मंत्री रमा निषाद का ऐतिहासिक ऐलान: आईआईटी के सहयोग से बेटियां बनेंगी डेटा साइंटिस्ट, 17वीं बीपीएससी में 101 युवाओं ने मारी बाजी, अब अनुमंडल स्तर पर खुलेंगे हाईटेक आवासीय विद्यालय
पटना, 8 जुलाई। सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग के संवाद कक्ष में आयोजित एक हाई-प्रोफाइल प्रेस कॉन्फ्रेंस में पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की मंत्री रमा निषाद ने सरकार के संकल्पों का सबसे बड़ा खाका देश के सामने रख दिया है। मंत्री रमा निषाद की अध्यक्षता में आयोजित इस विशेष बैठक में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, उनके प्रभावी क्रियान्वयन तथा अब तक की ऐतिहासिक उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी साझा की गई। मंत्री ने दोटूक शब्दों में कहा कि हमारी सरकार पिछड़े और अति पिछड़े वर्गों के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह कृतसंकल्पित है। विशेषकर इन वर्गों के छात्र-छात्राओं को शिक्षा के शिखर पर पहुंचाना ही सरकार का मुख्य लक्ष्य है।

मंत्री रमा निषाद ने बताया कि वर्तमान में सूबे के 38 जिलों में 39 छात्रावास और कन्या आवासीय प्लस टू विद्यालय सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। इन छात्राओं को आधुनिक तकनीक की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए इन सभी विद्यालयों को सीधे आईआईटी मद्रास के ‘स्कूल कनेक्ट प्रोग्राम’ से जोड़ दिया गया है। इसके जरिए हमारे ग्रामीण परिवेश की बेटियां अब डेटा साइंस एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे भविष्य के कोर्सेज में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं और अपने उज्ज्वल भविष्य की ओर कदम बढ़ा रही हैं। इतना ही नहीं, आईआईटी कानपुर के ‘साथी प्रोग्राम’ की मदद से कक्षा 9 से 12 तक की छात्राओं को जेईई, नीट सहित देश की तमाम बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बिल्कुल मुफ्त कोचिंग दी जा रही है।
शिक्षा के क्षेत्र की चर्चा करते हुए मंत्री ने कहा कि राज्य के 38 जिलों में 100 आसन क्षमता वाले जननायक कर्पूरी ठाकुर छात्रावास संचालित हैं, जहां रहकर बच्चे उच्च शिक्षा पा रहे हैं। इसके साथ ही सरकार द्वारा संचालित प्राक् परीक्षा प्रशिक्षण योजना के तहत संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) नई दिल्ली और बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) पटना द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षाओं के साथ-साथ एसएससी, बैंकिंग, रेलवे तथा पुलिस भर्ती परीक्षाओं की निशुल्क तैयारी कराई जा रही है। इन होनहार बच्चों को पढ़ाई-लिखाई की सामग्री के लिए सरकार द्वारा एकमुश्त 3,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी सीधे बैंक खातों में भेजी जाती है।
मंत्री रमा निषाद ने 17वीं बीपीएससी के फाइनल रिजल्ट के आंकड़े जारी करते हुए बताया कि सरकार की प्रारंभिक प्रोत्साहन योजना का लाभ लेकर इस बार अत्यंत पिछड़े वर्ग के कुल 101 अभ्यर्थियों ने फाइनल रिजल्ट में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। उल्लेखनीय है कि इस योजना के तहत बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्रों को 50,000 रुपये और यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाली छात्राओं को 1,00,000 रुपये की एकमुश्त वित्तीय सहायता दी जाती है।

अभिभावकों की आय सीमा दोगुनी, वित्तीय वर्ष 2025-26 में 57,16,599 बच्चों को लाभ मंत्री रमा निषाद ने बताया कि पूर्व में इन वर्गों के छात्र-छात्राओं के अभिभावकों की वार्षिक आय सीमा केवल 1.5 लाख रुपये निर्धारित थी, जिसे हमारी सरकार ने बढ़ाकर अब सीधे 3 लाख रुपये कर दिया है ताकि गरीब से गरीब परिवार के बच्चों का भी बड़े और प्रतिष्ठित संस्थानों में आसानी से नामांकन हो सके। सरकार की प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक योजना के तहत कक्षा 1 से 10 तक के छात्र-छात्राओं को तय दर पर छात्रवृत्ति दी जा रही है। इसके तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 57,16,599 छात्र-छात्राओं को लाभान्वित कर सरकार ने इतिहास रच दिया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री अत्यंत पिछड़ा वर्ग मेधावृत्ति योजना के तहत 10वीं की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण करने वाले बच्चों को 10,000 रुपये की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि देकर उनका हौसला बढ़ाया जा रहा है।
अब विदेशों में पढ़ाई के लिए मिलेगा भारी अनुदान: आ रही ‘अभ्युदय योजना‘ आने वाले समय के लिए अपने विज़न और भावी योजनाओं को साझा करते हुए मंत्री ने बताया कि सरकार जल्द ही ‘मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग अभ्युदय योजना’ का नया प्रस्ताव ला रही है। इसके तहत अब देश के प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे यूपीएससी, क्लैट, निफ्ट के साथ-साथ विदेशों में उच्च शिक्षा के लिए भारी-भरकम अनुदान और बेहतरीन प्रशिक्षण दिया जाएगा।
अनुमंडल स्तर पर खुलेंगे 720 और 520 सीटों वाले हाईटेक आवासीय विद्यालय मंत्री ने बताया कि अब तक केवल जिला स्तर पर और केवल बालिकाओं के लिए आवासीय विद्यालय थे, लेकिन अब सरकार अनुमंडल स्तर पर भी बालिकाओं के लिए 520 आसन वाले और बालकों के लिए 720 आसन वाले नए आलीशान आवासीय विद्यालय खोलने की योजना पर तेजी से काम कर रही है। छात्रावासों की भारी मांग को देखते हुए जिला और अनुमंडल स्तर पर बालिकाओं के लिए और अनुमंडल स्तर पर बालकों के लिए 100-100 सीटों वाले नए जननायक कर्पूरी ठाकुर छात्रावासों का निर्माण युद्धस्तर पर शुरू किया जा रहा है।

मुफ्त लैपटॉप और सैनिक स्कूल खोलने का विशेष प्रस्ताव मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने केंद्र और अपनी आंतरिक योजनाओं के तहत कुछ विशेष प्रस्ताव तैयार किए हैं। इसके अंतर्गत 10वीं और 12वीं पास छात्राओं को फर्स्ट एड (प्राथमिक उपचार) की ट्रेनिंग देकर सीधे आत्मनिर्भर बनाया जाएगा, जबकि पुलिस और फायर सर्विस जैसी सैन्य बलों की भर्ती के लिए विशेष ट्रेनिंग कैंप शुरू होंगे। सबसे बड़ी बात यह है कि इंटरमीडिएट और तकनीकी कोर्सेज कर रहे छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के लिए 50,000 रुपये तक का ब्रांड न्यू हाईटेक लैपटॉप देने का शानदार प्रस्ताव तैयार किया गया है।
इसके अलावा, पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) प्रणाली के तहत 10 नए पिछड़ा वर्ग सैनिक स्कूल खोलने पर भी सरकार काम कर रही है। आम जनता और छात्र-छात्राओं की समस्याओं के तुरंत निवारण के लिए जल्द ही एक ऑनलाइन शिकायत व सुझाव पोर्टल भी लाइव कर दिया जाएगा। मंत्री ने आत्मविश्वास से कहा कि इन कदमों से राज्य की 60% आबादी सीधे लाभान्वित होगी और हमारे बच्चे अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण खुद करेंगे।
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