डेटाबेस तैयार होगा।
- सार्थक पीडीएस मॉडल: तकनीकी संरचना और बेहतर लागत साझेदारी के साथ नया ‘सार्थक पीडीएस’ मॉडल लागू होगा।
बैठक के दौरान बिहार में चल रही ऑनलाइन सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के शानदार प्रदर्शन की जमकर सराहना की गई। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बिहार के इस बेहतर प्रदर्शन को सराहा और राज्य की तरक्की के लिए केंद्र सरकार की तरफ से हर संभव सहयोग देने का बड़ा भरोसा दिया। इस पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने केंद्रीय मंत्री का आभार भी जताया। बैठक में अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी गई कि राशन वितरण व्यवस्था की रोजाना और प्रभावी मॉनिटरिंग की जाए, ताकि भ्रष्टाचार की गुंजाइश पूरी तरह खत्म हो सके।

इस महाबैठक में विभागों के शीर्ष अधिकारी भी पूरी तैयारी के साथ मौजूद रहे। केंद्र सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के संयुक्त सचिव रविशंकर और बिहार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव दीपक आनंद ने डिजिटल प्रस्तुतीकरण के जरिए विभाग के कामकाज और फंड रिलीज की ताजा वित्तीय स्थिति की पूरी जानकारी दी। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे केंद्र से मिलने वाले सुझावों पर तालमेल बिठाकर तेजी से काम पूरा करें।
इस महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक बैठक में बिहार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह और मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह सहित खाद्य सुरक्षा विभाग के कई अन्य वरिष्ठ और आला अधिकारी उपस्थित रहे। सरकार के इस बड़े कदम से अब बिचौलियों का राज पूरी तरह खत्म होने की उम्मीद है।
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