मुजफ्फरपुर  में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीपफेक से अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 20 लाख रुपए के साथ आरोपी के घर पुलिस की बड़ी छापेमारी, अब तक 97 लाख की वसूली का सनसनीखेज खुलासा!

मुजफ्फरपुर (विशेष संवाददाता): बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के अहियापुर थाना क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां आधुनिक तकनीक का दुरुपयोग कर ब्लैकमेलिंग का एक बड़ा जाल फैलाया जा रहा था। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीपफेक तकनीक के माध्यम से फर्जी तस्वीरें और वीडियो तैयार कर एक पीड़ित परिवार को जाल में फंसाया गया और उनसे लाखों रुपए ऐंठ लिए गए। इस पूरे संगठित अपराध का खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर बड़ी रकम बरामद की।

मामले के संदर्भ में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, नगर 02, मुजफ्फरपुर विनीता सिन्हा ने प्रेस मीडिया को महत्वपूर्ण जानकारी  देते हुए बताया कि 15 और 16 जुलाई की रात्रि को अहियापुर थाना को एक विशेष गोपनीय सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। इस विशेष टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अभियुक्त अभिषेक कुमार, पेशर राकेश कुमार के घर पर छापेमारी की। अभियुक्त का यह घर एसकेएमसीएच के सामने वाली गली में स्थित है।

अहियापुर थाना क्षेत्र में हुई बड़ी छापेमारी और वसूली के सनसनीखेज मामले की प्रेस मीडिया को जानकारी देती हुईं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, नगर 02, मुजफ्फरपुर विनीता सिन्हा।

छापेमारी के दौरान पुलिस टीम ने अभियुक्त के घर की गहन तलाशी ली, जहां से एक बैकपैक को जब्त किया गया। जब उस बैकपैक को खोला गया, तो पुलिस अधिकारी दंग रह गए; उसके भीतर से कुल 20 लाख रुपए की नकद राशि बरामद की गई। पुलिस द्वारा नकदी की जब्ती की पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और विधिवत बनाए रखने के लिए मौके पर ही वीडियोग्राफी कराई गई। यह पूरी वीडियोग्राफी अभियुक्त अभिषेक कुमार के माता-पिता के समक्ष और उनकी उपस्थिति में की गई। इसके साथ ही पुलिस ने मौके पर ही एक विस्तृत जब्ती सूची तैयार की, जिस पर अभिषेक कुमार के माता-पिता के हस्ताक्षर भी कराए गए।

बरामद राशि को सुरक्षित रूप से अहियापुर थाना पर लाया गया, जहां दोबारा नोटों की गिनती की गई तो वह कुल 20 लाख रुपए पाए गए। जांच के दौरान नोटों के एक बंडल में एक इलेक्ट्रॉनिक ट्रैकर लगा हुआ पाया गया। इसी ट्रैकर के इनपुट के आधार पर पुलिस की विशेष टीम ने इतनी सटीक छापेमारी को अंजाम दिया था। पुलिस ने उस ट्रैकर को भी विधिवत रूप से जब्त कर लिया है और उसी रात इस पूरी घटनाक्रम से जुड़ी विस्तृत स्टेशन डायरी एंट्री दर्ज की गई।

विनीता सिन्हा ने आगे बताया कि 18/7/2026 को पीड़ित पक्ष ने स्वयं अहियापुर थाना पर उपस्थित होकर इस गंभीर मामले के संबंध में एक लिखित आवेदन पुलिस को सौंपा है। इस आवेदन के आलोक में पुलिस द्वारा त्वरित रूप से प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। पीड़ित पक्ष द्वारा बताया गया है कि अभियुक्त अभिषेक कुमार तथा उनके गिरोह के 2-3 अन्य सदस्य मिलकर उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा डीपफेक के माध्यम से जनरेट किए गए कुछ आपत्तिजनक फोटोज और वीडियोस के जरिए ब्लैकमेल करने का प्रयास कर रहे थे।

आरोपियों द्वारा पीड़ित परिवार को जान-माल का नुकसान पहुंचाने तथा उन्हें झूठे केस में फंसाने की लगातार धमकी दी जा रही थी और विगत कुछ समय से उनसे रैनडम वसूली की जा रही थी। पीड़ित पक्ष ने पुलिस को बताया कि वे इस डर के कारण अभी तक कुल 97 लाख रुपए अभिषेक कुमार और उनके गिरोह के अन्य लोगों को दे चुके हैं, जिसमें से दिनांक 15 और 16 की रात्रि को अहियापुर थाना की पुलिस टीम द्वारा 20 लाख रुपए बरामद कर लिए गए हैं। पुलिस अपराधियों के पूरे नेटवर्क को खंगालने और गिरोह के अन्य सदस्यों को गिरफ्तार करने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।

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