समस्तीपुर : पूर्णिमा एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य में सरायरंजन स्थित ऐतिहासिक केएसआर कॉलेज के अस्तित्व पर मंडरा रहे खतरे को लेकर छात्रों का गुस्सा अब चरम पर पहुंच गया है। कॉलेज भवन को ध्वस्त होने से बचाने, जिले में सख्त कोचिंग एक्ट लागू करने सहित कई अन्य ज्वलंत शैक्षणिक मांगों को लेकर एनएसयूआई के कार्यकर्ता पिछले 20 अगस्त से समस्तीपुर जिलाधिकारी (डीएम) कार्यालय के समक्ष स्थित सरकारी बस स्टैंड परिसर में अनिश्चितकालीन अनशन पर डटे हुए हैं।

रविवार को इस आंदोलन ने उस समय एक नया मोड़ ले लिया जब आइसा के जिला प्रभारी सह माकपा माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह अपनी पूरी आइसा टीम के साथ अनशन स्थल पहुंचे। उन्होंने अनशन पर बैठे आंदोलनकारियों से मुलाकात कर उनके जज्बे को सराहा और इस लड़ाई में अपना पूर्ण और जोरदार समर्थन देने का ऐलान किया।

धारावाहिक आंदोलन चलाने की रणनीति पर विचार-विमर्श
माकपा माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने अनशन स्थल पर मौजूद एनएसयूआई कार्यकर्ताओं और छात्र नेताओं से अनशन आंदोलन को और अधिक प्रभावी एवं सफल बनाने हेतु रणनीतिक चर्चा की। इस दौरान दोनों छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच इस बात पर गंभीर सलाह-मशवरा हुआ कि यदि प्रशासन और सरकार जल्द ही उनकी मांगों पर संज्ञान नहीं लेती है, तो इस आंदोलन को उग्र रूप देते हुए जिले भर में चरणबद्ध और धारावाहिक आंदोलन की श्रृंखला चलाई जाएगी।

सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि शिक्षा और शिक्षण संस्थानों को नुकसान पहुंचाकर किसी भी विकास कार्य का औचित्य साबित नहीं किया जा सकता। केएसआर कॉलेज सरायरंजन क्षेत्र के हजारों युवाओं के भविष्य का केंद्र है, जिसे किसी भी कीमत पर एक्सप्रेसवे निर्माण की बलि नहीं चढ़ने दिया जाएगा। साथ ही, उन्होंने कोचिंग मंडियों में हो रही अनियमितताओं पर लगाम लगाने के लिए कोचिंग एक्ट को तत्काल प्रभाव से लागू करने की मांग की।
इस मौके पर आइसा और एनएसयूआई से जुड़े कई प्रमुख कार्यकर्ता व छात्र नेता उपस्थित थे, जिन्होंने एक स्वर में मांगें पूरी न होने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।

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