Monday, June 8, 2026

“नीतीश की कुर्सी प्रेम ने बिहार में सांप्रदायिक शक्तियों को किया सशक्त: डॉ० प्रभात कुमार”

“दमन और दलाल-माफियाओं के खिलाफ उलगुलान, ताजपुर में माले का महा-मंथन शुरू”

ताजपुर (समस्तीपुर) | 25 मार्च 2026 | ताजपुर बाजार स्थित फलमंडी परिसर बुधवार को लाल झंडों से पट गया। अवसर था भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन के प्रखंड सम्मेलन का। कार्यक्रम का विधिवत आगाज़ वरिष्ठ शिक्षाविद डॉ० प्रभात कुमार द्वारा झंडोत्तोलन और शहीदों को दी गई भावभीनी मौन श्रद्धांजलि के साथ हुआ। इस दौरान ‘शहीदों के अरमानों को मंजिल तक पहुँचाएंगे’ और ‘साम्राज्यवाद-फासीवाद मुर्दाबाद’ के नारों से पूरा परिसर गूँज उठा।

नीतीश और भाजपा पर बरसे डॉ० प्रभात कुमार

सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए डॉ० प्रभात कुमार ने वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य पर बेहद कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा एक ऐसी ‘दंगाई पार्टी’ है जो हिंदू-मुस्लिम एकता को खंडित करना चाहती है। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को आड़े हाथों लेते हुए कहा:

आज अगर बिहार में भाजपा इतनी सशक्त स्थिति में है, तो इसका सबसे बड़ा जिम्मेदार नीतीश कुमार की कुर्सी की चाहत है। उन्होंने अपने स्वार्थ के लिए एक ऐसी जन-विरोधी और पूंजीपतियों की पार्टी को आगे बढ़ाया जो गरीबों की एकता को तोड़ना चाहती है। भाजपा फासीवादी है, जो न जमीन की बराबरी चाहती है, न शिक्षा और स्वास्थ्य की।”

अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्रों और प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल

डॉ० कुमार ने वैश्विक राजनीति का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अमेरिका (ट्रंप प्रशासन) दुनिया की सबसे बड़ी साम्राज्यवादी ताकत है, जो देशों के राष्ट्रपतियों को किडनैप कर रही है और युद्ध थोप रही है। उन्होंने इजराइल और ईरान के संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि लेबनान और ईरान में मासूम बच्चे मारे जा रहे हैं, लेकिन भारत के प्रधानमंत्री ने निंदा का एक शब्द तक नहीं कहा। यह आक्रांताओं का मूक समर्थन है।

ताजपुर की माटी और माले का संघर्ष

डॉ० प्रभात कुमार ने याद दिलाया कि जननायक कर्पूरी ठाकुर की इस कर्मभूमि को भाकपा माले ने अपने खून-पसीने से सींचा है। उन्होंने कहा कि यहाँ के कार्यकर्ताओं ने सामंती दमन और पुलिसिया यातनाएं झेलकर एक क्रांतिकारी आंदोलन खड़ा किया है। इसी संघर्ष का परिणाम है कि आज यहाँ दलाल-माफियाओं और भ्रष्ट अधिकारियों पर करारा प्रहार संभव हो सका है।

संगठनात्मक चर्चा और भावी रणनीति

सम्मेलन के खुले सत्र की अध्यक्षता प्रभात रंजन गुप्ता, ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह एवं आसिफ होदा के तीन सदस्यीय अध्यक्ष मंडल ने की, जबकि संचालन सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने किया। विदाई प्रखंड कमिटी द्वारा दस्तावेजों के वितरण के बाद सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने 6 पृष्ठों की कामकाज रिपोर्ट पेश की।

सम्मेलन के मुख्य बिंदु:

  • प्रतिनिधि बहस: करीब 20 प्रतिनिधियों ने संगठन को मजबूत करने और आगामी आंदोलनों की रणनीति पर सुझाव दिए।
  • प्रमुख मुद्दे: वक्ताओं ने बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, बदहाल शिक्षा-स्वास्थ्य व्यवस्था और किसानों-मजदूरों के शोषण को मुख्य मुद्दा बनाया।
  • अतिथि वक्ता: जिला कमिटी सदस्य महेश कुमार, जयंत कुमार, उपेंद्र राय सहित राज्य कमिटी सदस्य बंदना सिंह और डॉ० दिलीप कुमार ने भी अपने विचार रखे।

निर्णायक संघर्ष का आह्वान

वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि भाकपा माले, सीपीआई और सीपीएम जैसी अन्य वामपंथी पार्टियों से अपने जुझारू तेवर और स्पष्ट सिद्धांतों के कारण अलग है। राजद के साथ चुनावी तालमेल की जरूरत को स्वीकारते हुए भी उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल भाजपा को हराने की वैचारिक क्षमता माले के पास है। देर शाम तक चले इस सम्मेलन में संगठन को और अधिक धारदार बनाने और जन-आंदोलनों को तेज करने का संकल्प लिया गया।

क्या बोले डॉ० प्रभात कुमार?
“भाजपा एक दंगाई पार्टी है, जो हिंदू-मुस्लिम एकता को कभी नहीं देखना चाहती। आज बिहार में अगर भाजपा इतनी मजबूत है, तो उसका सहारा केवल कुर्सी की चाहत रखने वाले नीतीश कुमार बने हैं।”
“आजादी का मतलब सिर्फ अंग्रेजों को खदेड़ना नहीं था, बल्कि गरीबी और शोषण को दूर कर सबको बराबरी पर लाना था। लेकिन 75 साल बाद भी समाज में न संसाधनों की बराबरी है, न शिक्षा की और न ही जमीन की।”
“ईरान और लेबनान में मासूम बच्चे मर रहे हैं, लेकिन भारत के प्रधानमंत्री ने निंदा का एक शब्द तक नहीं बोला। ट्रंप जैसे साम्राज्यवादी ताकतों का समर्थन करना भारत की गरिमा के खिलाफ है।”
“भाकपा माले का अपना एक तेवर रहा है। हमने सामंती दमन और प्रशासनिक यातनाएं झेलकर विकास की रफ्तार को तेज किया है। दलाल-माफियाओं और भ्रष्ट जन-प्रतिनिधियों के खिलाफ हमारा संघर्ष निर्णायक रहेगा।”

रामनवमी की गूंज: 26 मार्च को निकलेगी भव्य शोभा यात्रा, तैयारियां अंतिम चरण में

15वें वर्ष में प्रवेश कर रही है मतवाला शिव मंदिर से निकलने वाली यह पारंपरिक यात्रा

सकरा (मुजफ्फरपुर): प्रखंड के ढोली स्टेशन स्थित प्रसिद्ध मतवाला शिव मंदिर परिसर में बुधवार को ‘श्री रामनवमी शोभा यात्रा समिति, सकरा’ की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में आगामी 26 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली भव्य शोभा यात्रा की रूपरेखा तैयार की गई और अब तक की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।

14 वर्षों की गौरवशाली परंपरा

समिति के सदस्यों ने बताया कि सकरा में रामनवमी शोभा यात्रा का आयोजन पिछले 14 वर्षों से निरंतर किया जा रहा है। इस वर्ष यह आयोजन अपने 15वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है, जिसे देखते हुए इस बार की यात्रा को पहले से कहीं अधिक भव्य और ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया गया है।

दोपहर 1 बजे से प्रारंभ होगा समागम

तैयारियों के संबंध में जानकारी देते हुए समिति ने बताया कि शोभा यात्रा की व्यवस्थाएं अब अंतिम चरण में हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 26 मार्च को दोपहर 1:00 बजे मतवाला शिव मंदिर से गाजे-बाजे के साथ यात्रा का शुभारंभ होगा।

क्षेत्रवासियों से भारी संख्या में जुटने की अपील

समिति के सदस्यों ने क्षेत्र के सभी गांवों और पंचायतों के श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में सपरिवार उपस्थित होकर इस पावन उत्सव का हिस्सा बनें। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि यह आयोजन केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि भक्ति और एकता का प्रतीक है। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल सकरा के कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र के तमाम श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर इस धार्मिक अनुष्ठान को सफल बनाएं।

बैठक में ये रहे मौजूद

इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य रूप से दिलीप बाबा, राम कृष्ण, अमित चौधरी, प्रभात कुमार, राजा चौधरी, आदित्य राज, राजा कुमार, शेखर सिंह, सन्नी सिंह, विक्रम सिंह, बिक्की चौधरी, छोटू, अमन और शिबू सहित समिति के दर्जनों सदस्य व कार्यकर्ता उपस्थित थे।

सकरा में रामनवमी की गूंज: 26 मार्च को निकलेगी भव्य शोभा यात्रा, तैयारियां अंतिम चरण में

15वें वर्ष में प्रवेश कर रही है मतवाला शिव मंदिर से निकलने वाली यह पारंपरिक यात्रा

सकरा (मुजफ्फरपुर): प्रखंड के ढोली स्टेशन स्थित प्रसिद्ध मतवाला शिव मंदिर परिसर में बुधवार को ‘श्री रामनवमी शोभा यात्रा समिति, सकरा’ की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में आगामी 26 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली भव्य शोभा यात्रा की रूपरेखा तैयार की गई और अब तक की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।

14 वर्षों की गौरवशाली परंपरा

समिति के सदस्यों ने बताया कि सकरा में रामनवमी शोभा यात्रा का आयोजन पिछले 14 वर्षों से निरंतर किया जा रहा है। इस वर्ष यह आयोजन अपने 15वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है, जिसे देखते हुए इस बार की यात्रा को पहले से कहीं अधिक भव्य और ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया गया है।

दोपहर 1 बजे से प्रारंभ होगा समागम

तैयारियों के संबंध में जानकारी देते हुए समिति ने बताया कि शोभा यात्रा की व्यवस्थाएं अब अंतिम चरण में हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 26 मार्च को दोपहर 1:00 बजे मतवाला शिव मंदिर से गाजे-बाजे के साथ यात्रा का शुभारंभ होगा।

क्षेत्रवासियों से भारी संख्या में जुटने की अपील

समिति के सदस्यों ने क्षेत्र के सभी गांवों और पंचायतों के श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में सपरिवार उपस्थित होकर इस पावन उत्सव का हिस्सा बनें। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि यह आयोजन केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि भक्ति और एकता का प्रतीक है। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल सकरा के कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र के तमाम श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर इस धार्मिक अनुष्ठान को सफल बनाएं।

बैठक में ये रहे मौजूद

इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य रूप से दिलीप बाबा, राम कृष्ण, अमित चौधरी, प्रभात कुमार, राजा चौधरी, आदित्य राज, राजा कुमार, शेखर सिंह, सन्नी सिंह, विक्रम सिंह, बिक्की चौधरी, छोटू, अमन और शिबू सहित समिति के दर्जनों सदस्य व कार्यकर्ता उपस्थित थे।

भक्ति के रंग में डूबा सकरा: बाजे-गाजे के साथ हुआ बेलवाड़ी निमंत्रण, आज खुलेंगे माता के पट

सकरा (मुजफ्फरपुर): प्रखंड के बसंतपुर झिटकाही स्थित अशोक विहार होटल के पीछे बने विशाल खेल मैदान में चैत्र नवरात्र महापर्व को लेकर माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया है। मंगलवार को यहां पावन धरती पर सुबह माता के छठे स्वरूप माता कात्यायनी की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने माता से सुख-समृद्धि की कामना की।

बाजे-गाजे के साथ निकला बेलवाड़ी निमंत्रण

संध्या काल में पूजा समिति द्वारा भव्य बेलवाड़ी निमंत्रण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। गाजे-बाजे और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज के साथ श्रद्धालु माता को आमंत्रित करने निकले। इस दौरान पूरा क्षेत्र ‘जय माता दी’ के जयकारों से गूंज उठा। भक्तों के उत्साह और आस्था ने माहौल को उत्सव में बदल दिया।

आज मध्य रात्रि होगी निशा पूजा

समिति के सदस्यों ने बताया कि गुरुवार की मध्य रात्रि माता की निशा पूजा और बली पूजा का विधान संपन्न किया जाएगा। इसके उपरांत माता की आंखों से पट्टी हटाई जाएगी और भव्य पट खोले जाएंगे। शुक्रवार सुबह से आम श्रद्धालु माता के दर्शन कर सकेंगे।

इनकी रही सक्रिय सहभागिता

इस धार्मिक अनुष्ठान को सफल बनाने में स्थानीय गणमान्य लोग और आयोजन समिति के सदस्य मुस्तैदी से जुटे हुए हैं। मौके पर:

वीरेन्द्र सिंह, अरविंद सिंह, रूपेश सिंह, अभय, करुणा, अमित, चंद्र मनी, अरुण सिंह, टिंकू सिंह, कमलेश सिंह, मन्ना जी, उदयप्रताप सिंह, रिंकू सिंह, जगमोहन, नन्द कुमार सिंह, अरुण साह, ठाकुर टिंकू सिंह और वशिष्ठ सिंह सहित भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

अमर शहीदों के बलिदान को नमन: सकरा और रोहुआ में गूँजा देशभक्ति का तराना

सकरा/मुजफ्फरपुर: देश की आजादी के लिए हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूमने वाले अमर शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के बलिदान दिवस पर मंगलवार को सकरा और रोहुआ क्षेत्र में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान युवाओं ने शहीदों के पदचिह्नों पर चलने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया।

सकरा: क्रांतिकारियों का साहस सदैव रहेगा प्रेरणास्रोत

सकरा में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों और ग्रामीणों ने शहीदों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर सोहन लाल आजाद ने कहा कि इन वीर क्रांतिकारियों का साहस और सर्वोच्च बलिदान सदैव राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। कार्यक्रम में मुख्य रूप से राजेश कुमार, धर्मेंद्र कुमार, धर्मवीर कुमार, रेणु देवी, प्रमिला देवी, गुड्डी कुमारी और राहुल कुमार सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।

रोहुआ: पदयात्रा और स्वच्छता अभियान से दी गई श्रद्धांजलि

शहीद दिवस के अवसर पर ‘मेरा युवा भारत’ मुजफ्फरपुर (युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार) के तत्वावधान में श्री विश्राम सिंह (एस.वी.एस.) 10+2 हाई स्कूल, रोहुआ में भव्य कार्यक्रम आयोजित हुआ।

  • पुष्पांजलि और संकल्प: कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा शहीदों के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। वक्ताओं ने युवाओं से देशभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को जागृत करने की अपील की।
  • पदयात्रा: विद्यालय परिसर से प्रखंड परिसर तक एक पदयात्रा निकाली गई। इस पदयात्रा के जरिए स्थानीय लोगों को देशभक्ति और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया गया।
  • स्वच्छता सेवा: कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय परिसर और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान चलाया गया, जिसमें छात्रों और स्थानीय नागरिकों ने श्रमदान किया।

प्रमुख उपस्थिति

रोहुआ के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुखिया अभय कुमार सिंह, सरपंच राजेश सिंह, पंचायत समिति सदस्य अनिल कुमार गुप्ता और वरिष्ठ शिक्षक मोहम्मद सलाउद्दीन अहमद उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन उदय कुमार ने किया। इस दौरान युवा स्वयंसेवक राजा, धर्मेंद्र, विद्यालय के शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद थे।

समाज सेवा के क्षेत्र में ‘जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र’ को मिला ‘इंटर-स्टेट सोशल सर्विस अवार्ड-2026’

रांची (झारखंड)। समाज सेवा, सामुदायिक सशक्तिकरण और सतत विकास की दिशा में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र को प्रतिष्ठित इंटर-स्टेट सोशल सर्विस अवार्ड-2026′ से सम्मानित किया गया है। यह गौरवपूर्ण सम्मान संस्था को ‘ग्राम साथी’ संस्था द्वारा आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान प्रदान किया गया।

शानदार समारोह में मिली पहचान

देवघर के पोर्टिको परिसर में आयोजित इस सम्मान समारोह में विभिन्न राज्यों की सामाजिक संस्थाओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान ग्राम साथी के प्रबंध न्यासी देवानंद कुमार ने जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र के प्रतिनिधि को प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

प्रमाण पत्र में संस्था के उन “प्रेरक प्रयासों” की सराहना की गई है, जिन्होंने समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और समुदायों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

सचिव सुरेंदर कुमार ने व्यक्त किया आभार

संस्था को मिले इस बड़े सम्मान पर हर्ष व्यक्त करते हुए सचिव सुरेंदर कुमार ने कहा:

“यह पुरस्कार हमारे अकेले का नहीं, बल्कि उन सभी कार्यकर्ताओं और समुदाय के सदस्यों का है जो दिन-रात समाज की बेहतरी के लिए काम कर रहे हैं। हमारे मिशन पर विश्वास करने के लिए हम आयोजकों के आभारी हैं।”

सामाजिक विकास में जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र की भूमिका

जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र पिछले लंबे समय से पिछड़े वर्गों के उत्थान, बच्चों की शिक्षा, और ग्रामीण सशक्तिकरण के क्षेत्र में सक्रिय है। समारोह में वक्ताओं ने कहा कि इस तरह के सम्मान से सामाजिक क्षेत्र में काम करने वाली संस्थाओं का मनोबल बढ़ता है और वे और अधिक ऊर्जा के साथ जन-कल्याण के कार्यों में जुट जाती हैं।

समारोह में ‘ग्राम साथी’ के पदाधिकारियों के साथ-साथ कई गणमान्य व्यक्ति और समाजसेवी उपस्थित थे, जिन्होंने जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र की उपलब्धियों की प्रशंसा की।

सड़क पर उतरी कांग्रेस : मुजफ्फरपुर में सिलेंडर की किल्लत के खिलाफ भारी आक्रोश

केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी, प्रधानमंत्री एवं  केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री का पुतला फूंका,  

मुजफ्फरपुर | निज प्रतिनिधि केंद्र सरकार की नीतियों और रसोई गैस (एलपीजी) की भारी किल्लत के खिलाफ मंगलवार को मुजफ्फरपुर की सड़कों पर जबरदस्त जनाक्रोश देखने को मिला। जिला कांग्रेस कमिटी के तत्वावधान में आयोजित विरोध प्रदर्शन ने शहर के व्यस्ततम इलाके सरैयागंज टावर चौक को राजनीतिक सरगर्मी का केंद्र बना दिया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने न केवल केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी का संयुक्त पुतला फूंककर अपना विरोध दर्ज कराया।

आम आदमी के चूल्हे पर संकट: अरविन्द मुकुल

प्रदर्शन की अध्यक्षता कर रहे जिला कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष अरविन्द कुमार मुकुल ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज जिले में गैस सिलेंडरों की ऐसी किल्लत है कि आम आदमी को एक रिफिल के लिए हफ्तों इंतजार करना पड़ रहा है। मुकुल ने कहा, सरकार उज्ज्वलाका ढोल पीट रही है, लेकिन हकीकत यह है कि आज गरीब और मध्यम वर्ग के घरों की रसोई की आग बुझने की कगार पर है। गैस की कमी और आसमान छूती कीमतों ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है।”

विपक्ष की हुंकार: पूर्व विधायक और दिग्गजों का जमावड़ा

पूर्व विधायक बिजेंद्र चौधरी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह सरकार जनता की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के बजाय केवल इवेंट मैनेजमेंट में व्यस्त है। वहीं, सकरा (सुरक्षित) विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस महागठबंधन के पूर्व प्रत्याशी उमेश कुमार राम ने दलित और पिछड़े समाज की पीड़ा को रखते हुए कहा कि गैस की किल्लत ने सबसे ज्यादा प्रहार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति पर किया है।

महिलाओं और युवाओं ने भी भरी हुंकार

विरोध प्रदर्शन में जुही प्रीतम और मयंक कुमार मुन्ना के नेतृत्व में युवाओं और महिलाओं की टोली ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। नेताओं ने स्पष्ट किया कि गैस की यह कमी कृत्रिम है या प्रबंधन की विफलता, इसका जवाब केंद्र सरकार को देना होगा।

ये प्रमुख चेहरे रहे मौजूद

प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से कृपाशंकर शाही, मुजकीर रहमान, अधिवक्ता मनोज कुमार सिंह, ललित यादव, त्रिभुवन पटेल और प्रशांत राज ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इसके साथ ही केदार पटेल, डॉ. मनीष यादव, मो. हैदर रजक, नुनू राय, रामबाबू साह, मो. आलम गिर और राम इकबाल राय समेत दर्जनों कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर सरकार विरोधी नारे लगाए।

चेतावनी: नहीं सुधरे हालात तो होगा जेल भरो आंदोलन

कांग्रेस नेताओं ने जिला प्रशासन और केंद्र सरकार को दो टूक चेतावनी दी कि यदि अगले एक सप्ताह के भीतर गैस की आपूर्ति सुचारू नहीं की गई और कालाबाजारी पर रोक नहीं लगी, तो कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क जाम करेंगे और ‘जेल भरो आंदोलन’ की शुरुआत करेंगे। पुतला दहन के बाद कार्यकर्ताओं ने सरैयागंज टावर के चारों ओर भ्रमण कर जनता से इस लड़ाई में साथ देने की अपील की।

खेती का बदलेगा स्वरूप: एक ही पौधे पर उगेंगे ‘टमाटर और बैंगन’, बिना जुताई के होगी आलू की बंपर पैदावार

वाराणसी/पटना | विशेष संवाददाता भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के वैज्ञानिकों ने कृषि क्षेत्र में दो ऐसी बड़ी सफलताओं का प्रदर्शन किया है, जो न केवल खेती के पारंपरिक तरीकों को चुनौती दे रही हैं, बल्कि किसानों के लिए मुनाफे के नए द्वार भी खोल रही हैं। वाराणसी स्थित भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (IIVR) ने ‘ग्राफ्टिंग’ के जरिए पोमेटो और ब्रिमेटो को सफल बनाया है, वहीं पटना के वैज्ञानिकों ने जीरो टिलेज तकनीक से आलू उगाने का सफल मॉडल पेश किया है।

ब्रिमेटोभी तैयार: एक ही पौधे पर बैंगन और टमाटर का संगम

संस्थान ने ग्राफ्टिंग तकनीक के जरिए न केवल आलू-टमाटर, बल्कि ब्रिमेटोको भी सफलतापूर्वक विकसित किया है। इसमें बैंगन के पौधे के मुख्य तने पर टमाटर की ग्राफ्टिंग की जाती है।

  • विशेषता: एक ही पौधे की शाखाओं पर ऊपर की ओर टमाटर और दूसरी शाखाओं पर बैंगन फलते हैं।
  • फायदा: यह तकनीक उन शहरी क्षेत्रों या किचन गार्डन के लिए भी वरदान है जहाँ जगह की कमी है, साथ ही व्यावसायिक स्तर पर इससे किसानों को प्रति एकड़ दोगुना उत्पादन मिलने की उम्मीद है।

पोमेटो : जमीन के नीचे आलू, ऊपर टमाटर

संस्थान में किए गए प्रदर्शन के दौरान ‘पोमेटो’ की कार्यप्रणाली को विस्तार से समझाया गया। इसमें आलू के पौधे पर टमाटर के पौधे को जोड़ा जाता है।

  • दोहरी फसल: इस तकनीक की सबसे बड़ी खूबी यह है कि पौधा जमीन के नीचे आलू की गांठें तैयार करता है और जमीन के ऊपर टमाटर की पैदावार देता है।
  • संसाधनों की बचत: एक ही पौधे को सींचने और खाद देने से दो फसलें तैयार हो जाती हैं, जिससे पानी और पोषक तत्वों की भारी बचत होती है।
तकनीकसंगममुख्य विशेषता
ब्रिमेटोबैंगन + टमाटरबैंगन के मुख्य तने पर टमाटर की ग्राफ्टिंग। एक ही पौधे पर ऊपर टमाटर और नीचे/साइड में बैंगन।
पोमेटोआलू + टमाटरजमीन के नीचे आलू और जमीन के ऊपर टमाटर ।

किसानों की आय दोगुनी करने का नया हथियार

IIVR के वैज्ञानिकों का मानना है कि यह तकनीक भविष्य की खेती के लिए अत्यंत लाभकारी है। इससे किसानों को निम्नलिखित लाभ मिलेंगे:

  1. लागत में कमी: अलग-अलग फसल के लिए बार-बार जुताई और खाद की जरूरत नहीं पड़ती।
  2. श्रम की बचत: एक ही देखरेख में दो फसलें तैयार होने से मजदूरों पर होने वाला खर्च घटता है।
  3. कम जमीन, ज्यादा मुनाफा: छोटे किसानों के लिए यह तकनीक आय बढ़ाने का सबसे सटीक जरिया है।

प्रमुख विशेषताएं:

  • ब्रिमेटो : इसमें मुख्य तना बैंगन का होता है जिस पर टमाटर की टहनी लगाई जाती है। एक ही पौधे पर ऊपर टमाटर और नीचे की टहनियों में बैंगन फलते हैं।
  • पोमेटो : इसमें जमीन के नीचे आलू की गांठें बनती हैं और जमीन के ऊपर टमाटर के गुच्छे लगते हैं।
  • वैज्ञानिकों की अनूठी पहल

वाराणसी स्थित यह संस्थान ग्राफ्टिंग तकनीक का अद्भुत प्रयोग कर रहा है। यह तकनीक न केवल पैदावार बढ़ाती है, बल्कि पौधों में बीमारियों से लड़ने की क्षमता को भी विकसित करती है।

वहीं अब आलू की खेती में अब भारी-भरकम जुताई और अधिक लागत की जरूरत नहीं पड़ेगी। पटना स्थित केंद्रीय आलू अनुसंधान केंद्र में आयोजित किसानों के प्रशिक्षण सह कार्यशाला में विशेषज्ञों ने ज़ीरो टिलेज‘ (शून्य जुताई) तकनीक को अपनाने की पुरजोर अपील की है। इस आधुनिक विधि से न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि पर्यावरण और भूमि की उर्वरता भी सुरक्षित रहेगी।


खुद खेत में उतरकर परखी तकनीक

विगत दिनों एक कार्यशाला के दौरान कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने स्वयं खेत में उतरकर ज़ीरो टिलेज तकनीक से हो रहे आलू उत्पादन का बारीकी से अवलोकन किया। तकनीक की सराहना करते हुए उन्होंने कहा:

“इस विधि से कम लागत में उत्पादन दोगुना हो रहा है। इससे किसानों के समय और श्रम की भारी बचत हो रही है।”

मंत्री जी ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि इस खेती में महिलाओं की भागीदारी और रुचि तेजी से बढ़ी है। ग्रामीण महिलाएं इस तकनीक के जरिए न केवल अपने परिवार का संबल बन रही हैं, बल्कि बिहार की प्रगति में भी अहम योगदान दे रही हैं।


क्यों खास है ज़ीरो टिलेजतकनीक?

अंतरराष्ट्रीय आलू केंद्र के प्रमुख नीरज शर्मा और अन्य विशेषज्ञों ने इस तकनीक के बहुआयामी लाभ गिनाए:

  • मिट्टी की उर्वरता: खेत की जुताई न होने से मिट्टी के भीतर मौजूद मित्र सूक्ष्मजीव सुरक्षित रहते हैं, जिससे जमीन की प्राकृतिक उपजाऊ शक्ति बनी रहती है।
  • प्रदूषण से मुक्ति: फसल कटने के बाद बचे अवशेषों (पराली/पुआल) को जलाने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे वायु प्रदूषण कम होता है।
  • बचत और मुनाफा: पारंपरिक विधि की तुलना में इसमें लागत में 35-40% की कमी आती है, जबकि पैदावार 14 से 28% तक बढ़ जाती है।
  • बेहतर गुणवत्ता: इस विधि से तैयार आलू कटता-फटता नहीं है और स्वाद में भी बेहतर होता है।

खेती की विधि: बिना जुताई ऐसे उगाएं आलू

केंद्रीय आलू अनुसंधान केंद्र के अध्यक्ष डॉ. शिव प्रताप सिंह ने बताया कि बेहतर पैदावार के लिए समय पर बुवाई सबसे अनिवार्य है। उन्होंने बुवाई की सरल प्रक्रिया साझा की:

खेती करने का पूरा तरीका :

यह विधि पारंपरिक खेती से बिल्कुल अलग है क्योंकि इसमें ट्रैक्टर से जुताई की आवश्यकता नहीं होती।

  1. समय का चुनाव: धान की फसल कटने के तुरंत बाद, जब खेत में हल्की नमी (बतर) हो, तब इसकी शुरुआत करें।
  2. बीज की बुवाई: बिना जुताई किए समतल खेत पर ही 20-20 सेंटीमीटर की दूरी पर आलू के बीज (कंद) कतारों में रखें।
  3. खाद का प्रयोग: बीजों के ऊपर थोड़ी मात्रा में सड़ी हुई गोबर की खाद या वर्मीकम्पोस्ट डालें।
  4. मल्चिंग (पुआल से ढंकना): यह सबसे महत्वपूर्ण चरण है। पूरे खेत को 6 से 8 इंच मोटी पुआल (पराली) की परत से ढंक दें।
  5. सिंचाई: यदि मिट्टी में नमी कम हो, तो हल्की सिंचाई करें। पुआल नमी को लंबे समय तक रोक कर रखता है।
  6. खुदाई: फसल तैयार होने पर पुआल हटाकर सीधे आलू उठा लिए जाते हैं। मिट्टी सख्त न होने के कारण आलू साफ और बड़े आकार के निकलते हैं।

इन तकनीकों के आर्थिक और पर्यावरणीय लाभ

विशेषज्ञों के अनुसार, ये दोनों विधियाँ आने वाले समय में गेम-चेंजर साबित होंगी:

  • लागत में भारी कमी: जीरो टिलेज से जुताई और निराई-गुड़ाई का खर्च पूरी तरह खत्म हो जाता है।
  • आय में वृद्धि: एक ही जमीन और एक ही खाद-पानी में दो फसलें (पोमेटो/ब्रिमेटो) मिलने से किसानों का मुनाफा दोगुना हो जाता है।
  • मिट्टी और पर्यावरण: पराली जलाने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे वायु प्रदूषण रुकता है और मिट्टी के मित्र कीड़े (जैसे केंचुआ) सुरक्षित रहते हैं।
  • शहरी खेती: ग्राफ्टेड पौधे उन लोगों के लिए बेहतरीन हैं जिनके पास छत या बालकनी में कम जगह है।

वाराणसी और पटना के वैज्ञानिकों का अब लक्ष्य इन तकनीकों को प्रयोगशाला से निकालकर व्यापक स्तर पर गांवों तक पहुँचाना है, ताकि आम किसान भी इस आधुनिक विज्ञान का लाभ उठा सकें।

BSEB का ‘अष्टक’: लगातार 8वीं बार देश में सबसे पहले इंटर का रिजल्ट जारी कर बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

ब्लॉकचेन तकनीक और 25 दिनों के रिकॉर्ड मूल्यांकन से बिहार बोर्ड ने रचा नया इतिहास; कुल 85.19% सफल, 19 छात्राओं ने टॉप-26 में बनाई जगह,

पटना | मुख्य संवाददाता | बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बी एस ई बी) ने एक बार फिर पूरे देश में कीर्तिमान स्थापित करते हुए सोमवार, 23 मार्च 2026 को इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार और बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से नतीजों की घोषणा की। इस वर्ष कुल 85.19% परीक्षार्थी सफल रहे हैं। बिहार बोर्ड लगातार आठवें साल देश का पहला ऐसा बोर्ड बन गया है, जिसने सत्र समाप्त होने से पहले ही परीक्षा फल प्रकाशित कर दिया है।

इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा, 2026 का परीक्षाफल जारी करते बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनन्द किशोर एवं बिहार के शिक्षा मंत्री, सुनील कुमार (बायेंसे)  

नीतीश सरकार के महिला सशक्तिकरण का असर

नतीजों की सबसे बड़ी विशेषता छात्राओं का शानदार प्रदर्शन रहा। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा 2005 से शुरू किए गए महिला सशक्तिकरण के प्रयासों का प्रतिफल आज परिणामों में दिख रहा है।

  • छात्राओं का पास प्रतिशत: 86.23%
  • छात्रों का पास प्रतिशत: 84.09%

विशेष बात यह है कि कुल 26 टॉपर्स में से 19 लड़कियां हैं, जो यह दर्शाता है कि सूबे की बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।


मेधावी सूची : संकायवार चमकते सितारे

बोर्ड ने तीनों संकायों (विज्ञान, कला और वाणिज्य) के टॉपर्स की सूची जारी की है। इस वर्ष विज्ञान में छात्र ने, जबकि कला और वाणिज्य में छात्राओं ने सूबे में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

1. विज्ञान संकाय

स्थाननामजिला/स्कूलअंकप्रतिशत
प्रथमआदित्य प्रकाश अमनउच्च माध्यमिक विद्यालय, पांड (समस्तीपुर)48196.20%
द्वितीयसाक्षी कुमारीसीतामढ़ी479
द्वितीयसपना कुमारीनवादा479

2. कला संकाय

स्थाननामजिला/स्कूलअंकप्रतिशत
प्रथमनिशु कुमारीयशवंत इंटर स्कूल, खिजरसराय (गया)47995.8%
द्वितीयसिद्धि शुक्लाप्रोजेक्ट गर्ल्स हाई स्कूल, बथनाहा (सीतामढ़ी)478
द्वितीयचंद्रदीप कुमारएमपीएचएस +2 हाई स्कूल, सुदामाडीह (लखीसराय)478
द्वितीयमो. लकी अंसारीगवर्नमेंट इंटर कॉलेज, जिला स्कूल (पूर्णिया)478

3. वाणिज्य संकाय

स्थाननामजिला/स्कूलअंकप्रतिशत
प्रथमअदिति कुमारीसेंट जेवियर्स हाई स्कूल (पटना)480
द्वितीयमाही कुमारीकमला नेहरू बालिका उच्च विद्यालय, यारपुर (पटना)476

तकनीकी नवाचार और रिकॉर्ड मूल्यांकन

बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर ने जानकारी दी कि इस बार मूल्यांकन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी का उपयोग किया गया। मूल्यांकन का कार्य रिकॉर्ड 25 दिनों के भीतर पूरा कर लिया गया। समिति को इसके आधुनिक कामकाज के लिए तीन अलग-अलग ISO प्रमाणपत्र भी मिले हैं, जो देश के किसी भी बोर्ड के लिए एक दुर्लभ उपलब्धि है।

असफल छात्रों के लिए शिक्षा मंत्री की मार्मिक अपील

परिणामों की घोषणा के दौरान शिक्षा मंत्री ने उन छात्रों को ढांढस बंधाया जो सफल नहीं हो सके। उन्होंने कहा, एक परीक्षा परिणाम जीवन का फैसला नहीं करता। जो छात्र अच्छा नहीं कर पाए, उनके अभिभावकों से अपील है कि उन्हें प्रोत्साहित करें। किसी भी प्रकार के तनाव या गलत कदम से बचें। बोर्ड आपको सुधार के लिए पुनः अवसर दे रहा है।”

स्क्रूटनी और कंपार्टमेंटल परीक्षा का शेड्यूल

जो छात्र अपने अंकों से असंतुष्ट हैं या फेल हो गए हैं, उनके लिए बोर्ड ने तुरंत राहत दी है:

  • ऑनलाइन आवेदन की तिथि: 25 मार्च से 2 अप्रैल 2026 तक।
  • विकल्प: छात्र स्क्रूटनी (कॉपी री-चेकिंग) या विशेष सह-कंपार्टमेंटल परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं।

रिजल्ट यहाँ देखें

भारी ट्रैफिक से बचने के लिए बोर्ड ने दो पोर्टल सक्रिय किए हैं:

  1. https://interbiharboard.com
  2. https://www.bsebexam.com

आज जारी होगा बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026 का परिणाम

आज दोपहर 01:30 बजे खुलेगा इंटर के परीक्षार्थियों का भाग्य: दो वेबसाइटों पर देखें अपना इंटरमीडिएट स्कोरकार्ड।

पटना। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा, 2026 का परीक्षाफल आज, 23 मार्च 2026 को घोषित किया जाएगा। छात्र अपना परिणाम दोपहर 01:30 बजे से बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकेंगे।

शिक्षा मंत्री करेंगे परिणाम की घोषणा

समिति के अध्यक्ष आनन्द किशोर ने बताया कि परीक्षाफल की घोषणा शिक्षा मंत्री, सुनील कुमार द्वारा की जाएगी। इस महत्वपूर्ण अवसर पर शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्द्र भी उपस्थित रहेंगे। बोर्ड ने परिणाम जारी करने की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

इन वेबसाइटों पर देख सकेंगे रिजल्ट

छात्रों की सुविधा के लिए बोर्ड ने दो मुख्य पोर्टल उपलब्ध कराए हैं। भारी ट्रैफिक के कारण होने वाली तकनीकी दिक्कतों से बचने के लिए परीक्षार्थी निम्नलिखित लिंक का उपयोग कर सकते हैं:

रिजल्ट चेक करने का तरीका:

  1. बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  2. ‘Intermediate Annual Examination 2026 Result’ के लिंक पर क्लिक करें।
  3. अपना रोल कोड और रोल नंबर दर्ज करें।
  4. कैप्चा कोड भरकर ‘Submit’ बटन पर क्लिक करें।
  5. आपका परिणाम स्क्रीन पर प्रदर्शित होगा, जिसे आप भविष्य के लिए डाउनलोड या प्रिंट कर सकते हैं।