22 जुलाई 2026 । विशेष संवाददाता, समस्तीपुर। संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर मंगलवार को समस्तीपुर शहर की सड़कें किसानों के प्रचंड आक्रोश की गवाह बनीं। भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौते को रद्द करने, कृषि भूमि की कॉरपोरेट लूट पर रोक लगाने तथा किसानों के हितों की रक्षा की मांग को लेकर किसान संगठनों ने शहर में एक विशाल विरोध मार्च निकाला। इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने पेपर लीक मामले के जिम्मेवार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और छात्रों पर लाठी-आश्रुगैस चलाने के जिम्मेवार गृह मंत्री अमित शाह से तत्काल इस्तीफे की पुरजोर मांग की।

शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरा विरोध मार्च
यह विरोध मार्च समस्तीपुर शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों और बाजारों से होकर गुजरा। मार्च के दौरान किसान संगठनों के कार्यकर्ता हाथों में लाल झंडे, बैनर और तख्तियां लेकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी कर रहे थे। जुलूस शहर के मुख्य रास्तों से होते हुए अंततः स्टेशन चौराहे पर पहुंचा, जहां एक विरोध सभा का आयोजन किया गया।
खेती और खाद्य सुरक्षा पर मंडराया संकट
सभा को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौता देश की पारंपरिक खेती, किसानों और पूरी कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के लिए विनाशकारी साबित होगा। नेताओं ने स्पष्ट किया कि खेती और कृषि भूमि को कॉरपोरेट घरानों के हवाले करने की किसी भी साजिश के खिलाफ किसानों का यह संघर्ष अनवरत जारी रहेगा।
सभा के दौरान वक्ताओं ने 12 सैटेलाइट टाउनशिप और टोपो लैंड के नाम पर कृषि भूमि के लैंड पूलिंग के माध्यम से किए जा रहे कथित भूमि अधिग्रहण की योजनाओं को तुरंत वापस लेने की मांग उठाई। नेताओं ने चेतावनी दी कि देश के अन्नदाताओं की आजीविका और खाद्य सुरक्षा को प्रभावित करने वाली किसी भी नीति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और किसान संगठन इसका पुरजोर विरोध करेंगे।
नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप का फूंका पुतला
सभा के अंत में आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने स्टेशन चौराहे पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। पुतला दहन के दौरान पूरा स्टेशन परिसर केंद्र सरकार की कृषि एवं आर्थिक नीतियों के खिलाफ नारों से गूंज उठा। उपस्थित सभी किसानों और मजदूरों ने किसान हितों की रक्षा के लिए इस आंदोलन को और तेज करने का संकल्प लिया।

आंदोलन में प्रमुख नेताओं की रही मौजूदगी
इस विरोध सभा की अध्यक्षता बिहार राज्य किसान सभा के जिला संयोजक अनिल प्रसाद ने की। सभा को संबोधित करने वालों में जिला किसान कौंसिल के जिला मंत्री सत्यनारायण सिंह, संयुक्त सचिव उपेंद्र राय, दिनेश राय, भूषण महतो, सुरेंद्र कुमार, बिगन पटेल शामिल थे।
इसके अलावा अखिल भारतीय किसान महासभा के जिला सचिव ललन कुमार, जिलाध्यक्ष महावीर पोद्दार, सुनील कुमार, सुरेंद्र प्रसाद सिंह, अनील चौधरी, मो० उस्मान, सोनेलाल पासवान, प्रो० उमेश कुमार तथा बिहार राज्य किसान सभा के महासचिव रामचंद्र महतो, सुरेंद्र कुमार सिंह मुन्ना, रामरतन सिंह राकेश, शंकर साह और शंभू चौधरी समेत भारी संख्या में किसान, खेत मजदूर और ग्रामीण मौजूद रहे।
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