Monday, June 8, 2026

पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को जन्मदिन की बधाई, कांग्रेस नेताओं ने दी शुभकामनाएं

नई दिल्ली/निज प्रतिनिधि । लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती मीरा कुमार का जन्मदिन हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनसे मुलाकात कर उन्हें पुष्प गुच्छ भेंट किए और उनके दीर्घायु होने की कामना की।

वरिष्ठ नेताओं की गरिमामयी उपस्थिति

जन्मदिन के इस पावन अवसर पर अखिल भारतीय कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य और सकरा (सु०) विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस महागठबंधन के पूर्व प्रत्याशी उमेश कुमार राम ने मीरा कुमार से भेंट की। उन्होंने पुष्प गुच्छ भेंट कर उन्हें हार्दिक बधाई दी। इस दौरान अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. अंशुल अभिजीत भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

राजनीतिक गलियारों में शुभकामनाओं का दौर

मुलाकात के दौरान उमेश कुमार राम ने कहा कि मीरा कुमार जी का व्यक्तित्व और सामाजिक न्याय के प्रति उनका समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने भारतीय राजनीति और संसदीय परंपराओं को जो ऊँचाई दी है, वह अतुलनीय है।

तस्वीरों में नेताओं के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण देखा गया, जहाँ डॉ. अंशुल अभिजीत और उमेश कुमार राम ने पूर्व स्पीकर के साथ भविष्य की राजनीति और पार्टी की मजबूती पर भी संक्षिप्त चर्चा की। सोशल मीडिया पर भी सुबह से ही कांग्रेस समर्थकों और प्रबुद्ध जनों द्वारा मीरा कुमार को जन्मदिन की बधाई देने का तांता लगा रहा।

 अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ की हुंकार: “सत्ता के चारों स्तंभों में चाहिए 90% भागीदारी”

पटना। अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ (रजि.) की राज्य कार्यकारिणी बैठक सह संवाददाता सम्मेलन का आयोजन पटना स्थित केंद्रीय कार्यालय में किया गया। इस बैठक में पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा हेतु “संपूर्ण आरक्षण क्रांति” का बिगुल फूँका गया।

90% आबादी, 90% भागीदारी का नारा

सम्मेलन को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने ओजस्वी शैली में अमर शहीद जगदेव प्रसाद के नारों को दोहराया। उन्होंने कहा कि “100 में 90 शोषित हैं, 90 भाग हमारा है।” संघ के नेताओं ने स्पष्ट किया कि न्यायपालिका, कार्यपालिका, विधायिका और राष्ट्रीय मीडिया के साथ-साथ निजी क्षेत्रों में भी पिछड़ों की 90% हिस्सेदारी सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने इसे “आजादी की दूसरी लड़ाई” करार देते हुए कहा कि पहली पीढ़ी ने संघर्ष किया, दूसरी जेल गई, तीसरी राज कर रही है और अब चौथी पीढ़ी आरक्षण विरोधियों को करारा जवाब देगी।

संतोष कुशवाहा और शशि गुप्ता ने भरी हुंकार

संगठन की मजबूती और आगामी रणनीति पर चर्चा करते हुए संतोष कुशवाहा और शशि गुप्ता के नामों को प्रमुखता से रेखांकित किया गया। संतोष कुशवाहा ने कहा कि अब समय आ गया है जब हमें घर-घर जाकर हर व्यक्ति को जगाना होगा। वहीं शशि गुप्ता ने संगठन के विस्तार और महिलाओं की भागीदारी पर जोर देते हुए कहा कि पिछड़ा समाज अब अपने मान-सम्मान और अधिकारों के लिए किसी भी हद तक संघर्ष करने को तैयार है।

अनिल कुमार अकेला का सक्रिय सहयोग

कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता अनिल कुमार अकेला की भूमिका भी सराहनीय रही। उन्होंने जोर देकर कहा कि संगठन 1947 से सक्रिय है, लेकिन अब इसे एक नए जन-आंदोलन का रूप देने की आवश्यकता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे गांधी मैदान से लेकर बिहार के गांव-गांव तक इस लड़ाई को ले जाएं।

मुख्य मांगें और भावी रणनीति

  • निजी क्षेत्र में आरक्षण: सरकारी नौकरियों के साथ-साथ प्राइवेट सेक्टर में भी आरक्षण की मांग।
  • जागरूकता अभियान: बिहार के प्रत्येक जिले और प्रखंड स्तर पर कार्यकारिणी का गठन।
  • संवैधानिक अधिकार: SC, ST, OBC और अल्पसंख्यकों के अधिकारों के प्रति सजगता।

इस अवसर पर नवनियुक्त पदाधिकारियों का स्वागत बुके और माला पहनाकर किया गया। कार्यक्रम में संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित कई गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे, जिन्होंने एक स्वर में सामाजिक न्याय की लड़ाई को तेज करने का संकल्प लिया।

बैठक में मुख्य रूप से डॉ. अम्बेडकर व त्यागमुर्ति चन्दापुरी के पदचिन्हों पर चलने का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर मुख्‍य अतिथि अरूण कुशवाहा, राष्ट्रीय अध्यक्ष  इन्द्र कुमार सिंह चन्दापुरी, दिगविजय कुमार दिवाकर, (प्रदेश अध्यक्ष),पलटन सिंह (संघ प्रदेश उपाध्यक्ष),लाल मोहन सिंह (प्रदेश उपाध्यक्ष), शान्ति सााह, जैसे प्रमुख नेताओं ने भी अपने विचार रखे और संगठन को धार देने की बात कही।

केस डायरी से नाम हटाने के बदले रिश्वत लेते पातेपुर का दारोगा गिरफ्तार

बड़ी कार्रवाई: निगरानी ब्यूरो ने भागलपुर में भी स्टेनो और लिपिक को 70 हजार लेते दबोचा, एक ही दिन में तीन गिरफ्तार

पटना/वैशाली/भागलपुर: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की है। ब्यूरो की टीम ने वैशाली जिले के पातेपुर थाने में तैनात एक पुलिस अवर निरीक्षक (SI) को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। वहीं, एक अन्य कार्रवाई में भागलपुर से दो कर्मियों को भी घूस लेते पकड़ा गया है।

निगरानी के गिरफ्त में स्टेनो प्रेम कुमार और लिपिक मयंक कुमार बायें से,  एवं तस्‍वीर के दाहिने पातेपुर थाने  के पु०अ०नि० अखिलेश कुमार सिंह ,  सभी लाल घेरे में

पातेपुर में जाल बिछाकर धरा गया दारोगा

निगरानी विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, वैशाली जिले के पातेपुर थाने में तैनात पु०अ०नि० अखिलेश कुमार सिंह को 15,000 रुपये रिश्वत लेते हुए थाना परिसर से ही गिरफ्तार किया गया।

क्या है पूरा मामला? परिवादी चंदन कुमार (पिता स्व. बहादुर पासवान) ने निगरानी ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी कि दारोगा अखिलेश कुमार सिंह केस डायरी में मदद करने और अभियुक्त का नाम निकालने के एवज में रिश्वत की मांग कर रहे हैं। शिकायत के सत्यापन के बाद पुलिस उपाधीक्षक सतेन्द्र राम के नेतृत्व में एक धावा दल का गठन किया गया, जिसने सोमवार को जाल बिछाकर दारोगा को रंगे हाथों धर दबोचा।


भागलपुर में स्टेनो और क्लर्क पर भी गिरी गाज

निगरानी की दूसरी टीम ने भागलपुर जिले में बड़ी सफलता हासिल की। सदर अनुमंडल कार्यालय में तैनात स्टेनो प्रेम कुमार और लिपिक मयंक कुमार को 70,000 रुपये की भारी-भरकम रिश्वत लेते हुए उनके कार्यालय कक्ष से गिरफ्तार किया गया।

इन दोनों पर आरोप था कि इन्होंने परिवादी अभिजीत कुमार (प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, नाथनगर) से उनकी सेवा संपुष्टि संबंधी फाइल को आगे विभाग में भेजने के बदले रिश्वत मांगी थी। डीएसपी विन्ध्याचल प्रसाद के नेतृत्व वाली टीम ने यह गिरफ्तारी सुनिश्चित की।


2026 में अब तक 29 आरोपी गिरफ्तार

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक कुल 37 प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं। भ्रष्टाचार के विरुद्ध इस अभियान में अब तक कुल 29 अभियुक्तों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है और उनके पास से 10,29,000 रुपये की बरामदगी की गई है।

निगरानी की अपील: ब्यूरो ने जनता से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो तुरंत निगरानी के हेल्पलाइन नंबरों 0612-2215344 या व्हाट्सएप नंबर 9473494167 पर शिकायत दर्ज कराएं।

रात भर थाने के चक्कर काटते रहे पिता, सुबह चौर में मिली बेटी की लाश

सकरा (मुजफ्फरपुर)। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के सकरा थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। भटंडी गांव की 18 वर्षीय जोया परवीन, जो रविवार शाम से लापता थी, उसका शव सोमवार सुबह बेझा गांव के एक सुनसान चौर (मैदानी इलाके) में बरामद हुआ। इस घटना ने पुलिस की संवेदनशीलता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बेझा गांव में घटना की जानकारी के बाद लोगो की उमड़ी भीड़, एवं  दाहिने की तस्‍वीर में  तहकीकात करती सकरा थाना की पुलिस   

सुबह आना” कहकर पिता को लौटाया

मृतिका के पिता मोहम्मद जसीम ने बताया कि उनकी बेटी रविवार शाम करीब 4:45 बजे से लापता थी। काफी खोजबीन के बाद जब वह नहीं मिली, तो परेशान पिता रात करीब 9:00 बजे सकरा थाने पहुंचे ताकि पुलिस की मदद ली जा सके। आरोप है कि पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करने या खोजबीन शुरू करने के बजाय पिता को रात भर इंतजार करने और सुबह फोटो के साथ आवेदन देने की बात कहकर वापस भेज दिया।

बेबस पिता पूरी रात बेटी की सलामती की दुआ मांगते रहे, लेकिन सुबह 8:45 बजे एक अनजान संदेश ने उनकी दुनिया उजाड़ दी। संदेश पाकर जब वे बेझा चौर पहुंचे, तो वहां उनकी मंझली बेटी जोया का शव पड़ा मिला।

FSL और डॉग स्क्वायड की जांच

घटना की सूचना के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हुई। आनन-फानन में FSL (विधि विज्ञान प्रयोगशाला) की टीम को बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। अपराधियों का सुराग लगाने के लिए डॉग स्क्वायड की भी मदद ली गई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

पिता ने नकारा तनाव का दावा, लगाया हत्या का आरोप

शुरुआती चर्चाओं में यह बात उठी कि इंटर की परीक्षा (अंग्रेजी विषय) में कम अंक आने के कारण छात्रा तनाव में हो सकती है। हालांकि, पिता मोहम्मद जसीम ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि जोया किसी तनाव में नहीं थी, बल्कि उसके साथ ‘अन्याय और अत्याचार’ हुआ है। परिवार का मानना है कि जोया की हत्या की गई है।

पुलिस का पक्ष

मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (पूर्वी-02) मनोज कुमार सिंह ने बताया:

“सकरा थाना अंतर्गत बेझा गांव का एक चौर है जहाँ पर एक लड़की की डेड बॉडी यहाँ पर बरामद हुई है चौर में। प्रथम दृष्टया तो उसका पहचान नहीं हो पाया, तो उनको पोस्टमार्टम में भेज दिया गया है। साथ ही साथ एफएसएल की टीम द्वारा भी यहाँ का साक्ष्य संकलन किया गया है, डॉग स्क्वायड को भी बुलाया गया था और ये पहचान लड़की की हो गई है, वो भटंडी गाँव की ही एक व्यक्ति है जसीम उनकी पुत्री है जो कल से ही लापता थी। और अब सभी बिंदुओं पर छानबीन की जा रही है।”

गांव में मातम और आक्रोश

जोया अपने चार भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर थी। उसकी मौत की खबर फैलते ही भटंडी गांव में मातम पसर गया है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भी आक्रोश है कि यदि पुलिस रात में ही सक्रियता दिखाती, तो शायद परिणाम कुछ और होता। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि मौत की असल वजह साफ हो सके।


एमडीडीएम कॉलेज की ‘आयरन लेडी’ डॉ. विनीता झा को नम आंखों से दी गई विदाई

मुजफ्फरपुर | 30 मार्च, 2026 महंत दर्शन दास महिला महाविद्यालय (एमडीडीएम) के परिसर में सोमवार को एक युग का समापन हुआ। अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ. विनीता झा की सेवानिवृत्ति पर आयोजित विदाई समारोह में कॉलेज परिवार की आंखें नम थीं, तो वहीं उनके 34 वर्षों के गौरवशाली कार्यकाल के प्रति गहरा सम्मान भी था। महाविद्यालय शिक्षक संघ के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में वक्ताओं ने डॉ. झा को अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की ‘आयरन लेडी’ बताया।

व्यक्तित्व की प्रखरता और कुशल नेतृत्व

समारोह की अध्यक्षता करते हुए शिक्षक संघ की सचिव डॉ. कुमारी सरोज ने कहा कि डॉ. विनीता झा न केवल एक कुशल प्राध्यापिका थीं, बल्कि एक बेहतरीन इंसान भी हैं। उन्होंने अपनी कर्मठता से अपनी अलग पहचान बनाई और शिक्षक संघ को मजबूत आधार दिया। प्राचार्य डॉ. अलका जायसवाल ने उनके सहयोग को याद करते हुए कहा कि उनका व्यक्तित्व सबसे अलग था, उन्होंने समय-समय पर अपने सुझावों से महाविद्यालय को नई दिशा दी।

संघर्ष और बौद्धिक चेतना का संगम

वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. जयकांत सिंह जय ने डॉ. झा के जीवन को ‘संघर्ष की महागाथा’ करार दिया। वहीं, डॉ. रमेश ऋतंभर ने उनके पढ़ाए छात्रों की सफलता का उल्लेख करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। डॉ. किरण झा ने अपनी भावनाओं को ‘जय जय बम बम भोले’ गीत के माध्यम से व्यक्त किया, तो डॉ. अर्चना तिवारी ने विक्टोरिया इरिक्सन की कविता पढ़कर विदाई के क्षणों को भावुक बना दिया।

सम्मान और स्मृतियों का सफर

प्रो. प्रांजलि और डॉ. नवनीता ने उनके अनुशासन को अनुकरणीय बताया। प्रो. शगुफ्ता नाज़ ने उन्हें ‘आयरन लेडी’ की संज्ञा देते हुए कहा कि उनके साथ काम करना गौरव की बात थी और उनका जाना अंग्रेजी विभाग के लिए एक अपूरणीय क्षति है। डॉ. प्रियम फ्रांसिस ने उन्हें एक स्नेहिल विदुषी बताया जो सबको ज्ञान और प्यार बांटती रहीं।

भावुक संबोधन: “ईमान से कभी समझौता नहीं किया”

अपनी विदाई पर डॉ. विनीता झा काफी भावुक दिखीं। उन्होंने कहा, मैंने 34 वर्षों की लंबी सेवा में अपने कर्तव्य बोध और अधिकारों के प्रति सजग रही। कभी अपने स्वाभिमान और ईमान से समझौता नहीं किया। ईश्वर को धन्यवाद है कि मेरा शैक्षिक सफर गरिमामय रहा।”

समारोह में कॉलेज के सभी प्राध्यापक-प्राध्यापिकाएं और शिक्षकेतर कर्मचारी उपस्थित थे, जिन्होंने उपहार और शुभकामनाओं के साथ अपनी प्रिय सहकर्मी को विदाई दी।

मुजफ्फरपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: जेसीबी से रौंदी गई 1450 लीटर अवैध शराब

मुजफ्फरपुर | कार्यालय संवाददाता बिहार में शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने के लिए मुजफ्फरपुर पुलिस लगातार एक्शन मोड में है। वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देशानुसार जिले में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत रविवार को पुलिस ने शराब की एक बड़ी खेप को नष्ट कर दिया।

मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में विनष्टीकरण

आज दिनांक 29 मार्च, 2026 को सकरा थाना परिसर में भारी मात्रा में जब्त शराब का विनष्टीकरण किया गया। यह कार्रवाई तैनात मजिस्ट्रेट, उत्पाद विभाग के अधिकारियों और संबंधित पुलिस पदाधिकारियों की संयुक्त निगरानी में पूरी की गई।

विभिन्न कांडों में जब्त थी शराब

पुलिस के अनुसार, नष्ट की गई शराब विभिन्न छापेमारी और कार्रवाई के दौरान जब्त की गई थी। कुल 1450 लीटर अवैध विदेशी और देशी शराब को जमीन पर फैलाकर जेसीबी (JCB) के जरिए पूरी तरह नष्ट कर दिया गया।

“जिले में शराब के अवैध कारोबार और सेवन के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। यह विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा ताकि जिले को नशामुक्त बनाया जा सके।”— पुलिस प्रशासन

70वां रेल सप्ताह समारोह: पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल को मिली ओवरऑल एफिशिएंसी शील्ड, समस्तीपुर मंडल ने जीती 11 श्रेणियां

हाजीपुर। पूर्व मध्य रेल के हाजीपुर स्थित वैशाली रेल प्रेक्षागृह में आयोजित भव्य समारोह में 70वें रेल सप्ताह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह ने वर्ष 2025 के दौरान उत्कृष्ट सेवा देने वाले रेल अधिकारियों और कर्मचारियों को विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार से सम्मानित किया। कार्यक्रम का उद्घाटन महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह, महिला कल्याण संगठन की अध्यक्षा सुनीता सिंह और अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया।

समारोह में कुल 94 रेलकर्मियों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार प्रदान किए गए। इस अवसर पर अपर महाप्रबंधक अमरेंद्र कुमार, प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारी सुरेश चन्द्र श्रीवास्तव सहित मुख्यालय और पांचों मंडलों के रेल प्रबंधक और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल की बड़ी उपलब्धि

समग्र प्रदर्शन और कार्य कुशलता के आधार पर वर्ष 2025 की प्रतिष्ठित महाप्रबंधक ओवरऑल एफिशिएंसी शील्ड पंडित दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) मंडल को प्रदान की गई। मंडल ने परिचालन और तकनीकी क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण सफलताएं दर्ज कीं:

  • समय पालन: मेल एक्सप्रेस ट्रेनों के शत-प्रतिशत समय पालन के साथ देश में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए ‘समय पालन कार्यकुशलता शील्ड’ (पंक्चुअलिटी शील्ड) जीती।
  • माल ढुलाई: रिकॉर्ड 4.5 किलोमीटर लंबी मालगाड़ी रुद्रास्त्र चलाकर परिचालन क्षमता में वृद्धि के लिए ‘माल ढुलाई कार्यकुशलता शील्ड’ प्राप्त की।
  • इंजीनियरिंग: रेलवे ट्रैक के सुदृढ़ीकरण और उन्नयन के लिए ‘ट्रैक मेंटेनेंस शील्ड’ दी गई। इसी मंडल में 180 किलोमीटर प्रति घंटा की गति के लिए सफल परीक्षण किया गया था।

समस्तीपुर मंडल का दबदबा: जीतीं 11 महत्वपूर्ण शील्ड्स

समारोह में समस्तीपुर मंडल ने विभिन्न विभागों में अपना परचम लहराया। मंडल रेल प्रबंधक ज्योति प्रकाश मिश्रा के नेतृत्व में मंडल ने कुल 11 श्रेणियों में पुरस्कार जीते:

  1. ओवरऑल एफिशिएंसी शील्ड: परिचालन विभाग में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए ज्योति प्रकाश मिश्रा और वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक विजय प्रकाश ने शील्ड प्राप्त की।
  2. व्यापार एवं वाणिज्य: ‘बेस्ट परफॉरमेंस इन बिजनेस’ और ‘वाणिज्य कार्यकुशलता शील्ड’ के लिए ज्योति प्रकाश मिश्रा और वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अनन्या स्मृति को सम्मानित किया गया।
  3. इंजीनियरिंग: इंजीनियरिंग विभाग में बेहतर कार्य के लिए ज्योति प्रकाश मिश्रा और वरिष्ठ मंडल इंजीनियर संजय कुमार ने शील्ड ली।
  4. चिकित्सा: चिकित्सा विभाग में श्रेष्ठता के लिए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक सुनील कुमार को शील्ड दी गई।
  5. तकनीकी एवं दूरसंचार: दूरसंचार कार्यकुशलता के लिए वरिष्ठ मंडल दूरसंचार इंजीनियर पंकज कुमार को पुरस्कृत किया गया।
  6. अन्य सम्मान: बेस्ट रनिंग रूम के लिए संजय कुमार, बेस्ट स्क्रैप निस्तारण के लिए गौरव कुमार सिंह, स्वच्छता के लिए विजय प्रकाश और बेस्ट डीजल शेड के लिए अरविंद कुमार को महाप्रबंधक द्वारा सम्मानित किया गया।

सुरक्षा और सांस्कृतिक कार्यक्रम

यात्री सुरक्षा और मानव तस्करी रोकने में उत्कृष्ट कार्य के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) पोस्ट मुजफ्फरपुर के उप निरीक्षक गोकुलेश पाठक को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान सांस्कृतिक टीमों ने रंगारंग प्रस्तुतियां दीं, जिसकी उपस्थित लोगों ने सराहना की। विभिन्न विभागों और मंडलों के बीच बेहतर तालमेल के लिए कुल 56 दक्षता और सर्वांगीण दक्षता शील्ड प्रदान की गईं।

महाप्रबंधक का संदेश

समारोह को संबोधित करते हुए महाप्रबंधक  छत्रसाल सिंह ने कहा कि समस्तीपुर और डीडीयू जैसे मंडलों की प्रतिस्पर्धात्मक भावना ही पूर्व मध्य रेल को भारतीय रेल के मानचित्र पर अग्रणी बनाए हुए है। उन्होंने ‘रुद्रास्त्र’ जैसे नवाचारों और शत-प्रतिशत समय पालन की उपलब्धि को रेल के इतिहास में मील का पत्थर बताया।

महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ आंदोलन तेज करेगी भाकपा माले

ताजपुर (समस्तीपुर) | 29 मार्च 2026 ताजपुर प्रखंड के सिरसिया (वार्ड 13) में रविवार को भाकपा माले शाखा की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। शाखा सचिव राजेश कुमार सहनी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में क्षेत्रीय समस्याओं से लेकर संगठन की मजबूती और आगामी सम्मेलनों की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का पर्यवेक्षण प्रखंड कमिटी सदस्य जीतेंद्र सहनी ने किया, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह उपस्थित रहे।

जनविरोधी नीतियों पर प्रहार

बैठक को संबोधित करते हुए प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज आम जनता बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और राशन-गैस की किल्लत से त्रस्त है, लेकिन सरकार जनहित के मुद्दों पर मौन साधे हुए है। किसानों और मजदूरों की स्थिति दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है। उन्होंने संकल्प लिया कि जो लोग कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं, उन्हें अभियान चलाकर हक दिलाया जाएगा।

आगामी सम्मेलनों की तैयारी

प्रखंड कमिटी सदस्य जीतेंद्र सहनी ने आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि:

  • 18-19 अप्रैल: कल्याणपुर के वीरसिंहपुर में भाकपा माले का जिला सम्मेलन आयोजित होगा।
  • 16-17-18 मई: दरभंगा प्रेक्षागृह में राज्य सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।

इन सम्मेलनों की सफलता के लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार, कोष संग्रह और सदस्यता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है।

संगठन विस्तार पर जोर

बैठक में सर्वसम्मति से कई प्रस्ताव पारित किए गए, जिनमें प्रमुख हैं:

  1. लोकयुद्ध पत्रिका: पार्टी की विचारधारा को घर-घर पहुँचाने के लिए ‘लोकयुद्ध’ पत्रिका के नए पाठक बनाना।
  2. सदस्यता अभियान: बकाया शुल्क संग्रह करना और नए सदस्यों को जोड़कर गांव-गांव में संगठन को मजबूत करना।
  3. आंदोलन की रणनीति: जनसमस्याओं को लेकर आने वाले दिनों में प्रखंड स्तर पर बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार करना।

बैठक के अंत में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने जन-संघर्ष को तेज करने और शोषितों की आवाज बुलंद करने का सामूहिक संकल्प लिया।

BSEB 10th Result 2026: बिहार बोर्ड मैट्रिक के नतीजे घोषित, सफलता दर में 0.32% की मामूली गिरावट

पटना: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने आज, 29 मार्च को मैट्रिक वार्षिक परीक्षा 2026 के परीक्षाफल घोषित कर दिए हैं। बोर्ड ने इस वर्ष भी पिछले साल की तरह रिकॉर्ड समय में परिणाम जारी कर अपनी निरंतरता बनाए रखी है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी 29 मार्च को ही परिणाम जारी किए गए थे।

इस वर्ष का प्रदर्शन: आंकड़ों की नजर में

वर्ष 2026 की मैट्रिक परीक्षा में कुल 81.79% विद्यार्थी सफल रहे हैं। यदि पिछले वर्ष के आंकड़ों से तुलना की जाए, तो इस बार उत्तीर्ण प्रतिशत में 0.32% की मामूली गिरावट दर्ज की गई है। 2025 में उत्तीर्ण प्रतिशत 82.11% रहा था।

परीक्षा का आयोजन:

  • परीक्षा केंद्र: प्रदेश भर में कुल 1,699 केंद्र।
  • परीक्षा तिथि: 17 से 25 फरवरी 2026 के बीच।
  • रिजल्ट तिथि: 29 मार्च 2026।

पिछले वर्ष (2025) का रिपोर्ट कार्ड

तुलनात्मक अध्ययन के लिए पिछले वर्ष के कुछ प्रमुख आंकड़े निम्नलिखित हैं:

  • कुल परीक्षार्थी: 15,58,077 छात्र शामिल हुए थे।
  • सफल छात्र: 12,79,294 (82.11%)।
  • श्रेणीवार सफलता: * प्रथम श्रेणी: 4,70,845
    • द्वितीय श्रेणी: 4,84,000+
    • तृतीय श्रेणी: 3,07,792
  • टॉपर: साक्षी कुमारी, अंशु कुमारी और रंजन वर्मा ने 489 अंक (97.80%) के साथ संयुक्त रूप से टॉप किया था।
  • टॉप-10 सूची: पिछले वर्ष टॉप-10 में कुल 123 बच्चों ने जगह बनाई थी, जिनमें 60 छात्राएं और 63 छात्र शामिल थे।

मामूली गिरावट के बावजूद बेहतर प्रदर्शन

विशेषज्ञों का मानना है कि 0.32% की कमी बेहद कम है और इसे परिणाम में स्थिरता माना जाना चाहिए। बोर्ड ने जिस पारदर्शिता और गति से मूल्यांकन कार्य पूर्ण कर समय पर रिजल्ट जारी किया है, उससे छात्रों को आगे के नामांकन की प्रक्रियाओं में काफी सहूलियत होगी।

बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट जारी: 81.79% छात्र सफल, बेटियों ने फिर लहराया परचम

जमुई की पुष्पांजलि और वैशाली की सरीन संयुक्त रूप से स्टेट टॉपर; टॉप-10 में 139 विद्यार्थियों ने बनाई जगह

पटना | मुख्य संवाददाता बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने रविवार को मैट्रिक वार्षिक परीक्षा 2026 का परिणाम घोषित कर दिया है। राज्य के शिक्षा मंत्री  सुनील कुमार और बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर ने संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नतीजों को जारी किया। इस वर्ष कुल 81.79% परीक्षार्थी सफल रहे हैं। इंटर के बाद मैट्रिक में भी लड़कियों ने बाजी मारी है। उत्तीर्ण होने वाली छात्राओं की संख्या 6,34,353 है, जबकि 6,01,390 छात्र सफल हुए हैं।

बेटियों ने हासिल किया शीर्ष स्थान

इस बार प्रदेश की दो बेटियों ने संयुक्त रूप से राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त कर गौरव बढ़ाया है। सिमुलतला आवासीय विद्यालय (जमुई) की पुष्पांजलि कुमारी और उच्च माध्यमिक विद्यालय, छौड़ाही (वैशाली) की सरीन परवीन ने 492 अंक (98.4%) प्राप्त कर टॉप किया है। दूसरे स्थान पर बेगूसराय की नाहिद सुल्ताना (97.8%) रहीं। वहीं तृतीय स्थान पर संयुक्त रूप से बक्सर की अनुपा कुमारी और बेगूसराय के ओमकार कुमार (97.6%) रहे।

रिकॉर्ड समय में रिजल्ट, बिहार फिर बना नंबर-1

शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने बताया कि बिहार देश का पहला राज्य है जिसने मार्च महीने में ही इंटर और मैट्रिक दोनों के परिणाम घोषित कर दिए हैं। बोर्ड ने मात्र 12 दिनों के मूल्यांकन के बाद यह उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा, “हमारी तकनीक और ‘बेस्ट प्रैक्टिसेस’ को अब राजस्थान और गोवा जैसे राज्य भी अपना रहे हैं।”

टॉपरों के लिए इनाम की राशि हुई दोगुनी

बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर ने मेधावी छात्रों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि इस बार पुरस्कार राशि दोगुनी कर दी गई है:

  • प्रथम स्थान: 2 लाख रुपये, लैपटॉप, मेडल और प्रशस्ति पत्र।
  • द्वितीय स्थान: 1.5 लाख रुपये, लैपटॉप और मेडल।
  • तृतीय स्थान: 1 लाख रुपये, लैपटॉप और मेडल।
  • 4थे से 10वें स्थान तक: 20,000 रुपये और लैपटॉप।

रिजल्ट से असंतुष्ट छात्र 1 अप्रैल से करें आवेदन

जो छात्र अनुत्तीर्ण हुए हैं या अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हैं, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि 1 अप्रैल से 7 अप्रैल के बीच स्क्रूटनी और ‘विशेष सह पूरक परीक्षा’ के लिए ऑनलाइन आवेदन किए जा सकते हैं। इस परीक्षा का रिजल्ट मई में ही जारी कर दिया जाएगा ताकि छात्रों का साल बर्बाद न हो।


एक नजर आंकड़ों पर:

विवरणसंख्या / प्रतिशत
कुल परीक्षार्थी15,10,928
कुल सफल छात्र12,35,743 (81.79%)
प्रथम श्रेणी4,43,723
द्वितीय श्रेणी4,75,511
तृतीय श्रेणी3,03,103
टॉप 10 में शामिल छात्र139

शिक्षा मंत्री की अपील: “अभिभावक कम अंक आने पर बच्चों पर मानसिक दबाव न बनाएं। उन्हें प्रोत्साहित करें ताकि वे पूरक परीक्षा के माध्यम से बेहतर भविष्य की ओर बढ़ सकें।”