Friday, October 30, 2026

बिहार विधान परिषद में बड़ा राजनीतिक उलटफेर: अवधेश नारायण सिंह के इस्तीफे के बाद रामवचन राय बने नए सभापति!

विशेष संवाददाता, पटना। बिहार की राजनीति और प्रशासनिक गलियारे से इस वक्त की सबसे बड़ी और धमाकेदार खबर सामने आ रही है। बिहार विधान परिषद को नया सभापति मिल गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता अवधेश नारायण सिंह के 28 सितंबर को अचानक पद से इस्तीफा देने के तुरंत बाद उपसभापति डॉ. रामवचन राय को बिहार विधान परिषद के नए सभापति की जिम्मेदारी सौंप दी गई है।

बिहार विधान परिषद के नए सभापति पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद अपने कार्यालय कक्ष में मीडिया कर्मियों को संबोधित करते डॉ. रामवचन राय।

बिहार विधान परिषद सचिवालय ने इस संबंध में औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी है। सचिवालय द्वारा जारी अधिसूचना संख्या वि.प.अ.प्र.-159/2024-2610(1)/वि.प. के अनुसार, भारत के संविधान के अनुच्छेद-184(1) के तहत उपसभापति प्रो. (डॉ.) रामवचन राय 28 सितंबर 2026 के प्रभाव से सभापति के रूप में कर्तव्यों का पालन कर रहे हैं। इस आधिकारिक आदेश पर बिहार विधान परिषद के सचिव शिव गोपाल मिश्र के हस्ताक्षर हैं।

एनडीए नेतृत्व का जताया आभार, कहा- ‘पूरी निष्ठा से निभाऊंगा कर्तव्य‘

अपनी नई और अहम जिम्मेदारी संभालने के बाद विधान परिषद के नए सभापति रामवचन राय ने एनडीए के शीर्ष और वरिष्ठ नेतृत्व के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें संगठन और सरकार की ओर से जो भी जिम्मेदारी सौंपी जाती है, उसे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाना उनका प्राथमिक कर्तव्य है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि बिहार विधान परिषद एक अत्यंत गौरवशाली, प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक संवैधानिक संस्था है। वे इस गरिमामय पद की मर्यादा, उच्च लोकतांत्रिक परंपराओं और जिम्मेदारी को उसी गौरवमयी भावना के साथ आगे बढ़ाएंगे।

अधिसूचना की प्रतियां उच्च अधिकारियों को प्रेषित

सचिव शिव गोपाल मिश्र द्वारा जारी अधिसूचना ज्ञापांक वि.प.अ.प्र.-159/2024-2611(1)/वि.प. के माध्यम से इसकी प्रतियां राज्यपाल के प्रधान सचिव, मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, महालेखाकार, बिहार विधान सभा, लोक सभा व राज्य सभा के महासचिव, तथा सभी जिला पदाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी गई हैं।

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2 अक्टूबर को फतेहपुर में आर-पार की लड़ाई! भूमिहीनों के हक और रोजगार के लिए हुंकार भरेगा खेग्रामस

ताजपुर (समस्‍तीपुर) 29 सितंबर 2026:  अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) और भाकपा माले ने ग्रामीण गरीबों और भूमिहीनों के अधिकारों की रक्षा के लिए आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। आगामी 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर ताजपुर प्रखंड के फतेहपुर पंचायत भवन पर एक धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इस जोरदार आंदोलन को लेकर प्रशासन को अल्टीमेटम दे दिया गया है।

अंचल कार्यालय ताजपुर के बाहर मांगों का ज्ञापन सौंपने के बाद अधिकारियों को दी गई लिखित सूचना पत्र की प्रति दिखाते हुए खेग्रामस एवं भाकपा माले के प्रतिनिधि और कार्यकर्ता।

मंगलवार को खेग्रामस प्रखंड सचिव प्रभात रंजन गुप्ता और भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने अंचल कार्यालय पहुंचकर प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) तथा अंचलाधिकारी (सीओ) को संयुक्त रूप से लिखित ज्ञापन सौंपा और आंदोलन की आधिकारिक सूचना दी।

इन मुख्य मांगों को लेकर गरमाएगा माहौल:

  1. भूमिहीनों को जमीन का पर्चा: वर्षों से भूमिहीन जीवन जी रहे परिवारों को जमीन का पर्चा और मालिकाना हक दिलाना।
  2. सरकारी जमीन पर बसे परिवारों का अधिकार: सरकारी भूमि पर बसे गरीब परिवारों को बेदखल करने के बजाय उन्हें कानूनी अधिकार प्रदान करना।
  3. रोजगार और उचित मजदूरी: जीरामजी योजना के तहत जरूरतमंदों को काम उपलब्ध कराना, मजदूरों के लिए नियमित रोजगार की व्यवस्था करना और काम का उचित पारिश्रमिक सुनिश्चित करना।

बैठक में हुंकार, एकजुटता की अपील:

धरना-प्रदर्शन को ऐतिहासिक और सफल बनाने के लिए आयोजित तैयारी बैठक में कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। बैठक की अध्यक्षता खेग्रामस प्रखंड सचिव प्रभात रंजन गुप्ता ने की, जबकि संचालन भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने किया।

बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण गरीबों की वर्षों से लंबित समस्याओं के समाधान के लिए अब केवल संगठित संघर्ष ही एकमात्र रास्ता बचा है। नेताओं ने प्रखंड क्षेत्र के सभी भूमिहीनों, सरकारी जमीन पर बसे परिवारों, पर्चाधारियों और ग्रामीण मजदूरों से 2 अक्टूबर को भारी संख्या में फतेहपुर पंचायत भवन पहुंचकर अपनी आवाज बुलंद करने का आह्वान किया।

इस तैयारी बैठक में ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, प्रमोद साह, राजेंद्र साह, संजीव राय, राजेश कुमार, सुनीता देवी और संजय कुमार सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने अपनी बात रखी और आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया।

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निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कारवाई : औरंगाबाद में 10,000 रुपये रिश्वत लेते महिला अधिकारी कांति कुमारी रंगे हाथ गिरफ्तार,

विशेष संवाददाता, औरंगाबाद: औरंगाबाद में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए समाहरणालय स्थित महिला एवं बाल विकास निगम सखी वन स्टॉप सेंटर सह महिला हेल्पलाइन की केंद्र प्रशासक सह परियोजना प्रबंधक कांति कुमारी को 10,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई 28 सितंबर 2026 को समाहरणालय परिसर स्थित उनके कार्यालय कक्ष में धावादल द्वारा अंजाम दी गई।

औरंगाबाद के वन स्टॉप सेंटर कार्यालय से 10,000 रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार केंद्र प्रशासक कांति कुमारी (लाल घेरे में) निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की महिला पुलिस उपाधीक्षक रिश्तिा स्नेहा और टीम के साथ।

क्या है पूरा मामला?

निगरानी विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, सिकरिया मणियार (पोस्ट- काला पहाड़ तेन्दुआ, थाना- टण्डवा, जिला- औरंगाबाद) निवासी पूनम देवी (पति- राजेन्द्र सिंह) ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के पटना स्थित कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायतकर्ता ने बताया कि उनकी पट्टीदार पूजा देवी ने महिला एवं बाल विकास निगम सखी वन स्टॉप सेंटर, औरंगाबाद में पूनम देवी और उनके अन्य 5 परिजनों के विरुद्ध खाली जमीन में कचरा फेंकने और पानी बहाने का आवेदन दिया था। इस मामले की जांच रिपोर्ट को पूनम देवी (परिवादिनी) के पक्ष में लिखने के एवज में केंद्र प्रशासक कांति कुमारी द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी।

निगरानी का शिकंजा और महिला अफसरों की स्पेशल टीम

शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग द्वारा मामले का सत्यापन कराया गया, जिसमें रिश्वत मांगे जाने का प्रमाण सही पाया गया। इसके बाद 25 सितंबर 2026 को निगरानी थाना कांड संख्या- 114/26 दर्ज किया गया। अनुसंधानकर्ता शाहनवाज रिजवी (पुलिस निरीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो) के अनुरोध पर पुलिस उपाधीक्षक रिश्तिा स्नेहा के नेतृत्व में एक विशेष धावादल का गठन किया गया।

क्योंकि मामले में वादी और अभियुक्त दोनों महिलाएं थीं, इसलिए इस ट्रैप ऑपरेशन को पूरी तरह गुप्त और सफल बनाने के लिए महिला पुलिस अधिकारियों की विशेष टीम तैनात की गई। इसमें महिला पुलिस उपाधीक्षक रिश्तिा स्नेहा, महिला पुलिसकर्मी रिंकू कुमारी, रूबी कुमारी और सोनम कुमारी शामिल थीं।

जैसे ही पूनम देवी ने 10,000 रुपये की राशि कांति कुमारी को दी, निगरानी की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें उनके कार्यालय कक्ष से रंगे हाथ धर दबोचा। पूछताछ के उपरांत अभियुक्ता को विशेष न्यायालय, निगरानी, पटना में उपस्थापित किया जाएगा।

वर्ष 2026 में निगरानी का 104वां ट्रैप केस

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के विरुद्ध यह 114वीं प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई है। इसमें यह ट्रैप संबंधी 104वां कांड है, जिसमें अब तक कुल 104 अभियुक्तों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है। इस दौरान रिश्वत की कुल बरामद राशि 37,47,800 रुपये तथा एक नया वाशिंग मशीन (कीमत 37,000 रुपये) है।

उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष 2025 में कुल 101 ट्रैप कांड दर्ज किए गए थे और रिश्वत की 37,80,300 रुपये राशि बरामद की गई थी।

भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी ब्यूरो की अपील

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी लोक सेवक (सरकारी पदाधिकारी या कर्मी) काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो तुरंत निम्नलिखित माध्यमों पर शिकायत दर्ज कराएं:

  • लैंडलाइन नंबर: 0612-2215030, 0612-2215032, 0612-2215033, 0612-2215036, 0612-2215037, 0612-2999752
  • हेल्पलाइन नंबर: 0612-2215344
  • मोबाइल नंबर: 7765953261
  • व्हाट्सएप नंबर: 9473494167
  • ई-मेल: spvig-bih@nic.in
  • पता: निगरानी अन्वेषण ब्यूरो बिहार, पटना, 6 सकुलर रोड पटना

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सकरा में बेखौफ बदमाशों का तांडव: सिहो चौक पर बंदूक की नोक पर ज्वेलरी दुकान से गहने लूटे, इलाके में दहशत!

सिहो चौक पर दिनदहाड़े वारदात से मची सनसनी, दुकान में ग्राहक बनकर घुसे थे हथियारबंद दो शातिर अपराधी

सकरा (मुजफ्फरपुर): सकरा थाना क्षेत्र में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब उन्हें पुलिस और कानून का कोई खौफ नहीं रहा। मंगलवार की दोपहर सकरा थाना क्षेत्र के व्यस्ततम सिहो चौक पर दिनदहाड़े हथियारबंद बदमाशों ने एक बड़ी वारदात को अंजाम देकर पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। बदमाशों ने सिहो चौक स्थित गणपति लक्ष्मी ज्वेलर्स में धावा बोलकर बंदूक की नोक पर लगभग 2.5 से 3 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण लूट लिए और आराम से फरार हो गए। इस दुस्साहसिक घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश एवं दहशत का माहौल है।

सकरा के सिहो चौक स्थित घटनास्थल पर पहुंचकर छानबीन करती पुलिस टीम और जुटी स्थानीय लोगों की भीड़।

ग्राहक बनकर आए और तान दी पिस्तौल

मिली जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 1:00 बजे दो अज्ञात बदमाश आम खरीदार बनकर ‘गणपति लक्ष्मी ज्वेलर्स’ की दुकान में दाखिल हुए। दुकान पर पहुंचते ही बदमाशों ने दुकानदार से सोने की नथिया, कान की बाली और अंगूठी दिखाने को कहा। दुकानदार बदमाशों को असली ग्राहक समझकर जेवर दिखाने लगा और जैसे ही उसने जेवर का डिब्बा काउंटर पर रखा, तभी एक बदमाश ने अचानक अपनी कमर से पिस्तौल निकाल ली। बदमाश ने दुकानदार को जान से मारने की धमकी देकर हथियार के बल पर बंधक बना लिया। इसके बाद दोनों अपराधी पलक झपकते ही दुकान में रखे लगभग 2.5 से 3 लाख रुपये के कीमती आभूषण समेटकर मौके से फरार हो गए।

सीसीटीव (CCTV) फुटेज खंगालने में जुटी पुलिस

घटना की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम बल-बूते के साथ सिहो चौक पर पहुंची और मामले की छानबीन में जुट गई। पुलिस आसपास की दुकानों और रास्तों पर लगे सीसीटीव (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि बदमाशों की पहचान की जा सके और उनके भागने की दिशा का पता लगाया जा सके।

पुलिस अधिकारी का बयान

मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ), पूर्वी-02, मुजफ्फरपुर मनोज कुमार सिंह ने घटनास्थल और पुलिस कार्रवाई का जायजा लिया। प्रेस और मीडिया को जानकारी देते हुए मनोज कुमार सिंह ने बताया:

“गणपति लक्ष्मी ज्वेलर्स नाम की दुकान है, जहाँ दो अपराधी आज करीब 1:00 बजे के आसपास दोपहर में आए थे। उन्होंने दुकानदार से नथिया, कान का बाली, अँगूठी ये सब दिखाने के लिए माँगा। जैसे ही दुकानदार ने सामान ला करके उन लोगों को देखने के लिए दिया, वैसे ही दूसरे अपराधी ने पिस्टल निकाला और धमकाते हुए वो गहना लेकर के फरार हो गए। गहना लगभग 2.5 से 3 लाख रुपये का बताया जा रहा है। हम लोग लगातार अनुसंधान और कार्रवाई कर रहे हैं।”

पुलिस दावा कर रही है कि जल्द ही अपराधियों को चिन्हित कर गिरफ्तार कर लिया जाएगा और लूटे गए सामान की बरामदगी की जाएगी। हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर स्थानीय पुलिस की गश्ती और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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मुजफ्फरपुर में  मनोरंजन बैंक के नोटों से पैसे दोगुना करने का झांसा देने वाला शातिर गिरोह बेनकाब, 06 गिरफ्तार

मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में पुलिस ने ठगी के एक बड़े और अनोखे मामले का खुलासा किया है। जिले के मोतीपुर थाना क्षेत्र में मनोरंजन बैंक के कूपन नोटों की गड्डियों के सहारे भोले-भाले लोगों को अपनी जाल में फंसाकर रुपये दोगुना करने का लालच देने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए कुल 06 शातिर अभियुक्तों को धर दबोचा है।

मुजफ्फरपुर में प्रेस वार्ता के दौरान मामले की जानकारी देते ग्रामीण पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह प्रभाकर तथा गिरफ्त में आए शातिर अपराधी।

इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा करते हुए ग्रामीण पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह प्रभाकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह पूरा गोरखधंधा काफी शातिर तरीके से चलाया जा रहा था।

स्कॉर्पियो गाड़ी से घूम रहे थे ठग, गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई

पुलिस को दिनांक 27.09.2026 को मोतीपुर थाना पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली थी कि एक स्कॉर्पियो वाहन पर सवार होकर कुछ संदिग्ध व्यक्ति मोतीपुर बाजार एवं बस स्टैंड क्षेत्र में घूम रहे हैं। ये लोग भारतीय मुद्रा जैसी दिखने वाली, लेकिन असल में ‘मनोरंजन बैंक’ अंकित कूपन नोटों का इस्तेमाल कर आम नागरिकों को अपने झांसे में ले रहे थे और उन्हें ठगने का प्रयास कर रहे थे।

सूचना की गंभीरता को देखते हुए मोतीपुर थाना पुलिस और विशेष कार्य बल (एसटीएफ) की टीम ने संयुक्त रूप से त्वरित और आक्रामक कार्रवाई की। पुलिस बल ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर स्कॉर्पियो वाहन और संदिग्धों को चारों तरफ से घेर लिया।

पुलिस को देख भागने की कोशिश, पर चारों तरफ से दबोचे गए 6 शातिर

घेराबंदी देखकर वाहन में सवार कुछ बदमाशों ने मौके से भागने की भरपूर कोशिश की, लेकिन पुलिसकर्मियों की मुस्तैदी और तत्परता के चलते वे कामयाब नहीं हो सके। पुलिस ने मौके से ही सभी 06 आरोपियों को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:

  1. साधु सहनी (थाना कोटवा, जिला पूर्वी चंपारण)
  2. कृष्ण पटेल (थाना कोटवा, जिला पूर्वी चंपारण)
  3. राहुल कुमार सिंह (थाना कोटवा, जिला पूर्वी चंपारण)
  4. वीरेंद्र पासवान (थाना कोटवा, जिला पूर्वी चंपारण)
  5. सुरेश राय (थाना कोटवा, जिला पूर्वी चंपारण)
  6. मो. साबीर (थाना मड़वन/मनियारी, जिला मुजफ्फरपुर)

असली नोटों के नीचे छिपाए जाते थे मनोरंजन बैंक के कूपन

गिरफ्तार अभियुक्तों से जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उन्होंने इस सनसनीखेज ठगी के पूरे खेल से पर्दा उठा दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि वे लोग मनोरंजन बैंक के कूपन नोटों की गड्डियों के ठीक ऊपर और नीचे असली भारतीय मुद्रा (करेंसी) के नोट चिपका देते थे या रख देते थे। इसके बाद वे भोले-भाले लोगों को अपने झांसे में लेते थे और उन्हें रुपये दोगुना करने या बहुत कम समय में बड़ा मुनाफा कमाने का लालच देकर ठगी का शिकार बनाते थे।

पूर्व सैनिक भी निकला इस गिरोह का शातिर खिलाड़ी

पूछताछ के दौरान पुलिस को एक और चौकाने वाली बात पता चली। गिरफ्तार आरोपियों में शामिल सुरेश राय के पास से पुलिस ने एक वर्दी और टोपी भी बरामद की है। छानबीन में यह बात सामने आई कि सुरेश राय सेवानिवृत्त बिहार गृह रक्षा वाहिनी (होमगार्ड) बल का कर्मी है, जो इस तरह के आपराधिक कृत्य में संलिप्त पाया गया।

प्राथमिकी दर्ज, बाकी की तलाश जारी

पुलिस प्रशासन द्वारा इस संबंध में मोतीपुर थाने में सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आगे की कानूनी कार्रवाई तेजी से की जा रही है। साथ ही, इस गिरोह के फरार चल रहे अन्य सदस्यों की पहचान करने और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

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अजगैबीनाथ धाम और सोनपुर एयरपोर्ट परियोजना पर तेज गति से काम , 10,000 करोड़ से अधिक का होगा निवेश!

पटना, 28 सितंबर 2026 — बिहार के विकास और हवाई संपर्क को नई ऊंचाइयां देने के लिए राज्य सरकार ने युद्ध स्तर पर कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आज लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में अजगैबीनाथ धाम और सोनपुर/सारण में प्रस्तावित एयरपोर्ट परियोजनाओं से संबंधित एक उच्चस्तरीय प्रस्तुतीकरण एवं समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस महाबैठक में दोनों महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के मास्टर प्लान, भूमि अधिग्रहण, तकनीकी आर्थिक फिजिबिलिटी रिपोर्ट्स (ट्रैफिक सर्वे) और आवश्यक बुनियादी ढांचों के विकास पर विस्तार से चर्चा की गई।

पटना स्थित ‘संकल्प’ सभागार में अजगैबीनाथ धाम एवं सोनपुर एयरपोर्ट परियोजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं उपस्थित वरीय अधिकारीगण।

10,000 करोड़ से अधिक का होगा विराट निवेश, पीपीपी मोड पर चलेंगी परियोजनाएं

बैठक में जानकारी दी गई कि अजगैबीनाथ धाम ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट में पहले फेज में 3500 करोड़ रुपये और सोनपुर ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट में पहले फेज में 6500 करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश पीपीपी मोड पर किया जाएगा। राज्य सरकार भूमि-अधिग्रहण तथा कनेक्टिविटी की लागत वहन करेगी, ताकि क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों का पहिया तेजी से घूम सके।

अजगैबीनाथ धाम एयरपोर्ट: श्रावणी मेले के श्रद्धालुओं और आसपास के जिलों को मिलेगी बड़ी राहत

अजगैबीनाथ धाम में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के मास्टर प्लान के तहत रन-वे और आधारभूत संरचना का विकास बड़े विमानों के संचालन के अनुकूल किया जा रहा है। इससे मुंगेर, लखीसराय, जमुई, भागलपुर, बांका, खगड़िया, बेगूसराय सहित आसपास के जिलों को उत्कृष्ट हवाई सुविधा का लाभ मिलेगा। साथ ही, विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले में देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुगम आवागमन की सौगात मिलेगी।

सोनपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट: 22 जिलों के साथ झारखंड और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों को भी मिलेगा फायदा

सोनपुर/सारण एयरपोर्ट को बड़े विमानों के संचालन के अनुकूल विकसित करने के साथ-साथ वहां कार्गो सुविधा और बेहतरीन कनेक्टिविटी की मुकम्मल व्यवस्था होगी। इस एयरपोर्ट के बनने से बिहार के 22 जिलों के साथ-साथ पड़ोसी राज्य झारखंड और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को भी एयर कनेक्टिविटी का सीधा लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने दिए कड़े निर्देश, समयसीमा के भीतर पूरा हो कार्य

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी प्रक्रियाओं और निर्माण कार्यों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए। इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से राज्य में पर्यटन, व्यापार, रोजगार और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा।

इस उच्चस्तरीय बैठक में सांसद राजीव प्रताप रूढ़ी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ० चन्द्रशेखर सिंह, सिविल विमानन विभाग के सचिव निलेश रामचन्द्र देवड़े सहित कई अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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टीआरई-4.0 के अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी! बिहार लोक सेवा आयोग ने जारी किया  महत्वपूर्ण अपडेट, फौरन देखें यह जरूरी निर्देश

पटना: बिहार में शिक्षक नियुक्ति परीक्षा का इंतजार कर रहे लाखों युवाओं के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) द्वारा निकाली गई बहुप्रतीक्षित शिक्षक नियुक्ति प्रतियोगिता परीक्षा (टीआरई-4.0) के तहत ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। विज्ञापन संख्या 15/2026 के अंतर्गत कुल 32,388 पदों पर योग्य उम्मीदवारों से आवेदन मांगे गए हैं। इसी बीच, आवेदन प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों के बीच असमंजस की स्थिति को दूर करने के लिए बिहार लोक सेवा आयोग ने एक बहुत ही महत्वपूर्ण और ताजा अपडेट जारी किया है, जो सीधे तौर पर अपीयरिंग उम्मीदवारों को राहत देने वाला है।

(तस्वीर कैप्शन: बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा टीआरई-4.0 के संबंध में जारी आधिकारिक अपडेट का स्क्रीनशॉट, जिसमें एसटेट अपीयरिंग अभ्यर्थियों के लिए 2026 चुनने का निर्देश दिया गया है।)

एसटीईटी अपीयरिंग उम्मीदवारों के लिए आयोग का बड़ा निर्देश

बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने स्पष्ट किया है कि जो उम्मीदवार टीआरई-4.0 के लिए आवेदन कर रहे हैं और यदि वे एसटीईटी परीक्षा में अपीयरिंग हैं, तो उन्हें ऑनलाइन फॉर्म भरते समय विशेष सावधानी बरतनी होगी। ऐसे सभी अभ्यर्थियों को “इयर ऑफ़ पासिंग” (Year of passing) के कॉलम में 2026 का चयन करना होगा। आयोग के इस निर्देश से उन तमाम छात्रों का रास्ता साफ हो गया है जो लगातार यह सोचकर परेशान थे कि फॉर्म भरते समय पासिंग ईयर में क्या भरें।

आवेदन से जुड़ी मुख्य बातें:

  • भर्ती का नाम: टीआरई-4.0 (TRE-4.0)
  • विज्ञापन संख्या: 15/2026
  • कुल रिक्त पद: 32,388 पद
  • विभाग: बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी / BPSC)

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विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने पद से दिया इस्तीफा, सियासी गलियारों में मची सनसनी!

पटना : बिहार की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस अचानक त्यागपत्र से राज्य के सियासी गलियारों में भारी सनसनी फैल गई है और राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अवधेश नारायण सिंह ने अपने त्यागपत्र में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कार्यकर्ता के रूप में अपने राजनीतिक सफर को याद किया है। उन्होंने बताया कि पार्टी संगठन में विभिन्न पदों पर कार्य करते हुए उन्होंने संगठन के विस्तार में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई है। अपने राजनीतिक सफर के दौरान केंद्र से लेकर राज्य स्तर तक के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं के अपूर्व स्नेह और सद्भाव के प्रति उन्होंने आभार व्यक्त किया है।

अपने इस्तीफे के पत्र में उन्होंने एनडीए (NDA) गठबंधन के सभी नेताओं, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का विशेष रूप से आभार जताया है। उन्होंने कहा कि एनडीए गठबंधन सरकार में उन्हें चार बार विधान परिषद का सभापति होने का गौरव प्राप्त हुआ और इस दायित्व के निर्वहन में उन्हें नीतीश कुमार का पूरा स्नेह एवं सहयोग मिला। साथ ही, उन्होंने वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सहयोग के प्रति भी आभार व्यक्त किया है।

अवधेश नारायण सिंह ने स्पष्ट किया है कि वे पिछले 33 वर्षों से लगातार विधान परिषद के सदस्य रहे हैं और आगे भी एक सदस्य के रूप में सदन में अपनी सक्रिय भूमिका निभाते रहेंगे। सार्वजनिक जीवन में जन-सेवाओं के कार्यक्रमों और अन्य गतिविधियों को वह पूरी ऊर्जा के साथ जारी रखेंगे। सदन के भीतर सभापति के रूप में मिले सभी माननीय सदस्यों के स्नेह और सहयोग के लिए उन्होंने धन्यवाद ज्ञापित किया है।

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एस०आई०आर० पर सम्राट चौधरी का बड़ा हमला, बोले– ‘एक गरीब का बेटा पीएम बना, इसलिए मच रहा है बवाल!’

पटना, 27 सितम्बर 2026: बिहार की राजनीति में एस०आई०आर० (विशेष गहन पुनरीक्षण) को लेकर घमासान मच गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को पटना स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय के ‘संवाद’ कक्ष में एक उच्चस्तरीय संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए विपक्ष के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि एस०आई०आर० की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और निर्धारित नियमों के तहत ही पूरी की गई है, और विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वे केवल जनता के बीच भ्रम फैलाने का घटिया प्रयास कर रहे हैं।

विपक्ष के पास नहीं है कोई फैक्ट, सिर्फ फैलाया जा रहा है झूठ

मुख्यमंत्री ने कड़े तेवर दिखाते हुए कहा कि एस०आई०आर० के नाम पर विपक्षी दल बेवजह का बवंडर खड़ा कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार में 24 जून 2025 से 25 जुलाई 2025 तक एस०आई०आर० की प्रक्रिया चली थी। इस दौरान मृत व्यक्तियों, स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके लोगों और एक से अधिक स्थानों पर दर्ज मतदाताओं से जुड़ी प्रविष्टियों का कड़ाई से सत्यापन किया गया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वर्ष 2003 में जब राबड़ी देवी मुख्यमंत्री थीं, तब भी एस०आई०आर० कराया गया था और फिर वर्ष 2025 में नीतीश कुमार के कार्यकाल में भी यह प्रक्रिया पूरी की गई थी। उस समय की मतदाता सूची को निर्वाचन आयोग ने ऑनलाइन भी उपलब्ध कराया था ताकि सभी लोग अपने पुराने विवरण का मिलान कर सकें।

राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर सीधा निशाना

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव द्वारा उठाए गए सवालों का जिक्र करते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग इस मामले पर पहले ही अपनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर चुका है। यदि किसी भी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से बाहर हुआ है या किसी के पास कोई वास्तविक शिकायत है, तो उसे नियमों के तहत सामने लाना चाहिए, लेकिन आज तक इस तरह की एक भी ठोस शिकायत सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग और न्याय हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के दो सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ हैं, और जनता ही देश की असली मालिक है।

एक गरीब का बेटा पीएम बना, यह विपक्ष को नहीं पच रहा!

केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपलब्धियों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत नेतृत्व में पूरे देश में विकास की रफ्तार कई गुना तेज हो चुकी है। एक गरीब का बेटा आज देश का प्रधानमंत्री बन गया है, जो विपक्ष के नेताओं को बिल्कुल भी नहीं पच रहा है। देश की प्रगति और बेहतरीन कानून-व्यवस्था देखकर विपक्षी दलों की नींद उड़ चुकी है। उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे अनाप-शनाप आरोप लगाने के बजाय जनहित के असली मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएं और पूरी प्रमाणिकता के साथ अपनी बात रखें।

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ऑटो को किया टुकड़ा टुकड़ा ,पार्ट्स  बरामद, मात्र 05 घंटे में पुलिस का  एक्शन! ऑटो चोरी के शातिर अभियुक्त को दबोचा,

मुजफ्फरपुर: जिले के रामपुरहरि थाना क्षेत्र में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चोरी की एक बड़ी घटना का महज़ 05 घंटे के भीतर उद्भेदन कर दिया है। पुलिस ने चोरी गए ऑटो रिक्शा के साथ 01 शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। साथ ही, चेसिस संख्या के सत्यापन के उपरांत चोरी हुए ऑटो रिक्शा के विभिन्न पुर्जों और भागों को भी बरामद कर लिया गया है।

प्रेस वार्ता के दौरान मामले की जानकारी देते ग्रामीण पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह प्रभाकर एवं अन्य पुलिस अधिकारी। (इनसेट में बरामद ऑटो रिक्शा के पुर्जे और गिरफ्तार अभियुक्त)।

प्रेस वार्ता में ग्रामीण पुलिस अधीक्षक ने दी जानकारी

मुजफ्फरपुर के ग्रामीण पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह प्रभाकर द्वारा आयोजित एक विशेष प्रेस वार्ता के दौरान इस सनसनीखेज मामले का खुलासा किया गया। उन्होंने मीडिया को बताया कि पुलिस प्रशासन अपराध और अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है।

इस प्रकार खुला पूरा मामला

ग्रामीण पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह प्रभाकर के अनुसार, दिनांक 25.09.2026 को रामपुरहरि थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति द्वारा उनका ऑटो रिक्शा चोरी हो जाने से संबंधित लिखित सूचना प्रतिवेदित कराई गई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत संज्ञान लिया और रामपुरहरि थाना कांड संख्या 173/26 दर्ज कर मामले का अनुसंधान युद्ध स्तर पर आरंभ किया गया।

महज़ 05 घंटे में धरे गए आरोपी

अनुसंधान के क्रम में रामपुरहरि थाना की पुलिस टीम ने असाधारण तत्परता दिखाते हुए घटना के महज़ 05 घंटे के भीतर ही चोरी की इस वारदात को अंजाम देने वाले अभियुक्त सुनील कुमार (निवासी: रामपुरहरि, जिला: मुजफ्फरपुर) को धर दबोचा। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर और तकनीकी अनुसंधान की मदद से चोरी हुए ऑटो रिक्शा के विभिन्न पुर्जों और हिस्सों को चेसिस संख्या के सत्यापन के बाद सफलतापूर्वक बरामद कर लिया।

आगे की कानूनी कार्रवाई जारी

पुलिस प्रशासन के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त से पूछताछ की जा रही है और इस कांड में संलिप्त अन्य संभावित अपराधियों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। पुलिस द्वारा इस मामले में अग्रेतर विधि-सम्मत कार्रवाई की जा रही है।

गिरफ्तारी का विवरण:

  • 01 सुनील कुमार (थाना – रामपुरहरि, जिला – मुजफ्फरपुर)

बरामदगी का विवरण:

  • 01 चोरी हुआ ऑटो रिक्शा (विभिन्न पुर्जे एवं पार्ट्स चेसिस संख्या सत्यापन के बाद बरामद)

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