पटना/मुजफ्फरपुर/भागलपुर। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे महा-अभियान में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो को बड़ी सफलता हाथ लगी है। ब्यूरो की ‘डेडलाइन’ और पुलिसिया दबिश के आगे नतमस्तक होकर, सालों से फरार चल रहे 13 शातिर अभियुक्तों ने खुद को कानून के हवाले कर दिया है। ये वो चेहरे हैं जिन्होंने सरकारी पदों पर रहते हुए न केवल भ्रष्टाचार किया, बल्कि वर्षों तक अदालती कार्यवाही से भी भागते रहे।

सालों पुराना हिसाब, अब होगा चुकता
इन अभियुक्तों में कोई 1997 से फरार था तो कोई 2010 से। निगरानी ब्यूरो ने फरवरी और मार्च 2026 में विशेष रणनीति के तहत इन पर शिकंजा कसा। ब्यूरो ने साफ चेतावनी दी थी कि “या तो मार्च अंत तक सरेंडर करो, वरना अप्रैल में वह कार्रवाई होगी जो नजीर बन जाएगी।” नतीजा यह हुआ कि पद का दुरुपयोग करने वाले 07 और रंगे हाथ रिश्वत (ट्रैप) में फंसे 06 आरोपियों ने चुपचाप कोर्ट में आत्मसमर्पण करना ही बेहतर समझा।
सरेंडर करने वाले अभियुक्तों की पूरी सूची (नाम और पदनाम):
| क्र.सं. | अभियुक्त का नाम व पता | मामला/कांड संख्या | अपराध की प्रकृति |
| 1. | बब्लू सिंह, पिता- रामेश्वर सिंह, बेगूसराय | 32/09 | पद का भ्रष्ट दुरुपयोग |
| 2. | राम अवतार राम, पिता- स्व. ग्रहण राम, रोहतास | 67/17 | पद का भ्रष्ट दुरुपयोग |
| 3. | हरेन्द्र राम, तत्कालीन क्षेत्रीय संगठन, छपरा | 22/97 | पद का भ्रष्ट दुरुपयोग |
| 4. | अमरेश झा ‘अमर‘, पिता- कृष्णकांत झा, वैशाली | 03/10 | पद का भ्रष्ट दुरुपयोग |
| 5. | राज कुमार, पिता- स्व. रामनाथ प्रसाद, लखीसराय | 103/17 | ट्रैप (रंगे हाथ रिश्वत) |
| 6. | शारदा प्रसाद सिंह, अध्यक्ष, नोनसर पैक्स, भागलपुर | 06/06 | ट्रैप (रंगे हाथ रिश्वत) |
| 7. | रविन्द्र प्रसाद, तत्कालीन थाना प्रभारी, समस्तीपुर | 74/09 | पद का भ्रष्ट दुरुपयोग |
| 8. | सुनील कुमार राय, मुजफ्फरपुर न्यायालय | 64/16 | ट्रैप (रंगे हाथ रिश्वत) |
| 9. | मनीष कुमार, मुजफ्फरपुर न्यायालय | 11/25 | ट्रैप (रंगे हाथ रिश्वत) |
| 10. | वीरेन्द्र प्रसाद मंडल, मुजफ्फरपुर न्यायालय | 17/99 | पद का भ्रष्ट दुरुपयोग |
| 11. | डॉ. विजय कुमार सिंह, सिविल सर्जन, जहानाबाद | 11/2020 | ट्रैप (रंगे हाथ रिश्वत) |
| 12. | रिंकू देवी उर्फ कृष्णावती देवी, पति- सनोज पासवान, रोहतास | 85/10 | पद का भ्रष्ट दुरुपयोग |
| 13. | प्रणव कुमार उर्फ कुमार प्रणव, पिता- स्व. मिथिलेश सिंह, मुजफ्फरपुर | 29/23 | ट्रैप (रंगे हाथ रिश्वत) |
ब्यूरो की दोटूक: “अभी तो यह शुरुआत है”
निगरानी ब्यूरो के अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में ‘ट्रायल’ की प्रक्रिया अब और तेज होगी। फरार अभियुक्तों की संपत्ति कुर्क करने और उन पर चौतरफा दबाव बनाने की रणनीति तैयार है। इस सरेंडर के बाद अब विभाग इन आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में सख्त पैरवी कर इन्हें सजा दिलाने की तैयारी में है।





