Friday, October 30, 2026

समस्तीपुर में छात्रा उत्पीड़न और छेड़खानी के खिलाफ उबाल, नागरिक समाज और संगठनों ने निकाला उग्र प्रतिवाद जुलूस; मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग

समस्तीपुर, 24 सितंबर 2026: बिहार के समस्तीपुर जिले में महिलाओं और छात्राओं पर बढ़ते अत्याचार, उत्पीड़न और छेड़खानी की घटनाओं के खिलाफ आक्रोश उमड़ पड़ा है। कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगतसिंहपुर में एक छात्रा के साथ हुई कथित छेड़खानी की घटना और मुसरीघरारी के लाटबसेपुरा में हुई छेड़खानी की घटना के विरोध में बृहस्पतिवार की शाम समस्तीपुर शहर के स्टेडियम गोलंबर पर एक उग्र प्रतिवाद जुलूस निकाला गया और विशाल सभा का आयोजन किया गया। नागरिक समाज, आइसा  एवं ऐपवा  के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों लोगों ने भाग लिया और सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

समस्तीपुर के स्टेडियम गोलंबर पर कर्पूरीग्राम छात्रा उत्पीड़न मामले को लेकर प्रदर्शन करते नागरिक समाज, आइसा और ऐपवा के सदस्य।

बेटियों की सुरक्षा में विफल सरकार पर फूटा गुस्सा सभा के दौरान वक्ताओं ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में कहा कि प्रदेश में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं और सरकार पूरी तरह विफल साबित हो रही है। इस दौरान आक्रोशित लोगों ने बढ़ते अपराधों के विरोध में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला फूंका और उनके इस्तीफे की मांग की।

दोषियों को बचाने पर पुलिस-प्रशासन को घेरा सभा की संयुक्त अध्यक्षता ऐपवा की जिला अध्यक्ष बंदना सिंह और आइसा के जिला अध्यक्ष लोकेश राज ने की। वहीं, मंच का संचालन भाकपा माले जिला कमिटी सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह और आइसा जिला सचिव सुनील कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से किया।

सभा को संबोधित करते हुए आइसा जिला सचिव सुनील कुमार सिंह ने तीखा सवाल उठाया कि यदि वीडियो वायरल होने पर ही पुलिस कार्रवाई करती है, तो फिर उस वीडियो को वायरल करने वाले पत्रकार और आईडी धारक पर कार्रवाई क्यों की जा रही है? उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े किए।

ऐपवा जिला अध्यक्ष बंदना सिंह ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में दो टूक कहा कि जिले में छेड़खानी के तमाम मामलों के आरोपियों को बचाने का खेल चल रहा है। उन्होंने मांग की कि छेड़खानी के सभी आरोपियों को संरक्षण देने के बजाय तत्काल जेल के सलाखों के पीछे बंद किया जाए।

प्रमुख वक्ताओं ने की कड़ी कार्रवाई की मांग इस प्रतिवाद सभा में विभिन्न राजनीतिक दलों, ट्रेड यूनियनों और सामाजिक संगठनों के दिग्गजों ने हिस्सा लिया। सभा को संबोधित करने वालों में नागरिक समाज के दीनबंधु प्रसाद, मो० सगीर, मनोज कुमार सिंह, जीतेन्द्र कुमार; भाकपा माले के जीतेंद्र कुशवाहा, राजकुमार चौधरी, रामलाल राम; पूर्व वार्ड पार्षद अर्जुन कुमार, संजीत पासवान; आइसा के दीपक यदुवंशी, धीरज कुमार, हिमांशु कुमार, अनील कुमार, संजीव कुमार, गोलू कुमार, द्रख्शा जबीं, मो० मेराज आलम; राजद के राम विनोद पासवान; कांग्रेस के विश्वनाथ सिंह हजारी; सामाजिक कार्यकर्ता शाहीद हुसैन; एनजीओ संघ के अधिवक्ता संजय कुमार बबलू; रेलवे ट्रेड यूनियन के संतोष कुमार निराला और सामाजिक कार्यकर्ता अशोक कुमार सहित कई अन्य लोग शामिल रहे।

वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ लगातार बढ़ रहे अपराध बेहद चिंताजनक हैं। पुलिस-प्रशासन को मामलों में लीपापोती करने के बजाय दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कठोर सजा दिलानी चाहिए। साथ ही, पीड़िता को न्याय, सुरक्षा और समुचित सहायता मुहैया कराने की पुरजोर मांग की गई।

कार्यक्रम के अंत में तमाम लोगों ने एकजुट होकर यह संकल्प लिया कि महिलाओं एवं छात्राओं की सुरक्षा के लिए उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा और ऐसी घटनाओं के खिलाफ वे लगातार आवाज उठाते रहेंगे।

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सीएम सम्राट चौधरी ने कोसी-गंडक के बाढ़ के दंश को जड़ से उखाड़ने और एक्सप्रेस-वे व सोलर पावर प्लांटों का जाल बिछाने का किया ऐेलान!

बक्सर से भागलपुर तक तीन सौ अड़तालीस किलोमीटर लंबे छह-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे और पीरपैंती पावर प्लांट के कार्यों में तेजी लाने का कड़ा निर्देश!

पटना : बिहार में आधारभूत संरचना, जल संसाधन प्रबंधन और ऊर्जा क्षेत्र को अभूतपूर्व गति देने के उद्देश्य से एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करते हुए सम्राट चौधरी ने राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए कई कड़े और दूरगामी निर्देश जारी किए। सरकार का मुख्य फोकस बाढ़ के स्थायी समाधान, आधुनिक सड़क नेटवर्क के विस्तार और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने पर है।

कोसी और गंडक नदी प्रणाली: बाढ़ के दंश से स्थायी मुक्ति की रणनीति

बिहार के उत्तरी हिस्से खासकर कोसी और गंडक नदी के क्षेत्र में आने वाली बाढ़ की विभीषिका से लोगों को स्थायी राहत दिलाने के लिए सरकार ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। बैठक के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि अब केवल वार्षिक बाढ़ राहत कार्यों तक सीमित नहीं रहा जाएगा, बल्कि दीर्घकालिक बाढ़ जोखिम न्यूनीकरण (लॉन्ग-टर्म फ्लड रिस्क मिटिगेशन) की नीति पर काम होगा।

कोसी क्षेत्र को बहु-जिला नदी गलियारे के रूप में विकसित करने का निर्देश दिया गया है ताकि लोगों, संपत्तियों और कनेक्टिविटी को सुरक्षित किया जा सके। इसके साथ ही, कोसी नदी के शुरुआती एक सौ किलोमीटर के विशेष डेंजर जोन में डबल शीट पायलिंग करने और गाद (सिल्ट) प्रबंधन को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया है, जिससे नदियों की जल संग्रहण और प्रवाह क्षमता में सुधार होगा। साथ ही, नए बैराज के निर्माण की दिशा में भी त्वरित कार्रवाई करने को कहा गया है। गंडक नदी के तटबंधों पर सोलर प्लांट लगाने का भी अनूठा निर्देश दिया गया है, जिससे ऊर्जा उत्पादन के साथ तटबंधों की उपयोगिता बढ़ेगी। गंगा, कोसी और गंडक के दोनों तटों को मजबूत करते हुए उनके किनारे फोरलेन सड़कों के निर्माण की योजना है ताकि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को एक समृद्ध क्षेत्र में बदला जा सके।

बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेस-वे और अन्य पथ परियोजनाओं से बदलेगी कनेक्टिविटी

पथ निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान बक्सर से भागलपुर तक बनने वाले छह-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे की प्रगति की विशेष रूप से चर्चा हुई। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की कुल लंबाई तीन सौ अड़तालीस दशमलव एक नौ छह किलोमीटर है, जिसमें से तीन सौ छत्तीस दशमलव दो शून्य पांच किलोमीटर का हिस्सा बिहार में और लगभग बारह किलोमीटर का हिस्सा उत्तर प्रदेश में पड़ता है। इसके अलावा, गंगा-अंबिका पथ (बिदुपुर-दिघवारा), नारायणी पथ (दरिहारा-डुमरिया घाट) और विश्वामित्र पथ (बक्सर-आरा-मनेर) जैसी प्रमुख सड़क परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने और तय समय-सीमा का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है।

ऊर्जा और हरित विकास: पीरपैंती प्लांट और पी०एम० कुसुम योजना पर जोर

ऊर्जा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य में कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। बैठक में तीन गुणा आठ सौ मेगावाट यानी चौबीस सौ मेगावाट क्षमता वाली पीरपैंती तापीय विद्युत परियोजना और बांका तापीय विद्युत संयंत्र के कार्यों की गहन समीक्षा की गई।

इसके साथ ही, प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत कृषि फीडरों के सोलराइजेशन के कार्य को तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया गया है। कृषि क्षेत्र को पर्याप्त और भरोसेमंद बिजली मुहैया कराने के लिए यह कदम बेहद अहम है। इसके तहत राजकीय नलकूपों (ट्यूबवेल) को भी सौर ऊर्जा से संचालित करने के लिए तेजी से काम करने को कहा गया है, जिससे किसानों को निर्बाध सिंचाई सुविधा मिल सके।

समीक्षा बैठक में इनकी रही प्रमुख उपस्थिति

इस उच्चस्तरीय बैठक में प्रशासनिक स्तर पर कई दिग्गज अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें दीपक कुमार, प्रत्यय अमृत, पंकज कुमार पाल, अजय यादव, संजय कुमार सिंह, डॉ० चन्द्रशेखर सिंह और सौरभ जोरवाल शामिल थे। सरकार ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय और नियमित निगरानी के साथ सभी परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का स्पष्ट संदेश दिया है।

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बेगूसराय को रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय की सौगात, पुलिस को मिलेंगे 50 अत्याधुनिक ड्रोन

रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय और माँ सीता विश्वविद्यालय की स्थापना को मिली हरी झंडी

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के विकास और आम जनता से जुड़े कई ऐतिहासिक एवं बड़े फैसले लिए गए हैं। इस हाई-प्रोफाइल बैठक में शिक्षा, ऊर्जा, सुरक्षा और कृषि क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं पर मुहर लगी है, जिससे पूरे राज्य में खुशी की लहर दौड़ गई है।

रामधारी सिंह दिनकर की जयन्‍ती कार्यक्रम तें शामिल राज्‍यपाल एवं सीएम

बिहार के शिक्षा जगत के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा है। मंत्रिपरिषद ने बेगूसराय में रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय की स्थापना को औपचारिक मंजूरी दे दी है। इस विश्वविद्यालय के प्रारंभिक खर्च और अधिकारियों व कर्मचारियों के वेतन आदि के लिए 15 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।

इसके साथ ही, बिहार विशिष्ट विश्वविद्यालय अधिनियम, 2026 के तहत पटना में ‘माँ सीता’ विश्वविद्यालय की स्थापना के प्रस्ताव में संशोधन करते हुए ‘माता सीता’ विश्वविद्यालय नाम से स्थापना की स्वीकृति दी गई है। इसके शुरुआती कामकाज और प्रशासनिक खर्च के लिए भी 15 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।

सुरक्षा के मोर्चे पर बड़ा कदम: 50 ड्रोन और सुरक्षा उपकरणों के लिए करोड़ों मंजूर

राज्य में कानून-व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद बनाने के लिए गृह विभाग को बड़ी ताकत दी गई है। पुलिस आधुनिकीकरण योजना के तहत क्राउड कंट्रोल, नदी क्षेत्र में ऑपरेशन, अपराध नियंत्रण और आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए कुल 50 आधुनिक ड्रोन खरीदे जाएंगे। इसके लिए 24.50 करोड़ रुपये (2,450 लाख रुपये) की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।

इसके अतिरिक्त, जिला पुलिस, रेल पुलिस, मद्यनिषेध और राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के सुदृढ़ीकरण तथा लोक भवन के उपयोग हेतु आवश्यक उपकरणों और उपस्करों की खरीद के लिए 33.68 करोड़ रुपये (3,368.50 लाख रुपये) की राशि मंजूर की गई है।

ऊर्जा क्षेत्र और कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत

पूर्ववर्ती बिहार राज्य विद्युत बोर्ड के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आई है। दिनांक 31 अक्टूबर 2012 तक की अवधि के अनफंडेड टर्मिनल बेनिफिट के दायित्व के विरुद्ध वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 757.63 करोड़ रुपये की राशि बिहार स्टेट पावर (होल्डिंग) कंपनी लिमिटेड को पांच समान किस्तों में उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी गई है।

डेयरी विकास और मुख्यमंत्री गौधन विकास ऋण योजना से चमकेगी किसानों की किस्मत

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग की कई योजनाओं को मंजूरी मिली है:

मुख्यमंत्री गौधन विकास ऋण योजना: वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक तीन वर्षों के लिए इस राज्य योजना को मंजूरी दी गई है, जिसकी अनुमानित लागत 1,600.10 करोड़ रुपये (1,60,00,10,000 रुपये) है।

  • कोसी क्षेत्र में डेयरी क्रांति: सुपौल, मधेपुरा और सहसा जिलों में डेयरी विकास के लिए 126.07 करोड़ रुपये (1,26,07,00,000 रुपये) की योजना को हरी झंडी मिली है। कॉमफेड, पटना के माध्यम से संचालित होने वाली इस योजना के तहत दही प्लांट, प्रीमियम आइसक्रीम प्लांट, टोटल मिक्स्ड राशन (TMR) प्लांट, भैंस हीफर फार्म, सेक्स सॉर्टेड सीमेन, नवीन दुग्ध सहकारी समितियां और मिल्क चिलिंग प्लांट जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

शहीद के आश्रित को अनुकंपा पर नौकरी और अन्य महत्वपूर्ण फैसले

अनुकंपा नियुक्ति: युद्ध एवं युद्ध जैसी स्थिति में शहीद हुए सूबेदार संतोष कुमार की आश्रित पत्नी कनक कुमारी को अनुकंपा के आधार पर बिहार सरकार में नौकरी देने की स्वीकृति दी गई है।

  • पटना मेट्रो और कनेक्टिविटी: पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड के तहत जीपीओ गोलंबर के नजदीक मल्टी-मॉडल हब को पटना जंक्शन से जोड़ने वाले निर्मित भूमिगत सब-वे का आधिकारिक नामकरण ‘आचार्य किशोर कुणाल सब-वे’ कर दिया गया है।
  • स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार: राज्य के 12 चिकित्सीय संस्थानों में नामांकन के आधार पर सी-डैक द्वारा विकसित ई-सुश्रुत एनएक्स एप्लीकेशन को लागू करने के लिए 29.79 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।

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राष्ट्रकवि दिनकर की जयंती पर गूंजी ओजस्वी कविताएं, छात्राओं ने दिखायी प्रतिभा!

मुजफ्फरपुर: महात्मा गांधी और रामधारी सिंह दिनकर की पावन भूमि पर बुधवार को साहित्य प्रेमियों के लिए एक ऐतिहासिक और ऊर्जावान दिन रहा। अवसर था शहर के प्रतिष्ठित महंत दर्शन दास महिला महाविद्यालय के स्नातकोत्तर हिंदी विभाग में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की जयंती के भव्य आयोजन का। इस शानदार समारोह में दिनकर के ओज, विद्रोह और राष्ट्रीय चेतना के सुर गूंज उठे, जहां छात्राओं ने अपनी कविताओं और भाषणों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

महंत दर्शन दास महिला महाविद्यालय में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती पर आयोजित समारोह के दौरान मंचासीन शिक्षकगण, काव्य-पाठ एवं भाषण प्रस्तुत करतीं छात्राएं

‘दिनकर‘ हैं राष्ट्रीयता और क्रांति के पर्याय: प्राचार्या अलका जायसवाल

समारोह की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्या डॉ अलका जायसवाल ने राष्ट्रकवि दिनकर के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दिनकर केवल एक कवि नहीं, बल्कि जन-जन के कवि और राष्ट्रीयता के प्रबल पोषक थे। उनकी रचनाएं समाज में चेतना जगाने का कार्य करती हैं।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में स्नातकोत्तर हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ राकेश रंजन ने अपने संबोधन में कहा कि दिनकर की सांस्कृतिक चेतना उच्च कोटि की थी। वे मूर्धन्य गद्यकार और पद्यकार दोनों रूपों में अद्वितीय थे। वे राष्ट्रीय भावना के ओजस्वी गायक, क्रांति के उपासक, प्रेमवीणा के वादक और मानवता के महान संरक्षक थे।

इस दौरान अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। डॉ आशा सिंह यादव ने कहा कि राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर श्रेष्ठ प्रबंधकार थे। डॉ रामदुलार सहनी ने उन्हें जनता का सच्चा कवि बताया, वहीं डॉ रिंकू कुमारी ने कहा कि दिनकर हिंदी साहित्य के सूर्य यानी दिनकर थे।

काव्य-पाठ और भाषण प्रतियोगिता में उमड़ा उत्साह

राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती के उपलक्ष्य में हिंदी विभाग द्वारा एक भव्य काव्य-पाठ प्रतियोगिता एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें महाविद्यालय की 50 छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी कला का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

महंत दर्शन दास महिला महाविद्यालय में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती पर आयोजित समारोह के दौरान शिक्षकगण,एवं  छात्राएं

काव्य-पाठ प्रतियोगिता के विजेता:

  • प्रथम स्थान: दिव्य लता (स्नातकोत्तर चतुर्थ सेमेस्टर) एवं कुमारी तान्या (स्नातक सप्तम सेमेस्टर)
  • द्वितीय स्थान: मोनिका कुमारी (स्नातक द्वितीय सेमेस्टर) एवं नित्यांजलि कुमारी (स्नातक सप्तम सेमेस्टर)
  • तृतीय स्थान: राधा रानी (स्नातक तृतीय सेमेस्टर) एवं ममता कुमारी (स्नातक प्रथम सेमेस्टर)

भाषण प्रतियोगिता के विजेता:

  • प्रथम स्थान: भूमिका चंद्रा (स्नातक सप्तम सेमेस्टर)
  • द्वितीय स्थान: रूपा कुमारी (स्नातक द्वितीय सेमेस्टर)
  • तृतीय स्थान: नैनसी कुमारी (स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर)

माल्यार्पण से लेकर सांस्कृतिक संचालन तक रहा खास

कार्यक्रम की शुरुआत में सर्वप्रथम सभी छात्राओं एवं शिक्षकों द्वारा राष्ट्रकवि दिनकर के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित की गई। इसके बाद मंच का सफल संचालन स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर की अंजलि कुमारी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर की शिखा कुमारी द्वारा किया गया।

इस आयोजन को सफल बनाने में दीपिका कुमारी, अनामिका कुमारी, ज्योति कुमारी, रंजना कुमारी, अदिति कुमारी, अनुप्रिया, सुहानी कुमारी, प्रियंका कुमारी, खुशबू कुमारी, मुस्कान कुमारी, मेधा कुमारी, अनुकृति कुमारी, मोहिनी कुमारी, प्रीति कुमारी, पल्लवी कुमारी, गीतांजलि कुमारी, खुशी कुमारी, चाँदनी कुमारी, रवित कुमारी, बबिता कुमारी, सुषमा कुमारी, लीला कुमारी, काजल कुमारी समेत महाविद्यालय के तमाम शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारीगण मौजूद रहे।

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औचक निरीक्षण से मची खलबली: डीएम कुमार गौरव ने कुढ़नी अस्पताल की कुव्यवस्था पर सादी गाज, 7 दिनों का अल्टीमेटम; डीडीसी ने भी कटरा में गायब कर्मियों पर कसा शिकंजा!

मुजफ्फरपुर: जिले में प्रशासनिक महकमे में उस वक्त हड़कंप मच गया जब जिलाधिकारी कुमार गौरव ने मंगलवार को कुढ़नी प्रखण्ड-सह-अंचल कार्यालय और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। ताबड़तोड़ निरीक्षण के दौरान जहां लापरवाह स्वास्थ्य अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया गया, वहीं दूसरी ओर उप विकास आयुक्त द्वारा कटरा प्रखंड में गायब मिले कर्मियों पर शो कॉज की कार्रवाई की गई है।

कुढ़नी प्रखण्ड के स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी कुमार गौरव

कुढ़नी अस्पताल में कुव्यवस्था पर तल्ख तेवर, 7दिनों में सुधार का अल्टीमेटम

औचक निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी कुमार गौरव ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कुढ़नी की व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान अस्पताल के प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता में भारी लापरवाही तथा उदासीनता बरते जाने का मामला सामने आया। सीएचसी में फैली कुव्यवस्था को देखते हुए जिलाधिकारी ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी और प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक से स्पष्टीकरण (शो कॉज) मांगा है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने चिकित्सा, दवा वितरण, इमरजेंसी और ओटी (ऑपरेशन थिएटर) का गहन जायजा लिया तथा वहां मौजूद मरीजों एवं उनके परिजनों से सीधा फीडबैक भी प्राप्त किया। अधिकारियों को चेताते हुए व्यवस्था सुधारने के लिए अंतिम रूप से ७ दिनों का समय दिया गया है और कमियों को शीघ्र दूर करने का सख्त निर्देश दिया गया है।

कुढ़नी प्रखण्ड-सह-अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी कुमार गौरव

प्रखण्ड-सह-अंचल कार्यालय में पारदर्शिता और परिणाम-आधारित कार्य पर जोर

इससे पूर्व जिलाधिकारी कुमार गौरव ने प्रखण्ड-सह-अंचल कार्यालय, कुढ़नी का भी औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को जनहित के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी पारदर्शिता और उत्तरदायित्व के साथ अपने आधिकारिक दायित्वों का निर्वहन करने का सख्त निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान कार्यालय पहुंचे आम नागरिकों से मिलकर जिलाधिकारी ने उनका फीडबैक भी लिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य सरकार के आदेशों के अनुरूप जिला प्रशासन द्वारा पूरी संवेदनशीलता के साथ जनता के कार्यों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से निष्पादित किया जाना चाहिए। साथ ही, सभी जिला-स्तरीय अधिकारियों को क्षेत्रीय कार्यालयों का नियमित तौर पर निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है ताकि कार्यालय प्रबंधन सुदृढ़ रहे और कार्य परिणाम-आधारित तरीके से संचालित हो सकें।

अभियान बसेरा शिविर का निरीक्षण, पटना जाने की जरूरत नहीं

प्रखण्ड-सह-अंचल कार्यालय के निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी कुढ़नी प्रखण्ड के चदुआ पंचायत स्थित पंचायत सरकार भवन पहुंचे, जहां आयोजित अभियान बसेरा शिविर का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय मुखिया, अन्य जनप्रतिनिधियों तथा आम जनता से विस्तृत बातचीत की। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस तरह के शिविरों का वृहद स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि इनका सफल आयोजन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने विशेष रूप से यह स्पष्ट किया कि इस अभियान के तहत वास भूमि के लिए आवेदन जमा करने हेतु आम लोगों को पटना जाने की कोई आवश्यकता नहीं है।

कटरा प्रखंड में योजनाओं की समीक्षा करते उप विकास आयुक्त।

कटरा प्रखंड में डीडीसी की औचक कार्रवाई, गायब कर्मियों पर शो कॉज

वहीं दूसरी ओर, जिला प्रशासन के अन्य प्रमुख पदाधिकारी उप विकास आयुक्त द्वारा कटरा प्रखंड का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत संचालित योजनाओं—लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान, विकसित भारत जी राम जी (मनरेगा) एवं प्रधानमंत्री आवास योजना की विस्तृत समीक्षा बैठक की गई।

लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के अंतर्गत ‘स्वच्छता ही सेवा’ के क्रियान्वयन में तेजी लाने और प्रगति लाने के लिए कड़े निर्देश दिए गए। इसके साथ ही, विकसित भारत जी राम जी के तहत आंगनबाड़ी और ग्रामीण हाट के निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत लंबित और अपूर्ण आवासों को १ सप्ताह के भीतर हर हाल में पूर्ण करने का निर्देश दिया गया। निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ी लापरवाही यह पाई गई कि विकसित भारत जी राम जी कार्यालय के औचक निरीक्षण के क्रम में कई कर्मी अपने कार्यालय से गायब मिले। इस पर गंभीर रुख अपनाते हुए कार्यक्रम पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि सभी अनुपस्थित कर्मियों से तत्काल शो कॉज किया जाए। उप विकास आयुक्त द्वारा प्रखंडों में प्राप्त पारिवारिक मामलों के समयबद्ध निष्पादन हेतु भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

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बिहार में नौकरियों की महासुनामी! टीआरई-4 के तहत 32,388 पदों पर शिक्षक बहाली का बिगुल बजा, तुरंत जानिए हर एक बात

पटना: बिहार के युवाओं के लिए सरकारी नौकरी पाने का एक और सुनहरा और धमाकेदार मौका सामने आ गया है। बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) द्वारा चतुर्थ चरण की विद्यालय अध्यापक भर्ती परीक्षा (टीआरई-4.0) के संबंध में विज्ञापन संख्या-15/2026 जारी कर दिया गया है। इसके तहत शिक्षा विभाग, बिहार के अंतर्गत विद्यालय अध्यापकों के कुल 32,388 रिक्त पदों पर योग्य उम्मीदवारों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि पूर्व में दिनांक 18.08.2026 को प्रकाशित विज्ञापन संख्या-14/2026 को रद्द कर दिया गया है और अब नए सिरे से आवेदन प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

महत्वपूर्ण तिथियां और शेड्यूल

इच्छुक और योग्य उम्मीदवारों के लिए ऑनलाइन आवेदन और शुल्क भुगतान से जुड़ी महत्वपूर्ण तिथियां इस प्रकार हैं:

  • भुगतान प्रारंभ करने की तिथि: 25.09.2026
  • भुगतान की अंतिम तिथि: 25.10.2026
  • ऑनलाइन आवेदन प्रारंभ करने की तिथि: 25.09.2026
  • ऑनलाइन आवेदन भरने की अंतिम तिथि: 26.10.2026

वेबसाइट और दिशा-निर्देश

अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे ऑनलाइन आवेदन भरने की प्रक्रिया शुरू करने से पहले आयोग की आधिकारिक वेबसाइट डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट बीपीएससी डॉट बिहार डॉट जीओवी डॉट इन पर प्रदर्शित विस्तृत विज्ञापन और ऑनलाइन आवेदन हेतु आवश्यक एवं विस्तृत निर्देश का भली-भांति अध्ययन अवश्य कर लें। किसी भी प्रकार की विस्तृत जानकारी या अद्यतन सूचना के लिए केवल आधिकारिक पोर्टल पर ही विजिट करें।

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जमुई में स्कूली छात्रा से यौन उत्पीड़न पर समस्तीपुर में फूटा आक्रोश, मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग!

समस्तीपुर, 22 सितंबर 2026: बिहार के जमुई में एक स्कूली छात्रा के साथ हुई दरिंदगी, मारपीट और यौन उत्पीड़न की शर्मनाक घटना के खिलाफ मंगलवार की शाम समस्तीपुर शहर का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। ओवरब्रिज चौराहा स्थित कर्पूरी प्रतिमा स्थल पर नागरिक समाज, आइसा और ऐपवा के संयुक्त तत्वावधान में एक आक्रोशपूर्ण प्रतिवाद जुलूस निकाला गया और सभा आयोजित की गई। इस दौरान पूरा इलाका बेटियों की सुरक्षा की मांग और सरकार विरोधी नारों से गूंज उठा। कार्यक्रम में उमड़ी भारी भीड़ ने इस अमानवीय घटना के प्रति अपना तीव्र आक्रोश व्यक्त किया।

समस्तीपुर के ओवरब्रिज चौराहा स्थित कर्पूरी प्रतिमा स्थल पर जमुई की घटना के विरोध में प्रदर्शन करते नागरिक समाज, आइसा और ऐपवा के कार्यकर्ता।

मुख्यमंत्री का पुतला फूंका, इस्तीफे की हुंकार

प्रदर्शन के अंत में आक्रोशित लोगों ने कानून व्यवस्था के पूरी तरह फेल होने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला फूंका। वक्ताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि सरकार बेटियों को सुरक्षा नहीं दे सकती, तो उसे सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने मुख्यमंत्री से फौरन इस्तीफे की मांग की।

इन दिग्गजों ने संभाली कमान और किया संचालन

सभा की अध्यक्षता ऐपवा जिला अध्यक्ष बंदना सिंह और आइसा जिला अध्यक्ष लोकेश राज ने संयुक्त रूप से की। वहीं, मंच का सफल और आक्रामक संचालन भाकपा माले जिला कमिटी सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह तथा आइसा जिला सचिव सुनील कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से किया।

वक्ताओं की दो टूक: दोषियों को हो फांसी या कठोर सजा

सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने जमुई की घटना को इंसानियत को शर्मसार करने वाला करार दिया। नागरिक समाज के दीनबंधु प्रसाद और जीतेन्द्र कुमार, भाकपा माले के जीतेंद्र कुशवाहा एवं रामलाल राम, आइसा के दीपक यदुवंशी, धीरज कुमार तथा हिमांशु कुमार ने सरकार को आड़े हाथों लिया। राजद के राम विनोद पासवान और कांग्रेस के विश्वनाथ सिंह हजारी ने भी तीखे तेवर दिखाते हुए कहा कि महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाएं राज्य की कानून व्यवस्था की पोल खोल रही हैं।

इसके अलावा सामाजिक कार्यकर्ता शाहीद हुसैन, एनजीओ संघ के अधिवक्ता संजय कुमार बबलू, रेलवे ट्रेड यूनियन के संतोष कुमार निराला और सामाजिक कार्यकर्ता अशोक कुमार ने भी सभा को संबोधित किया। सभी ने एक स्वर में मांग की कि दोषियों को तुरंत गिरफ्तार कर सबसे कड़ी सजा दी जाए, ताकि भविष्य में ऐसा घिनौना कृत्य करने की कोई हिम्मत न कर सके।

छेड़खानी के आरोपियों को बचाने का खेल बंद हो: बंदना सिंह

अपने अध्यक्षीय संबोधन में ऐपवा जिला अध्यक्ष बंदना सिंह ने पुलिस और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि जिले में छेड़खानी के तमाम मुकदमों के आरोपियों को पुलिस बचाने का कुचक्र रच रही है। उन्होंने दो टूक मांग की कि आरोपियों को सरंक्षण देने के बजाय तुरंत जेल की सलाखों के पीछे बंद किया जाए।

सभा के दौरान उपस्थितत नागरिकों, युवाओं और छात्र-छात्राओं ने एक स्वर में संकल्प लिया कि वे महिलाओं एवं छात्राओं की सुरक्षा के लिए सड़क से सदन तक अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे और दोषियों को सजा मिलने तक आंदोलन जारी रखेंगे।

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मुजफ्फरपुर में छात्राओं को चाकू मारने की खबर निकली झूठी, ब्लेड से जख्म देने वाले आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस!

अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने दी दो-टूक चेतावनी, कहा— भ्रामक खबरें फैलाने वाले संपादकों को भेजा जा रहा है लीगल नोटिस।

मुजफ्फरपुर: मुजफ्फरपुर जिले के बरूराज थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ स्कूल जा रही दो मासूम छात्राओं पर एक शोहदे द्वारा हमला किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। इस घटना को लेकर जहाँ एक तरफ इलाके में दहशत का माहौल है, वहीं दूसरी तरफ मीडिया में चल रही कुछ खबरों को पुलिस ने पूरी तरह से खारिज करते हुए इसे महज अफवाह और भ्रामक बताया है। पुलिस प्रशासन अब इस मामले में पूरी तरह से एक्शन मोड में नजर आ रहा है।

दिनांक 22.09.2026 को बरूराज थाना क्षेत्र के अंतर्गत घटनास्थल का निरीक्षण करने पहुँचे वरीय पुलिस अधीक्षक, मुजफ्फरपुर एवं अन्य पुलिस अधिकारी, जहाँ उन्होंने घटनास्थल का जायजा लिया और पीड़ित छात्राओं व स्थानीय लोगों से मामले की विस्तृत जानकारी प्राप्त की एवं दायें पुलिस प्रशासन द्वारा जारी विज्ञप्ति  ।

क्या है पूरी घटना?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 21.09.2026 को दो छात्राएं कमालपुर बिशौल के पास से अपनी साइकिल पर सवार होकर स्कूल जा रही थीं। इसी दौरान, बरूराज थाना क्षेत्र के अंतर्गत चोरबन पुलिया के पास सामने से आ रहे एक मोटरसाइकिल सवार युवक ने तावड़तोड़ अंदाज में साइकिल पर सवार दोनों छात्राओं पर अचानक दाहिने हाथ पर ब्लेड से प्रहार कर दिया। इस अचानक हुए हमले से दोनों बच्चियों के दाहिने हाथ में ब्लेड का जख्म हो गया और वे आंशिक रूप से जख्मी हो गईं। घटना के तुरंत बाद दोनों बच्चियों को नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पी.एच.सी.) ले जाया गया, जहाँ उनका प्राथमिक उपचार कराया गया।

पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच तेज

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। पीड़िता द्वारा प्राप्त कराए गए आवेदन के आधार पर बरूराज थाना में कांड संख्या-179/2026 दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने दोनों बच्चियों का बयान दर्ज कर लिया है और हमलावर मोटरसाइकिल सवार की गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी व प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही संलिप्त अभियुक्त की पहचान कर उसे सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।

चाकू मारने और छेड़खानी की खबरें निकलीं पूरी तरह फर्जी: पुलिस प्रशासन

घटना के सामने आने के बाद कुछ समाचार पत्रों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यह खबर प्रसारित कर दी गई कि दोनों बच्चियों को “चाकू मारा गया है” तथा उनके साथ “छेड़खानी” की गई है। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पश्चिमी-01, सुचित्रा कुमारी ने स्पष्ट किया है कि विभिन्न माध्यमों में प्रसारित की जा रही यह खबरें पूर्णतः मिथ्या, अपुष्ट, भ्रामक, निराधार और तथ्यहीन हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मुजफ्फरपुर द्वारा दिनांक 22.09.2026 को खुद बरूराज थाना अंतर्गत घटनास्थल का निरीक्षण किया गया तथा पीड़ित छात्राओं से मिलकर घटना के संबंध में प्रत्यक्ष जानकारी प्राप्त की गई। इसके बाद संबंधित पुलिस पदाधिकारियों को घटना के त्वरित उद्भेदन और संलिप्त व्यक्ति की जल्द गिरफ्तारी के लिए सख्त दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

संपादकों को जारी हो रहा है लीगल नोटिस

प्रशासन ने बिना सत्यता की जांच किए और बिना आधिकारिक पुष्टि के इस प्रकार की सनसनीखेज व भ्रामक खबरें प्रसारित करने वाले संबंधित संपादकों को नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है। इसके साथ ही, इस संबंध में प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया को भी पत्राचार किया जा रहा है ताकि इस तरह की गैर-जिम्मेदाराना पत्रकारिता पर लगाम लगाई जा सके।

प्रशासन की आम जनता से अपील

पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि लोग किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। आम जनता से अपील की गई है कि बिना सत्यता की जांच किए किसी भी तरह के भड़काऊ, आपत्तिजनक एवं अमर्यादित टिप्पणी, अफवाह तथा भ्रामक पोस्ट सोशल मीडिया पर शेयर न करें। यदि कोई ऐसा करता है या अफवाह फैलाता है, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि ऐसे तत्वों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सके।

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बिहार के सियासी गलियारों में गूंजा महादलित मसीहा का नाम! पूर्व मुख्यमंत्री भोला पासवान शास्त्री की जयंती पर माल्यार्पण ,

पटना 21 सितंबर 2026: बिहार की राजनीति में सादगी और ईमानदारी की मिसाल रहे पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय भोला पासवान शास्त्री की जयंती के अवसर पर राजधानी पटना में सोमवार को राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भव्य आयोजन किया गया। इस विशेष मौके पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना स्थित श्री कृष्ण स्मारक भवन परिसर में आयोजित भव्य राजकीय समारोह में भाग लिया और स्वर्गीय भोला पासवान शास्त्री के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें शत-शत नमन किया।

दिग्गजों ने अर्पित की श्रद्धांजलि

इस गरिमामयी समारोह के दौरान राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ-साथ उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव, विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री शीला कुमारी, विधायक श्याम रजक, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, पटना प्रमंडल के आयुक्त राज कुमार, जिलाधिकारी कुंदन कुमार सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने स्वर्गीय भोला पासवान शास्त्री के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर अपनी गहरी श्रद्धांजलि दी।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मोहा मन

समारोह के दौरान सूचना एवं जन-संपर्क विभाग के कलाकारों द्वारा विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई। कलाकारों ने आरती पूजन, भजन कीर्तन, राष्ट्रीय गीत, राष्ट्र गान, बिहार गीत और देशभक्ति गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं, जिससे पूरा परिसर देशभक्ति के रंगों में सराबोर हो गया।

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जमुई में शर्मसार करने वाली घटना: नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ का वीडियो वायरल, तीन आरोपी गिरफ्तार

फोटोशूट कराने गई पहाड़ी पर अपराधियों ने की घिनौनी हरकत, वीडियो बनाकर खुद सोशल मीडिया पर किया था अपलोड; अन्य की तलाश में जुटी पुलिस

जमुई: बिहार के जमुई जिले से इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। यहाँ पहाड़ के पास फोटो शूट करने गई एक नाबालिग छात्रा और उसके दोस्त के साथ असामाजिक तत्वों द्वारा अभद्र व्यवहार और छेड़छाड़ करने का मामला तूल पकड़ चुका है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एस.आई.टी. का गठन किया और महज कुछ ही घंटों के भीतर तीन आरोपियों को दबोच लिया है।

प्रेसवार्ता के दौरान मीडिया को मामले की जानकारी देते पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल और (इनसेट में) जमुई पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि यह शर्मनाक घटना 19 सितंबर की शाम लगभग 7:00 बजे की है। पीड़िता अपने एक दोस्त के साथ मड़वा और प्रतापपुर के आसपास के पहाड़ी क्षेत्र में फोटो शूट करने गई हुई थी। उसी दौरान वहां से गुजर रहे कुछ असामाजिक तत्वों ने दोनों को घेर लिया और नाबालिग के साथ छेड़खानी तथा अभद्र व्यवहार करते हुए उसका वीडियो बना लिया। आरोपियों ने इस घृणित कृत्य का वीडियो खुद ही अपने मोबाइल से बनाया था, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया।

पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई और एस.आई.टी. गठन

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद जमुई पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत एक्शन लिया। पुलिस ने पीड़िता की पहचान कर आज ही उसका बयान दर्ज किया और इसके आधार पर तत्काल प्राथमिकी दर्ज की गई।

मामले  की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी दीप्ति मोनाली के नेतृत्व में एक विशेष एस.आई.टी. टीम का गठन किया गया। पुलिस ने त्वरित छापामारी करते हुए वीडियो में दिख रहे तीन मुख्य आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। हिरासत में लिए गए सभी आरोपी जमुई थाना क्षेत्र के मड़वा गांव के ही रहने वाले हैं। इनकी उम्र लगभग 14 से 17 वर्ष के बीच बताई जा रही है। पुलिस ने आरोपियों के घर से वह मोबाइल भी बरामद कर लिया है जिससे वीडियो बनाया गया था। इसके अलावा सोशल मीडिया पर अपलोड किए गए आपत्तिजनक वीडियो को टेक डाउन (हटवाने) की विधि सम्मत कार्रवाई भी पूरी कर ली गई है।

सरकार और महिला आयोग की कड़ी नजर

इस सनसनीखेज मामले पर राजनीतिक हलकों और महिला आयोग में भी उबाल है। बिहार सरकार की मंत्री और जमुई विधायक श्रेयसी सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिला प्रशासन से लगातार समन्वय स्थापित कर अन्य फरार आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी के सख्त निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने दोहराया कि राज्य में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और मुख्यमंत्री स्तर से भी ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश हैं।

वहीं, बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष प्रो. अप्सरा ने भी मामले का स्वतः संज्ञान लिया है। उन्होंने जमुई के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से दूरभाष पर बातचीत कर अब तक की गई कार्रवाई की अद्यतन रिपोर्ट तलब की है और पीड़िता को न्याय दिलाने का भरोसा दिया है।

जल्द सलाखों के पीछे होंगे बाकी बचे दरिंदे

पुलिस अधीक्षक ने मीडिया को आश्वस्त किया है कि वीडियो और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कुल 5 लोगों की पहचान की जा चुकी है। हिरासत में लिए गए आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है, जिसकी निशानदेही पर बाकी बचे अन्य अपराधियों को भी बहुत जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस की लगातार छापेमारी जारी है।

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