Sunday, November 1, 2026

10 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा गया घूसखोर शिक्षक-सह-समन्वयक, निगरानी विभाग का बड़ा एक्शन!

औरंगाबाद / पटना: शिक्षा के मंदिर को शर्मसार करने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है। औरंगाबाद जिले के बारूण स्थित केशव उच्च विद्यालय के शिक्षक-सह-समन्वयक को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने 10,000 (दस हजार) रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई स्कूल परिसर के खेल-कूद कक्ष से की गई, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।

मार्कशीट और सर्टिफिकेट के एवज में मांगी थी रिश्वत

निगरानी विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, मखरा (थाना- जम्होर, जिला- औरंगाबाद) निवासी संतोष कुमार (पिता- प्रमेश्वर कुमार) ने पटना स्थित निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। परिवादी ने आरोप लगाया था कि उनकी पत्नी ने बिहार मुक्त विद्यालय शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड (बीबीओएसई) के अंतर्गत केशव उच्च विद्यालय, बारूण से 10वीं की परीक्षा पास की है। परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद जब वह अपनी पत्नी का अंक-पत्र (मार्कशीट), एसएलसी (SLC) और मूल प्रमाण पत्र लेने पहुँचे, तो शिक्षक-सह-समन्वयक शशिभूषण लाल द्वारा प्रमाण पत्र देने के एवज में पैसों की अनुचित मांग की जा रही थी।

औरंगाबाद के केशव उच्च विद्यालय, बारूण से 10 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार शिक्षक-सह-समन्वयक शशिभूषण लाल (लाल घेरे में) को अपनी हिरासत में लेकर ले जाती निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की धावा टीम।

सत्यापन के बाद हुई जालसाजी का पर्दाफाश

शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने मामले की गुप्त जाँच कराई। जाँच एवं सत्यापन के दौरान आरोपी द्वारा रिश्वत मांगे जाने का प्रमाण सही पाया गया। प्रथम दृष्टया आरोप की पुष्टि होने के बाद 12.08.2026 को निगरानी थाना कांड संख्या 097/26 दर्ज किया गया।

डीएसपी के नेतृत्व में बिछाया गया जाल

मामले के अनुसंधानकर्ता पुलिस निरीक्षक अमन आनन्द के अनुरोध पर पुलिस उपाधीक्षक रिशिता स्नेह के नेतृत्व में एक विशेष धावादल का गठन किया गया। 13.08.2026 को निगरानी ब्यूरो की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से केशव उच्च विद्यालय, बारूण में दबिश दी। जैसे ही आरोपी शिक्षक-सह-समन्वयक शशिभूषण लाल ने खेल-कूद कक्ष में 10,000 रुपये की रिश्वत की राशि हाथ में ली, घात लगाकर बैठी निगरानी टीम ने उन्हें मौके पर ही रंगे हाथों धर दबोचा।

विशेष न्यायालय में होगी पेशी

गिरफ्तारी के बाद अभियुक्त से सघन पूछताछ की गई। पूछताछ की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आरोपी को पटना स्थित माननीय विशेष न्यायालय (निगरानी) में उपस्थापित किया जाएगा। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो मामले की अग्रतर अनुसंधान कार्रवाई में जुटा है।

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पटना में बनेगा वर्ल्ड ट्रेड सेंटर: ग्लोबल बिजनेस लेगा आकार , 4,000 करोड़ का निवेश और 8,000 करोड़ का राजस्व!

पटना : 13 अगस्त 2026  : बिहार की राजधानी पटना को अंतरराष्ट्रीय स्तर का व्यापारिक और इंफ्रास्ट्रक्चर हब बनाने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम उठाया गया है। राजधानी पटना में अब ‘वर्ल्ड ट्रेड सेंटर’ का निर्माण होगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में हुई एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक के दौरान नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनबीसीसी) की ओर से पटना में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की स्थापना समेत शहर के विभिन्न प्रमुख इलाकों के पुनर्विकास का विस्तृत प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया।

इन प्रमुख इलाकों की बदलेगी सूरत

बैठक में राजधानी के पुराने और जर्जर सरकारी भवनों एवं भूखंडों के बेहतर इस्तेमाल पर गहन मंथन हुआ। एनबीसीसी द्वारा प्रस्तुत कार्ययोजना के तहत निम्नलिखित प्रमुख भूखंडों का पुनर्विकास किया जाएगा:

  1. बिहार म्यूजियम – नेहरू पथ के सामने स्थित भूखंड
  2. गर्दनीबाग स्थित भूखंड
  3. भूतनाथ सेक्टर-6 स्थित भूखंड
  4. बोरिंग कैनाल रोड स्थित भूखंड

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि पुराने और जर्जर सरकारी भवनों के स्थान पर आधुनिक आवश्यकताओं के अनुसार पुनर्निर्माण का काम प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।

लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में पटना के पुनर्विकास एवं वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के निर्माण प्रस्ताव पर समीक्षा बैठक करते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, साथ में मौजूद नगर विकास मंत्री नीतीश मिश्रा, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी।

टाउनशिप प्रोजेक्ट्स और अन्य शहरों का विकास

पटना के समग्र और सुनियोजित विकास के लिए ‘पाटलिपुत्र टाउनशिप’ में लगभग 2,000 एकड़ जमीन और अन्य टाउनशिप क्षेत्रों में लगभग 1,000 एकड़ जमीन पर अत्याधुनिक विकास व पुनर्विकास की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

केवल पटना ही नहीं, बल्कि राज्य के अन्य प्रमुख शहरों को भी इस विकास मॉडल से जोड़ने की तैयारी है। मुख्यमंत्री ने गया, भागलपुर, बेगूसराय और दरभंगा जैसे प्रमुख शहरों में भी उपयुक्त सरकारी जमीनों को चिह्नित कर उनके समेकित एवं एकीकृत विकास की योजना तैयार करने पर विशेष जोर दिया।

4,000 करोड़ का निवेश और 8,000 करोड़ का राजस्व

एनबीसीसी द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों के अनुसार, इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं से पटना और आसपास के क्षेत्रों में लगभग 4,000 करोड़ रुपये का निवेश आने की संभावना है। इसके साथ ही, इन प्रोजेक्ट्स के माध्यम से राज्य सरकार को लगभग 8,000 करोड़ रुपये का राजस्व (रेवेन्यू) प्राप्त होने का अनुमान जताया गया है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलेगी।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में आधुनिक तकनीक और उच्च पर्यावरणीय मानकों का अनिवार्य रूप से पालन किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से ‘जीरो वेस्ट मॉडल‘ अपनाने का निर्देश दिया, ताकि निर्माण के दौरान पर्यावरण को कोई नुकसान न पहुँचे और अपशिष्ट का शत-प्रतिशत पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) हो सके।

बैठक में ये वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

‘जीरो वेस्ट मॉडल‘ और आधुनिक तकनीक पर जोर

समीक्षा बैठक में राज्य सरकार और एनबीसीसी के कई शीर्ष अधिकारी उपस्थित थे, जिनमें प्रमुख हैं:

  • नगर विकास एवं आवास सह सूचना प्रावैधिकी मंत्री नीतीश मिश्रा
  • मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार
  • मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत
  • ग्रामीण कार्य सह सूचना प्रावैधिकी विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह
  • मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह
  • भवन निर्माण विभाग के सचिव प्रणव कुमार
  • नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव अनिमेष पराशर
  • नगर विकास एवं आवास विभाग के विशेष सचिव नीलेश रामचंद्र देवरे
  • पटना के नगर आयुक्त यशपाल मीणा
  • एनबीसीसी के चेयरमैन डॉक्टर के पी महादेव स्वामी

तथा एनबीसीसी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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ताजपुर प्रखंड सह अंचल कार्यालय में गूंजा गरीबों का गुस्सा, अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरू; बासगीत पर्चा और 5 डिसमिल जमीन की उठी जोरदार मांग

 पीडीएस गोदाम में घटिया गेहूं की आपूर्ति पर मचा बवाल,

ताजपुर (समस्तीपुर) 13 अगस्त 2026 : भूमिहीन गरीबों, मजदूरों और किसानों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर गुरुवार को ताजपुर में आक्रोश का सैलाब उमड़ पड़ा। अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) के बैनर तले सैकड़ों कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने विशाल जुलूस निकाला और प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में पहुंचकर अनिश्चितकालीन सामूहिक सत्याग्रह आंदोलन शुरू कर दिया।

ताजपुर प्रखंड कार्यालय के समक्ष बैनर और झंडों के साथ प्रदर्शन करते खेग्रामस एवं भाकपा माले के नेता व कार्यकर्ता।

सत्याग्रह स्थल पर आयोजित विरोध सभा की अध्यक्षता खेग्रामस प्रखंड सचिव प्रभात रंजन गुप्ता ने की। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ तीखा आक्रोश व्यक्त किया। नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि वर्षों से अपने अधिकारों के लिए दर-दर भटक रहे गरीबों को पीपीएच एक्ट 1947 (पीपीएच ऐक्ट 1947) के तहत तुरंत बासगीत पर्चा दिया जाए। इसके साथ ही सभी भूमिहीन परिवारों को जीवन यापन और आवास के लिए कम से कम पांच डिसमिल जमीन उपलब्ध कराने की पुरजोर मांग की गई।

वक्ताओं ने राशन प्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि गरीबों के नाम राशन सूची से बेवजह हटाए जा रहे हैं, जिस पर अविलंब रोक लगाई जाए और हर जरूरतमंद परिवार को राशन की गारंटी दी जाए। इसके अतिरिक्त, राज्य से बाहर काम करने वाले प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा, सम्मान और रोजगार गारंटी के लिए ठोस कानून बनाने, जी.राम.जी. योजना के तहत काम और उचित मजदूरी सुनिश्चित करने तथा गांव के गरीब मजदूरों एवं किसानों पर लादे गए विभिन्न प्रकार के अनुचित करों (टैक्स) को तत्काल वापस लेने की चेतावनी दी गई।

ताजपुर प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन सामूहिक सत्याग्रह पर बैठे आंदोलनकारी।

आंदोलन को संबोधित करते हुए मनोज कुमार सिंह, नीलम देवी, संजीव राय, ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, राजदेव प्रसाद सिंह, प्रमोद साह, ललिता देवी, रुबी कुमारी, पूजा कुमारी और रंजू देवी सहित भाकपा माले एवं खेग्रामस के कई वरिष्ठ नेताओं ने स्पष्ट किया कि सरकार और प्रशासन गरीबों की मूलभूत समस्याओं के समाधान में पूरी तरह विफल साबित हुए हैं। इसी विफलता के कारण मजबूर होकर जनता को सड़कों पर उतरना पड़ा है।

समाचार लिखे जाने तक ताजपुर प्रखंड कार्यालय परिसर में दर्जनों प्रदर्शनकारी सामूहिक सत्याग्रह पर डटे हुए थे। आंदोलनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी सभी जायज मांगें पूरी नहीं हो जातीं, उनका यह अनवरत संघर्ष जारी रहेगा।

पीडीएस गोदाम में घटिया गेहूं की आपूर्ति पर मचा बवाल, भाकपा माले ने उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की उठाई मांग

ताजपुर (समस्तीपुर) 13 अगस्त 2026: ताजपुर प्रखंड कार्यालय के समीप स्थित सरकारी खाद्यान्न गोदाम में जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत आम जनता के बीच बांटने के लिए लाए गए गेहूं की गुणवत्ता को लेकर भारी बवंडर खड़ा हो गया है। भाकपा माले ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि अडानी समूह से जुड़ी कंपनी टीसीआई (टीसीआई) द्वारा आपूर्ति किया गया गेहूं बेहद घटिया और इंसानों के खाने के अयोग्य है।

गंभीर गुणवत्ता दोष के कारण स्थानीय उपभोक्ताओं ने इस सड़े-गले गेहूं को लेने से साफ इनकार कर दिया है, जिससे राशन वितरण प्रणाली पूरी तरह ठप होने के कगार पर पहुंच गई है।

मामले को लेकर भाकपा माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि गरीब और असहाय उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं स्वस्थ खाद्यान्न उपलब्ध कराना सरकार का संवैधानिक दायित्व है। उन्होंने आरोप लगाया कि कॉरपोरेट कंपनियों के फायदे के लिए गरीबों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा है।

सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा घटिया अनाज की आपूर्ति करने वाले आपूर्तिकर्ताओं और इसमें संलिप्त अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसा निम्न स्तर का खाद्यान्न किसी भी कीमत पर गरीबों के बीच वितरित नहीं होने दिया जाएगा।

भाकपा माले ने स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और मीडिया प्रतिनिधियों से आग्रह किया है कि वे स्वयं गोदाम में जाकर गेहूं के नमूनों की जांच करें और सच्चाई उजागर करें। दल ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही इस घटिया खाद्यान्न को हटाकर उपभोक्ताओं को मानक स्तर का अनाज उपलब्ध नहीं कराया गया, तो भाकपा माले पूरे क्षेत्र में उग्र आंदोलन का बिगुल फूंकने के लिए बाध्य होगी।

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लोन पचाकर डकारने वालों की खैर नहीं! प्रगति स्वावलंबी सहकारी समिति का बड़ा एक्शन, 10 बड़े डिफाल्टरों के खिलाफ कोर्ट पहुंची समिति, लोन लेकर गायब रहने वाल पर गिरेगी गाज !

  • बार-बार आग्रह और वकालतन नोटिस को भी ठेंगा दिखाने वालों पर कानूनी शिकंजा!
  • मुजफ्फरपुर के सकरा (ढोली) स्थित समिति ने जारी की डिफॉल्टर्स की काली सूची,

सकरा / मुजफ्फरपुर: प्रगति स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड, सकरा (ढोली), मुजफ्फरपुर ने लोन की रकम लेकर न चुकाने वाले डिफाल्टरों के खिलाफ अब तक का सबसे सख्त कदम उठाया है। समिति से भारी-भरकम ऋण लेकर डकारने वाले और बार-बार की चेतावनी के बावजूद राशि जमा न करने वाले ऋणी सदस्यों के खिलाफ समिति ने अब सीधे माननीय न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। इस कार्रवाई से लोन लेकर गायब रहने वाले बकाएदारों के बीच हड़कंप मच गया है।

समिति के अध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी  कर इस पूरी कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्था द्वारा संबंधित सदस्यों को बार-बार विनम्रतापूर्वक ऋण चुकता करने का आग्रह किया गया था। इतना ही नहीं, उन्हें विधिक रूप से ‘वकालतन नोटिस’ (लीगल नोटिस) भी भेजा गया था, लेकिन इसके बावजूद इन बकाएदारों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी और उन्होंने एक भी रुपया वापस जमा नहीं किया। अंततः मजबूर होकर समिति को इन सभी डिफॉल्टर्स का मामला माननीय न्यायालय के संज्ञान में लाना पड़ा है।

समिति प्रबंधन ने साफ कर दिया है कि सहकारिता के जरिए स्वरोजगार और स्थानीय विकास को बढ़ावा दिया जाता है, लेकिन कुछ लोग ऋण की राशि हजम कर पूरी व्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ऐसे लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और कानून के माध्यम से पाई-पाई की वसूली की जाएगी।

सार्वजनिक की गई 10 बड़े डिफाल्टरों की सूची:

समिति की ओर से न्यायालय में घसीटे गए 10 प्रमुख डिफॉल्टरों और उनके पते की सूची इस प्रकार है:

  1. उमाशंकर प्रसाद – केशोपुर
  2. जितेंद्र कुमार – डिहुली
  3. बिनोद चौधरी – बाजी
  4. मोहम्मद एजाज – पहाड़पुर
  5. भोला राय – बरियारपुर
  6. अजीत कुमार – सरमस्तपुर
  7. दिल मोहम्मद – सिमरा
  8. देवव्रत आनंद – बाजी
  9. प्रमोद कुमार – मझौलिया
  10. बिन्देश्वर प्रसाद – बेझा
फाइल फोटो-  सकरा (ढोली) स्थित प्रगति स्वावलंबी सहकारी समिति के कार्यालय में लोन डिफॉल्टर्स की सूची और अदालती दस्तावेज दिखाते अध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता व समिति के अन्य पदाधिकारी।

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संसद में घमासान: नीट मुद्दे पर सरकार की खुली चुनौती, अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष को लिखा पत्र, राहुल गांधी और विपक्ष बैकफुट पर!

नई दिल्ली / पटना: संसद के मानसून सत्र में नीट परीक्षा और छात्रों के आंदोलन को लेकर जारी गतिरोध के बीच केंद्र सरकार ने विपक्ष को खुली चुनौती दे दी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को बाकायदा पत्र लिखकर नीट परीक्षा पर जारी छात्र आंदोलन पर सदन में विस्तृत चर्चा कराने का आग्रह किया है। सरकार के इस आक्रामक रुख के बाद राहुल गांधी और पूरा इंडी गठबंधन अपने ही बुने भ्रम के जाल में घिरता नजर आ रहा है।

गृह मंत्री अमित शाह द्वारा 12 अगस्त 2026 को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को भेजा गया पत्र, जिसमें नीट परीक्षा और छात्र आंदोलन पर तत्काल चर्चा कराने का अनुरोध किया गया है।

गृह मंत्री अमित शाह का सीधा वार: “हम हर सवाल का जवाब देने को तैयार, जनता तय करे कौन भाग रहा”

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने साफ शब्दों में कहा है कि मोदी सरकार संसद में हर तरह की चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने विपक्ष की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष का उद्देश्य जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना नहीं, बल्कि केवल हंगामा खड़ा करना है।

अपने कार्यालय में गंभीर मुद्रा में बैठे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, जिन्होंने संसद में नीट परीक्षा मुद्दे पर विपक्ष को सीधी चर्चा की चुनौती दी है।

अमित शाह ने कहा कि विपक्ष लोकसभा अध्यक्ष के पास चर्चा के लिए पत्र दे। सरकार आज दोपहर 3 बजे से लेकर कल दोपहर 3 बजे तक लगातार चर्चा करने के लिए तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे कल सदन में विपक्ष के एक-एक सवाल का तथ्यात्मक जवाब देंगे, ताकि देश की जनता खुद तय कर सके कि कौन चर्चा चाहता है और कौन बहस से भाग रहा है।

सम्राट चौधरी का हमला: “अपने ही जाल में फंसे राहुल गांधी, क्या फिर भाग खड़े होंगे?”

बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गृह मंत्री अमित शाह द्वारा लोकसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र का हवाला देते हुए राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने नीट मुद्दे पर चर्चा की मांग की थी और अब जब सरकार पूर्ण चर्चा के लिए तैयार हो गई है, तो वे अपने ही झूठ और भ्रम के जाल में फंस चुके हैं।

सम्राट चौधरी ने कहा कि अब विपक्ष न तो चर्चा से भाग सकता है और न ही सदन में बैठकर तीखे सवालों का सामना करने से बच सकता है। उन्होंने तंज कसते हुए सवाल उठाया कि क्या राहुल गांधी एक बार फिर बहस बीच में छोड़कर भागने वाले हैं?

नितिन नबीन का आरोप: “गैरजिम्मेदार कांग्रेस ने देश और लोकतंत्र को छला”

बिहार सरकार के मंत्री नितिन नबीन ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि गैरजिम्मेदार कांग्रेस ने न केवल देश की जनता को गुमराह किया है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों का भी हनन किया है। संसद लोकतंत्र का वह पवित्र मंदिर है जहाँ सार्थक चर्चा (डिबेट, डिस्कशन और डायलॉग) से देश की दिशा तय होती है, लेकिन इस सत्र में कांग्रेस ने बार-बार अपना गोलपोस्ट बदलकर संसदीय मर्यादा को तार-तार कर दिया है।

नितिन नबीन ने कहा कि राहुल गांधी और समूचे विपक्ष का रवैया उनकी अराजक मानसिकता को उजागर करता है। युवाओं के विषय पर पहले चर्चा की मांग करना और जब सरकार तैयार हो जाए तो चर्चा छोड़कर भाग खड़े होना, विपक्ष की अगंभीरता को दर्शाता है। इस रवैये के कारण नए सांसद संसदीय प्रक्रिया से वंचित रहे और प्रश्नकाल तक नहीं चल सका। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने नेता प्रतिपक्ष के पद की गरिमा को गिराया है। विपक्ष को पता है कि जब गृह मंत्री अमित शाह तथ्यों के साथ बोलना शुरू करेंगे, तो विपक्ष के सारे झूठ धाराशायी हो जाएंगे। इसी डर से वे बहस से कतरा रहे हैं।

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बिहार में शिक्षक बनने का बड़ा मौका: एसटीईटी 2026 की घोषणा, 17 अगस्त से शुरू होंगे ऑनलाइन आवेदन

पटना। बिहार में शिक्षक बनने की राह देख रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (एसटीईटी) 2026 का आयोजन किया जाएगा। समिति के अध्यक्ष डॉ त्यागराजन एसएम ने प्रेस नोट जारी कर इस महत्वपूर्ण निर्णय की आधिकारिक जानकारी दी है।

माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (एसटीईटी) 2026 के आयोजन को लेकर प्रेस वार्ता के दौरान जानकारी देते बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष डॉ त्यागराजन एसएम।

शिक्षा विभाग, बिहार सरकार से प्राप्त निर्देशों के आलोक में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने एसटीईटी 2026 के आयोजन का फैसला लिया है। इस परीक्षा के आयोजन से राज्य के माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में योग्य शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को नई दिशा मिलेगी।

14 अगस्त को जारी होगी विस्तृत विज्ञप्ति

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अनुसार एसटीईटी 2026 से संबंधित विस्तृत विज्ञप्ति का प्रकाशन 14 अगस्त 2026 तक समाचार पत्रों एवं बोर्ड के आधिकारिक पोर्टल पर कर दिया जाएगा। इस विज्ञप्ति में परीक्षा के पाठ्यक्रम, पात्रता मानदंड, परीक्षा शुल्क और विस्तृत दिशा-निर्देशों की पूरी जानकारी उपलब्ध रहेगी।

17 अगस्त से करें ऑनलाइन आवेदन

इस परीक्षा के लिए योग्य व इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 17 अगस्त 2026 से प्रारंभ होगी। समिति ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे आवेदन करने से पूर्व विज्ञप्ति में दिए गए सभी निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ लें तथा समय रहते अपने सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें।

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सचिवालय परिसर में 181 मामलों का ऑन द स्पॉट ऑन-टाइम फैसला, अफसरों को 30 दिनों का अल्टीमेटम

 मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जनता दरबार में सुनी आमजनों की फरियाद, कहा— ‘अंतिम व्यक्ति तक पहुँचेगा न्याय, पारदर्शी समाधान ही सुशासन का आधार‘

पटना (विशेष संवाददाता): मुख्यमंत्री सचिवालय परिसर सोमवार को आमजनों की उम्मीदों और न्याय की पुकार का गवाह बना। अवसर था “राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम” का, जहाँ बिहार के कोने-कोने से पहुँचे सैकड़ों फरियादियों ने सीधे सरकार के सामने अपनी समस्याएं रखीं। कार्यक्रम के दौरान  मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूरे मनोयोग और संवेदनशीलता के साथ आम जनता की एक-एक फरियाद सुनी और मौके पर ही 181 आवेदकों के मामलों का तत्काल निष्पादन कर बड़ी राहत दी।

मुख्यमंत्री सचिवालय में आयोजित राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम के दौरान आम फरियादी की समस्या को ध्यानपूर्वक सुनते और ऑन द स्पॉट निष्पादन के निर्देश देते उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी।

30 दिनों के अंदर समाधान का कड़ा अल्टीमेटम

जनता की समस्याएं सुनने के बाद उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उपस्थित अधिकारियों को सख्त और स्पष्ट निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि आम लोगों की शिकायतों का समाधान पूर्ण रूप से पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से होना चाहिए। सरकार ने स्पष्ट लक्ष्य तय किया है कि किसी भी आवेदक की समस्या का समाधान हर हाल में 30 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाए।

सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को कड़े लहजे में कहा कि सहयोग शिविर महज औपचारिकता नहीं हैं, बल्कि यह आम जनता तक त्वरित न्याय पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों से सहयोग शिविरों के जरिए बिना किसी देरी के त्वरित कार्रवाई करने का आह्वान किया।

सहयोग कार्यक्रम में अपनी बारी का इंतजार करते और अपनी समस्याओं के समाधान की आस में राज्य के दूर-दराज जिलों से पहुँचे आम नागरिक।

“हर एक आवाज सुनी जाएगी, जनता का विश्वास ही सबसे बड़ी ताकत”

कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं और आम नागरिकों को संबोधित करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा, “हर एक आवाज सुनी जाएगी। राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और सरकारी योजनाओं का ससमय लाभ पहुँचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

उन्होंने आगे कहा कि जनता का विश्वास ही सुशासन की सबसे बड़ी पूंजी और ताकत है। जब तक आम नागरिक को त्वरित राहत नहीं मिलती, तब तक व्यवस्था पूर्ण नहीं मानी जा सकती।

मंत्रिमंडल के सहयोगी भी रहे मुस्तैद

इस विशेष सहयोग कार्यक्रम में बिहार मंत्रिमंडल के अन्य मंत्रीगण भी अपने-अपने विभागों से जुड़े प्रशासनिक अमले के साथ मौजूद रहे। मंत्रियों ने भी अपने संबंधित विभागों से आई शिकायतों और आवेदनों की खुद सुनवाई की और अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।

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कार्यपालक अभियंता के चार ठिकानों पर छापेमारी, नोट गिनते-गिनते छूटे अफसरों के पसीने

विशेष संवाददाता, पटना : बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। लघु जल संसाधन विभाग के बांका प्रमंडल में तैनात कार्यपालक अभियंता हरेंद्र कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में पटना, बांका और वैशाली स्थित चार अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की गई। इस कार्रवाई से भ्रष्ट अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।

पटना स्थित आवास पर कार्यपालक अभियंता हरेंद्र कुमार के ठिकाने से बरामद नोटों के बंडलों की गिनती करते विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) के अधिकारी (बाएं) और छापेमारी के दायरे में आया आलीशान बहुमंजिला भवन (दाएं)।

गिनती के लिए लगाने पड़े 6 अफसर कार्रवाई के दौरान आरोपी कार्यपालक अभियंता के ठिकानों से भारी मात्रा में नगदी (कैश), सोने-चांदी के बहुमूल्य आभूषण और महंगी ब्रांडेड घड़ियां बरामद हुई हैं। बरामद कैश का ढेर इतना बड़ा था कि उसकी गिनती के लिए विशेष निगरानी इकाई को अलग से 6 अधिकारियों को लगाना पड़ा। नोटों को गिनने और कागजी दस्तावेजों को खंगालने में टीम को घंटों मशक्कत करनी पड़ी।

एक साथ चार ठिकानों पर दी दबिश विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) को कार्यपालक अभियंता हरेंद्र कुमार द्वारा अपने पद का दुरुपयोग कर वैध स्रोतों से कहीं अधिक अकूत संपत्ति अर्जित करने की सटीक गुप्त सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर मामला दर्ज करते हुए एसवीयू की अलग-अलग टीमों ने एक साथ उनके पटना, वैशाली और बांका स्थित परिसरों पर धावा बोला। छापेमारी के दौरान आवासों की तलाशी ली गई, जिसमें कई बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज, बैंक खाते और निवेश से जुड़े कागजात भी हाथ लगे हैं।

बैंक खातों और बेनामी जायदाद की जांच जारी एसवीयू के सूत्रों के अनुसार, जब्त किए गए दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। जांच अधिकारियों को अंदेशा है कि मिले हुए कागजातों से कई अन्य बेनामी संपत्तियों और जमीन-जायदाद में किए गए बड़े निवेश का खुलासा हो सकता है। आरोपी अधिकारी के बैंक लॉकरों और वित्तीय लेन-देन को भी खंगाला जा रहा है, जिससे अवैध कमाई का वास्तविक आंकड़ा और बढ़ सकता है।

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लोकतंत्र के महापर्व की गूंज: मुजफ्फरपुर में वोटरों को जगाने उतरी ईएलसी , डीएम कुमार गौरव ने दिलाई निष्पक्ष मतदान की शपथ!

मुजफ्फरपुर, 11 अगस्त 2026 :आगामी चुनावों को लेकर मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। मंगलवार को समाहरणालय सभागार में लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने और शत-प्रतिशत मतदान सुनिश्चित करने के मकसद से एक बेहद आकर्षक एवं वृहत निर्वाचक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिला पदाधिकारी कुमार गौरव की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम ने पूरे शहर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

मुजफ्फरपुर समाहरणालय सभागार में निर्वाचन साक्षरता क्लब के तत्वाधान में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों, शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं को मतदान की शपथ दिलाते जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिला पदाधिकारी कुमार गौरव व उप निर्वाचन पदाधिकारी सत्यप्रिय कुमार।

सभागार में गूंजा संकल्प, अधिकारियों और युवाओं ने हाथ उठाकर ली शपथ

निर्वाचन साक्षरता क्लब (ईएलसी) के तत्वाधान में आयोजित इस ओरिएंटेशन कार्यक्रम में समाहरणालय का सभागार पूरी तरह खचाखच भरा रहा। कार्यक्रम के दौरान जिला निर्वाचन पदाधिकारी कुमार गौरव ने अधिकारियों, शिक्षकों और छात्रों को निष्पक्ष, भयमुक्त और जागरूक मतदान की सामूहिक शपथ दिलाई। तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह हाथ आगे बढ़ाकर सभी प्रतिभागियों ने देश के प्रति अपने लोकतांत्रिक कर्तव्य को निभाने का संकल्प दोहराया।

युवाओं में दिखा अभूतपूर्व उत्साह, प्रतियोगिता से बनी बात

उप निर्वाचन पदाधिकारी सत्यप्रिय कुमार के कुशल पर्यवेक्षण में जिला निर्वाचन विभाग की टीम ने मतदाताओं को प्रेरित करने के लिए कई नवाचारी गतिविधियों को धरातल पर उतारा। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न परिसरों से आए छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, प्राध्यापकों, ईआरओ (निर्वाचन निबंधन पदाधिकारियों) एवं अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

विशेष रूप से छात्राओं के बीच निर्वाचन प्रक्रिया के विविध पहलुओं पर:

  • क्विज (प्रश्नोत्तर) प्रतियोगिता
  • पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता

का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं के जरिए छात्राओं ने अपनी रचनात्मकता और ज्ञान का शानदार प्रदर्शन किया। समाहरणालय परिसर में दिनभर युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।

डीएम कुमार गौरव का कड़ा संदेश

अपने संबोधन में जिला निर्वाचन पदाधिकारी कुमार गौरव ने जोर देकर कहा कि एक-एक वोट लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने निर्वाचन साक्षरता क्लब (ईएलसी) के प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि वे हर घर, हर शैक्षणिक संस्थान और समाज के अंतिम व्यक्ति तक मतदान का संदेश पहुंचाएं ताकि कोई भी मतदाता अपने अधिकार से वंचित न रहे।

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18 साल की उम्र में चूमा था फांसी का फंदा, 11 अगस्त की भोर में भावुक हुआ मुजफ्फरपुर, कारागार से लेकर स्मारक तक गूंजा अमर शहीद का नाम

विशेष संवाददाता, मुजफ्फरपुर: भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सबसे महान नायकों में से एक अमर शहीद खुदीराम बोस के शहादत दिवस पर 11 अगस्त की सुबह पूरा शहर देशभक्ति के रंगों और भावपूर्ण श्रद्धांजलि में डूब गया। महज 18 वर्ष की आयु में मातृभूमि की वेदी पर हंसते-हंसते अपने प्राणों की आहुति देने वाले इस वीर क्रांतिकारी की शहादत को नमन करने के लिए केंद्रीय कारागार मुजफ्फरपुर से लेकर अमर शहीद खुदीराम बोस स्मारक तक प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों का जमावड़ा लगा रहा।

अमर शहीद खुदीराम बोस के शहादत दिवस के अवसर पर मुजफ्फरपुर स्थित स्मारक स्थल एवं केंद्रीय कारागार में शहीद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त, एवं अन्य प्रशासनिक व पुलिस पदाधिकारी।

फांसी स्थल और सेल में दी गई श्रद्धांजलि

11 अगस्त की अहले सुबह केंद्रीय कारागार मुजफ्फरपुर में विशेष श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) / पुलिस महानिरीक्षक (आईजी), मुजफ्फरपुर के जिला अधिकारी (डीएम) और वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सहित तमाम प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया।

अमर शहीद खुदीराम बोस के शहादत दिवस के अवसर पर मुजफ्फरपुर स्थित स्मारक स्थल एवं केंद्रीय कारागार में शहीद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते जिला अधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक एवं अन्य प्रशासनिक व पुलिस पदाधिकारी।

सभी वरिष्ठ अधिकारियों ने केंद्रीय कारा स्थित उस ऐतिहासिक सेल का दौरा किया जहां शहीद खुदीराम बोस ने अपनी अंतिम रात बिताई थी। इसके बाद अधिकारियों ने उनके फांसी स्थल और सेल परिसर में स्थित प्रतिमा पर पुष्प एवं मालाएं अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण नमन किया। कारागार परिसर का वातावरण स्वतंत्रता सेनानी के जयकारों और राष्ट्रभक्ति की गूंज से भक्तिमय हो उठा।

स्मारक स्थल पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

केंद्रीय कारागार के कार्यक्रम के पश्चात मुजफ्फरपुर स्थित अमर शहीद खुदीराम बोस स्मारक स्थल पर भी पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला अधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक के साथ-साथ पुलिस महकमे और नागरिक प्रशासन के कई पदाधिकारियों ने शहीद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनकी शहादत को नमन किया।

अधिकारियों ने कहा कि महान क्रांतिकारी खुदीराम बोस का सर्वस्व बलिदान आज भी देश के करोड़ों युवाओं के दिलों में देशभक्ति, स्वाभिमान और राष्ट्र सेवा की अलख जगाता है। उनकी शहादत से आने वाली पीढ़ियां हमेशा देश के लिए समर्पित रहने की प्रेरणा लेती रहेंगी।

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