अपराधियों के खौफ से गूंजी समस्तीपुर की धरती: संजीव सहनी के हत्यारों की गिरफ्तारी न होने पर रो पड़ी बूढ़ी मां और बिलख उठी पत्नी

ताजपुर थाना घेराव: भाकपा माले और व्यवसायी संघ ने निकाला जुलूस, पुलिस को दिया 15 दिनों का अल्टीमेटम, मांग पूरी न होने पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन आमरण अनशन की दी चेतावनी

ताजपुर/समस्तीपुर, 22 जून 2026 ताजपुर थाना क्षेत्र में लगातार बढ़ रही हत्या, लूट, छिनतई और अन्य आपराधिक घटनाओं ने आम जनता और व्यापारियों की नींद उड़ा दी है। क्षेत्र की बदहाल कानून-व्यवस्था और बढ़ते अपराध के खिलाफ सोमवार को जन-आक्रोश फूट पड़ा। भाकपा माले और बिहार राज्य व्यवसायी संघ के संयुक्त आह्वान पर सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं ने ताजपुर थाना का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और हाल ही में हुए संजीव सहनी हत्याकांड समेत कई बड़ी वारदातों के आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की।

ताजपुर थाना के समक्ष अपराधियों की गिरफ्तारी और बढ़ते अपराध पर रोक लगाने की मांग को लेकर बैनर और लाल झंडों के साथ प्रदर्शन करते भाकपा माले एवं बिहार राज्य व्यवसायी संघ के कार्यकर्ता।

जुलूस की शुरुआत सोमवार को जनता मैदान (कर्बला पोखर) से हुई। हाथों में लाल झंडे और अपनी मांगों की तख्तियां लिए लोग नारेबाजी करते हुए ताजपुर थाना परिसर पहुंचे। वहां करीब एक घंटे तक जोरदार प्रदर्शन हुआ, जिसके बाद प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में एक विरोध सभा का आयोजन किया गया।

मेरे तीन छोटे बच्चों का पेट कौन भरेगा?” – पत्नी और मां का छलका दर्द

प्रदर्शन के दौरान मृतक संजीव सहनी के परिजनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। संजीव सहनी की बूढ़ी मां ने रोते हुए न्याय की गुहार लगाई। मां ने कहा, “हमारे बेटे को गोली मारकर छीन लिया गया। हमें हत्यारों की गिरफ्तारी चाहिए। जैसे मेरे बेटे को गोली लगी, वैसे ही सजा हत्यारों को मिलनी चाहिए। अब हम इन तीन छोटे-छोटे बच्चों को लेकर कैसे जिएंगे? हमारा पालन-पोषण कौन करेगा? हमारा तो सब कुछ उजाड़ दिया।”

ताजपुर थाने पर प्रदर्शन के दौरान संजीव सहनी के रोते-बिलखते परिजन और गोद में बच्चों को संभालती संजीव सहनी की बेबस पत्नी।

वहीं, गोद में छोटे बच्चे को लिए संजीव सहनी की पत्नी रविना कुमारी का रो-रोकर बुरा हाल था। रविना कुमारी ने बिलखते हुए कहा, “हम किसके सहारे जिएंगे? अब हमारा इस दुनिया में कोई नहीं है।” रोते-बिलखते परिजनों को देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।

वक्ताओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले की राज्य कमिटी सदस्य बंदना सिंह ने कहा कि ताजपुर अब अपराधियों का गढ़ बनता जा रहा है। पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है और जनता खौफ के साए में जीने को मजबूर है। उन्होंने संजीव सहनी हत्याकांड के साथ-साथ किराना व्यवसायी नरेश चौधरी से लूट एवं गोलीकांड, दर्गाहिया चौक हत्याकांड, नीम चौक सोना लूटकांड और महिला थाना कांड संख्या 61/26 के आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की।

ताजपुर थाना घेराव के दौरान उपस्थित जनसमूह को संबोधित करतीं भाकपा माले की राज्य कमिटी सदस्य बंदना सिंह और आक्रोशित लोग।

इस सभा को जिला कमिटी सदस्य जीबछ पासवान, उपेंद्र राय, आसिफ होदा, प्रखंड कमिटी सदस्य ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, मो. एजाज, शाद तौहीदी, राजदेव प्रसाद सिंह, जीतेंद्र सहनी, मनोज कुमार सिंह, ललन दास, शंकर महतो, मो. अबुबकर, मो. क्यूम, सुलेखा कुमारी, रंजु कुमारी, मो. कादीर, मो. शकील, रुखसाना खातुन, सुखिया खातुन के अलावा मृतक के पिता देवकी सहनी तथा भाई सुशील सहनी ने भी संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने एक सुर में कहा कि जब तक व्यापारियों और आम लोगों को सुरक्षा नहीं मिलती, आंदोलन जारी रहेगा।

पुलिस प्रशासन के खिलाफ आक्रोश जताने के लिए लाल झंडे लेकर ताजपुर थाना परिसर के भीतर जमा हुए सैकड़ों प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़।

थानाध्यक्ष को सौंपा 7 सूत्री मांगपत्र, आमरण अनशन की चेतावनी

प्रदर्शन के अंत में वहां तैनात मजिस्ट्रेट के माध्यम से थानाध्यक्ष राकेश कुमार शर्मा को एक 7 सूत्री मांगपत्र सौंपा गया। माले नेताओं ने पुलिस प्रशासन को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर संजीव सहनी के हत्यारों और अन्य कांडों के अपराधियों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो वे समस्तीपुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन आमरण अनशन आंदोलन शुरू करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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