मुजफ्फरपुर 23 अगस्त 2026 । अहियापुर थाना क्षेत्र में भू-माफियाओं और दबंगों का दुस्साहस इस कदर बढ़ गया कि कानून की धज्जियां उड़ाते हुए दर्जनों निर्माणाधीन मकानों और चहारदीवारी को जेसीबी (JCB) तथा थार गाड़ियों से ढा दिया गया। पीड़ितों से सीधी मारपीट की गई और साफ कह दिया गया— “यदि इस जमीन पर रहना है तो ‘बॉस‘ को पैसा देना ही होगा।” इस घटना की गंभीरता को देखते हुए रविवार को मुजफ्फरपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) ने दल-बल के साथ अहियापुर थाना क्षेत्र के झांपी/झंझारपुर स्थित घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पीड़ित पक्षों से आमने-सामने बातचीत की, उनकी समस्याओं व आपबीती को सुना और स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा विधि-व्यवस्था कायम रखने हेतु पुलिस अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए।

विधायक के बैरिया स्थित आवास पर सर्च वारंट लेकर पहुंची पुलिस
इस पूरे आपराधिक घटनाक्रम में बेलसंड के विधायक अमित रानू की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है, जबकि उनके भाई सोनू सिंह उर्फ अभिनव को मामले में नामजद किया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए माननीय न्यायालय से विधायक अमित रानू और उनके भाई सोनू सिंह उर्फ अभिनव (पिता- प्रदीप सिंह) के विरुद्ध विधिवत सर्च वारंट प्राप्त किया। इसके बाद पुलिस टीम ने विधायक के बैरिया स्थित आवास पर सर्च अभियान चलाया। छापेमारी के दौरान पुलिस को विधायक के घर से पार्टनरशिप के एग्रीमेंट पेपर बैंक अकाउंट विवरण तथा 2017 के हस्ताक्षरित ब्लैंक स्टाम्प पेपर बरामद हुए हैं, जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया है।

क्या था पूरा मामला?
20 अगस्त 2026 को स्कॉर्पियो, थार, जेसीबी मशीन और दर्जनों मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए करीब 50 से अधिक उपद्रवियों ने झांपी, अहियापुर में जमीनों पर किए गए निर्माण को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। हमलावरों के एक वाहन पर राजनीतिक पार्टी (लोजपा आर) का बोर्ड लगा हुआ था। जब स्थानीय निवासियों और जमीन मालिकों ने इसका विरोध किया, तो दबंगों ने उनके साथ जमकर मारपीट की, जमीन खाली करने की धमकी दी और रंगदारी (बॉस के नाम पर पैसा) की मांग की।

अब तक 2 गिरफ्तार, 12 अन्य पीड़ितों ने दर्ज कराई एफआईआर
घटना के संबंध में पीड़ित और वादी प्रहलाद कुमार (थाना- औराई, जिला- मुजफ्फरपुर) के लिखित आवेदन पर अहियापुर थाना में कांड संख्या 1323/26 दर्ज की गई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देशन, नगर पुलिस अधीक्षक और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (नगर-02) के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें थानाध्यक्ष अहियापुर भी शामिल थे।
गठित टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर 2 नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है:
- सुमित कुमार श्रीवास्तव (पिता- स्व. कृष्णा कुमार श्रीवास्तव, साकिन- नरियार, थाना- मोतीपुर)
- सन्नी सिंह (पिता- अश्विनी कुमार, साकिन- बैरिया, सरस्वती नगर, थाना- अहियापुर)
इसके अलावा घटना के बाद 12 अन्य पीड़ितों ने भी अपने आवेदन पुलिस को सौंपे हैं, जिसके आधार पर अहियापुर थाने में नई प्राथमिकियां दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

संपत्ति जप्त करने की होगी कार्रवाई: एसएसपी
मुजफ्फरपुर पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घटना में शामिल सभी भू-माफियाओं और अपराधियों की गिरफ्तारी जल्द से जल्द सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही दोषी भू-माफियाओं के खिलाफ बीएनएसएस की धारा 107 के तहत संपत्ति जब्ती की कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गिरफ्तार अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है।

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