Saturday, October 31, 2026

सिहो रेलवे गुमटी के पास गुमटीनुमा दुकान में चल रहा था अवैध कारोबार, 128 ग्राम गांजा के साथ दुकानदार गिरफ्तार!

मुजफ्फरपुर जिले के सकरा थाना क्षेत्र के सिहो रेलवे गुमटी के नजदीक पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध मादक पदार्थ (गांजा) के साथ एक तस्कर को दबोच लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान पवन कुमार चौधरी के रूप में हुई है, जो अपनी गुमटीनुमा दुकान की आड़ में गांजा का अवैध कारोबार चला रहा था। पुलिस ने उसके पास से 128 ग्राम गांजा बरामद किया है।

मामले की जानकारी देते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पूर्वी-2, मनोज कुमार सिंह बायें से एवं दायें सकरा थाना क्षेत्र के सिहो रेलवे गुमटी के पास गिरफ्तार आरोपी पवन कुमार चौधरी के साथ पुलिसकर्मी और जब्त किए गए गांजा का पैकेट।

वरीय पुलिस अधीक्षक, मुजफ्फरपुर एवं ग्रामीण पुलिस अधीक्षक, मुजफ्फरपुर के निर्देशानुसार जिले में मादक पदार्थों और अवैध शराब के कारोबारियों के विरुद्ध लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत 16/9/2026 की संध्या में सकरा थाना की पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली कि सिहो रेलवे गुमटी के पास स्थित एक गुमटीनुमा दुकान में अवैध रूप से गांजा बेचा जा रहा है।

सूचना मिलते ही सकरा थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विधि सम्मत तरीके से उक्त दुकान पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान दुकान से 128 ग्राम गांजा जैसा मादक पदार्थ बरामद हुआ। पुलिस ने मौके से ही आरोपी पवन कुमार चौधरी को गिरफ्तार कर लिया। इस संबंध में सकरा थाना कांड संख्या 557/2026 दर्ज किया गया है।

प्रेस वार्ता के दौरान अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पूर्वी-2, मनोज कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस अपराधियों और नशा कारोबारियों के खिलाफ बेहद सख्त है। गिरफ्तार आरोपी के आपराधिक इतिहास का पता लगाया जा रहा है तथा आगे की विधि सम्मत कार्रवाई की जा रही है।

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बिहार में बाढ़ का कहर: मुंगेर और भागलपुर में बाढ़ पीड़ितों से मिले केंद्रीय मंत्री शिवराज और मुख्यमंत्री सम्राट, बोले- “सरकार हर संभव मदद को तैयार”

पटना, 16 सितंबर 2026: बिहार में आई भीषण बाढ़ के मद्देनजर, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने के लिए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण सह ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज मुंगेर और भागलपुर जिलों का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद, दोनों मंत्रियों ने मुंगेर जिले के नवाबगढ़ी और शीतलपूर में स्थित इंटरस्तरीय उच्च विद्यालय राहत शिविर तथा सीताकुंड परिसर का दौरा किया, और भागलपुर जिले के भागलपुर पॉलिटेक्निक राहत शिविर में जाकर बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की।

मुंगेर के नवाबगढ़ी स्थित इंटरस्तरीय उच्च विद्यालय राहत शिविर का निरीक्षण करते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी।

निरीक्षण के दौरान, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नवाबगढ़ी और शीतलपूर स्थित इंटरस्तरीय उच्च विद्यालय परिसर में बनाए गए निबंधन काउंटर, सामग्री वितरण केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत अस्थायी बाढ़ राहत स्वास्थ्य शिविर, आईसीडीएस केंद्र, बाढ़ राहत पशु चिकित्सा शिविर, सामुदायिक रसोई केंद्र और अस्थायी आंगनबाड़ी केंद्र का जायजा लिया। उन्होंने शिविर में बाढ़ प्रभावित परिवारों को दी जा रही सुविधाओं और राहत व्यवस्था की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पीड़ितों को आश्वासन देते हुए कहा कि बाढ़ पीड़ितों को राहत पहुंचाने के लिए राज्य सरकार हरसंभव मदद कर रही है। बाढ़ प्रभावित परिवार अपनी समस्याओं को स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिलाधिकारी के समक्ष रखें, उनकी जो भी समस्याएं हैं, उनका समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बाढ़ प्रभावित 8.5 लाख से अधिक परिवारों को अनुग्रह राशि उपलब्ध कराई गई है।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने और स्थिति को सामान्य करने के लिए बिहार सरकार द्वारा युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार भी बिहार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी और बाढ़ के कारण फसलों, पशुओं एवं अन्य क्षेत्रों में हुए नुकसान का आकलन कर आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी। क्षति का आकलन करने के लिए कृषि विभाग एवं ग्रामीण विकास विभाग की केंद्रीय टीमें बिहार पहुंच गई हैं।

दोनों मंत्रियों ने पॉलिटेक्निक कॉलेज, भागलपुर में चल रहे बाढ़ राहत शिविर का भी निरीक्षण किया। वहां उन्होंने मनोरंजन कक्ष में छोटे-छोटे बच्चों से मुलाकात की और साथ ही बाढ़ राहत शिविर में मौजूद लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं।

इस अवसर पर नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा, विधायक कुमार प्रणय, विधायक नचिकेता सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव चंद्रशेखर सिंह, मुंगेर प्रमंडल के आयुक्त प्रेम सिंह मीणा, मुंगेर प्रक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक राकेश कुमार, मुंगेर के जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पनिकर, भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पाण्डेय, भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार, मुंगेर के पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति, वरीय अधिकारी और बाढ़ प्रभावित परिवार उपस्थित थे।

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खुलासा! दाखिल-खारिज के नाम पर उगाही का वायरल ऑडियो बना जी का जंजाल, मास्टर साहब और पंचायत समन्वयक समेत तीन पर एफआईआर दर्ज!

मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जमीन के दाखिल-खारिज कार्य के नाम पर आम जनता की गाढ़ी कमाई लूटने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। रिश्वत की रकम के बंटवारे को लेकर दलालों और सरकारी कर्मियों के बीच हुई तू-तू मैं-मैं का एक ऑडियो वायरल होने के बाद प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। जिलाधिकारी, मुजफ्फरपुर के कड़े निर्देश के बाद मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज अंचल अंतर्गत हुस्सेपुर पंचायत में भ्रष्टाचार के इस खेल में लिप्त एक सरकारी शिक्षक, एक पंचायत समन्वयक और एक साइबर कैफे संचालक के खिलाफ स्थानीय थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जिला प्रशासन के इस सख्त कदम से भ्रष्ट तत्वों में हड़कंप मच गया है।

जिलाधिकारी, मुजफ्फरपुर, जो भ्रष्टाचार के मामलों पर लगातार सख्त रुख अपनाए हुए हैं।

वायरल ऑडियो से खुला भ्रष्टाचार का काला चिट्ठा

सूत्रों के अनुसार, पूरा मामला साहेबगंज अंचल के हुस्सेपुर पंचायत का है, जहां दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) के नाम पर भोले-भाले लोगों से धड़ल्ले से अवैध वसूली की जा रही थी। वसूली गई भारी-भरकम रकम के आपसी बंटवारे को लेकर दो दलालों और कर्मियों के बीच जमकर खींचतान हुई, जिसका एक ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

इस वायरल ऑडियो में सनसनीखेज खुलासे हुए, जिसमें रविकान्त राजन (सरकारी शिक्षक), चंदन कुमार यादव (पंचायत समन्वयक, स्वच्छता) तथा बिट्टू कुमार (साइबर कैफे, खेमकरना) की संलिप्तता और नाम सामने आए। ऑडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक गलियारों में भूचाल आ गया।

जिलाधिकारी का कड़ा रुख, ताबड़तोड़ कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी, मुजफ्फरपुर ने इस वायरल ऑडियो का तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने अपर समाहर्ता को मामले की त्वरित जांच कर अवैध कृत्य में शामिल सभी चेहरों को बेनकाब करने और उनके विरुद्ध विधिसम्मत कड़ी कार्रवाई का स्पष्ट निर्देश दिया।

अपर समाहर्ता द्वारा की गई प्राथमिक जांच में ऑडियो और भ्रष्टाचार के आरोप सही पाए गए। इसके तुरंत बाद, अंचल अधिकारी, साहेबगंज को यह निर्देश दिया गया कि वे तत्काल प्रभाव से आरोपियों के खिलाफ स्थानीय थाना में प्राथमिकी दर्ज कराकर इसका अनुपालन प्रतिवेदन उपलब्ध कराएं।

अंचल अधिकारी, साहेबगंज के आधिकारिक आवेदन पर स्थानीय साहेबगंज थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपियों—रविकान्त राजन, चंदन कुमार यादव और बिट्टू कुमार के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता एवं सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अब मामले की गहराई से छानबीन कर रही है और अन्य संलिप्त लोगों की तलाश जारी है।

जीरो टॉलरेंस की नीति, बख्शे नहीं जाएंगे भ्रष्ट कर्मी

जिलाधिकारी, मुजफ्फरपुर ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि जनता से धोखाधड़ी, अवैध वसूली और जनहित के मामलों में किसी भी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही या शिथिलता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के मामलों के खिलाफ जिला प्रशासन जीरो टॉलरेंस की नीति का अक्षरशः अनुसरण कर रहा है। जनता के अधिकारों पर डाका डालने वाले और भ्रष्ट गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा तथा उनके विरुद्ध कठोरतम विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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सकरा में रहस्यमय मौत: घर से कुछ ही दूरी पर खेत में मिला युवक का शव, शरीर पर मिले जख्म के निशान; पुलिस और एफएसएल टीम जांच में जुटी

मुजफ्फरपुर: मुजफ्फरपुर जिले के सकरा थाना क्षेत्र के सरमस्तपुर गांव में दिनांक 15.09.2026 की संध्या एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। गांव के एक खेत से एक व्यक्ति का क्षत-विक्षत शव मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान सरमस्तपुर गांव निवासी दीपक पासवान, पिता स्वर्गीय शंकर पासवान के रूप में हुई है। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर उमड़ पड़ी।

सकरा थाना क्षेत्र के सरमस्तपुर गांव में खेत से युवक का शव मिलने के बाद घटनास्थल पर जुटी ग्रामीणों की भीड़ और मामले की छानबीन करती पुलिस टीम।

घर से कुछ ही दूरी पर मिला शव

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक दीपक पासवान एक दिन पहले ही घर से निकले थे और परिजन उनकी लगातार खोजबीन कर रहे थे। दिनांक 15.09.2026 को शाम के समय पुलिस को सूचना मिली कि सरमस्तपुर गांव में एक डेड बॉडी लावारिस हालत में पड़ी हुई है। सूचना मिलते ही सकरा थाना पुलिस बल की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारिकी से निरीक्षण किया। मृतक का शव उनके घर से महज 200 से 300 मीटर की दूरी पर स्थित एक खेत से बरामद किया गया।

शरीर पर मिले छिले हुए निशान, एफएसएल टीम ने की जांच

घटना की गंभीरता को देखते हुए फौरन एफएसएल (FSL) की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई कि मृतक के शरीर पर हाथ, पीठ और पैर समेत जगह-जगह चमड़ा छिला हुआ था। हालांकि, एफएसएल टीम द्वारा अभी तक मौत के वास्तविक कारणों के संबंध में कोई स्पष्ट मंतव्य नहीं दिया गया है।

ग्रामीणों में तरह-तरह की चर्चाएं, ठनका गिरने और नशापान की आशंका

घटनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों के बीच कई तरह की चर्चाएं गर्म हैं। कुछ ग्रामीणों का दावा है कि वज्रपात यानी ठनका गिरने से उनकी मौत हुई है, जबकि कुछ अन्य ग्रामीणों द्वारा उनके नशापान करने की बात भी बताई जा रही है।

पुलिस का बयान और आगे की कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पूर्वी 02, मुजफ्फरपुर, मनोज कुमार सिंह ने मीडिया को अपना प्रारंभिक बयान दिया। उन्होंने बताया कि सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए इन्क्विस्ट रिपोर्ट तैयार की गई है और डॉक्टर महोदय से तमाम पहलुओं पर परीक्षा कराई गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो पाएगा। इस संबंध में अभी तक परिजनों की ओर से कोई लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है, लेकिन पुलिस अपने स्तर से तमाम कानूनी पहलुओं पर विधि सम्मत कार्रवाई कर रही है।

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मुजफ्फरपुर में गांजा और स्मैक के साथ तस्कर गिरफ्तार, बड़े सिंडिकेट का जल्द होगा पर्दाफाश

मुजफ्फरपुर : मुजफ्फरपुर पुलिस ने मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए नशे के सौदागरों की कमर तोड़ दी है। जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस ने ब्रह्मपुरा और सिकंदरपुर थाना क्षेत्र से भारी मात्रा में अवैध गांजा और स्मैक बरामद किया है। इस दौरान पुलिस ने कुख्यात महिला तस्कर रेखा देवी समेत 02 अभियुक्तों को धर दबोचा है।

मुजफ्फरपुर में मादक पदार्थ गांजा और स्मैक के साथ गिरफ्तार अभियुक्त रेखा देवी को हिरासत में लेकर जाती हुई महिला पुलिस बल।

नगर पुलिस अधीक्षक मोहिबुल्लाह अंसारी ने जिला मुख्यालय में आयोजित एक हाई-प्रोफाइल प्रेस वार्ता में इस सनसनीखेज खुलासे की पूरी जानकारी दी। उन्होंने मीडिया को बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आदेशानुसार जिले में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत नशे के कारोबारियों पर शिकंजा कसने के लिए यह बड़ी कार्रवाई की गई है।

पिछले 03 से 04 दिनों में पुलिस के बड़े खुलासे और जब्ती:

  • सिकंदरपुर थाना क्षेत्र में लगभग 02 किलो गांजा बरामद किया गया है, जिसके संबंध में मामला दर्ज किया गया है।
  • ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र में लगभग 0.5 किलो (आधा किलो) गांजा पकड़ा गया है।
  • कच्ची पक्की इलाके में 600 ग्राम मादक पदार्थ जब्त किया गया है।
  • सदर थाना क्षेत्र में 05 पुड़िया स्मैक/नशीला पदार्थ पकड़ा गया है।
  • मीठापुरा क्षेत्र से लगभग 41 पुड़िया मादक पदार्थ बरामद किया गया है।

सिकंदरपुर थाना क्षेत्र में महिला तस्कर गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार, सिकंदरपुर थाना अंतर्गत विशेष कार्रवाई के दौरान रेखा देवी को गिरफ्तार किया गया है। तलाशी के दौरान उसके पास से 12 ग्राम अवैध गांजा और 12 ग्राम स्मैक बरामद किया गया है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए केस दर्ज कर लिया है। पिछले 03 से 04 दिनों के भीतर पुलिस ने कुल 06 से 07 मामले दर्ज किए हैं।

बड़े सप्लायरों की खैर नहीं, पुलिस ने शुरू की पहचान

प्रेस वार्ता के दौरान जब पत्रकारों ने शहर के किसी बड़े मादक पदार्थ सप्लायर के संलिप्त होने को लेकर सवाल किया, तो नगर पुलिस अधीक्षक मोहिबुल्लाह अंसारी ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि शहर के बड़े ड्रग्स सप्लायरों को चिन्हित किया जा रहा है। उनके विरुद्ध बेहद कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और जल्द ही उनके नाम का खुलासा कर मीडिया को सूचित किया जाएगा।

जनता से अपील और इनाम की घोषणा

पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी भी नागरिक को अपने आस-पास गांजा या अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री की सूचना मिलती है, तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें। पुलिस ने यह भी घोषणा की है कि सही सूचना देने वाले नागरिकों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और उन्हें उचित इनाम (रिवॉर्ड) भी दिया जाएगा। नशे के खिलाफ यह विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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छात्रवृत्ति के नाम पर करोड़ों रुपए , डीबीटी और डिजिटल सुधारों से फर्जीवाड़े का खेल खत्म!

नई दिल्‍ली :देश के वंचित और पिछड़े वर्गों के छात्रों के लिए केंद्र सरकार ने शिक्षा के मोर्चे पर एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग और विमुक्त, घुमंतू तथा अर्ध-घुमंतू जनजातियों के लिए शिक्षा के दरवाजे पूरी तरह से खोल दिए हैं। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि वित्तीय बाधाओं को अब छात्रों के सपनों के बीच नहीं आने दिया जाएगा।

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा जारी किए गए इंफोग्राफिक में प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्तियों के आंकड़े और डिजिटल पारदर्शिता प्रणाली का विवरण दर्शाया गया है।

मंत्रालय के सचिव सुधांश पंत ने बताया कि सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं के जरिए देश के करोड़ों छात्रों की किस्मत संवारी जा रही है। उन्होंने आंकड़ों का पिटारा खोलते हुए बताया कि वित्त वर्ष 2014-15 से लेकर वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत कुल 4,893.03 करोड़ रुपए की भारी-भरकम केंद्रीय सहायता जारी की जा चुकी है। इस अवधि के दौरान वार्षिक लाभार्थियों की कुल संख्या लगभग 299.66 लाख तक पहुंच गई है। केवल अकेले वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान ही 562.36 करोड़ रुपए जारी किए गए, जिससे 26.79 लाख छात्रों को सीधा फायदा मिला है।

वही दूसरी ओर, उच्च शिक्षा के सपनों को पंख देने वाली पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना ने तो रिकॉर्ड ही तोड़ दिए हैं। सचिव सुधांश पंत ने जानकारी दी कि वित्त वर्ष 2014-15 से वित्त वर्ष 2025-26 के बीच इस योजना के तहत कुल 46,581.54 करोड़ रुपए की केंद्रीय सहायता वितरित की गई है। इस दौरान वार्षिक लाभार्थियों का कुल आंकड़ा 612.98 लाख दर्ज किया गया। इसके अलावा, अकेले वित्त वर्ष 2025-26 में 6,186.95 करोड़ रुपए की राशि जारी कर 47.53 लाख छात्रों को लाभान्वित किया गया है।

डिजिटल सुधारों से बिचौलियों और फर्जीवाड़े पर कड़ा प्रहार

छात्रवृत्ति वितरण में होने वाले भ्रष्टाचार और घपलेबाजों पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने अब पूरी तरह से डिजिटल तंत्र अपना लिया है। सचिव सुधांश पंत ने बताया कि वित्त वर्ष 2021-22 से पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना को पूरी तरह से डीबीटी-सक्षम व्यवस्था में बदल दिया गया है, जिससे छात्रवृत्ति का पैसा सीधे लाभार्थियों के आधार-सीडेड बैंक खातों में पहुंच रहा है। इससे न सिर्फ बिचौलियों का खेल खत्म हुआ है, बल्कि पैसों के लीकेज और देरी पर भी पूरी तरह से ब्रेक लग गया है।

सरकार ने फर्जी और डुप्लीकेट लाभार्थियों का सफाया करने के लिए विशेष डुप्लीकेशन हटाने की व्यवस्था शुरू की है। इसके साथ ही छात्रों और अधिकारियों के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और ई-केवाईसी आधारित सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। डिजिलॉकर और एपीआई सेतु के साथ एकीकरण से अब दस्तावेजों का डिजिटल सत्यापन पलक झपकते ही हो जाता है।

छात्रों की हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए वन-टाइम रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था लागू की गई है। एआईएसएचई, यूडीआईएसई, एनसीवीटी और एससीवीटी के डेटाबेस के साथ एकीकरण होने से फर्जी छात्र अभिलेखों की पोल तुरंत खुल जाती है। इसके अलावा यूआईडीएआई, एनपीसीआई और पीएफएमएस के साथ मिलकर छात्रवृत्ति के वितरण को पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बना दिया गया है। सरकार के इन सख्त और डिजिटल कदमों से साफ है कि शिक्षा के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वालों की अब खैर नहीं है।

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देश के महान सपूत डॉ० मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया का जन्मोत्सव: भव्य समारोह में राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि, देशभक्ति गीतों से गूँजा परिसर!

पटना, 15 सितम्बर 2026: राजधानी के विश्वेश्वरैया भवन परिसर में आज आधुनिक भारत के महान शिल्पी तथा भारत रत्न डॉ० मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती के अवसर पर एक भव्य राजकीय समारोह का आयोजन किया गया। इस गरिमामयी आयोजन में राज्य के सर्वोच्च नेतृत्व ने पहुंचकर उनकी आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

पटना के विश्वेश्वरैया भवन परिसर में आयोजित राजकीय समारोह के दौरान भारत रत्न स्व० डॉ० मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण करते राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति।

समारोह की शुरुआत राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने संयुक्त रूप से विश्वेश्वरैया भवन परिसर स्थित स्व० डॉ० मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की। इस श्रद्धांजलि सभा में सत्ता और प्रशासन के कई दिग्गज हस्तियों ने शिरकत की। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव, विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री शीला कुमारी, तथा विधान पार्षद संजय कुमार सिंह उर्फ गांधी जी सहित अनेक जनप्रतिनिधियों और गणमान्य व्यक्तियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर अपनी कृतज्ञता व्यक्त की।

समारोह के दौरान सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पूरे वातावरण को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों के माध्यम से आरती पूजन, भजन कीर्तन, राष्ट्रीय गीत, राष्ट्र गान, बिहार गीत और एक से बढ़कर एक देशभक्ति गीतों की प्रस्तुतियां दीं, जिससे पूरा परिसर गूँज उठा।

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बाढ़ पीड़ितों पर पैसों की बरसात! मुख्यमंत्री ने एक झटके में 8,27,472 परिवारों के खाते में भेजे 579.23 करोड़ रुपये!

पटना, 15 सितंबर 2026

बिहार में बाढ़ की तबाही के बीच राज्य सरकार ने पीड़ित परिवारों के लिए राहत का महाअभियान छेड़ दिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प सभागार’ में आयोजित एक उच्चस्तरीय कार्यक्रम के दौरान राज्य के 8,27,472 बाढ़ प्रभावित परिवारों के बैंक खातों में डी०बी०टी० के माध्यम से कुल 579.23 करोड़ रुपये की आनुग्रहिक राहत राशि का अंतरण किया। इसके तहत प्रत्येक प्रभावित परिवार के बैंक खाते में 7000 रुपये की सहायता राशि सीधे भेजी गई है, जिससे आपदा पीड़ितों के चेहरे पर राहत की उम्मीद जग गई है।

पटना में संकल्प सभागार के दौरान बाढ़ प्रभावित 8,27,472 परिवारों के बैंक खातों में 7000 प्रति परिवार की दर से 579.23 करोड़ रुपये की आनुग्रहिक राशि का डी०बी०टी० के माध्यम से अंतरण करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं अन्य गणमान्य अधिकारी।

तबाही का खौफनाक मंज़र: 50 लाख लोग बेहाल

आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने मुख्यमंत्री को बाढ़ से हुए भारी नुकसान की विभीषिका से अवगत कराया। रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के 15 जिले, 88 प्रखण्ड, 575 ग्राम पंचायत, 2,642 गांव और 21 शहरों के 136 वार्ड बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। इस भयंकर आपदा से लगभग 50 लाख लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं, जबकि करीब 55 हजार हेक्टेयर उपजाऊ भूमि पर बाढ़ का पानी लगने  से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।

राहत और बचाव कार्यों में युद्ध स्तर पर जुटी सरकार

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने दो टूक निर्देश दिया है कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रभावित क्षेत्रों में भूख और प्यास से कोई बेहाल न हो, इसके लिए 1,200 से अधिक सामुदायिक रसोइयों का संचालन किया जा रहा है, जिनके जरिए अब तक लगभग 1.28 करोड़ थालियां परोसी जा चुकी हैं। इसके अलावा, एन०डी०आर०एफ० और एस०डी०आर०एफ० की 21 टीमें दिन-रात राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जब तक हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाते, तब तक भोजन, पेयजल, दवा और अन्य आवश्यक सुविधाएं निरंतर मिलती रहेंगी।

एक सप्ताह के भीतर सूची में जोड़ें छूटे हुए नाम

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया है कि पात्र लाभार्थियों की पहचान और सत्यापन में पूरी पारदर्शिता बरती जाए। यदि कोई पात्र प्रभावित परिवार सरकारी सहायता से छूट गया है, तो उसे एक सप्ताह के भीतर राहत सूची में अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। सरकार का साफ फरमान है कि कोई भी पात्र परिवार राहत से वंचित नहीं रहना चाहिए। साथ ही, ‘बिल्ड बैक बेटर दैन बिफोर’ यानी पहले से बेहतर पुनर्निर्माण की थीम पर काम करते हुए एक महीने के भीतर सभी पुनर्प्राप्ति कार्यों को पूरा करने का आदेश दिया गया है, जिसमें कृषि इनपुट सब्सिडी और सड़कों की मरम्मत शामिल है।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का कल प्रस्तावित दौरा

बाड़ पीड़ितों के दर्द पर मरहम लगाने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान कल बिहार के दौरे पर आ रहे हैं। उनके इस प्रस्तावित दौरे को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बाढ़ से हुई क्षति का तथ्यापरक और समुचित आकलन कर रिपोर्ट तैयार रखी जाए, ताकि केंद्रीय मंत्री के समक्ष नुकसान की वास्तविक तस्वीर पेश कर व्यापक सहायता सुनिश्चित की जा सके।

कार्यक्रम में इन प्रमुख हस्तियों की रही मौजूदगी

इस हाई-प्रोफाइल राहत वितरण कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल, कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, ऊर्जा सचिव अजय कुमार यादव, स्वास्थ्य सचिव कुमार रवि, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के सचिव बी० कार्तिकेय धनंजय, और जल संसाधन विभाग के सचिव चंद्र शेखर सिंह सहित कई वरीय अधिकारी मौजूद रहे।

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बिहार में हिंदी का डंका! मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का ऐलान- सूबे में जल्द होगा भव्य दो दिवसीय ‘साहित्य समागम’

पटना, 14 सितंबर 2026: राजधानी पटना में हिंदी दिवस के मौके पर आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक ऐसा ऐलान कर दिया है, जिससे राजनीतिक और साहित्यिक गलियारों में हलचल मच गई है। नेहरू पथ स्थित बिहार राज्य अभिलेख भवन सभागार में मंत्रिमंडल सचिवालय (राजभाषा) विभाग द्वारा आयोजित ‘हिंदी दिवस समारोह-सह-कवि सम्मेलन’ का दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने दो दिवसीय ‘हिंदी साहित्य समागम’ आयोजित करने का बड़ा निर्देश जारी कर दिया है। इस मेगा इवेंट में देश भर के दिग्गज साहित्यकार, रचनाकार, कवि और विद्वान शिरकत करेंगे।

 नेहरू पथ स्थित बिहार राज्य अभिलेख भवन सभागार में आधिकारिक ‘राजभाषा पत्रिका’ का लोकार्पण करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और मंच पर मौजूद अन्य गणमान्य अधिकारी एवं अतिथिगण।

दुनिया की तीसरी सबसे ताकतवर भाषा है हिंदी

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने पूरी आक्रामकता और गर्व के साथ कहा कि हिंदी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी अस्मिता, संस्कृति और सभ्यता की रूह है। उन्होंने दुनिया के ग्लोबल मंचों पर हिंदी के बढ़ते प्रभाव का जिक्र करते हुए हुए कहा कि दुनिया में सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषाओं में हिंदी का स्थान बेहद महत्वपूर्ण है और यह विश्व की तीसरी सबसे बड़ी प्रयोग की जाने वाली भाषा बन चुकी है।

बिहार की साहित्यिक धरती को नमन करते हुए उन्होंने विद्यापति, राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ और जनकवि नागार्जुन जैसे महान हुजूमों की रचनाओं को याद किया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा संयुक्त राष्ट्र संघ के मंच से हिंदी में किए गए ऐतिहासिक संबोधन को गौरवपूर्ण उपलब्धि करार दिया। साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ब्रिक्स सम्मेलन जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हिंदी में देश का पक्ष मजबूती से रखने पर उनके प्रति आभार प्रकट किया।

बाढ़ के मोर्चे पर बड़ा एक्शन, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान आएंगे बिहार

एक तरफ जहां साहित्यिक उत्सव का माहौल था, वहीं मुख्यमंत्री ने बिहार की सबसे बड़ी त्रासदी यानी बाढ़ की समस्या पर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिक्स जैसे अति व्यस्त अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में व्यस्त रहने के बावजूद बिहार की बाढ़ स्थिति को लेकर पूरी तरह संवेदनशील रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने खुलासा करते हुए बताया कि केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में एक हाई-लेवल केंद्रीय टीम जल्द ही बिहार का दौरा करेगी और राज्य में बाढ़ से मची तबाही एवं क्षति का ग्राउंड ज़ीरो पर आकलन करेगी। नदियों के संरक्षण और वाटर मैनेजमेंट पर जोर देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार अब बाढ़ नियंत्रण के लिए एक दीर्घकालिक और परमानेंट समाधान की दिशा में तेजी से काम कर रही है ताकि जन-धन के नुकसान को रोका जा सके।

भव्य समारोह में इन दिग्गजों की रही मौजूदगी

कार्यक्रम के दौरान मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को हरित पौधा, अंगवस्त्र और दो चर्चित पुस्तकें – ‘मैला आंचल’ तथा ‘दिनकर की डायरी’ भेंटकर उनका पारंपरिक स्वागत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने मंच से आधिकारिक ‘राजभाषा पत्रिका’ का लोकार्पण भी किया।

इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव और अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने भी संबोधित किया। समारोह में पूर्व विधान पार्षद प्रेम कुमार मणि, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, राजभाषा निदेशालय के निदेशक एस.एम. परवेज आलम सहित कई वरीय अधिकारी, देश के नामचीन विद्वान, कवि, साहित्यकार, गणमान्य लोग और छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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समस्तीपुर में अटेरन चौक पर ओवरब्रिज और ठप पड़े उद्योगों को चालू कराने के लिए आर-पार की लड़ाई का ऐलान

समस्तीपुर: जिले के विकास को लेकर सुसुप्त पड़ी व्यवस्था के खिलाफ अब जनता और विभिन्न संगठनों का गुस्सा फूट पड़ा है। डीआरएम चौक पर जिला विकास संघर्ष मोर्चा एवं रेल विकास-विस्तार मंच की संयुक्त बैठक संपन्न हुई, जिसकी अध्यक्षता शंकर प्रसाद साह ने की। बैठक में यह साफ कर दिया गया कि यदि अटेरन चौक रेल गुमटी पर ओवरब्रिज निर्माण और जिले के बहुप्रतीक्षित विकास कार्यों में अब और देर हुई, तो जन आंदोलन को और तीव्र किया जाएगा।

डीआरएम चौक पर आयोजित संयुक्त बैठक में भाग लेते जिला विकास संघर्ष मोर्चा एवं रेल विकास-विस्तार मंच के अध्यक्ष शंकर प्रसाद साह व अन्य सदस्य।

बड़े आंदोलन की चेतावनी, 20 सितंबर को होगा मुक्तापुर ओवरब्रिज का निरीक्षण

बैठक में वक्ताओं ने तीखे तेवर दिखाते हुए कहा कि समस्तीपुर की जनता अब और उपेक्षा बर्दाश्त नहीं करेगी। यह तय किया गया कि आगामी 20 सितंबर को निर्माणाधीन मुक्तापुर रेल ओवरब्रिज का स्थल निरीक्षण किया जाएगा और कार्य की प्रगति का जायजा लेते हुए पोल खोली जाएगी। यदि निर्माण कार्य में हीला-हवाली मिली, तो इसे लेकर बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।

इन प्रमुख माँगों पर हुई चर्चा  

बैठक में जिले की बदहाल तस्वीर को बदलने के लिए कई गंभीर मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया:

  • अटेरन चौक रेल गुमटी: यहाँ ओवरब्रिज का निर्माण जल्द से जल्द शुरू किया जाए।
  • औद्योगिक उत्थान: समस्तीपुर की वर्षों से बंद पड़ी चीनी मिल एवं पेपर मिल को पुनः चालू किया जाए।
  • विमानन सेवा: दुधपूरा हवाई अड्डे का जीर्णोद्धार कर विमान परिचालन शुरू किया जाए।
  • नई रेल लाइनें: मुक्तापुर-कुशेश्वरस्थान, कर्पूरीग्राम-ताजपुर-भगवानपुर तथा दलसिंहसराय-पटोरी नई रेल लाइन का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू हो।
  • समस्तीपुर जंक्शन का विकास: जंक्शन पर वाशिंग पिट का निर्माण कराया जाए ताकि लंबी दूरी की रेलगाड़ियों का परिचालन यहाँ से संभव हो सके।

बैठक में इनकी रही सक्रिय भागीदारी

इस महत्वपूर्ण बैठक में विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार रखने वालों में दीनबंधु प्रसाद, शाहीद हुसैन, विश्वनाथ सिंह हजारी, मनोज कुमार राय, राम विनोद पासवान, शत्रुघ्न राय पंजी, राकेश ठाकुर, विश्वनाथ गुप्ता सहित अन्य कई गणमान्य लोग शामिल रहे। सभी ने एक स्वर में जिले के सर्वांगीण विकास के लिए ठोस और निर्णायक पहल करने की पुरजोर माँग की।

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