Monday, June 8, 2026

बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट आज: दोपहर 01:15 बजे जारी होंगे नतीजे, शिक्षा मंत्री करेंगे घोषणा

पटना। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा आयोजित मैट्रिक वार्षिक परीक्षा, 2026 के परीक्षाफल का इंतजार कर रहे लाखों परीक्षार्थियों के लिए बड़ी खबर है। बोर्ड आज यानी 29 मार्च 2026 को मैट्रिक का रिजल्ट जारी करने जा रहा है।

मुख्य कार्यक्रम और समय

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनन्द किशोर ने बताया कि परीक्षाफल की घोषणा शिक्षा मंत्री, श्री सुनील कुमार द्वारा की जाएगी। रिजल्ट जारी करने का समय दोपहर 01:15 बजे निर्धारित किया गया है। इस अवसर पर शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्द्र भी उपस्थित रहेंगे।


कहाँ और कैसे देखें रिजल्ट?

परिणाम घोषित होने के तुरंत बाद छात्र बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइटों पर जाकर अपना स्कोरकार्ड चेक कर सकते हैं। भारी ट्रैफिक को देखते हुए बोर्ड ने आधिकारिक लिंक जारी किए हैं:

रिजल्ट चेक करने के लिए जरूरी जानकारी:

छात्रों को अपना परिणाम देखने के लिए निम्नलिखित विवरण तैयार रखने होंगे:

  1. रोल कोड (Roll Code)
  2. रोल नंबर (Roll Number)

नोट: अधिक जानकारी और लाइव अपडेट के लिए छात्र बोर्ड के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल (@officialbseb) को फॉलो कर सकते हैं।

भाकपा माले का जिला सम्मेलन 18-19 अप्रैल को कल्याणपुर में, तैयारियों को लेकर जुटी जिला कमिटी

कल्याणपुर (समस्तीपुर): भाकपा माले के आगामी जिला सम्मेलन को ऐतिहासिक बनाने और सफल संचालन के उद्देश्य से शनिवार को वासुदेवपुर में जिला कमिटी की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि पार्टी का दो दिवसीय जिला सम्मेलन आगामी 18 और 19 अप्रैल को कल्याणपुर के वीरसिंहपुर स्थित चंदा विवाह भवन में आयोजित होगा।

वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में बनी रणनीति

जिला सचिव उमेश कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सांगठनिक मजबूती और सम्मेलन की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में मुख्य रूप से पर्यवेक्षक के तौर पर पोलित ब्यूरो सदस्य सह मिथिलांचल प्रभारी धीरेंद्र झा, राज्य सचिव कुणाल, केंद्रीय कमिटी सदस्य मंजू प्रकाश और राज्य कमिटी सदस्य बंदना सिंह उपस्थित रहीं।

जन मुद्दों को धार देगा यह सम्मेलन: का० कुणाल

बैठक को संबोधित करते हुए राज्य सचिव का० कुणाल ने कहा कि यह सम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि पार्टी संगठन को वैचारिक रूप से मजबूत करने और जन मुद्दों को धार देने का एक सशक्त माध्यम है। इसके जरिए आगामी राजनीतिक रणनीति तय की जाएगी। वहीं, धीरेंद्र झा ने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि सम्मेलन की सफलता के लिए पूरी ताकत झोंक दें। उन्होंने गांव-गांव जाकर हर शाखा, पंचायत और प्रखंड स्तर पर कार्यकर्ताओं को जागरूक करने तथा प्रतिनिधियों की शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

सम्मेलन से पहले चलेगा जनसंपर्क अभियान

बैठक में तय किया गया कि सम्मेलन से पूर्व विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य आम जनता की बुनियादी समस्याओं को समझना और उन्हें सम्मेलन के एजेंडे में प्रमुखता से शामिल करना है।

बैठक में ये रहे मौजूद:  बैठक में दिनेश कुमार, जीबछ पासवान, सुरेंद्र प्रसाद सिंह, अमित कुमार, ललन कुमार, अजय कुमार, महावीर पोद्दार, फूलबाबू सिंह, रंजीत राम, आसिफ होदा, खुर्शीद खैर, हरिकांत झा, महेश कुमार, फिरोजा बेगम, गंगा प्रसाद पासवान, रामचंद्र पासवान, जयंत कुमार, रौशन कुमार, सुनील कुमार और लोकेश कुमार सहित जिला कमिटी के कई सदस्यों ने अपने विचार साझा किए।

क्या है ‘शिक्षा में रामत्व’? भारतीय शिक्षण मंडल के स्थापना दिवस समारोह में विद्वानों ने विस्तार से समझाया

शिक्षा का अर्थ केवल हुनर सीखना नहीं, जीवन को ‘उत्तमोत्तम’ बनाना है: डॉ. राजेश्वर प्रसाद सिंह

मुजफ्फरपुर | निज प्रतिनिधि |भारतीय शिक्षण मंडल के 57वें स्थापना दिवस के अवसर पर शुक्रवार को लंगट सिंह महाविद्यालय (एलएस कॉलेज) का मुख्य प्रशाल वैचारिक मंथन का केंद्र बना। “शिक्षा में रामत्व” विषय पर आयोजित इस भव्य समारोह में प्रख्यात विद्वानों ने भारतीय शिक्षा पद्धति और भगवान राम के आदर्शों के अंतर्संबंधों को गहराई से स्पष्ट किया।

कार्यक्रम को सम्‍बोधित करते प्रख्यात साहित्यकार डॉ. राजेश्वर प्रसाद सिंह (बायें)

राम का चरित्र: शिक्षा का वास्तविक निदर्शन

मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित धर्म समाज संस्कृत महाविद्यालय के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष एवं प्रख्यात साहित्यकार डॉ. राजेश्वर प्रसाद सिंह ने “शिक्षा में रामत्व” की व्याख्या करते हुए कहा कि राम का चरित्र ही वास्तव में शिक्षा का सच्चा निदर्शन (उदाहरण) है। उन्होंने कहा, राम के व्यक्तित्व में त्याग, तप, बलिदान, करुणा, प्रेम और सौहार्द का जो समन्वय है, वही हमारे नैतिक मूल्यों का आधार है। भारतीय मनीषा के अनुसार, शिक्षा केवल पैसा कमाने या हुनर सीखने का जरिया नहीं है, बल्कि यह जीवन को उत्तमोत्तमबनाने की एक साधना है।” उन्होंने रामायण के विभिन्न प्रसंगों का उल्लेख करते हुए गुरु-शिष्य परंपरा और कर्म की महत्ता को समझाया।

नर से नारायण बनने की यात्रा

मुख्य अतिथि एवं संस्कृत के उद्भट विद्वान डॉ. अमरेन्द्र ठाकुर (पूर्व प्रधानाचार्य, एमपीएस साइंस कॉलेज) ने कहा कि राम का चरित्र भारत का शाश्वत आदर्श है। उन्होंने विस्तार से बताया कि रामायण वास्तव में ‘नर से नारायण’ बनने की एक प्रक्रिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज केवल शिक्षा के क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति में ‘रामत्व’ के गुणों को जागृत करने की आवश्यकता है, क्योंकि राममय होना ही मानवता का सच्चा प्रतीक है।

चरित्र-निर्माण और भारतीयता का संकल्प

विशिष्ट वक्ता डॉ. अवधेश ठाकुर ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि राम के बिना भारतीय शिक्षा और संस्कृति की परिकल्पना ही असंभव है। उन्होंने कहा कि जब हम ज्ञान के साथ चरित्र-निर्माण को जोड़ते हैं, वही ‘रामत्व’ का वास्तविक स्वरूप है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अजीत कुमार ने कहा कि राम हमारे समाज के नायक हैं और वर्तमान शिक्षा में संस्कार एवं संस्कृति का जुड़ाव ही ‘रामत्व’ की स्थापना है।

भारतीय शिक्षण मंडल के प्रांत मंत्री डॉ. नवीन तिवारी ने विषय-प्रवेश कराते हुए मंडल के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संगठन का मूल लक्ष्य शिक्षा में ‘भारतीयता’ को उपस्थापित करना है। उन्होंने आह्वान किया कि शैक्षिक अध्ययन, अध्यापन, अनुसंधान और प्रकाशन का आधार भारतीय मूल्य ही होने चाहिए।

सम्मान एवं गरिमामयी उपस्थिति

समारोह का शुभारंभ डॉ. राजेश्वर प्रसाद सिंह, डॉ. अमरेन्द्र ठाकुर, डॉ. अवधेश ठाकुर एवं श्री अजीत कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर आगत अतिथियों को पुस्तक और शाल देकर सम्मानित किया गया। धन्यवाद ज्ञापन व्यवस्था प्रमुख विजय कुमार शर्मा ने किया, जबकि मंच का सफल संचालन डॉ. नवीन तिवारी ने किया।

कार्यक्रम में इनकी रही सक्रिय भागीदारी: समारोह में डॉ. ललित किशोर, डॉ. हरिशंकर भारती, कैप्टन बालेश्वर राय, डॉ. गणेश कुमार सिंह, डॉ. राकेश रंजन, डॉ. अमरेन्द्र झा, डॉ. रवि कुमार, डॉ. पवन कुमार, डॉ. मनोज कुमार, प्रशांत गौतम, प्रभात मिश्रा, मयंक मिश्रा, अभिनव राज, पुष्कर सिंह, कार्तिक पाण्डेय, अंशुमान, संतोष सिंह, दिव्य लता, अभियंता बलराम सिंह, अभियंता सुबोध कुमार, मनोज शुक्ला, रवींद्र प्रसाद सिंह तथा शिक्षक अनिल कुमार, सरोज कुमार, राकेश कुमार सहित भारी संख्या में छात्र-छात्राएं और शिक्षक उपस्थित थे।

पानापुर करियात पुलिस की बड़ी सफलता: गैस एजेंसी लूट कांड में अंतर-जिला गिरोह के 3 शातिर गिरफ्तार

मुजफ्फरपुर। जिला पुलिस को अपराध नियंत्रण की दिशा में एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। पानापुर करियात थाना क्षेत्र स्थित एक गैस एजेंसी/गोदाम में हुई लूट और चोरी की घटना का उद्भेदन करते हुए पुलिस ने अंतर-जिला गिरोह के तीन शातिर अपराधियों को धर दबोचा है। गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से भारी मात्रा में अवैध हथियार और अन्य सामान बरामद किए गए हैं।

प्रेस वार्ता के दौरान जानकारी प्रदान करती अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (पश्चिमी-01), सुचित्रा कुमारी

घटना का संक्षिप्त विवरण

जानकारी के अनुसार, बीते 26 मार्च 2026 को पानापुर करियात थाना अंतर्गत एक गैस एजेंसी में चोरी और लूट की वारदात हुई थी। इस संबंध में पानापुर थाना कांड संख्या 43/26 दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया था।

विशेष टीम का गठन और गिरफ्तारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और एसपी ग्रामीण के अनुश्रवण में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम में डीआईयू  के सदस्य और पानापुर करियात के थानाध्यक्ष शामिल थे।

गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पानापुर करियात क्षेत्र से ही गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान इस प्रकार है:

  1. राम प्रवेश सहनी
  2. शत्रुघ्न सहनी
  3. बलिंदर राम

बरामदगी की सूची

गिरफ्तार अपराधियों के पास से पुलिस ने निम्नलिखित सामान बरामद किए हैं:

  • 02 देशी कट्टा
  • 09 जिंदा कारतूस
  • 02 मोटरसाइकिल
  • 02 कटर (गैस कटिंग के लिए प्रयुक्त)
  • 02 चाकू

अपराधिक इतिहास

अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (पश्चिमी-01), सुचित्रा कुमारी ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों का पुराना अपराधिक इतिहास रहा है। इन पर कांटी, पानापुर करियात समेत विभिन्न थानों में कई मामले दर्ज हैं। यह गिरोह न केवल गैस गोदामों में चोरी और लूट करता था, बल्कि मोबाइल टावरों से तार चोरी करने की घटनाओं में भी सक्रिय था।

“यह गिरोह लगातार चोरी, लूट और टावर से तार काटने जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहा था। गिरफ्तार अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है और अन्य कांडों में भी इन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।” — सुचित्रा कुमारी, SDPO (पश्चिमी-01)

फिलहाल पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों और इनके संपर्कों का पता लगा रही है ताकि क्षेत्र में अपराधिक गतिविधियों पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।

सुरेंद्र प्रसाद सिंह चौथी बार बने भाकपा माले के ताजपुर प्रखंड सचिव

ताजपुर (समस्तीपुर)। स्थानीय फलमंडी में आयोजित भाकपा माले का प्रखंड सम्मेलन नई प्रखंड कमिटी के गठन और संकल्पों के साथ संपन्न हो गया। सांगठनिक सत्र के दौरान सुरेंद्र प्रसाद सिंह को सर्वसम्मति से लगातार चौथी बार प्रखंड सचिव चुना गया। सम्मेलन में 17 सदस्यीय नई प्रखंड कमिटी का भी चयन किया गया, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया ।

सांगठनिक सत्र के दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते सुरेंद्र प्रसाद सिंह

वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में हुआ चुनाव

सम्मेलन जिला पर्यवेक्षक जीबछ पासवान, जिला सचिव उमेश कुमार, राज्य कमिटी सदस्य बंदना सिंह और मुख्य अतिथि डॉ. प्रभात कुमार की देखरेख में संपन्न हुआ। 17 सदस्यीय नई कमिटी में ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, राजदेव प्रसाद सिंह, नीलम देवी, रंजू कुमारी, आसिफ होदा और मो. शाद तौहीदी समेत कई अन्य कार्यकर्ताओं को जगह मिली है।

भ्रष्टाचार और बुलडोजर राजके खिलाफ होगा संघर्ष

निर्वाचित होने के बाद प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि आगामी दिनों में भाजपा के ‘बुलडोजर राज’ के खिलाफ आंदोलन और तेज होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि:

  • भूमिहीनों को वास-आवास और सरकारी जमीन पर बसे लोगों को पर्चा दिलाने की लड़ाई लड़ी जाएगी।
  • प्रखंड, अंचल, मनरेगा और थानों में व्याप्त लूट व भ्रष्टाचार को खत्म करना प्राथमिकता होगी।
  • कर्पूरी ठाकुर की कर्मभूमि ताजपुर के विकास और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए संगठन हर स्तर पर संघर्ष करेगा।

कार्यकर्ताओं को विराट आंदोलन का आह्वान

पर्यवेक्षक जीबछ पासवान ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि ताजपुर में भाकपा माले आंदोलन की सबसे बड़ी और निर्णायक शक्ति है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि हर गांव और टोले में जनसंगठनों की टीम बनाकर हजारों लोगों को पार्टी से जोड़ें, ताकि न्याय से वंचित लोगों को उनका हक दिलाया जा सके। सम्मेलन के दौरान भाकपा माले द्वारा एक विशेष पत्रकार सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया, जिसमें क्षेत्र के तीन दर्जन से अधिक पत्रकारों को सम्मानित किया गया।

मुख्य बिंदु:

  • प्रतिनिधि: सम्मेलन में कुल 107 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
  • चर्चा: कामकाज की रिपोर्ट पर हुई बहस में 14 प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे।
  • अध्यक्षता: सम्मेलन की अध्यक्षता आसिफ होदा, ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह और प्रभात रंजन गुप्ता के तीन सदस्यीय मंडल ने की।

केंद्रीय मंत्री डॉ. राज भूषण चौधरी ने समस्तीपुर में बाबा केवल व बाबा अमरसिंह राजकीय मेले का किया उद्घाटन

समस्तीपुर| समस्तीपुर जिले के मोरवा प्रखंड अंतर्गत इन्‍द्रवारा गाँव स्थित ऐतिहासिक बाबा केवल स्थान और बाबा अमरसिंह स्थान में दो दिवसीय राजकीय मेला 2026 का अत्यंत भव्य और गरिमामय शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मुजफ्फरपुर के माननीय सांसद और भारत सरकार के केंद्रीय जल शक्ति राज्यमंत्री डॉ. राज भूषण चौधरी ने दीप प्रज्वलित कर और विशेष पूजा-अर्चना के साथ इस राजकीय मेले का विधिवत उद्घाटन किया।

बाबा केवल स्थान और बाबा अमरसिंह स्थान राजकीय मेले के उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्री डॉ. राज भूषण चौधरी, अन्य अतिथियों के साथ दीप प्रज्वलित करते हुए।

इस अवसर पर आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री डॉ. राज भूषण चौधरी ने बाबा केवल महाराज और बाबा अमरसिंह महाराज के जीवन और उनके महान कार्यों को याद किया। उन्होंने कहा:

बाबा केवल महाराज और बाबा अमरसिंह महाराज ने अपना पूरा जीवन समाज कल्याण, निषाद समाज के उत्थान और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने अत्याचार और असमानता के खिलाफ आवाज उठाई और समाज को एक नई दिशा दी। उनका जीवन और उनके विचार आज भी हमें प्रेरित करते हैं।”

डॉ. चौधरी ने इस बात पर जोर दिया कि यह स्थान न केवल निषाद समाज के लिए, बल्कि पूरी मानवता के लिए एक पवित्र और महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है। उन्होंने कहा कि यह मेले की भव्यता और मान्यता का प्रमाण है कि यहाँ बिहार भर से ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से भी निषाद समाज के श्रद्धालु बाबा के प्रति अपनी अटूट आस्था के साथ दर्शन के लिए आते हैं।

मंच पर केंद्रीय मंत्री डॉ. राज भूषण चौधरी और अन्य विशिष्ट अतिथि।

बाबा अमर सिंह स्थान: आस्था और गौरव का प्रतीक

समस्तीपुर जिले में स्थित बाबा अमर सिंह स्थान निषाद समाज के लिए अत्यंत पवित्र और गौरवशाली तीर्थ स्थल है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, बाबा अमर सिंह ने सामाजिक बुराइयों के खिलाफ लड़ाई लड़ी और समाज के दबे-कुचले वर्गों को उनका हक दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका जीवन और बलिदान सामाजिक न्याय और समानता के लिए एक मिसाल है। यह धाम आज भी लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यहाँ प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला मेला न केवल धार्मिक आस्था को दर्शाता है, बल्कि यह निषाद संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण मंच भी है।

केंद्रीय मंत्री डॉ. राज भूषण चौधरी, अन्य अतिथियों के साथ मंदिर में पूजा-अर्चना करते हुए।

केंद्रीय मंत्री ने बाबा के जन्मदिवस के अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की और देशवासियों के सुख-समृद्धि और मंगलकामना की प्रार्थना की। उन्होंने मेले में आए सभी भक्तों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर पूर्व मंत्री हरि सहनी , रामाश्रय सहनी, मोरवा विधायक रणविजय साहू,सहित निषाद समाज के गणमान्य लोग, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।

यह भी पढ़ें:

·  [बाबा केवल स्थान मंदिर के बारे में और जानें] (लिंक)

·  [समस्तीपुर में राजकीय मेले के महत्व पर एक नजर] (लिंक)

“सकरा में राजद-कांग्रेस नेताओं ने मिलकर मनाया उमेश राम का जन्मदिन, क्षेत्र की उन्नति का लिया संकल्प”

रामनवमी के शुभ संयोग पर सादगी से मनाया गया पूर्व प्रत्याशी उमेश राम का 61वां जन्मदिन

सकरा। सकरा (सु०) विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी और कांग्रेस महागठबंधन के वरिष्ठ नेता उमेश कुमार राम का 61वां जन्मदिन गुरुवार को उनके पैतृक आवास पर सादगीपूर्ण माहौल में मनाया गया। इस वर्ष उनका जन्मदिन रामनवमी के पावन अवसर के साथ आने से समर्थकों और परिजनों में दोगुना उत्साह देखा गया।

इस विशेष अवसर पर महागठबंधन के कार्यकर्ताओं ने केक काटकर अपने नेता को बधाई दी और उनके दीर्घायु होने की कामना की। कार्यक्रम के दौरान जिला राजद मीडिया चेयरमैन प्रशांत राज, प्रख्यात चिकित्सक डॉ. मनीष यादव, अधिवक्ता मनोज कुमार सिंह और राजद नेता शशि भूषण राय प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में उमेश कुमार राम ने कहा, “ईश्वर की असीम कृपा है कि रामनवमी के पावन पर्व पर ही मेरा जन्मदिन पड़ा है। मैं जनता और अपने शुभचिंतकों से केवल आशीर्वाद और स्नेह की अपेक्षा रखता हूं।” उन्होंने सादगी से जन्मदिन मनाने के निर्णय के साथ सभी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।

बधाई देने वालों में मोहम्मद हैदर रजक, भोला पासवान, अविनाश कुमार, रिमा भारती, रिशु यादव और हिमांशु राज सहित दर्जनों कार्यकर्ता शामिल थे। सभी नेताओं ने उनके उज्जवल राजनीतिक और सामाजिक भविष्य की मंगलकामना की।

सकरा में श्रीराम जन्मोत्सव की धूम: जयकारों के साथ निकली भव्य शोभा यात्रा, उमड़ा जनसैलाब

सांसद राजभूषण चौधरी ने किया उत्साहवर्धन, 15 वर्षों से अनवरत जारी है परंपरा

सकरा (मुजफ्फरपुर)। प्रखंड के ढोली रेलवे स्टेशन स्थित मतवाला शिव मंदिर परिसर से गुरुवार को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में विशाल शोभा यात्रा निकाली गई। भगवा ध्वजों से पटे सकरा के रास्तों पर जब ‘जय श्री राम’ के जयकारे गूंजे, तो पूरा वातावरण भक्ति के सागर में सराबोर हो गया।

भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम

शोभा यात्रा का शुभारंभ मतवाला शिव मंदिर में विधि-विधान से पूजन और आरती के बाद हुआ। इसके बाद गाजे-बाजे और ढोल-ताशों की थाप पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं का कारवां निकल पड़ा। यात्रा मतवाला शिव मंदिर से प्रस्थान कर नीमतल्ला रोड, सुजावलपुर, सबहा चौक, सकरा बाजार और ताजू सकरा होते हुए पुन: मंदिर परिसर पहुंची। रास्ते में जगह-जगह पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया गया।

आकर्षण का केंद्र रहीं झांकियां

इस वर्ष की शोभा यात्रा में करीब एक दर्जन भव्य झांकियां शामिल थीं, जो मुख्य आकर्षण का केंद्र रहीं। भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी के स्वरूपों ने लोगों का मन मोह लिया। विशेष रूप से युवाओं की टोली पारंपरिक शस्त्रों और वाद्य यंत्रों के साथ शौर्य प्रदर्शन करते हुए चल रही थी।

सांसद राजभूषण चौधरी ने दी शुभकामनाएं

इस गौरवमयी अवसर पर स्थानीय सांसद राजभूषण चौधरी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने आयोजन समिति के सदस्यों को सम्मानित करते हुए कहा, “सकरा की यह धरती अपनी सांस्कृतिक विरासत के लिए जानी जाती है। 15 वर्षों से यह समिति समाज को जोड़ने और आस्था को जीवंत रखने का जो कार्य कर रही है, वह सराहनीय है।”

15 साल का गौरवशाली सफर

समिति के सदस्यों ने बताया कि सकरा में इस भव्य शोभा यात्रा की शुरुआत 15 वर्ष पूर्व हुई थी, जो आज एक विशाल वटवृक्ष का रूप ले चुकी है। इस बार की भीड़ ने पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए। हजारों की संख्या में जुटे युवाओं के जोश ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।

इनकी रही सक्रिय भूमिका

कार्यक्रम के सफल संचालन में आयोजन समिति के दिलीप बाबा, राम कृष्ण, अमित चौधरी, प्रभात कुमार, राजा चौधरी, आदित्य राज, राजा कुमार, शेखर सिंह, सन्नी सिंह, विक्रम सिंह, बिक्की चौधरी, छोटू, अमन और शिबू सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं ने दिन-रात मेहनत की। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय पुलिस भी मुस्तैद दिखी ताकि यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।

पूर्व मध्य रेल ने रचा इतिहास: 180 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ी ट्रेन, मिशन रफ्तार को मिली बड़ी कामयाबी

धनबाद/हाजीपुर । पूर्व मध्य रेल ने रेल परिचालन के क्षेत्र में आज एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। ‘मिशन रफ्तार’ के तहत पंडित दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) जंक्शन से धनबाद जंक्शन के बीच ग्रैंडकॉर्ड रेलखंड पर 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से स्पेशल ट्रेन का सफलतापूर्वक स्पीड ट्रायल किया गया। पूर्व मध्य रेल के इतिहास में यह पहली बार है जब किसी ट्रेन को इस अधिकतम गति के साथ परिचालित किया गया है।

महाप्रबंधक के नेतृत्व में हुआ परीक्षण

यह महत्वपूर्ण परीक्षण पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक श्री छत्रसाल सिंह के सीधे नेतृत्व में संपन्न हुआ। डीडीयू से प्रधानखांटा के बीच किए गए इस ट्रायल के दौरान ट्रैक की क्षमता और सुरक्षा मानकों को परखा गया। 180 किमी/घंटा की इस गति ने भविष्य में इस रूट पर हाई-स्पीड ट्रेनों के परिचालन की संभावनाओं को और प्रबल कर दिया है।

निमियाघाट-पारसनाथ रेलखंड के मध्य समपार फाटक  पर बने नए लिमिटेड हाइट सबवे का भी निरीक्षण करते महाप्रबंधक

बुनियादी ढांचे का गहन निरीक्षण

स्पीड ट्रायल के साथ-साथ महाप्रबंधक ने निमियाघाट-पारसनाथ रेलखंड के मध्य सुरक्षा और बुनियादी ढांचे का भी जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने समपार फाटक संख्या 12/C/E पर नवनिर्मित एल.एच.एस. (लिमिटेड हाइट सबवे) का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को संरक्षा के मानकों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

इस अवसर पर धनबाद मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) अखिलेश मिश्र सहित मुख्यालय एवं मंडल के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे। रेल प्रशासन ने इस ट्रायल की सफलता को परिचालन क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर बताया है।


मुख्य बिंदु:

  • रफ्तार: 180 किमी प्रति घंटा (पूर्व मध्य रेल में पहली बार)।
  • रूट: ग्रैंडकॉर्ड रेलखंड (डीडीयू जंक्शन से धनबाद/प्रधानखांटा)।
  • निरीक्षण: निमियाघाट-पारसनाथ के बीच नए सबवे (LHS) का जायजा लिया गया।

भारतीय शिक्षण मंडल उत्तर बिहार प्रांत का 57वां स्थापना दिवस 27 मार्च को

मुजफ्फरपुर। भारतीय शिक्षण मंडल, उत्तर बिहार प्रांत के 57वें स्थापना दिवस के अवसर पर आगामी 27 मार्च 2026 (शुक्रवार) को एक भव्य समारोह का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम चैत्र रामनवमी और विक्रम संवत् 2083 के पावन अवसर पर लंगट सिंह महाविद्यालय, मुजफ्फरपुर के प्रांगण में आयोजित होगा।

मुख्य विषय: शिक्षा में रामत्व

इस वर्ष स्थापना दिवस का मुख्य विषय शिक्षा में रामत्व रखा गया है, जिस पर विद्वानों द्वारा विस्तृत चर्चा की जाएगी। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10:30 बजे से होगी।

विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति

समारोह में शिक्षा जगत की कई बड़ी हस्तियां शामिल होंगी:

  • मुख्य वक्ता: डॉ. राजेश्वर प्रसाद सिंह (पूर्व विभागाध्यक्ष, हिंदी विभाग, धर्म समाज संस्कृत महाविद्यालय, मुजफ्फरपुर)।
  • मुख्य अतिथि: डॉ. अमरेंद्र ठाकुर (पूर्व प्राचार्य, महेश प्रसाद सिंह साइंस कॉलेज, मुजफ्फरपुर)।
  • विशिष्ट अतिथि: डॉ. अवधेश ठाकुर (पूर्व प्राचार्य, शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, बेतिया)।
  • अध्यक्षता: कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय शिक्षण मंडल, उत्तर बिहार के माननीय अध्यक्ष अजीत कुमार करेंगे।

आयोजन की तैयारी

संस्था के प्रांत मंत्री डॉ. नवीन तिवारी और व्यवस्था प्रमुख  विजय कुमार शर्मा ने संयुक्त रूप से बताया कि स्थापना दिवस को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। उन्होंने शिक्षाविदों, समाजसेवियों और छात्रों से इस बौद्धिक विमर्श का हिस्सा बनने के लिए सादर आमंत्रित किया है।