मानसून सत्र के पहले ही दिन भारी उथल-पुथल: विपक्ष के मार्च के बीच 87,383 करोड़ का बजट पेश, जेडीयू का तीखा तंज- ‘नेता प्रतिपक्ष खुद गायब, विपक्ष है कहां?’

 केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर सदन के बाहर भारी हंगामा, अंदर वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी ने रखा अनुपूरक बजट

पटना: बिहार विधानसभा का मानसून सत्र पहले ही दिन हंगामे और भारी राजनीतिक घमासान की भेंट चढ़ता दिखाई दिया। सत्र के पहले दिन एक तरफ जहां सदन के अंदर सरकार ने अपनी वित्तीय योजनाओं को गति देने के लिए बड़ा कदम उठाया, वहीं दूसरी तरफ सदन के बाहर विपक्ष ने जोरदार प्रदर्शन कर माहौल को पूरी तरह गर्मा दिया। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी ने 87,383 करोड़ रुपये का भारी-भरकम अनुपूरक बजट सदन के पटल पर पेश किया। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि राज्य में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं को गति देने और अन्य आवश्यक आकस्मिक व्ययों को समय पर पूरा करने के उद्देश्य से यह अतिरिक्त बजट लाया गया है।

बिहार विधानसभा मानसून सत्र के पहले दिन सदन की कार्यवाही में भाग लेते सत्ता पक्ष और विपक्ष के माननीय सदस्य।

सदन के भीतर की इस वित्तीय गतिविधि से इतर, विधानसभा परिसर का नजारा बेहद तनावपूर्ण और गहमागहमी से भरा रहा। विधानसभा की कार्यवाही विधिवत रूप से आरंभ होने से पहले ही विपक्षी विधायकों ने एकजुट होकर एक बड़ा मोर्चा खोल दिया। विपक्षी दलों के नेताओं और विधायकों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को बुलंद करते हुए परिसर में पैदल मार्च निकाला। इस विरोध मार्च के दौरान विपक्षी विधायकों के हाथों में बड़े-बड़े पोस्टर और बैनर थे, जिन पर सरकार विरोधी नारे लिखे हुए थे। पूरे विधानसभा परिसर में विपक्षी सदस्यों द्वारा की जा रही नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन से राजनीतिक तापमान अत्यंत बढ़ गया।

बिहार विधानसभा मानसून सत्र के पहले दिन सदन की कार्यवाही का विरोध करते एवं शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को बुलंद करते हुए विपक्ष के माननीय सदस्य।

विपक्ष के इस आक्रामक तेवर और लगातार किए जा रहे हंगामे पर सत्ताधारी दल जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने भी बेहद तीखा पलटवार किया है। जेडीयू के एमएलसी ने विपक्ष की भूमिका और उनकी गंभीरता पर गंभीर सवाल उठाते हुए तंज कसा। उन्होंने सीधे तौर पर हमला बोलते हुए कहा कि राज्य में विपक्ष का कोई वजूद ही नजर नहीं आ रहा है, क्योंकि उनके मुख्य नेता प्रतिपक्ष खुद ही इस महत्वपूर्ण अवसर पर गायब हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का यह प्रदर्शन केवल एक छलावा है, क्योंकि उनकी प्राथमिकता जनहित नहीं, बल्कि निजी और पारिवारिक हित साधना है।

सत्र के पहले ही दिन दोनों पक्षों के बीच उपजे इस भारी गतिरोध से आने वाले दिनों में सदन की कार्यवाही और अधिक गर्माहट भरी होने के आसार दिख रहे हैं।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,

||  https://newsbharattv.in  ||

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here