लोक सेवक आवास के ‘संकल्प सभागार‘ में शिक्षा विभाग की हाई-लेवल समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का बड़ा फैसला; हर साल जुलाई में निकलेगा विज्ञापन, ‘जीविका दीदियां‘ सिलेंगी स्कूली बच्चों की पोशाक।
22 मई 2026। विशेष ब्यूरो रिपोर्ट, पटना: बिहार के शिक्षा जगत और रोजगार की तलाश कर रहे लाखों युवाओं के लिए आज का दिन बेहद ऐतिहासिक और खुशियों की सौगात लेकर आया है। राज्य सरकार ने युवाओं को रोजगार और शिक्षकों को तबादले की बड़ी राहत देते हुए कई चौकाने वाले फैसले लिए हैं। लोक सेवक आवास (1 अणे मार्ग) स्थित ‘संकल्प सभागार’ में आयोजित शिक्षा विभाग की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सरकार द्वारा कई बड़े और अभूतपूर्व निर्णयों पर मुहर लगा दी गई है।
बैठक की कमान संभालते हुए माननीयमुख्यमंत्री ने साफ तौर पर कहा कि राज्य के सभी बच्चों को अच्छी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, इसे लेकर सरकार लगातार प्रयासरत है और इस दिशा में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

बैठक के 3 सबसे बड़े और मुख्य फैसले:
- 5 वर्षों में 1 लाख नई नियुक्तियां (हर साल 20 हजार पद): युवाओं के लिए नौकरी का पिटारा खोलते हुए सरकार ने घोषणा की है कि अगले 5 वर्षों में 1 लाख शिक्षकों की बंपर बहाली की जाएगी। इस योजना के तहत प्रत्येक वर्ष कम से कम लगभग 20 हजार नए शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाएगी। इस प्रक्रिया को नियमित और पारदर्शी बनाए रखने के लिए हर वर्ष जुलाई महीने में नियुक्ति संबंधी विज्ञापन अनिवार्य रूप से जारी कर दिया जाएगा।
- तबादला नीति में बड़ा फेरबदल, शिक्षकों को मिली बड़ी राहत: शिक्षकों के स्थानांतरण (Transfer) को लेकर सालों से चल रही कशमकश को खत्म करते हुए सरकार ने नई सुगम नीति बनाने का निर्देश दिया है। अब महिला शिक्षकों का स्थानांतरण यथासंभव उनके गृह जिले के अपने प्रखंड के गृह पंचायत के बगल वाली पंचायत में ही किया जाएगा। वहीं, पुरुष शिक्षकों को राहत देते हुए उनके गृह जिले में ही उनके अपने गृह प्रखंड के बगल वाले प्रखंड में ट्रांसफर करने की सुगम नीति बनाई जा रही है।
- ‘जीविका दीदियों‘ के हाथ में होगी स्कूली पोशाक की कमान: राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को दी जाने वाली मुफ्त पोशाक (यूनिफॉर्म) की आपूर्ति अब पूरी तरह से ‘जीविका‘ के माध्यम से की जाएगी। इस मास्टरस्ट्रोक फैसले से जहां एक ओर स्कूली बच्चों को ससमय और उच्च गुणवत्ता वाली पोशाक मिल सकेगी, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन और महिला सशक्तिकरण को जबरदस्त बल मिलेगा।
इस उच्चस्तरीय बैठक में शिक्षा विभाग के आला अधिकारी और प्रधान सचिव भी मौजूद रहे। अधिकारियों को सख्त लहजे में हिदायत दी गई है कि इन सभी गाइडलाइंस को तय समय सीमा के भीतर धरातल पर उतारा जाए ताकि जनता और शिक्षकों को इसका लाभ तुरंत मिल सके।
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