पटना, 18 जुलाई: बिहार प्रशासनिक और पुलिस महकमे से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है, जिसने पूरे तंत्र में खलबली मचा दी है। 18 जुलाई, शनिवार को गृह विभाग के सचिव कुंदन कुमार के नेतृत्व में एक बेहद महत्वपूर्ण और उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य एजेंडा गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय से जुड़े विभिन्न प्रभागों में लंबे समय से अटके और लंबित मामलों का त्वरित निपटारा करना था। सचिव कुंदन कुमार ने बैठक में सख्त तेवर अपनाते हुए एक-एक फाइल की गहन पड़ताल की, जिसके बाद पूरे प्रशासनिक गलियारे में हड़कंप का माहौल देखा जा रहा है।

इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में पुलिस मुख्यालय के अंतर्गत आने वाले तमाम महत्वपूर्ण विभागों के कामकाज और उनकी फाइलों को बारीकी से खंगाला गया। बैठक में मुख्य रूप से पुलिस मुख्यालय, आधुनिकीकरण प्रभाग, प्रोविजनिंग प्रभाग, साइबर प्रभाग, मद्य निषेध एवं स्वापक ब्यूरो के साथ-साथ प्रशिक्षण प्रभाग के कामकाज की विस्तृत समीक्षा की गई। सचिव ने स्पष्ट किया कि फाइलों के लंबित रहने से पूरी व्यवस्था की गति प्रभावित होती है, जिसे किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

इन महत्वपूर्ण प्रभागों पर रही पैनी नजर:
बैठक के दूसरे चरण में ईआरएसएस (ERSS) परियोजना की प्रगति रिपोर्ट देखी गई। इसके अलावा सुरक्षा प्रभाग, विशेष शाखा, सीआईडी प्रभाग, कमजोर वर्ग प्रभाग, रेल पुलिस प्रभाग, यातायात प्रभाग और बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस सहित अन्य सभी संबंधित प्रशाखाओं के लंबित मामलों की बिंदुवार समीक्षा की गई।
कुंदन कुमार ने अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा कि सभी लंबित मामलों को समय सीमा के भीतर निष्पादित किया जाए। अधिकारियों को यह भी चेतावनी दी गई है कि कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता पाए जाने पर जवाबदेही तय की जाएगी और अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस समीक्षा बैठक के बाद से पुलिस मुख्यालय से लेकर गृह विभाग की तमाम प्रशाखाओं में कार्य में तेजी लाने की होड़ मच गई है।
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