Friday, October 30, 2026

मुजफ्फरपुर में फर्जी आधार कार्ड के जरिए बांग्लादेशी नागरिक का पासपोर्ट बनवाने वाले बड़े रैकेट का खुलासा, दो गिरफ्तार; लैपटॉप, आईरिस स्कैनर और अंगूठे का क्लोन बरामद!

मुजफ्फरपुर: मुजफ्फरपुर नगर थाना क्षेत्र के मोतीझील स्थित उमा मार्केट के कन्हाई कम्युनिकेशन नामक दुकान पर पुलिस ने छापेमारी कर एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है। यह कार्रवाई फर्जी आधार कार्ड बनाने और जाली दस्तावेजों के आधार पर विदेशी नागरिकों (विशेषकर बांग्लादेशी नागरिकों) का पासपोर्ट बनवाने के गुप्त सूचना के आधार पर की गई है।

छापेमारी और गिरफ्तारी

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि उक्त दुकान पर अवैध रूप से दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर फर्जी आधार कार्ड तैयार किए जा रहे हैं। सूचना के सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के लिए नगर थाना पुलिस और विशेष टीम ने कन्हाई कम्युनिकेशन दुकान पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान मौके से साहिल कुमार, थाना- केसरिया, जिला- पूर्वी चंपारण, वर्तमान पता- वार्ड नं. 26, ठाकुर नर्सिंग होम के पास, कलमबाग चौक, थाना- काजीमोहम्मदपुर, जिला- मुजफ्फरपुर) को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने बताया कि वह वर्ष 2019 से इस दुकान पर कार्य कर रहा है और आधार कार्ड बनाने व ऑनलाइन पासपोर्ट आवेदन से संबंधित कार्य संभालता है।

मुजफ्फरपुर में फर्जी आधार कार्ड और जाली दस्तावेजों के आधार पर बांग्लादेशी नागरिक का पासपोर्ट बनवाने के मामले में गिरफ्तार दोनों अभियुक्तों के साथ पुलिस बल और बरामद किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरण व दस्तावेज।

इसके बाद आगे की जांच और निशानदेही पर शिव कुमार पंडित (पिता- भगुनाथ पंडित, निवासी- टरवा मगरपाल, थाना- दरियापुर, जिला- छपरा) को भी गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सामने आया कि शिव कुमार पंडित बोरिंग कैनाल रोड स्थित एक एजेंसी में आधार ऑपरेटर के रूप में कार्य करता था और यूआईडीएआई (UIDAI) मशीन का उपयोग कर अवैध रूप से आधार कार्ड बनाने व अपडेट करने का काम ,करता था। उसने अन्य व्यक्तियों के माध्यम से यूआईडीएआई सिस्टम का उपयोग साइबर कैफे संचालकों को उपलब्ध कराने की भी बात स्वीकार की है।

बांग्लादेशी नागरिक के पासपोर्ट का कनेक्शन

दुकान से बरामद मोबाइल और ई-मेल की तकनीकी जांच के दौरान एक पासपोर्ट संख्या यू2185640 से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी हाथ लगी। जांच में यह बात सामने आई कि उक्त पासपोर्ट के लिए गलत सूचनाओं और जाली दस्तावेजों के आधार पर एक बांग्लादेशी नागरिक के नाम से आवेदन कर पासपोर्ट निर्गत कराया गया था। पुलिस इस मामले के अन्य लिंक्स की तलाश में जुटी है।

बरामदगी की कुल सूची

पुलिस ने छापेमारी और गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से निम्नलिखित अवैध सामग्रियां बरामद की हैं:

  1. मोबाइल फोन- 03
  2. लैपटॉप- 02
  3. अंगूठे का क्लोन- 01
  4. आईरिस स्कैनर- 01
  5. फिंगर स्कैनर- 01
  6. मूल आधार कार्ड- 08 एवं अन्य संबंधित दस्तावेज/डिजिटल सामग्री

इस संदर्भ में नगर थाना कांड सं.- 547/2026 दर्ज कर लिया गया है तथा पुलिस आगे की कार्रवाई और अन्य संलिप्त अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।

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घूसखोर अंचल निरीक्षक का खेल खत्म! जमीन नापने के नाम पर 16,000 रूपये घूस लेते निगरानी टीम के हत्थे चढ़ा राजस्व कर्मचारी

पटना : बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की ताबड़तोड़ कार्रवाई लगातार जारी है। ताजा मामला अरवल जिले से सामने आया है, जहाँ निगरानी टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंचल कार्यालय के राजस्व कर्मचारी-सह-प्रभारी अंचल निरीक्षक को 16,000/- रूपये घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।

अरवल में जमीन नापी के नाम पर 16,000/- रूपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार राजस्व कर्मचारी-सह-प्रभारी अंचल निरीक्षक शिवमंगल प्रसाद को हिरासत में लेते निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम।

ओझा बिगहा मोड़ के पास हुई गिरफ्तारी

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से मिली जानकारी के अनुसार, मुख्यालय टीम ने दिनांक 01.10.2026 को निगरानी थाना कांड संख्या 115/2026 (दिनांक 30.09.2026) के तहत प्राथमिक अभियुक्त शिवमंगल प्रसाद, राजस्व कर्मचारी-सह-प्रभारी अंचल निरीक्षक, अंचल कार्यालय, अरवल, जिला- अरवल को थाना एवं जिला- अरवल स्थित ओझा बिगहा मोड़ के पास से 16,000/- (सोलह हजार) रूपये की रिश्वत लेते हुए धर दबोचा।

क्या था पूरा मामला?

परिवादी रबिन्द्र प्रसाद, पिता- स्व० रामपुकार सोनम, सा०- उमैराबाद, पो०- बैदराबाद, थाना एवं जिला- अरवल द्वारा निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना के कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी। परिवादी ने बताया था कि उसने अपनी पुस्तैनी जमीन की नापी कराने हेतु ऑनलाइन आवेदन अंचल कार्यालय, अरवल में किया था। काफी दिनों तक आवेदन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई और आरोपी कर्मचारी द्वारा जमीन की नापी कराने के एवज में अवैध रिश्वत की लगातार मांग की जा रही थी।

ब्यूरो का सत्यापन और धावादल का गठन

शिकायत मिलने के बाद निगरानी ब्यूरो द्वारा इसका सत्यापन कराया गया, जिसमें आरोपी द्वारा रिश्वत मांगे जाने का प्रमाण सही पाया गया। प्रथम दृष्टया आरोप सही साबित होने पर निगरानी थाना में कांड दर्ज किया गया। इसके पश्चात अनुसंधानकर्त्ता उपेन्द्र कुमार, पुलिस निरीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना के अनुरोध पर मो० वसीम फिरोज, पुलिस उपाधीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना के नेतृत्व में एक विशेष धावादल (टीम) का गठन किया गया।

धावादल ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए आरोपी को रिश्वत की रकम के साथ रंगे हाथ दबोच लिया। आरोपी से पूछताछ के उपरांत उसे माननीय विशेष न्यायालय, निगरानी, पटना में उपस्थापित किया जाएगा। मामले में अग्रेतर अनुसंधान की कार्रवाई जारी है।

निगरानी ब्यूरो का अब तक का रिकॉर्ड

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना का वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के विरुद्ध यह 115वां प्राथमिकी दर्ज करने का अभियान है। इसमें ट्रैप से संबंधित यह 105वां कांड है, जिसके तहत अब तक कुल 105 अभियुक्तों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है। इस दौरान रिश्वत की कुल बरामद राशि 37,63,800/- रूपये और एक नया वाशिंग मशीन (कीमत 37,000/- रूपये) जब्त किया गया है। वहीं, पिछले वर्ष 2025 में कुल 101 ट्रैप कांड दर्ज किए गए थे और रिश्वत के रूप में कुल 37,80,300/- रूपये बरामद किए गए थे।

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खात्‍मा! जम्‍मू-कश्‍मीर में सुरक्षा बलों ने ढेर किया लश्‍कर का टॉप कमांडर मूसा उर्फ आसिफ फौजी, खत्‍म हुआ आतंक का पूरा खौफनाक सिंडिकेट!

श्रीनगर: भारतीय सुरक्षा बलों ने जम्‍मू और कश्‍मीर (J&K) में एक बड़े खुफिया जानकारी आधारित ऑपरेशन के तहत ल्‍शकर-ए-तैयबा के कुख्यात सीनियर कमांडर मूसा उर्फ आसिफ फौजी को ढेर कर दिया है। सुरक्षा बल लंबे समय से इस खतरनाक आतंकी की तलाश में थे। हाल ही में इसके मूवमेंट और मौजूदगी के बारे में टेक्निकल और ह्यूमन इंटेलिजेंस मिलने के बाद, इसे खत्म करने के लिए सभी संबंधित एजेंसियों ने मिलकर एक बेहद खास प्लान तैयार किया था।

जम्‍मू-कश्‍मीर के बडगाम जि़ले के खानसाहिब पुलिस स्टेशन इलाके के गुरवतकलान में ज्वाइंट ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा ढेर किए गए ल्‍शकर-ए-तैयबा के सीनियर कमांडर मूसा उर्फ आसिफ फौजी का फाइल फोटो।

यह कार्रवाई जम्‍मू और कश्‍मीर केंद्रशासित प्रदेश में ल्‍शकर के आतंकी नेटवर्क के लिए एक बहुत बड़ा झटका साबित हुई है। मूसा के मारे जाने के साथ ही, वर्ष 2022 से J&K में सक्रिय और कई बड़े व सनसनीखेज हमलों के लिए जिम्मेदार लश्‍कर के चार सीनियर कमांडरों का पूरा समूह पूरी तरह से खत्म हो गया है।

आतंक के इस पूरे समूह का हो चुका है सफाया

सुरक्षा बलों ने इस खतरनाक समूह के बाकी तीन सदस्यों को पहले ही अलग-अलग मुठभेड़ों में मार गिराया था। इस खूंखार गैंग के सदस्यों में जुनैद भट (3 दिसंबर 2024 को दाचीगाम में ढेर), सुलेमान (28 जुलाई 2025 को ऑपरेशन महादेव के दौरान ढेर) और यारिस (4 सितंबर 2026 को ऑपरेशन असधर के दौरान ढेर) शामिल थे। मूसा को खत्म करने के लिए हुई यह मुठभेड़, मई 2026 में शुरू हुए और लंबे समय से अत्यंत गोपनीयता के साथ चल रहे ‘ऑपरेशन शेरूवाली’ का एक अहम हिस्सा थी।

इन बड़े हमलों का मास्टरमाइंड था यह सिंडिकेट

मारा गया यह टॉप कमांडर और उसका पूरा समूह पिछले कुछ वर्षों में कई सनसनीखेज आतंकी वारदातों को अंजाम दे चुका है। इनमें मुख्य रूप से:

  • हालन हमला (अगस्त 2023)
  • DKG हमला (दिसंबर 2023)
  • कंडी हमला (मई 2023)
  • शाहसीतार हमला (मई 2024)
  • शिव खोरी हमला (जून 2024)
  • गगनगीर हमला (अक्टूबर 2024)
  • बूटापथरी हमला (अक्टूबर 2024)
  • बैसरण हमला (अप्रैल 2025) शामिल हैं। इन सभी हमलों में इस समूह की मुख्य भूमिका रही थी।

सुरक्षा एजेंसियों के बेहतरीन तालमेल का नतीजा

विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में जम्‍मू كश्‍मीर पुलिस, भारतीय सेना और CAPF जैसी तमाम सुरक्षा एजेंसियों ने जिस उत्कृष्ट तालमेल और रणनीति के साथ आतंकरोधी अभियान चलाए हैं, यह उसी का सकारात्मक और ऐतिहासिक परिणाम है। इस सफलता से घाटी में आतंकवाद की कमर पूरी तरह टूट चुकी है।

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बिहार कैबिनेट का महा-फैसला: 30 एजेंडों पर मुहर से राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर, हरित ऊर्जा और कानून-व्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार

पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आहूत बिहार मंत्रिपरिषद की उच्चस्तरीय बैठक ने राज्य के विकास पथ को एक नई दिशा दे दी है। इस महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक में कुल 30 एजेंडों और प्रस्तावों को सर्वसम्मति से हरी झंडी दिखाई गई। इन फैसलों का दायरा केवल शहरी विकास या सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कृषि, हरित ऊर्जा, स्वास्थ्य, पर्यटन, कानून-व्यवस्था और सामाजिक कल्याण जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

कानून-व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा का सुदृढ़ीकरण

राज्य में विधि-व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए गृह विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। बैठक में 30 वाटर कैनन (वॉटर कैनन) और 86 नए वज्र वाहनों की खरीद के लिए कुल 62.52 करोड़ (बासाठ करोड़ बावन लाख) रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।

  • विश्लेषण: यह कदम राज्य में संभावित कानून-व्यवस्था की चुनौतियों, प्रदर्शनों और भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस तंत्र को आधुनिक उपकरणों से लैस करने की दिशा में बेहद अहम है। इससे आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस बल की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

 कृषि का आधुनिकीकरण और हरित ऊर्जा क्रांति (सोलर और हाइड्रोजन)

ऊर्जा और कृषि क्षेत्र के संलयन से राज्य सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा मॉडल पेश किया है।

  • हरित हाइड्रोजन नीति 2026: बिहार हरित हाइड्रोजन नीति, 2026 के प्रारूप को मंजूरी मिलने से राज्य में क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में निवेश और नए उद्योगों के द्वार खुलेंगे।
  • कृषि फीडरों का सोलराइजेशन: राज्य के वित्तीय हित, किसानों की आय में वृद्धि और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सौर ऊर्जा से शेष 2554 मेगावाट कृषि फीडरों के सोलराइजेशन हेतु कुल सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना के लिए 1.65 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट के अनुदान हेतु आवश्यक 2714.25 करोड़ रुपये तथा विद्युत उपकेंद्रों में योजना के क्रियान्वयन हेतु ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहन देने के लिए 47.30 करोड़ रुपये यानी कुल 2761.55 करोड़ रुपये के अनुदान की स्वीकृति दी गई है।
  • विश्लेषण: इस भारी-भरकम निवेश से किसानों को निर्बाध और सस्ती बिजली मिलने की उम्मीद है, जिससे कृषि उत्पादन लागत कम होगी और पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा मिलेगा। इसके अतिरिक्त, कैमूर और रोहतास जिलों के सुदूर ग्रामीण इलाकों में विद्युतीकरण के लिए आरडीएसएस योजना के तहत 351.85 करोड़ रुपये की संशोधित लागत मंजूर की गई है।

परिवहन, सड़क नेटवर्क और शहरी बुनियादी ढांचा (इन्फ्रास्ट्रक्चर)

पथ निर्माण और नगर विकास विभागों के माध्यम से राज्य के कई महत्वपूर्ण बाईपास और सड़कों के चौड़ीकरण को गति दी गई है। मुंगेर अंतर्गत तारापुर बाईपास पथ, सात निश्चय-2 के तहत सड़क निर्माण, मीठापुर-महुली एलिवेटेड पथ से जुड़े रैंप निर्माण और पटना के बहादुरपुर में आवास बोर्ड की आवासीय कॉलोनियों के पुनर्विकास (रेडवलपमेंट) हेतु एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड के साथ एमओयू करने के प्रस्तावों को स्वीकृति मिली है।

  • विश्लेषण: इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से राजधानी पटना समेत मुंगेर और अन्य जिलों में यातायात का दबाव कम होगा, जाम की समस्या से निजात मिलेगी और व्यापारिक गतिविधियों को सुगम गलियारा मिलेगा। साथ ही, पटना में अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रूज टर्मिनल के विकास हेतु गंगा किनारे भूमि लीज पर देने से पर्यटन और जलमार्ग परिवहन को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।

स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण: हीमोफिलिया योजना और आंगनबाड़ी कर्मियों का मानदेय

  • मुख्यमंत्री हीोफिलिया योजना: स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत हीमोफिलिया से ग्रसित मरीजों के बेहतर उपचार के लिए इस विशेष योजना की शुरुआत की गई है, जिसके पहले वर्ष में 26,33,53,490 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
  • आंगनबाड़ी मानदेय: सामाजिक कल्याण विभाग के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यरत सेविका, सहायिका और पर्यवेक्षिकाओं के मानदेय भुगतान हेतु बिहार आकस्मिकता निधि से 477.00 करोड़ रुपये की अग्रिम स्वीकृति प्रदान की गई है।
  • विश्लेषण: गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों को वित्तीय सहायता मिलना एक मानवीय और सराहनीय कदम है। वहीं, जमीनी स्तर पर बाल विकास योजनाओं को संचालित करने वाली आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं को समय पर मानदेय मिलने से प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और मजबूती आएगी।

कैबिनेट के इन 30 प्रस्तावों का समग्र विश्लेषण यह दर्शाता है कि सरकार का मुख्य फोकस ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, आधुनिक तकनीक को अपनाने, रोजगार के अवसर पैदा करने और राज्य के बुनियादी ढांचे को वैश्विक स्तर पर ले जाने पर है।

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बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आए दो बड़े संस्थान: मुख्यमंत्री राहत कोष में बीएमएसआईसीएल ने दिए 30 करोड़ और बुडको ने सौंपे 3 करोड़ रुपये

पटना: बिहार में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने और उनकी सहायता के लिए राज्य के दो प्रमुख निकायों ने बड़े स्तर पर हाथ बढ़ाया है। लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम में बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीएमएसआईसीएल) तथा बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (बुडको) द्वारा मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए कुल 33 करोड़ रुपये की राशि के चेक मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सौंपे गए।

लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को बाढ़ पीड़ितों की सहायता हेतु मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए बीएमएसआईसीएल द्वारा 30 करोड़ रुपये एवं बुडको द्वारा 3 करोड़ रुपये का चेक सौंपते अधिकारी व मंत्रीगण।

बीएमएसआईसीएल ने दिया 30 करोड़ रुपये का चेक स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीएमएसआईसीएल) ने बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास और सहायता कार्य के लिए 30 करोड़ रुपये का योगदान दिया है। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री निशांत, स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि और बीएमएसआईसीएल के प्रबंध निदेशक सुब्रत कुमार सेन उपस्थित रहे।

बुडको की ओर से 3 करोड़ रुपये की सहायता राशि इसी क्रम में बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (बुडको) की ओर से मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 3 करोड़ रुपये का चेक सौंपा गया। इस अवसर पर नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह तथा बुडको के प्रबंध निदेशक अनिमेष कुमार परासर मौजूद थे।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जताया आभार चेक स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दोनों संस्थाओं के इस सराहनीय कदम की प्रशंसा की और उनके प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सहयोग राशि आपदा और कठिन परिस्थितियों के समय राज्य के जरूरतमंद एवं प्रभावित लोगों की तत्काल मदद करने में बेहद उपयोगी साबित होगी।

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थाने के सामने युवती का रील बनाने एवं  आपत्तिजनक संगीत पर थिरकते ही पुलिस ने लिया कड़ा एक्शन!

मुजफ्फरपुर: सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स बढ़ाने और रातों-रात स्टार बनने की दीवानगी अब इस कदर सिर चढ़कर बोल रही है कि लोग कानून और व्यवस्था की धज्जियां उड़ाने से भी बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के पानापुर थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां एक युवती ने सीधे तौर पर पुलिस महकमे को चुनौती देते हुए थाने के गेट और परिसर के सामने ही फूहड़ और आपत्तिजनक संगीत बजाकर इंस्टाग्राम रील बना डाली। इस सनसनीखेज वाकया का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया।

मुजफ्फरपुर के पानापुर थाना परिसर के सामने आपत्तिजनक संगीत पर रील बनाती युवती को शपथ दिलाती और मामले की जांच करती पुलिस टीम।

थाने के सामने चल रहा था नागिन डांस और फूहड़ गाने का खेल  : सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह युवती अपनी हरकतों से सोशल मीडिया पर रील्स बनाने के नाम पर लगातार सनसनी फैला रही थी। हद तो तब हो गई जब उसने अपनी रील शूटिंग के लिए सीधे पानापुर थाना परिसर को ही चुन लिया। थाने के ठीक सामने तेज आवाज में आपत्तिजनक और अशिष्ट गाने बजाकर वह बेखौफ होकर ठुमके लगा रही थी और वीडियो शूट करवा रही थी। थाने के ठीक सामने इस तरह की गतिविधि ने स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए, जिसके बाद पुलिस महकमा हरकत में आया।

पुलिस की सख्ती: कड़ी चेतावनी के बाद दी गई हिदायत :  मामला संज्ञान में आते ही मुजफ्फरपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित युवती को ढूंढ निकाला। पानापुर थाने की पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर थाने लाई और जमकर क्लास लगाई। पुलिस अधिकारियों ने युवती को सख्त लहजे में समझाया कि थाना कोई पिकनिक स्पॉट या रील्स बनाने की जगह नहीं है, बल्कि यह कानून का मंदिर है।

पुलिस की पूछताछ और कड़ी फटकार के बाद युवती की सारी हेकड़ी निकल गई। इसके बाद पुलिस ने भविष्य में इस प्रकार की गैर-कानूनी और फूहड़ गतिविधि की पुनरावृत्ति न करने की चेतावनी दी। साथ ही, उससे थाना परिसर में इस तरह का कृत्य दोबारा कभी न करने को लेकर लिखित शपथ भी करवाई गई। अंततः भविष्य में ऐसा न करने की कड़ी चेतावनी देते हुए पुलिस ने उसे मुचलके व सख्त हिदायत के साथ छोड़ दिया।

कानून से खिलवाड़ करने वालों पर रहेगी पैनी नजर इस मामले के सामने आने के बाद पानापुर थाना क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सोशल मीडिया के नाम पर यदि किसी ने भी कानून, मर्यादा या थाने की गरिमा से खिलवाड़ करने की कोशिश की, तो उसके खिलाफ बिना किसी नरमी के कानूनी डंडा चलाया जाएगा।

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मुजफ्फरपुर के कांटी स्थित  निजी विद्यालय पर गोलीबारी और रंगदारी मामले में एक बदमाश गिरफ्तार, बाइक और मोबाइल बरामद

मुजफ्फरपुर: जिले के कांटी थाना क्षेत्र स्थित एक निजी विद्यालय में धमकियों का दौर और खौफनाक गोलीबारी की घटना फैलाने वाले शातिर बदमाशों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। विगत 13सितम्‍बर  को कांटी थाना अंतर्गत एक निजी विद्यालय पर अज्ञात अपराधियों द्वारा धमकी भरा पर्चा चिपकाने और अंधाधुंध गोलीबारी की सनसनीखेज घटना को अंजाम दिया गया था। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद इलाके में दहशत का माहौल पैदा हो गया था।

मुजफ्फरपुर में कांटी थाना क्षेत्र के निजी विद्यालय पर गोलीबारी और रंगदारी मामले की जानकारी देते ग्रामीण पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह प्रभाकर तथा बगल में प्रदर्शित की गई घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल व अन्य सामग्री।

वरिष्ठ अधिकारियों ने किया था घटनास्थल का निरीक्षण घटना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक, मुजफ्फरपुर एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पश्चिमी 01 द्वारा तुरंत घटनास्थल का निरीक्षण किया गया था। इसके साथ ही, वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए एफ०एस०एल० (FSL) टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य संकलन किए। इस संबंध में कांटी थाना कांड संख्या- 572/26 दर्ज किया गया।

विशेष पुलिस टीम का गठन और त्वरित कार्रवाई मामले की गंभीरता और अपराधियों के हौसलों को कुचलने के लिए वरीय पुलिस अधीक्षक, मुजफ्फरपुर के निर्देशानुसार, पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण के निर्देशन तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पश्चिमी-01 के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया, जिसमें कांटी थाना की पुलिस टीम को भी शामिल किया गया था।

गठित पुलिस टीम द्वारा तकनीकी एवं मानवीय आसूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए इस सनसनीखेज घटना में संलिप्त 01 अभियुक्त अमन रंजन, थाना-तुर्की, जिला-मुजफ्फरपुर को धर दबोचा गया।

राजेश कुमार सिंह प्रभाकर ने दी विस्तृत जानकारी घटना एवं गिरफ्तारी के संबंध में राजेश कुमार सिंह प्रभाकर, पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण, मुजफ्फरपुर द्वारा प्रेस वार्ता के दौरान विस्तृत जानकारी दी गई। पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त से पूछताछ के आधार पर इस कांड में संलिप्त अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी हेतु लगातार छापेमारी की जा रही है तथा इस मामले में अग्रेतर विधि-सम्मत कार्रवाई की जा रही है।

अपराधी का पुराना आपराधिक इतिहास पुलिस गिरफ्त में आए अभियुक्त अमन रंजन का पुराना आपराधिक इतिहास भी खंगाला गया है। इसके खिलाफ पूर्व से काजी मोहम्मदपुर थाना कांड संख्या- 460/19 दर्ज है, जो दिनांक 27/10/2019 को बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम की धारा 37(बी)(सी) के तहत दर्ज किया गया था।

बरामदगी:

  1. बुलेट मोटरसाइकिल-01
  2. मोबाइल फोन-01

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सनसनीखेज खुलासा: एस.के.एम.सी.एच. ओ.पी. क्षेत्र में सक्रिय था शातिर मोटरसाइकिल चोर गिरोह, दो गिरफ्तार और दो बाइक बरामद!

मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के एस.के.एम.सी.एच. ओ.पी. क्षेत्र में मोटरसाइकिल चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक शातिर गिरोह का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। इस बड़ी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो शातिर चोरों को धर दबोचा है, जिनकी निशानदेही पर चोरी की 02 मोटरसाइकिलें भी बरामद कर ली गई हैं। इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए हिमांशु कुमार, पुलिस उपाधीक्षक (साइबर क्राइम) सह प्रभारी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, नगर-02, मुजफ्फरपुर द्वारा प्रेस मीडिया को विस्तृत जानकारी दी गई।

मुजफ्फरपुर के एस.के.एम.सी.एच. ओ.पी. क्षेत्र में मोटरसाइकिल चोरी के मामले में गिरफ्तार अभियुक्तों के साथ पुलिस बल और बरामद की गई दो मोटरसाइकिलें।

कबाड़ की दुकानों तक जुड़े थे चोरी के तार

पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार, दिनांक 29.09.2026 को एस.के.एम.सी.एच. ओ.पी. क्षेत्र अंतर्गत मोटरसाइकिल चोरी करते हुए एक आरोपी निरंजन सहनी, थाना-मोतीपुर, जिला-मुजफ्फरपुर को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था। इस संबंध में अहियापुर थाना (एस.के.एम.सी.एच. ओ.पी.) कांड संख्या-1525/26 दर्ज किया गया है।

गिरफ्तार अभियुक्त से जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने एक चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि चोरी की गई इन मोटरसाइकिलों की खरीद-बिक्री अवैध रूप से कबाड़ की दुकानों के माध्यम से की जाती है। इस अहम सुराग के आधार पर पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित कबाड़ की दुकान पर ताबड़तोड़ छापेमारी की।

छापेमारी में दूसरा अभियुक्त गिरफ्तार और वाहन बरामद

छापेमारी के दौरान पुलिस ने दूसरे अभियुक्त नितेश कुमार, थाना-मोतीपुर, जिला-मुजफ्फरपुर को एक अन्य चोरी की मोटरसाइकिल के साथ दबोच लिया। इस प्रकार पुलिस ने कुल 02 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद करने में सफलता हासिल की है। पुलिस के अनुसार पकड़े गए दोनों अपराधियों का पहले से भी आपराधिक इतिहास रहा है।

अपराधियों का पुराना आपराधिक इतिहास:

  1. कांड सं0 1389/26, थाना अहियापुर (एस.के.एम.सी.एच. ओ.पी.)-मोटरसाइकिल चोरी।
  2. कांड सं0 1471/26, थाना अहियापुर (एस.के.एम.सी.एच. ओ.पी.)-टोटो चोरी।
  3. कांड सं0 1489/26, थाना अहियापुर (एस.के.एम.सी.एच. ओ.पी.)-मोटरसाइकिल चोरी।

पुलिस द्वारा इस मामले में आगे की विधि-सम्मत कार्रवाई की जा रही है तथा इस अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की संलिप्तता की भी गहराई से जांच की जा रही है।

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बिहार विधान परिषद चुनाव का बिगुल बजा: 8 सीटों पर घमासान शुरू, बीजेपी ने उतारे 4 दिग्गज धुरंधर!

विशेष संवाददाता, पटना

बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है। निर्वाचन आयोग ने बिहार विधान परिषद की 8 सीटों के लिए होने वाले द्विवार्षिक चुनाव की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। अधिसूचना जारी होते ही पूरे राज्य में चुनावी गहमागहमी तेज हो गई है और सभी राजनीतिक दलों की सांसें थम गई हैं। निर्वाचन आयोग द्वारा जारी इस घोषणा के साथ ही आज से राज्य में नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया भी पूरी तरह से शुरू हो चुकी है।

23 अक्टूबर को होगा महासंग्राम, 27 को आएंगे नतीजे

निर्वाचन आयोग द्वारा जारी किए गए आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, प्रत्याशी अपना नामांकन पत्र 6 अक्‍टूबर तक दाखिल कर सकेंगे। दाखिल किए गए नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्‍टूबर  को की जाएगी, जबकि उम्मीदवार अपने नाम 9 अक्‍टूबर तक वापस ले सकेंगे।

विधान परिषद की इन 8 सीटों के लिए 23 अक्‍टूबर को सुबह 8:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक मतदान कराया जाएगा। इसके बाद 27 अक्‍टूबर को वोटों की गिनती की जाएगी और सभी प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होगा। आपको बता दें कि इन सीटों पर फिलहाल काबिज विधान पार्षदों का कार्यकाल 16 नवम्‍बर  2026 को समाप्त होने जा रहा है।

BJP का मास्टरस्ट्रोक: जारी की 4 प्रत्याशियों की पहली सूची

चुनावी बिगुल बजते ही बीजेपी ने अपने विरोधियों को पछाड़ते हुए सबसे पहले 4 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है। बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति ने स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए अपने कद्दावर और अनुभवी चेहरों पर दांव खेला है:

  1. पटना शिक्षक सीट: नवल किशोर यादव
  2. कोशी स्नातक सीट: डॉक्टर एन.के. यादव
  3. दरभंगा स्नातक सीट: सर्वेश कुमार
  4. तिरहुत शिक्षक सीट: नरेंद्र प्रसाद सिंह

बीजेपी द्वारा इन प्रमुख चेहरों के मैदान में उतारे जाने के बाद अब सभी की निगाहें विपक्षी खेमे पर टिक गई हैं।

एक नज़र में पूरा चुनाव शेड्यूल :

  • अधिसूचना व नामांकन शुरू: 29 सितम्‍बर 2026
  • नामांकन की अंतिम तिथि: 6 अक्‍टूबर  2026
  • नामांकन पत्रों की जांच : 7 अक्‍टूबर 2026
  • नाम वापसी की अंतिम तिथि: 9 अक्‍टूबर  2026
  • मतदान : 23 अक्‍टूबर  2026 (सुबह 8:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक)
  • मतगणना : 27 अक्‍टूबर  2026
  • वर्तमान पार्षदों का कार्यकाल समाप्त: 16 नवम्‍बर  2026

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फुलवारीशरीफ से सम्राट चौधरी ने किया राज्यव्यापी ‘आंगन का मिलन’ का भव्य शुभारंभ, बच्चों और कार्यकर्ताओं का बढ़ा मान!

पटना / फुलवारीशरीफ: सेवा संकल्प अभियान के तहत बिहार में कुपोषण और बाल विकास को नई दिशा देने के लिए एक महा-अभियान की शुरुआत की गई है। फुलवारीशरीफ उच्च विद्यालय परिसर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-137 में आयोजित एक भव्य एवं ऐतिहासिक कार्यक्रम के दौरान सम्राट चौधरी ने राज्यव्यापी ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम का धमाकेदार शुभारंभ किया। इस अवसर पर पूरा प्रांगण ढोल-नगाड़ों और उत्साह की लहर से गूंज उठा।

फुलवारीशरीफ के आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-137 में ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए सम्राट चौधरी गोद में लिए छोटे बच्चे को आत्मीयता से दुलारते और खीर/पोषाहार खिलाते हुए, साथ ही मौजूद सेविकाएं, अधिकारी एवं अन्य गणमान्य लोग।

मासूमों से आत्मीय संवाद और सुविधाओं का लिया जायजा:  कार्यक्रम के दौरान सम्राट चौधरी ने आंगनबाड़ी केंद्र के छोटे-छोटे बच्चों से बेहद आत्मीय अंदाज में बातचीत की। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई, खेल-कूद और अन्य दैनिक गतिविधियों की जानकारी ली। इसके साथ ही केंद्र पर मिलने वाले पोषाहार, साफ-सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं का भी बारीकी से निरीक्षण किया। बच्चों के साथ उनका यह अपनत्व भरा रूप देखकर वहां मौजूद हर कोई भावविभोर हो गया।

सुपोषित बचपन की रसोई पुस्तिका का विमोचन  : बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और कुपोषण से मुक्ति की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए सम्राट चौधरी ने “सुपोषित बचपन की रसोई” नामक विशेष पुस्तिका का विमोचन किया। इस पुस्तिका में बच्चों के लिए संतुलित, पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन तैयार करने के दिशानिर्देश दिए गए हैं, जो आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन में मील का पत्थर साबित होगी।

उत्कृष्ट कार्य करने वाली सेविका, सहायिका और आशा दीदी हुईं सम्मानित : समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य और पोषण सेवाएं पहुंचाने वाली धरातलीय कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाते हुए सम्राट चौधरी ने आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका एवं आशा दीदी को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इसके अलावा, उन्होंने योजना के लाभार्थियों के बीच पौष्टिक किट का वितरण भी अपने हाथों से किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं के निस्वार्थ योगदान की जमकर सराहना की और कहा कि समाज की नींव को मजबूत करने में इनकी भूमिका अतुलनीय है।

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