“अकाउंट्स हैक, वेबसाइट क्रैश… फिर भी महा-कमबैक! ‘कॉकरोच इज बैक’ से सोशल मीडिया पर हड़कंप!”
“सोनम वांगचुक बने ‘मानद कॉकरोच’! प्रशांत किशोर के मिलें सुर, प्रशांत भूषण और ध्रुव क्या थामेंगे CJP का विद्रोही हाथ!”
पटना/ मुजफ्फरपुर: डिजिटल दुनिया में इस समय एक ऐसा ‘भूकंप’ आया है, जिसने सत्ता के गलियारों से लेकर सोशल मीडिया के महारथियों तक सबको हिलाकर रख दिया है। जिसे कभी एक मामूली कीड़ा समझकर कुचलने की कोशिश की गई थी, आज उसी ‘डिजिटल कॉकरोच’ के एक डंक ने सत्ता की कुर्सी को डगमगा दिया है। सोशल मीडिया पर ‘2 करोड़’ की एक ऐसी डिजिटल सेना खड़ी हो चुकी है, जिसके तेवरों ने बड़े-बड़े सूरमाओं के पसीने छुड़ा दिए हैं।

डिजिटल स्ट्राइक, हैकिंग और फिर एक ‘महा-कमबैक‘!
बीते कुछ दिनों से इस विद्रोही डिजिटल ग्रुप को दबाने की हर मुमकिन कोशिश की गई। इनके मुख्य सोशल मीडिया अकाउंट्स को निशाना बनाया गया, वेबसाइट्स पर ताबड़तोड़ साइबर हमले हुए और उन्हें क्रैश कर दिया गया। ऐसा लगा कि सत्ता और सिस्टम के दबाव में यह आवाज हमेशा के लिए खामोश हो जाएगी।
लेकिन, जैसा कि कॉकरोच के बारे में कहा जाता है—’यह परमाणु हमले में भी बच सकता है।’ ठीक वैसा ही हुआ! तमाम पाबंदियों और हैकिंग के हमलों को धत्ता बताते हुए इस ग्रुप ने एक धमाकेदार वापसी की है। इंटरनेट पर इस समय ‘Cockroach Is Back’(कॉकरोच इज बैक’) का नारा ट्रेंड कर रहा है। रातों-रात खोई हुई डिजिटल जमीन को वापस पाकर इस ग्रुप ने साबित कर दिया है कि इन्हें डिजिटल स्पेस से मिटाना नामुमकिन है। इस महा-कमबैक से सोशल मीडिया पर हड़कंप मचा हुआ है।

सोनम वांगचुक बने ‘मानद कॉकरोच‘, दिग्गजों के मिल रहे सुर
इस डिजिटल विद्रोह की गूंज अब सिर्फ मीम्स और वीडियोज तक सीमित नहीं रही, बल्कि देश के बड़े-बड़े बुद्धिजीवियों और एक्टिविस्ट्स ने भी इसमें अपनी मौजूदगी दर्ज करानी शुरू कर दी है।
- सोनम वांगचुक को मिला बड़ा सम्मान: लद्दाख की वादियों से पर्यावरण और अधिकारों की आवाज उठाने वाले मशहूर इनोवेटर सोनम वांगचुक को इस ग्रुप ने अपना ‘मानद कॉकरोच’ घोषित किया है। व्यवस्था के खिलाफ अडिग रहने की उनकी फितरत को देखते हुए यह खिताब उन्हें दिया गया है।
- प्रशांत किशोर के बदले रुख: राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर, जो हर राजनीतिक नब्ज को बखूबी पहचानते हैं, उनके सुर भी अब इस डिजिटल मूवमेंट से मिलते हुए दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने साफ किया है कि जनता की इस डिजिटल आवाज को दबाना भारी भूल साबित हो सकता है।

आम आदमी पार्टी के पूर्व सोशल मीडिया रणनीतिकार अभिजीत दिपके ने इस टिप्पणी के विरोध में 16 मई 2026 को मज़ाक-मज़ाक में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) की घोषणा कर दी। उन्होंने नारा दिया— “उन्होंने हमें कुचलने की कोशिश की, हम वापस आ गए।”
आप खातों को हैक कर सकते हैं और रोक सकते हैं लेकिन आप इस आंदोलन को हैक नहीं कर सकते। हम रुकने वाले नहीं हैं और हम इस तानाशाही के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद करते रहेंगे। हर हमला कॉकरोच को और मज़बूत बनाता है। हम इस आंदोलन को टिकाऊ रूप से जारी रखने और इसे अगले स्तर तक ले जाने के लिए एक योजना पर काम कर रहे हैं। जल्द ही और अधिक साझा करेंगे!

“सरकार कॉकरोचों से इतना क्यों डर रही है?”— संस्थापक अभिजीत दिपके का सत्ता पर सीधा प्रहार
इस डिजिटल बवंडर के बीच ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक और आम आदमी पार्टी के पूर्व सोशल मीडिया रणनीतिकार अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर एक बेहद आक्रामक और भावुक पोस्ट साझा कर सीधे सरकार को चुनौती दी है। दिपके ने पार्टी की ताकत का दावा करते हुए लिखा, “हमारी आधिकारिक वेबसाइट पर 10 लाख से ज्यादा युवा ‘कॉकरोच सदस्य’ के रूप में साइन अप कर चुके थे, और इनमें से 6 लाख से अधिक कॉकरोचों ने पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर एक ऑनलाइन याचिका पर हस्ताक्षर भी किए थे।” सरकार की पाबंदियों पर तीखा हमला बोलते हुए उन्होंने आगे सवाल दागा, “आखिर सरकार इन कॉकरोचों से इतना क्यों डर रही है? लेकिन याद रहे, यह तानाशाही व्यवहार अब भारत के युवाओं की आंखें खोल रहा है। हमारा एकमात्र अपराध सिर्फ इतना था कि हम अपने लिए एक बेहतर भविष्य की मांग कर रहे थे। लेकिन सत्ता में बैठे लोग हमसे इतनी आसानी से छुटकारा नहीं पा सकते। भले ही हमारी वेबसाइट और हैंडल ब्लॉक कर दिए गए हों, हम अभी एक नया घर बना रहे हैं… क्योंकि कॉकरोच कभी मरते नहीं!”
क्या थामेगें प्रशांत भूषण और ध्रुव CJP का हाथ?
अब राजनीतिक और सोशल मीडिया गलियारों में सबसे बड़ा सवाल यह तैर रहा है कि क्या देश के जाने-माने वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण और बेहद लोकप्रिय यूट्यूब कंटेंट क्रिएटर ध्रुव भी इस विद्रोही अभियान (CJP – Cockroach Justice Party / Citizens for Justice and Peace) का हाथ थामने जा रहे हैं?

सूत्रों की मानें तो: प्रशांत भूषण इस डिजिटल सेना को कानूनी ढाल देने पर विचार कर रहे हैं, जबकि ध्रुव अपने वीडियोज के जरिए इस ‘डिजिटल कॉकरोच’ क्रांति की हकीकत को करोड़ों लोगों तक पहुंचाने की तैयारी में हैं। अगर ऐसा होता है, तो यह ‘विद्रोही हाथ’ सत्ता के सामने अब तक की सबसे बड़ी डिजिटल चुनौती बनकर उभरेगा।
2 करोड़ से ज्यादा की आबादी वाली यह डिजिटल फोर्स अब सिर्फ एक ट्रेंड नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक टर्निंग पॉइंट बन चुकी है। देखना दिलचस्प होगा कि ‘डिजिटल कॉकरोच’ का यह डंक आने वाले दिनों में सत्ता की राजनीति को और कितना मजबूर करता है!
लद्दाख के ‘नायक’ बने ‘मानद कॉकरोच’, तो सोशल मीडिया पर उड़ी राहुल और आपियों की धज्जियाँ!
लद्दाख की बर्फीली वादियों से पर्यावरण और नागरिक अधिकारों की बुलंद आवाज उठाने वाले मशहूर इनोवेटर सोनम वांगचुक को आंदोलनकारियों ने एक बड़ा और अनोखा सम्मान दिया है। ‘Cockroach Is Back’ (@Cockroachisback)कॉकरोच इज बैक ग्रुप ने व्यवस्था के खिलाफ अडिग रहने और हर परिस्थिति में डटे रहने की उनकी फितरत को देखते हुए उन्हें अपना ‘मानद कॉकरोच’ घोषित किया है। एक तरफ जहाँ वांगचुक को यह खिताब मिलने से युवाओं का जोश सातवें आसमान पर है, वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर इस नई नवेली डिजिटल पार्टी को लेकर जबरदस्त खिंचाई भी शुरू हो गई है। एक ट्विटर (X) यूजर ने कांग्रेस और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ दोनों को आड़े हाथों लेते हुए तीखा तंज कसा है। यूजर ने राहुल गांधी के पुराने चर्चित बयान पर चुटकी लेते हुए लिखा— “राहुल गांधी ने एक महान डायलॉग दिया था कि इधर से आलू डालूँगा, उधर से सोना निकलेगा; बस इसी डायलॉग से प्रभावित होकर आपियों (आम आदमी पार्टी के लोगों) ने यह नई नवेली ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ बना डाली है। इनका गणित सीधा है— इधर से आम आदमी पार्टी का कचरा डालूँगा, उधर से कॉकरोच जनता पार्टी निकालूँगा!” —

अन्य खबरों के लिए नीचे ’न्यूज भारत टीवी ’ के लिंक पर क्लिक करें ,
|| https://newsbharattv.in ||


