कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा का कड़ा एक्शन; सीमावर्ती 7 जिलों में एक साथ छापेमारी से मचा हड़कंप, 275 दुकानों में पकड़ी गई हेराफेरी।
पटना। बिहार में किसानों के हक पर डाका डालने वाले खाद माफियाओं और कालाबाजारियों के खिलाफ जदयू -भाजपा (NDA) सरकार ने अब तक की सबसे बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। सूबे के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा के निर्देश पर राज्य के सीमावर्ती जिलों में अचानक चलाए गए महा-अभियान से खाद तस्करों और भ्रष्ट दुकानदारों के खेमे में हड़कंप मच गया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि किसानों के पसीने की कमाई को लूटने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

एक साथ 2,573 दुकानों पर छापा, खुली पोल
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने खुद सोशल मीडिया (ट्विटर) पर इस ताबड़तोड़ कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि किसानों को सही कीमत पर और बिना किसी किल्लत के गुणवत्तापूर्ण उर्वरक (खाद) मुहैया कराने के लिए पूरे राज्य में एक व्यापक जांच अभियान छेड़ा गया। इस अभियान के तहत विशेष रूप से सीमावर्ती 7 जिलों की कुल 2,573 उर्वरक दुकानों पर एक साथ धावा बोला गया। इस औचक निरीक्षण ने खाद वितरण में चल रहे काले खेल की पोल खोल कर रख दी।
कार्रवाई का पूरा ब्योरा: आंकड़ों में समझिए हड़कंप
| कुल निरीक्षण (दुकानें) | पकड़ी गई अनियमितताएं | रद्द किए गए लाइसेंस | दर्ज हुई FIR |
| 2,573 | 275 | 208 | 29 |
जांच के दौरान 275 दुकानों में भारी अनियमितताएं, स्टॉक में हेराफेरी और कालाबाजारी के सबूत मिले। सरकार ने इस पर बिना कोई वक्त गंवाए बिजली की गति से एक्शन लिया। नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले 208 उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिए गए हैं, यानी उनका धंधा हमेशा के लिए बंद कर दिया गया है। वहीं, गंभीर धोखाधड़ी में शामिल 29 दुकानदारों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराकर उन्हें जेल भेजने की तैयारी कर ली गई है।

“किसानों के हितों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं”
“यह कार्रवाई महज एक शुरुआत है। किसानों के हितों की रक्षा और उर्वरक वितरण व्यवस्था में पूरी पारदर्शिता लाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। एनडीए (NDA) सरकार किसानों को उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने और सूबे की कृषि व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कालाबाजारी करने वाले सुधर जाएं, वरना अगली बारी जेल की होगी।” – विजय कुमार सिन्हा, कृषि मंत्री, बिहार
सीमावर्ती जिलों पर विशेष नजर
जानकारों के मुताबिक, सीमावर्ती जिलों से अक्सर खाद की तस्करी और ऊंची कीमतों पर बिक्री की शिकायतें आ रही थीं। कृषि विभाग की इस अचानक हुई कार्रवाई से उन सिंडिकेट्स की कमर टूट गई है जो नकली खाद या ऊंचे दामों पर खाद बेचकर किसानों का शोषण कर रहे थे। सरकार के इस सख्त रुख से आम किसानों ने राहत की सांस ली है, वहीं भ्रष्ट अधिकारियों और डीलरों की नींद उड़ गई है।
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