Friday, October 30, 2026

मुजफ्फरपुर में सनसनीखेज खुलासा: फर्जी पेमेंट रसीद का झांसा देकर ठगी करने वाला शातिर गिरोह बेनकाब, महज 08 घंटे में मुख्य षड्यंत्रकर्ता समेत 03 गिरफ्तार!

मुजफ्फरपुर:  जिले में साइबर अपराधियों ने ठगी का एक नया और अनोखा तरीका अपनाया था, लेकिन पुलिस की तत्परता ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। फर्जी भुगतान का झांसा देकर दुकानदारों को चूना लगाने वाले एक शातिर गिरोह का पुलिस ने महज 08 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। इस मामले में मुख्य षड्यंत्रकर्ता सहित कुल 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

मुजफ्फरपुर में ठगी के मामले में गिरफ्तार आरोपियों के साथ पुलिसकर्मी।

क्या है पूरा मामला: दिनांक 19.09.2026 को साइबर थाना, मुजफ्फरपुर में क्राउन फोल्डर दुकान के संचालक भाग्य भूषण द्वारा एक लिखित आवेदन दिया गया। आवेदन में बताया गया कि अज्ञात अभियुक्तों द्वारा उनके व्हाट्सएप नंबर पर संपर्क कर मोबाइल फोल्डर का ऑर्डर दिया गया था।

अभियुक्तों ने दिनांक 15.09.2026 को 43,000 रुपए और दिनांक 16.09.2026 को 77,314 रुपए, यानी कुल 1,20,31 रुपए की फर्जी ट्रांजेक्शन रसीद (फेक पेमेंट रिसिप्ट) दिखाकर रैपिड डिलीवरी कूरियर के माध्यम से कांटी छिन्नमस्तिका मंदिर के पास कुल 210 पीस मोबाइल फोल्डर मंगवाए। बाद में जब बैंक स्टेटमेंट की जांच की गई, तो भुगतान पूरी तरह फर्जी निकला। इस संबंध में साइबर थाना कांड संख्या 147/26 दर्ज किया गया।

महज 08 घंटे में पुलिस ने की कार्रवाई: घटना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक, मुजफ्फरपुर के निर्देशन, पुलिस अधीक्षक नगर के अनुश्रवण और पुलिस उपअधीक्षक साइबर के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। गठित टीम ने मानवीय और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 08 घंटे के भीतर घटना में संलिप्त मुख्य षड्यंत्रकर्ता मनीष कुमार को ठगी में प्रयुक्त 02 मोबाइल फोन के साथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी मनीष कुमार दिव्यांग है तथा चलने और स्वयं बैठने में असमर्थ है।

सहयोगी और खरीदार भी गिरफ्तार: मनीष कुमार से पूछताछ और निशानदेही के आधार पर, रैपिड के माध्यम से आर्डर प्राप्त करने और ठगी की घटना में संलिप्त सहयोगी रिमझिम कुमार को घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल एवं मोबाइल के साथ मोतीपुर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।

इसके अलावा, अभियुक्तों के स्वीकारोक्ति बयान और निशानदेही पर ठगी किए गए सामान को खरीदने वाले मोबाइल दुकान संचालक मो. परवेज आलम को भी गिरफ्तार किया गया। उनके पास से 02 मोबाइल फोन और ठगी किए गए 188 पीस फोल्डर बरामद किए गए।

मास्टरमाइंड का शातिर तरीका: पुलिस की गहन पूछताछ में यह बात सामने आई कि इस पूरे कांड का मुख्य षड्यंत्रकर्ता मनीष कुमार (मास्टरमाइंड) है, जो पहले मोबाइल रिपेयरिंग का काम करता था। मोबाइल पार्ट्स और तकनीकी जानकारी होने के कारण वह इस क्षेत्र के व्यवसायियों को सॉफ्ट टारगेट बनाता था।

यह गिरोह डिजिटल टूल और जाली ऐप्स का उपयोग करके बिल्कुल असली दिखने वाली फर्जी पेमेंट रसीद या स्क्रीनशॉट तैयार करता था। इसके बाद दुकानदारों से सामान मंगवाकर उसे कम कीमत पर बेचकर आर्थिक लाभ कमाता था।

गिरफ्तार अपराधियों का विवरण:

  1. मनीष कुमार (मुख्य षड्यंत्रकर्ता), थाना – मोतीपुर।
  2. रिमझिम कुमार, थाना – मोतीपुर।
  3. मो. परवेज आलम (दुकान संचालक), थाना – राजपुर ओपी, जिला – मुजफ्फरपुर।

बरामदगी:

  • घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल – 01
  • ठगी की गई मोबाइल का फोल्डर – 188 पीस (अनुमानित कीमत करीब 1,10,000 रुपए)
  • मोबाइल फोन – 05

पुलिस द्वारा गिरोह के अन्य सदस्यों की संलिप्तता और आपराधिक इतिहास के संबंध में आगे की जांच की जा रही है।

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डी-लिमिटेशन के बाद ही होंगे पंचायत चुनाव, सम्राट चौधरी का ऐलान!

पटना: राजधानी पटना में आयोजित ‘ग्राम संसद–बिहार चैप्टर’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पंचायत चुनाव और ग्रामीण विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि आगामी पंचायत चुनाव डी-लिमिटेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही कराए जाएंगे। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए उन्होंने विकसित भारत 2047 और समृद्ध बिहार 2037 के विजन को रेखांकित किया।

ग्राम संसद-बिहार चैप्टरके  कार्यक्रम में सीएम सम्राट चौधरी एवं अन्‍य ।  

डी-लिमिटेशन के बाद ही होंगे पंचायत चुनाव

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि कई पंचायतों की आबादी काफी अधिक है, जिसे देखते हुए हाईकोर्ट के निर्देशों और मुखिया संघ के अध्यक्ष मिथिलेश राय एवं अमोद निराला के प्रयासों के बाद डी-लिमिटेशन (परिसीमन) का काम शुरू कर दिया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने इस पर काम करना शुरू कर दिया है और अगली चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह से डी-लिमिटेशन कराने के बाद ही संपन्न होगी। उन्होंने कहा कि बार-बार चुनाव कराने से विकास कार्य बाधित होते हैं और आचार संहिता में लोग फंसे रहते हैं, इसलिए इस व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है।

मुखिया सबसे शक्तिशाली और काम का पद

लोकतंत्र की त्रिस्तरीय व्यवस्था पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस देश में सबसे शक्तिशाली व्यक्ति यदि कोई होता है, तो वह मुखिया होता है। विधायक या सांसद का चुनाव आसान हो सकता है, लेकिन वार्ड और मुखिया का चुनाव सबसे कठिन होता है। उन्होंने बंगाल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां एक पंचायत से एक करोड़ का राजस्व आता है, और बिहार में भी नीचे की व्यवस्था तथा राजस्व सृजन को मजबूत करना होगा।

अगले 5 वर्षों में पंचायतों में खर्च होंगे 1 लाख करोड़ रुपये

ग्रामीण विकास के लिए मिलने वाली राशि का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 16वें वित्त आयोग के तहत बिहार जैसे राज्य को सिर्फ केंद्र से लगभग बावन हजार करोड़ रुपये मिलने वाले हैं। इसके अलावा विकसित भारत योजनाओं के तहत लगभग सैंतालीस हजार करोड़ रुपये और राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों के आधार पर राशि दी जाएगी। इस प्रकार अगले पांच वर्षों में जनप्रतिनिधियों के माध्यम से लगभग 1 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

गांवों में टैक्स और कमर्शियल गतिविधियों पर नजर

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आम गरीबों और जनता पर कोई नया टैक्स नहीं लगाया जाएगा, जो लोग पक्के मकान में रह रहे हैं उन पर कोई कर नहीं होगा। हालांकि, गांवों में चल रही कमर्शियल गतिविधियों जैसे ईंट-भट्ठों, स्कूलों, और मोबाइल टावरों से पंचायत को टैक्स मिलना चाहिए ताकि कचरा प्रबंधन और पानी जैसी व्यवस्थाओं को बेहतर किया जा सके।

सरकार आपके द्वार और अधिकारियों पर सख्ती

सरकार की कार्यप्रणाली पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि गांवों में पंचायत स्तर पर सहयोग शिविर लगाए जा रहे हैं। यदि आवेदनों पर दस दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं होती है, तो ग्यारहवें दिन मुख्यमंत्री कार्यालय से अधिकारियों को नोटिस जारी किया जाता है। साथ ही, हर महीने के अंतिम इतवार को ‘पंचायत विकास दिवस’ के रूप में मनाने और साल में कम से कम 12 ग्राम सभाएं आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।

शिक्षा और रोजगार पर बड़ा फोकस

युवाओं और शिक्षा को लेकर उन्होंने कहा कि बिहार में पिछले एक महीने के भीतर 211 डिग्री कॉलेज खोले गए हैं और रिकॉर्ड 30 दिनों के भीतर शिक्षकों की बहाली की गई है। सरकार का लक्ष्य अगले चार-पांच वर्षों में बिहार के युवाओं को यहीं रोजगार उपलब्ध कराना है, ताकि किसी को बाहर मजदूरी करने न जाना पड़े। इसके अलावा औद्योगिक विकास के लिए यह कानून बनाया गया है कि सरकारी योजनाओं और टेंडर में इस्तेमाल होने वाले सामानों का 30 प्रतिशत हिस्सा बिहार में ही निर्मित होना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान शिक्षा एवं विधि विभाग के संजय सिंह टाइगर, भारतीय जनता पार्टी के नेता और ग्राम संसद के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय मयुक, बृजेश कुमार शर्मा, किरण प्रभाकर, मृत्युंजय, चेतना, मुखिया संघ के अध्यक्ष मिथिलेश राय, पंच और सरपंच के राज्यस्तरीय अध्यक्ष अमोद निराला, दीपक ठाकुर, दिगंबर मंडल, संजीव भूषण, शेखर, राहुल सिंह, अजय प्रताप समेत कई जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही।

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बिहार के वित्तरहित शिक्षकों की हर समस्या होगी चुटकियों में हल, कमिटी गठित- सीएम  

पटना: बिहार की शिक्षा व्यवस्था में एक नया भूचाल और उम्मीद की किरण एक साथ देखने को मिली है। राजधानी पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित वित्तरहित शिक्षकों के अभिनंदन समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक बड़ा और धमाकेदार ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि वित्तरहित शिक्षकों एवं उनके प्रतिनिधियों से सीधी बात कर उनकी सभी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। सरकार ने इसके लिए एक विशेष कमिटी का गठन भी कर दिया है।

श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित अभिनंदन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का भव्य स्वागत करते हुए शिक्षक एवं जनप्रतिनिधिगण।

शिक्षकों का अपमान बर्दाश्त नहीं, बनेगा नया इतिहास

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की तारीफों के पुल बांधे और उन्हें छात्रों का भाग्य विधाता बताया। उन्होंने साफ किया कि सरकार शिक्षकों के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी। कार्यक्रम के दौरान विधान पार्षद नवल किशोर यादव ने मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र, प्रतीक चिन्ह और पगड़ी पहनाकर उनका भव्य स्वागत किया। इसके बाद कार्यक्रम में मौजूद तमाम दिग्गजों ने शिक्षा जगत के भविष्य पर खुलकर चर्चा की।

बजट और विकास के आंकड़ों पर बड़ा बयान

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में झारखंड और बिहार के बजट की तुलना करते हुए राज्य की आर्थिक तरक्की पर रोशनी डाली। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में जहाँ झारखंड ने 1,39,000 करोड़ रुपये का बजट पेश किया था, वहीं बिहार ने 3,37,000 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड बजट पेश कर अपनी आर्थिक मजबूती का डंका बजाया है।

शिक्षा में सुधार और बंपर बहाली का दावा

सरकार के पिछले कदमों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए ताबड़तोड़ कदम उठाए जा रहे हैं। 15 जुलाई को एक साथ 211 डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई शुरू कराई गई और 2500 असिस्टेंट प्रोफेसरों की एक साथ बहाली की गई। इसके अलावा, 700 मॉडल स्कूलों की स्थापना की गई है जिनमें 3.5 लाख बच्चे तालीम हासिल कर रहे हैं। ‘विद्यार्थी साथी’ ऐप के माध्यम से 75,000 शिक्षकों को जोड़ा गया है और रात के वक्त लगभग 1,42,000 बच्चे इस ऐप के जरिए ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं।

अगले 5 वर्षों में 1 करोड़ लोगों को रोजगार देने और 1 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा महिलाओं के लिए विशेष महिला यूनिवर्सिटी बनाई जाएगी जिसमें चपरासी से लेकर वीसी तक सभी पदों पर महिलाएं ही होंगी। नालंदा और विक्रमशिला विश्वविद्यालय के जीर्णोद्धार और स्थापना को लेकर भी सरकार पूरी तरह से गंभीर है।

समारोह में ये दिग्गज रहे मौजूद

इस भव्य कार्यक्रम को बिहार विधान परिषद् के सभापति अवधेश नारायण सिंह, विधान पार्षद नवल किशोर यादव और विधान पार्षद नीरज कुमार ने भी संबोधित किया।

इस अवसर पर मंच और सभा में संजीव कुमार, वीरेन्द्र नारायण यादव, सर्वेश कुमार, एन.के. यादव, जीवन कुमार, रत्नेश कुशवाहा, और रवीन्द्र यादव सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और वित्तरहित शिक्षक उपस्थित रहे।

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बिहार एमएलसी चुनाव: जनसुराज ने 5 उम्मीदवारों के नाम का किया ऐलान, 3 सीटों पर सस्पेंस बरकरार!

पटना: बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुँच चुकी है। इसी बीच प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज ने अपनी ताकत झोंकते हुए 5 सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है। इस घोषणा के बाद राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है और अन्य दलों की नींद उड़ गई है। अभी भी 3 सीटों पर सस्पेंस बरकरार है, जिस पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।

प्रशांत किशोर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जनसुराज के प्रत्याशियों के नामों का ऐलान करते हुए

इन चेहरों पर जनसुराज ने जताया भरोसा

पार्टी की ओर से जारी सूची के अनुसार विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों के लिए मजबूत उम्मीदवारों के नाम सामने आए हैं:

  • दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र: एस.पी. राय
  • दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र: रविंद्र यादव
  • सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र: अफफाक अहमद
  • पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र: दिव्या ज्योति
  • कोशी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र: रजनीश रंजन

प्रशांत किशोर का बड़ा बयान और चुनावी हुंकार

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रशांत किशोर ने एनडीए और अन्य राजनीतिक दलों को खुली चुनौती देते हुए कहा कि जैसे बाकीपुर में परिवर्तन, बदलाव और सुधार दिख रहा है, ठीक उसी तरह आपके क्षेत्र में भी यह बदलाव दिखेगा।

प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि सारण से पहले मुस्लिम विधायक जो शिक्षक प्रतिनिधि के तौर पर सदन में पहुंचे थे, उन अफाक अहमद को जनसुराज फिर से रिपीट कर रहा है। इसके साथ ही कोसी क्षेत्र से लंबे समय से सक्रिय शिक्षाविद रजनीश रंजन को स्नातक उम्मीदवार बनाया गया है। दरभंगा और मिथिलांचल क्षेत्र से शिक्षक उम्मीदवार के तौर पर एस.पी. राय और स्नातक उम्मीदवार के तौर पर रविंद्र यादव मैदान में उतर रहे हैं।

खास बात यह है कि पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से दिव्या ज्योति को उम्मीदवार बनाया गया है, जो इस पूरे चुनाव में किसी भी दल से लड़ने वाली एकमात्र महिला उम्मीदवार हो सकती हैं।

अभी 3 सीटों पर सस्पेंस बाकी

जनसुराज ने फिलहाल 5 सीटों पर पत्ते खोल दिए हैं, लेकिन 3 सीटों पर अभी भी सस्पेंस बरकरार है। पार्टी के अनुसार पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के साथ-साथ तिरहुत के स्नातक और शिक्षक दोनों ही उम्मीदवारों के नाम की घोषणा अगले 4 से 5 दिनों के भीतर कर दी जाएगी। इस राजनीतिक उठापटक के बाद अब देखना दिलचस्प होगा कि एनडीए और अन्य दल अपने किन धुरंधरों को मैदान में उतारते हैं।

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सावधान! 21 सितंबर से 4 अक्टूबर के बीच बिहार से गुजरने वाली 50 से अधिक ट्रेनें रद्द और प्रभावित, घर से निकलने से पहले तुरंत चेक करें अपनी ट्रेन का स्टेटस!

विशेष संवाददाता

पटना : अगर आप आने वाले दिनों में ट्रेन से सफर करने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर और सोनपुर मंडल में बड़े पैमाने पर निर्माण और कनेक्टिविटी का कार्य शुरू होने जा रहा है, जिसके कारण लगभग दो सप्ताह तक ट्रेनों का परिचालन बुरी तरह प्रभावित रहेगा। इस दौरान 50 से अधिक ट्रेनें अलग-अलग तारीखों में या तो पूरी तरह रद्द रहेंगी, आंशिक रूप से प्रारंभ या समाप्त होंगी, अथवा उनके समय में बदलाव किया जाएगा।

क्यों हो रहा है यह बदलाव?

मोकामा के पास गंगा नदी पर बने नए डबल रेल लाइन पुल को मौजूदा रेलवे नेटवर्क से जोड़ने के लिए यह बड़ा कदम उठाया जा रहा है। इसके लिए पूर्व मध्य रेलवे द्वारा प्री-नॉन-इंटरलॉकिंग और नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य किया जाएगा। इसके तहत नए पुल को बरौनी मुख्य रेल लाइन से जोड़ा जाएगा और साथ ही ट्रैक, पॉइंट तथा सिग्नलिंग सिस्टम की नई कनेक्टिविटी तैयार की जाएगी। एनआई कार्य के दौरान रेलवे ट्रैक और सिग्नलिंग व्यवस्था में व्यापक बदलाव किए जाते हैं, जिसके चलते ट्रेनों का सामान्य संचालन संभव नहीं होता है।

इन बड़े शहरों और रूटों पर पड़ेगा असर

इस मेगा ब्लॉक और तकनीकी कार्य का असर केवल मुकामा-बरौनी रेलखंड तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इस रूट से गुजरने वाली लंबी दूरी की कई महत्वपूर्ण ट्रेनों पर भी इसका प्रभाव पड़ेगा। हावड़ा, कोलकाता, जयनगर, रक्सौल, मालदा, पटना, भागलपुर, सीतामढ़ी और दरभंगा जैसे प्रमुख शहरों से आने-जाने वाली ट्रेनें प्रभावित होंगी।

ट्रेनों के परिचालन में मुख्य बदलाव इस प्रकार हैं:

1. गाड़ियों का आंशिक प्रारम्भ

  • दिनांक 24 सितंबर 2026, 27 सितंबर 2026, 1 अक्टूबर 2026 एवं 4 अक्टूबर 2026 को खुलने वाली गाड़ी संख्या 15504 पटना – सहस्रसा का आंशिक प्रारम्भ सोनपुर से होगा।
  • दिनांक 22 सितंबर 2026 से 3 अक्टूबर 2026 के बीच खुलने वाली गाड़ी संख्या 15510 पटना – ललितग्राम का आंशिक प्रारम्भ सोनपुर से होगा।
  • दिनांक 21 सितंबर 2026 से 4 अक्टूबर 2026 तक प्रतिदिन खुलने वाली गाड़ी संख्या 15714 पटना – कटिहार का आंशिक प्रारम्भ बरौनी से होगा।
  • दिनांक 21 सितंबर 2026 से 4 अक्टूबर 2026 तक प्रतिदिन खुलने वाली गाड़ी संख्या 63205 किउल – पटना का आंशिक प्रारम्भ मोकामा से होगा।
  • दिनांक 23 सितंबर 2026 से 4 अक्टूबर 2026 तक प्रतिदिन खुलने वाली गाड़ी संख्या 63217 बरौनी – दानापुर का आंशिक प्रारम्भ मोकामा से होगा।
  • दिनांक 21 सितंबर 2026 से 4 अक्टूबर 2026 तक प्रतिदिन खुलने वाली गाड़ी संख्या 63572 मोकामा – जसीडीह का आंशिक प्रारम्भ किउल से होगा।

2. गाड़ियों का आंशिक समापन

  • दिनांक 25 सितंबर 2026, 28 सितंबर 2026 एवं 2 अक्टूबर 2026 को खुलने वाली गाड़ी संख्या 15503 सहस्रसा – पटना का आंशिक समापन सोनपुर में होगा।
  • दिनांक 22 सितंबर 2026 से 4 अक्टूबर 2026 के बीच खुलने वाली गाड़ी संख्या 15509 ललितग्राम – पटना का आंशिक समापन सोनपुर में होगा।
  • दिनांक 21 सितंबर 2026 से 4 अक्टूबर 2026 तक प्रतिदिन खुलने वाली गाड़ी संख्या 15713 कटिहार – पटना का आंशिक समापन बरौनी में होगा।
  • दिनांक 22 सितंबर 2026 को खुलने वाली गाड़ी संख्या 63217 बरौनी – दानापुर का आंशिक समापन मोकामा में होगा।
  • दिनांक 21 सितंबर 2026 से 4 अक्टूबर 2026 तक प्रतिदिन खुलने वाली गाड़ी संख्या 63218 दानापुर – बरौनी का आंशिक समापन मोकामा में होगा।
  • दिनांक 21 सितंबर 2026 से 4 अक्टूबर 2026 तक प्रतिदिन खुलने वाली गाड़ी संख्या 63571 जसीडीह – मोकामा का आंशिक समापन किउल में होगा।

3. नियंत्रित होकर चलने वाली गाड़ी

  • दिनांक 3 अक्टूबर 2026 को खुलने वाली गाड़ी संख्या 63212 पटना – झाझा 30 मिनट नियंत्रित होकर चलेगी।

4. पुनर्धारित  होकर चलने वाली गाड़ियां

  • दिनांक 3 अक्टूबर 2026 को खुलने वाली गाड़ी संख्या 12367 भागलपुर – आनंद विहार (टी) भागलपुर से 3 घंटा पुनर्धारित होकर चलेगी।
  • दिनांक 3 अक्टूबर 2026 को खुलने वाली गाड़ी संख्या 13229 गोड्डा – राजेंद्र नगर गोड्डा से 3 घंटा पुनर्धारित होकर चलेगी।
  • दिनांक 3 अक्टूबर 2026 को खुलने वाली गाड़ी संख्या 13331 धनबाद – पटना धनबाद से 3 घंटा पुनर्धारित होकर चलेगी।
  • दिनांक 3 अक्टूबर 2026 को खुलने वाली गाड़ी संख्या 18183 टाटा – बक्सर को टाटा से 2 घंटा पुनर्धारित होकर चलेगी।

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा करने से पहले एनईएस ऐप या आधिकारिक वेबसाइट www.enquiry.indianrail.gov.in के माध्यम से अपनी ट्रेन की स्थिति की सटीक जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें, ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके।

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बाढ़ और सुखाड़ पर सरकार पूरी तरह फेल, डबल इंजन सरकार पर फूटा तेजस्‍वी का गुस्सा; बोले- 50 लाख आबादी बेहाल, नेताओं की नौटंकी से क्या होगा?

पटना: राजद नेता तेजस्‍वी यादव ने मीडिया को संबोधित करते हुए राज्य की एनडीए सरकार पर बेहद तीखा हमला बोला है। उन्होनें कहा कि विगत 28 दिनों से बिहार बाढ़ की विभीषिका के साथ-साथ सुखाड़ की भी गंभीर मार झेल रहा है। राज्य में 35 फीसदी से कम बारिश हुई है, जिसके कारण भीषण सूखे की चपेट में आकर लाखों हेक्टेयर जमीन में खड़ी फसलें नष्ट हो रही हैं और लाखों किसानों का लागत मूल्य तक नहीं निकल पा रहा है। सरकार ने अभी तक सूखे का कोई आंकलन तक नहीं किया है और किसानों के सामने आजीविका का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।

पटना में मीडिया को संबोधित करते हुए राजद नेता तेजस्‍वी यादव और मौजूद पत्रकारगण।

बाढ़ पीड़ितों की सुध लेने वाला कोई नहीं

एक तरफ जहां सूखा है, वहीं दूसरी तरफ बिहार विनाशकारी बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित है। राज्य के 50 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, लेकिन एनडीए की संवेदनहीन सरकार पीड़ितों की कोई सुध नहीं ले रही है। खानापूर्ति के लिए कुछ गिने-चुने सामुदायिक राहत शिविर और रसोई शुरू किए गए थे, जो फंड की कमी के चलते मात्र 2 से 4 दिन में ही बंद कर दिए गए। तेजस्‍वी यादव ने सवाल उठाया कि जिन गरीबों के मकान गिर गए, घरों में पानी भर गया, कपड़े, बर्तन और जूते-चप्पल बह गए तथा चारों तरफ बदबूदार पानी जमा है, वे पीड़ित आखिर इन हालातों में कहां जाएं? सरकार का सारा पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है और पीड़ितों को राहत या तिरपाल तक नसीब नहीं हुई।

आकस्मिक निधि और केंद्रीय भेदभाव पर गंभीर सवाल

पुराने दिनों को याद करते हुए तेजस्‍वी ने कहा कि 2015 में जब महागठबंधन की सरकार थी और आपदा प्रबंधन विभाग राजद के पास था, तब राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद की सलाह पर बजट में यह प्रावधान किया गया था कि आपदा और संकट के समय कुल बजट का 4 फीसदी हिस्सा आकस्मिक निधि के रूप में उपयोग होगा। आज वह राशि कहां गई? बाढ़ के कारण लगभग डेढ़ लाख हेक्टेयर में धान, मक्का, सब्जी और केले की फसल बर्बाद हो चुकी है, लेकिन कोई मुआवजा नहीं मिला है।

उन्होनें केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बिहार दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि उनके दौरे की रिपोर्ट या नुकसान का आंकलन सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया? पीएम केयर्स फंड से बिहार की मदद क्यों नहीं की गई? गोवा और अरुणाचल प्रदेश जैसे राज्यों की कुल जनसंख्या से अधिक लोग अकेले बिहार में बाढ़ प्रभावित हैं, फिर भी प्रधानमंत्री और गृहमंत्री द्वारा बिहार की सहायता न करना सीधा-सीधा भेदभाव है।

जनप्रतिनिधियों पर साधा निशाना और की मांग

सत्ताधारियों पर कटाक्ष करते हुए तेजस्‍वी ने कहा कि बाढ़ के बाद 100 करोड़ के दीये जलाकर पीड़ितों का जिया जलाने वाले लोग अब एक-दो लाख की सैलरी देने की प्रतीकात्मक नौटंकी कर रहे हैं, जिससे कुल 2 से 3 करोड़ रुपए ही जमा होंगे। क्या यह राशि 50 लाख लोगों के लिए पर्याप्त है? बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बिहार से हैं, लेकिन प्रधानमंत्री से राज्य का दौरा करने का आग्रह करने की भी उनकी हैसियत नहीं है। बिहार में बीजेपी के मुख्यमंत्री, 8 केंद्रीय मंत्री, कुल 42 एनडीए सांसद और 250 से अधिक विधायक-विधान पार्षद हैं, लेकिन सभी नकारे और निकम्मे साबित हो रहे हैं।

अंत में मांग करते हुए कहा गया कि कथित डबल इंजन सरकार बाढ़ पीड़ितों को अविलंब 15 हजार रुपए की मदद दे तथा बाढ़ और सुखाड़ प्रभावित किसानों का सर्वेक्षण करवाकर यथाशीघ्र मुआवजा प्रदान करे।

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सनसनीखेज खुलासा: दूसरी पत्नी ने ही ली पति की जान, सिर पर पीछे से वार कर की थी हत्या, गिरफ्तार

मुजफ्फरपुर: अहियापुर थाना क्षेत्र के बैरिया चाणक्य पुरी रोड नंबर 6 स्थित  शिव शंकर सिंह के मकान में हुई उपेंद्र पासवान की हत्या का पुलिस ने महज कुछ ही दिनों में सफल उद्भेदन कर लिया है। पुलिस ने इस हत्याकांड में संलिप्त मुख्य अभियुक्त और मृतक की दूसरी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है।

क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 18 सितंबर 2026 को अहियापुर थाना क्षेत्र के बैरिया चाणक्य पुरी रोड नंबर 6 के पास शिव शंकर सिंह के मकान में उपेंद्र पासवान की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या किए जाने की सूचना मिली थी। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी महिला मौके से फरार हो गई थी। इस मामले में मृतक की मां शकुंती देवी के लिखित आवेदन पर अहियापुर थाना कांड संख्या 1478/26 दर्ज किया गया।

 अहियापुर थाना क्षेत्र में हुई हत्या के मामले का खुलासा करते हुए पुलिस अधिकारी एवं गिरफ्तार अभियुक्त को हिरासत में ले जाती महिला पुलिस बल।

इस संबंध में जानकारी देते हुए मो मोहिबुल्लाह अंसारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि दिनांक 18 सितंबर 2026 को अहियापुर थाना क्षेत्र के बैरिया चाणक्यपुरी रोड नंबर 6 स्थित शिवशंकर सिंह के मकान में उपेंद्र पासवान की हत्या कर उसकी दूसरी पत्नी द्वारा भाग जाने की सूचना प्राप्त हुई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश और नगर पुलिस अधीक्षक के अनुश्रवण एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नगर 2 के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था, जिसमें अहियापुर थाना अध्यक्ष की टीम भी शामिल थी।

एसआईटी का हुआ था गठन

कांड की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इस टीम की अगुवाई एसडीपीओ टाउन टू कर रहे थे, जिसमें अहियापुर थानाध्यक्ष भी शामिल थीं। पुलिस टीम ने मानवीय और तकनीकी आसूचना का संकलन कर तेजी से जांच को आगे बढ़ाया।

कर्जा थाना क्षेत्र से हुई गिरफ्तारी

तकनीकी अनुसंधान और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने प्राथमिक अभियुक्त कामिनी (जो सरैया थाना क्षेत्र की रहने वाली है) को कर्जा थाना क्षेत्र के मरवन रोड से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई है कि दोनों बिना शादी किए साथ में रह रहे थे और उनके बीच आपसी विवाद चल रहा था, जिसके बाद इस खौफनाक घटना को अंजाम दिया गया।

एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार

घटना के तुरंत बाद फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम भी मौके पर पहुंची थी और साक्ष्य जुटाए थे। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच से ऐसा प्रतीत होता है कि पीछे से सिर पर वार (अटैक) किए जाने की वजह से उपेंद्र पासवान की मौत हुई है। पुलिस एफएसएल की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके बाद हत्या के सटीक कारणों और तौर-तरीकों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस घटना में किसी अन्य की संलिप्तता है या नहीं।

सीसीटीवी फुटेज बना खुलासे का आधार

पुलिस के अनुसार, घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर अभियुक्त कामिनी को अकेले निकलते हुए देखा गया था। इसी सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस ब्लाइंड मर्डर केस का सफल उद्भेदन संभव हो सका।

पुलिस की आम जनता से अपील

प्रेसवार्ता के दौरान पुलिस ने आम जनता से अपील करते हुए कहा है कि सभी लोग अपने घरों और इंडस्ट्रियल एरिया में हाई क्वालिटी सीसीटीवी कैमरे जरूर लगवाएं। इससे समाज में विधि-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलती है और किसी भी प्रकार की आपराधिक घटना होने पर अपराधियों की पहचान और कांड के उद्भेदन में पुलिस को बड़ी सहायता मिलती है।

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जाम के झंझट से कब मिलेगी मुक्ति? मुक्तापुर ओवरब्रिज के निर्माण को गति देने सड़क पर उतरा मंच!

गुणवत्तापूर्ण निर्माण और एप्रोच सड़क को वाहन योग्य (मोटरेबल) बनाने की उठी जोरदार मांग; डीएम और डीआरएम को सौंपा जाएगा ज्ञापन।

समस्तीपुर: बिहार के समस्तीपुर शहर के बहुप्रतीक्षित मुक्तापुर रेल ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण कार्य इन दिनों सुस्त रफ्तार और प्रशासनिक लालफीताशाही के दलदल में फंसा नजर आ रहा है। जाम के नासूर बन चुके इस मार्ग पर जनता की रोज-रोज की परेशानियों को संज्ञान में लेते हुए आखिरकार रविवार को समस्तीपुर रेल विस्तार एवं विकास मंच की टीम सड़क पर उतर आई। मंच के पदाधिकारियों और सदस्यों ने मुक्तापुर रेल गुमटी पहुंचकर निर्माणाधीन आरओबी स्थल का औचक निरीक्षण किया और चल रहे कार्यों की जमीनी हकीकत का बारीकी से विश्लेषण किया।

समस्तीपुर: मुक्तापुर रेल गुमटी पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज का निरीक्षण करते समस्तीपुर रेल विस्तार एवं विकास मंच के पदाधिकारी एवं सदस्य।

जमीनी हकीकत: क्या है रुकावटों का सच?

निरीक्षण के दौरान मंच की टीम ने केवल कागजी दावों को परखने के बजाय सीधे मैदान पर जाकर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान स्थानीय दुकानदारों, आम नागरिकों, रोजाना सफर करने वाले वाहन चालकों और मौके पर मौजूद निर्माण कंपनी के प्रबंधक से लंबी बातचीत की गई। चर्चा में यह बात खुलकर सामने आई कि निर्माण कार्य की गति इतनी धीमी क्यों है।

विश्लेषण करने पर मुख्य रूप से तीन विभागों के बीच आपसी तालमेल की कमी और प्रशासनिक अड़चनें बड़ी बाधा के रूप में उभरीं:

  1. बिजली विभाग: निर्माण स्थल के दायरे में आ रहे बिजली के पोलों को समय पर हटाकर किनारे शिफ्ट नहीं किया गया है।
  2. वन विभाग: मार्ग की बाधा बन रहे पेड़-पौधों के स्थानांतरण और आवश्यक औपचारिकताओं में देरी हो रही है।
  3. रेल विभाग: गुमटी के पास वैकल्पिक आवागमन के लिए सुचारू डायवर्सन मार्ग उपलब्ध कराने की प्रक्रिया अधूरी है।

इन तमाम बाधाओं के कारण निर्माण एजेंसी चाहकर भी अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रही है, जिससे जनता का गुस्सा सातवें आसमान पर है।

मंच की दो टूक: समन्वय बिठाकर तय सीमा में हो काम

समस्तीपुर रेल विस्तार एवं विकास मंच के प्रतिनिधियों ने कड़े शब्दों में कहा कि विभागों की आपसी सुस्ती और लालफीताशाही की कीमत समस्तीपुर की जनता नहीं चुकाएगी। मंच ने संबंधित सभी विभागों (रेल, विद्युत और वन विभाग) के बीच तत्काल उच्चस्तरीय समन्वय स्थापित करने की मांग की। प्रतिनिधियों ने जोर देकर कहा कि यदि प्रशासनिक स्तर पर तेजी नहीं लाई गई, तो यह महत्वाकांक्षी परियोजना समय पर पूरी नहीं हो पाएगी, जिससे लागत और जनसमस्याएं दोनों बढ़ेंगी।

जनता की तीन प्रमुख मांगें

निरीक्षण के बाद मंच ने निर्माण कार्य को लेकर तीन सूत्रीय प्राथमिक मांगें रखी हैं, जिनपर कोई समझौता नहीं किया जा सकता:

  • गुणवत्ता से समझौता नहीं: ओवरब्रिज का निर्माण तकनीकी मानकों के अनुरूप पूरी तरह गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की दुर्घटना या संरचनात्मक कमजोरी न आए।
  • समुचित एप्रोच सड़क: पुल के दोनों सिरों पर मानकों के अनुसार चौड़ी और सुदृढ़ एप्रोच सड़क का निर्माण सुनिश्चित किया जाए।
  • सड़क को मोटरेबल बनाना: निर्माण कार्य के दौरान उड़ने वाली धूल, कीचड़ और गड्ढों से बेहाल हो चुकी सड़क को तत्काल ‘मोटरेबल’ (वाहन योग्य) बनाया जाए ताकि राहगीरों और वाहन चालकों को रोजाना के त्रासद जाम और हादसों से राहत मिल सके।

अब उच्चाधिकारियों के दरबार में उठेगी आवाज

मुक्तापुर रेल गुमटी पर वर्षों से सुलग रही इस समस्या के समाधान के लिए मंच ने अब आर-पार की रणनीति बनाई है। निरीक्षण दल ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि इन तमाम समस्याओं, जमीनी बाधाओं और जनता की मांगों का एक विस्तृत ज्ञापन तैयार किया जाएगा। इस ज्ञापन को जल्द ही जिला कलेक्टर (DM), रेल मंडल प्रबंधक (DRM) और अन्य संबंधित उच्चाधिकारियों को सौंपा जाएगा, ताकि प्रशासनिक दबाव बनाकर निर्माण कार्य को तीव्र गति से पटरी पर लाया जा सके।

निरीक्षण दल में ये रहे शामिल

इस महत्वपूर्ण जन-निरीक्षण अभियान के दौरान समस्तीपुर रेल विस्तार एवं विकास मंच के कई प्रमुख और सक्रिय सदस्य मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से सुरेंद्र प्रसाद सिंह, राकेश कुमार ठाकुर, शंकर प्रसाद साह, राम विनोद पासवान, विश्वनाथ सिंह हजारी, शत्रुघ्न राय पंजी, मनोज कुमार, अशोक कुमार, मो. असगर अंसारी, और मिथिलेश कुमार राय शामिल रहे।

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छात्राओं को हर महीने मिलेंगे 10 हजार रुपये और बिहार में महिलाओं के लिए खुलेगा अलग विश्वविद्यालय! एक करोड़ महिलाओं को सीधे रोजगार

पटना : बिहार की आधी आबादी के लिए आज का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ है। सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र स्थित बापू सभागार में बिहार राज्य महिला आयोग के 25वें स्थापना दिवस समारोह का भव्य शुभारंभ किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने महिलाओं के विकास, शिक्षा और सुरक्षा को लेकर कई ऐसी बड़ी घोषणाएं कीं, जिन्होंने राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में हलचल मचा दी है। समारोह में मुख्यमंत्री ने विशेष डाक टिकट जारी करने के साथ ही आयोग की रजत जयंती स्मारिका का भी विमोचन किया।

पटना के बापू सभागार में बिहार राज्य महिला आयोग के 25वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान स्मारिका का विमोचन करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, आयोग की अध्यक्ष अप्सरा एवं अन्य गणमान्य लोग।

एक करोड़ महिलाओं को रोजगार का मेगा प्लान

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पटना के बापू सभागार में बिहार राज्य महिला आयोग के 25वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान स्मारिका का विमोचन करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, आयोग की अध्यक्ष अप्सरा एवं अन्य गणमान्य लोग।ने ऐलान किया कि सरकार का मुख्य लक्ष्य राज्य की एक करोड़ महिलाओं को सीधे रोजगार से जोड़ना है। जीविका के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना और अन्य विभिन्न योजनाओं के जरिए महिलाओं को सिलाई, मुर्गी पालन, बकरी पालन जैसे व्यवसायों से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। इसके अलावा, पोशाक योजना के तहत मिलने वाली राशि की बजाय अब जीविका दीदियों द्वारा तैयार किए गए पोशाक उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।

पीएचडी करने वाली छात्राओं को हर महीने मिलेंगे 10 हजार रुपये

उच्च शिक्षा और शोध को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बालिका पीएचडी फेलोशिप की शुरुआत की है। इसके तहत हर साल एक हजार छात्राओं को 10 हजार रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इतना ही नहीं, महिलाओं की उच्च शिक्षा को और व्यापक बनाने के लिए बिहार में महिलाओं के लिए एक समर्पित विश्वविद्यालय स्थापित करने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है।

सुरक्षा में नंबर वन बिहार: लागू हुई पुलिस दीदी की व्यवस्था

महिला सुरक्षा के मोर्चे पर बड़ा दावा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के आसपास छात्राओं की सुरक्षा के लिए महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है और इसके लिए ‘पुलिस दीदी’ की व्यवस्था लागू करने वाला बिहार देश का पहला राज्य बन गया है। पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण मिलने से महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को भी नई मजबूती मिली है।

इस शानदार कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा ने भी संबोधित किया। इस दौरान राज्य सरकार के कई मंत्री, वरीय अधिकारी, डाक विभाग के पदाधिकारी और भारी संख्या में महिलाएं व आम नागरिक उपस्थित रहे।

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गोदाम में गार्ड की निर्मम हत्या कर 338 बोरी खाद लूटने वाले 2 कुख्यात गिरफ्तार, ट्रक और माल बरामद!

मुजफ्फरपुर: जिले के बेला थाना क्षेत्र में डकैती के दौरान सुरक्षा गार्ड की सनसनीखेज हत्या के मामले का पुलिस ने आखिरकार सफल उद्भेदन कर दिया है। इस जघन्य हत्याकांड और लूटपाट की घटना को अंजाम देने वाले दो कुख्यात अभियुक्तों को पुलिस ने धर दबोचा है। गिरफ्तार अपराधियों का पहले से भी आपराधिक इतिहास रहा है।

इस बहुचर्चित कांड का खुलासा करते हुए मुजफ्फरपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक कान्तेश कुमार मिश्र ने प्रेस वार्ता के दौरान पूरे मामले का पर्दाफाश किया।

बेला थाना क्षेत्र में डकैती और गार्ड हत्याकांड मामले में गिरफ्तार दोनों कुख्यात अभियुक्तों के साथ मुजफ्फरपुर पुलिस।

क्या है पूरा मामला?

घटना दिनांक 10.09.2026 की है। बेला थाना क्षेत्र के फेज-01 स्थित एक निजी कंपनी के खाद्य एवं सीमेंट गोदाम में तैनात सुरक्षा गार्ड की अज्ञात अपराधियों द्वारा बेरहमी से हत्या कर दिए जाने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। शव को कब्जे में लेकर अंत्यपरीक्षण हेतु अस्पताल भेजा गया और घटनास्थल से एफएसओएल की टीम द्वारा साक्ष्य संकलन किया गया।

मृतक की पत्नी के लिखित आवेदन के आधार पर बेला थाना कांड संख्या-63/26 दर्ज की गई थी। कांड की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देशन, पुलिस अधीक्षक नगर के अनुश्रवण एवं अपर पुलिस अधीक्षक नगर-01 के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। टीम में प्रभारी जिला आसूचना इकाई और बेला थानाध्यक्ष को भी शामिल किया गया था।

सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों से खुला राज

गठित टीम ने घटनास्थल के आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी फुटेज का निरंतर अवलोकन किया और मानवीय एवं तकनीकी आसूचना संकलन के आधार पर लगातार छापेमारी शुरू की। अनुसंधान के क्रम में यह बात सामने आई कि डकैती के दौरान जब सुरक्षा गार्ड ने विरोध किया, तो अपराधियों ने उसके साथ मारपीट कर उसकी हत्या कर दी और गोदाम से भारी मात्रा में खाद की डकैती कर ली।

ताबड़तोड़ छापेमारी में धराए अपराधी

इसी कड़ी में दिनांक 18.09.2026 को मिली गुप्त सूचना के आधार पर डकैती और हत्याकांड की घटना में संलिप्त अभियुक्त सह ट्रक चालक अर्जुन कुमार, थाना-फकुली, जिला-मुजफ्फरपुर को गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त ट्रक को फकुली थाना क्षेत्र से बरामद किया गया और ट्रक से खाद के गिरे हुए अवशेष को साक्ष्य के रूप में संकलित किया गया।

अर्जुन कुमार से पूछताछ और उसकी निशानदेही पर घटना में संलिप्त सहयोगी अभियुक्त एवं मुख्य षड्यंत्रकर्ता के करीबी दीपक कुमार, थाना-कुढ़नी, जिला-मुजफ्फरपुर को अहियापुर थाना क्षेत्र के बैरिया बस स्टैंड के पास से गिरफ्तार किया गया।

पुलिस द्वारा बरामद डकैती में प्रयुक्त ट्रक और पूर्वी चंपारण से जब्त की गई 338 बोरी खाद।

भारी मात्रा में खाद और ट्रक जब्त

गिरफ्तार दोनों अभियुक्तों की निशानदेही पर लूटी गई 338 बोरी खाद को पूर्वी चंपारण जिले के राजपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत लहलादपुर स्थित एक ईंट-भट्ठे के कार्यालय से दंडाधिकारी की उपस्थिति में विधिवत जब्त किया गया।

गिरफ्तारी:-

  1. अर्जुन कुमार, थाना-फकुली, जिला-मुजफ्फरपुर।
  2. दीपक कुमार, थाना-कुढ़नी, जिला-मुजफ्फरपुर।

बरामदगी:-

  1. खाद की बोरी – 338
  2. डकैती की घटना में प्रयुक्त ट्रक – 01
  3. डीबीआर – 01

अपराधियों का काला इतिहास

पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्तों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। गिरफ्तार अभियुक्त दीपक कुमार का आपराधिक इतिहास भी रहा है:

  1. सदर थाना कांड संख्या-891/23, डकैती कांड।
  2. सदर थाना कांड संख्या-954/23, डकैती की योजना एवं शस्त्र अधिनियम।

घटना में शामिल अन्य फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छापेमारी लगातार जारी है और इस मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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