मुजफ्फरपुर में शिक्षा के नाम पर ‘नकली’ खेल: डीएम के आदेश पर रडार पर आए 16 फर्जी DPS स्कूल

ब्रांड चोरी कर लूट रहे थे अभिभावकों की जेब: जिला प्रशासन ने 16 स्कूलों की सूची जारी कर मांगा जवाब

रिर्पोट :- एस. एस. कुमार पंकज

मुजफ्फरपुर। जिले में शिक्षा के नाम पर ‘ब्रांड’ की चोरी और अभिभावकों की गाढ़ी कमाई पर डाका डालने का एक बहुत बड़ा सिंडिकेट सक्रिय है। दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) जैसे प्रतिष्ठित नाम का सहारा लेकर गली-कूचों में दुकानें सजाए बैठे शिक्षा माफियाओं के खिलाफ अब जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने सर्जिकल स्ट्राइक शुरू कर दी है। प्रशासन के इस कड़े रुख से जिले के फर्जी स्कूल संचालकों के पसीने छूट रहे हैं।

नाम बड़ेऔर दर्शन फर्जी‘: मुजफ्फरपुर में DPS के नाम पर चल रही दुकानों पर अब लगेगा ताला!

शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक, DPS के मिलते-जुलते नाम और लोगो लगाकर स्कूल खोलना एक मुनाफे का धंधा बन गया था। असली ‘दिल्ली पब्लिक स्कूल सोसाइटी’ (नई दिल्ली) के नाम का दुरुपयोग कर ये स्कूल न केवल कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को भी ठेंगा दिखा रहे हैं। जिलाधिकारी के आदेश पर अब इन सभी संस्थानों की कुंडली खंगाली जा रही है।

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यह सिर्फ कॉपीराइट का उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह हज़ारों बच्चों के भविष्य के साथ सीधे तौर पर धोखाधड़ी है। एक प्रतिष्ठित ब्रांड का नाम देखकर अभिभावक भारी-भरकम फीस भरते हैं, इस उम्मीद में कि उनके बच्चे को विश्वस्तरीय शिक्षा मिलेगी। लेकिन धरातल पर इन स्कूलों के पास न तो उचित इंफ्रास्ट्रक्चर है और न ही योग्य शिक्षक। प्रशासन की यह कार्रवाई मुजफ्फरपुर में उस ‘ब्रांड कल्चर’ पर गहरी चोट है, जिसके पीछे केवल लूट का काला कारोबार छिपा है।


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जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO), बिहार शिक्षा परियोजना, मुजफ्फरपुर ने पत्र संख्या 1047 के माध्यम से जिले के विभिन्न प्रखंडों में चल रहे निम्नलिखित 16 संदिग्ध स्कूलों की सूची जारी की है और उनकी जांच के आदेश दिए हैं:

क्र.सं.स्कूल का नाम (अंग्रेजी में)स्कूल का नाम (हिंदी में)संबंधित प्रखंड
1DELHI INTERNATIONAL SCHOOLदिल्ली इंटरनेशनल स्कूलमुशहरी
2DELHI PUBLIC SCHOOL (A-WING) AURAIदिल्ली पब्लिक स्कूल (A-विंग), औराईऔराई
3Delhi Public School (H-Wing)दिल्ली पब्लिक स्कूल (H-विंग)बरुराज (मोतीपुर)
4DELHI PUBLIC SCHOOL INTERNATIONAL GARHANदिल्ली पब्लिक स्कूल इंटरनेशनल, गरहांबोचहाँ
5Delhi public school international jafarpurदिल्ली पब्लिक स्कूल इंटरनेशनल, जाफरपुरपारू
6Delhi Public School International Kantiदिल्ली पब्लिक स्कूल इंटरनेशनल, कांटीकांटी
7DELHI PUBLIC SCHOOL JHAPHANदिल्ली पब्लिक स्कूल, झपहाँमुशहरी
8DELHI PUBLIC SCHOOL LAKHANPUR, KATRAदिल्ली पब्लिक स्कूल, लखनपुर, कटराकटरा
9DELHI PUBLIC SCHOOL MITHANPURAदिल्ली पब्लिक स्कूल, मिठनपुरामुशहरी
10DELHI PUBLIC SCHOOL MUZAFFARPURदिल्ली पब्लिक स्कूल, मुजफ्फरपुरकुढ़नी
11DELHI PUBLIC SCHOOL SARAIYAदिल्ली पब्लिक स्कूल, सरैयासरैया
12DELHI PUBLIC SCHOOL, YAJUARदिल्ली पब्लिक स्कूल, यजुआरकटरा
13DELHI PUBLIC SCHOOL, SHARFUDDINPURदिल्ली पब्लिक स्कूल, शर्फुद्दीनपुरबोचहाँ
14D.P.S. KIDS, BHAGWANPURडी.पी.एस. किड्स, भगवानपुरमुशहरी
15SR. SEC. D.P.S. DHOLI (N.H.-28)सीनियर सेकेंडरी डी.पी.एस. ढोली(एन.एच.-28)सकरा
16D.P.S. JUNIOR INTER SCHOOL, BERIYAडी.पी.एस. जूनियर इंटर स्कूल, बेरियाकांटी

जिलाधिकारी के तेवर देख संचालकों के छूटे पसीने!

जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन के पत्र संख्या 1622 (दिनांक 08.05.2026) के बाद शिक्षा विभाग ने युद्ध स्तर पर कार्रवाई शुरू की है।

  • 3 दिन का अल्टीमेटम: जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) कुमार अरविंद सिन्हा ने नोटिस जारी कर स्पष्ट कर दिया है कि यदि ये स्कूल 3 दिनों के भीतर अपनी सत्यता के साक्ष्य पेश नहीं करते हैं, तो उन पर प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
  • तस्वीरों से होगा मिलान: DPO सुजीत कुमार दास ने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि स्कूलों के मुख्य गेट की रंगीन फोटो और उनके मान्यता संबंधी कागजात 2 दिन के अंदर मुख्यालय को सौंपे जाएं।

DPS स्कूल का झोल, प्रशासन ने खोला पोल: अब मुजफ्फरपुर में नहीं चलेगी ब्रांड की चोरी!

प्रशासन की इस कार्रवाई ने यह संदेश साफ कर दिया है कि अब जिले में फर्जी नाम के सहारे बच्चों का भविष्य दांव पर नहीं लगाया जा सकेगा। अगर ये स्कूल अपनी वैधता सिद्ध नहीं कर पाते हैं, तो बहुत जल्द इन 16 दुकानों पर स्थायी रूप से ताला लटकना तय है।

ग्राउंड जीरो से बड़ा खुलासा: अभी तो यह सिर्फ शुरुआत है, खुलेगी और भी कई ब्रांडेड दुकानोंकी पोल!

मुजफ्फरपुर में शिक्षा के नाम पर जारी यह फर्जीवाड़ा सिर्फ इन 16 स्कूलों तक सीमित नहीं है। जानकारों की मानें तो आने वाले समय में यह सूची और भी लंबी होने वाली है। हमारे मीडियाकर्मियों की टीम लगातार इस ‘लूट तंत्र’ की जड़ों तक पहुँचने का प्रयास कर रही है, जिसमें ग्रामीण इलाकों में संचालित कई ऐसे नामचीन स्कूलों के चेहरे बेनकाब होंगे, जिन्हें जानकर प्रशासन और अभिभावक दोनों ‘शॉक्ड’ रह जाएंगे।

ग्रामीण क्षेत्रों से ग्राउंड जीरो की ऐसी चौंकाने वाली तस्वीरें सामने आई हैं, जो दिल दहला देने वाली हैं। एक साथ दर्जनों बच्चों को स्कूल बस में भेड़-बकरियों की तरह लादकर और कुछ को पैदल ‘अस्पताल’ से निकलते देख हर कोई दंग है। पहली नजर में ऐसा लगता है मानो कोई महामारी फैली हो और इतने सारे बच्चे एक साथ बीमार हो गए हों, लेकिन हकीकत इससे कहीं ज्यादा कड़वी है। आखिर इन स्कूलों के पास अस्पताल जैसी व्यवस्था के नाम पर क्या छुपाया जा रहा है?

इतना ही नहीं, उस स्कूल के मासूम बच्चों ने ही प्रबंधन की ऐसी ‘पोल खोल दास्तां’ बयां की है, जिससे जिला प्रशासन अब तक पूरी तरह अनजान रहा है। बच्चों के बयानों ने स्कूल के बंद कमरों के पीछे चल रहे मैनेजमेंट के हेरा फेरी के खेल को जगजाहिर कर दिया है। यह खबर अभी खत्म नहीं हुई है, हम जल्द ही उन तस्वीरों और सबूतों के साथ लौटेंगे जिन्हें देख आप दांतों तले उंगलियां दबा लेंगे। बने रहें हमारे साथ, क्योंकि अगली रिपोर्ट आपके होश उड़ा देगी!

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