Thursday, July 30, 2026

बिहार कैबिनेट का महा-फैसला: सोनपुर का ‘काशी कॉरिडोर’ जैसा कायाकल्प और 22 बड़े एजेंडों पर मुहर, सीएम सम्राट चौधरी ने दिया युवाओं और सुरक्षा को बड़ा तोहफा!

पटना, 22 अप्रैल 2026: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आज हुई बिहार कैबिनेट की बैठक राज्य के भविष्य को नई दिशा देने वाली साबित हुई। इस ऐतिहासिक बैठक में कुल 22 महत्वपूर्ण एजेंडों पर सरकार ने अपनी मुहर लगाई है। बैठक के बाद मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि शिक्षा, पर्यटन, बुनियादी ढांचे और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सरकार ने खजाना खोल दिया है।

कैबिनेट के इन फैसलों से न केवल बिहार की तस्वीर बदलेगी, बल्कि आम जनता के लिए सरकारी सेवाओं की सुलभता भी बढ़ेगी।

1. पर्यटन: धार्मिक स्थलों का कायाकल्प

  • सोनपुर कॉरिडोर: काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर सोनपुर के बाबा हरिहर नाथ मंदिर का समग्र विकास होगा। इसके लिए ₹680 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
  • तारापुर (मुंगेर): तारापुर में धार्मिक और पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए 15 एकड़ से अधिक भूमि पर्यटन विभाग को निशुल्क सौंपी गई है। यहाँ ईशा फाउंडेशन द्वारा सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

2. सुरक्षा और फॉरेंसिक व्यवस्था: बिहार बनेगा स्मार्ट

  • राष्ट्रीय फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी: पटना के पुनपुन में इस यूनिवर्सिटी और केंद्रीय फॉरेंसिक लैब के लिए 50 एकड़ भूमि और ₹287.16 करोड़ से अधिक की स्वीकृति दी गई है।
  • डायल 112 का स्थाई ठिकाना: पटना के राजीव नगर में डायल 112 (ERSS) के लिए 7 मंजिला (2 बेसमेंट सहित) अत्याधुनिक भवन बनेगा। इसके लिए ₹172.80 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
  • पुलिस बल का आधुनिकीकरण: महिला पुलिसकर्मियों के लिए 1500 स्कूटी और पुलिस बल के लिए 3200 मोटरसाइकिलें खरीदी जाएंगी। इसके लिए ₹66.75 करोड़ मंजूर हुए हैं।
  • अग्नि सुरक्षा: बहुमंजिला इमारतों की सुरक्षा हेतु 62 मीटर ऊंचा हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म (सीढ़ी) खरीदने के लिए ₹18 करोड़ की मंजूरी मिली है।
बिहार कैबिनेट की बैठक  के उपरान्‍त मिडिया को फैसले की जानकारी देते हुए मंत्रिमंडल सचिवालय के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी

3. युवाओं, शिक्षा और तकनीकी विकास

  • आईटीआई का कायाकल्प: ‘पीएम सेतु’ के तहत 75 आईटीआई संस्थानों को अत्याधुनिक कौशल प्रशिक्षण केंद्रों में बदला जाएगा। इस पर कुल ₹3615 करोड़ खर्च होंगे, जिसमें राज्य का हिस्सा ₹1192.95 करोड़ है।
  • IIT पटना को बड़ी सौगात: आईआईटी पटना रिसर्च पार्क की स्थापना हेतु ₹305 करोड़ और इसके इनक्यूबेशन सेंटर फेज-2 के लिए ₹39.01 करोड़ की स्वीकृति दी गई।
  • NIFT की स्थापना: बेगूसराय के बरौनी में ‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी’ के लिए 20 एकड़ जमीन उद्योग विभाग को निशुल्क हस्तांतरित की गई है।
  • विधि शिक्षा: चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (CNLU), पटना के विस्तार के लिए 7 एकड़ भूमि निशुल्क सौंपी गई है।

4. नगर विकास और नागरिक सुविधाएं

  • सैटेलाइट टाउनशिप: राज्य में 11 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना को हरी झंडी दी गई है।
  • वरिष्ठ नागरिकों को सम्मान: 80 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को घर बैठे निबंधन (Registration) की सुविधा मिलेगी। बायोमेट्रिक टीम उनके घर जाकर यह कार्य संपन्न करेगी।
  • सहयोग हेल्पलाइन: राज्य में ‘सहयोग हेल्पलाइन’ के लिए ₹72.76 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।

5. आपदा प्रबंधन और अन्य प्रशासनिक निर्णय

  • सड़क दुर्घटना मुआवजा: सामूहिक सड़क दुर्घटनाओं को राज्य की आपदा श्रेणी में शामिल किया गया है। अब मृतकों के परिजनों और घायलों को ‘राज्य आपदा रिस्पॉन्स फंड’ से तुरंत अनुग्रह राशि मिलेगी।
  • बीता मुआवजा: 15 सितंबर 2021 से 31 मार्च 2022 के बीच सामूहिक सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को भी अब नियमानुसार अनुदान दिया जाएगा।
  • कृषि: शहरी क्षेत्रों से बीज गुणन प्रक्षेत्रों को ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानांतरित करने की नीति को मंजूरी।
  • जल संसाधन: * बानसागर समझौते के तहत जल आवंटन के प्रारूप को स्वीकृति।
    • कैमूर में ‘जमानिया से ककरैत गंगाजल सिंचाई योजना’ के लिए उत्तर प्रदेश में जमीन खरीद की मंजूरी।
  • हवाई अड्डा विकास: सोनपुर और अजगैबीनाथ धाम में नए हवाई अड्डों के लिए डीपीआर तैयार करने हेतु मेसर्स राईट्स लिमिटेड को कार्य सौंपा गया (शुल्क ₹5.06 करोड़)।
  • जमीन हस्तांतरण: * दरभंगा हवाई अड्डा के स्थायी सिविल एन्क्लेव के लिए 1.35 एकड़ भूमि निशुल्क हस्तांतरण।
    • राष्ट्रीय उच्च पथ परियोजनाओं हेतु वन विभाग को 873.6 एकड़ के बदले भूमि उपलब्ध कराने की स्वीकृति।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में आज लिए गए ये 22 फैसले बिहार के चहुंमुखी विकास का ‘ब्लूप्रिंट’ हैं। चाहे वह फॉरेंसिक यूनिवर्सिटी हो, सोनपुर कॉरिडोर हो या युवाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण, सरकार ने हर वर्ग को साधते हुए विकास को जमीन पर उतारने का स्पष्ट संदेश दिया है।

ऑपरेशन रिश्वतखोर: मधुबनी के बेनीपट्टी अंचल कार्यालय में निगरानी का ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, 10 हजार घूस लेते लिपिक और दलाल धराये

आम आदमी की मजबूरी का फायदा उठा रहे थे भ्रष्ट तंत्र के ये प्यादे; सतर्कता विभाग की कार्रवाई से जिले के अधिकारियों में मचा हड़कंप

पटना/मधुबनी: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बुधवार, 22 अप्रैल 2026 को मधुबनी जिले में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। बेनीपट्टी अंचल कार्यालय में तैनात लिपिक और उनके निजी दलाल को 10,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई ने सरकारी कार्यालयों में पनप रहे ‘दलाली तंत्र’ की कलाई खोल कर रख दी है।

रिश्वत का ‘खेल’ हुआ बेनकाब: मधुबनी के बेनीपट्टी अंचल कार्यालय में 10,000 रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार लिपिक साकेत कुमार सिंह और बिचौलिया परमानंद झा, जिन्हें निगरानी ब्यूरो की टीम ने दबोचा है।

क्या था पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला भूमि विवाद और अतिक्रमण से जुड़ा है। परिवादी रविंद्र यादव, जो दहिला (अरेर, मधुबनी) के निवासी हैं, पिछले काफी समय से अपनी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे। सरकारी नियमानुसार, अतिक्रमण हटाना प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन बेनीपट्टी अंचल कार्यालय में बैठे लिपिक साकेत कुमार सिंह ने इसे अपनी कमाई का जरिया बना लिया था।

पीड़ित रविंद्र यादव का आरोप है कि लिपिक साकेत कुमार सिंह ने इस काम को अंजाम तक पहुँचाने के एवज में रिश्वत की मांग की थी। इसमें उनका साथ दे रहा था बिचौलिया परमानंद झा, जो सरकारी और आम जनता के बीच ‘सेटिंग’ करने का काम करता था।

जाल बिछाकर की गई कार्रवाई

परेशान होकर पीड़ित ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना का दरवाजा खटखटाया। ब्यूरो ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पहले इसका सत्यापन (Verification) कराया। सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद, निगरानी ब्यूरो के पुलिस उपाधीक्षक (DSP) समीर चंद्र झा के नेतृत्व में एक विशेष ‘धावा दल’ (Raid Team) का गठन किया गया।

22 अप्रैल की सुबह, जैसे ही लिपिक साकेत कुमार सिंह और दलाल परमानंद झा ने 10,000 रुपये की घूस की राशि ली, निगरानी की टीम ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया। कार्यालय परिसर में उस वक्त मौजूद अन्य कर्मी और लोग यह सब देखकर दंग रह गए।

मुजफ्फरपुर विशेष अदालत में होगी पेशी

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने इस मामले में कांड संख्या- 048/26 दर्ज किया है। पूछताछ की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, दोनों आरोपियों को मुजफ्फरपुर स्थित विशेष निगरानी न्यायालय (Special Vigilance Court) में पेश किया जाएगा। इस गिरफ्तारी के बाद से मधुबनी जिले के प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा हुआ है।

भ्रष्टाचार पर चोट, जनता में राहत

यह गिरफ्तारी एक बार फिर यह संदेश देती है कि सरकारी कार्यालयों में काम के बदले ‘सुविधा शुल्क’ देने की संस्कृति अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निगरानी विभाग की इस मुस्तैदी से उन आम लोगों को उम्मीद बंधी है जो दलालों और भ्रष्ट बाबुओं के कारण सालों से सरकारी दफ्तरों में धक्के खा रहे हैं।


हरे भरे पौधे ही हमारी ताकत है : MDDM कॉलेज की छात्राओं ने पोस्टर और वृक्षारोपण से छेड़ी जागरूकता की जंग

मुजफ्फरपुर: धरती की घटती उम्र और बढ़ते तापमान के दौर में मुजफ्फरपुर के महंत दर्शन दास महिला महाविद्यालय (MDDM College) से एक सशक्त संदेश निकलकर सामने आया है। बुधवार 22 अप्रैल 2026 को जंतु विज्ञान विभाग में ‘पृथ्वी दिवस’ (Earth Day) के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं ने न केवल अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की कमान खुद अपने हाथों में थाम ली।

“हमारी शक्ति, हमारी पृथ्वी” थीम पर छात्राओं द्वारा बनाई गई पोस्टर प्रदर्शनी, जो पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रही है।

हमारी शक्ति, हमारी पृथ्वी” का लिया संकल्प कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय का पूरा परिसर पर्यावरण के नारों से गूंज उठा। छात्राओं ने पोस्टर प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर यह स्पष्ट कर दिया कि “हरे भरे पौधे ही हमारी ताकत है।” कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्या डॉ. (प्रो.) अलका जायसवाल ने छात्राओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि, “पृथ्वी हम सबकी मां है और इसे बचाने की जिम्मेदारी हम सभी की है। विकास की दौड़ में हमें प्रकृति को भूलना नहीं चाहिए।”

विभागाध्यक्ष एवं कार्यक्रम की संयोजक डॉ. अर्चना गुप्ता ने बेहद संजीदगी के साथ कहा कि, “पृथ्वी की रक्षा ही वास्तव में हमारी अपनी रक्षा है।” उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि आज लगाए गए पौधे ही कल की असली पूंजी हैं।

MDDM कॉलेज परिसर में वृक्षारोपण अभियान के दौरान प्राचार्या डॉ. (प्रो.) अलका जायसवाल और अन्य शिक्षकगण के साथ उत्साह दिखाती छात्राएं।

“पृथ्वी दिवस के उपलक्ष्य में एमडीडीएम कॉलेज परिसर में आयोजित वृक्षारोपण अभियान के दौरान एक अत्यंत प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला। कार्यक्रम में प्राचार्या डॉ. (प्रो.) अलका जायसवाल के कुशल नेतृत्व में अन्य शिक्षकगण और छात्राओं में अभूतपूर्व उत्साह नजर आया। सभी ने मिलकर न केवल परिसर में नए पौधे रोपे, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी गहरी प्रतिबद्धता को भी दर्शाया। यह दृश्य न केवल धरती को हरा-भरा बनाने के संकल्प को प्रदर्शित करता है, बल्कि कॉलेज के सामूहिक प्रयास और पर्यावरण के प्रति युवा पीढ़ी की जागरूकता का भी प्रमाण है।”

कार्यक्रम के दौरान जंतु विज्ञान विभाग की सभागार में मौजूद विभाग के शिक्षक और छात्राएं।

छात्राओं के जोश ने भरा रंग :  प्रतियोगिता और वृक्षारोपण के दौरान पीजी और यूजी की छात्राओं का जोश देखते ही बन रहा था। उन्होंने पोस्टर के माध्यम से पर्यावरण प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग और वृक्षारोपण के महत्व को बेहद प्रभावी तरीके से पेश किया। इस विशेष अवसर पर डॉ. देवश्रुति, डॉ. वर्षा, डॉ. स्मिता समेत महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के शिक्षक, शिक्षिकाएं और शिक्षकेतर कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन विभाग की सहायक प्राध्यापिका डॉ. पल्लवी कुमारी ने किया।


ताज़पुर में भाकपा-माले का ‘शक्ति प्रदर्शन’: 58वें स्थापना दिवस पर बुल्डोजर राजनीति, महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ फूंक दिया बिगुल

ताजपुर (समस्तीपुर): भाकपा-माले के 58वें स्थापना दिवस के अवसर पर बुधवार को ताजपुर में पार्टी कार्यकर्ताओं ने न केवल अपनी ताकत दिखाई, बल्कि मौजूदा राजनीतिक हालातों पर तीखा हमला भी बोला। स्थानीय कमिटी के बैनर तले आयोजित इस भव्य समारोह में वक्ताओं ने एक स्वर में देश की वर्तमान ‘जनविरोधी’ नीतियों के विरुद्ध निर्णायक आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया।

ताजपुर में भाकपा-माले के 58वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल कार्यकर्ता। इस दौरान उन्होंने पार्टी विस्तार और जनसंघर्ष को और अधिक तेज करने का संकल्प लिया।

शहीदों को नमन, संघर्ष का संकल्प कार्यक्रम की शुरुआत पार्टी के झंडोत्तोलन और पार्टी के उन तमाम शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई, जिन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। कार्यकर्ताओं ने पार्टी के संस्थापक नेताओं की विचारधारा को दोहराते हुए कहा कि आज देश जिस मोड़ पर खड़ा है, वहां कम्युनिस्टों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है।

बुल्डोजर और महंगाई पर बरसे नेता मुख्य वक्ता और भाकपा-माले के प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि, “आज देश में जो स्थितियाँ बनी हैं, वे अत्यंत चिंताजनक हैं। आम जनता महंगाई की मार झेल रही है, युवा बेरोजगारी से त्रस्त हैं और दूसरी ओर बुल्डोजर की राजनीति के जरिए लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचला जा रहा है।” उन्होंने दो टूक कहा कि धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य के सही मायनों में निर्माण के लिए अब हर संभव प्रतिरोध विकसित करना ही एकमात्र रास्ता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे पार्टी की विचारधारा को जनता के बीच लेकर जाएं और जनविरोधी नीतियों का मुखर विरोध करें।

गांव-गांव तक फैलेगा आंदोलन पार्टी ने आगामी रणनीति पर चर्चा करते हुए निर्णय लिया कि अब गांव-गांव में जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। नए सदस्यों को पार्टी से जोड़कर संगठन को अभेद्य बनाया जाएगा। सभा में यह निर्णय लिया गया कि जनसमस्याओं को लेकर स्थानीय स्तर पर आंदोलन और तेज किया जाएगा, ताकि सरकार पर दबाव बनाया जा सके।

दरभंगा सम्मेलन की तैयारी का शंखनाद कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित कर आगामी 16-18 मई को दरभंगा में होने वाले ‘भाकपा माले राज्य सम्मेलन’ की तैयारियों पर चर्चा की गई। इस सम्मेलन को ऐतिहासिक बनाने के लिए जी-बी बैठकें करने, बड़े पैमाने पर कोष संग्रह करने और जन-जन तक पार्टी की नीतियों को प्रचारित-प्रसारित करने की जिम्मेदारी कार्यकर्ताओं को सौंपी गई।

प्रमुख उपस्थिति कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड कमिटी सदस्य ब्रहमदेव प्रसाद सिंह ने की। इस अवसर पर प्रखंड कमिटी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की भारी मौजूदगी रही, जिनमें शंकर महतो, मोतीपुर लाल सिंह, कैलाश सिंह, रंधीर कुमार, वीरेंद्र सिंह, विणुदेव राय, महेश्वर शर्मा, रामसागर राय, हीरालाल सिंह, संजय शर्मा, दिनेश साह सहित दर्जनों कार्यकर्ता शामिल रहे। अंत में गगनभेदी नारों के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।

उम्मीद की किरण: मुसहर और कुरेड़ी टोले में जला ज्ञान का दीप

सरायरंजन (समस्तीपुर): शिक्षा से दूर हाशिए पर जी रहे मुसहर और कुरेड़ी समुदाय के बच्चों के लिए अब शिक्षा की नई राह खुल गई है। सरायरंजन नगर पंचायत के वार्ड संख्या 21 (नरघोघी मुशहर टोला) में ‘जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र, अख्तियारपुर’ द्वारा एक निशुल्क शिक्षा केंद्र का भव्य उद्घाटन किया गया। यह पहल बच्चों को विद्यालय छोड़ने (छिजित होने) की समस्या से बचाने और उन्हें शिक्षित समाज की मुख्यधारा में लाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

वार्ड संख्या 21 स्थित मुसहर टोले में दीप प्रज्वलित कर शिक्षा केंद्र का उद्घाटन करते मुख्य अतिथि और गणमान्य लोग।

उद्घाटन समारोह में उमड़ा उत्साह

शिक्षा केंद्र के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सरायरंजन की मुख्य पार्षद पूजा कुमारी ने शिरकत की। उनके साथ स्थानीय वार्ड पार्षद सविता कुमारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रूपम कुमारी, शिक्षिका कृष्णा, जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र की कोषाध्यक्ष वीणा कुमारी, पुनीता कुमारी, सीनियर रिसर्च कंसल्टेंट ललिता कुमारी, सामुदायिक शिक्षिका रुखसाना नूर, बलराम चौरसिया और दिनेश प्रसाद चौरसिया ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर केंद्र का विधिवत शुभारंभ किया।

शिक्षा शेरनी का दूध है, जो पिएगा वह दहाड़ेगा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य पार्षद पूजा कुमारी ने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “शिक्षा शेरनी का दूध है, जो पिएगा वह दहाड़ेगा।” उन्होंने अभिभावकों से पुरजोर आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से इस केंद्र में भेजें ताकि उनका भविष्य उज्ज्वल हो सके। उन्होंने घोषणा की कि जो बच्चे केंद्र के साथ-साथ अपने विद्यालय में भी नियमित उपस्थिति दर्ज कराएंगे, उन्हें पठन-पाठन की सामग्री वे अपनी तरफ से उपलब्ध कराएंगी।

वहीं, जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र के सदस्य दिनेश प्रसाद चौरसिया ने केंद्र की गतिविधियों पर चर्चा करते हुए बताया कि मुख्य पार्षद पूजा कुमारी की विशेष मांग पर ही नरघोघी मुशहर टोला में इस शिक्षा केंद्र की स्थापना की गई है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह केंद्र मुसहर और कुरेड़ी समुदाय के बच्चों के लिए शिक्षा का बड़ा जरिया बनेगा।

सरायरंजन में आयोजित उद्घाटन समारोह के दौरान बच्चों के बीच पोषण सामग्री का वितरण करते संस्था के सदस्य।

पोषण और पाठ्य सामग्री का वितरण

उद्घाटन के तुरंत बाद संस्था द्वारा बच्चों के बीच पोषण सामग्री का वितरण किया गया, जिसे पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे। इसके साथ ही, अख्तियारपुर में संचालित बालिका ट्यूशन सेंटर की छात्राओं को पाठ्य पुस्तकें प्रदान कर उन्हें प्रोत्साहित किया गया।

कार्यक्रम में संस्था के अध्यक्ष गौरीशंकर चौरसिया, कार्यकारी सदस्य रामप्रित चौरसिया, अमित कुमार, रामदयाल दास, रामनारायण पासवान और रामेश्वर सदा ने अपने विचार व्यक्त किए। समारोह के अंत में धन्यवाद ज्ञापन नवनीत कुमार और हर्ष मोहन कुमार द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।


अवैध हथियारों के साथ रील बनाने वाले हवालात में, ‘लाइटर गन’ वाली वीडियो का भी सच आया सामने!

मुजफ्फरपुर: सोशल मीडिया पर ‘दबंगई’ दिखाने के लिए हथियारों का प्रदर्शन करना अब मुजफ्फरपुर में युवाओं को महंगा पड़ रहा है। हाल ही में वायरल हुए दो अलग-अलग वीडियो के मामलों में मुजफ्फरपुर पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए एक तरफ जहां अवैध हथियार रखने वालों को सलाखों के पीछे भेजा है, वहीं दूसरी तरफ भ्रम फैलाने वाली अफवाहों का भी खंडन किया है।

प्रेस वार्ता के दौरान मामले का खुलासा करते पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) और पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी।

बोचहां में रीलबनी काल, गिरफ्तार हुए तीन युवक

मुजफ्फरपुर (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक, श्री राजेश कुमार सिंह प्रभाकर ने प्रेस वार्ता में बताया कि बोचहां थाना क्षेत्र का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था, जिसमें कुछ युवक अवैध हथियारों के साथ प्रदर्शन कर रहे थे। जानकारी मिलते ही मुजफ्फरपुर के सीनियर एसपी के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया।

डीआईयू और बोचहां पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में वीडियो में दिख रहे आरोपियों की पहचान की गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संजीव कुमार, रूपेश कुमार और गुड्डू कुमार नामक तीन युवकों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने इनके पास से अवैध देशी पिस्टल और मैगजीन बरामद की है। पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई कि गुड्डू कुमार का पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है। फिलहाल, तीनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब इस मामले के ‘फॉरवर्ड-बैकवर्ड लिंकेज’ की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि हथियार कहां से आए और इनकी क्या मंशा थी।

कांटी वाला वीडियो निकला फेक‘, मामला पुराना और हथियार था खिलौना

एक तरफ जहां बोचहां में पुलिस ने असली हथियारों के साथ आरोपियों को पकड़ा, वहीं कांटी थाना क्षेत्र से संबंधित एक अन्य वायरल वीडियो की सच्चाई कुछ और ही निकली।

इस मामले में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (पश्चिमी-01), श्रीमती सुचित्रा कुमारी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि निहाल कुमार नाम के युवक का जो वीडियो वायरल हुआ था, उसकी गहन जांच कराई गई। जांच में पाया गया कि वह वीडियो सात-आठ साल पुराना है। वीडियो में युवक द्वारा जिस हथियार का प्रदर्शन किया जा रहा था, वह कोई असली हथियार नहीं बल्कि एक लाइटर गन थी। पुलिस ने पुष्टि की है कि इस मामले में निहाल कुमार के विरुद्ध थाना में कोई आपराधिक शिकायत दर्ज नहीं है।


सकरा में सुबह-सुबह ‘बालू का काला बाजार’: सड़क पर ही सजती है मंडी, दो घंटे में लाखों का खेल, प्रशासन सोता रह जाता है!

रिपोर्ट : एस. एस. कुमार ‘पंकज’

मुजफ्फरपुर (सकरा): सकरा थाना क्षेत्र के जहांगीपुर चौक से गंडक प्रोजेक्ट ऑफिस तक की मुख्य सड़क (पूसा मुजफ्फपुर मार्ग ) इन दिनों एक ऐसी ‘अवैध मंडी’ में तब्दील हो गई है, जिसे देखकर कोई भी कह दे कि यहां कानून का राज नहीं, माफियाओं का बोलबाला है। सुबह के पांच बजते ही यहां ट्रकों का रेला लग जाता है। साठ से सत्तर ट्रकें सड़क किनारे कतारबद्ध होकर खड़ी हो जाती हैं। लेकिन यह कोई आम ट्रकों की कतार नहीं, बल्कि एक सुनियोजित ‘बालू का काला बाजार’ है। सुबह 7 बजे तक यहां लाखों का कारोबार बिना किसी रसीद, बिना किसी बही-खाते और बिना किसी सरकारी टैक्स चुकाए निपटा दिया जाता है।

सकरा के जहांगीपुर चौक (पूसा मुजफ्फपुर मार्ग )  पर सुबह-सुबह अवैध बालू मंडी का नजारा। कतार में खड़ी ये ट्रकें बिना किसी चालान या टैक्स के सरकारी राजस्व को चूना लगा रही हैं, जबकि जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं।

सुबह के दो घंटे, लाखों का कारोबार

यहां का नियम बिल्कुल अनोखा है। सुबह 5 बजते ही 60 से 70 ट्रकों का काफिला सड़क पर आकर खड़ा हो जाता है। ग्राहक आते हैं, अपनी जरूरत बताते हैं और चंद मिनटों में सौदा पट जाता है। सुबह 7 बजते-बजते यह पूरा ‘बालू मेला’ समाप्त हो जाता है। खास बात यह है कि सारा धंधा ‘जुबानी’ चलता है—न कोई रसीद, न कोई एडवांस। पैसा तब लिया जाता है जब बालू ग्राहक के दरवाजे पर गिर जाता है।

हुंडाडील का खेल और ओवरलोडिंग

ट्रक ड्राइवरों की मानें तो वे ‘हुंडा’ (लंप सम) रेट पर बालू बेचते हैं। ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए वे ओवरलोड गाड़ियों का लालच देते हैं, जिससे ग्राहकों को बाजार भाव से प्रति सीएफटी (CFT) 1000 से 1500 रुपये तक की बचत होती है। यहाँ कोइलवर के बालू के साथ-साथ स्थानीय गंडक नदी के सफेद बालू की भी भारी डिमांड है।

संरक्षण में फली-फूली माफियागिरी

यह अवैध धंधा सकरा, मुरौल, बंदरा और पूसा क्षेत्र के लोगों के लिए सस्ती बालू पाने का जरिया बन चुका है, लेकिन इसके पीछे पनप रहा बालू माफियाओं का नेटवर्क कानून के लिए एक बड़ी चुनौती है। हैरानी की बात यह है कि यह सब कुछ दिन के उजाले में हो रहा है, लेकिन खनिज एवं खनन विभाग, परिवहन विभाग और आयकर विभाग के अधिकारी या तो इस ‘सुपरफास्ट’ धंधे से अनजान हैं या फिर मिलीभगत के कारण मूकदर्शक बने हुए हैं।

चूंकि यह पूरा खेल मात्र दो घंटे (सुबह 5 से 7) में सिमट जाता है, इसलिए माफियाओं को पकड़ना विभाग के लिए भी एक बहाना बन गया है। अब सवाल यह है कि कब तक प्रशासन इस ‘सड़कछाप’ माफियागिरी के आगे नतमस्तक रहेगा और कब तक सरकारी राजस्व को यूं ही चूना लगता रहेगा?

प्रशासन की नाक के नीचे पनपता माफिया राज

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह पूरा अवैध ‘बालू मेला’ मुरौल प्रखंड मुख्यालय से महज 500 मीटर की दूरी पर जहांगीपुर चौक पर सजता है। यानी, स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों की नाक के नीचे, दिन के उजाले में यह खुला खेल चल रहा है। जिस प्रखंड मुख्यालय से पूरे क्षेत्र के प्रशासन और कानून-व्यवस्था का संचालन होना चाहिए, उसी की दहलीज के ठीक बाहर माफियाओं का यह समानांतर साम्राज्य यह सोचने पर मजबूर करता है कि आखिर किसकी शह पर यह गोरखधंधा फल-फूल रहा है? जब चंद कदमों की दूरी पर बैठे अधिकारियों को यह अवैध गतिविधि नहीं दिख रही है, तो इसे केवल प्रशासनिक लापरवाही कहें या फिर मिलीभगत का मौन समर्थन? यह स्थिति न केवल कानून का मखौल उड़ा रही है, बल्कि आम लोगों के बीच प्रशासन की विश्वसनीयता पर भी गहरा सवाल खड़ा कर रही है।

कानून की धज्जियां: कैसे फल-फूल रहा है यह अवैध कारोबार?

यह पूरा सिंडिकेट कानूनी प्रक्रियाओं को पूरी तरह दरकिनार कर चलता है। कानूनन, बालू के परिवहन के लिए ऑनलाइन ई-चालान और संबंधित खदान का वैध दस्तावेज होना अनिवार्य है। लेकिन यहां ‘हुंडा’ (लंप सम) का खेल चलता है।

  1. ई-चालान की चोरी: सरकार को मिलने वाला रॉयल्टी टैक्स सीधे तौर पर हड़प लिया जाता है, क्योंकि यहां कोई चालान ही नहीं काटा जाता।
  2. ओवरलोडिंग का जहर: ये ट्रकें अपनी क्षमता से कहीं ज्यादा बालू ढोती हैं, जो न केवल सड़क को बर्बाद कर रही हैं, बल्कि हादसों को भी खुला निमंत्रण दे रही हैं।
  3. अघोषित व्यापार: बिना किसी व्यापारिक पंजीयन के, ये माफिया सरकारी राजस्व को हर रोज चूना लगा रहे हैं। माल सीधा ग्राहक के दरवाजे पर गिरता है, जिससे सरकारी तंत्र को भनक तक नहीं लगती।

यदि अधिकारी एक्शनमें आएं, तो क्या होगा?

यदि प्रशासन की नींद टूटे और संबंधित विभाग सख्ती बरतें, तो इस सिंडिकेट की कमर तोड़ना कोई बड़ी बात नहीं है। यदि जिला प्रशासन का ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ होता है, तो निम्नलिखित परिणाम हो सकते हैं:

  • भारी जुर्माना और जब्ती: नियमों का उल्लंघन करने पर ट्रकों को तत्काल जब्त किया जा सकता है, जिससे माफियाओं को भारी वित्तीय नुकसान होगा।
  • अवैध संपत्ति की जांच: इस तरह के अवैध धंधों से अर्जित की गई बेनामी संपत्ति की पहचान कर उसे कुर्क (जब्त) किया जा सकता है।
  • चेन का टूटना: एक बार यदि सप्लायर और ट्रक मालिक के बीच का यह नेटवर्क टूट गया और एफआईआर दर्ज हुई, तो दोबारा इस सड़क पर बालू का मेला लगाने की हिम्मत कोई नहीं करेगा।

अधिकारियों की भूमिका और उन पर उठते सवाल

1. जिला खनिज एवं खनन अधिकारी (Mining Department): खनन विभाग की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है कि बिना चालान के बालू का परिवहन न हो। इस अवैध मंडी का अस्तित्व ही यह साबित करता है कि विभाग की गश्त या तो शून्य है, या मिलीभगत है। यदि खनन अधिकारी औचक छापेमारी करें, तो ट्रकों के दस्तावेजों की जांच से यह स्पष्ट हो जाएगा कि ये गाड़ियां किस खदान से निकली हैं और बिना ई-चालान के कैसे चल रही हैं। मौके पर मौजूद गाड़ियों की जब्ती और संचालकों पर खनन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करना पहला कदम होना चाहिए।

2. जिला परिवहन अधिकारी (Transport Department): सड़क सुरक्षा और परिवहन नियमों का पालन सुनिश्चित करना परिवहन विभाग का काम है। रोजाना 60-70 ओवरलोड ट्रकों का सड़क पर चलना परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सीधा सवाल उठाता है। यदि विभाग एक्शन मोड में आए, तो इन सभी गाड़ियों का फिटनेस, परमिट और ओवरलोडिंग के लिए भारी जुर्माना काटा जा सकता है। बार-बार पकड़े जाने पर इन ट्रकों का लाइसेंस और परमिट स्थायी रूप से रद्द करने की कार्रवाई इस पूरे धंधे को सड़क से गायब कर सकती है।

3. आयकर अधिकारी (Income Tax Department): यह धंधा पूरी तरह ‘कैश’ पर आधारित है, जहां हर रोज लाखों रुपयों का लेन-देन हो रहा है। यह स्पष्ट रूप से ‘ब्लैक मनी’ का मामला है। आयकर विभाग यदि इस ‘अवैध मंडी’ को रडार पर ले, तो इन माफियाओं के खातों की जांच की जा सकती है। जब बालू के इस धंधे में भारी मुनाफा है और इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है, तो यह ‘टैक्स चोरी’ का बड़ा मामला बनता है। रेड और सर्वे के जरिए इस काले धन के स्रोत का पता लगाकर इन पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई संभव है।


मुजफ्फरपुर पुलिस का ‘ऑपरेशन मुस्कान’: 34 लाख के 106 मोबाइल लौटे मालिकों के पास, चेहरों पर फिर लौटी मुस्कुराहट!

मुजफ्फरपुर: मुजफ्फरपुर पुलिस ने ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत एक शानदार उपलब्धि हासिल की है, जिसने न केवल 106 नागरिकों के चेहरे पर मुस्कान बिखेरी है, बल्कि पुलिस के प्रति विश्वास को और भी मजबूत किया है। जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से गुम और चोरी हुए लगभग 34 लाख रुपये मूल्य के 106 मोबाइल फोन पुलिस ने न केवल बरामद किए, बल्कि उन्हें उनके वास्तविक मालिकों तक सफलतापूर्वक पहुँचा दिया है।

“मुजफ्फरपुर पुलिस के ‘ऑपरेशन मुस्कान’ अभियान के तहत एसएसपी कान्तेश कुमार मिश्र और अन्य पुलिस अधिकारियों द्वारा मोबाइल मालिकों को उनके खोए हुए फोन सुपुर्द करते हुए।”

पुलिस की तत्परता और ऑपरेशन मुस्कानकी सफलता

वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP), मुजफ्फरपुर,  कान्तेश कुमार मिश्र ने प्रेस वार्ता के दौरान इस अभियान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के आलोक में समय-समय पर पुलिस त्वरित कार्रवाई करती रहती है, और इसी क्रम में आज नागरिकों को उनके खोए हुए कीमती फोन सौंपे गए।

इस वर्ष अब तक मुजफ्फरपुर पुलिस ने कुल 337 मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को सौंप दिए हैं, जो पुलिस की सक्रियता का एक बड़ा प्रमाण है।

नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण सलाह

एसएसपी  कान्तेश कुमार मिश्र ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति का मोबाइल गुम हो गया है या चोरी हो गया है, तो वे घबराएं नहीं और निम्नलिखित कदम उठाएं:

  • जिला नियंत्रण कक्ष: मोबाइल गुम होने की सूचना तुरंत जिला नियंत्रण कक्ष में दें।
  • CEIR पोर्टल: नागरिक केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर (CEIR) पोर्टल पर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जो मोबाइल ट्रैकिंग में अत्यंत प्रभावी है।
  • कानूनी कार्रवाई: पुलिस ने आश्वासन दिया है कि कानूनी प्रक्रिया के साथ-साथ बरामदगी के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

मुजफ्फरपुर पुलिस का यह मानवीय और त्वरित कदम समाज में सुरक्षा की भावना को बढ़ाता है। उम्मीद है कि यह अभियान भविष्य में भी ऐसे ही लोगों की समस्याओं का समाधान करता रहेगा।


मोकामा की चमकेगी किस्मत! 18.11 करोड़ की सौगात से परशुराम स्थान बनेगा ‘पर्यटन और व्यापार का हब’, मुख्यमंत्री ने किया भव्य शिलान्यास

पटना। बिहार के मोकामा वासियों के लिए आज का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। पटना जिला अंतर्गत नगर परिषद मोकामा क्षेत्र के प्रसिद्ध परशुराम स्थान परिसर में विकास की नई इबारत लिखी गई। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 18.11 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली अत्याधुनिक ‘कमर्शियल बिल्डिंग’ निर्माण योजना का शिलान्यास किया। इसके साथ ही, उन्होंने परशुराम मेले का विधिवत उद्घाटन कर श्रद्धालुओं को बड़ी सौगात दी।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मोकामा के परशुराम स्थान परिसर में 18.11 करोड़ की कमर्शियल बिल्डिंग का शिलान्यास करते हुए मुख्यमंत्री  सम्राट चौधरी।

विकास की नई दिशा-  मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस अवसर पर कहा कि परशुराम स्थान परिसर में यह कमर्शियल बिल्डिंग न केवल इलाके की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देगी, बल्कि श्रद्धालुओं की सुविधाओं में भी चार चांद लगाएगी। उन्होंने इस प्रोजेक्ट को क्षेत्र के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे कमर्शियल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें, ताकि अगले वर्ष आयोजित होने वाले मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय नागरिक सुविधाएं मिल सकें।

2025 के निरीक्षण का संकल्प हुआ पूरा  –  मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी  ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विजन को याद करते हुए कहा कि वर्ष 2025 में जब उन्होंने उपमुख्यमंत्री रहते हुए इस परिसर का निरीक्षण किया था, तभी उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने और मेले के विस्तार का संकल्प लिया था। आज उस संकल्प को धरातल पर उतारते हुए विकास कार्यों का शिलान्यास किया गया है।


मोकामा के परशुराम मेले की सांस्कृतिक और धार्मिक महत्ता

मोकामा का परशुराम मेला केवल एक व्यापारिक आयोजन नहीं, बल्कि यह इस क्षेत्र की गहरी धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है। भगवान परशुराम की जन्मस्थली के रूप में विख्यात यह स्थल सदियों से श्रद्धालुओं के लिए श्रद्धा का केंद्र रहा है। यहाँ आयोजित होने वाला मेला न केवल आसपास के जिलों बल्कि सुदूर क्षेत्रों से भी भारी संख्या में पर्यटकों और भक्तों को आकर्षित करता है। यह मेला ग्रामीण अर्थव्यवस्था की जीवन रेखा है, जहाँ पारंपरिक हस्तकलाओं से लेकर स्थानीय उत्पादों का बड़े स्तर पर व्यापार होता है। परशुराम स्थान का विकास इस मेले को न केवल और अधिक व्यवस्थित बनाएगा, बल्कि मोकामा को धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर एक नई पहचान भी दिलाएगा, जिससे स्थानीय संस्कृति का संरक्षण और संवर्धन सुनिश्चित हो सकेगा।


राजधानी में ‘बाइक चोर गैंग’ का भंडाफोड़: मास्टरमाइंड अरशद के ठिकाने से बरामद हुईं 9 चोरी की बाइक्स, 20 मुकदमों का है शातिर अपराधी!

फुलवारी शरीफ: राजधानी पटना में बाइक चोरों का एक ऐसा गिरोह सक्रिय था जिसने पुलिस की नाक में दम कर रखा था। दिनांक 15 अप्रैल 2026 को फुलवारी शरीफ थाना क्षेत्र में एक मोटरसाइकिल चोरी की घटना सामने आई, जिसने पुलिस को एक बड़े ऑपरेशन के लिए मजबूर कर दिया।

‘बाइक चोर गैंग’ के  भंडाफोड़  की जानकारी देते नगर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी), पटना

कैसे धरा गया शातिर गैंग? मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए नगर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी), पटना के कुशल निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-1, फुलवारी शरीफ के नेतृत्व में पुलिस की टीम ने सीसीटीवी फुटेज और मानवीय अनुसंधान के आधार पर जाल बिछाया।

  • मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी: छापेमारी के दौरान गिरोह के सरगना मो० अरशद उर्फ शदाब को दबोचा गया, जिसके पास से एक चोरी की बाइक बरामद हुई।
  • साले के घर से खुला खजाना: अरशद की निशानदेही पर जब पुलिस ने उसके साले के घर दबिश दी, तो वहां से 6 और मोटरसाइकिलें बरामद हुईं।
  • कुल 9 बाइकें बरामद: इस कार्रवाई में कुल 9 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गईं और गिरोह के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया।
  • दागी है मास्टरमाइंड: मुख्य अभियुक्त मो० अरशद उर्फ शदाब का आपराधिक इतिहास काफी पुराना है और उसके खिलाफ विभिन्न थानों में 20 से अधिक मामले दर्ज हैं।

अन्य गिरफ्तार अभियुक्तों में मो० आमिर (पुत्र असगर), साहिल (पुत्र नसीम), मो० नौशाद (पुत्र निजाम) शामिल हैं, जो सभी फुलवारी शरीफ क्षेत्र के ही रहने वाले हैं।


नौबतपुर में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: फर्जी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाकर फर्राटा भर रहे 6 शातिर गिरफ्तार, जब्त हुईं संदिग्ध बाइक्स!

नौबतपुर: वाहन चेकिंग के दौरान पटना पुलिस ने एक ऐसे फर्जीवाड़े का खुलासा किया है जो सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर है। दिनांक 19-20 अप्रैल 2026 की रात्रि में नौबतपुर थाना क्षेत्र में चलाए गए विशेष वाहन चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया है।

क्या था पुलिस का एक्शन? पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि क्षेत्र में कुछ लोग बाइकों के ओरिजिनल रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ छेड़छाड़ कर रहे हैं। चेकिंग के दौरान पुलिस ने जब दस्तावेजों की जांच की, तो बड़े पैमाने पर गड़बड़ी पाई गई।

  • फर्जीवाड़े का पर्दाफाश: 2 बाइकों के नंबर प्लेट्स से छेड़छाड़ की पुष्टि होने के बाद तुरंत एक्शन लेते हुए पुलिस ने मौके से 2 बाइकें जब्त कर लीं।
  • 6 गिरफ्तार: इस मामले में कुल 6 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है और पुलिस अब उनसे कड़ी पूछताछ कर रही है।

पटना पुलिस की आमजन से अपील: इस घटना के बाद पुलिस ने जनता से सख्ती से अपील की है कि वे अपने वाहन के रजिस्ट्रेशन और अन्य दस्तावेज हमेशा सही और अपडेट रखें। फर्जी दस्तावेजों या नंबर प्लेट के साथ वाहन चलाना न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि यह किसी बड़े आपराधिक घटना का संकेत भी हो सकता है।