समस्तीपुर आगमन से पहले सम्राट चौधरी पर विपक्ष का सीधा वार: 11 तीखे सवालों से थर्राया सियासी गलियारा, संजीव सहनी हत्याकांड के अपराधियों पर मांगा जवाब!

खानपुर दौरे से पहले भाकपा माले का बड़ा सवाल, मनरेगा में करोड़ों के बंदरबांट और 60000 रद्द राशन कार्डों को लेकर सरकार को पूरी तरह घेरा, जिले के बंद पड़े कल-कारखानों पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग

समस्तीपुर : बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के समस्तीपुर जिला अंतर्गत खानपुर में होने वाले संभावित आगमन को लेकर सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। उनके कदम रखने से पहले ही समस्तीपुर के राजनीतिक गलियारे में जबरदस्त भूचाल आ गया है। विपक्षी दल भाकपा माले ने मुख्यमंत्री के आगमन की भनक लगते ही मीडिया के माध्यम से चौतरफा घेराबंदी शुरू कर दी है। भाकपा माले के जिला स्थाई समिति सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने 11 सुलगते और तीखे सवालों का एक ऐसा मांग-पत्र जारी किया है, जिसने प्रशासनिक महकमे से लेकर सत्ता पक्ष के नेताओं तक के पसीने छुड़ा दिए हैं। भाकपा माले ने साफ लहजे में कहा है कि मुख्यमंत्री समस्तीपुर में विकास के थोथे दावे करने से पहले इन 11 बुनियादी जनसरोकारों का हिसाब दें।

अपराध और खौफ के साए में समस्तीपुर: संजीव सहनी हत्याकांड पर उबाल

इस पूरे मांग-पत्र में सबसे बड़ा और संवेदनशील मुद्दा समस्तीपुर की चरमराती कानून व्यवस्था का है। भाकपा माले ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि पूरे बिहार सहित समस्तीपुर जिला इस समय हत्या, लूट, डकैती, छिनतई और बलात्कार जैसी जघन्य वारदातों का गढ़ बन चुका है। सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने ताजपुर थाना अंतर्गत हुए बहुचर्चित संजीव सहनी हत्याकांड (कांड संख्या 98/26) का मामला उठाकर सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इसके साथ ही महिला थाना में दर्ज फतेहपुर नाबालिग दुष्कर्म कांड (कांड संख्या 61/26) का हवाला देते हुए पूछा है कि आखिर इन संगीन मामलों के दरिंदे और अपराधी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर क्यों हैं? विपक्ष ने अल्टीमेटम दिया है कि मुख्यमंत्री के आगमन से पहले अपराधियों की गिरफ्तारी और जिले में अमन-चैन की लिखित गारंटी दी जाए।

मनरेगा में करोड़ों की लूट और 60000 राशन कार्डों का कत्लेआम

विकास योजनाओं के नाम पर प्रशासनिक स्तर पर चल रहे भ्रष्टाचार को लेकर भी बड़ा विस्फोट किया गया है। भाकपा माले का आरोप है कि आवास योजना, मनरेगा और प्रखंड स्तर की तमाम कल्याणकारी योजनाओं में बिना भारी कमीशनखोरी और अफसरशाही के पत्ता तक नहीं हिल रहा है। सबसे चौंकाने वाला दावा जिले के भीतर करीब 60000 गरीब परिवारों के राशन कार्ड रद्द किए जाने को लेकर किया गया है। विपक्ष ने इसे खाद्य सुरक्षा पर सीधा हमला बताते हुए इसे तुरंत पुनर्बहाल करने की मांग की है। साथ ही मनरेगा में करोड़ों रुपए के बंदरबांट की उच्च स्तरीय जांच कराने और मजदूरों को साल में 200 दिनों का रोजगार सुनिश्चित करने की बात कही है।

बंद पड़े उद्योग और खंडहर बनता समस्तीपुर का गौरव

आर्थिक और औद्योगिक मोर्चे पर सरकार को घेरते हुए भाकपा माले ने समस्तीपुर के उन जख्मों को फिर हरा कर दिया है, जिससे यहाँ का नौजवान आज भी बेरोजगार घूम रहा है। मांग-पत्र में वर्षों से बंद पड़ी समस्तीपुर चीनी मिल, ठाकुर पेपर मिल और मुक्तापुर स्थित रामेश्वर जूट मिल के विकास एवं विस्तार की सरकारी गारंटी मांगी गई है। इसके अलावा लंबे समय से खंडहर में तब्दील हो चुके दूधपुरा हवाई अड्डे को चालू करने के लिए इस बार के बजट में विशेष प्रावधान करने की कड़क मांग उठाई गई है।

भाकपा माले द्वारा मुख्यमंत्री के सामने खड़े किए गए 11 यक्ष प्रश्न:

  1. अपराध राज पर कब लगेगा लगाम? ताजपुर के संजीव सहनी हत्याकांड (कांड संख्या 98/26) और फतेहपुर नाबालिग दुष्कर्म (कांड संख्या 61/26) के अपराधी अब तक आजाद क्यों घूम रहे हैं?
  2. अफसरशाही और कमीशनखोरी पर रोक कब? आवास योजना और प्रखंड स्तर के कामों में खुलेआम चल रही लूट पर सरकार की चुप्पी का राज क्या है?
  3. 60000 गरीबों का निवाला क्यों छीना? समस्तीपुर सहित पूरे बिहार में रद्द किए गए राशन कार्डों को वापस कब बहाल किया जाएगा?
  4. मनरेगा में करोड़ों का बंदरबांट क्यों? मनरेगा की उच्च स्तरीय जांच कराकर साल में 200 दिन का रोजगार और समय पर मजदूरी भुगतान की गारंटी कब मिलेगी?
  5. दूधपुरा हवाई अड्डा खंडहर क्यों? इस ऐतिहासिक हवाई अड्डे को चालू करने के लिए बजटीय प्रावधान क्यों नहीं किया गया?
  6. चीनी मिल और ठाकुर पेपर मिल कब खुलेंगे? स्थानीय युवाओं को पलायन के लिए मजबूर करने के बजाय इन उद्योगों को ताले से कब आजाद किया जाएगा?
  7. रामेश्वर जूट मिल का भविष्य क्या है? मुक्तापुर स्थित इस मिल के विस्तार और निरंतर संचालन की सरकारी गारंटी दी जाए।
  8. किसानों के साथ वादाखिलाफी क्यों? खाद, बीज, बिजली और कृषि यंत्रों पर रियायत तथा फसलों का लाभकारी समर्थन मूल्य कब मिलेगा?
  9. बदहाल शिक्षा-स्वास्थ्य का जिम्मेदार कौन? जनवितरण प्रणाली, स्कूलों और अस्पतालों में खाली पड़े पदों पर कर्मियों की नियुक्ति कब होगी?
  10. जननायक की कर्मभूमि की उपेक्षा क्यों? जननायक कर्पूरी ठाकुर की कर्मभूमि ताजपुर को पुनः विधानसभा और अनुमंडल का दर्जा वापस कब मिलेगा?
  11. रेल परियोजनाओं पर फाइलों की धूल कब हटेगी? कर्पूरी ग्राम-ताजपुर-पातेपुर-महुआ-भगवानपुर, केबल स्थान-कर्पूरीग्राम, मुक्तापुर-कुशेश्वरस्थान नई रेल लाइन और मुक्तापुर रेल गुमटी व अटेरन चौक पर ओवरब्रिज का निर्माण कार्य कब शुरू होगा?

सुरेंद्र प्रसाद सिंह (जिला स्थायी समिति सदस्य, भाकपा माले) का सीधा और कड़ा बयान:

“मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के समस्तीपुर के खानपुर आगमन की सुगबुगाहट पर भाकपा माले ने पहले ही 11 सवालों का जाल बिछा दिया है। समस्तीपुर का हवाई अड्डा, चीनी मिल और ठाकुर पेपर मिल बंद पड़े हैं, मनरेगा में करोड़ों रुपए की खुली लूट मची हुई है, जिसकी संपूर्ण जिला स्तर पर उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। संजीव सहनी के हत्यारों और नाबालिग से रेप के आरोपियों को अविलंब जेल भेजा जाए। अभी हमने मीडिया के जरिए यह सवाल दागे हैं, इसके बाद जैसे ही मुख्यमंत्री यहाँ पहुँचेंगे, हमारी एक उच्च स्तरीय टीम उनसे मुलाकात करने की कोशिश करेगी और उन्हें यह स्मार पत्र सौंपकर मांग पूरी करने का आग्रह करेगी। अगर इन पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो समस्तीपुर की धरती पर एक बड़ा जन-आंदोलन भड़केगा।”

इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम से मुख्यमंत्री के आने से पहले ही खानपुर का माहौल पूरी तरह गरमा गया है। अब देखना यह है कि समस्तीपुर की सीमा में दाखिल होने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भाकपा माले के इन तीखे और सीधे सवालों का सामना कैसे करते हैं या फिर जनता को एक बार फिर केवल आश्वासनों का झुनझुना थमाकर लौट जाते हैं।

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