बिहार पुलिस महकमे में ‘महा-तबादला’: 16 IPS अधिकारियों की कुर्सी हिली, देखें पूरी लिस्ट कौन कहाँ गया!

पटना। बिहार सरकार ने प्रशासनिक तंत्र को नई धार देने के लिए पुलिस महकमे में अब तक का सबसे बड़ा फेरबदल किया है। गृह विभाग द्वारा जारी ताजा अधिसूचना के अनुसार, भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के 16 वरिष्ठ अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है। इस सूची में कई दिग्गज अधिकारियों के नाम शामिल हैं, जिन्हें महत्वपूर्ण नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

इन अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी (पूरी सूची):

  1. डॉ. परेश सक्सेना (1994): महानिदेशक-सह-आयुक्त, असैनिक सुरक्षा, बिहार, पटना।
  2. निर्मल कुमार आजाद (1994): पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण), बिहार, पटना।
  3. सुधांशु कुमार (1996): अपर पुलिस महानिदेशक (विधि-व्यवस्था), बिहार। इसके साथ ही वे अपर पुलिस महानिदेशक (यातायात) के अतिरिक्त प्रभार में भी रहेंगे।
  4. डॉ. अमित कुमार जैन (1996): अपर पुलिस महानिदेशक (आर्थिक अपराध इकाई), बिहार, पटना।
  5. नैय्यर हसनैन खान (1996): अपर पुलिस महानिदेशक (बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस), बिहार, पटना।
  6. डॉ. कमल किशोर सिंह (1996): अपर पुलिस महानिदेशक (रेलवे), बिहार, पटना।
  7. अजिताभ कुमार (1997): अपर पुलिस महानिदेशक (राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो एवं आधुनिकीकरण), बिहार।
  8. संजय सिंह (1997): अपर पुलिस महानिदेशक (बजट/अपील एवं कल्याण), बिहार। साथ ही अपर पुलिस महानिदेशक (सुरक्षा) का अतिरिक्त प्रभार।
  9. अमित लोढ़ा (1998): अपर पुलिस महानिदेशक (तकनीकी सेवायें एवं संचार), बिहार, पटना।
  10.  अमृत राज (1998): अपर पुलिस महानिदेशक (साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई), बिहार, पटना।
  11.  कासे सुहिता अनुपम (1998): अपर पुलिस महानिदेशक (कमजोर वर्ग) अपराध अनुसंधान विभाग, बिहार।
  12. विकास वैभव (2003): पुलिस महानिरीक्षक (IG), मगध क्षेत्र, गया।
  13. क्षत्रनील सिंह (2005): विशेष सचिव, गृह विभाग (विशेष शाखा), बिहार, पटना।
  14. पी. कन्नन (2005): पुलिस महानिरीक्षक (प्रोविजनिंग), बिहार। साथ ही आईजी (आधुनिकीकरण) का अतिरिक्त प्रभार।
  15. रंजीत कुमार मिश्रा (2007): पुलिस महानिरीक्षक (अपराध अनुसंधान विभाग), बिहार। साथ ही आईजी (साइबर अपराध) का अतिरिक्त प्रभार।
  16. संजय कुमार (2008): पुलिस महानिरीक्षक (विशेष शाखा), बिहार, पटना।

क्यों अहम है यह बदलाव?

बिहार सरकार का यह कदम राज्य में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने और पुलिसिंग में आधुनिकता लाने के उद्देश्य से देखा जा रहा है। विशेष रूप से साइबर अपराध और आर्थिक अपराध इकाइयों में अनुभवी अधिकारियों की तैनाती से इन क्षेत्रों में बड़ी कार्रवाई की उम्मीद है।

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