पटना: बिहार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और दुग्ध उत्पादकों के लिए एक ऐतिहासिक और बड़ी खबर सामने आई है। राज्य में दुग्ध सहकारिता आंदोलन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) ने पटना में अपना कार्यालय स्थापित करने की दिशा में निर्णायक कदम उठा लिया है।

COMFED परिसर के पास होगी कार्यालय की स्थापना प्राप्त जानकारी के अनुसार, एनडीडीबी के अध्यक्ष मीनेश शाह ने बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य और पशु संसाधन विभाग के सचिव शिर्सत कपिल अशोक को पत्र लिखकर इस महत्वपूर्ण विकास की जानकारी दी है। एनडीडीबी ने पटना में कॉमफेड (COMFED) परिसर के निकट भूमि को चिह्नित कर लिया है। इस भूमि के आवंटन के साथ ही कार्यालय निर्माण की प्रक्रिया में तेजी आएगी। यह कदम न केवल राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा, बल्कि दुग्ध उत्पादन से जुड़े किसानों के लिए आय के नए द्वार भी खोलेगा।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई उड़ान इस पहल को बिहार के लिए एक गेम-चेंजर के रूप में देखा जा रहा है। एनडीडीबी के पटना में आने से राज्य के दुग्ध सहकारिता ढांचे में आमूलचूल परिवर्तन आएगा। यह कार्यालय सीधे तौर पर राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करेगा, जिससे किसानों को तकनीक, बाजार और बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने में आसानी होगी। इससे बिहार के हजारों दुग्ध उत्पादकों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्री का जताया आभार इस महत्वपूर्ण निर्णय और सहयोग के लिए बिहार सरकार ने केंद्र सरकार के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की है। राज्य की ओर से इस विकास कार्य के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री ललन सिंह का विशेष आभार जताया गया है। यह समन्वय दर्शाता है कि केंद्र और राज्य सरकार बिहार के किसानों की समृद्धि के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।

अगला कदम: भूमि आवंटन एनडीडीबी ने स्पष्ट किया है कि जैसे ही बिहार सरकार द्वारा विधिवत भूमि का आवंटन पूरा किया जाएगा, कार्यालय निर्माण का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया जाएगा। 12 जून 2026 को जारी इस पत्र ने साफ कर दिया है कि बिहार अब दूध उत्पादन के क्षेत्र में एक नए युग की ओर कदम बढ़ा चुका है।
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