पटना: पटना पुलिस ने कानून व्यवस्था को मजबूत करते हुए अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी जीत हासिल की है। पुलिस द्वारा प्रस्तुत ठोस साक्ष्यों और समयबद्ध तरीके से दाखिल की गई चार्जशीट के दम पर, माननीय न्यायालयों ने दो अलग-अलग मामलों में दोषियों को कड़ी सजा सुनाई है। इस कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि पटना में अपराध करने वाले किसी भी हाल में कानून के शिकंजे से बच नहीं पाएंगे।

पॉक्सो एक्ट के आरोपी को 12 साल की कठोर कैद
NTPC थाना काण्ड (संख्या 42/24) के मामले में, न्यायालय (ADJ- 22 CUM SPL. RAPE & POCSO PATNA) ने अभियुक्त राजीव कुमार को गंभीर धाराओं में दोषी ठहराया है। अदालत ने पुलिस द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों को आधार मानते हुए बड़ा फैसला सुनाया:
- POCSO एक्ट की धारा 4(2): 12 वर्ष का कठोर कारावास और 50,000 रुपये का अर्थदण्ड। (जुर्माना न भरने पर 01 वर्ष की अतिरिक्त सजा)।
- IPC की धारा 366: 06 वर्ष का कठोर कारावास और 10,000 रुपये का अर्थदण्ड। (जुर्माना न भरने पर 06 माह की अतिरिक्त सजा)।
अवैध हथियार के खिलाफ सख्त कार्रवाई
वहीं, दूसरे मामले में नेउरा थाना काण्ड (संख्या 148/24) के तहत, माननीय न्यायालय (ACJM- IV, DANAPUR) ने अभियुक्त हरेन्द्र कुमार को अवैध हथियार रखने और इस्तेमाल के जुर्म में सजा सुनाई है:
- Arms Act की धारा 25(1-b) a: 03 वर्ष का साधारण कारावास और 5,000 रुपये का अर्थदण्ड। (जुर्माना न भरने पर 03 माह की अतिरिक्त सजा)।
- Arms Act की धारा 26: 02 वर्ष का साधारण कारावास और 3,000 रुपये का अर्थदण्ड। (जुर्माना न भरने पर 02 माह की अतिरिक्त सजा)।
पटना पुलिस की ‘जीरो टॉलरेंस‘ नीति का असर
पटना पुलिस की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, इन मामलों में पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को मजबूती से न्यायालय के समक्ष रखा। इसी मजबूत पैरवी का परिणाम है कि कम समय में ही आरोपियों को कड़ी सजा मिल सकी। यह कार्रवाई उन सभी लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश करते हैं।
पुलिस प्रशासन ने एक बार फिर दोहराया है कि समाज में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपराधियों पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।




