बिहार में हिंदी का डंका! मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का ऐलान- सूबे में जल्द होगा भव्य दो दिवसीय ‘साहित्य समागम’

पटना, 14 सितंबर 2026: राजधानी पटना में हिंदी दिवस के मौके पर आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक ऐसा ऐलान कर दिया है, जिससे राजनीतिक और साहित्यिक गलियारों में हलचल मच गई है। नेहरू पथ स्थित बिहार राज्य अभिलेख भवन सभागार में मंत्रिमंडल सचिवालय (राजभाषा) विभाग द्वारा आयोजित ‘हिंदी दिवस समारोह-सह-कवि सम्मेलन’ का दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने दो दिवसीय ‘हिंदी साहित्य समागम’ आयोजित करने का बड़ा निर्देश जारी कर दिया है। इस मेगा इवेंट में देश भर के दिग्गज साहित्यकार, रचनाकार, कवि और विद्वान शिरकत करेंगे।

 नेहरू पथ स्थित बिहार राज्य अभिलेख भवन सभागार में आधिकारिक ‘राजभाषा पत्रिका’ का लोकार्पण करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और मंच पर मौजूद अन्य गणमान्य अधिकारी एवं अतिथिगण।

दुनिया की तीसरी सबसे ताकतवर भाषा है हिंदी

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने पूरी आक्रामकता और गर्व के साथ कहा कि हिंदी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी अस्मिता, संस्कृति और सभ्यता की रूह है। उन्होंने दुनिया के ग्लोबल मंचों पर हिंदी के बढ़ते प्रभाव का जिक्र करते हुए हुए कहा कि दुनिया में सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषाओं में हिंदी का स्थान बेहद महत्वपूर्ण है और यह विश्व की तीसरी सबसे बड़ी प्रयोग की जाने वाली भाषा बन चुकी है।

बिहार की साहित्यिक धरती को नमन करते हुए उन्होंने विद्यापति, राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ और जनकवि नागार्जुन जैसे महान हुजूमों की रचनाओं को याद किया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा संयुक्त राष्ट्र संघ के मंच से हिंदी में किए गए ऐतिहासिक संबोधन को गौरवपूर्ण उपलब्धि करार दिया। साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ब्रिक्स सम्मेलन जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हिंदी में देश का पक्ष मजबूती से रखने पर उनके प्रति आभार प्रकट किया।

बाढ़ के मोर्चे पर बड़ा एक्शन, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान आएंगे बिहार

एक तरफ जहां साहित्यिक उत्सव का माहौल था, वहीं मुख्यमंत्री ने बिहार की सबसे बड़ी त्रासदी यानी बाढ़ की समस्या पर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिक्स जैसे अति व्यस्त अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में व्यस्त रहने के बावजूद बिहार की बाढ़ स्थिति को लेकर पूरी तरह संवेदनशील रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने खुलासा करते हुए बताया कि केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में एक हाई-लेवल केंद्रीय टीम जल्द ही बिहार का दौरा करेगी और राज्य में बाढ़ से मची तबाही एवं क्षति का ग्राउंड ज़ीरो पर आकलन करेगी। नदियों के संरक्षण और वाटर मैनेजमेंट पर जोर देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार अब बाढ़ नियंत्रण के लिए एक दीर्घकालिक और परमानेंट समाधान की दिशा में तेजी से काम कर रही है ताकि जन-धन के नुकसान को रोका जा सके।

भव्य समारोह में इन दिग्गजों की रही मौजूदगी

कार्यक्रम के दौरान मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को हरित पौधा, अंगवस्त्र और दो चर्चित पुस्तकें – ‘मैला आंचल’ तथा ‘दिनकर की डायरी’ भेंटकर उनका पारंपरिक स्वागत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने मंच से आधिकारिक ‘राजभाषा पत्रिका’ का लोकार्पण भी किया।

इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव और अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने भी संबोधित किया। समारोह में पूर्व विधान पार्षद प्रेम कुमार मणि, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, राजभाषा निदेशालय के निदेशक एस.एम. परवेज आलम सहित कई वरीय अधिकारी, देश के नामचीन विद्वान, कवि, साहित्यकार, गणमान्य लोग और छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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