Sunday, November 1, 2026

15 वर्षों से एक ही पंचायत में जमे किसान सलाहकारों के तबादले की तैयारी, मुजफ्फरपुर में फर्जी खाद दुकानदारों के रद्द होंगे लाइसेंस

मुजफ्फरपुर। जिले में पिछले 15 वर्षों से एक ही पंचायत में कार्यरत किसान सलाहकारों के स्थानांतरण (तबादले) की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। शनिवार को समाहर्नालय सभा कक्ष में खरीफ 2026 के लिए आयोजित जिला स्तरीय उर्वरक निगरानी समिति की बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। बैठक में कांटी विधानसभा क्षेत्र के विधायक अजीत कुमार ने पंचायत स्तर पर कार्यरत किसान सलाहकारों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि किसान सलाहकार पिछले 15 वर्षों से एक ही जगह जमे हैं और स्थानीय होने के कारण उनके कार्य की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें आ रही हैं। इस पर संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी कुमार गौरव ने जिला कृषि पदाधिकारी को राज्य विभाग से परामर्श प्राप्त कर इनके तबादले की कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

फर्जी और अक्रियाशील उर्वरक विक्रेताओं पर गिरेगी गाज, लाइसेंस होंगे रद्द

बैठक के दौरान कांटी विधायक अजीत कुमार ने जिले में पंजीकृत 1466 खुदरा उर्वरक विक्रेताओं की स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि इनमें से कई दुकानें अक्रियाशील हैं और कागजों पर फर्जी तरीके से चल रही हैं। जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कृषि पदाधिकारी को सघन जांच कर सभी अक्रियाशील और फर्जी विक्रेताओं के लाइसेंस तुरंत प्रभाव से रद्द करने का आदेश दिया।

मुजफ्फरपुर समाहर्नालय सभा कक्ष में आयोजित जिला स्तरीय उर्वरक निगरानी समिति की बैठक में मंचासीन केंद्रीय जल शक्ति मंत्री राज भूषण चौधरी, जिलाधिकारी कुमार गौरव एवं अन्य प्रशासनिक व कृषि अधिकारी।

थोक विक्रेताओं की जांच के लिए स्पेशल टीम गठित

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिले के थोक उर्वरक विक्रेताओं की सघन जांच के लिए प्रशासनिक अधिकारियों और कृषि विभाग के उर्वरक निरीक्षकों की एक संयुक्त टीम बनाई जाए। यह टीम थोक दुकानों की जांच कर किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी।

किसानों को तय कीमत पर मिलेगी खाद, भाड़े की होगी व्यवस्था

किसानों को निर्धारित दर पर उर्वरक उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए विक्रेताओं के प्रतिष्ठान तक भाड़ा सहित खाद पहुंचाने का निर्देश दिया गया है। इससे किसान तक बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के उचित मूल्य पर खाद पहुंच सकेगी।

किसानों के लिए हेल्पलाइन और त्वरित निष्पादन टीम का गठन

खाद से जुड़ी समस्याओं के तुरंत निवारण के लिए जिला स्तर पर हेल्पलाइन डेस्क एवं त्वरित निष्पादन टीम बनाई गई है:

  • हेल्पलाइन डेस्क संपर्क सूत्र:
    • राजेश कुमार, सहायक निदेशक (सांख्यिकी) – मोबाइल: 9631584961
    • कृष्णा आनंद, लिपिक, जिला कृषि कार्यालय – मोबाइल: 8521970616
  • त्वरित निष्पादन टीम संपर्क सूत्र:
    • सहायक निदेशक, पौधा संरक्षण, मुजफ्फरपुर – मोबाइल: 7991161174
    • सहायक निदेशक, रसायन एवं मिट्टी जांच प्रयोगशाला, मुजफ्फरपुर – मोबाइल: 9911496439
    • सहायक निदेशक, कृषि अभियंत्रण, मुजफ्फरपुर – मोबाइल: 9810016697

बैठक में उपस्थित प्रमुख जनप्रतिनिधि व अधिकारी

इस बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री राज भूषण चौधरी, बरूराज विधायक अरुण कुमार सिंह, बोचहां विधायिका बेबी कुमारी, मुजफ्फरपुर विधायक रंजन कुमार, कांटी विधायक अजीत कुमार, मीनापुर विधायक अजय कुमार, जिला सहकारिता पदाधिकारी, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी (पूर्वी एवं पश्चिमी) और उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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मुजफ्फरपुर में 96 स्कूलों के आगे लगेंगे रंबल स्ट्रिप, एफओबी और अंडरपास से बदलेगी शहर की सूरत!

मुजफ्फरपुर। जिला समाहरणालय स्थित सभागार में शनिवार को विकास और जनसुविधाओं से जुड़ी  महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठकों का आयोजन किया गया। केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री सह मुजफ्फरपुर सांसद डॉ. राजभूषण चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित जिला-स्तरीय विद्युत समिति एवं संसद सदस्य सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठकों में जिले की सूरत बदलने और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर कई कड़े निर्देश जारी किए गए।

बिजली व्यवस्था पर सख्त रुख: लापरवाही बर्दाश्त नहीं

जिला-स्तरीय विद्युत समिति की पहली बैठक में मंत्री ने जिले में विद्युत आपूर्ति, वितरण व्यवस्था, लंबित परियोजनाओं तथा आम उपभोक्ताओं से जुड़ी शिकायतों की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट लहजे में निर्देश दिया कि पूरे जिले में निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति हर हाल में सुनिश्चित की जाए। बिजली की ट्रिपिंग, लो-वोल्टेज और जले हुए ट्रांसफार्मर बदलने में हो रही देरी पर उन्होंने अधिकारियों की क्लास ली। उन्होंने कहा कि बिजली से जुड़ी जनसमस्याओं का समाधान समयबद्ध सीमा के भीतर होना चाहिए, किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुजफ्फरपुर समाहरणालय सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति एवं विद्युत समिति की बैठक की अध्यक्षता करते केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री सह सांसद डॉ. राजभूषण चौधरी, कांटी विधायक ई. अजीत कुमार  तथा साथ में मौजूद जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी।

सड़क सुरक्षा: 96 स्कूलों के सामने रंबल स्ट्रिप, नए एफओबी और अंडरपास का ऐलान

इसके बाद आयोजित संसद सदस्य सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में आम जनता की जान-माल की सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी ने सड़क सुरक्षा मानकों का अक्षरशः अनुपालन कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा किसी एक विभाग का काम नहीं, बल्कि यह समाज के सभी हितधारकों का सम्मिलित उत्तरदायित्व है।

बैठक के दौरान बच्चों की सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए घोषणा की गई कि जिले के लगभग 96 विद्यालयों के ठीक सामने रंबल स्ट्रिप लगाए जा रहे हैं ताकि तेज रफ्तार वाहनों की गति पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। इसके अलावा शहर में जाम की समस्या से मुक्ति और यातायात को सुगम बनाने के लिए अनेक नए एफओबी (फुट ओवर ब्रिज) तथा रणनीतिक स्थलों पर अंडरपास का निर्माण कराया जाएगा।

सरकार सजग, तत्पर और प्रतिबद्ध

समीक्षा बैठक के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री ने अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि हमारी सरकार आम नागरिकों की सुरक्षा, सुगम यातायात और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए पूरी तरह सजग, तत्पर और प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी हितधारकों  को लगातार सजग और जवाबदेह रहकर धरातल पर काम करने को कहा।

बैठक में जिलाधिकारी, जिला पुलिस अधीक्षक, विद्युत विभाग के वरिष्ठ अभियंता, पथ निर्माण विभाग के अधिकारी एवं सड़क सुरक्षा समिति के अन्य सदस्य व पदाधिकारी उपस्थित थे।

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संत रविदास जयंती पर बिहार सरकार का ऐतिहासिक फैसला: अब हर जिले में खुलेंगे सावित्रीबाई फुले आवासीय विद्यालय, मंत्रियों और अफसरों के बच्चे भी पढ़ेंगे सरकारी स्कूलों में!

पटना | 07 अगस्त 2026 |ज्ञान भवन, पटना में आयोजित संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ‘समरसता संकल्प अभियान’ का दीप प्रज्वलित कर विधिवत शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था, सामाजिक न्याय और बुनियादी ढांचे को लेकर कई ऐतिहासिक एवं क्रांतिकारी घोषणाएं कीं।

संत रविदास का संदेश हर गांव और टोले तक पहुंचेगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास महाराज के विचारों, समरसता, सेवा और मानवता के मार्ग को बिहार के कोने-कोने तक पहुंचाया जाएगा। संत रविदास जी की जन्मभूमि की पवित्र मिट्टी को राज्य के हर जिले, प्रखंड, पंचायत, मठ, मंदिर, धार्मिक स्थल और टोले तक पहुंचाने की विशेष व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि संत रविदास जी सामाजिक समरसता के प्रतीक हैं और करीब 650 वर्ष पूर्व दिया गया उनका संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है। गुरु नानक देव जी के पवित्र ग्रंथ में भी संत रविदास जी के विचारों को उच्च स्थान प्राप्त है।

ज्ञान भवन पटना में आयोजित समरसता संकल्प अभियान के अवसर पर संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन करते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं अन्य।
 

शिक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव: सावित्रीबाई फुले आवासीय विद्यालय और कई नए विश्वविद्यालय

मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे अभूतपूर्व सुधारों का खाका पेश किया:

  1. सावित्रीबाई फुले आवासीय विद्यालय: दलित समाज की बेटियों को उच्च और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए बिहार के सभी 38 जिलों में माता सावित्रीबाई फुले के नाम पर आवासीय छात्रावास सह विद्यालय खोले जा रहे हैं।
  2. नेताओं और अफसरों के बच्चों को भी पढ़ना होगा सरकारी स्कूल में: मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले 1 से 2 वर्षों में ऐसी ठोस व्यवस्था बनाई जा रही है जिससे मंत्रियों, विधायकों और जिला अधिकारियों (DM) के बच्चे भी सरकारी स्कूलों में पढ़ें। जब सक्षम परिवारों के बच्चे सरकारी विद्यालयों में पढ़ेंगे, तभी शिक्षा व्यवस्था में वास्तविक बदलाव माना जाएगा।
  3. रात 11 बजे तक ऑनलाइन शिक्षक सेवा: सरकारी स्कूलों के बच्चों को NEET और JEE की तैयारी कराने के लिए लाइव कक्षाओं की व्यवस्था की जा रही है। 15 अगस्त से यह व्यवस्था लागू होगी कि गरीब से गरीब परिवार का बच्चा भी रात 11 बजे तक ऑनलाइन शिक्षकों से मार्गदर्शन प्राप्त कर सके।
  4. शिक्षकों की बंपर बहाली: डिग्री कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसरों की बहाली प्रक्रिया जारी है और 9,000 अतिरिक्त पद सृजित किए जा रहे हैं। TRE-4 के तहत लगभग 32,000 शिक्षकों की बहाली की जा रही है।
  5. नए विश्वविद्यालयों का निर्माण:
    • भागलपुर: श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और कंप्यूटर साइंस विश्वविद्यालय स्थापित होगा। साथ ही प्राचीन विक्रमशिला विश्वविद्यालय को 220 एकड़ भूमि पर पुनर्स्थापित किया जाएगा।
    • बेगूसराय: राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के नाम पर साहित्य विश्वविद्यालय की स्थापना होगी।
    • मुजफ्फरपुर: महान स्वतंत्रता सेनानी जुब्बा साहनी के नाम पर आर्किटेक्चर एवं सिविल इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा।
  6. संस्कृत और उर्दू शिक्षा: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि संस्कृत शिक्षा की उपेक्षा किसी भी कीमत पर नहीं होगी। वहीं, किशनगंज में बड़ी आबादी को ध्यान में रखते हुए उर्दू विद्यालय खोले जाएंगे।

सामाजिक न्याय और आरक्षण की परंपरा

सामाजिक न्याय पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने आरक्षण का विरोध होने के समय भी दलितों के आरक्षण का समर्थन किया था। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जननायक कर्पूरी ठाकुर को ‘गुदड़ी का लाल’ बताते हुए उन्होंने कहा कि जब अति पिछड़ों और महिलाओं को आरक्षण देने की बात आई, तब पंडित कैलाशपति मिश्र ने उनका पूर्ण समर्थन किया था। इसके अलावा 1979 की मंडल आयोग की रिपोर्ट को विश्वनाथ प्रताप सिंह की सरकार ने लागू किया, जिसे अटल बिहारी वाजपेयी एवं सहयोगी दलों का समर्थन मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (EWS) को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया गया, जिसका लाभ मुस्लिम समुदाय के जरूरतमंदों को भी मिल रहा है।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख गणमान्य व्यक्ति

कार्यक्रम में मुख्य रूप से निम्नलिखित जनप्रतिधियों एवं मंत्रियों की उपस्थिति रही:

  • खान एवं भूतत्व मंत्री: प्रमोद कुमार
  • अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री: लखेन्द्र कुमार रौशन
  • डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री: नंदकिशोर राम
  • सहकारिता मंत्री: रामकृपाल यादव
  • राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री: दिलीप कुमार जायसवाल
  • श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण मंत्री: अरुण शंकर प्रसाद
  • शिक्षा मंत्री: मिथिलेश तिवारी
  • पर्यटन मंत्री: केदार प्रसाद गुप्ता
  • उच्च शिक्षा मंत्री: संजय टाइगर
  • भाजपा संगठन महामंत्री: भीखूभाई दलसानिया
  • विधायक: संजीव चौरसिया
  • विधायक: रत्नेश कुमार
  • विधान पार्षद: जनक राम
  • धार्मिक न्यास परिषद अध्यक्ष: रणवीर नंदन

कार्यक्रम के अंत में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के जीवन और विचारों पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई।

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कांटी गोलीकांड का खौफनाक सच आया सामने! पुलिस के शिकंजे में आया मुख्य आरोपी, हथियार बरामद; दबाव में दूसरे ने कोर्ट में टेके घुटने

मुजफ्फरपुर: कांटी थाना क्षेत्र के साईं महावीर चौक माली टोला में 01 अगस्त की रात हुए दिल दहला देने वाले गोलीकांड का पुलिस ने सनसनीखेज पर्दाफाश कर दिया है। शौच के लिए निकले युवक पर जानलेवा हमला करने वाले गिरोह के एक नामजद अपराधी को पुलिस ने दबोच लिया है, जबकि पुलिस की दबिश और ताबड़तोड़ छापेमारी के डर से दूसरे नामजद अभियुक्त ने अदालत में जाकर आत्मसमर्पण कर दिया है। गिरफ्तार अभियुक्त के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई देशी पिस्टल और जिंदा कारतूस भी बरामद कर लिए गए हैं।

शौच के लिए निकले कैलाश को मारी थी गोली

घटना 01 अगस्त 2026 की रात की है, जब कांटी थाना अंतर्गत ग्राम साईं महावीर चौक माली टोला निवासी कैलाश कुमार घर से शौच के लिए निकले थे। इसी दौरान घात लगाए तीन नामजद अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं, जिससे कैलाश कुमार गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद इलाके में दहशत का माहौल कायम हो गया था। पीड़ित कैलाश कुमार के फर्दबयान के आधार पर कांटी थाना में कांड संख्या 494/26 दर्ज कर पुलिस मामले की तफ्तीश में जुट गई थी।

 कांटी गोलीकांड के सफल उद्भेदन की जानकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस में देतीं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (पश्चिमी-01) एवं कांटी पुलिस टीम। पृष्ठभूमि में पुलिस कस्टडी में खड़ा गिरफ्तार आरोपी क्रिशु कुमार।

विशेष टीम ने क्रिशु को किया गिरफ्तार, हथियार बरामद

मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक, मुजफ्फरपुर के निर्देशन, पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के अनुश्रवण तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (पश्चिमी-01) के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया। इस टीम में कांटी थाना अध्यक्ष और उनकी टीम को भी शामिल किया गया।

तकनीकी जांच और मानवीय सूचना संकलन (ह्यूमन इंटेलिजेंस) के आधार पर विशेष टीम ने छापेमारी कर घटना में शामिल मुख्य नामजद अभियुक्त क्रिशु कुमार (थाना-कांटी, जिला-मुजफ्फरपुर) को धर दबोचा। क्रिशु कुमार की कड़ाई से पूछताछ के दौरान उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किया गया 01 देशी पिस्टल, 03 जिंदा कारतूस और घटनास्थल से 01 खोखा बरामद किया है।

पुलिस के खौफ से निशांत ने कोर्ट में किया सरेंडर

पुलिस की लगातार हो रही ताबड़तोड़ छापेमारी और बढ़ते कानूनी दबाव के आगे अपराधियों के हौसले पस्त हो गए। मामले में संलिप्त एक अन्य नामजद अभियुक्त निशांत कुमार (थाना-कांटी, जिला-मुजफ्फरपुर) ने घबराकर माननीय न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास को खंगालने में जुटी है तथा मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई तेजी से की जा रही है।

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वाहन चोर गिरोह का बड़ा पर्दाफाश: पुलिस के हत्थे चढ़ा शातिर अपराधी राजू कुमार, 6 कांडों का हुआ खुलासा!

मुजफ्फरपुर। जिला पुलिस ने अंतरजिला वाहन चोर गिरोह पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक शातिर आरोपी को धर दबोचा है। पकड़ा गया आरोपी वैशाली जिले के वैशाली थाना क्षेत्र का रहने वाला राजू कुमार है। उसकी गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में हुए वाहन चोरी के कुल 06 मामलों का सफल उद्भेदन करने का दावा किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से दो चोरी की चारपहिया गाड़ियां, गैस कटर और नंबर प्लेट बरामद की हैं।

मुजफ्फरपुर में वाहन चोरी गिरोह के पर्दाफाश के बाद गिरफ्तार आरोपी राजू कुमार के साथ अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, नगर-02 एवं पुलिस टीम।

पावरग्रीड के पास से शुरू हुई थी तफ्तीश

मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि 03.08.2026 को गुप्त सूचना मिली थी कि सदर थाना क्षेत्र के पताही पावरग्रीड के समीप तीन अज्ञात बदमाश चोरी के वाहनों की खरीद-बिक्री करने वाले हैं। सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उक्त स्थल पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से दो चोरी की गाड़ियां जब्त कीं, हालांकि पुलिस को देखते ही खरीद-बिक्री में शामिल आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहे थे। इस संबंध में सदर थाना में कांड संख्या-741/26 दर्ज किया गया था।

एसएसपी के निर्देश पर बनी विशेष टीम

फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए वरीय पुलिस अधीक्षक, मुजफ्फरपुर के निर्देशन तथा पुलिस अधीक्षक, नगर के अनुश्रवण में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, नगर-02 के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया, जिसमें थानाध्यक्ष सदर को भी शामिल किया गया। टीम लगातार आरोपियों की संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी।

पूछताछ में उगले कई राज

इसी क्रम में 06.08.2026 को मिली गुप्त आसूचना के आधार पर गठित टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चोरी की गाड़ियों की खरीद-बिक्री में शामिल मुख्य आरोपी राजू कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की कड़ी पूछताछ और स्वीकारोक्ति बयान में राजू कुमार ने जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुई वाहन चोरी की कई घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उसकी निशानदेही और बयान के आधार पर कुल 06 कांडों का खुलासा हुआ है।

गैस कटर और फर्जी नंबर प्लेट बरामद

पुलिस ने आरोपी के पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:

  1. चोरी की गई चारपहिया वाहन – 02
  2. गाड़ियां काटने में प्रयुक्त गैस कटर – 01
  3. फर्जी/बदली हुई नंबर प्लेट

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है और गिरफ्तार आरोपी के आपराधिक इतिहास का पता लगाया जा रहा है।

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मुजफ्फरपुर में शराब तस्करों के नापाक मंसूबों पर फिरा पानी: पिलखी पुल के पास पुलिस का बड़ा एक्शन, ट्रक में छिपाकर लाई जा रही 297 लीटर विदेशी शराब जब्त!

मुजफ्फरपुर। जिला में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने शिकंजा पूरी तरह कस दिया है। वरीय पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरपुर के कड़े दिशा-निर्देश पर चलाए जा रहे सघन सत्यापन व छापेमारी अभियान के तहत मुरौल ओ०पी० (सकरा) पुलिस को एक बड़ी सफलता हासिल हुई है।

मिली गुप्त सूचना के आधार पर 06.08.2026 को मुरौल ओ०पी० की पुलिस टीम ने त्वरित और गुप्त कार्रवाई करते हुए ओ०पी० क्षेत्र के तिरहुत नहर स्थित पिलखी पुल के पास घेराबंदी की। जांच के दौरान पुलिस ने 01 संदिग्ध ट्रक (टाटा गुड्स कैरियर) को रोका। जब ट्रक की गहन तलाशी ली गई तो उसमें चालाकी से छिपाकर रखी गई कुल 297 लीटर अवैध विदेशी शराब बरामद हुई।

बरामदगी की बड़ी कार्रवाई: सकरा के मुरौल ओ०पी० अंतर्गत तिरहुत नहर स्थित पिलखी पुल के पास से पुलिस द्वारा जब्त की गई 297 लीटर अवैध विदेशी शराब से भरे कार्टन और घटना में प्रयुक्त 1 टाटा ट्रक के साथ तैनात पुलिस अधिकारी।

पुलिस ने तत्काल प्रभाव से शराब की खेप के साथ-साथ शराब परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे ट्रक को जब्त कर लिया।

थाना में प्राथमिकी दर्ज: इस पूरी कार्रवाई के संदर्भ में सकरा (मुरौल ओ०पी०) थाना में कांड संख्या 465/26 दर्ज कर अग्रतर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब शराब तस्करों के पूरे नेटवर्क, शराब की सप्लाई चेन और वाहन मालिक के तार खंगालने में जुट गई है।

मुजफ्फरपुर पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में मद्यनिषेध कानून को शत-प्रतिशत लागू कराने और शराब तस्करों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा आगे भी इस तरह की सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

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सकरा में खुली नई स्वास्थ्य सुविधा: महिला दंत चिकित्सक डॉक्टर सना सिद्दीकी के ‘डेंटल केयर क्लिनिक’ का हुआ शुभारंभ

सकरा (मुजफ्फरपुर): सकरा एवं आसपास के ग्रामीण इलाकों के लोगों को अब दाँत और मुख स्वास्थ्य के इलाज के लिए दूर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। सबहा रोड स्थित जगदम्बा मेडिसिन के परिसर में अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस ‘डेंटल केयर क्लिनिक’ का उद्घाटन संपन्न हुआ। इस क्लिनिक की सबसे मुख्य बात यह है कि यहाँ सकरा क्षेत्र की पहली महिला दंत चिकित्सक (डेंटल सर्जन) डॉक्टर सना सिद्दीकी अपनी सेवाएँ प्रदान करेंगी। क्लिनिक की शुरुआत होने से सकरा और आस  पास के गाँवों के निवासियों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

पूर्व चिकित्सा पदाधिकारी ने किया उद्घाटन

क्लिनिक का औपचारिक उद्घाटन सकरा रेफरल अस्पताल के पूर्व चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर इरशाद आलम द्वारा किया गया। उद्घाटन के अवसर पर डॉक्टर इरशाद आलम ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में दाँतों और मुँह की बीमारियों के इलाज के लिए समुचित सुविधाओं का होना बहुत आवश्यक है। अक्सर देखा जाता है कि लोग दाँतों की समस्याओं की अनदेखी करते हैं या फिर सही डॉक्टर न मिलने के कारण इलाज में देरी हो जाती है। सकरा में डॉक्टर सना सिद्दीकी द्वारा क्लिनिक की शुरुआत करने से स्थानीय लोगों, विशेषकर महिलाओं को बहुत सुविधा होगी और उन्हें अब इलाज के लिए शहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

सकरा के सबहा रोड स्थित जगदम्बा मेडिसिन परिसर में डॉक्टर सना सिद्दीकी के ‘डेंटल केयर क्लिनिक’ के उद्घाटन के मौके पर  डॉक्टर सना सिद्दीकी, बायें से क्लिनिक में चेयर पर बैठे हुए  उपकरणों का निरीक्षण करते पूर्व चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर इरशाद आलम और उपस्थित सकरा के नागरिक।

सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों की रही मौजूदगी

उद्घाटन के इस अवसर पर सकरा क्षेत्र के कई जाने-माने समाजसेवी और स्थानीय नागरिक उपस्थित हुए। सभी ने डॉक्टर सना सिद्दीकी को इस नई शुरुआत के लिए अपनी शुभकामनाएँ दीं।

समारोह में मुख्य रूप से समाजसेवी शमीम अख्तर, सीज़ाम, सुरेश चंचल, ज्वाला राय, आनंद लाल राय और तुफैल मस्तान समेत कई अन्य लोग शामिल रहे। उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने कहा कि सकरा क्षेत्र  के लिए यह एक बहुत ही उपयोगी पहल है। अब तक यहाँ दाँत के इलाज के लिए लोगों को मुजफ्फरपुर शहर जाना पड़ता था, जिससे उनका समय और पैसा दोनों अधिक खर्च होता था। इस क्लिनिक के खुलने से ग्रामीणों को अपने ही क्षेत्र में राहत मिलेगी।

आधुनिक उपकरणों और बेहतर माहौल की व्यवस्था

जगदम्बा मेडिसिन परिसर में शुरू हुए इस ‘डेंटल केयर क्लिनिक’ में मरीजों के इलाज के लिए आधुनिक व्यवस्था की गई है।

क्लिनिक की मुख्य विशेषताएँ:

  1. आधुनिक उपकरण: दाँतों की जाँच और इलाज के लिए क्लिनिक में नई तकनीक की डेंटल चेयर और अन्य आवश्यक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं।
  2. साफ-सफाई और सुरक्षा: क्लिनिक में मरीजों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सफाई और स्टेरलाइजेशन (कीटाणुरहित करने की प्रक्रिया) का विशेष ध्यान रखा गया है, जिसके लिए यूवी (अल्ट्रावायलेट) उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है।
  3. महिलाओं के लिए उपयुक्त माहौल: ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएँ अक्सर अपनी समस्याओं को लेकर झिझकती हैं। डॉक्टर सना सिद्दीकी के रूप में महिला डॉक्टर उपलब्ध होने से यहाँ महिलाओं के लिए एक शांत, सुरक्षित और अनुकूल वातावरण तैयार हुआ है।
  4. किफायती इलाज: क्लिनिक में आने वाले सामान्य और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए परामर्श व इलाज की फीस काफी सामान्य और सुलभ रखी गई है।

पहली महिला दंत चिकित्सक डॉक्टर सना सिद्दीकी की बातें

अपनी सेवाएँ शुरू करते हुए डॉक्टर सना सिद्दीकी ने कहा, “सकरा क्षेत्र की पहली महिला दंत चिकित्सक के रूप में यहाँ के लोगों की सेवा करने का अवसर मिलना मेरे लिए खुशी की बात है। हमारा लक्ष्य केवल दाँत के दर्द का इलाज करना ही नहीं, बल्कि लोगों को दाँतों और मुँह की सही देखभाल के प्रति जागरूक करना भी है। ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर लोग दाँत की बीमारी को हल्का समझकर टालते रहते हैं, जो बाद में बड़ी समस्या बन जाती है। हमारी पूरी कोशिश रहेगी कि यहाँ आने वाले हर मरीज को सही परामर्श और बेहतर इलाज मिल सके।”

क्षेत्र के लोगों ने व्यक्त की प्रसन्नता

क्लिनिक की शुरुआत होने से सबहा रोड और आसपास के स्थानीय निवासियों में प्रसन्नता देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से सकरा के निवासियों का जीवन आसान होगा और इलाज के लिए बाहर भागदौड़ करने की समस्या से मुक्ति मिलेगी।

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बिहार के स्कूलों में अब शनिवार को हाफ-डे, 73 हजार से ज्यादा शिक्षकों ने किया ऐच्छिक तबादले का आवेदन, 17 सितंबर से फिर खुलेगा पोर्टल

 पटना : बिहार के शिक्षा विभाग ने राज्य के सरकारी स्कूलों की व्यवस्था, शिक्षकों के स्थानांतरण और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए एक साथ कई बड़े और ऐतिहासिक निर्णयों का ऐलान किया है। पटना स्थित मदन मोहन सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने इन महत्वपूर्ण घोषणाओं की विस्तृत जानकारी दी।

शनिवार को सुबह 9:30 से 1:00 बजे तक चलेंगे स्कूल, रहेगा ‘नो बैग डे‘

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने एक बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों में अब प्रत्येक शनिवार को हाफ-डे रहेगा। शनिवार को स्कूल सुबह 9:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक ही संचालित होंगे।

इसके साथ ही प्रत्येक शनिवार को “नो बैग डे” के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन बच्चे बस्ते के बोझ से पूरी तरह मुक्त रहेंगे। उन्हें नाटक, संगीत, कला, खेलकूद और अन्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से आनंददायक एवं अनुभवात्मक तरीके से सीखने का अवसर दिया जाएगा। यह कदम शिक्षा के साथ बच्चों के समग्र विकास की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।

शिक्षा मंत्री ने बताया कि शिक्षक नेताओं और शिक्षकों की ओर से लंबे समय से हाफ-डे की मांग की जा रही थी। हाल ही में मुख्यमंत्री ने मुंगेर दौरे के दौरान इसके संकेत भी दिए थे। इसके अलावा विधानसभा में आयोजित एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) कार्यशाला के दौरान भी मुख्यमंत्री ने इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। इसके तुरंत बाद आदेश की फाइल पर हस्ताक्षर कर दिए गए और शिक्षा विभाग द्वारा इसका औपचारिक नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया।

पटना के मदन मोहन सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी।

स्थानांतरण के लिए 73,151 आवेदन, 17 सितंबर से दोबारा खुलेगा पोर्टल

राज्य में शिक्षकों के ऐच्छिक स्थानांतरण (ट्रांसफर) को लेकर चल रही प्रक्रिया की स्थिति स्पष्ट करते हुए शिक्षा मंत्री ने बताया कि ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर 29 जुलाई से शुरू हुआ पहला चरण 5 अगस्त की रात 12:00 बजे बंद हो गया है।

राज्य में 1,06,287 (संभावित 1,06,687) ऐसे शिक्षक थे जो अपने विद्यालयों में स्वीकृत पदों से अलग यानी अतिरिक्त (एक्स्ट्रा) के रूप में पदस्थापित थे। इस कारण बिहार में लंबे समय से यह समस्या आ रही थी कि कहीं शिक्षकों का प्रभाव (अधिकता) था तो कहीं अभाव था। इस असंतुलन को दूर करने और समानुपातीकरण लागू करने के लिए पारदर्शी तरीके से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे।

बिना किसी दबाव के कुल 73,151 शिक्षकों ने स्वेच्छा से स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा किए हैं। जो शिक्षक इस चरण में आवेदन नहीं कर सके हैं, उनके लिए 17 सितंबर से दोबारा पोर्टल खोला जाएगा।

स्थायी जिला कैडर, पारदर्शी नीति और हर 5 साल पर स्थानांतरण

शिक्षा मंत्री ने स्थानांतरण नीति के मुख्य बिंदुओं को रेखांकित करते हुए कहा:

  • पारदर्शी व्यवस्था: पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाया गया है ताकि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या अधिकारियों द्वारा शिक्षकों के शोषण की गुंजाइश न रहे।
  • सुविधाजनक पदस्थापना: नियमों के तहत महिला शिक्षकों को उनकी पंचायत के बगल में और पुरुष शिक्षकों को उनके प्रखंड (ब्लॉक) के बगल में पदस्थापित करने का प्रयास रहेगा, ताकि वे घर से दूर रहकर परेशान न हों।
  • नियत कैडर: सभी शिक्षकों का अपना जिला कैडर तय हो जाएगा और वे उसी जिले से सेवानिवृत्त होंगे।
  • 5 साल का नियम: यह ऐच्छिक स्थानांतरण प्रक्रिया अब हर 5 साल पर आयोजित की जाएगी।

ई-शिक्षाकोष पोर्टल की इस पूरी व्यवस्था और तकनीकी प्रक्रिया की देखरेख कर रहे रविशंकर द्वारा इसका पूरा ब्योरा और विभागीय ब्रीफिंग तैयार की जा रही है।

टीआरई-4 बहाली और 9-10 अगस्त को दो दिवसीय चिंतन शिविर

टीआरई-4 (शिक्षक नियुक्ति के चौथे चरण) की बहाली प्रक्रिया के साथ-साथ शिक्षा विभाग के अधिकारियों के लिए एक विशेष चिंतन शिविर का आयोजन किया जा रहा है। बिहार के इतिहास में पहली बार ऐसा आयोजन हो रहा है, जिसमें राज्य और जिला स्तर पर कार्यरत शिक्षा विभाग के लगभग 350 से 400 प्रमुख अधिकारी एक साथ जुटेंगे।

यह दो दिवसीय चिंतन शिविर विधानसभा के अधिवेशन भवन में 9 अगस्त को सुबह 9:30 बजे से शुरू होकर 10 अगस्त की शाम 7:00 बजे तक चलेगा। शिविर के मुख्य मुद्दे निम्नलिखित होंगे:

  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) का प्रभावी क्रियान्वयन।
  • शिक्षा का अधिकार (आरटीई) कानून का कड़ाई से पालन।
  • सरकारी स्कूलों की स्थानीय व बुनियादी समस्याओं का समाधान।
  • विभिन्न विभागों और अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना।
  • एक निश्चित समयावधि (टाइम-बाउंड प्रोग्राम) बनाकर योजनाओं को लागू करना।

31 अक्टूबर तक शिक्षकों की समस्याओं का समाधान, फिर छात्रों पर रहेगा फोकस

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता बिहार के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा (क्वालिटी एजुकेशन) प्रदान करना है।

उन्होंने घोषणा की कि 31 अक्टूबर तक सरकार और विभाग शिक्षकों की हर समस्या—चाहे वह घर से स्कूल की दूरी हो, स्थानांतरण हो या प्रशासनिक अड़चनें हों—का पूरा समाधान कर देगा। लेकिन 31 अक्टूबर की समयसीमा समाप्त होने के बाद, विभाग मीडिया और समाज के माध्यम से शिक्षकों से केवल यही आग्रह करेगा कि वे अपना पूरा ध्यान छात्रों की समस्याओं को हल करने और उन्हें बेहतर शिक्षा देने में लगाएं।

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बिहार विधान परिषद में नया अध्याय: नवमनोनीत सदस्य दीपक प्रकाश ने ली पद और गोपनीयता की शपथ, दिग्गज नेताओं की रही मौजूदगी

पटना। बिहार की राजनीति और उच्च सदन में एक नया घटनाक्रम देखने को मिला है। बिहार विधान परिषद के नवमनोनीत सदस्य दीपक प्रकाश  को औपचारिक रूप से अपने पद एवं गोपनीयता की शपथ ग्रहण कर ली। विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने उन्हें परिषद वेश्म में आयोजित एक भव्य एवं गरिमामय समारोह में शपथ दिलाई।

बिहार विधान परिषद वेश्म में नवमनोनीत सदस्य दीपक प्रकाश (बाएं) को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाते विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह (दाएं)।

शपथ ग्रहण के साथ ही दीपक प्रकाश अब विधान परिषद के आधिकारिक सदस्य के रूप में अपनी नई राजनीतिक पारी और संवैधानिक जिम्मेदारियों की शुरुआत कर चुके हैं।

इस अवसर पर राज्य के कई दिग्गज राजनेता, जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। समारोह में विधान परिषद के उपसभापति प्रोफेसर डॉक्टर रामवचन राय, राज्यसभा सांसद एवं आरएलएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा, बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार सिन्हा तथा लेसी सिंह विशेष रूप से उपस्थित थे।

शपथ ग्रहण के उपरांत सभापति अवधेश नारायण सिंह और समारोह में मौजूद अन्य सभी वरिष्ठ नेताओं ने नवमनोनीत सदस्य दीपक प्रकाश को बधाई व शुभकामनाएं दीं। उपस्थित नेताओं ने उम्मीद जताई कि दीपक प्रकाश विधान परिषद के सदस्य के रूप में राज्य के विकास, जनहित के मुद्दों और नीतिगत विषयों को सदन में प्रमुखता से उठाएंगे।

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एआई और डिजिटल तकनीक से बढ़ेगी बिहार के विधायकों की कार्यक्षमता, योजनाओं की होगी ऑनलाइन निगरानी: सम्राट चौधरी

पटना । बिहार में पारदर्शी शासन और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए विधायकों और विधान पार्षदों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और डिजिटल तकनीक का प्रशिक्षण दिया जाएगा। बिहार विधानसभा के विस्तारित भवन में विधायकों के लिए आयोजित प्रबोधन कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने यह घोषणा की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के अंतर्गत ‘प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग सिस्टम‘ (परियोजना निगरानी प्रणाली) वेब पोर्टल का रिमोट के माध्यम से आधिकारिक शुभारंभ भी किया। इस पोर्टल से क्षेत्र में चल रही विकास योजनाओं की निगरानी और कार्य की गुणवत्ता बेहतर हो सकेगी।

 बिहार विधानसभा के विस्तारित भवन में आयोजित एआई एवं मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना प्रबोधन कार्यक्रम को संबोधित करते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी।

एआई की जांच से एस्टीमेट में बचत, बचा पैसा अन्य विकास में होगा खर्च

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि योजनाओं के एस्टीमेट तैयार करने में एआई का उपयोग बहुत प्रभावी साबित हो रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि भवन निर्माण विभाग के एक एस्टीमेट की एआई के जरिए जांच कराने पर लागत में 5 से 7 प्रतिशत तक की बचत हुई है। इस बचाई गई राशि का उपयोग दूसरे विकास कार्यों में किया जाएगा। उन्होंने सभी मंत्रियों, विधायकों और विधान पार्षदों से अपील की कि वे तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग करें ताकि जनता से संवाद और बेहतर हो सके।

60 लाख किसानों को मिलेगी डिजिटल आईडी, 1 करोड़ लोगों तक राशन कार्ड

राज्य में चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि सहयोग कार्यक्रम और 1 करोड़ पात्र लोगों को राशन कार्ड उपलब्ध कराने में एआई की मदद ली जा रही है। इसके साथ ही राज्य में किसानों का डिजिटल सर्वे कराया जा रहा है, जिसमें 60 लाख किसानों को डिजिटल आईडी से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश की सभी पंचायतों में मौसम केंद्र संचालित हैं, जिनका पूर्वानुमान 70 से 80 प्रतिशत तक सटीक रहता है और यह कृषि के लिए उपयोगी सिद्ध हो रहा है।

मुजफ्फरपुर में खुलेगा एआई और कंप्यूटर साइंस विश्वविद्यालय

तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मुजफ्फरपुर में ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड कंप्यूटर साइंस यूनिवर्सिटी‘ की स्थापना की जा रही है। इसके अलावा जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ उनके सहायकों को भी समय-समय पर एआई, कंप्यूटर और सोशल मीडिया के उपयोग का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद

कार्यक्रम की शुरुआत में बिहार विधानसभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार ने मुख्यमंत्री का स्वागत पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र देकर किया। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव, राज्य सरकार के मंत्री, विधायक, विधान पार्षद, योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव एन विजयलक्ष्मी, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह सहित कई वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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